Sunday, June 29, 2008
हो रही गरीबी रेखा की जांच, 3 दिन में कटेंगे सैकड़ों के नाम..?
जानकारी के अनुसार नगरीय क्षेत्र में राय शासन के अनुसार विगत 3 माह पूर्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) कार्यालय के निर्देश पर प्राप्त आवेदनों के आधार पर गरीबी रेखा में नाम जोड़ने का कार्य शुरु किया गया था। जिसमें 35 वार्डों में सर्वे कराया जाकर कई नाम जोड़े गये थे। और इस सूची को शहरी गरीबी उपशमन प्रकोष्ठ में सौंप दिया गया था। तीन माह पूर्व जो सर्वे हुआ था उसमें बड़ी बारीकी से जांच की जाकर नये नाम जोड़े गये थे व कुछ हटाये गये थे लेकिन अब एक बार फिर जिलाधीश के स्थानान्तरण होते ही नये सिरे से इस कार्य को कराये जाने का कार्य शुरु हुआ है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा एक बार फिर नगर पालिका कर्मचारियों और तहसील के पटवारी आदि कर्मियों की संयुक्त कमेटी के माध्यम से प्रत्येक वार्ड में फिर गरीबी रेखा की सूची की जांच शुरु हो गई है। इस बार जांच सूची में शामिल लोगों के यहाँ जाकर की जा रही है कि वह वास्तव में इस सूची में शामिल होने लायक हैं या नहीं, ऐसा विश्वास व्यक्त किया जा रहा है कि 3 दिन में जब इसकी रिपोर्ट सौंपी जायेगी संभवत: सैकड़ो नाम सूची में से कटने की स्थिति में आ जायेंगे। देखते हैं क्या होता है।
आधा दर्जन थाना प्रभारियों के तबादले
राय शासन द्वारा निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के किये गये फेरबदल के बाद जिले के आधा दर्जन थाना प्रभारी प्रभावित हुए हैं। जारी आदेश के बाद मंडी थाने की कमान संभाले हुए जे.एस.सिध्दू, कोतवाली थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक पंकज गौतम, नस.गंज थाना प्रभारी उमेश तिवारी, नस.गंज में ही प्रभारी उपनिरीक्षक श्रीमति नीता चौबे, बिलकीसगंज थाना प्रभारी केशव पुरी, अहमदपुर थाना प्रभारी विवेक अष्ठाना एवं इछावर थाना प्रभारी एन.पाण्डे का जिले के बाहर तबादला हो गया है। पिछले लम्बे समय से निरीक्षकों की बाट जो रहे जिले के यह सभी थाने अभी तक उपनिरीक्षकों के हवाले थे और अब एक बार फिर फेरबदल के बाद जिले के सभी थाने प्रभारी विहीन हो जायेंगे। पुलिस महकमे से जुड़े सूत्रों की मानें तो पुलिस लाईन में एक मात्र निरीक्षक के.के.शर्मा अपनी आमद दे चुके हैं। बताया यह भी जा रहा है कि इस फेरबदल के बाद जिलों के कई थाना क्षेत्रों में भी फेरबदल होना संभावित है। फेरबदल में कोतवाली थाना प्रभारी अजय वर्मा को मण्डी थाने का प्रभार सौंपा जाना संभावित है।
50 क्विंटल गोंद से भरा ट्रक वन विभाग ने पकड़ा, सागौन ईमारती लकड़ी सहित एक मोटर साईकिल पकड़ी
आष्टा 28 जून (नि.प्र.)। वन परिक्षेत्राधिकारी आष्टा ए.के.एस. सेंगर के निर्देशन में आर.एन.एस. नागर डिप्टी रेंजर, एम.एल. मलोठिया, नागेन्द्र सिंह वैस, घनश्याम पाण्डेय, रमेश साहू, कमल सेन, श्याम नारायण पाण्डेय, शिव सिंह गेहलोत वनरक्षक आदि ने ग्राम जताखेड़ा के पास अवैध सागौन लकड़ी 6 नग सहित सुजुकी मोटर साईकिल जप्त की वनविभाग के दस्ते को देखकर मोटर साईकिल पर सवार दोनो आरोपी अज्ञात आरोपियों के विरुध्द म.प्र. वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबध्द कर मोटर साईकिल राजसात की कार्यवाही एवं प्रकरण में फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसी प्रकार इन्दौर वाहन चैकिंग वेरियर आष्टा पर कुल्लू गोंद से भरा एक ट्रक एमपी 04 जीए 0368 अवैध रुप से गोंद परिवहन करते हुए जप्त कर वन अपराध प्रकरण पंजीबध्द किया गया। ट्रक ड्रायवर पवन शर्मा निवासी राठौर मोहल्ला सीहोर द्वारा किसी अन्य ट्रक क्रमांक एमपी 04 जीए 0195 की गोड़ परिवहन करने की टीवी प्रस्तुत की गई। जिसकी जांच सैमद मुर्तजा हुसैन वनपाल द्वारा की जा रही है ट्रक जप्त कर रेंज कार्यालय आष्टा के प्रांगण में खड़ा किया गया जिसमें लगभग 2 लाख रुपये मूल्य का गोंद मय ट्रक के जप्त किया गया है। श्री सेंगर के निर्देशन में इसी प्रकार ग्राम सिध्दिकगंज के पास वनभूमि से मुरम का अवैध उत्खनन करते हुए जेसीबी मशीन एवं डम्फर जप्त किया गया था।
