Saturday, July 26, 2008

तो क्या आष्टा कृषि उपज मंडी में भ्रष्टाचार का इसे श्रीगणेश माना जाये सवा करोड़ से बनने वाली कांक्रीट में घटिया निर्माण की शिकायत

आष्टा 25 जुलाई (नि.प्र.)। जिस कार्य का श्री गणेश ही पाप, भ्रष्टाचार की भावना के साथ हो तो कैसे उम्मीद की जाये की उक्त पूरा कार्य जब पूर्ण होगा तो अच्छा उत्तम होगा। ऐसा ही लग रहा है आष्टा कृषि उपज मंडी में लगभग सवा करोड़ की लागत से बनने वाले मंडी प्रांगण के कांक्रीटीकरण रोड के संबंध में लेकिन जागरुक आष्टा कृषि उपज मंडी के व्यापारियों ने आज उक्त घटिया निर्माण कार्य को मोके पर जाकर देखा पकड़ा और फिर बकायदा अनाज तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष नवनीत संचेती के नेतृत्व में मंडी के सभी व्यापारियों ने तहसील कार्यालय पहुँचकर तहसीलदार बिहारी सिंह को मंडी में हो रहे घटिया कांक्रीट रोड निर्माण जिसमें सीमेंट के स्थान पर एक तरह से मिट्टी मिलाकर बेस का कार्य किया जा रहा की शिकायत की जैसे ही शिकायत हुई।
ठेकेदार और उसके लोगों के हलचल शुरु हो गई और अचानक जहाँ रोड बन रहा था वहाँ सीमेंट की बोरियाँ आ कर रखा गई ऊपर से सीमेंट का मामल डलना शुरु हो गया लेकिन कहते हैं पाप को लाख छुपाओ वो नहीं छुपता है और उभर कर आता है व्यापारियों को तहसीलदार ने 4 बजे निर्माण स्थल पर पहुँचकर निरीक्षण करने को कहा 4 बजे बिहारी सिंह तहसीलदार, नायब तहसीलदार श्री वीरेन्द्र सिंह मंडी प्रांगण पहुँचे और ट्राली शेड के पास जहाँ से कांक्रीट रोड के निर्माण कार्य की शुरुआत हुई को जब तहसीलदार, स्थानीय प्रेस, व्यापारियों के दल ने देखा तो उक्त डाले गये गिट्टी बेस पर ऊपर अलग ही मिट्टी जैसी सीमेंट झलक रही थी उक्त बेस देखकर तहसीलदार को देर नहीं लगी की गड़बड़ तो है उन्होने तत्काल सभी की देख रेख में डाले गये माल के सेम्पल 3 थैलियों में भरवाकर अपने साथ जांच हेतु ले गये। निर्माण कार्य स्थल पर तहसीलदार ने ठेकेदार ने भी जानकारी ली की जो ठेका हुआ है उसमें क्या-क्या है ठेकेदार ने थोड़ी बहुत जानकारी उन्हे मौके पर दी। मंडी में निर्माण कार्यों की देखरेख के लिये इंजिनियर भी है जब मंडी के इंजिनियर एमबी पाठक से पूछा गया की क्या आपने उक्त चल रहे कार्य का निरीक्षण किया तो वे घुमाने लगे फिर कहा कि साहब जावर में भी कार्य चल रहा है। वहाँ भी देखना पड़ता है इसका साफ अर्थ था कि आष्टा में मंडी सचिव, इंजिनियर ने ठेकेदार को शायद खुली छूट दे दी हो की जो चाहो जैसा चाहो काम करो लेकिन व्यापारियों की जागरुकता ने आज भंडा फोड़ ही दिया। व्यापारी संघ ने तहसीलदार श्री सिंह को कुछ माह पूर्व लगभग 28 लाख की लागत से बने लक्ष्मी मंदिर के सामने एवं तौल कांटे के पीछे मैदान के बने कांक्रीट रोड को भी दिखाया जो जगह-जगह से उखड़ चुका है जो क्रासिंग पुलिया बनी वो टूट चुकी है जबकि खबर यह भी है कि इस बने रोड के नीचे जो जाल बिछाना था वो भी कहीं बिछाया कहीं नहीं बिछाया है कुल मिलाकर जो रोड बन चुका है और जो अब बन रहा है उसे देखकर लग रहा है कि वर्तमान मंडी सचिव छोटू खान के कार्यकाल में शायद भ्रष्टाचार का एक इतिहास लिखा जा रहा हो लेकिन उक्त लिखे जा रहे इतिहास का आज व्यापारियों ने प्रथम अध्याय ही बिगाड़ दिया मंडी के सभी व्यापारियों ने आज एक स्वर में आष्टा मंडी में जो निर्माण कार्य हुए एवं जो हो रहे हैं उसमें खुला आरोप भ्रष्टाचार का लगाया है।
मिक्सिंग प्लान मंडी के बाहर क्यों लगाया - आष्टा कृषि उपज मंडी में सवा करोड़ की लागत से मंडी के बड़े प्रांगण में कांक्रीट का कार्य शुरु हुआ पूरी मंडी खाली और खुली पड़ी है उसके बाद भी ठेकेदार ने गिट्टी सीमेंट रेत मिलाने का मिक्सिंग प्लांट मंडी के बाहर क्यों लगाया यह बात ना ही आज तहसीलदार को एवं ना ही पत्रकारों में समझ में आई निर्माण स्थल पर व्यापारियों ने इस पर खुला आरोप लगाया की मंडी में रोड बन रहा है और माल मिलाकर बाहर से लाया जा रहा इसके पीछे कारण यह मान रहे हैं कि व्यापारी गड़बड़ ना पकड़ सके। जबकि आज मंडी के सभी व्यापारी मंडी के इंजिनियर श्री पाठक को जब मिक्सिंग प्लांट पर पहुँचे तो पाया सीमेंट की जगह माल में सीमेंट रुपी मिट्टी जैसा कुछ डल्ले-डल्ले मिलाये जा रहे। निर्माण स्थल पर स्वयं इंजीनियर पाठक ने तहसीलदार के सामने स्वीकार किया कि हाँ हम वहाँ गये तो मिट्टी जैसा कुछ पाया गया है।
मिक्सिंग प्लांट बाहर लगाना एक बड़ी सोची समझी चाल नजर आई जब ठेकेदार ने फंसते देखा तो वहीं कहाँ की आप सब कहते हैं तो हम उक्त मिक्सिंग प्लांग मंडी में ही लगा देते हैं। ठेकेदार जी जो अब पकड़ाने के बाद कह रहे हो पहले ऐसा क्यों नहीं किया इसका भी तो जबाव दो। अब यह मांग उठ रही है कि अभी तक जितने भी निर्माण कार्य हुए उसकी जांच हो वहीं व्यापारियों ने आज उस ठेकेदार की खुलकर प्रशंसा की जिसने बैलगाड़ी शेड के पास प्रांगण का कांक्रीट कार्य किया था वर्षों होने के बाद भी उस रोड से आज तक एक गिट्टी नहीं उखड़ी है। इसका ठेकेदार के पास कोई जबाव नहीं था।
छोटू खान के मत का इंतजार- आज व्यापारियों की शिकायत पर तहसीलदार निर्माण कार्य देखने पहुँचे, शेम्पल साथ ले गये इस संबंध में जब फुरसत ने मंडी में छोटे खान सचिव से चर्चा कर मत जानना चाहा तो मंडी से बताया गया वे भोपाल गये हैं इस लिये उनका आज के पूरे घटनाक्रम पर मत फुरसत को नहीं मिल पाया है।


