Saturday, July 19, 2008

आज कस्बे के अनेक घरों में बनेगा हलुआ, कुछ बांटेंगे भी, आप चाहें तो पहुँच जायें

सीहोर 18 जुलाई (नि.सं.)। जी हाँ धार्मिक क्षेत्र कस्बा में आज अनेक घरों में शुध्द घी का हलुवा बड़ी मात्रा में बनेगा और घर भर के लोग हलुवा खायेंगे। जहाँ यादा बन जायेगा वहाँ प्रसाद के रुप में बांटा भी जायेगा। यदि आप चाहें तो अपने किसी परिचित कस्बाई के यहाँ आज अवश्य पहुँच जायें वह आपको निश्चित शुध्द घी का हलुवा खिलायेगा।
कस्बा की यह परम्परा एक दूसरी परम्परा की देन है। जहाँ भारतीय संस्कृति में पूजन-पाठ और कथाओं का महत्व है वहीं प्रसाद का भी उतना ही महत्व रखा गया है। इसी तारतम्य में आषाढ़ के शुक्ल पक्ष के विगत 15 दिन और आज पूर्णिमा तक पूरे कस्बा में हर दिन आधा से एक दर्जन घरों में भगवान श्री सत्तनारायण जी कथा हो रही थी। यह तो एक बात रही दूसरी विशेषता क स्बा क्षेत्र में और है वह यह कि जो कथा कराता है उसके यहाँ आधा-एक किलो प्रसाद नहीं बल्कि करीब 40 से 50 किलो प्रसाद बनाया जाता है। अब जब हर दिन 8-10 जगह कथा होगी और हर जगह 40-50 किलो प्रसाद बांटा जायेगा तो अंदाज लगा सकते है कि कितना खुलकर और बड़ी मात्रा में कथा में आने वाले भक्तों को प्रसाद दिया जाता है। हर दिन इतना प्रसाद कथाओं से बंटता है कि लगभग प्रतिदिन 1 किलो एक घर में प्रसाद चला जाता है। जिन घरों में बच्चे यादा है, अथवा सदस्यों की संख्या अधिक है वहाँ हर दिन 3-4 किलो प्रसाद तक एकत्र होता है।
अब यह तो नहीं हो सकता कि किसी भक्त के यहाँ एक दिन पहले का प्रसाद रखा है इसलिये आज हो रही कथा का वह प्रसाद नहीं लेगा। कस्बे में भक्ति का स्वरुप ही बड़ा निराला है। सो हर दिन भक्तजन कथा में भी पहुँचते हैं और जमकर प्रसाद भी लेते हैं। और फिर जब आज पूर्णिमा के दिन कथा उत्सव समाप्त हो जाता है तो पता चलता है कि घरों-घर कई किलो सत्तनारायण भगवान का शुध्द घी का आटे की पंजीरी वाला प्रसाद एकत्र हो गया है। अब इतना अधिक प्रसाद जो विगत 15 दिन से अनवरत लाया जा रहा था उसे भक्त जन आखिर करें तो क्या करें ? और खायें भी कितना खायें। इस मजबूरी में अधिकांश लोग एक म के दिन इस प्रसाद का हलुवा बना लेते हैं। हलुवा भी इतनी बड़ी मात्रा में बनता है कि फिर जो भी उन्हे नजर आता है उसे हलुवा खिलाये बिना नहीं छोड़ा जाता। चाहे वो ना भी खाना चाहे लेकिन बड़े प्रेम से, पूरे सत्कार से उसके किसी भी तरह मनाकर, घर तक ले जाते हैं और उसे हलुवा अवश्य खिलाते हैं। तो अब यदि आप भी आज हलुवा खाना चाहें तो प्रसाद के रुप में ही सही, अपने किसी परिचित कस्बाई को अवश्य ढूंढ लें। एक-दो बड़े परिवार वाले (जैसे वो एक भाजपा नेता का परिवार)जिनके यहाँ यादा ही प्रसाद एक त्र हो जाता है निश्चित ही आज न सिर्फ घर से बल्कि दुकान तक ले जाकर हलुवा अपने मित्रों को खिलायेंगे।


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अब अगर हिन्दु देवी-देवता का उपहास उड़ाया तो परिणाम भुगतने को तैयार रहे

