Friday, July 18, 2008

कामर्स व गणित विषय नहीं होने के कारण पढ़ाई करने बाहर जाना पड़ता है छात्रों को

जावर 17 जुलाई (नि.सं.)। स्थानीय हायर सेकेण्डरी स्कूल में कामर्स व गणित संकाय के विषय नहीं होने के कारण इन विषयों की पढ़ाई करने के लिये बाहर जाना पड़ता है नगर व क्षेत्र के छात्रों को छात्रों ने शिक्षा विभाग से कामर्स व गणित विषय खोजने की मांग की उल्लेखनीय है कि विद्यालय की स्थापना के समय से ही यह दोनो विषय की पढ़ाई नहीं हो पाई इस कारण यह दोनो विषय शिक्षा विभाग द्वारा यहाँ चालू ही नहीं किये गये वर्तमान में यहाँ पर एग्रीकल्चर, साईंस, आर्टस कला, संकाय विषय ही है जिनकी पढ़ाई होती है यदि किसी छात्र को कामर्स या गणित पढाई होती है यदि किसी छात्र को कामर्स या गणित विषय की पढ़ाई करना हो तो उसे या तो बाहर पढ़ाई करने जाना पड़ता है या फिर प्रायवेट स्कूल में दाखिला करने जाना पड़ता है या फिर प्रायवेट स्कूल में दाखिल लेना पड़ता है।

पालक संतोष माहेश्वरी का कहना है कि नगर के हायर सेकेण्डरी स्कूल में कामर्स व गणित संकाय विषय नहीं होने के कारण नगर व क्षेत्र के छात्र-छात्राओं जिनकों इन दोनो विषयों की पढ़ाई करना हो उन्हे बाहर इन विषयों की पढ़ाई के लिये जाना पड़ता है छात्रा कु. आरती तोमर ने बताया कि यहाँ पर कामर्स संकाय विषय नहीं होने के कारण इस विषय की पढ़ाई के लिये मुझे सोनकच्छ के स्कूल में दाखिल लेना पड़ा।

एक अन्य पालक रमेश पाटीदार ने बताया कि आज के इस कम्प्यूटर युग में कामर्स संकाय व गणित संकाय विषय होना बहुत जरुरी है। सम्पन्न पालक हो अपने बच्चों को निजी स्कूल में भर्ती करवा कर इन विषय की पढ़ाई करवा लेते हैं लेकिन गरीब पालक यदि अपने बच्चों को उसकी इच्छा अनुसार इन विषयों की पढ़ाई कराये तो कहा ऐसे में एक ही मांग उठती है कि शासकिय हायर सेकेण्डरी स्कूल में कामर्स व गणित संकाय विषय की सुविधा शुरु होना चाहिये।

विद्यार्थी परिषद के छात्र पंकज ठाकुर, धर्मेन्द्र पटेल, बंटी राठौर, अरविन्द ठाकुर, सुनील राठौर आदि ने शासन से कामर्स व गणित संकाय विषय शुरु करने की मांग की है।



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आज श्रध्दा भक्ति के साथ मनेगी भेरु पूनम घरों में बनेगी दाल-बाटी चूरमा

आष्टा 17 जुलाई (नि.प्र.)। 18 जुलाई को भुरु पूनम का त्यौहार आष्टा नगर एवं ग्राम-ग्राम में भेरु भक्त पूनम को श्रध्दा भक्ति उत्साह उमंग के साथ मनायेगा। जगह-जगह आज भेरु जी का पूजन होगा तेल सिंदूर नारियल चढ़ेगा एवं दाल बाटी चूरमा का भोग लगाया जायेगा।
आज भक्त अपने गुरु की शरण में पहुँचेंगे उनके चरण वंदन कर उनका आशीर्वाद ग्रहण करेंगे और अपने गुरु का सम्मान करेंगे। भेरु पूनम के आते ही किराना दुकानों पर नारियल, तेल, शुध्द, घी, सिंदूर खां, शक्कर बुरा आदि का बिक्रा बढ़ गया है।
भेरू पूनम पर आज भक्तों को मंहगाई की मार का भी सामना करना पड़ा है। भेरु जी का चढ़ाने वाला नारियल जो 4 से 5 रुपये में मिलता था आज उन्हे उक्त नारियल 5 से 6 रुपये में खरीदना पड़ा। सिंदूर भी ग्राहकों को काफी मंहगा खरीदना पड़ा।


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सोयाबीन फसल को कीट व्याधि से बचाने के उपाय

आष्टा 17 जुलाई (नि.प्र.)। वर्तमान में सोयाबीन फसल पर इल्ली एवं रसचूसने वाले कीट नुकसान पहुंचा सकते है। एक माह पूर्व बोई गई सोयाबीन फसल में हरिकुन्डलाकर इल्ली सेमीलूपर का असर दिख रहा है कही-कही गोल काले कीट क्यूबीटल भी पत्तियों को कतर कर खाते है। इसी वुम में गर्डल बिटील का भी प्रभाव हो सकता है।
इन सब कीटों के नियंत्रण हेतु क्लोरो-पायरीफास 20 ई,सी,क्यूनालफास 25 ई,सी,1.500 लीटर दवा प्रति हैक्टेयर के मान से 750 से 800 लीटर पानी में धोलकर सुबह एवं शाम के समय अच्छी तरह छिड़काव करने से उक्त कीटों का निराकरण सम्भव है। कुछ जगह खरीफ फसलों में चूहों द्वारा नुकसान किया जाना भी पाया गया है।
अत: चूहा नियन्त्रण के लिए जिंक फास्फाइड दवा को ज्वार या मक्का के फूलें पर मीठा तेल छिडक़कर दवा चिपकाकर चूहों के बिल के पास शाम के समय रखने से चूहों का निराकरण सम्भव है। चूहा नियन्त्रण के लिये विशेष तौर से सामूहिक खेती वालों को एक साथ मिलकर उपरोक्त दवा का प्रयोग करने साए निर्मित परिणाम मिलेगें। विशेष ध्यान देने वाली बात यह है कि तीन चूहें मिलकर एक आदमी के भोजन के बराबर अनाज या तो खा जाते है या नष्ट कर देते है।

