Tuesday, July 22, 2008

नागरिक बैंक चुनाव सरगर्मी तेज बेनर और बोर्ड भी आये मैदान में

सीहोर 21 जुलाई (नि.सं.)। सीहोर नागरिक सहकारी बैंक चुनाव की सरगर्मी आज सोमवार को लगभग दुगनी तेज नजर आई। हर एक उम्मीद्वार अपनी पूरी ताकत और शक्ति के साथ चुनाव में विजयश्री का वरण पाने को कृत संकल्पित नजर आ रहा है। कल रविवार को और आज सोमवार को भी जबर्दस्त प्रचार-प्रसार क्षेत्रश: किया गया।
इधर प्रचार तो चल ही रहा है इसके अलावा प्रमुख चौराहों पर होर्डिंग्स बोर्ड आदि भी लगना शुरु हो गये हैं जिससे एक अलग ही वातावरण बन गया है। बैंक के ऋणी मतदाताओं के पास बड़ी संख्या में प्रत्याशी पहुँच चुके हैं। जिस प्रकार काका पैनल के अलावा ब्राह्मण पैनल के चर्चे शुरु हुए थे वैसे ही एक अन्य गुप्त पैनल भी आज फुरसत की निगाह में आई है जिसमें 5 लोगों के नाम तय किये गये हैं इनमें एक काका पैनल का व्यक्ति भी रखा गया है। इस पैनल का पर्दाफाश कल किया जायेगा।
कल प्रकाश व्यास काका पैनल ने कई क्षेत्रों में जनसम्पर्क किया। यह जनसम्पर्क काका पैनल की विज्ञप्ति के अनुसार सुबह 10 बजे से शुरु हो गया था चुनाव लड़ने वाले उम्मीद्वार प्रकाश व्यास काका, कैलाश अग्रवाल, मो. अनीस खान, प्रदीप गौतम, कमल झंवर, प्रकाश राठौर, मदन मोहन शर्मा ने रविवार को कई क्षेत्रों में जनसम्पर्क किया इनके साथ ही अन्य कई लोग भी शामिल थे। सभी उम्मीद्वार जहाँ-जहाँ जनसंपर्क करने गये पहले लोगों ने तिलक लगाकर इनका स्वागत किया सभी उम्मीद्वारों ने रविवार को कस्बा, मंगलवारा, हरिजन मोहल्ला, कोली मोहल्ला, छीपापुरा, भावसार मोहल्ला, कलार मोहल्ला, पीटर कंपाउंड, भोपाल फाटक क्षेत्र, कस्बा निजामत रोड आदि क्षेत्रों में जनसंपर्क किया। जनसंपर्क के दौरान इनके साथ चुनाव में निर्विरोध चुने गये उम्मीद्वार में ओम वर्मा, मोहनलाल भावसार, धर्मेन्द्र राठौर, रानू व्यास, सोनू व्यास, अशोक सिसोदिया, मनोज कन्नौजिया, चंपालाल यादव, देवी राजपूत, दिनेश यादव, राजू यादव, नरेन्द्र यादव, शैलेन्द्र भावसार, दर्शन सिंह वैस सहित कई लोग शामिल थे।
जबकि इनके अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों में राजेन्द्र वर्मा अपने साथी प्रत्याशियों के साथ घूमते नजर आये। वर्मा ने अपने साथ खुलकर पूर्व पार्षद अनिल मिश्रा को भी रखा है। जिससे वर्मा के पाले में वह खुद, उनकी पत्नि व अनिल मिश्रा भी हो गये हैं।
इधर बड़ा बाजार की युवा मंडली के कुछ सक्रिय लोग राजेन्द्र शर्मा कल्लू के प्रचार-प्रसार के लिये लग गये हैं इनका एक ही उद्देश्य है की कल्लू आना चाहिये, और कल्लू की जीत का गणित दिन रात लगाया जा रहा है।

आष्टा से चुनाव लडने के लिये कांग्रेस में भीड़ मची, 15 ने उम्मीद्वारों के आवेदन दिये

आष्टा 21 जुलाई (सुशील)। जिसको भी चुनाव कांग्रेस के टिकिट पर लड़ना हो वो 20 जुलाई तक जिला कांग्रेस को मांगी गई जानकारी के साथ आवेदन कर दे जैसे ही यह फरमान प्रदेश कांग्रेस का आया तो पूरे जिले में आवेदन करने वालों की लम्बी कतार लग गई अकेले आष्टा विधानसभा (सुरक्षित) सीट से जिला कांग्रेस के पास 20 जुलाई तक 15 उम्मीदवारों ने अपने आवेदन जमा करा दिये अभी यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि 25 जुलाई तक जो आवेदन करने से रह गये हैं वे भोपाल पहुँच कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भी आवेदन जमा करा सकते हैं। कल जिला कांगेस आवेदन जमा कराने की तारीख खत्म हो गई।
इस संबंध में आज फुरसत ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कैलाश परमार से चर्चा कर जाना की आष्टा से कितने लोगों ने कांग्रेस से चुनाव लड़ने के लिये आवेदन किये। श्री परमार ने फुरसत को बताया कि कल जिला कांग्रेस के समक्ष आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि थी कल शाम तक जिले को आष्टा विधानसभा से चुनाव लड़ने के लिये 15 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनके आवेदन प्राप्त हुए उनके नाम हैं अजीत सिंह पूर्व विधायक, गोपाल सिंह, एच.आर. परमाल, बापूलाल मालवीय पूर्व पराजित प्रत्याशी, घनश्याम जांगड़ा, राजाराम बडे भाई, दिनेश सिलोरिया, जगदीश चौहान, सेवालाल सोलंकी, श्रीमति रेशम बाई सोलंकी, नरेन्द्र खंगराले, मेहरबान सिंह मालवीय, करण सिंह पुष्प, राजकुमार भारतीय, श्रीमति उत्तराधीमान है। श्री परमार ने चर्चा में यह भी बताया कि कल अंतिम तारीख भी कल तक पूरे जिले से जिले की चारों विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले कुल 63 दावेदारों ने आवेदन किये हैं इसमें सीहोर से 28 ने आष्टा से 15 ने, इछावर से 15 ने तथा बुदनी से 5 ने आवेदन दिये। आष्टा के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मिर्जा बशीर बेग ने इस बार सीहोर विधानसभा से टिकिट मांगा है कल उन्होने जिले में अपना आवेदन जमा करा दिया है।