आष्टा 18 जुलाई (नि.प्र.)। कभी भारत माता की जय नहीं बुलवाने कभी स्कूल बेग को लेकर कभी राष्ट्रगान को लेकर चर्चाओं में रहे स्थानीय पुष्प विद्यालय अब गत दिवस विद्यालय में आयोजित असेंबली में एक नाटक मंचन में हिन्दुओं के आराध्य देव भगवान श्रीराम सीताजी, द्रोपदी जी को इस प्रकार प्रस्तुत करना जिससे यह स्पष्ट लग रहा था की उक्त नाटक मंचन के माध्यम से उनका उपहास उडाकर उनकी गरिमा मान मर्यादा को कम किये जाने का प्रयास है इसको लेकर आष्टा के हिन्दु संगठनों में भारी रोष व्याप्त है वहीं चर्चा यहाँ तक है कि उक्त क्रिया के बदले कहीं ना कहीं कोई कड़ी प्रतिक्रिया भी हुई है।
कल संदीप जैन एवं गोपाल दास राठी के हस्ताक्षर से स्थानीय प्रेस को एक विज्ञप्ति जारी की गई जिस पर राजेन्द्र सोलंकी, उमेश शर्मा, दिलीप महांकाल, मनोहर साहू, सतीश रावत, दिनेश सोनी, देवानंद भोजवानी, गोलू सोनी, सुरेन्द्र भाटी, श्याम सिलोदिया, जगदीश खत्री, मनोज यादव, सतीश राठी आदि ने निंदा की है।
जारी उक्त विज्ञप्ति में पुष्प विद्यालय प्रबंधकों को हिन्दु संगठनों की और से खुली चेतावनी दी है कि गत दिवस विद्यालय से असेंबली के दौरान रामायण-महाभारत के दृश्यों का मंचन जो किया गया जो फूहड़ और भद्दे ढंग से किया गया। दृश्य मंचन में श्रीराम जी, सीताजी, द्रोपदी जी को इस ढंग से प्रस्तुत किया जिससे ऐसा लग रहा था कि इनकी गरिमा को कम करने की कोशिश की गई है। आष्टा नगर के सभी हिन्दु संगठनों ने इसको लेकर निंदा कर पुष्प विद्यालय प्रबंधकों को चेतावनी दी है कि विद्यालय इसे अपनी पहली और आखरी गलती माने इसके बाद कभी भी विद्यालय ने बहुसंख्यक समाज के किसी भी देवी देवता को लेकर कोई भी आपत्तिजनक कार्य किया करवाया तथा भारतीय संस्कृति पर किसी भी प्रकार की चोंट पहुँचाने का प्रयास किया तो सहन नहीं किया जायेगा।
वैसे इस संबंध में फुरसत को अभी तक विद्यालय प्रबंधन की और से उनका कोई मत या प्रेस नोट प्राप्त नहीं हुआ है लेकिन खबर है कि विद्यालय प्रमुख ने इस संबंध में कुछ ना कुछ कहा जरुर है फुरसत को विद्यालय प्रमुख के मत का इंतजार है।


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लिपिकों की अनिश्चित हड़ताल जारी मीना श्रीवास्तव कर रहीं परेशान

सीहोर 18 जुलाई (नि.सं.)। प्रांतीय संघ के आव्हान पर सीहोर जिले में मध्य प्रदेश शासकिय लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ द्वारा 11 जुलाई से अनिश्चित कालीन हड़ताल प्रारंभ की गई जो आज आठवें दिन भी जारी रही। जिले के लिपिक वर्गीय कर्मचारियों द्वारा वरिष्ठ कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम पारीक, अध्यक्ष म.प्र. लिपिक वर्गीय शासकिय कर्मचारी संघ सीहोर का जिले में शत प्रतिशत हड़ताल रहने पर एवं उनके भरसक प्रयासों के अनुरुप आज 18 जुलाई को शाल एवंश्रीफल पुष्प मालाओं से सम्मान किया गया। पारीक द्वारा म.प्र. शासन से सात सूत्रीय मांगों का निराकरण किये जाने की अपील की गई।
उपसंचालक पंचायत एवं सामाजिक न्याय श्रीमति मीना श्रीवास्तव द्वारा अनावश्यक रुप से उनके अधिनस्थ कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के विरोध में हड़ताली कर्मचारियों द्वारा उनके खिलाफ नारेबाजी की गई। जिले के कर्मचारियों द्वारा उन्हे आगाह किया गया कि अनावश्यक कर्मचारियों को प्रताड़ित नहीं किया जावे अन्यथा उनके विरुध्द उग्र आंदोलन किया जायेगा। पूर्ण जिले के लिपिकीय कर्मचारी इस आंदोलन से पूरे तरह से जुड़ गये हैं इसके लिये संघ उनका आभारी है। कार्यालयों में फाईलों का एवं डाक का अंबार लगा हुआ है। प्रांतीय स्तर पर मांगों के निराकरण किये जाने हेतु शान से लगातावर वार्ता जारी है तथा शासन लंबित प्रांतीय अनिश्चित कालीन हड़ताल की जा रही है वह मांग लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के वतन विसंगति की मांग स्वीकृत किये जाने का मुख्य कारण है जब तक उक्त मांग शासन स्वीकृत नहीं करता तब तक हड़ताल जारी रहेगी। मध्य प्रदेश शासकिय लिपिक वर्गीय कर्मचारी जिला शाखा के समस्त कर्मचारी गण पुरुषोत्तम पारीक, अध्यक्ष म.प्र.शासन लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ जिला स्टेनो संघ के अध्यक्ष नवनीत दुधे, जे.बी. सिंह, पुरुषोत्तम राय, वी.एम. वर्मा, अशोक माथुर, बी.एस.पेठारी, लखनलाल घावरे, राजेन्द्र मिश्रा, नरेन्द्र शर्मा, भगवानदास पारीक, पी.एस. परमार, आर.एस. खरे, सुन्दर राठौर, दिलीप राठौर, देवेन्द्र चौहान, ओ.पी. शर्मा, लखन दिसावरी, दिनेश जोशी, भानू सक्सेना, राजवीर सिंह, एन.एस. परमार, अरुण सक्सेना, रमेश कारपेंटर, डी.के. जैन, रामदीन मालवीय, बी.एल. पुष्पद, राजेन्द्र गाँधी, मुकेश शर्मा, जितेन्द्र वर्मा आदि सम्मिलित हैं। अनिश्चित कालीन हड़ताल में सीहोर जिले के वाहन चालक कर्मचारियाें द्वारा समर्थन दिया गया है।