Thursday, July 17, 2008

दिन भर चली उठा पटक, उम्मीदवारों को बैठाने के प्रयास तेज

सीहोर 16 जुलाई (नि.सं.)। सीहोर नागरिक सहकारी बैंक के संचालक पद चुनावों को लेकर आज का दिन भारी उठा पटक वाला साबित हुआ। दिन भर कांग्रेस और भाजपा के धुरंधर नेताओं को इस मामले में गुपचुप रुप से कई विसात बिछानी पड़ी। ऊपर से दिख रहे विरोधियों की आपस में बातचीत और गुप्त बैठकें भी हुईं। किसको कैसे बैठाया जाये इस जोड़ तोड़ में दिनभर लोग लगे रहे। कल का बहुत हद तक नागरिक बैंक चुनावों के लिये निर्णायत भरा भी साबित हो सकता है। काका की पैनल क्या गणित चलेगी यह अभी कहा नहीं जा सकता लेकिन कुछ अन्य पैनल बन जाये इसके प्रयास आज भी युध्द स्तर पर होते रहे।
सीहोर नागरिका सहकारी बैंक के चुनावों में कल जिन गिनती के संचालक पद उम्मीद्वारों ने अपने आवेदन दिये हैं उस समय तक तो ऐसा लग रहा था कि मामला सामान्य है और पूरे चुनाव में सिर्फ एक ही पैनल मैदान में है लेकिन एक ही दिन के अंतर में चुनावी सरगर्मी ने नया रुख ले लिया है। चुनाव की नई करवट ने नया ही माहौल बना दिया है। काका पैनल के अलावा जिन उम्मीद्वारों के नाम सामने आये हैं उनमें से कुछ नाम वाकई काका पैनल के लिये दिक्कत भरे हो सकते हैं। इनमें ऐसे नाम भी हैं जो पूर्व के अनुभवी हैं और चूंकि 12 में से अभी 9 ही संचालकों के चुनाव होना हैं ऐसे में काका पैनल के बाहर रहने वाले भी अभी संख्या 4-5 तक ले जाने के लिये प्रयासरत हैं।
राजेन्द्र वर्मा पूर्व संचालक ने सामान्य संचालक पद उम्मीद्वार के रुप में खुद को रखकर अपनी पत्नि को अन्य अनुसूचित जाति महिला आरक्षित वर्ग में मैदान में उतारा है जिनके सामने उर्मिला वीरेन्द्र कुमार वातव रहेंगी। राजेन्द्र चूंकि पूर्व संचालक हैं ऐसी दृष्टि से यदि ये अनुभव के आधार पर लड़े तो कहीं दोनो सीटों पर यह भारी अवश्य पड़ सकते हैं। इनके अलावा काका पैनल के बाहर के नामों में राजेन्द्र शर्मा कल्लू पूर्व पार्षद और अनिल मिश्रा पार्षद का नाम भी प्रमुख से लिया जा सकता है। अनिल मिश्रा के अनुभव और कल्लू की पैठ से इंकार नहीं किया जा सकता।
इन सबसे हटकर एक नाम जो सर्वाधिक चर्चा में है वह राजकुमार गुप्ता का। राजू गुप्ता भी पूर्व पार्षद हैं और उनकी कार्यशैली और अनुभव के आगे नागरिक बैंक संचालक पद का चुनाव बहुत बड़ा नहीं माना जा सकता। राजू गुप्ता असल में इसलिये सबसे यादा चर्चाओं में चूंकि उनका नाम अभी तक काका की पैनल में स्पष्ट रुप से नहीं दिखाई दे रहा है।
इन सबके अलावा युवा वर्ग से एक राजकुमार जायसवाल रिंकु जो युवा कांग्रेस अध्यक्ष हैं ने भी भारी खलीबली मचा रखी है। रिंकु, वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय के भांजे भी हैं और कांग्रेस के युवा नेता भी। किसी चुनाव को लड़ने की इसकी अपनी शैली है, और अपने नाम भरने के पूर्व रिंकु ने जिस प्रकार वातावरण बना दिया है उससे एक बारगी कई अन्य लोग सखते में आ गये हैं। रिंकु के परिचितों ने उसके लिये कुछ खास तैयारियाँ भी विगत सप्ताह भर में की है और यदि चुनाव लड़ा जाये तो उसके लिये क्या रणनीति रहेगी यह भी बनाई गई है।
हालांकि एक मात्र पैनल उतारने वाला प्रकाश व्यास काका के अनुभव के आगे कई लोग नतमस्तक हैं लेकिन नागरिक सहकारी बैंक के चुनावों की रणनीति और जोड़-तोड़ इसके बावजूद तेजी से चल रहा है।
आज कुछ लोगों को बैठाये जाने के लिये जी तोड़ मेहनत की गई। कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं तक ने गुपचुप रुप से इस मामले में हस्तक्षेप किया व कुछ लोगों से बातचीत भी की है। इधर जो लोग बेमेल नजर आ रहे हैं उनमें आपस में टेलिफोनिक बातचीत लगातार होने की जानकारियाँ भी मिली हैं। इतना ही नहीं कुछ लोगों की आपसी कमरा बैठकें भी हो चुकी हैं जिनकी संभावना ऊपर से प्रतीत नहीं होती। ऐसे में कल नाम वापसी के समय क्या गणित बैठती है ? किसका नाम वापस होता है ? कौन पीछे हटता है ? किसको क्लिन चिट मिलती है ? यह सब भविष्य ही बतायेगा।


