Sunday, July 20, 2008

हिरणों की धमा चौकड़ी से किसान परेशान खेतों में खड़ी फसल को कर रहे हैं नष्ट

आष्टा 19 जुलाई (नि.प्र.)। इन दिनो खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसल जो की लगभग 1 माह की होकर योवन अवस्था में पहुँच गई है लेकिन खाचरौद, बड़लिया बरामद, झीकड़ी व आसपास के ग्रामों के किसानों की जमीन में बोया गया सोयाबीन की फसल को इस क्षेत्र के हिरणों के झुण्ड मचा-मचाकर नष्ट कर रहे हैं।
खाचरौद के युवा कृषक अखलेश जैन ने फुरसत को बताया कि उनका खेत जो की पटवारी हल्का नं. 49 में आता है।
उन्होने सोयाबीन बोया है खेतों में खड़ी उक्त सोयाबीन की फसल को दिन रात जंगल से विचरण कर आने वाले हिरणों के झुण्ड खेतों में धमा चौकड़ी मचा कर सोयाबीन की उक्त फसलों को नष्ट कर रहे हैं। आसपास के ग्रामों के सैकड़ो किसानों के यहाँ खेत है। उनकी फसलों को भी ये हिरण मचा -मचा कर नष्ट कर रहे हैं हम सभी किसान परेशान है जैन ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि हिरणों ने जो फसल नष्ट की उसका सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाये।


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मुआवजे से वंचित किसानों ने ज्ञापन सौंपा

जावर 19 जुलाई (नि.प्र.)। गुरुवार को हल्का नं. 8 के किसानों ने जिनको पाले से हुए नुकसान की अभी तक राशि नहीं मिली उन्होने कलेक्टर के नाम तहसीलदार एमडी शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा व पात्र किसानों को मुआवजा राशि दिलवाने की मांग की। किसानों ने ज्ञापन में चेतावनी भी दी कि मुआवजे से वंचित किसानों की समस्या का सात दिवस में निराकरण नहीं किया गया तो हम सभी किसान टप्पा कार्यालय के सामने धरना आंदोलन शुरु कर देंगे जिसकी जबावदारी प्रशासन की होगी।
कृषक विजेन्द्र सिंह ने बताया कि इस वर्ष अधिक ठंड व पाला पढ़ने से चने गेहूँ का फसल 80 से 90 प्रतिशत तक जल गई थी उसके बाद क्षेत्र के किसानों ने नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग उठाई थी। प्रशासन द्वारा सर्वे भी कराया गया व नुकसान की राशि भी किसानों को दी लेकिन टप्पा क्षेत्र के कुछ हल्का पटवारियों द्वारा सर्वे कार्य में काफी भेदभाव किया गया जिसका नतीजा यह हुआ कि कई किसानों के खेतों का सर्वे ही नहीं किया गया जिस कारण मुआवजा राशि नहीं मिल पाई।
श्री सिंह ने बताया कि 12 जून जो मुख्यमंत्री के जावर आगमन पर उनके सामने भी पीड़ित किसानों ने अपनी मांग रखी थी इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि पाला से हुए नुकसान के सर्वे कार्य से छूटे किसानों के खेतों का पुन: सर्वे करवाया जायेगा लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा पर आज तक अमल नहीं हुआ। किसान परेशान होता फिर रहा है। एक अन्य कृषक रुप सिंह ने बताया कि हल्का नं. 8 के किसानों जिनका पाले से नुकसान हुआ है और मुआवजे से वंचित हूँ ने अपने-अपने आवेदन एक माह पूर्व ही टप्पा कार्यालय पर दे चुके हैं लेकिन हमारे आवेदनों पर आज तक कोई कार्यवाही नही हुई है। इस कारण हम पीड़ित किसानों ने गुरुवार को पुन: मुआवजा राशि दिलवाने के लिये ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा ज्ञापन की प्रति प्रदेश के मुख्यमंत्री राजस्व मंत्री प्रभारी मंत्री, क्षेत्रीय विधायक अनुविभागीय अधिकारी को भी भेजी है।
ज्ञापन सौंपने वालों में विजेन्द्र सिंह, कमल सिंह, करण सिंह, देवी प्रसाद, मांगीलाल, फूल सिंह, विक्रम सिंह, सूरज सिंह, गंगाराम आदि।