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मंगलवार का 'म' मतदान न करा लें

सीहोर 21 जुलाई (घुमक्कड़)। कल मंगलवार को देश की केन्द्रिय सरकार गिरेगी या बचेगी ? यह यक्ष प्रश्‍न हर जुबान पर है। कहीं जनता को मतदान की नौबत ना आ जाये यह जनचर्चा में है। हमारे घुमक्कड़ संवाददाता ने मंगलवार के 'म' का महत्व कुछ यूँ बताया है।
मंगलवार का दिन
नमोहन की सरकार
मंत्री मंडल की समर्थन की ऊहापोह
माकपा ने लिया समर्थन वापस।
मुलायम सिंह ने समर्थन दिया।
मायावती एक नये नेता के रुप में सामने है
मुस्लिम सांसदों ने परमाणु का विरोध किया
विभाजन भी मंगल को ही होगा।
देखते हैं इस 'म' से बनने वाली सिंह राशि का किस पर क्या असर होता है।


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मथरी बाई की हत्या करवाने में एक महिला का भी नाम आया

आष्टा 21 जुलाई (नि.प्र.)। कुछ माह पूर्व गर्मी से राहत के उद्देश्य से अपने दामाद के पास रह रही एक वृध्द महिला जिसका नाम मथरी बाई उम्र 80 वर्ष था की सोते में अज्ञात हत्यारों ने हत्या कर उसके पैर काटकर पैरों में व शरीर पर धारण कड़े व अन्य जेवर ले गये थे।
तभी से आष्टा पुलिस हत्यारों की खोज में जुटी थी अब वो सफलता के नजदीक पहुँच गई है लेकिन अभी पुलिस इस प्रकरण में पत्रकारों को कुछ भी जानकारी देने से बच रही है फुरसत को सूत्रों से जो जानकारी लगी उसके अनुसार कोठरी क्षेत्र की एक चर्चित महिला जिस पूरे क्षेत्र में एक विशेष नाम से जाना जाता है वो अक्सर आष्टा आती है तथा दशहरा मैदान क्षेत्र में तो कई लोग इस महिला को जानते हैं बताते हैं उक्त महिला की निगाह वृध्द मथरी बाई पर लगी थी क्योंकि उसकी ऑंखों के सामने मथरी बाई के जेवर हमेशा घूमा करते थे। उक्त जेवर ही मथरी बाई की हत्या के कारण बने है।
उक्त चर्चित महिला के इशारे पर दो अन्य लोगों ने इसकी हत्या की है ऐसी चर्चा है पुलिस को जो सूत्र किले उसके अनुसार पुलिस इन तीनों तक पहुँच गई है और खबर तो यहाँ तक है कि पुलिस अब पूरा मामलों उजागर करने के पहले हत्या के उपयोग से किये हथियार एवं जेवर आदि बरामद करने के लिये शुजालपुर-इन्दौर गई है। आज भी जब फुरसत ने एसडीओपी मनु व्यास एवं टीआई अतीक अहमद खान से इस गुत्थी के बारे में चर्चा कर जानकारी चाही तो उन्होने कहा अभी कुछ नहीं कह सकते थोड़ा इंतजार करे। थोड़ा इंतजार करो से यही लगता है कि पुलिस ने उक्त हत्या की पूरी गुत्थी सुलझा ली है।


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विद्युत तार थाने के सामने नीचे आये कभी भी हो सकता है हादसा

आष्टा 21 जुलाई (नि.प्र.)। आष्टा कन्नौद रोड पर थाना भवन के ठीक सामने विद्युत की जो बडी लाइन गई है उक्त लाईन के सभी तार इतने अधिक नीचे झुक गये हैं कि रात चलता कोई भी लम्बा व्यक्ति अपने हाथों से इन खतरनाक तारों को छू सकता है लेकिन कोई भी समझदार व्यक्ति ऐसा नहीं करेगा ।
लेकिन इस रात पर कोई भी वाहन इन तारों से टकरा सकता है या कोई भी वाहन इन तारों से टकरा सकता है या कोई भी व्यक्ति खेल-खेल में अगर नासमझी के कारण तारों से घुलेगा तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना को घटने से कोई भी नहीं रोक सकता इन तारों को नीचे लटके महिनों हो गये लेकिन आश्चर्य विद्युत मंडल का आज तक ये झूल रहे तार नजर नहीं आये हैं शायद किसी दुर्घटना या घटना के बाद मंडल जागे।
नगर के जागरुक युवक उत्तम सुराना ने फुरसत के माध्यम से विद्युत मंडल के डी.के. श्यामलाल नरेड़ा से मांग की है कि कोई घटना दुर्घटना घटे उसके पहले इन तारों को ऊँचा कराया जाये।

Monday, July 21, 2008

काका पैनल के अलावा ब्राह्मण पैनल भी चर्चा में, युध्द स्तर पर चल रहा प्रचार, बड़ी मात्रा में प्रचार सामग्री पम्पलेट भी आये बाजार में