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सारंगपुर केजीप वालों पर पुलिस आखिर क्यों हुई मेहरबान

आष्टा 25 जुलाई (नि.प्र.)। इन दिनो आष्टा क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने ट्रांसफार्मरों की चोरी का एक अभियान छेड़ रखा हे विद्युत मंडल इन चोरों से परेशान है वहीं वे जब रिपोर्ट थाने भेजते हैं तो बड़ी मुश्किल से लिखी जाती है। लगातार कुछ दिनों से क्षेत्र में हो रहे इन ट्रांसफार्मरों की चोरी के बाद अब ग्रामीण जागरुक हो गये हैं तथा वे अपने-अपने ग्राम क्षेत्र खेतों पर लगी इन डीपी की देखरेख कर रहे हैं दो दिन पूर्व ग्राम मूंडला में एक डीपी के नीचे 1से 2 बजे के बीच एक जीप आकर रुकी तो जाग रहे ग्रामीणों ने उक्त जीप को देखा तो उन्हे लगा यह डीपी चोर ही हो सकते हैं ग्रामीण एकत्रित होकर जब वहाँ आते नजर आये तो जीप में आये 10-12 लोग सवार होकर भाग गये।
ग्रामीणों की शंकर को बल मिला उन्होने तत्काल आष्टा पुलिस को सूचना दी पुलिस ने रात में उक्त जीप को पकड़ लिया और थाने ले गये दोपहर तक उक्त जीप थाने में थी लेकिन उसके बाद अचानक उक्त जीप और उसमें आये लोग चले गये। आखिर उक्त जीप कहाँ की थी ? जीप में इतने लोग रात्री में क्या कर रहे थे ? ग्रामीणों को आते देख क्यों भागे ? पुलिस ने जब पकड़ा तो क्यों छोड़ा यह सब कई प्रश्‍नों को जन्म दे रहा है।
पुलिस का मत- इस संबंध में टीआई अतीक खान का कहना है कि उक्त जीप में सवार लोग सारंगपुर के थे उनके पास मछली पकड़ने का सामान था सारंगपुर से उनकी जानकारी ली उनका वहाँ कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं पाया गया इसलिये उन्हे दोपहर में छोड़ा गया। टीआई के मत के अनुसार जब उनके पास मछली पकड़ने का सामान था याने की वे मछली पकड़ने आये थे मछलियाँ भी पकड़ी होगी क्योंकि पकड़ने इतनी रात में जो जाते नहीं जब मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा है तो उन पर इसी मामले का प्रकरण तो दर्ज किया ही जा सकता था ? लेकिन ऐसा भी नहीं किया याने की मेहरबानी पूरी की गई।

Friday, July 25, 2008

बढ़ियाखेड़ी में जंगली सियार का आतंक, 2 युवक घायल युवक दिन भर लट्ठ लेकर घूमते रहे

सीहोर 24 जुलाई (नि.सं.)। यहाँ बढ़ियाखेड़ी में लम्बे समय बाद किसी जंगली सियार का आतंक छाया है। दो दिन से इस सियार ने 2 लोगों को अपना शिकार बना लिया है। जबकि कई लोग इससे बच गये हैं। आज दिनभर यह कई बार पटेल साहब के बगीचे के आसपास नजर आया जिसका लट्ठ लेकर घूम रहे स्थानीय युवकों ने पीछा किया लेकिन हर बार छुप गया। सियार ने दो कुत्तों को भी भमोड़ दिया है। क्षेत्र में दहशत की स्थिति बनी हुई है।
राजाराम उर्फ पप्पु पुत्र कालूराम राय, बगीचे वाले बढ़ियाखेड़ी निवासी 20 वर्षीय युवक को कल अचानक जब वह अपनी मोटर देख रहा था तब सामने एक सियार आ गया। सियाल बड़े कद काठी का था उसने पप्पु को देखते ही उस पर सीधा हमला कर दिया। पप्पु संभल पाता उसके पहले ही उसके एक हाथ में सियाल के दांत गड़ चुके थे। दूसरे में भी सियार ने काट खाया। बमुश्किल पप्पु इससे बचा और उसे भगाने में सफल हो सका। यह घटना कल दोपहर की है। इसके बाद सियार ने एक कुत्ते को अपना निशाना बनाया और उसे घायल कर दिया।
कल शाम तक जंगली सियार जो अचानक हमला कर रहा है पागल कुत्ते जैसी स्थिति उसकी नजर आ रही है उसने नीलेश राय पुत्र गंगा प्रसाद राय को भी अपना निशाना बनाया। नीलेश बड़ा मंदिर के पीछे कहीं खड़ा था यहाँ तक सियार आ गया था यहीं नीलेश के पैर में काट खाया। दोनो घायलों ने अपने-अपने स्तर पर चिकित्सालय में इलाज कराने पहुँचे तो यहाँ 350 रुपये के महंगे इंजेक्शन इन्हे लगवाये गये। मजबूर दोनो घायलों ने इतने महंगे इंजेक्शन लगवाये। जबकि अस्पताल प्रशासन हमेशा कहता है कि हमारे पास सारी दवाईयाँ है फिर यह इंजेक्शन बाजार से खरीदवाये गये।
आज पटेल साहब के बगीचे व सामने कालूराम राय के बगीचा क्षेत्र के आसपास दिनभर सियार घूमता नजर आया। आज भी यह युवक पर लपका था लेकिन वो पूरी ताकत से भागकर इससे बच निकला।
इसके बाद स्थानीय युवकों ने हाथों में लट्ठ लेकर सियार का पीछा किया उससे सामना भी हुआ लेकिन सियार बच गया। देखते हैं वन विभाग इस संबंध में क्या मदद करता है। बढ़ियाखेड़ी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक लक्ष्मीनारायण राय ने कहा कि शासन को इंजेक्शनों की व्यवस्था करनी चाहिये, ताकि आम व्यक्ति इलाज आसानी से करा सके।
जानकारी के अनुसार उपरोक्त दोनो घायल आज उजैन में देशी इलाज के लिये भी गये हुए हैं।