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क्षेत्र में चंदन चोर गिरोह सक्रिय

जावर 19 जुलाई (नि.प्र.)। इन दिनों क्षेत्र में चंदन चौर गिरोह सक्रिय हे जो पेड़ काटकर कर ले जा रहे है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिति रात नगर के कृषक हिम्मत सिंह के खेत की मेढ पर चंदन के दो पेड़ अज्ञात चौर काट कर ले गये। चंदन काटने की शिकायत कृषक द्वारा लिखित में पुलिस को दे दी गई है।
हिम्मत सिंह ने बताया कि क्षेत्र में लम्बें समय से चंदन चौर गिरोह सक्रिय है। कारण चंदन के पेड़ अंदर का सार काफी मंहगा बिकता है इस कारण इन चौरों की निगाह चंदन के पेड़ो पर रहती है। इसके पहले भी क्षेत्र से कई चंदन के पेड़ थे चंदन चौर काटकर ले जा चुकें है।

प्रभारी मंत्री के विरोध में युकां ने काले झण्डे दिखा प्रदर्शन किया

आष्टा 19 जुलाई (नि.प्र.)। तहसील चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मिलकर नारे बाजी की एवं काले झण्डे दिखाकर विरोध प्रदर्शित किया। उक्त अवसर पर युवक कांग्रेस जिला समन्वयक जितेन्द्र ठाकुर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष बापू मालवीय,अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ ब्लाब अध्यक्ष समन्वयन देवकरण पहलवान,उक्त विरोध प्रदर्शन प्रदेश युवा कांग्रेस के निर्देशन में किया गया।
इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से उपस्थित बापूलाल मालवीय ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष,जितेन्द्र फूडरा, देवकरण पहलवाल, नरेन्द्र कुशवाह, ठाकुर प्रसाद वर्मा, हर्राजखेडी, संजू पहलवान, गोपाल मेवाड़ा,माखन मालवीय बमूलिया भाटी,मोहन कुशवाह, नन्दू पहलवाल, अशोक कुमार मालवीय, एल. आई.सी. ओम प्रकाश नागदा, छोटू भाई, बाबूलाल सेन खामबैज,राजेन्द्र कुशवाह, बाबू छोटा, विक्रम पोरवाल,जहूर खां मगरखेडी, रसीद खां,गोरे खां मगरखेडी, पन्ना जागड़ा,पवन पहलवान, भैरूजी उपसरपंच, दारापुर,रमेश सिलावद,आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।


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खेत में पानी भरा नहीं रहने दें कीट नियंत्रण के जैविक उपाय अपनाएं