सीहोर 20 जुलाई (आनन्द भैया)। नागरिक सहकारी बैंक चुनाव की सरगर्मियाँ दिनों दिन बढ़ती जा रही है। जहाँ छावनी में यादा दम लगाई जा रही है वहीं पूरे नगर में घूम-घूमकर उम्मीद्वार अपने पक्ष में मतदाताओं को रिझाने के प्रयास में लगे हैं। काका पैनल के सदस्य भले ही पैनल में हो लेकिन सब अपना-अपना प्रचार स्वयं करते नजर आ रहे हैं जबकि बाहरी उम्मीद्वारों की वजनदारी भी धीरे-धीरे बढ़ती नजर आ रही है।

उधर बैंक के कुछ कर्मियों के रुख भी अलग-अलग उम्मीद्वारों पर आ जाने से मामले में रोचकता बढ़ती जा रही है। 'भैया बाकी किसी को भी एक मेरे को भी' का बोध वाक्य सभी उम्मीद्वारों की जिभान पर है। प्रचार बहुत तेजगति से चलने से नगर भर में चुनाव को लेकर तरह-तरह के कयास, आंकड़े, पूर्वानुमान और गणित चलने लगी है। चुनाव के अंतिम समय तक ही संभवत: स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन तब तक बाजार नागरिक बैंक चुनाव की सरगर्मी से सरगर्म बना रहेगा ।

नागरिक सहकारी बैंक के प्रतिष्ठापूर्ण चुनावों ने एक बारगी फिर नगर में उत्साह का माहौल बना कर रख दिया है। बहुत दिनों से राजनीतिक गतिविधियों से शून्य और पानी को लेकर त्रस्त नगर के नागरिकों में इन चुनावों ने कुछ नया संचार किया है। हालांकि विधायक रमेश सक्सेना के चुनावी कार्यालय का उद्धाटन भी इस दौरान हुआ है लेकिन उसके कारण चुनावी सरगर्मी नहीं बन पाई थी लेकिन नागरिक सहकारी बैंक के चुनाव में नगर के बड़े ही नामचीन वरिष्ठ नागरिकों के चेहरों के सामने आ जाने से पूरा नगर चुनाव पर निगाह दौड़ाने में लगा हुआ है। नागरिक बैंक के प्रति आई रोचकता और उत्साह को देखकर बैंक से जुड़े लोगों को भी खुशी अनुभव हो रही है।

इस बार के चुनावों में जैसा की अभी तक स्पष्ट हो चुका है कि जहाँ पूर्व अध्यक्ष रहे प्रकाश व्यास काका ने अपनी पैनल उतारी है वहीं काका की पैनल के सामने कोई भी खुलकर नहीं आया है लेकिन अभी तक यह भी नहीं कहा जा सकता है कि काका पैनल के 8 लोगों को छोड़कर जो शेष 8 लोग बचे हैं क्या वह संगठित है अथवा अलग-अलग।

काका पैनल वाले भी

अपना प्रचार खुद कर रहे

देखा जाये तो काका पैनल से लेकर अन्य लोगों में कहीं भी कोई संचालक पद उम्मीद्वार ऐसा नजर नहीं आ रहा जो आपस में सामंजस्य के साथ चुनाव लड़ता प्रतीत हो। काका पैनल के सारे सदस्य ही चुनाव को जहाँ पूरी गंभीरता से ले रहे हैं वहीं उनकी गंभीरता के कारण वह अपने-अपने स्तर पर अपना प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। हालांकि काका पैनल का बड़ा पम्पलेट सबसे पहले बाजार में आया है। जिसमें काका पैनल के सारे उम्मीद्वारों के नाम और उनके चुनाव चिन्ह प्रकाशित हैं लेकिन इसके बावजूद यहाँ सारे उम्मीद्वार अपने-अपने स्तर पर खुद का प्रचार करते नजर आ रहे हैं। राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी काका की संभवत: यही रणनीति हो अभी यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता।

लेकिन शेष बचे 8 उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी प्रचार सामग्री प्रकाशित कराकर प्रचार पहले ही दिन प्रारंभ कर दिया है। प्रचार युध्द स्तर पर किया जा रहा है। जोड़-तोड़ के साथ ही पुराने अनुभवियों के अनुभव भी लिये जा रहे हैं।

ब्राह्मण वाद और पैनल

अब मजे की बात यह है कि छावनी के एक ब्राह्मण युवा तुर्क ने जिस दिन नाम वापसी हुई थी उसी दिन कुछ स्थानों पर यह कह दिया था कि हमें किसी से मतलब नहीं हमारी पैनल है ब्राह्मण पैनल। इनका ब्राह्मण पैनल कहना इतना प्रभावी हो गया है कि काका पैनल के बाद अब सब जगह ब्राह्मण वाद चलाये जाने के प्रयास भी शुरु हो गये हैं। यूँ ब्राह्मण वाद में खुद प्रकाश व्यास काका सहित उनकी पैनल के वरिष्ठ नागरिक मदन मोहन शर्मा मद्दी गुरु, युवा पार्षद पं. प्रदीप गौतम तो शामिल है हीं लेकिन एक बाहरी राजेन्द्र शर्मा कल्लू पूर्व पार्षद भी जुड़ रहा है। जो भी हो ब्राह्मण वाद की बात फैलाने वाले का मंतव्य क्या था यह तो राम जाने। लेकिन ब्राह्मण वाद यदि चला तो कहीं ना कहीं राजेन्द्र शर्मा कल्लू को अवश्य लाभ दे सकता है। कल्लू के पीछे छावनी के युवा दल का पूरा सहयोग होना भी उसे भारी प्रदर्शित कर रहा है। इसके अलावा पार्षद अनिल मिश्रा भी इस ब्राह्मण वाद की नैया से पार लग सकते हैं तो कुल मिलाकर ब्राह्मण वाद चलाने के प्रयास भी युध्द स्तर पर किये जा रहे हैं।