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कटौती से परेशान ग्रामीणों ने मैना मंडल कार्यालय में आग लगाई

मैना 24 जुलाई (नि.प्र.)। लगातार विद्युत कटौती एवं बार-बार सुधार का आश्वासन देने के बाद भी मैना में बिजली कटौती में कोई सुधार नहीं होने पर जब आज सेकड़ो ग्रामीण जुलूस के रुप में मैना मंडल कार्यालय पहुँचे तो कार्यालय बंद मिला। बंद कार्यालय देख ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और भीड़ ने कार्यालय की बंद शटर ऊंची कर उसमें रखा रिकार्ड आग के हवाले कर दिया। मैना चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों के कारण हादसा बड़ा घटने से बच गया। मैना में मंडल कार्यालय को आग के हवाले करने की खबर जिला मुख्यालय पर बैठे अधिकारियों तक पहुँची तत्काल आष्टा से एसडीओपी मनु व्यास सादल बल के मैना पहुँचे। जिलाधीश डी.पी.आहूजा एवं जिला पुलिस अधीक्षक डॉ.राजेन्द्र प्रसाद ने मैना में घटी उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए उपद्रवियों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज 11.15 बजे विद्युत कार्यालय पर भीड़ पहुँची। भीड़ को देखकर कार्यालय में उपस्थित लाईन मेन एवं आफिस बंद कर भाग गये। उपस्थित नागरिकों ने पहले पथराव शुरु किया उसके बाद कार्यालय का शटर तोड़कर अंदर घुसे। अंदर से सारा रिकार्ड फाईलें बाहर लाकर आग के हवाले किया। कार्यालय में रखा फर्नीचर गोदरेज की अलमारी आदि भी तोड़ फोड़ दी। जिस वक्त घटना घटी उस वक्त सुपरवाईजर कैलाश नारायण ठाकुर उपस्थित नहीं थे।
स्मरण रहे सोमवार को मैना के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विद्युत कटौती के खिलाफ सुपर वाईजर को एक ज्ञापन सौंपा था आश्वासन के बाद जब समस्या हल नहीं हुई तो बड़ी संख्या में लोगों ने विद्युत मण्डल कार्यालय पहुँचकर उक्त उपद्रव किया। आश्वासन के बाद भी विद्युत नहीं आने पर ग्रामीणों ने मण्डल कार्यालय के सामने एकत्र हुए तब कोई अधिकारी सामने नहीं आया। मैना पुलिस ने मण्डल के क्लर्क कैलाश सोलंकी की शिकायत पर विक्रम, अर्जुन, देवकरण, सुनील, भोपाल सिंह, सुरेश, हमीद खां, आशिक खां, सुरेश, मोहन, अजब खां, राजा, राकेश, मनोहर, राजा राम, तोशी खां, मुकेश, कमलेश, लखन, याकूब खां के खिलाफ धारा 353, 147, 448, 435, 427, लोक सम्पत्ति नुकसानी अधिनियम 1984 की धारा 34 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचन में लिया है।


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कटौती से परेशान ग्रामीणों ने मैना मंडल कार्यालय में आग लगाई

मैना 24 जुलाई (नि.प्र.)। लगातार विद्युत कटौती एवं बार-बार सुधार का आश्वासन देने के बाद भी मैना में बिजली कटौती में कोई सुधार नहीं होने पर जब आज सेकड़ो ग्रामीण जुलूस के रुप में मैना मंडल कार्यालय पहुँचे तो कार्यालय बंद मिला। बंद कार्यालय देख ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और भीड़ ने कार्यालय की बंद शटर ऊंची कर उसमें रखा रिकार्ड आग के हवाले कर दिया। मैना चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों के कारण हादसा बड़ा घटने से बच गया। मैना में मंडल कार्यालय को आग के हवाले करने की खबर जिला मुख्यालय पर बैठे अधिकारियों तक पहुँची तत्काल आष्टा से एसडीओपी मनु व्यास सादल बल के मैना पहुँचे। जिलाधीश डी.पी.आहूजा एवं जिला पुलिस अधीक्षक डॉ.राजेन्द्र प्रसाद ने मैना में घटी उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए उपद्रवियों पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज 11.15 बजे विद्युत कार्यालय पर भीड़ पहुँची। भीड़ को देखकर कार्यालय में उपस्थित लाईन मेन एवं आफिस बंद कर भाग गये। उपस्थित नागरिकों ने पहले पथराव शुरु किया उसके बाद कार्यालय का शटर तोड़कर अंदर घुसे। अंदर से सारा रिकार्ड फाईलें बाहर लाकर आग के हवाले किया। कार्यालय में रखा फर्नीचर गोदरेज की अलमारी आदि भी तोड़ फोड़ दी। जिस वक्त घटना घटी उस वक्त सुपरवाईजर कैलाश नारायण ठाकुर उपस्थित नहीं थे।
स्मरण रहे सोमवार को मैना के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विद्युत कटौती के खिलाफ सुपर वाईजर को एक ज्ञापन सौंपा था आश्वासन के बाद जब समस्या हल नहीं हुई तो बड़ी संख्या में लोगों ने विद्युत मण्डल कार्यालय पहुँचकर उक्त उपद्रव किया। आश्वासन के बाद भी विद्युत नहीं आने पर ग्रामीणों ने मण्डल कार्यालय के सामने एकत्र हुए तब कोई अधिकारी सामने नहीं आया। मैना पुलिस ने मण्डल के क्लर्क कैलाश सोलंकी की शिकायत पर विक्रम, अर्जुन, देवकरण, सुनील, भोपाल सिंह, सुरेश, हमीद खां, आशिक खां, सुरेश, मोहन, अजब खां, राजा, राकेश, मनोहर, राजा राम, तोशी खां, मुकेश, कमलेश, लखन, याकूब खां के खिलाफ धारा 353, 147, 448, 435, 427, लोक सम्पत्ति नुकसानी अधिनियम 1984 की धारा 34 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचन में लिया है।


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सिक्ख समाज ने गुरू हरकिशन के प्रकाश उत्सव पर श्रीमति सेठी व मालवीय को सम्मानित किया

सीहोर 24 जुलाई (नि.सं.)। स्थानीय गुरू सिंह सभा सिख समाज के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह अरोरा मिन्दी ने बताया कि सिक्ख धर्म ही नही मानवता का उद्धार करने वाले सिक्खों के आठवें गुरू श्री गुरू हरकिशन साहिब का प्रकाश उत्सव आज गुरूद्वारा में बडे ही भक्ति भाव से मनाया गया। इस अवसर पर 21 जुलाई से चल रहे श्री अखण्ड पाठ साहिब का आज 23 जुलाई को प्रात: 10 बजे समापन हुआ। तदुपरांत आनन्दपुर साहिब पंजाब से आज कथावाचक भाई गुरू प्रताप सिंह जी व ज्ञानी जसविन्दर सिंह जी ने कथा कीर्तन कर संगत को निहाल किया।