सीहोर 19 जुलाई (नि.सं.)। किसानों को चाहिए कि वे अपने खेत में पानी जमा नहीं होने दे, समय रहते कीट नियंत्रण करें, दवाओं को तय करते समय उपयोग की अंतिम तिथि अवश्य देखें और केशमेमो प्राप्त करें। कीट नियंत्रण के लिए जैविक उपाय करें। कृषि संबंधी किसी भी तरह की समस्या होने पर नियंत्रण कक्ष के दूरभाष मांक 07562-224044 अथवा 1551 पर किसान संपर्क कर सकते हैं।
किसानों को यह समझाइश किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सीहोर द्वारा दी गई है। प्रभारी उप संचालक कृषि श्री एच.आर.प्रभाकर ने बताया कि भारत सरकार के मौसम विज्ञान विभाग भोपाल की जानकारी के अनुसार सीहोर एवं आसपास के क्षैत्रो में आगामी 120 घंटों के दौरान हल्की या मध्यम वर्षा के आसार हैं। मौसम के मद्देनजर किसानों को चाहिए कि वे अपने खेतों में कृषिगत निंदाई-गुड़ाई कराएं। कृषि विभाग द्वारा सोयाबीन फसल में ब्लू बीटल, हेमीलूपर, गर्डिल बीटल एवं रस चूसने वाले कीटों के प्रकोप की संभावना व्यक्त करते हुए इनके नियंत्रण की सलाह दी गई है। किसानों को सामयिक सलाह में बताया है कि यदि पत्तियां खाने वाली इल्लियों का फसल में प्रकोप होता है तो क्विनालफॉस 25 ईसी अथवा क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी डेढ़ लीटर प्रति हेक्टेयर के मान से 600 से 700 लीटर पानी में मिलाकर इस घोल का छिडकाव करें। ब्लू बीटल कीट के प्रकोप होने पर मिथाइल पैराथियॉन दो प्रतिशत या क्विनालफॉस डेढ़ प्रतिशत पावडर 20 से 25 किलोग्राम प्रति हेक्टर के अनुसार भुरकाव करें। इसी तरह फसल में रस चूसक कीट की मौजूदगी होने पर इथियॉन या मेटासिस्टॉक्स 30 ईसी की डेढ़ लीटर मात्रा 600 से 700 लीटर पानी में मिलाकर छिडकाव करने से इस कीट पर नियंत्रण किया जा सकता है। इन दवाओं का पहला छिडकाव फसल के 25-30 दिन में एवं दूसरा छिडकाव 40-45 दिन की अवस्था में अवश्य करना चाहिए।
खरपतवारों पर नियंत्रण
खरपतवारों के नियंत्रण के संबंध में किसानों को सलाह दी गई है कि खेतों में निदाई - गुड़ाई के कार्य को प्राथमिकता से किया जाना चाहिए जिससे खरपतवार को खेत से बाहर किया जा सके। खरपतवार के रासायनिक नियंत्रण के लिए क्विजेलोफाप इथाइल उपयुक्त है। किसान इस दवा की एक लीटर मात्रा को 500 से 600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टर के मान से छिडकाव करें।
कीट नियंत्रण के जैविक उपाय
कीट नियंत्रण के लिए रासायनिक दवाओं के अलावा किसानों को जैविक उपाय भी अपनाना चाहिए। इसके लिए रात्रि के समय खेत के आसपास प्रकाश प्रपंच लगाएं। साथ ही टी आकार की लक ड़ी पक्षियों के बैठने के लिए लगाएं। प्रति एकड़ में 8 से 10 की संख्या में टी आकार की लक ड़ी खेतों में गाड़े जिस पर पक्षी बैंठेगे और इनसे इल्लियों पर नियंत्रण होगा। इसके अतिरिक्त खेतों में नीम आधारित रसायनों के छिड़काव से कीटों की रोकथाम के साथ साथ प्रदूषण को रोकने में भी मदद मिलेगी।
दवाओं को खरीदते समय सावधानी रखें
बाजार से य की जाने वाली दवाओं को खरीदते समय किसानों को सावधानी रखना चाहिए। दवाएं लायसेन्स धारी दूकानदारों से ही खरीदी जाना चाहिए और य की गई दवाओं का केश मेमो अवश्य प्राप्त करना चाहिए। दवाई के पैकेट पर अंकित उपयोग करने की अंतिम तिथि को देखकर ही दवाएं खरीदना चाहिए। अधिक जानकारी नियंत्रण कक्ष के दूरभाष मांक 07562-224044 अथवा 1551 पर संपर्क कर प्राप्त की जा सकती हैं।


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Saturday, July 19, 2008

कबाड़ी लड़के चोरी करते पकड़ाये अज्ञात चोर घर की पाईप लाईन खोल ले गये एक वकील के यहाँ घुस रहे चोरों को दूसरे वकील ने रोका