वर्मा दोहरे लाभ में

पूर्व में संचालक के रुप में राजेन्द्र वर्मा रह चुके हैं ऐसे में इस बार वर्मा ने दोहरी राजनीतिक समझ का परिचय देते हुए न सिर्फ खुद बल्कि अपनी पत्नि श्रीमति अर्चना वर्मा को भी खड़ा किया है। अब राजेन्द्र वर्मा को यह लाभ हो रहा है कि यदि वह जीतते हैं तो स्वभावत: जो मतदाता उन्हे वोट देगा वो अपनी आदरणीय भाभी जी को कैसे छोड़ देगा और यदि वाकई राजेन्द्र वर्मा की यह गोटी फिट बैठ गई तो यदि वर्मा जीते तो एक साथ दो सदस्य हो जायेंगे जिससे इनका वजन भी बढ़ेगा। वहीं इनकी विजय काका पैनल के लिये सर्वाधिक खतरे की घंटी साबित होगी क्योंकि एक साथ दो उम्मीद्वार विजयभव: होकर आयेंगे।

वाकी कोई भी... पर एक मुझे ही

नागरिक सहकारी बैंक के चुनाव सिर्फ चुनाव ही नहीं यह एक प्रतिष्ठापूर्ण पद भी है इस दृष्टि से हर एक उम्मीद्वार चुनाव को पूरी गंभीरता से ले रहा है। न सिर्फ गंभीरता से ले रहा है कुछ उम्मीदवारों की नींद भी उड़ गई है। वहीं वह पुराने अनुभवियों के चक्कर भी काट रहे हैं। इस मामले में सबसे खास बात यही सामने आ रही है कि हर प्रत्याशी जब भी किसी मतदाता से मिलता है तो यही कहता है कि भैया आप सारे मतदान किसी को भी करना, वाकी कोई भी हो लेकिन एक मुझे अवश्य अपना मत देना।

दोनो तरफ बराबर प्रत्याशी

हालांकि काका पैनल नाम वापसी के साथ ही एक उम्मीद्वार निर्विरोध ले आई है लेकिन इसके बाद भी शेष बचे 8 में से 4 उम्मीद्वारों की जीत सुनिश्चित की जाना है काका पैनल के आठ उम्मीद्वारों में सर्वप्रथम मदन मोहन शर्मा मद्दी गुरु सहित प्रदीप गौतम, प्रकाश राठौर, कमल झंवर कमल प्रेस, पूर्व संचालक रहे कैलाश अग्रवाल, डॉ. अनीस खान और खुद प्रकाश व्यास काका सामान्य वर्ग से तथा एक महिला श्रीमति उर्मिला देवी हैं।

जबकि इस पैनल के बाहर जो आठ लोगों का चक्र बन रहा है उनमें राजेन्द्र वर्मा व उनकी पत्नि श्रीमति अर्चना वर्मा, पंकज खत्री, राजेन्द्र शर्मा कल्लू पूर्व पार्षद, कुतुबुद्दीन शेख, अनिल मिश्रा पार्षद, सुनील वर्मा व मुकेश खत्री शामिल हैं। इनमें कौन कितना भारी है यह तो समय ही बतायेगा।

मंत्र-तंत्र का सहारा भी

नागरिक सहकारी बैंक के प्रतिष्ठा पूर्ण चुनाव को लेकर भारी उहापोह की स्थिति बनी हुई है। हर उम्मीद्वार अपनी जीत को सुनिश्चित करना चाहता है चाहे इसके लिये उसे कुछ भी करना पड़े। यही कारण है कि कुछ उम्मीद्वार अभी से तंत्र-मंत्र का सहारा लेना शुरु कर चुके हैं। कुछ ने गंडे-ताबीज पहन लिये हैं ताकि वह किसी के पास भी जायें तो मतदाता उनसे प्रभावित हो वहीं कुछ ने हाथ में मौली आदि धारण कर ली है। तरह-तरह के प्रयोग यह लोग कर रहे हैं। इनके लिये प्रयोग और विशेष पूजन पाठ भी पंडितों द्वारा शुरु कर दिया गया है।

उन्होने शुक्रवार को सुन्दर काण्ड कराया

तंत्र-मंत्र के अलावा पूजन पाठ का महत्व भी इन उम्मीद्वारो के बीच अत्याधिक बढ़ गया है। वह अपने-अपने स्तर पर पूजन-पाठ भी करने में जुट गये हैं। सुबह से उठकर देर तक पूजन पाठ करके ही घर से बाहर निकल रहे हैं। उनके घर परिवार के लोग भी तरह-तरह की पूजन कर रहे हैं। कल गुरुपूर्णिमा को अधिकांश उम्मीद्वारों ने अपने गुरुओं के चरण पकड़ ही लिये, जिनके गुरु नहीं थे पूर्णिमा को नये गुरु की तलाश में रहे और किसी न किसी गुरु के पास पहुँचकर आशीर्वाद लेकर ही उन्हे संतुष्टि मिली। कल एक उम्मीद्वार ने शुक्रवार को ही घर में सुन्दर काण्ड के पाठ का आयोजन बड़े स्तर पर रख दिया। हनुमान जी की कृपा के साथ राम जी का आशीर्वाद लेकर अब यह मैदान में अंगद की तरह जमना चाहते हैं। इस प्रकार पूजा-पाठ धर्म-कर्म की तरफ प्रत्याशियों का रुझान स्पष्ट रुप से बढ़ रहा है।