दोनों राजकुमार चर्चाओं में
सीहोर। नागरिक सहकारी बैंक के चुनावी समर में दोनो राजकुमार चर्चाओं में आ गये हैं। नागरिक सहकारी बैंक के चुनाव को लेकर वैसे ही जोड़-तोड़ की राजनीति चलती है। किसको कैसे पटकनी दी जाये और किसको अपने पाले में लाया जाये यह समस्या खड़ी रहती है। इस बार के चुनाव में हालांकि वैसा उत्साह नजर नहीं आया है लेकिन फिर भी कल जिस वक्त से भाजपा नेता और छावनी के लोकप्रिय समाजसेवी राजकुमार गुप्ता ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है तभी से वह चर्चाओं में है। राजू भैया के नामांकन भरने से कुछ लोग असमंजस की स्थिति भी है। वहीं दूसरे राजकुमार है रिंकु जायसवाल युवक कांग्रेस अध्यक्ष। राजकुमार जायसवाल ने नामांकन पत्र भरने के पहले ही चर्चाओं को सरगर्म कर दिया था। इनकी पैनल उतारे जाने की अफवाहें भी बाजार में थी। युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद पर लम्बे समय से काबिज राजकुमार जायसवाल कि गणित भी अभी समझ नहीं आ पा रही है।
इस प्रकार दोनो राजकुमार चर्चाओं में गने हुए हैं।



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छटा दिन : लिपिक वर्ग की हड़ताल जारी, प्रशासनिक कार्य अस्त-व्यस्त

सीहोर 16 जुलाई (नि.सं.)। प्रांतीय संघ के आव्हान पर सीहोर जिले में मध्यप्रदेश शासकीय लिपिंक वर्गीय कर्मचारी संघ द्वारा 11जुलाई से अनिश्तिकालीन हड़ताल प्रारंभ की गई है जो आज छटवें दिन भी जारी रही।
राजस्व विभाग,के अर्न्तगत तहसीलों,जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के अतिरिक्त जिला कोषालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तथा सी.एम.ओ. हेल्थ,पंचायत एवं सामाजिक न्याय, डाईट, पशु चिकित्सा, सिविल सर्जन उपसंचालक कृषि, आबकारी, महिला पोलिटेक्निक,वन विभाग के अतिक्ति जल संसाधन एवं उधानिकी आदि कर्मचारी भी शामिल हो गये और पूरे जिले में शत प्रतिशत अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी रही। कार्यालयों में फाईलों का एवं डाक का अंबार लगा हुआ है। आम जनता को इस हड़ताल से कठनाई आ रही है। पूरा शासकीय कार्य ठप्प पडा हुआ है एवं कार्यालयों में सन्नाटा छाया हुआ है। कर्मचारियों ने राज्य शासन से तत्काल अपनी मॉगो के निराकरण हेंतु अपील की है। मध्यप्रदेश लिपिंक वर्र्गीय शासकीय कर्मचारी संघ द्वारा समाचार पत्रों सीहोर स्थानीय टी.व्ही.केवल सीहोर पर भी समस्त जिले के कर्मचारियों से उक्त अनिश्चित कालीन हड़ताल में सम्मिलित होने का आश्वासन पूर्णत: दिया गया है।
मध्य प्रदेश शासकीय लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी जिला शाखा सीहोर के समस्त कर्मचारीगण पुरूषोतम पारीख अध्यक्ष म.प्र.शास लिपिंक वर्गीय कर्मचारी संघ,जिला स्टेनो संघ के अध्यक्ष नवनीत दुधे, जे.बी.सिंह स्टेनो टू.ए.डी. एम सीहोर, पुरूषोतम राय,संभागीय उपाध्यक्ष वी.एम. वर्मा, संभागीय सहसचिव अशोक माथुर, बी.एस.पेठारी,लखन लाल घावरे, राजेन्द्र मिश्रा,नरेन्द्र शर्मा, भगवान दास पारीख, पी.एस परमार, अजय चिन्चालें, सुन्दर राठौर, दिलीप राठौर, देवेन्द्र चौहान, ओ.पी.शर्मा, लखन दिसोवरी,दिनेश जोशी, भानू सक्सेना, राजवीर सिंह, एस. एन.परमार, अरूण सक्सेना, रमेश कारपेंटर, डी के जैन, रामदीन मालवीय, बी. के . पुष्पद, राजेन्द्र गॉधी,अनिल शर्मा, मुकेश शर्मा,जी जितेन्द्र वर्मा, मंगल सिंह पेठारी, अनीस मो.खान, संतराम जाटव, हेमराज मालवीय,सुरेश श्रीवास्तव, एवं उक्त हड़ताल में महिला कर्मचारी गण श्रीमति प्रभा प्यारी,श्रीमति जग्गी मरावी, श्रीमति धर्मवती सिंह, श्रीमति चन्द्रकांता गुप्ता, श्रीमति मंसोरिया, श्रीमति चन्द्रकांता जोशी,श्रीमति पुष्पलता राजपूत,श्रीमति चंदा मालवीय,आदि सम्मिलित थी।
लिपिंक वर्गीय कर्मचारी संघ की लंबित 7 सूत्रीय मांगो का शीध्र निराकरण किये जाने हेतु मांग की गई तथा सीहोर जिले के समस्त जिला कार्यालयों के लिपिंक वर्गीय कर्मचारीगणों से उक्त अनिश्चित कालीन हड़ताल में सम्मिलित होने की अपील की गई।