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गल चौराहे पर राठौर के मकान में आग लगने से भारी नुकसान हुआ

आष्टा 18 जुलाई (नि.प्र.)। आज सुबह आष्टा नगर के गल चौराहे क्षेत्र में बाबा रामदेव मंदिर के पास रहने वाले घीसीलाल राठौर के मकान में आग लग जाने से काफी नुकसान हो गया। समय पर सूचना मिलते ही नगर पालिका की फायर ब्रिगेड घटना स्थल पर पहुँची और आग बुझाने के कार्य में जुटी आसपास के लोगों ने भी आग बुझाने के कार्य में भरपूर सहयोग किया परिणाम स्वरुप बड़ी घटना टल गई फिर भी आग लगने से एवं फेंके गये पानी से घीसीलाल के यहाँ काफी नुकसान हो गया। आग को अगर समय पर काबू नहीं किया जाता तो घर में जो मीठा तेल, कंजी का तेल आदि भरा था वो आग को और फैला देता। आग में तेल का तो काफी नुकसान हुआ साथ में घर के कपड़े, भरे टाट के बोरे आदि जल गये और गीले हो गये। आग पर 1 घंटे में काबू पाया जा सका। आग लगने की खबर लगते ही आसपास के सैकड़ो लोग घटना स्थल पर पहुँच गये।

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जहरीला पदार्थ का सेवन से उपचार के दौरान मौत

सीहोर 18 जुलाई (नि.सं.)। थाना मण्डी क्षेत्रान्तर्गत आने वाले ग्राम गुड़भेला निवासी 40 वर्षीय ग्रामीण तथा ग्राम कराडिया भील निवासी 30 वर्षीया एक युवक की जहरीला पदार्थ का सेवन करने से उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है।
मण्डी थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम गुड़भेला निवासी रामचरण पुत्र जगन्नाथ उम्र 40 वर्ष तथा ग्राम कराड़िया भील निवासी आत्माराम पुत्र रामप्रसाद उम्र 30 ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था।
रामचरण को उपचार हेतु हमीदिया अस्पताल भोपाल में तथा आत्माराम को उपचार के लिये जिला चिकित्सालय सीहोर में भर्ती कराया गया था जहाँ पर दोनो की उपचार के दौरान मौत हो गई।


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लोग बूंद-बूंद पानी के लिये इधर उधर भटकने को मजबूर