कांग्रेस के नेता पीछे लगे

इस बार प्रदेश में चूंकि कांग्रेस की सत्ता नहीं है इसलिये जहाँ नागरिक बैंक चुनाव में पिछली बार जितनी दमदारी कांग्रेसी नेताओं व कांग्रेसी चेहरों ने दिखाई थी इस बार कांग्रेसी नेता उतने ही पीछे रहे। लेकिन इसके बावजूद राजनीति की बिसात यह लोग बिछाने में चूक नहीं रहे हैं। चुनाव में पीछे से ही सही लेकिन कुछ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बारम्बार कुछ उम्मीद्वारों को संबल प्रदान कर रहे हैं। पीछे से उन्हे गणित भी दे रहे हैं बल्कि कुछ ने जाकर प्रचार- प्रसार भी किया है। कांग्रेसी नेताओं की सक्रियता भी जन चर्चा में बनी हुई है। क्योंकि कांग्रेसी नेता यदि पीछे से गंभीरता के साथ सक्रिय रहे तो निश्चित ही प्रत्याशियों की विजय के बाद जोड़ तोड़ की राजनीति चलेगी।

सबके हाथ में है पम्पलेट

सारे ही प्रत्याशियों ने अपने-अपने पम्पलेट व प्रचार सामग्री छपवा ली है और वह सूची में से बड़ी शांति से मतदाता का नाम खोजते हैं फिर उसके यहाँ किसको साथ लेकर जाना है, यह तय करते हैं और फिर मतदाता के पास हाथ जोड़कर प्रचार करने पहुँच जाते हैं तथा प्रचार सामग्री भी देकर आते हैं।

पूछते फिरते हैं पता,

कुछ गलत जगह भी जा रहे

कुछ मोहल्लों में एक ही नाम अन्य लोग भी मौजूद हैं, और वैसे भी नागरिक बैंक के मतदाताओं को ढूंढ पाना बड़ी मुश्किल और मेहनत का काम है इसलिये जहाँ प्रत्याशी हर मोहल्ले के अपने परिचित के साथ मतदाता के घर पहुँच रहे हैं वहीं अधिकांश लोग चुपचाप पता भी पूछते नजर आते हैं। मोहल्ले वालों को भी पता चल गया है कि कौन-कौन नागरिक बैंक का ऋण ले चुका है । उनके मोहल्ले में किसने ऋण लेकर वाहन खरीदा है और किसने मकान बनाया है। ऐसे ऋण वाले मतदाताओं को चूंकि अब मोहल्ले वाले ही पहचानने लगे हैं तो ऐसे में जब प्रत्याशी इनसे पता पूछता तो यह तत्काल बता देते हैं कि आपका मतदाता वहाँ रहता है, जबकि आज एक मतदाता ने फुरसत को बताया कि उसके यहाँ जबरन मिलते-जुलते नाम के कारण कुछ प्रत्याशी प्रचार सामग्री दे गये हैं जबकि वह मतदाता ही नहीं है। कुल मिलाकर सीहोर नागरिक सहकारी बैंक की चुनावी सरगर्मी लगातार हर दिन और हर रात बढ़ती ही जा रही है। जैसे-जैसे प्रचार प्रसार बढ़ रहा है वैसे-वैसे तरह-तरह की चर्चाएं भी बाजार में और चोराहों पर आने लगी है। पटियों की बिसात पर बैंक की चुनावी रणनीतियां बनने से नहीं चूक रही हैं तो ऐसे में निश्चित ही आगामी सप्ताह भर तक पूरा नगर नागरिक सहकारी बैंक की चुनावी सरगर्मी से सराबोर रहेगा। रविवार को सभी धड़ों ने अपने-अपने स्तर पर व्यापक प्रचार प्रसार किया है। जिससे वातावरण गर्मा गया है। आगे-आगे पढ़िये चुनाव की सरगर्मियाँ।


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Sunday, July 20, 2008

इधर नगर पालिका के कागजात हुए जप्त और उधर रजिस्ट्रार कार्यालय में लग गई आग?