अरोरा ने कहा कि गत दिनों समाज की महिला सदस्य श्रीमति चरनजीत कौर सेठी व उनके साथ ग्राम बिजौरा के ओमप्रकाश मालवीय, राजकोट एक्सप्रेस से सीहोर से भोपाल जा रहे थे,जब श्रीमति कौर सेठी व मालवीय सीट पर जाकर बैठे तो देखा कि बर्थ पर एक सूटकेस रखा हुआ है श्रीमति सेठी ने आस-पास के यात्रियों से सूटकेस के बारे में पूछा तो सभी ने यह कहा की यह सूटकेश हमारा नही है जब गाड़ी बैरागढ स्टेशन पर पहुंची तो श्रीमति कौर ने अटेची को खोलकर देखा तो जिसमें लगभग चार लाख रूपयें की कीमत के सोने के आभूषण व दूल्हन का अन्य कीमती समान रखा हुआ था। उन्हें याद आया की जब सीहोर से गाड़ी में बैठी थी उस समय उक्त बोगी से एक बारात सीहोर स्टेशन पर उतरी थी,उन्होने तुरंत ही अपने परिचितों को मोबाईल कर बताया की एक सूटकेश मिला है उसके बारे में जानकारी ले। मालूम हुआ की बारात गुजरात गोधरा से सीहोर में किसी गेहलोत परिवार में आई है। तब श्रीमति सेठी व श्री मालवीय वापस सीहोर आये, उन्होने लड़के वालों को जाकर उक्त सूटकेश सौंपा।

इस पुनीत कार्य के लिये आज सिक्ख समाज को गौरान्वित करने वाली श्रीमति चरणजीत कौर सेठी व उनके सहयोगी यात्री श्री ओमप्रकाश मालवीय को समाज के अध्यक्ष महेन्द्र अरोरा मिन्दी, गुरूचरण सिंह सेठी,राजिन्दर सिंह लाम्बा, जोरावर सिंह राजपाल, हरभजन सिंह उप्पल,महेन्द्र जीत सिंह छाबड़ा, पपिन्दर सिंह खनुजा, गुरूचरण सिंह सालूजा, अजीत सिंह जी सलूजा, चरणजीत सिंह चन्ना, ने गुरू का सरोफा व श्रीफल भेंट कर सम्मानित कर उन्हे बधाई दी।

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सांई भक्तों ने शिर्डी के सांई बाबा मंदिर में झण्डा चढ़ाया

सीहोर 24 जुलाई (नि.सं.)। 19 जुलाई को गुरूपूर्णिमा के उपलक्ष्य मे निकली सांई रथयात्रा ने दिनांक 20 जुलाई को शिर्डी के सांई बाबा मंदिर में बडे विधी विधान से खण्डबों मंदिर मे भग्वा ध्वज का शिर्डी के महंतो द्वारा पूजन कराया गया इसके पश्चात सांई भक्तो द्वारा सांई बाबा की आरती करके खण्डोवा मंदिर से सतगुरू श्री सांईनाथ महाराज की विराट भव्य शोभायात्रा शिडी के प्रमुख मार्गो से होती हुई श्री सांई नाथ मंदिर पहुंची।

इसमे सदगुरू श्री सांईनाथ महाराज का सीहोर से आई भक्तो की टोली ने मंदिर के मंहतो को भग्वा ध्वज भेंट किया मंदिर के मंहतो ने भग्वा ध्वज को सांई नाथ के चरणों में अर्पित कर ध्वजा को पुन: सांई भक्तों को चाणक्यपुरी में नव निर्माण मंदिर में चढाने हेतु दिया उक्त भक्तो की टोली मे मुख्य रूप से सांईरथ यात्रा के प्रभारी राजेश राठौर, एवं कोषाअध्यक्ष किशन चन्द्र जी आहुजा, एवं सांई संस्थान सेवा समिति के संयोजक सुनील धाड़ी, हिन्दु युवा शक्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष पं.दुष्यंत समाधिया, वासुदेव जादवानी, एवं महिला मण्डल से श्रीमति नीलू सिंह सेंगर, ज्योति रैकवार,जुली राठौर, लक्ष्मी ठाकुर आष्टा, श्रीमति सुशीला राठौर, अन्य सांई भक्तो ने शिर्डी के सांई बाबा के भक्ति पूर्ण दर्शन कर लाभ उठाया। अन्य धार्र्मिक स्थल शनि सिंगनपुर,नासिक,के मुक्ती धाम,एवं त्रव्म्बकेश्वर महेश्वर आदि देव स्थल के दर्शन किये। रात्रि में 10.30 बजे सोमवार सांई रथयात्रा सांई नाथ मंदिर चायक्यपुरी में समाप्त हुई।

Thursday, July 24, 2008

असमंजस की स्थिति : हिन्दु उत्सव समिति की पैनल भी अब मैदान में?