जावर 18 जुलाई (नि.प्र.)। नगर सहित क्षेत्र में जल संकट का दौर जारी है। इस कारण लोगों को पीने के पानी के लिये इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जल संकट में बिजली कटौती भी रोडा बनी हुई है। जिस नगर पंचायत ने पूरी गर्मी अपने सीमित संसाधनों के बावजूद जल वितरण व्यवस्था सुचारु रुप से चलाई थी, लेकिन बरसात के महिने में लोगों को ठीक से पानी नहीं मिल पा रही है इस समय नगर में एक दिन छोड़कर तो कई वार्डों में दो दिन छोड़कर पानी पहुँच रहा है वह भी मात्र 25 से 30 मिनिट इतने कम समय में तो कई लोगों का पानी तक नहीं भरा पाता है ।
मवेशियों को पीने का
पानी नहीं मिल रहा है
स्त्रोतों में भी पानी बढ़ने के बजाय दिन प्रतिदिन घट रहा है। कई जल स्त्रोतों तो जो पूरी गर्मी ठीक से चले वह अब रुक-रुक कर पानी देने लगे हैं। वार्ड नं. 6 के हिम्मत सिंह ने बताया कि हमारे वार्ड में तो ठीक से पानी ही नहीं आता। वार्ड के लोग पानी के लिये इधर-उधर भटकते फिरते हैं। लोगों का कहना है कि यदि कुछ दिन और यही स्थिति रही तो नगर में पानी का गंभीर संकट पैदा हो जायेगा। नगर पंचायत अधिकारी राहुल शर्मा ने बताया कि गर्मी के मौसम में जिन किसानों के टयूबवेल अधिग्रहण किये थे उनकी समयावधि पूरी होने के बाद और किसानो ने खेतों में बुआई कर दी है। इस कारण वहाँ से पानी लाना बंद हो गया है। नगर पंचायत के जल स्त्रोत हँ उनसे ही जैसे-तैसे काम चला रहे हैं। अभी 25 से 30 मिनिट नल एक दिन छोड़कर दिये जा रहे हैं बिजली कटौती के कारण भी थोड़ी परेशानी आती है।
खजूरिया में भी जल
संकट बरकरार
नजदीकी ग्राम खजूरिया में भी समय गंभीर जल संकट छाया हुआ है पंचायत के सभी जल स्त्रोत सूख चुके हैं ग्राम के मोहन पाटीदार ने बताया कि इस समय ग्राम के लोग बूंद-बूंद पानी के लिये इधर उधर भटकते फिर रहे हैं। कुछ निजी टयूबवेल जो गांव की सीमा से लगे हैं उन पर से पानी लाते हैं लेकिन गांव में बिजली नहीं रहती है जब यादा परेशानी आती है।


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आग से जली विवाहिता की मौत

सीहोर 18 जुलाई (नि.सं.)। थाना सिध्दिकगंज अन्तर्गत आने वाले ग्राम गोवन्दि पुरा निवासी एक 35 वर्षीय विवाहिता की आग से जलने के कारण उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिध्दिकगंज थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम गोविन्दपुरा निवासी बाबुलाल अजा. की 35 वर्षीय पत्नि समुन्दर बाई गत 30 जून को अपने ससुराल में आग से जल गई थी जिसे उपचार हेतु एम.वाय अस्पताल इन्दौर में भर्ती कराया गया था जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।


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Friday, July 18, 2008

वो बड़ा चोर आ गया तो ये चोर नहीं पकड़ायेंगे

सीहोर। जैन मंदिर में हुई चोरी के बाद से पुलिस भले ही सक्रियता का प्रदर्शन कर रही हो लेकिन अभी तक कोई खास परिणाम सामने नहीं आ पाये हैं। यहाँ लोग तो तब स्तब्ध रह गये जब चोरी के दिन ही यहाँ एक वरिष्ठ नेता ने यहाँ उपस्थित पुलिस अधिकारियों से कहा कि अभी बड़ा वो बड़ा चोर आपका सीहोर में नहीं आया है, आप लोग हो जल्दी मेहनत करके चोर पकड़ लो, यदि वो बड़ा चोर आ गया तो फिर यह चोर नहीं पकड़ा पायेगा। लोग तब से एक-दूसरे से पूछ रहे हैं कि आखिर यह बड़ा चोर कौन है ? क्योंकि जनता बड़े स्तर पर चोरों से परेशान है।

पुन: किस्मत अजमाने के लिये अजीत सिंह ने तिरुपति बालाजी के दरबार में मत्था टेका

आष्टा 18 जुलाई (नि.सं.)। पूर्व विधायक अजीत सिंह एक बार पुन: आष्टा विधानसभा क्षेत्र से किस्मत अजमाने के लिये प्रयास में लग गये हैं कुछ महिनों से वे क्षेत्र में सक्रिय नजर आ रहे हैं। हाल ही में वे अपने मित्रों के साथ तिरुपति बालाजी के दरबार में पहुँचे और मत्था टेक कर इच्छापूर्ण की मानता कर लौट आये हैं।
वहाँ से लाये भगवान का प्रसाद व खुद प्रमुखजनों को बांट रहे हैं। यूँ तो आष्टा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकिट पर किस्मत आजमाने के लिये बापूलाल मालवीय, एच.आर. परमाल, जगदीश चौहान, नरेन्द्र खंगराले, राजाराम बडेभाई, घनश्याम जांगड़ा आदि के नाम चर्चा में है लेकिन जबसे केन्द्रिय मंत्री मंडल में युवराज योतिरादित्य सिंधिया को शामिल किया गया। तभी से क्षेत्र में अजीत सिंह का भी राजनीतिक ग्राफ बढ़ा है तथा केन्द्र की सत्ता और संगठन में युवराज का कद बढ़ने से अजीत सिंह को पुन: उम्मीद है कि उन्हे एक बार फिर युवराज के आशीर्वाद से आष्टा से टिकिट मिलेगा ।
इसी उम्मीद से वे आज कर क्षेत्र में लगातार सक्रिय होकर ग्राम-ग्राम पहुँचकर पुराने लोगों से मिल जुल रहे हैं। अभी चुनाव में देर है लेकिन अजीत सिंह की सक्रियता ने अन्य कई कांग्रेसियों को परेशान कर दिया है।