सीहोर 18 जुलाई (नि.सं.)। चोरियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा और चोरों के हौंसले बढ़ते ही जा रहे हैं। कल दो नई उम्र के बच्चे कबाड़ी के रुप में हाथ में ठेला लेकर आये और बकायदा आवाज लगाते हुए एक स्थान पर पहुँचे। वहाँ उन्होने एक घर में पीछे से चढ़कर चोरी का प्रयास किया। दूसरी और एक अन्य अज्ञात चोर शाम ढलते ही सड़क की तरफ से ही पानी की फिटिंग का लगा हुआ लोहे का पाईप खोलकर ले गया। जिसका पाईप गया वो काफी परेशान हो गया, घर की जल व्यवस्था गड़बड़ा गई।
उल्लेखनीय है कि लोहा चोरों को खुले आम संरक्षण देने वाली सीहोर पुलिस के कारण आम जनता को हर दिन चोरों से जूझना पड़ रहा है। चोर-पुलिस साथ होने से जनता बेहाल है। हर दिन 7-8 चोरियाँ लोहे की हो रही है जिसमें नदी चौराहे से एक साईकिल की चोरी होने का नियम सा बन गया है।
कल तो सराय व चकला क्षेत्र से आये दो कबाड़ियों के 14-15 साल के बच्चे अपने साथ हाथ ठेला लाये थे। यह आवाज लगाते हुए चलते रहे और धीरे से मुकेरी लाईन छावनी में पहुँचे। जहाँ वह प्रसिध्द अभिभाषक श्री सिसोदिया के निवास के पास बनी गली में घुस गये। वहाँ उनके हाथ में एक थेला। ठेला उन्होने यहीं एक पीपल के पेड़ से सटा दिया। यह दो लड़के थे एक बड़ी उम्र का लड़का भी आ गया जो कुछ दूरी पर खड़ा हो गया। सिसोदिया जी के मकान के बगल वाली गली सकरी होने से दोनो तरफ के मकानों का सहारा लेकर एक लड़के ने चढ़ना शुरु किया और वह दूसरी मंजिल तक पहुँच गया।
संयोग से इसी मोहल्ले में आगे रहने वाले अभिभाषक अनिल पारे उसी समय यहाँ से निकले तो उन्होने इन्हे चोरी के लिये ऊपर चढ़ते हुए देख लिया। अनिल पारे ने तेज आवाज लगाकर इन चोरों को भगाया तो यह ऐसे भागे की ठेला ही छोड़ गये और करीब 1 घंटे बाद आकर चुपचाप ठेला ले भागे। इस प्रकार एक चोरी तो रुक गई लेकिन यह स्पष्ट हुआ कि कबाड़ियों के लड़के अब चोरी काम धंधा भी कर रहे हैं।
इधर शाम 7 बजे सूरज ढलते ही अंधेरे का लाभ उठाकर कुईया श्री गार्डन से लगी हुई दीवार जो सिलाई सेंटर के सामने है पर प्रसिध्द फोटो ग्राफर राजेन्द्र शर्मा बब्बल गुरु के परिवार की पाईप लाईन दीवार पर लगी थी। जो काफी मजबूती से लगी थी। पानी की पाईप लाईन के लोहे के पाईप यहाँ सायं काल अज्ञात चोरों ने चुपचाप खोले और ले भागे। लोहा चोरी की इस घटना से श्री शर्मा के परिवार को जल वितरण अव्यवस्था से जूझना पड़ा।


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सांईबाबा का चल समारोह निकला, हुआ स्वागत

सीहोर 18 जुलाई (नि.सं.)। आज नगर के प्रमुख मार्गों से सांईबाबा शोभयात्रा निकली। जिसका नगर के अनेक स्थानों पर स्वागत किया गया। सांईबाबा की शोभायात्रा में बड़ी संख्या में भक्त गण उपस्थित हुए।
दोपहर 3 बजे बाद प्रारंभ हुई सांई बाबा मंदिर शोभायात्रा गंज मंदिर से चलते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कोतवाली चौराहा करीब 5 बजे पहुँची। शोभायात्रा में आगे-आगे एक नृत्य करता घोड़ा, उसके पीछे दो ऊंट सवार, पीछे 6 घुड़सवार शामिल थे। इसके पीछे बैण्ड व पीछे डीजे की थाप पर नाचते युवक थे।
इनके पीछे समिति से जुड़े वरिष्ठ नागरिकगण विशेष साफा बांधकर चल रहे थे। कुछ के गले में हार भी थे, सांई बाबा के साथ-साथ इन लोगों को भी लोग हार पहना रहे थे यह लोग भी पहन रहे थे। इनके पीछे बड़ी संख्या में महिलाएं सम्मिलित थीं। जिनमें सिर पर कलश लिये हुए भी महिलाएं चल रही थी। इनके साथ मात्र एक महिला पुलिस लगाई गई थी जबकि नये पुलिस जवान महिलाओं की सुरक्षा में पूरे समय साथ-साथ चलते रहे। शायद आज सारी महिला पुलिस कहीं और व्यस्त थी। इनके पीछे सांई बाबा का सांईनाथ डेकोरेटर्स द्वारा सजाया हुआ आकर्षक रथ था। पीछे दो अन्य रथ भी चल रहे थे।
चल समारोह डॉ मुखर्जी मार्ग मेन रोड से होता हुआ छावनी के गलियों से नमक चौराहा व जगदीश मंदिर से होता हुआ पुन: सांई मंदिर पहुँचा।