सीहोर 19 जुलाई (नि.सं.)। पिछले दो-ढाई वर्ष में नगर पालिका में कुछ भू-माफियाओं ने जिस प्रकार जमीनों के नामांतरण में घालमेल किया है उसकी शिकायतें उभरने लगी हैं। कुछ मामले छनकर बाहर आने लगे।
ऐसे में कांग्रेस नेता सतीश यादव ने भी ऐसे कुछ मामलों का उल्लेख कर जिलाधीश को शिकायत की जिस पर नगर पालिका और नजूल से संबंधित कागजातों के पूरे दस्तावेज बुलवा लिये गये। इधर जांच शुरु हुई ही थी कि तीसरी ही रात रजिस्ट्रार कार्यालय आग के हवाले हो गया। आग ऐसी फैली की उसमे वर्ष 2000 के बाद के सारे आवश्यक कागजात स्वाहा हो गये। जो हो फर्जी रजिस्ट्रयों का मामला बहुत पेचिदगी के साथ सामने आ रहा है जिसकी जांच की जाने की आवश्यकता है।
इस संबंध में जिलाधीश को यादव मित्र मण्डल द्वारा सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि भू-माफिया एवं गुंडे बदमाशों व कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिली भगत से सीहोर में जमीन व प्लाट व मकानों की फर्जी रजिस्ट्री व नामांतरण मिलीभगत से हो रहे हैं। इस संबंध में कुछ प्रमाण भी जिलाधीश के समक्ष उपलब्ध कराये गये हैं। जिस पर जिलाधीश श्री आहूजा ने गंभीरता से लेते हुए जिला पंजीयक, उपंपजीयक से न केवल चर्चा की बल्कि नगर पालिका के कर्मचारियों द्वारा भूमाफियाओं से मिलकर फर्जी नामांतरण किये जाने की जांच करने के निर्देश दिये।
कु छ भू-माफियाओं ने नगर पालिका फर्जी तरीके से मालिक का नाम बदलवा लिया है और अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली है जो सर्वे नंबर में भी उपलब्ध नहीं है। कई लोगों के मकान इधर से उधर नामांतरण करवा लिये गये हैं अभी लोगों को पता ही नहीं है। भूमाफियाओं का जाल सा फैला हुआ है। इस दृष्टि से लोगों को भी अपने खसरा-खतौनी की नकल देख लेना चाहिये कि कहीं उनकी सम्पत्ति भी तो किसी और के नाम नहीं कर दी गई है।
सूत्रों का कहना है कि इस तरह की शिकायत के बाद नगर पालिका के संबंधित फाईलें और कागजात जांच के लिये बुला लिये गये हैं। आर.आई. मनोहर राजपूत नजूल ने इसकी जांच भी की है और नगर पालिका के कागजात भी उन्होने बुला लिये थे। इधर जांच शुरु हुई और दूसरे-तीसरे दिन ही उपपंजीयक कार्यालय में अचानक संदिग्ध आग लग गई जो अभी तक जांच का विषय बनी हुई है। कहीं उपरोक्त भूमाफियाओं का ही तो यह कमाल नहीं है।


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पानी भरने की बात को लेकर झगड़ा, 5 घायल

आष्टा 19 जुलाई (नि.प्र.)। पानी को लेकर कहा जा रहा है कि अगर पानी की अभी कीमत नहीं की तो अगला विश्व युध्द पानी को लेकर होगा। यह भविष्य की बात है क्या होगा लेकिन आष्टा थाने के अन्तर्गत आने वाले ग्राम बड़ोदिया गाडरी में ठेल से पानी भरने को लेकर दो मेढ़ पड़ोसियों में जमकर लट्ठ कुल्हाड़ी चली जिसे पाँच घायल हो गये। दोनो पक्षों ने आष्टा थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बड़ोदिया गाडरी निवासी दिनेश खाती के खेत की मेढ़ पर मवेशी को पानी पिलाने के लिये पानी की ढेल रखी है। इसमें से पड़ोसी नर्वत सिंह पानी भरने गया तो दिनेश ने पानी भरने से मना किया। इसी बात को लेकर विवाद हुआ जो इतना बड़ा कि दोनो के परिवार आमने-सामने हो गये और उक्त पानी भरने के विवाद ने बड़ा रुप ले लिया। बाद में मुकेश खाती ने नर्वत सिंह, जीवन सिंह, जगदीश के खिलाफ तथा जीवन सिंह ने दिनेश, मुकेश, विजेन्द्र, निलेश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। झगड़े में जमकर लट्ठ और कुल्हाड़ी चली जिसमें 5 लोग दोनो पक्षों के घायल हुए हैं। आष्टा पुलिस ने दोनो और से आई शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर लिया है।


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चमत्कार के नाम पर केवल छल कपट और प्रपंच -मधुबाला जी

आष्टा 19 जुलाई (नि.प्र.)। आज दुनिया केवल चमत्कार को ही नमस्कार क रती है और इसी और भाग रही है लेकिन इस चमत्कार को नमस्कार में दल, कपट, प्रपंच अधिक नजर आता है जो इसके पीदे भागने वाले को समझ में आती है तो वो पश्चाताप करता है जबकी देव गुरु धर्म की साधना, आराधना और इसके प्रति दृंढ श्रध्दा रखो चमत्कार के साक्षात दर्शन होंगे।
उक्त उद्गार साध्वी मधुबाला जी ने आज अपने प्रवचन में कहे उन्होने कहा की कई बार पढ़ा सुना की सोना दुगना, नोट दुगने करने का चमत्कार बताने वालों के चक्कर में व्यक्ति आकर सबकुछ लुटा जाता है अगर ऐसा होता तो करने वाला खुद अपने घर में क्यों नहीं करता लेकिन कोई समझे तब ना। जब लुटा जाता है जब पश्चाताप करता है ऐसे चमत्कारों के पीछे मत भागो जहाँ सच्चा चमत्कार है वहाँ जाते नहीं हो। नवकार मंत्र के बारे में महाराजश्री ने बताया कि यह सब मंत्रों में श्रेष्ठ सिध्द मंत्र है। इसी मंत्र की महिमा थी कि सुली सिंहासन बन गया था उन्होने कहा कि धर्म मन, वचन, काया को शुध्द बना देता है धर्म अगर जीवन में नहीं उतर रहा है तो सब बेकार है।
पूय साध्वी सुनीता जी ने अपने प्रवचन में कहा कि नवकार मंत्र के पाँच पद हैं अरिहंत, सिध्द, आचार्य, उपाध्याय और साधु अरिहंत पापों से मुक्त है सिध्द कर्मों से मुक्त हैं एवं आचार्य, उपाध्याय एवं साधु हमारे लिये प्रत्यक्ष, पूयनी, वंदनीय इष्ट हैं। इसी प्रकार नवकार मंत्र सभी मंत्रों में श्रेष्ट मंत्र है। आज हम कुछ भी करते हैं तो यह इच्छा रखते हैं आज किया और कल ही इसका मुझे फल मिल जाये लेकिन बताये आम खाने के लिये इंतजार करना पड़ता है पेड़ लगाते ही आम नहीं लग जाते हैं वहीं दूसरी और बबुल का पेड़ है जिसमें बहुत जल्दी कांटे आ जाते हैं अर्थात श्रेष्ठ फल पाने के लिये आम की तरह लम्बा इंतजार करना पड़ता है।
फल पाना है तो धीरज रखना होगा। नवकार मंत्र की आराधना जो श्रावक सच्चे मन से दृंढ श्रध्दा भक्ति और निष्काम भाव से करता है उसे निश्चित श्रेष्ठ फल मिलता है।