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नारायण बोला विद्युत थी ही नहीं....फिर कैसे लगी आग? पूरे जिले के उपपंजीयक मिलकर मिला रहे हिसाब-किताब

सीहोर 17 जुलाई (नि.सं.)। उपंपजीयक कार्यालय में लगी आग की वालाएं भले ही बुझ गई हों लेकिन इसकी दुर्गंध अभी तक खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। हर दिन नई चर्चाएं बाजार को सरगर्म कर रही है, तहसील से जुड़े कुछ खास तत्वों का मौन मामले को और गंभीर करता जा रहा है जबकि कार्यालय में पदस्थ भृत्य नारायण का स्पष्ट वक्तव्य की 'साहब अंदर तो लाईट थी ही नहीं तो फिर आग लगेगी कैसे' यह बात लोगों को अनेक विचार करने के लिये मजबूर कर रही है। उपंपजीयक श्री बसंल के पदार्पण के पूर्व आखिर यहाँ किसका प्रभार था ? आखिर वर्ष 2000 के ही कागजात पूर्ण रुपेण स्वाहा क्यों हो गये ? आखिर क्या कारण है कि श्रीमति मंगला शर्मा लोगों को देखते ही भड़क रही हैं और किसी को अंदर जाने नहीं देना चाहती है? आखिर क्यों अन्य कर्मचारियों की अपेक्षा जिले भर के उपंपजीयकों को एकत्र कर उनसे यहाँ फाईल व्यवस्थित कराई जा रही है ? क्या है राज और घटना के पीछे के क्या कारण है यह अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहे हैं।
ऊपर से झमाझम बारिश हो रही हो, वर्षा का मौसम हो....तो ऐसे में कागजों में नमी आ जाना स्वभाविक है, यहाँ तो लकड़ी के सारे फर्नीचर ही नमी से फूलने लगते हैं लेकिन जिला उपपंजीयक कार्यालय में ऊपर हो रही बरसात के बावजूद अंदर एक कमरे विशेष में आग भड़क उठी। अंधेरी रात में 14-15 जुलाई की मध्यरात्री उपपंजीयक कार्यालय में आग लग गई और आग ने उसी स्थान पर अपना प्रभाव छोड़ा जहाँ वर्ष 2000 व इसके बाद के ताजा तरीन कागजातों का ढेर था। सारे महत्वपूर्ण और ताजे कागजात धीरे-धीरे आग में ऐसे जले की जिस अलमारी में वह रखे थे वह भी पूरी जलकर कोयला हो गई। आग आगे बढ़ती रही और धुंआ उठता रहा।
सुबह होते-होते चारों तरफ धुंआ फैला और बाद में आग बुझा दी गई।
लेकिन बैमौसम आग ने कई सवाल खड़े कर दिये। उपंपजीयक कार्यालय में उपपंजीयक के पद पर आये श्री बसंल जिनकी पदोन्नति हुई है वह मात्र एक माह पूर्व ही आये हैं। लेकिन श्री बसंल एक माह तक काम करने के बाद भी अभी तक स्वयं को इस कार्यालय से अनजान बता रहे हैं।
आज जब फुरसत से उनसे यह जानना चाहा कि क्या कार्यालय के उस कमरे में जहाँ आग लगी है वहाँ विद्युत थी या नहीं ? श्री बंसल ने कहा कि साहब मुझे नहीं मालूम, मैं अभी आया हूँ। बंसल ने कहा कि हमारा भृत्य नारायण अवश्य कह रहा है कि वहाँ लाईट नहीं थी वही बता रहा है कि टार्च से काम किया जाता था। हालांकि यही बात जिला पंजीयक श्रीमति मंगला शर्मा ने भी खुलकर कही है।
ज्ञातव्य है कि इसे पूरे कार्यालय में विद्युत व्यवस्था है लेकिन उस कमरे विशेष में जहाँ सर्वाधिक विद्युत की आवश्यकता है वहाँ विद्युत का कनेक्शन था ही नहीं। अब प्रारंभिक जांच कुछ भी हो लेकिन जब नारायण ने खुद ही कह दिया है कि वहाँ विद्युत नहीं थी तो विद्युत तारों से शार्ट-सर्किट होकर आग लगने की बात कैसे मानी जा सकती है?
रजिस्ट्रार कार्यालय की आग के पीछे के क्या कारण हो सकते हैं। असल में विशेष रुप से चूंकि वर्ष 2000 व इसके बाद के कागजात पूरी तरह जलकर खाक हो गये हैं और आग का कारण अभी तक अज्ञात है इस कारण भले ही कागजों में लगी आग बुझ गई हो लेकिन इसके पीछे किसी साजिश की दुर्गंध बहुत तेज फैलती जा रही है। आसानी से यह बात पच नहीं रही कि आखिर आग खुद कैसे लग गई ?
तो क्या आग लगाई गई है ?
उपपंजीयक कार्यालय में चल रही गतिविधियाँ, पूरे जिले भर के उपंपजीयकों को एक कमरे में बैठाकर जिस प्रकार फाईलें व्यवस्थित कराई जा रही हैं, छोटे कर्मचारियों की मदद नहीं ली जा रही और बार-बार पंजीयक श्रीमति मंगला शर्मा यहाँ चक्कर काट रही हैं, से कुछ लोग असमंजस में हैं। पूरी फाईलों को कब तक व्यवस्थित कर लिया जायेगा यह प्रश् का उत्तर कोई देने को तैयार है नहीं बल्कि विशेष रुप से कौन-सा रिकार्ड यादा जला है यह भी स्पष्टत: बताने में संकोच किया जा रहा है। जबकि मामला चूंकि पूरा संदिग्ध है तो पारदर्शिता की जानी चाहिये। यहाँ तो स्थिति यह है कि यदि कोई व्यक्ति पंजीयक कार्यालय में आ जाता है तो कहीं वह अंदर न चला जाये इसलिये शटर लगा दी जाती है। आखिर क्या कारण है ? तो चर्चाएं जो हैं उनको इन गतिविधियों स्वत: ही बल मिल रहा है।
देखते ही कह दिया
मामला गड़बड़ है...