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आज कस्बे के अनेक घरों में बनेगा हलुआ, कुछ बांटेंगे भी, आप चाहें तो पहुँच जायें

सीहोर 18 जुलाई (नि.सं.)। जी हाँ धार्मिक क्षेत्र कस्बा में आज अनेक घरों में शुध्द घी का हलुवा बड़ी मात्रा में बनेगा और घर भर के लोग हलुवा खायेंगे। जहाँ यादा बन जायेगा वहाँ प्रसाद के रुप में बांटा भी जायेगा। यदि आप चाहें तो अपने किसी परिचित कस्बाई के यहाँ आज अवश्य पहुँच जायें वह आपको निश्चित शुध्द घी का हलुवा खिलायेगा।
कस्बा की यह परम्परा एक दूसरी परम्परा की देन है। जहाँ भारतीय संस्कृति में पूजन-पाठ और कथाओं का महत्व है वहीं प्रसाद का भी उतना ही महत्व रखा गया है। इसी तारतम्य में आषाढ़ के शुक्ल पक्ष के विगत 15 दिन और आज पूर्णिमा तक पूरे कस्बा में हर दिन आधा से एक दर्जन घरों में भगवान श्री सत्तनारायण जी कथा हो रही थी। यह तो एक बात रही दूसरी विशेषता क स्बा क्षेत्र में और है वह यह कि जो कथा कराता है उसके यहाँ आधा-एक किलो प्रसाद नहीं बल्कि करीब 40 से 50 किलो प्रसाद बनाया जाता है। अब जब हर दिन 8-10 जगह कथा होगी और हर जगह 40-50 किलो प्रसाद बांटा जायेगा तो अंदाज लगा सकते है कि कितना खुलकर और बड़ी मात्रा में कथा में आने वाले भक्तों को प्रसाद दिया जाता है। हर दिन इतना प्रसाद कथाओं से बंटता है कि लगभग प्रतिदिन 1 किलो एक घर में प्रसाद चला जाता है। जिन घरों में बच्चे यादा है, अथवा सदस्यों की संख्या अधिक है वहाँ हर दिन 3-4 किलो प्रसाद तक एकत्र होता है।
अब यह तो नहीं हो सकता कि किसी भक्त के यहाँ एक दिन पहले का प्रसाद रखा है इसलिये आज हो रही कथा का वह प्रसाद नहीं लेगा। कस्बे में भक्ति का स्वरुप ही बड़ा निराला है। सो हर दिन भक्तजन कथा में भी पहुँचते हैं और जमकर प्रसाद भी लेते हैं। और फिर जब आज पूर्णिमा के दिन कथा उत्सव समाप्त हो जाता है तो पता चलता है कि घरों-घर कई किलो सत्तनारायण भगवान का शुध्द घी का आटे की पंजीरी वाला प्रसाद एकत्र हो गया है। अब इतना अधिक प्रसाद जो विगत 15 दिन से अनवरत लाया जा रहा था उसे भक्त जन आखिर करें तो क्या करें ? और खायें भी कितना खायें। इस मजबूरी में अधिकांश लोग एक म के दिन इस प्रसाद का हलुवा बना लेते हैं। हलुवा भी इतनी बड़ी मात्रा में बनता है कि फिर जो भी उन्हे नजर आता है उसे हलुवा खिलाये बिना नहीं छोड़ा जाता। चाहे वो ना भी खाना चाहे लेकिन बड़े प्रेम से, पूरे सत्कार से उसके किसी भी तरह मनाकर, घर तक ले जाते हैं और उसे हलुवा अवश्य खिलाते हैं। तो अब यदि आप भी आज हलुवा खाना चाहें तो प्रसाद के रुप में ही सही, अपने किसी परिचित कस्बाई को अवश्य ढूंढ लें। एक-दो बड़े परिवार वाले (जैसे वो एक भाजपा नेता का परिवार)जिनके यहाँ यादा ही प्रसाद एक त्र हो जाता है निश्चित ही आज न सिर्फ घर से बल्कि दुकान तक ले जाकर हलुवा अपने मित्रों को खिलायेंगे।