जो चाहे कांग्रेस से विधायक का टिकिट, जल्दी आवेदन दे

सीहोर 16 जुलाई (नि.सं.)। आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चयन के लिये कांग्रेस ने गंभीर मापदन्ड निर्धारित किये है और विभिन्न तरीकों से उम्मीदवारो को परखने का प्रयास शुरू किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दावेदारो से निशुल्क आवेदन पत्र आहुत किये है। परंतु आवेदन पत्र में तथ्यपरक जानकारी आवेदक से मांगी गई है।
अभी तक आवेदक अपनी प्रंशसा में बायोडाटा प्रस्तृत करते आये है,इस बार आवेदन पत्र के प्रारूप में उम्मीदवारी के आवेदक से विधानसभा क्षैत्र का जातिगत समीकरण, क्षेत्रिय मुद्दे तथा भाजपा,द्वारा जो मात्र घोषणाये की गई है,उनकी जानकारी मांगी गई है,यह भी अपेक्षा की गई है कि क्षेत्र के भाजपा विधायक मंत्री सत्तारूढ़ दल के व्यक्तियो द्वारा किये गये भ्रष्टाचार की जानकारी भी दे, के्रद सरकार की योजनाओं की क्षैत्र में क्या स्थिति है, टिकिट के उम्मीदवार ने कांग्रेस सदस्यता अभियान कितना किया है तथा उसने प्रत्येक मतदान कें द्र सरकार केद्र पर कांग्रेस सदस्यता अभियान कितना किया है तथा उसने प्रत्येक मतदान केंद्र पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की क्या सूची बनाई है। या नही उम्मीदवारी के आवेदक से यह जानकारी चाही गई है कि कोन नेता ऐसे है,जिनके द्वारा क्षैत्र में सभा संबोधित की जाने से कांग्रेस के पक्ष में वातावरण बनेगा। उम्मीदवार से यह भी चाहा गया हैं कि कांग्रेस संगठन में समन्वय की स्थिति क्या सकारात्मक है।
इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कैलाश परमार ने बताया कि जिले के चारों विधान सभा क्षैत्र सीहोर, बुधनी, इछावर,एवं आष्टा, से कांग्रेस का टिकिट चाहने वाले व्यक्तियों को 20 जुलाई तक जिला कांग्रेस कमेटी को आवेदन पत्र प्राप्त करते समय भी कोई निशुल्क उपलब्ध कराये जायेगें तथा आवेदन पत्र प्राप्त करते समय भी कोई शुल्क नही लिया जायेगा। कैलाश परमार ने सभी कांग्रेस टिकिट प्राप्त करने के इच्छुक कांग्रेसजन से आग्रह किया है समय सीमा में अपने अपने आवेदन पत्र जिला कांग्रेस को प्रस्तृत कर देवे ताकि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी उन आवेदन पत्रों को समय सीमा में प्रदेश कार्यलय को भेजा जा सकें।


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मंदिर चोरी मामले में दिया धरना, हर समाज हुआ उपस्थित

सीहोर 16 जुलाई (नि.सं.)। गत दिवस दिग.जैन मंदिर चरखा लाईन मे हुई चौरी के चारों को पकड़ने मे पुलिस की निस्कीता तथा लापरवाही के चलते जैन समाज सीहोर में भारी आक्रोश है साथ ही सराफा व्यापारीयों में भी भय एवं दहशत है।
पुलिस द्वारा चौरो को पकड़ने मे असफलता के विरोध में जैन समाज सीहोर द्वारा सांकेतिक धरना प्रदर्शन समाज के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान संरक्षक संतोष कुमार जैन की अध्यक्षता में बडा बाजार मेन रोड़ तिराहे पर आयोजित किया गया जिसमें समाज के बंन्धु भारी संख्या में उपस्थित हुए।
साथ ही सर्राफा एसोसिएशन के साथ ही विभिन्न व्यापारीक एसोसिएशन तथा विभिन्न राजनैतिक धार्मिक तथा समाज सेविओं ने उक्त धरने मे शामिल होकर धरना प्रदर्शन को सफल बनाया। तथा संम्बोधित किया गया।
धरना प्रदर्शन समाज सेवी हरिशचन्द्र अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, सुरेश साबू, मानसिंह पंवार,गौपाल सोनी, औम मोदी, राजेन्द्र वर्मा, राजेन्द्र शर्मा, महेश पारिख, मोनू शर्मा, विपिन सोनी, आनंद गांधी, प्रभू सोनी आदि तथा जैन समाज के प्रमुख जैनपाल जी वकिल सा,श्रीपाल जैन सर्राफ, प्रेमीलाल जैन श्री पाल जैन कस्बा, सुमनलाल जैन बदामी जैन रमेश जैन, अजय जैन, संजय जैन, मुकेश जैन, शेखर जैन, निर्मल जैन,धमेन्द्र जैन, धन्यकुमार कासलीबाहा जैन मेहतवाड़ा, साबू लाल जैन,मांगीलाल जैन मेहतवाड़ा, जेन पाल जाबड़िया, दीपक जैन, लाभिमल जैन, अशोक जैन, आनंद जैन, श्रीपाल जैन मेहतवाड़ा, भैयालाल जैन, ज्ञानचन्द्र मनीष जैन, प्रवीण जैन, संदीप जैन, ज्ञानचन्द्र जैन परबती, अमित जैन, अभिषेक जैन, विजय जैन पंछी, प्रवीण शास्त्री नरेन्द्र जैन आदि ने उपस्थित होकर धरना प्रदर्शन सफल बनाया जैन समाज द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया तथा आगे भी सहयोग के साथ विरोध निर्धारित चर्चा सभी की आंमत्रित किया।