जहाँ विद्युत मण्डल ने सिरे से अगि्काण्ड में गड़बड़ी के संकेत दे दिये हैं वहीं ऊपर से आये एक विशेष जांच दल का भी यही मानना था। उसने भी जांच के दौरान बारीकी से जांच की है, वह विद्युत तारों से आग लगने की बात को मानने को तैयार नहीं है ऐसे में आग कैसे लगी और एक अलमारी विशेष पूरी जलकर कैसे खाक हो गई यह यक्ष प्रश् माना जा रहा है। इतना ही नहीं कार्यालय की विगत वर्ष की गतिविधियाँ संदिग्ध है? यहाँ क्या हो रहा था? कितने अधिकारी कर्मचारी पदस्थ थे ? कितनों को काम से दूर रखा जा रहा था ? और संबंधित कागजात जलने से किसको फायदा हो सकता है ? यह प्रश् घूम रहे हैं।


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चार नाम वापसी के साथ नागरिक बैंक चुनाव चिन्ह आवंटित

सीहोर 17 जुलाई (नि.सं.)। अंतत: भारी जोड़-तोड़ के बाद आज चार नाम वापसी हुई जिससे आंशिक रुप से काका पैनल को लाभ हुआ है लेकिन अभी कई तीर बाकी हैं जो नागरिक सहकारी बैंक के चुनाव को रोचकता प्रदान कर देंगे। निश्चित ही आज जिन चार लोगों के नाम वापसी हुए हैं उनमें राजकुमार जायसवाल का नाम सर्वाधिक चर्चा में रहा। राजकुमार गुप्ता तो स्वयं ही चर्चा में थे। आज दिनभर बैंक के सामने कांग्रेस नेता किशन यादव की उपस्थिति में चर्चाओं में रही। जबकि दोपहर बाद सभी उम्मीद्वारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिये गये हैं। अब चुनावी रणनीतियाँ बनना शुरु हो गई है।
जैसा की अनुमान लगाया जा रहा था कि कुछ लोगों को बैठाया जायेगा। और इसके लिये सारे जोड़-तोड़ भी बनाये जायेंगे। वैसा ही कुछ स्थिति आज नाम वापसी के दिन देखने को मिली। सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के चुनाव की सरगर्मियाँ 15 जुलाई से ही तेज हो गई हैं जब काका की पैनल के सामने कुछ ऐसे नाम भी आ गये थे जिनके अनुभव और बाजारु पैठ से इंकार नहीं किया जा सकता था। ऐसे में चुनाव को आसान नहीं समझा जा रहा था।
इसी तारतम्य में 16 जुलाई का दिन भारी उथल-पुथल भरा रहा। विशेषकर पिछड़ा वर्ग पुरुष वर्ग में ओम वर्मा और राजकुमार जायसवाल युवक कांग्रेस नेता आमने सामने थे। ओम वर्मा पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं और रिंकु जायसवाल की तैयारी कुछ यादा ही थी, परिणाम स्वरुप सभी की निगाह रिंकु पर लगी थी। रिंकु ने भी पूरे उत्साह के साथ आवेदन भरकर सबको सचेत कर दिया था और कुछ परेशानी भी खड़ी कर दी थी। आज राजकुमार जायसवाल ने युवक कांग्रेस के पद को महत्व देते हुए संचालक पद चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। सूत्रों का कहना है कि 22 से 27 जून तक हैदराबाद में पूरे जिले के युवक कांग्रेस जिलाध्यक्षों की एक बैठक सभा तय है जिसमें सख्त आदेश आये हैं कि अनुपस्थित रहेगा वह स्वयं को पदमुक्त मान लें। संभवत: इसलिये आज राजकुमार जायसवाल ने युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद को महत्व देकर संचालक पद चुनाव उम्मीद्वारी से अपना नाम वापस ले लिया।