हिन्दु उत्सव समिति का गुप्त एजेण्डा हिन्दुओं के नाम राजनीति का फण्डा
सीहोर 23 जुलाई (नि.सं.) सीहोर नागरिक सहकारी बैंक चुनाव को लेकर प्रकाश व्यास की पैनल के अलावा जहाँ जातिवाद के साथ ब्राह्मण पैनल को मैदान में लाने के प्रयास हुए वहीं अब हिन्दु उत्सव समिति के गुप्त एजेण्डे के रुप में 5 नाम प्रस्तुत किये जाने की खबर ने, कल बैंक राजनीतिक सरगर्मियों में नया मोड़ ला दिया। किसी भी क्षेत्र की हिन्दु उत्सव समिति द्वारा किसी भी राजनीतिक घटनाक्रम में हस्तक्षेप की उम्मीद नहीं की जानी चाहिये लेकिन अक्सर सीहोर की हिन्दु उत्सव समिति राजनीतिक घटनाक्रमों में विवाद में आती रही है। इस बार हिउस की पैनल के चर्चे चौराहों पर गये हैं। हालांकि स्वतंत्र उम्मीद्वारों की संख्या भी 8 ही है और 8 ही प्रत्याशियों के लिये चुनाव भी होना है इस दृष्टि से कई जोड़-तोड़ लग रहे हैं। प्रकाश व्यास की पैनल ने आज छावनी में भ्रमण किया जबकि अन्य उम्मीद्वारों ने आज स्वतंत्र प्रचार किया। परिणाम अभी स्पष्ट कहना नामुमकिन है। कयास हजारों लगाये जा रहे हैं। यास अंतिम क्षण तक लगते रहेंगे। इन कयासों को हम आप तक लगातार पहुँचायेंगे। देखते हैं कौन-सा फिट बैठता है।
सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में अभी शेष 16 उम्मीद्वार अपनी पूरी ताकत झोंक कर चुनाव मैदान में उतरे हुए हैं। इनमें से 8 उम्मीद्वारों के चयन लिये बैंक के मतदाताओं को 8 मतदान करने हैं। 8 लोग इन्हे अपनी पसंद के चुनना होंगे जिन 8 लोगों को सर्वाधिक मत मिलेंगे वह स्वयं ही विजय श्री का वरण कर लेंगे।
कुछ ने यह भिड़ाई गणित
कुछ उम्मीद्वार नागरिक बैंक के कुल 1700 सौ से अधिक मतदाताओं को अहमियत देने को तैयार नहीं हैं। वह सबके पैर पढ़ने के लिये भी राजी नहीं हैं न सबके घर जाने को तैयार हैं। उन्होने अपनी गणित और हिसाब लगाया हुआ है। वह आंकड़ों के हिसाब से विजयश्री का वरण चाहते हैं। राजनीति इसे ही कहते हैं यह कुछ उम्मीद्वार बखूवी समझ रहे हैं कि राजनीतिक उठापटक कैसे की जाती है। उन्होने कुल मतदाताओं की सूची में से अपने परिचितों के नाम छांट लिये हैं और वह उन 400-500 मतदाताओं के बीच बारम्बार चक्कर काटने में लगे हैं। इनकी गणित कहती है कि यदि इतने लोगों ने उन्हे मत कर दिया तो स्वयं ही वह विजय हो जायेंगे और बाकी मतदाता भले ही कुछ भी करते रह जायें लेकिन इनकी विजय हो जायेगी।
और दूसरी कला यह भी है...
कुछ उम्मीद्वारों की गणित सबसे भिन्न हैं। आंकड़ों को नया स्वरुप देने में यह लोग जुटे हैं। इन्होने और भी कम मतदाता तय किये हैं मात्र 100-150 ऐसे मतदाता जो इनके अनुसार चल सकें और इनका कहना मान सकें। ऐसे मतदाताओं से इनका एक ही निवेदन है कि आप जब मतदान करें तो सिर्फ एक मत मुझे डालें बाकी किसी को भी मत नहीं दे। इससे स्वयं ही यह उम्मीद्वार अन्य प्रत्याशियों से सीधे-सीधे 100 से 150 घर अधिक हो जायेगा और जीत का अंतर पूरा हो जायेगा। यह भी एक तरीका निकाला गया है।
हालांकि नागरिक बैंक के मतदाता गंभीर प्रकृति व समझदार व्यक्ति माना जा रहा है। समझदार मतदाता होने के नाते प्रत्याशी भी यह बखूवी समझ रहे हैं कि किसी भी तरह से मतदाता को रिझाया नहीं जा सकता सिर्फ उसे अपनी अहमियत ही समझाई जा सकती है। इसलिये प्रत्याशी मतदाताओं के पास जब जाते हैं तो अपने गुणों का बखान करते हैं, बैंक को लेकर उनकी भावी योजनाओं को बताते हैं।
स्वतंत्र प्रत्याशियों का प्रभाव ज्‍यादा
जहाँ एक मात्र घोषित काका पैनल के समस्त प्रत्याशी जब सामुहिक रुप से प्रचार करने निकलते हैं तो सिर्फ भीड़ लग जाती है, सारे हाथ जोड़कर निवेदन करते हैं, पम्पलेट पकड़ाते हैं और आगे बढ़ जाते हैं वहीं स्वतंत्र उम्मीद्वार सिर्फ हाथ जोड़ कर आगे नहीं बढ़ते बल्कि किसी के साथ जाते हैं संबंधित मतदाता के घर बैठते हैं, बातचीत करते हैं फिर मतदान के लिये आग्रह करते हैं तब आगे बढ़ते हैं। इस दृष्ठि से देखा जाये तो स्वतंत्र उम्मीद्वारों का प्रचार-प्रसार का तरीका यादा प्रभावी है।
चुनाव की गर्मी और
मौसम भी गर्मागर्म
विगत तीन दिनों में पूरा नगर एक तरह से जहाँ सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के चुनाव को लेकर सरगर्म हो गया है। वहीं प्रकृति का कोप भी सीहोर वासियों पर पड़ रहा है और जबर्जस्त गर्मी का मौसम बना हुआ है। एक तरफ चुनाव की गर्मी है तो दूसरी तरफ मौसम की गर्मी है। दोनो गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं जबकि बैंक के प्रत्याशी चाहते हैं कि ऊपर की गर्मी कुछ कम हो तो प्रचार में मजा आये लेकिन गर्मी है कि किसी की भी कम होने को तैयार नहीं है। दोनो तरफ से जोर आजमाईश जारी है। कौन यादा गर्मी दिखाता है 27 तक स्पष्ट हो जायेगा।
एकला चलो रे....
स्वभावत: जिस सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के चुनाव होने जा रहे हैं वहाँ चुने हुए प्रत्याशियों और अध्यक्ष का प्रभाव बैंक के कर्मचारियों पर भी रहता है। यह भी सही है कि बैंक के कर्मचारियों की भी कुछ इच्छाएं रहती हैं कि कौन विजयश्री का वरण करें और कौन यहाँ प्रत्याशी बन कर आये ताकि बैंक का उन्नति हो और वह एक अच्छी सम्पन्न प्रतिष्ठित बैंक का कर्मचारी हो। नागरिक बैंक के कर्मचारी सीहोर नगर की जनता से सीधे सम्पर्क में रहने के बावजूद चुनाव के समय मौन धारण कर लेते हैं और चुपचाप तमाशा देखते हैं। न वह इशारा करते हैं न कुछ कमेंट्स। लेकिन इस बार एक कर्मचारी ने बीड़ा उठाया है कि वह एक निर्दलीय प्रत्याशी को विजयश्री का वरण दिलाकर ही मानेंगे। वह इसके लिये बाजार में घूमते हुए भी नजर आ रहे हैं अनेक मतदाताओं से यह जो बात करते हैं वह मतदाता तत्काल अपने मित्रों से और बैंक के कर्मचारियों से कह देता है कि भाई आपका वो एक कर्मचारी जाने क्या-क्या बोलकर गया है उसे क्या हो गया है हमसे चाहता है कि बस उसका उम्मीद्वार विजय हो जाये...अब मजे की बात यह भी है कि कुछ लोग पहले से ही इस कर्मचारी की जहाँ-जहाँ जाने की संभावना है उन लोगों से कहकर आ रहे हैं कि साहब वो हमारा कर्मचारी आयेगा और कुछ बोले तो चुपचाप सुन लेना उसे कुछ हो गया है। इस प्रकार इस कर्मचारी के लिये यह वाक्य निकल पड़ा है....एकला चलो रे....।
काका पैनल, ब्राह्मण पैनल के बाद अब 5 सदस्यीय हिन्दु उत्सव समिति की पैनल भी बाजार में आ जाने की चर्चाएं चौराहों पर छा गई हैं। दो दिन पूर्व हिन्दु उत्सव समिति की एक बैठक में अचानक नागरिक बैंक चुनाव से जुड़े उम्मीद्वारों की प्रभावी उपस्थिति और अंदर की बातों ने चौराहों पर मुखर रुप ले लिया है। हिन्दुओं के नाम पर बनी समिति क्या वाकई अपनी 5 सदस्यीय अनाधिकृत पैनल उतार चुकी है यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता लेकिन इतना अवश्य है कि दो दिन पूर्व श्रावण मास में निकलने वाली पालकी यात्रा की बैठक लीक से हटकर अचानक समाजसेवी राजेन्द्र वर्मा (जो नागरिक बैंक चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी हैं) की अध्यक्षता में सम्पन्न की गई है। इनके अलावा अनिल मिश्रा पूर्व पार्षद भी बैठक में थे यह भी चुनाव में प्रत्याशी हैं। प्रदीप गौतम पार्षद भी यहाँ उपस्थित थे। जिन्हे संभवत: विशेष रुप से बुलाया गया था। इन तीन के अलावा स्वभावत: राजेन्द्र शर्मा की श्रीमति जी श्रीमति अर्चना वर्मा और पंकज खत्री भी इस पैनल में शामिल बताये जा रहे हैं। इस प्रकार अनौपचारिक रुप से हिन्दु उत्सव समिति की 5 सदस्यीय पैनल मैदान में आ गई है जिसके लिये समिति के सदस्य अपने-अपने स्तर पर चुनाव में प्रभाव जमाना भी शुरु कर चुके हैं। हालांकि अभी तक हिन्दु उत्सव समिति ने खुलकर कुछ नहीं कहा है लेकिन पूरे नगर में हिन्दु उत्सव समिति की पैनल के चर्चे चौराहो पर हैं। अब देखते हैं कि हिन्दु उत्सव समिति इस का बात खण्डन करती हैं या नहीं....।