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अब अगर हिन्दु देवी-देवता का उपहास उड़ाया तो परिणाम भुगतने को तैयार रहे

आष्टा 18 जुलाई (नि.प्र.)। कभी भारत माता की जय नहीं बुलवाने कभी स्कूल बेग को लेकर कभी राष्ट्रगान को लेकर चर्चाओं में रहे स्थानीय पुष्प विद्यालय अब गत दिवस विद्यालय में आयोजित असेंबली में एक नाटक मंचन में हिन्दुओं के आराध्य देव भगवान श्रीराम सीताजी, द्रोपदी जी को इस प्रकार प्रस्तुत करना जिससे यह स्पष्ट लग रहा था की उक्त नाटक मंचन के माध्यम से उनका उपहास उडाकर उनकी गरिमा मान मर्यादा को कम किये जाने का प्रयास है इसको लेकर आष्टा के हिन्दु संगठनों में भारी रोष व्याप्त है वहीं चर्चा यहाँ तक है कि उक्त क्रिया के बदले कहीं ना कहीं कोई कड़ी प्रतिक्रिया भी हुई है।
कल संदीप जैन एवं गोपाल दास राठी के हस्ताक्षर से स्थानीय प्रेस को एक विज्ञप्ति जारी की गई जिस पर राजेन्द्र सोलंकी, उमेश शर्मा, दिलीप महांकाल, मनोहर साहू, सतीश रावत, दिनेश सोनी, देवानंद भोजवानी, गोलू सोनी, सुरेन्द्र भाटी, श्याम सिलोदिया, जगदीश खत्री, मनोज यादव, सतीश राठी आदि ने निंदा की है।
जारी उक्त विज्ञप्ति में पुष्प विद्यालय प्रबंधकों को हिन्दु संगठनों की और से खुली चेतावनी दी है कि गत दिवस विद्यालय से असेंबली के दौरान रामायण-महाभारत के दृश्यों का मंचन जो किया गया जो फूहड़ और भद्दे ढंग से किया गया। दृश्य मंचन में श्रीराम जी, सीताजी, द्रोपदी जी को इस ढंग से प्रस्तुत किया जिससे ऐसा लग रहा था कि इनकी गरिमा को कम करने की कोशिश की गई है। आष्टा नगर के सभी हिन्दु संगठनों ने इसको लेकर निंदा कर पुष्प विद्यालय प्रबंधकों को चेतावनी दी है कि विद्यालय इसे अपनी पहली और आखरी गलती माने इसके बाद कभी भी विद्यालय ने बहुसंख्यक समाज के किसी भी देवी देवता को लेकर कोई भी आपत्तिजनक कार्य किया करवाया तथा भारतीय संस्कृति पर किसी भी प्रकार की चोंट पहुँचाने का प्रयास किया तो सहन नहीं किया जायेगा।
वैसे इस संबंध में फुरसत को अभी तक विद्यालय प्रबंधन की और से उनका कोई मत या प्रेस नोट प्राप्त नहीं हुआ है लेकिन खबर है कि विद्यालय प्रमुख ने इस संबंध में कुछ ना कुछ कहा जरुर है फुरसत को विद्यालय प्रमुख के मत का इंतजार है।


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लिपिकों की अनिश्चित हड़ताल जारी मीना श्रीवास्तव कर रहीं परेशान