इनके अलावा भाजपा नेता राजकुमार गुप्ता भी काफी दिक्कत पैदा कर चुके थे। राजू गुप्ता ने अपना नाम दाखिल कराकर काका पैनल के एक तरह से मजे ले लिये थे। चूंकि काका पैनल में गुप्ता नहीं थे इसलिये गुप्ता के आवेदन दे दिये की चर्चाएं सरगर्म थी। वहीं राजू गुप्ता की दमदारी से कोई इंकार भी नहीं कर सकता। ऐसे में चुनावी गणित चलती रही और अंतत: आज ससम्मान राजकुमार गुप्ता ने अपना नाम वापस ले लिया ताकि उनके कारण किसी को कोई परेशानी ना खड़ी हो।
इसके अलावा सुशील ताम्रकार और प्रेम नारायण सिंह परमार ने भी नाम वापस ले लिया। ई.एम.जैकब का नाम कल जांच के दौरान हट गया था।
आज भी दिनभर कुछ लोगों के नाम और किसी तरह वापस हो जायें इसके प्रयास बहुत तेजी से किये जाते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली। दोपहर 1.30 बजे तक का समय दिया गया था। श्रीराम धर्मशाला में जहाँ काका की पैनल उपस्थित थी वहीं अनिल मिश्रा व राजेन्द्र वर्मा की उपस्थिति भी बनी थी।
आज कांग्रेस नेता किशन यादव की नागरिक बैंक तिराहे पर लम्बे समय तक उपस्थिति बनी रहना और दोपहर डेढ़ बजे बाद उनकी रवानगी भी सर्वाधिक चर्चा में रही। श्री यादव ने पूर्व चुनाव में अपना दमदारी प्रदर्शित की थी। संभवत: इस बार भी वह पीछे से कुछ उम्मीद्वारों पर आशीर्वाद बनाये हुए हैं।
इस प्रकार आज बहुत कुछ स्थिति स्पष्ट हो गई है। आज सभी उम्मीद्वारों को चुनाव चिन्ह भी भेंट कर दिये गये हैं।

जिला उपभोक्ता फोरम ने दिलाई बीमा राशि

सीहोर 17 जुलाई (नि.सं.)। जिला उपभोक्ता फोरम ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में आदेश पारित कर यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को आदेशित किया कि आवेदक को बीमा राशि 5050 रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करें एवं साथ में 250 रुपये वाद-व्यय भी अदा करें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदक खूबीलाल पुत्र केवलराम निवासी स्वदेश नगर गंगा आश्रम सीहोर ने यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कम्पनी से एक मोटर साईकिल का बीमा 20 हजार रुपये का कराया था। उक्त मोटर साईकिल आवेदक के घर से 23 व 24 दिसम्बर 06 को चोरी चली गई थी उसने थाना कोतवाली में रिपोर्ट लिखाई एवं बीमा कंपनी को सूचना दी। खात्मा रिपोर्ट सहित क्लेम अनावेदक को प्रस्तुत किया। अनावेदक ने आवेदक को 20 हजार रुपये बीमा राशि के स्थान पर 14950 रुपये का भुगतान किया। आवेदक ने असंतुष्ट होकर अपने अधिवक्ता जी.डी.बैरागी से सलाह देकर उपभोक्ता फोरम में प्रकरण क्रमांक 11408 बीमा कंपनी के विरुध्द प्रस्तुत किया। सूचना उपरांत बीमा कंपनी अनुपस्थित रही।
जिला उपभोक्ता फोरम के विद्वान अध्यक्ष ए.के.तिवारी सदस्य अम्बादत्त भारतीय एवं सदस्या श्रीमति शकुन विजयवर्गीय ने अधिवक्ता के तर्क श्रवण के रिकार्ड का अवलोकन कर आदेश पारित किया कि बीमा कंपनी परिवादी को 5050 रुपये मय ब्याज के भुगतान करें साथ में परिवाद व्यय 250 रुपये भी अदा करें। आवेदक की और से प्रकरण में पैरवी अधिवक्ता जी.डी.बैरागी ने की।