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सिविल अस्पताल में एक डाक्टर जातिवाद का जहर घोल कर वातावरण दूषित कर रहा

आष्टा 16 जुलाई (नि.प्र.)। आष्टा का सिविल अस्पताल हमेशा किसी ना किसी प्रकार से चर्चाओं में बना रहता है। अब खबर है कि आष्टा सिविल अस्पताल में पदस्थ एक डाक्टर इन दिनों अस्पताल परिसर में जातिवाद का जहर खोलकर अस्पताल का वातावरण दूषित करने में लगा है। इन डाक्टर महाशय का अभी निशाना और कोई नहीं अस्पताल के छोटे कर्मचारियों की और है।
कुछ दिनों पूर्व तो एक छोटे कर्मचारियों को इस डाक्टर ने काफी परेशान किया जब छोटे कर्मचारियों ने इस डाक्टर की शिकायत अस्पताल के प्रमुख से करने का मन बनाया तो इन्हे उस वक्त समझा बुझाकर शांत कर दिया लेकिर पूरे अस्पताल के छोटे-बड़े कर्मचारी इस डाक्टर की उक्त करतूत से अंदर ही अंदर काफी रोष मे है तो वे सभी कर्मचारी किसी ऐसे मौके और मुद्दे की तलाश में है जब इस डाक्टर को अच्छी तरह से मजा चखा कर इसका जातिवाद का भूत उतारे। वैसे इस डाक्टर का एक बार एक छोटे कर्मचारी ने भूत उतार दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह डाक्टर महोदय अपने छोटे-छोटे कर्मचारियों को दबाव में रखकर उनसे कार्य लेना चाहता है कर्मचारी इसके दबाव में और इसके इशारे पर कार्य नहीं करना चाहते हैं उक्त डाक्टर छोटे-छोटे इन कर्मचारियों को बिना कारण के डांटता है कई बार तो असंसदीय भाषा का भी उपयोग कर उन्हे अपमानित करता है जब छोटा कर्मचारी पलटवार करता है तो ये महाशय अपने उन लोगों को अस्पताल में बुला लेता है और दबाव की राजनीति करता है। उक्त डाक्टर की इस हीन हरकत और हथकंडे से अस्पताल का छोटा-बड़ा स्टाफ परेशान है और मौके की तलाश में है।
सिविल अस्पताल के प्रमुख जिला चिकित्सालय के प्रमुख कलेक्टर सीहोर एवं रोगी कल्याण समिति की अध्यक्ष एसडीएम आष्टा को उक्त गंभीर मुद्दे की और शीघ्र नजर कर इसकी गहराई में जाकर जातिवाद का पनप रहा नासूर को जड़ से खत्म करने की और ध्यान दे कहीं ऐसा ना हो की अस्पताल में धीरे-धीरे उक्त डाक्टर के द्वारा फै लाया जा रहा जातिवाद का जहर अस्पताल में कभी कोई बड़ा विस्फोट करा दें जातिवाद के फैला रहे जहर से सभी कहीं ना कहीं परेशान हैं मुँह अभी कोई खोलने को तैयार नहीं है क्योंकि सभी मौके की तलाश में है।


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जिलाधीश आहूजा कोठरी में सड़क पर खड़े रहे.........

आष्टा 16 जुलाई (नि.प्र.)। कल सीहोर जिले के प्रभारी मंत्री एक दिवसीय दौरे पर आष्टा आये यूँ तो तय कार्यक्रम के अनुसार मंत्री जी को 1.30 बजे कोठरी आना था लेकिन वे लगभग 3 घंटे देरी से कोठरी पहुँचे आगे के सभी कार्यक्रम प्रभावित हो गये देरी में और देर ना हो कलेक्टर साहब यह चाहते थे लेकिन विधायक मंत्री जी को अपने घर ले गये और लगभग आधा घंटा और लेट हो गये खबर है कि कलेक्टर साहब इस दौरान कोठरी के बाहर इन्दौर भोपाल रोड पर आकर अपनी गाड़ी में बैठे रहे और विधायक के घर मंत्री जी के साथ नहीं गये। खबर है कि कलेक्टर साहब की यह सोच थी कि आग मंत्री जी ग्रामों मे और लेट ना पहुँचे लेकिन शायद विधायक आष्टा की सोच कुछ और रही होगी इसलिये वे देरी को गंभीर रुप से नहीं ले पाये। कारण कुछ भी हो लेकिन जिलाधीश ने कल रोड पर खड़े रहकर मंत्री जी के आने का इंतजार कर कई प्रकार के संकेत नेताओं को दे दिये। फुरसत को खबर है कि जिलाधीश कल प्रभारी मंत्री के दौरे में साथ थे लेकिन कहीं भी उन्होने आयोजित स्वल्पहार, चाय, भोजन आदि में भाग नहीं लिया।

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दो साल से जहां खेती नहीं हुई उस जमीन का भी मुआवजा बांटा