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आफिसर कालोनी दिन दहाड़े, नेहरु कालोनी में आधी रात में 5 स्थानों पर चोरी

सीहोर 23 जुलाई (नि.सं.)। यूँ तो चोरियों का सिलसिला कहीं भी थमने का नाम नहीं ले रहा। हर दिन और रात चोरियाँ जारी है और चोर गायब हैं। पुलिस असमर्थ है और रिपोर्ट लिखने में भी आनाकानी जारी है। ऐसे में चोरों के हौंसले बुलंद हैं।
आज बुधवार शाम 7-8 बजे के लगभग आफिसर कालोनी में ओ.पी. विजयवर्गीय श्रीमति प्रेमलता विजयवर्गीय स्वास्थ्य विभाग कर्मी आज पूजन के लिये छावनी में गई हुई थीं तब सूने मकान में पीछे से अज्ञात चोरों ने घुसकर यहाँ रखी पानी की मोटर, भगवान का सिंहासन, प्रतिमा सहित इनका एक पर्स बेग ले गये जिसमें बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड सहित कुछ रुपये रखे थे। रात 8.30 बजे जब घर लौटी तो पता चला तब पुलिस को खबर दी गई।
इधर गई रात चोरों ने मोदी हार्डवेयर को निशाना बनाकर शटर ऊचका दिया और अंदर घुस गये लेकिन कुछ चोरी नहीं कर पाये तब सामने ही चांडक हार्डवेयर में दो चोर रात 3 बजे घुसे। अंदर गल्ले से करीब 9 हजार रुपये चोरी किये। इन्होने अंदर यादा सामान फैला दिया जिससे शोर हुआ तो कुछ लोग जाग गये यहाँ दुकान के बाहर एकत्र हुए तब चोर अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गये लेकिन भागते हुए दो चोर दिखाई दिये। विपुल चाण्डक ने शिकायत दर्ज कराई है।
इसके अलावा गीता भवन के पास भी किसी चोरी की खबर मिली है। कल नेहरु कालोनी क्षेत्र से एक मोटर साईकिल भी गायब होने का समाचार है। यहाँ भी पुलिस ने स्पष्ट नहीं किया है।


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काकी, बाबु और अनिल ने मथरी बाई को ऐसे दुनिया से बिदा किया, गहनों के लालच में की हत्या का पर्दाफाश