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दहेज लोभियों के खिलाफ मामला दर्ज

सीहोर 19 जुलाई (नि.प्र.)। ससुराल वालों द्वारा दहेज की मांग को लेकर दी जाने वाली प्रताड़ना से तंग आकर एक विवाहिता ने थाना कोतवाली सीहोर में रिर्पोट दर्ज कराई है। शिवनगर कालोनी निशातपुरा भोपाल निवासी 26 वर्षीय संध्या विश्वकर्मा का विवाह 03.05.06 को सल्वेंट प्लांट सीहोर निवासी संजय विश्वकर्मा के साथ हुआ था।
बताया जाता है शादी के बाद से लगातार संध्या को उसका पति संजय एवं ससुर रामसागर,तथा सास यशोदा दहेज में दो लाख रूपये और एक मोटर सायकल आने तथा अन्य बातों को लेकर प्रताड़ित करने लगे,इस प्रताड़ना से तंग आकर संध्या ने कोतवाली थाने में रिर्पोट दर्ज कराई पुलिस ने पति संजय सहित ससुर राम सागर,सास यशोदा के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया हैं।

दो के झगड़े में तीसरे का फायदा
आष्टा 19 जुलाई (नि.प्र.)। जब भी दो लड़ते हैं तो निश्चित उसका फायदा तीसरे को मिल जाता है। ऐसा ही कुछ वन विभाग में हुआ है की चर्चा हैं। आष्टा वन विभाग में वन परिक्षेत्राधिकारी के रुप में दो रेंजर ए.के. सिंह एवं विनोद वर्मा जी जान से लगे थे दोनो एक दूसरे को खो देने में लगे थे लेकिन फुरसत को खबर मिली है कि इन दोनो के झगड़े में तीसरे का फायदा हो गया है। खबर है कि अब आष्टा वन विभाग में वन परिक्षेत्राधिकारी के रुप में भोपाल से अशोक जैन को आष्टा भेजा जा रहा है। आपुष्ट खबर है कि कल अशोक जैन के नाम को हरि झण्डी मिल गई है।


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जीप पलटी ड्रायवर सहित सात घायल

सीहोर 19 जुलाई (नि.सं.)। रेहटी थाना अर्न्तगत हुये एक सड़क हादसे में ड्रायवर सहित सात लोग घायल हो गये। पुलिस ने जीप चालक के विरूद्ध प्रकरण कायम कर लिया हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोविन्द्र पुरा भोपाल निवासी जयसिंह आ.शेर सिंह ठाकुर17 साल अपने दोस्त आशीष,महिपाल सिंह,लक्ष्मण सिंह, सुशील,अफजल खां, विगनेश के साथ जीप एमपी-04-एए-3916 से भोपाल से सलकनपुर आ रहे थें कि जीप चालक ने वाहन तेजगति एवं लापरवाही से चलाकर गत दिवस शाम चार बजे बोरी एवं सेमरी के मध्य पलट दी परिणामस्वरूप उसमें सवार सभी को चोट आने से भोपाल रिफर किया गया। रेहटी पुलिस ने जयसिंह कि रिर्पोट पर जीप चालक के विरूद्ध प्रकरण कायम कर लिया है।
इसी प्रकार थाना जावर क्षेत्र में आज सुबह भोपाल से इंदोर जा रही बस क्रमांक एमपी-09-एफए-0377 तथा ट्रक क्रमांक एमपी-09-एचएफ-5096 में आमने सामने की भिंडत हो गई जिसमें ट्रक ड्रायवर आजाद आ.इस्माईल खॉ 32 साल निवासी टीकमगढ़ को साधारण चोट आई तथा बस के ड्रायवर हरपाल सिंह आ.महराजसिंह निवासी सागर को एवं क्लीनर तथा 5-6 अन्य सवारियों को मामूली चोट आई। वही अन्य सड़क दुर्घटना में आज सुबह ट्रक क्रमांक एमपी-09एसी-0787 के चालक लक्ष्मीनारायण ने ट्रक को तेजगति एवं लापरवाही से चलाकर मेहतवाडा के समीप स्थित नेवज नदी के पुल से नीचे गिरा दिया।
परिणामस्वरूप ड्रायवर लक्ष्मी नारायण को गंभीर चोट आने से इलाज हेतु सीहोर रेफर किया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सभी मामले कायम कर लिये हैं।


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कस्बे में हुए नलकूप खनन की फाईलें पूर्ण आज-कल में राकेश राय भुगतान के लिये करेंगे हस्ताक्षर?