आष्टा 16 जुलाई (नि.सं.)। समीपस्थ ग्राम बिजौरी में पटवारी हल्का नं. 39 के पटवारी द्वारा मुआवजा के चैक वितरण में गंभीर अनियमितताएं की जा रही है। एक समान भूमि एक ही फसल के आसपास लगे खेतों की फसल की मुआवजा राशि में जमीन आसमान का अंतर है। पटवारी ने आंकल गलत किया है ऐसा आरोप ग्रामीणों ने लगाया है।
ग्राम बिजोरी के ग्रामीणों ने कल एक ज्ञापन में शिकायत की है कि जब सड़क किनारे के दो खेतों में कटाई चल रही थी तो पंचनामा बनाकर दस्तखत करवाकर पटवारी ले गये थे। अपने कमीशन के चक्कर में पटवारी कृषकों को अपने घर बुलाकर चैक बांट रहे हैं। एक कृषक के खेत में वास्तविक फसल बोई गई थी उसे मात्र 2400 रुपये का चैक मिला और दूसरी तरफ जिसने खेत में एक दाना भी नहीं बोया था उसे 7500 रुपये का चैक दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि एक ऐसे कृषक को भी चैक दिया गया है जिसके पास जमीन ही नहीं है।
पटवारी ने 5 एकड़ के खेत का मुआवजा एक कृषक को 3500 रुपये तथा वहीं दूसरे उनके परिचित कृषक को 15 हजार रुपये दिलाया है। मंत्री पेट्रोल पंप के पास न्यायालयीन प्रकरण में उलझी भूमि जो दो वर्षों से खाली पड़ी है का मुआवजा भी पटवारी द्वारा लेन-देन करके भुगतान किया गया है। खसरा-खतौनी की नकल के लिये अनावश्यक चक्कर लगवाते हैं ।
उल्लेखनीय है कि जिले भर से ऐसी शिकायतों का अंबार लगा हुआ है।


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पुलिस ने पुजारियों की बैठक बुलाई मांगी मदद, कहा आंदोलन मत करो

सीहोर 16 जुलाई (नि.सं.)। पुलिस जो कर बैठे सो कम है। आज नगर भर के अनेकानेक मंदिरों के पुजारियों की पुलिस ने एक बैठक बुलाई थी। शाम पुलिस नियंत्रण कक्ष में हुई बैठक में पुजारियों से पुलिस ने यह अपेक्षा की है कि वह लगातार हो रही चोरियों में पुलिस की मदद करें।
पुलिस ने कहा कि मंदिरों में कौन-कौन संदिग्ध व्यक्ति आता है उस पर आपकी निगाह रहती है कृपया वह हमें बतायें पुलिस ने अपने विशेष मोबाइल नम्बर व कोतवाली के नम्बर भी पुजारियों को लिखवाये। जैन मंदिर की सुबह गश्त समाप्ति के बाद हुई चोरी से आहत पुलिस ने कहा कि आप लोग ही हमें कोई क्लू दें। आंदोलन आदि करने से कुछ नहीं होगा, पुलिस परेशान होगी। आप आंदोलन न करायें क्योंकि इससे पुलिस परेशान होगी। आंदोलन देखे या चोर पकड़ने जाये। पुलिस ने पुजारियों का सहयोग मांगा।
एक पुजारी का इस पूरे घटनाक्रम पर कमेंट था कि हम पुजारी है यादा से यादा भगवान से पुलिस की सफलता के लिये पूजन कर सकते हैं। आंदोलन तो समाज के लोग कर रहे हैं उसमें पुजारी क्या कर सकते हैं। पुलिस की बैठक को कुछ पुजारी औचित्यहीन बताते नजर आये।


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अस्पताल में लगा बिना टोटी का सार्वजनिक नल

आष्टा 16 जुलाई (नि.प्र.)। आष्टा नगर पालिका ने सिविल अस्पताल में पुरुष वार्ड की और पानी की सुविधा हेतु एक सार्वजनिक नल लगा रखा है लेकिन इस लगाये गये नल में नगर पालिका ने टोटी नहीं लगाई है नगर पालिका का सबसे अपील करती है कि नलों को खुला ना छोड़े, टोटी लगाकर रखें, पानी व्यर्थ ना बहायें लेकिन जो नगर पालिका सबसे कहती है वो खुद अमल में क्यों नहीं लाती। आश्चर्य तो इस बात का है कि अस्पताल परिसर में नगर पालिका के एक जागरुक पार्षद अजीज अंसारी घंटो अस्पताल में उपस्थित रहते हैं लेकिन उन्हे भी बिना टोटी के इस नल का व्यर्थ बहता पानी आज तक नजर नहीं आया। दोष केवल नगर पालिका का ही नहीं नगर पालिका ने सार्वजनिक नल लगाकर एक पुण्य का कार्य किया लेकिन हजारों रुपये रोकस के खर्च करने वाली अस्पताल की रोकस के पास क्या 25-50 रुपये नहीं है कि वो एक टोटी इस नल में लगाकर सेकड़ो लीटर पानी बहने से रोके देखें अब पहले कौन जागता है नगर पालिका पार्षद या रोकस।