आष्टा 23 जुलाई (नि.प्र.)। 2 माह के लम्बे इंतजार के बाद कल अंतत: आष्टा पुलिस को आष्टा नगर के पुराना दशहरा मैदान क्षेत्र में अपने दामाद एवं बेटी के घर रहने वाली 80 वर्ष की वृध्द महिला मथरी बाई के हत्यारों को पकड़ने में सफलता मिली। जैसे फुरसत ने दो माह पूर्व जिस दिन मथरी बाई की हत्या की गई थी तब लिखा था कि मथरी को जेवर पहनने का शोक और पहने जेवर ही उसकी मौत का कारण बने, आज उक्त हत्या का पर्दाफाश हो गया हौर हत्यारों ने बताया कि उनके द्वारा महिला की हत्या उसके जेवर के कारण की गई।
इस पूरे मामले में मथरी बाई की हत्या तो आष्टा तहसील के ग्राम लसूड़िया खास निवासी शातिर अपराधी बाबु पिता हरी बलाई एवं कोठरी निवासी प्रेम सुतार का लड़का अनिल ने की लेकिन इस हत्या में अनिल की माँ जिसे पूरे क्षेत्र में कोठरी की काकी के नाम से जाना जाता है उर्फ संतोष बाई पत्नि प्रेम सुतार भी पूरी तरह से शामिल पाई गई है। उक्त हत्या के दो माह बाद भी हत्यारों तक पुलिस के नहीं पहुँचने से पुलिस को काफी कुछ सुनना पढ़ना, सहना पड़ा था लेकिन आज पुलिस के चेहरे पर रौकन है क्योंकि उसने अपने साथियों के सहयोग से दिन रात कड़ी मेहनत कर उक्त हत्या की गुत्थी सुलझा ली है।
पुलिस हत्यारों तक कैसे पहुँची- यूँ तो पुलिस उक्त हत्या के आरोपियों तक पहुँचने के लिये कई तीर अंधेरे में इधर-उधर चला रही थी जो उसे सफलता से दूर किये हुए थे लेकिन उक्त हत्या हत्यारों ने जिस कारण से की थी वो कारण जेवर थे। हत्या के बाद हत्यारे जो जेवर ले गये थे वो कीमति थे हतरे उक्त कीमति जेवरों को बांटना चाहते थे बंटवारे में जब विवाद हुआ और वो विवाद पुलिस के कानों तक जा पहुँचा बस फिर क्या था पुलिस ने जाल बिछाया और हत्यारों तक जा पहुँची अगर बंटवारे में विवाद नहीं होता तो पुलिस अभी तक अंधेरे में तीर मारा करती लेकिन अपराधी कितना ही शातिर हो वो कुछ ना कुद गलती कर जाता है और ऐसा यहाँ भी हुआ।
कैसे पड़ी हत्यारों की जेवरों पर निगाह- कोठरी की काकी जो आष्टा में दशहरा मैदान क्षेत्र में एक महिला के मकान में आती थी। हत्या के 1-2 दिन पूर्व जब काकी और बाबु दशहरा मैदान में उसी महिला के मकान पर पहुँचे तो यहाँ पर मथरी बाई बैठी थी उसके शरीर पर हमेशा की तरह सभी जेवर लदे थे जेवरों से लदी उक्त महिला को देखकर काकी ने मकान मालकिन से पूछा की उक्त महिला कौन है। तो मकान मालकिन ने बताया कि यह सामने रहती है जेवर देखकर काकी के मन उनकी लालसा पैदा हो गई थी । मथरी बाई तो चली गई लेकिन उसके जेवर काकी और बाबु की निगाह में घूमते रहे इन लोगों ने मथरी बाई के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित कर एक दिन जेवर चुराने के उद्देश्य से पूरी योजना बनाकर आष्टा आ गये योजना को मूर्त रुपु देने के दिन घर में मथरी बाई अकेली थी दामाद-बेटी कहीं शादी में गये थे। घटना के दिन काकी उर्फ संतोष बाई उसका लड़का अनिल और बाबु आष्टा आ गये और रात का इंतजार करने लगे। पहले ये लोग समय काटने के लिये अस्पताल में घूमते रहे उसके बाद इन्होने आष्टा में पिक्चर देखी और होटल में खाना खाया तथा बाबु ने शराब ली और ये तीनों अंधेरे में दशहरा मैदान होते हुए खेड़ापति तालाब पर जा पहुँचे। यहाँ पर इनकी नींद लग गई सुबह-सुबह 3 से 4 के बीच इनकी नींद खुली और ये पीछे के रास्ते से मथरी बाई के मकान के पीछे पहुँचे और पीछे से छत पर बाबु और अनिल चढ़ गये काकी नीचं निगाह रखे हुए थी छत पर पहुँचकर इन्होने मथरी बाई के जेवर उतारे तो वो जाग गई जागते ही मथरी बाई ने इन दोनो को देखा तो पहचान लिया कि तुम तो उस दिन वहाँ आये थे और मथरी बाई ने विरोध करना शुरु किया तो इन दोनो ने छत पर पड़ी ईंट से तीन चार बार मथरी बाई के मुँह सिर आदि पर किये वृध्द और कमजोर होने के कारण वो यादा सहन नहीं कर सकी और मर गई। एक पैर के कड़े जब नहीं खुले तो इन दोनो ने उसका पैर काटा और कड़े निकाल सभी जेवर लेकर उतरे तालाब में पहुँचे हाथ पैर धोए और ये दशहरा मैदान से इन्दौर भोपाल रोड पर आ गये यहाँ ट्रक को हाथ दिया और कोठरी पहँच गये। इन्होने कोठरी पहुँर कर मथरी बाई के शरीर से उतारे जेवर एक अन्य ग्राम में एक गड्डु में छुपा दिये। लेकिन हत्यारा बाबु रोजाना उक्त जेवरों को बेचकर हिस्सा देने को कहता लेकिन काकी यह कहकर टाल देती थी कि अगर जेवर बेचने गये तो पकड़े जायेंगे। एक दिन तो ये लो इन्दौर जेवर बेचने पहुँचे भी लेकिन बेच नहीं पाये। एक दिन बाबु को जब पैसों की अधिक आवश्यकता पड़ी उस दिन बंटवारे को लेकर विवाद हुआ बाबु ने नशे में कहीं उक्त बातें कर दी और वो पुलिस तक पहुँच गई और पुलिस ने इन्हे दबोच लिया। पुलिस ने घटना के दिन पहने कपड़े, जिस हथियार से पैर काटा वो, 1 जोड़ चाँदी के कड़े, हाथ की चार चूड़ी आदि तो बरामद कर लिये लेकिन गलसरी और कान की टोंटी बरामद नहीं हुई प्रयास किया जा रहा है।
काकी के पास ट्राली भी है- काकी कौन है क्या स्थिति है गांव में उसके प्रति क्या विचार है के बारे में जब कोठरी के कुछ लोगों से जानकारी ली तो बताया कि काकी यहाँ की चर्चित महिला है कोठरी वालों ने बताया कि काकी इतनी पैसे वाली हो गई है कि उसके पास 10 पहियों वाला ट्राला है। घटना की जानकारी थाना प्रभारी अतीक अहमद खान ने फुरसत को विस्तृत दी।
काकी गई जेल, दो रिमांड पर
तीन आरोपियों को आज न्यायालय में पेश किया गया यहाँ से काकी को जेल भेजा गया तथा दो अन्य आरोपी को 26 तक रिमांड पर दिया गया है।


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भोले भण्डारी मान जाओ....अखण्ड सत्ता जी शुरु, जब तक नहीं होगी बरसात चलेंगे भजन

सीहोर 23 जुलाई (नि.सं.)। अंतत: सीहोर की धार्मिक महिलाओं ने एक बार फिर भगवान को मनाने का बीड़ा उठा लिया है। आज बिना किसी निमंत्रण के स्वयं ही यहाँ कोलीपुरा, बढ़ियाखेड़ी, ब्रह्मपुरी कालोनी की महिलाएं भगवान नरसिंह के मंदिर में शाम एकत्र हुई और शुरु कर दी सत्ता जी। अखण्ड भजन गायन के साथ यहाँ अब लगातार भगवान के सामने भजन चलेंगे और उन्हे मनाया जायेगा कि हे प्रभु मान भी जाओ, बरसा दो पानी....। यहाँ बड़ी संख्या में आज शाम से महिलाएं भजन में शामिल होने पहुँचती रहीं।

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पानी के लिये पहुंची राकांपा भगवान के द्वारा ज्ञापन सौंपा चादर भी चढ़ाई