सीहोर 19 जुलाई (नि.सं.)। जल संकट के समय अनेक स्थानों पर नलकूप खनन हुए थे इनमें से सर्वाधिक संदिग्ध नलकूप कस्बा क्षेत्र में कुछ स्थानों पर माने गये थे। यह लगातार कहा जा रहा था कि यहाँ बिना फाईलें बने और परिषद की मंजूरी के बिना खनन किया गया है।
इस संदर्भ में एसडीएम द्वारा मामले पर नाराजगी भी व्यक्त किये जाने की बात सामने आई थी।
नगर पालिका सूत्रों यदि मानी जाये तो अब धीरे-धीरे सारे कार्यों की फाईलें बनती जा रही हैं और हस्ताक्षर भी नित्य हो रहे हैं। ऐसी ही कस्बाई क्षेत्र के अधिकांश नलकूपों के खनन के बाद की फाईले भी पूर्ण हो चुकी हैं आडिट तक पहुँच चुकी हैं और सिर्फ हस्ताक्षर हो जायें इसके प्रयास युध्द स्तर पर किये जायेंगे।
हो सकता है ऐसी फाईले अध्यक्ष राकेश राय आज-कल में हस्ताक्षर भी कर दें और लाखों रुपये के नलकूप खनन का भुगतान हो जाये। यह भी हो सकता है कि हस्ताक्षर रोक दिये जायें जिस एक बार फिर कुछ पार्षदों द्वारा अध्यक्ष का विरोध अथवा कुछ नई विरोध रणनीति बनाई जाये। देखते हैं इस बार क्या होता है।


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रेंजर विहिन रेंज के अधिनस्थों के मजे लकड़ी पकड़ कर छोड़ो और मजे लो

आष्टा 19 जुलाई (नि.प्र.)। इन दिनो आष्टा का वन विभाग अनाथ हो गया है इसका कौन नाथ है यह अभी तय नहीं है इसका पूरा फायदा वन विभाग के अधिनस्थ भरपूर जेबे गरम कर उठा रहे हैं। जब से वन विभाग आष्टा में रेंजर पद को लेकर शह और मात का खेल चल रहा है। अधिनस्थों के मजे हो गये हैं।
अभी तक कोर्ट के स्टे पर श्री सिंह रेंजर के पद पर आष्टा में पदस्थ थे स्टे की अवधि खत्म होते ही मौके की तलाश में बैठे विनोद वर्मा ने अपना आदेश आष्टा का कराकर वाईन करके चले गये। अब ना ही विनोद वर्मा आष्टा में है और ना ही श्री सिंह को यह आदेश मिले हैं कि उनको कहा जाना है वैसे अभी भी सिंह आष्टा की इच्छा पाले हैं। इन रेंजरों के झगड़े में अधिनस्थों के मजे हो गये हैं वे आरा मशीनों पर से सेवा शुल्क ला रहे हैं और मजे ले रहे हैं। कई तो लकड़ी चोरों से जेब गरम कर मजे लूट रहे हैं। कुछ तो रोजाना घूम कर लकड़ी चोरों को पकड़ कर उनसे हाथों की खुजाल मिटवा कर उन्हे खुला छोड़ रहे हैं।
खबर है कि 13 जुलाई को एक छोटे कर्मचारी ने अपने सहयोगी के साथ एक मोटर साईकिल जिस पर लकड़ी चोर सागोन ला रहे थे को घर पकड़ा ओर बाद में उससे अपने मन माफिक चर्चा होने पर छोड़ दिया। कुछ कर्मचारी तो लकड़ी चोरों को लकड़ियों के साथ पकड क़र मौके पर ही छोड़कर खुशी-खुशी कार्यालय आ जाते हैं। वहीं जो कम वन विभाग को करना चाहिये वो काम आष्टा पुलिस को करना पड़ रहा है। खबर है कि गत दिवस पुलिस ने एक मोटर साईकिज जिस पर 2-3 लोग सवार थे और सागौन की लकड़ी ले जा रहे थे को पकड़ा बाद में उक्त प्रकरण पुलिस ने वन विभाग को सौंपा है वहीं एक बार पुन: वन विभाग के लिये सोना उगलने वाला सिध्दिकगंज क्षेत्र चर्चा में है।
खबर है कि महिनों पूर्व जो जंगल रातों रात कट गया था उसे बड़ी मेहनत से कर्मचारियों ने पुन: हरा भरा करने के लिये कटे पेड़ों की ड्रेसिंग कर पनपाया था उन्हे भू-माफियाओं ने काटकर उस जगह वार बोकर अतिक्रमण कर लिया है। इसमें भी क्षेत्र के वन विभाग के लोगों के साथ इस क्षेत्र के दलालों का पूरा हाथ माना जा रहा है। क्या वन विभाग के जिला अधिकारी इस अनाथ रेंज के बारे में कुछ सोचेंगे।


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सार्वजनिक प्याऊ में पानी नहीं डाल रही नगर पालिका

सीहोर 19 जुलाई (नि.सं.)। यूँ तो नगर भर में कई सार्वजनिक प्याऊ हैं जो नगर पालिका की अव्यवस्था के कारण खत्म सी हो गई हैं लेकिन कुछ लोग आज भी प्याऊ बनवा रहे हैं।
ऐसी ही एक प्याऊ का सब्जी मण्डी के पास स्थित सिध्द हनुमान मंदिर में बड़े स्तर पर बनवाई गई है। इसी ग्रीष्म ऋतु में विधायक रमेश सक्सेना द्वारा इसका उद्धाटन भी किया गया जहाँ बड़ी संख्या में लोग शुध्द पेयजल के लिये आते हैं यहाँ एक शीतल जल यंत्र भी लगाया गया है।
लेकिन नगर पालिका इस प्याऊ के लिये टैंकर से पानी भेजने को तैयार नहीं रहती। इस सार्वजनिक प्याऊ पर नगर पालिका यदि नियमित टैंकर से पानी भेजती रहे तो निश्चित ही यहाँ सेकड़ो लोगों के प्यास बुझती है। लोग यहाँ बिना के निराश होकर लौट जाते हैं। मंदिर समिति ने नगर पालिका अध्यक्ष से मांग की है कि वह मंदिर में एक टैंकर पानी डलवाने की व्यवस्था करें।


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