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Wednesday, July 16, 2008

नागरिक बैंक में नामांकन दाखिल, काका की पैनल उतरी

सीहोर 15 जुलाई (नि.प्र.)। सीहोर नागरिक सहकारी बैंक चुनाव की प्रक्रिया के तहत आज नामांकन भराये गये जिसमें सामान्य वर्ग से 35, अन्य पिछड़ा वर्ग पुरुष से 2, अनुसूचित जाति महिला वर्ग से 4 आवेदन आये जबकि अनुसूचित जनजाति महिला आरक्षित वर्ग में किसी ने आवेदन ही नहीं दिया। आये आवेदनों में जहाँ प्रकाश व्यास काका की पूरी पैनल मैदान में आ गई और स्पष्ट हो गई वहीं कुछ अन्य लोग अलग-अलग मैदान में आये हैं। अन्य कोई पैनल अभी सामने नजर नहीं आ रही है लेकिन बाद में क्या गणित बनते बिगड़ते हैं यह भविष्य तय करेगा। आज से ही सहकारी चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है।
सीहोर नागरिक सहकारी बैंक की चुनावी प्रक्रिया में आज का दिन महत्वपूर्ण रहा। जहाँ नगर भर में चुनावी सरगर्मी थी वहीं संचालक पद प्रत्याशियों ने बहुत सोच समझकर अपने आवेदन दिये। अनुमान था कि बड़ी संख्या में आवेदन आयेंगे लेकिन बहुत कम गिने-चुने आवेदन ही प्राप्त हुए हैं।
कम क्यों आये आवेदन
संभवत: पुराने धुरंधर और प्रभावी पूर्व अध्यक्ष रह चुके प्रकाश व्यास काका ने चुनावी प्रक्रिया के प्रारंभ के साथ ही अपनी पैनल लड़ाये जाने की घोषणा कर दी थी। इनकी इस घोषणा के चलते कई लोग जहाँ पूर्व से ही काका से सम्पर्क बनाकर उनकी पैनल में लड़ना चाह रहे थे वहीं कुछ लोग काका के पैनल के चक्कर में सामने आने से कतरा रहे थे। इस बार कांग्रेसी राजनीति के ठंडे बस्ते में होने के कारण भी सीहोर वे कांग्रेस जन जो बड़ी दमदारी दिखाने से नहीं चूकते थे वह भी चुनाव प्रक्रिया से एक दम सिरे से दूर बने रहे और स्थिति यह बनी की काका की पैनल लड़ाये जाने की चर्चाएं सरगर्म बनी रही। परिणामस्वरुप अपेक्षा से बहुत कम आवेदन आये हैं।
सामान्य वर्ग में कुल 18 लोग
आज सामान्य वर्ग में कुल 35 आवेदन आये हैं जिन्हे मात्र 18 लोगों ने दो-दो बार भरा है। इन 18 आवेदकों में मुकेश खत्री, सुनील वर्मा, मदन मोहन शर्मा 'मद्दी गुरु', प्रदीप गौतम पार्षद, प्रकाश चन्द्र राठौर, कमल किशोर झंवर (कमल प्रेस), कैलाश चन्द्र अग्रवाल, डॉ. मो. अनीस खान, पंकज कुमार खत्री, सुशील ताम्रकार, प्रकाश व्यास काका, राजेन्द्र शर्मा कल्लू पूर्व पार्षद, राजकुमार गुप्ता 'राजू' पूर्व पार्षद भाजपा नेता, इरुमगुमतानम मैथ्यूजैकब पीटर्स कम्पाउण्ड, कुतुबुद्दीन शेख, प्रेमनारायण परमार, अनिल मिश्रा पार्षद, राजेन्द्र वर्मा पूर्व संचालक शामिल हैं।
इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के एक पद पुरुष पद के लिये 2 आवेदन आये हैं जिनमें एक ओम प्रकाश वर्मा (गाँधी रोड) जो पूर्व पार्षद कस्बा निवासी हैं तथा दूसरे राजकुमार जायसवाल 'रिंकु' युकां अध्यक्ष शामिल हैं। इसी प्रकार अनुसूचित जाति महिला वर्ग आरक्षित में 4 आवेदन दो लोगों ने भरे हैं। एक सीट के लिये। उर्मिला देवी वीरेन्द्र कुमार वातव पीटर्स कम्पाउण्ड तथा अर्चना वर्मा पत्नि राजेन्द्र वर्मा शामिल हैं।
जबकि अनुसूचित जनजाति महिला वर्ग में कोई आवेदन नहीं आया है वहीं जो दो विशेष संचालक इस बार बनाये जाने थे जिसमें किसी वरिष्ठ बैंक प्रबंधक अथवा सी ए के लिये आरक्षित किया गया था इन दो पदों के लिये किसी का आवेदन नहीं आया है।
मामला नहीं आसान
यूं तो प्रथम दृष्टि में प्रकाश काका पैनल बड़ी भारी नजर आ रही है जिसमें सभी बड़े और धुरंधर खिलाड़ी सामने हैं लेकिन यदि पैनल के बाहर लोगों ने एका कर लिया और आपसी गठजोड़ के साथ उतर गये तो कुछ मामला रोचक स्थिति में भी आ सकता है। हालांकि अभी स्थिति नाम वापसी की तारीख के बाद ही तय होगी कि कितने लोग चुनाव मैदान में नजर आते हैं लेकिन कुछ ऐसे नाम अभी से चर्चाओं में शुरु हो गये हैं जिन्हे काका की पैनल को सुनिश्चित विजयश्री के लिये कुछ शांत अवश्य करना पड़ेगा। नागरिक सहकारी बैंक की राजनीति किस करवट बैठेगी उसे अभी आसानी से नहीं भांपा जाना चाहिये।


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जैन मंदिर में चोरों ने चार दानपेटी तोड़ी, चाँदी के छत्र ले उड़े