सीहोर 18 जुलाई (नि.सं.)। प्रांतीय संघ के आव्हान पर सीहोर जिले में मध्य प्रदेश शासकिय लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ द्वारा 11 जुलाई से अनिश्चित कालीन हड़ताल प्रारंभ की गई जो आज आठवें दिन भी जारी रही। जिले के लिपिक वर्गीय कर्मचारियों द्वारा वरिष्ठ कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम पारीक, अध्यक्ष म.प्र. लिपिक वर्गीय शासकिय कर्मचारी संघ सीहोर का जिले में शत प्रतिशत हड़ताल रहने पर एवं उनके भरसक प्रयासों के अनुरुप आज 18 जुलाई को शाल एवंश्रीफल पुष्प मालाओं से सम्मान किया गया। पारीक द्वारा म.प्र. शासन से सात सूत्रीय मांगों का निराकरण किये जाने की अपील की गई।
उपसंचालक पंचायत एवं सामाजिक न्याय श्रीमति मीना श्रीवास्तव द्वारा अनावश्यक रुप से उनके अधिनस्थ कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के विरोध में हड़ताली कर्मचारियों द्वारा उनके खिलाफ नारेबाजी की गई। जिले के कर्मचारियों द्वारा उन्हे आगाह किया गया कि अनावश्यक कर्मचारियों को प्रताड़ित नहीं किया जावे अन्यथा उनके विरुध्द उग्र आंदोलन किया जायेगा। पूर्ण जिले के लिपिकीय कर्मचारी इस आंदोलन से पूरे तरह से जुड़ गये हैं इसके लिये संघ उनका आभारी है। कार्यालयों में फाईलों का एवं डाक का अंबार लगा हुआ है। प्रांतीय स्तर पर मांगों के निराकरण किये जाने हेतु शान से लगातावर वार्ता जारी है तथा शासन लंबित प्रांतीय अनिश्चित कालीन हड़ताल की जा रही है वह मांग लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के वतन विसंगति की मांग स्वीकृत किये जाने का मुख्य कारण है जब तक उक्त मांग शासन स्वीकृत नहीं करता तब तक हड़ताल जारी रहेगी। मध्य प्रदेश शासकिय लिपिक वर्गीय कर्मचारी जिला शाखा के समस्त कर्मचारी गण पुरुषोत्तम पारीक, अध्यक्ष म.प्र.शासन लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ जिला स्टेनो संघ के अध्यक्ष नवनीत दुधे, जे.बी. सिंह, पुरुषोत्तम राय, वी.एम. वर्मा, अशोक माथुर, बी.एस.पेठारी, लखनलाल घावरे, राजेन्द्र मिश्रा, नरेन्द्र शर्मा, भगवानदास पारीक, पी.एस. परमार, आर.एस. खरे, सुन्दर राठौर, दिलीप राठौर, देवेन्द्र चौहान, ओ.पी. शर्मा, लखन दिसावरी, दिनेश जोशी, भानू सक्सेना, राजवीर सिंह, एन.एस. परमार, अरुण सक्सेना, रमेश कारपेंटर, डी.के. जैन, रामदीन मालवीय, बी.एल. पुष्पद, राजेन्द्र गाँधी, मुकेश शर्मा, जितेन्द्र वर्मा आदि सम्मिलित हैं। अनिश्चित कालीन हड़ताल में सीहोर जिले के वाहन चालक कर्मचारियाें द्वारा समर्थन दिया गया है।


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गल चौराहे पर राठौर के मकान में आग लगने से भारी नुकसान हुआ

आष्टा 18 जुलाई (नि.प्र.)। आज सुबह आष्टा नगर के गल चौराहे क्षेत्र में बाबा रामदेव मंदिर के पास रहने वाले घीसीलाल राठौर के मकान में आग लग जाने से काफी नुकसान हो गया। समय पर सूचना मिलते ही नगर पालिका की फायर ब्रिगेड घटना स्थल पर पहुँची और आग बुझाने के कार्य में जुटी आसपास के लोगों ने भी आग बुझाने के कार्य में भरपूर सहयोग किया परिणाम स्वरुप बड़ी घटना टल गई फिर भी आग लगने से एवं फेंके गये पानी से घीसीलाल के यहाँ काफी नुकसान हो गया। आग को अगर समय पर काबू नहीं किया जाता तो घर में जो मीठा तेल, कंजी का तेल आदि भरा था वो आग को और फैला देता। आग में तेल का तो काफी नुकसान हुआ साथ में घर के कपड़े, भरे टाट के बोरे आदि जल गये और गीले हो गये। आग पर 1 घंटे में काबू पाया जा सका। आग लगने की खबर लगते ही आसपास के सैकड़ो लोग घटना स्थल पर पहुँच गये।

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जहरीला पदार्थ का सेवन से उपचार के दौरान मौत