सीहोर 23 जुलाई (नि.सं.)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जिला सीहोर के जिलाध्यक्ष व समाजसेवी भाई नौशाद खान के नेतृत्व में सीहोर नगर की जनता प्राचीन गणेश मंदिर पहुंची व गणेश जी को ज्ञापन सौपतें हुवे यह मांग करी की सीहोर जिले भरपूर बरसात करवाऐ सीहोर जिले की जनता पर विशेष कृपादृष्टि बना कर जिले मे खुशहाली लाये,ज्ञापन मे यह भी मांग की गई कि सीहोर नगर की अधोषित बिजली कटोती को बंद करवाया, जावे सालो से बंद पड़ी शुगर मिल को पुन:चालू करवाया जावे ज्ञापन सौपने में समाजसेवी नौशाद खान, सेवाराम यादव, इदिरा भील की महत्व पूर्ण भूमिका रही साथ ही भाई नौशाद खान के नेतृत्व में प्रसिद्ध दूल्हा बादशाह मजार पर पहुंच कर चादर चढाई गई व बरसात होने की दुआ की गई ।
इस अवसर पर विशेष रूप से नौशाद खान, इंदिरा भील समाज सेवी, भाई सेवाराम यादव, लल्लू भाई, राजेश हनीफ, बाबू भाई, किशन मालवीय, संजय,बिलाल अहमद,अजीज खान बिलकिंसगंज वाले, चुन्नी, राजू गीताबाई, रानी,अजय,अब्दुल रहमान,मनोज केप्टन, मुन्ना भाई, गंज वाले सलीम भाई, सायकल वाले नफीस,प्रभात श्रीवास्तव, मासाब सहित अनेक लोग उपस्थित रहें।


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थाने के पास धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर तनाव बढ़ने के पहले ही प्रशासन गंभीर हुआ

आष्टा 23 जुलाई (नि.प्र.)। नगर में प्रशासन के सभी बड़े-बड़े अधिकारियों के रहने एवं खास कर थाने और मंडी के बीच में एक स्थान पर हो रहे एक धार्मिक पूजा स्थल के निर्माण की खबर नगर में आते ही जैसे ही तनाव का वातावरण बनता, स्थानीय प्रशासन के जानकारी मिलते ही कान खड़े हो गये। उक्त हो रहे निर्माण को लेकर नगर में कुछ प्रतिक्रिया होती उसके पूर्व ही एसडीएम, तहसीलदार और अधिकारी कन्नौद रोड थाने के पास पहुँचे और देखा तो दंग रह गये कि उक्त स्थान पर बड़ी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
प्रशासन ने आष्टा के पटवारी रिकार्ड में जब उक्त जमीन के बारे मालूम किया तो पाया उक्त जमीन पटवारी रिकार्ड में खसरा नं. 4301 में 000.12 डेसीमल मंडी समिति के नाम से दर्ज है। तहसीलदार आष्टा ने इस संबंध में फुरसत को बताया कि जिस स्थान पर निर्माण कार्य किया जा रहा था जब सूचना मिली तत्काल एसडीएम और मैं स्वयं मौके पर पहुँचे यहाँ पर कार्य होते देख पहले तो रुकवाया तथा उक्त निर्माण कार्य कौन किसकी इजाजत से कर रहा है जांच करवाई गई तथा उक्त कार्य के प्रति स्थगन के साथ किये गये निर्माण कार्य को 7 दिन से हटाने के आदेश जारी कर दिये गये हैं।
नहीं हटाने पर प्रशासन स्वयं हटाकर हटाने का खर्च वसूल करेगा। इस संबंध में फुरसत ने आष्टा कृषि उपज मंडी के सचिव छोटू खान से पूछा की उक्त भूमि मंडी की है तो उन्होने बताया मुझे कल ही बताया गया कि वहाँ निर्माण हो रहा है। इसकी शिकायत कुछ लोगों ने प्रशासन को भी की। आज हमने अपना ले आउट देखा उसमें उक्त जमीन हमारी ले आउट में दर्ज है जब उनसे पूछा की जब उक्त जमीन आपके ले आउट में है तो आप मंडी में रहते हैं गार्ड भी रहती है तो फिर आपकी उक्त जमीन पर इतना निर्माण कैसे हो गया वे इसका जबाव नहीं दे पाये लेकिन अब उन्होने कहा कि वे शीघ्र इस संबंध में उक्त जमीन को मंडी के कब्जे में लेने के लिये मंडी बोर्ड को पत्र लिख रहे हैं।
कल नगर में जैसे ही उक्त निर्माण की खबर आई अंदर ही अंदर इसको लेकर विरोध प्रदर्शन सड़कों पर उतरने की योजना बनने लगी थी लेकिन इसके पहले प्रशासन की कार्यवाही का सभी इंतजार कर रहे थे प्रशासन ने सूचना मिलते ही जो कार्यवाही की उसके बाद विरोध थम गया है लेकिन फुरसत को सूत्रों से खबर लगी है कि प्रशासन ने दिये गये समय में ठोस कार्यवाही नहीं की तो विरोध के स्वर मुखर होंगे और ऐसा हुआ तो कहीं नगर में अप्रिय स्थिति निर्मित ना हो इसको लेकर प्रशासन को अभी से सतर्क रहकर ठोस कार्यवाही रकना चाहिये ताकि नगर में सबकुछ सामान्य रहे।


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क्षेत्र में 15 दिनो से वर्षा नहीं होने के कारण किसान होने लगा चिंतित

जावर 23 जुलाई (नि.प्र.)। कुछ दिनो से नगर सहित पूरे क्षेत्र में बारिश नहीं होने से क्षेत्र का कृषक वर्ग चिंतित होने लगा है अभी तक नाम मात्र की ही बारिश हुई है। क्षेत्र में हालात इतने गंभीर होते जा रहे हैं कि पीने के पानी का संकट आने लगा है लोग पानी के लिये इधर-उधर भटकते दिखाई देते हैं जंगलों में भी मवेशियों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है पानी के अभाव में घांस पीली पड़ने लगी है तो खेतों में खड़ी फसल बल खाने लगी। बरसात नहीं होने के कारण ही सोयाबीन की फसल पर काले कीड़े व इल्लियों का प्रकोप बढ़ गया। इल्ली मारने के लिये किसान खेतों में कीटनाशक दवाई का छिड़काव कर रहे हैं। इस समय कीटनाशक दवाई की दुकानों पर दवाई खरीदने वालों की भीड़ लग रही है। अरोलिया के कृषक इंदर सिंह ने बताया कि कुछ दिना और बारिश नहीं हुई तो स्थिति गंभीर हो जायेगी। दरखेड़ा के रतन सिंह का कहना है कि इस समय सबसे गंभीर समस्या पानी की है। पानी नहीं गिरने के कारण घांस पीली पड़ने लगी है एवं फसल भी बलखाने लगी है। क्षेत्र में करीब दस बारह दिनों से बारिश नहीं हुई है। बारिश नहीं होने के कारण सोयाबीन में इल्ली का प्रकोप बढ़ गया है जो पत्तों को छिन्न भिन्न कर रही है। इस समय आवश्यकता है तेज बारिश होने की उधर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि जिन खेतों में इल्ली का प्रकोप है उनमें कीटनाशक दवाई का छिड़काव करना शुरु कर देना चाहिये।

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