पुलिस ने कहा : सुबह 5 बजे बाद सर्राफा बाजार स्थित मुख्य द्वार से ताल तोड़कर घुसे चोर, - जैन समाज में रोष राज्‍यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा
सीहोर 15 जुलाई (नि.सं.)। छावनी सर्राफा बाजार में एक और सनसनीखेज चोरी ने आज यहाँ सबको स्तब्ध कर दिया जब दिगम्‍बर जैन मंदिर के मुख्य द्वार का ताला तोड़कर आराम से चोर अंदर घुसे और चार दानपेटी तोड़कर रुपये निकाल ले भागे। उन्होने बहुत ऊपर टंगे चाँदी के छत्र भी नहीं छोड़े । हजारों रुपये की इस चोरी के बाद पुलिस ने यह कहा है कि चोर सुबह 5 बजे के बाद आया है और दिन में ही उसने चोरी की। आज की घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है। डेढ़ साल पूर्व एक वेलर्स की दुकान से पूरा सामान चोरी जाने की घटना के बाद यह दूसरी बड़ी घटना है। आज विधायक रमेश सक्सेना ने भी मंदिर आकर स्थिति का जायजा लिया। जैन समाज में पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
एक बार फिर पुलिस की रात्रि गश्त और उसकी कार्यप्रणाली को अज्ञात चोरों ने ठेंगा दिखा दिया। सर्राफा बाजार में मार्च 2007 में सुबह-सुबह हरि सोनी की नई दुकान को पूरी तरह साफ करके कुछ अज्ञात लुटेरे ले गये थे जिन्हे पुलिस आज तक ढूंढ नहीं पाई। उसी समय से जब मामला गर्माया था तो पुलिस ने कथित रुप से यह कहा था कि हम एक चार की गार्ड सर्राफा बाजार में विशेष रुप से लगा रहे हैं। विशेष रात्रि गश्त की बात कही गई थी।
लेकिन आज सवा साल बाद एक बार फिर सनसनीखेज चोरी काण्ड में दिगम्बर जैन मंदिर से करीब एक लाख रुपये से अधिक का सामान चोरी चला गया है। यहाँ मुख्य द्वार के ताले नहीं टूटने पर कुंदा ही चोरों ने तोड़ दिया फिर वह अंदर घुसे और अंदर रखी चार दानपेटियाँ खटा-खट उन्होने तोड़ ली। एक दीवार में लगी पेटी भी उन्होने तोड़ी। सभी दान पेटियों में से नोट सारे चोरों ने बीन लिये और उसमें रखे करीब 15 किलो से अधिक के सिक्के जो 2-4 हजार के होंगे उन्हे उन्होने नहीं उठाया। इसी प्रकार भगवान की प्रतिमा के ऊपर लगे चाँदी के बडे छत्र जिन पर सोने का पालिश था उन्हे भी चोरों ने बड़ी तरकीब से निकाल लिया। इतना ही नहीं प्रतिमा जी के पीछे लगे एक चक्र को भी इन्होने निकाल लिया और रफूचक्कर हो गये। आज सुबह जब जैन समाज के पुजारी और अन्य लोगों ने मंदिर में यह घटना देखी तो वह स्तब्ध रह गये। पुलिस को सूचना की गई। पुलिस ने गंभीरता से मामले को लिया और जांच भी की। आज सूचना के करीब 4 घंटे बाद पुलिस का एक स्पेशल डाग भी आया जिसने चोर के आने-जाने की दिशा तय की।
पुलिस का स्पष्ट मानना है कि रात 4.30 बजे तक यह चोरी नहीं हुई है क्योंकि यहाँ एक गाड पहरा दे रहा था और उसके सामने यह घटना नहीं घटी है। पुलिस का मानना है कि घटनाक्रम 5 बजे के बाद हुआ है। इधर मोहल्ले वाले सुबह 5 बजे मुख्य द्वार से हुई चोरी की घटना को लेकर अचरज मे हैं। उनका मानना है कि सुबह तो अधिकांश लोग उठ जाते हैं, मोहल्ले में कुछ लोग सुबह से उठकर एक बारगी बाहर तक निकल आते हैं फिर सुबह यह घटना कब किसी चोर ने ली यह बात समझ नहीं आती।
कुल मिलाकर पुलिस ने यह तो तय कर ही दिया है कि चोरी 5 बजे बाद हुई है। तो ऐसे में क्या इसे दिन की सनसनीखेज चोरी माना जाये ?
आज यहाँ क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक रमेश सक्सेना भी घटना की सूचना मिलते ही पहुँचे। उन्होने यहीं पुलिस से बातचीत की कि पूर्व में जो चोरी हरि सोनी की दुकान पर हुई थी वह भी सुबह-सुबह ही हुई थी और इस बार यह चोरी सुबह ही हुई है तो फिर पुलिस अब आगे से इस क्षेत्र में गश्ती करने वाले को सुबह 6 बजे तक गश्त करने के लिये पाबंद करे ताकि ऐसी घटना दुबारा ना हो सके। उक्त निर्देश पुलिस को विधायक जी ने दिये। आज जैन समाज में घटना को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त था। आज जैन समाज ने रायपाल महोदय के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें उन्होने श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर चरखा लाईन की चोरी के साथ ही पूर्व में भी हुई चोरियों की जानकारी बताते हुए कहा कि पुलिस आज तक कोई सुराग नहीं लगा सकी है। 2006 में श्वेताम्बर जैन मंदिर इसी मार्ग पर चोरों ने दीवार में सेंध लगाकर चोरी करने का प्रयास किया था। वर्ष 07 मार्च में इंग्लिशपुरा स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में चोरों ने बहुमूल्य सामग्री व नगदी चोरी की थी। सर्राफा बाजार जो आर्थिक लेन-देन का बडा क्षेत्र है वहाँ एक सर्राफा व्यावसायी हरि सोनी के यहाँ डकैती भी हो चुकी है। तब डीआईजी ने विशेष सुरक्षा के पुलिस को निर्देश दिये थे। जैन समाज ने जैन मंदिरों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन से गंभीरता से कदम उठाने की मांग की है। अन्यथा जैन समाज द्वारा अंहिसात्मक आंदोलन धरना प्रदर्शन आदि के लिये विवश होने की बात कही है।
आज पुलिस ने उक्त मामले में मात्र 20 हजार रुपये के सामान चोरी जाने का मामला दर्ज किया है।