सीहोर 18 जुलाई (नि.सं.)। थाना मण्डी क्षेत्रान्तर्गत आने वाले ग्राम गुड़भेला निवासी 40 वर्षीय ग्रामीण तथा ग्राम कराडिया भील निवासी 30 वर्षीया एक युवक की जहरीला पदार्थ का सेवन करने से उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है।
मण्डी थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम गुड़भेला निवासी रामचरण पुत्र जगन्नाथ उम्र 40 वर्ष तथा ग्राम कराड़िया भील निवासी आत्माराम पुत्र रामप्रसाद उम्र 30 ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था।
रामचरण को उपचार हेतु हमीदिया अस्पताल भोपाल में तथा आत्माराम को उपचार के लिये जिला चिकित्सालय सीहोर में भर्ती कराया गया था जहाँ पर दोनो की उपचार के दौरान मौत हो गई।


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लोग बूंद-बूंद पानी के लिये इधर उधर भटकने को मजबूर

जावर 18 जुलाई (नि.प्र.)। नगर सहित क्षेत्र में जल संकट का दौर जारी है। इस कारण लोगों को पीने के पानी के लिये इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जल संकट में बिजली कटौती भी रोडा बनी हुई है। जिस नगर पंचायत ने पूरी गर्मी अपने सीमित संसाधनों के बावजूद जल वितरण व्यवस्था सुचारु रुप से चलाई थी, लेकिन बरसात के महिने में लोगों को ठीक से पानी नहीं मिल पा रही है इस समय नगर में एक दिन छोड़कर तो कई वार्डों में दो दिन छोड़कर पानी पहुँच रहा है वह भी मात्र 25 से 30 मिनिट इतने कम समय में तो कई लोगों का पानी तक नहीं भरा पाता है ।
मवेशियों को पीने का
पानी नहीं मिल रहा है
स्त्रोतों में भी पानी बढ़ने के बजाय दिन प्रतिदिन घट रहा है। कई जल स्त्रोतों तो जो पूरी गर्मी ठीक से चले वह अब रुक-रुक कर पानी देने लगे हैं। वार्ड नं. 6 के हिम्मत सिंह ने बताया कि हमारे वार्ड में तो ठीक से पानी ही नहीं आता। वार्ड के लोग पानी के लिये इधर-उधर भटकते फिरते हैं। लोगों का कहना है कि यदि कुछ दिन और यही स्थिति रही तो नगर में पानी का गंभीर संकट पैदा हो जायेगा। नगर पंचायत अधिकारी राहुल शर्मा ने बताया कि गर्मी के मौसम में जिन किसानों के टयूबवेल अधिग्रहण किये थे उनकी समयावधि पूरी होने के बाद और किसानो ने खेतों में बुआई कर दी है। इस कारण वहाँ से पानी लाना बंद हो गया है। नगर पंचायत के जल स्त्रोत हँ उनसे ही जैसे-तैसे काम चला रहे हैं। अभी 25 से 30 मिनिट नल एक दिन छोड़कर दिये जा रहे हैं बिजली कटौती के कारण भी थोड़ी परेशानी आती है।
खजूरिया में भी जल
संकट बरकरार
नजदीकी ग्राम खजूरिया में भी समय गंभीर जल संकट छाया हुआ है पंचायत के सभी जल स्त्रोत सूख चुके हैं ग्राम के मोहन पाटीदार ने बताया कि इस समय ग्राम के लोग बूंद-बूंद पानी के लिये इधर उधर भटकते फिर रहे हैं। कुछ निजी टयूबवेल जो गांव की सीमा से लगे हैं उन पर से पानी लाते हैं लेकिन गांव में बिजली नहीं रहती है जब यादा परेशानी आती है।


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आग से जली विवाहिता की मौत

सीहोर 18 जुलाई (नि.सं.)। थाना सिध्दिकगंज अन्तर्गत आने वाले ग्राम गोवन्दि पुरा निवासी एक 35 वर्षीय विवाहिता की आग से जलने के कारण उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिध्दिकगंज थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम गोविन्दपुरा निवासी बाबुलाल अजा. की 35 वर्षीय पत्नि समुन्दर बाई गत 30 जून को अपने ससुराल में आग से जल गई थी जिसे उपचार हेतु एम.वाय अस्पताल इन्दौर में भर्ती कराया गया था जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।


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