पार्षद पुत्र ने नाली निर्माण मे भ्रष्टाचार पकड़ा

आष्टा 17 जुलाई (नि.प्र.)। पीली खदान वार्ड क्रं 1 में गत दिवस नाली निर्माण का कार्य लागत 60 हजार रुपये की लागत का शुरु हुआ था जैसे ही कार्य चालू करने के लिये माल मिलाना शुरू किया तो मोहल्ले वालों की नजर बनते हुए माल पर पड़ी तो लगभग 50 तगारी काली रेत बगैर धुली हुई मिट्टी मिली हुई थी मात्र एक तगारी सीमेंट मिलाई गई थी यह सब देख मोहल्ले वालों को समझते देर नही कि ठेकेदार अनीस खां के लोग यहां चूना लगाने आ गए।
फिर क्या था पार्षद पुत्र हरीश मेवाड़ा एवं न.पा.के उपयंत्री देवेन्द्र सिंह चौहान को कार्य की जांच करने के लिये बुलवाया गया तो इंजीनियर साहब ठेकेदार अनीस खां का पक्ष क्यों ले रहे है ।
इस पर मोहल्ले वाले सामने पड़े घटिया माल के कारण भड़क गए, ठेकेदार इंजीनियर सा.और पार्षद पुत्र हरीश को सार्वजनिक रूप से पब्लिक से मांफी मांगना पड़ गया,इसके बाद इन लोगों ने पब्लिक ने जाने दिया तथा भविष्य में दुबारा ऐसा काम नही करने की नेक सलाह दी तथा घटिया काम जनता ने रूकवादिया।
इस अवसर मोहल्लेवासी जहूर मंसूरी, शफीक,याकुब भाई, रईस, अनीस, जाकिर मंसूरी,सलाम भाई आदि सहित कई लोग मौजूद थे, जिन्होने घटिया बन रहा माल देखा और न. पा.अध्यक्ष से शिकायत की सी.एम. ओ. को भी शिकायत की न. पा. अध्यक्ष कैलाश परमार ने इस संबंध में कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो गलत है आप सी. एम.ओ से बात करें।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी दीपक राय ने दूरभाष पर बताया कि मैं आष्टा से बाहर हूं,यदि देवेंन्द्र चौहान उपयंत्री ने गलत काम ठेकेदार का पक्ष लिया है तो गलत है उनको नोटिस दिया जाएगा।



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जिन वाणी की बरसात होते ही जीवन से विकास के द्वार खुल जाते हैं-मधुबाला जी

आष्टा 17 जुलाई (नि.प्र.)। आज का दिन किसी पर्व से कम महत्व का नहीं है। आज से चातुर्मास शुरु हो गया है आपकी इतनी बड़ी उपस्थिति यह दर्शाती है कि आप इस दिन का महत्व समझते हैं जब संत सतियों के मुख से जिनवाणी की बरसात होती है तो जीवन में विकास के द्वार खुल जाते हैं। चातुर्मास व्यक्ति के जीवन को विनाश से विकास की और ले जाता है। तप धर्म की आराधना करने से पापों का नाश होता है, जिनवाणी की बरसात से वासना, राग, द्वेष का जो कचरा भरा रहता है और वह जाता है और चरम लक्ष्य को पायें।
उक्त उद्गार चातुर्मास हेतु विराजित पूय साध्वी मधुबाला जी ने आज चातुर्मास प्रारंभ दिवस पर कहें। म.सा. ने कहा कि जिस प्रकार एक किसान के लिये बरसात का उसके जीवन में काफी महत्व है वो गरजते बरसते बादलों से प्रेम करता है। हमें भी चातुर्मास में ज्ञान, दर्शन, तप, साधना, चरित्र की तप-साधना करना है और विकास के द्वार खोलना है। धर्म से घबराओ मत पीछे मत हटो जिनेश्वर भगवान ने जो कहा वो ही सत्य है। देव, गुरु धर्म पर दृंढ आस्था रखो। इस अवसर पर साध्वी सुनीता जी ने कहा कि आज का दिन हम सभी के लिये लौकिक महत्व का संतों की सुनी वाणी को अगर जीवन में उतारोगे तो इस जीवन की दिशा बदलते देर नहीं लगेगी। आज आप अपनी पत्नि, अपने ग्राहक की सबकुछ सुन लेते हो क्योंकि उसमें आपका स्वार्थ रहता है लेकिन जो संत आपका जीवन बदल सकता है आपको विनाश से विकास की और ले जा सकता है उसकी बात आप सुनने को तैयार नहीं हो। म.सा. ने 48 मिनिट की एक सामयिक का क्या महत्व से उसे भी बताया। आज चातुर्मास के प्रथम दिन एक बेला, 36 उपवास, 55 एकासने, दो बियासने एवं 2 दयाव्रत की तपस्या के साथ कई पचकान हुए। दोपहर में आलोचना का पाठ एवं शाम को प्रतिक्रमण आदि के कार्यक्रम स्थानक में सम्पन्न हुए। आज चातुर्मास के प्रथम दिन पर बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाएं उपस्थित थे।


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