वनविभाग आष्टा के स्टाफ द्वारा की जा रही सघन जप्ती कार्यवाही से वन माफियाओं में हड़कम्प व्याप्त है।
हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास
अतिरिक्त लोक अभियोजक बी.एस. ठाकुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अभियोजन का प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार था कि मृतक शंकरलला जो आरोपी रंजीत का भतीजा था के अवैध संबंध उसकी पत्नि से थे जिससे आरोपी नाराज था व दुश्मनी रखता था। आरोपी ने 28 जुलाई 07 को ग्राम लाखिया में शंकरलाल को उसके घर में रात में पत्थर से चोंट पहुँचाई जिससे वह मर गया तब मृतक के दोनो पैर रस्सी से बांधकर उसके बदन को घसीटते हुए कासम नदी लेकर गया जहाँ कुल्हाड़ी से मृतक का सिर काट कर धड़ से अलग कर दिया एवं सिर तथा धड़ को कासम नदी में साक्ष्य छिपाने के लिये फेंक दिया एवं मृतक का कम्बल व घडी क़ो अपने पास रख लिया। 30 जुलाई 07 को मृतक केशव की सूचना प्राप्त हुई तथा सिध्दिकगंज पुलिस द्वारा मौके पर पहुँचने पर सिर विहीन लाश प्राप्त हुई तथा तलाश करने के उपरांत सिर नहीं मिला।
प्रकरण में विवेचना एस.एन. पाण्डे थाना प्रभारी सिध्दिकगंज द्वारा की गई। मृतक की पहचान पिता अमर सिंह व बहन सुगन बाई ने उसकी बाडी व मृतक के हाथ में गुदे नाम ऊँ शंकरलाल को तथा उसके हाथ में बंधे नाड़े व तांबे की अंगूठी तथा पहनी हुई पेंट से की। आरोपी रंजीत को पुलिस द्वारा हिरासत में लिये जाने के उपरांत उसके द्वारा स्वतंत्र साक्षीगणों के समक्ष हत्या कबूल करते हुए दी गई जानकारी के आधार पर मृतक के घर से गोदड़ी तकिया की खोल खून से सने हुए जप्त किये तथा आरोपी से मृतक की खून लगी बनियान, तंगिया, घड़ी, रस्सी, पत्थर व मृतक का कम्बल जप्त किया गया। स्वतंत्र अभियोजन साक्षीगण द्वारा अभियोजन पक्ष का समर्थन करते हुए न्यायालय में आरोपी द्वारा दी गई जानकारी एवं सामान जपती का समर्थन किया तथा क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में गोदड़ी एवं तकिया में मानव रक्त बी सूमह का पाया गया जो आरोपी से जप्त कुल्हाडी पर भी मौजूद पाया गया। साक्षी डाक्टर के.के.चतुर्वेदी द्वारा मृतक के धड़ एवं गर्दन जोड़ पर कटा हुआ घाव जहाँ से गैन कटी हुई थी तथा दिखाये गये हथियार कुल्हाड़ी से चोंट आना संभावित होने की न्यायालयीन कथन में पुष्टि की तथा साक्षी डॉ. ए.के.जैन द्वारा आरोपी की चोंटों का परीक्षण करने पर उसके गर्दन एवं छाती की चोंटों को जप्तशुदा रस्सी से मृतक के पैर बांधकर उसे घसीट कर ले जाने पर आने संबंधी न्यायालयीन कथन में पुष्टि की।
विद्वान न्यायाधीश श्री राजेश श्रीवास्तव द्वारा प्रकरण में श्रृंखलाबध्द आई अभियोजन साक्ष्य का सूक्ष्म एवं गंभीर अवलोकन करते हुए आरोपी को दोषसिध्द पाते एवं दण्डादेश का निर्णय पारित किया। आष्टा क्षेत्र में सरकटी लाश के संबंध में दिये गये निर्णय की सराहना के साथ ही अपराधियों के लिये भय उत्पन्न होने का वातावरण निर्मित हुआ है। प्रकरण में शासन की और से अतिलोक अभियोजक बी.एस.ठाकुर द्वारा पैरवी की गई।
जब पति अपनी पत्नि को ले भागा
आष्टा टीआई अतीक खान ने बताया कि देवास निवासी एक युवक जिसकी शादी सीहोर के बजरिया क्षेत्र के एक परिवार में हुई थी उसकी पत्नि अपने माता-पिता के यहाँ आई थी कल देवास से पति महोदय पत्नि से मिलने सीहोर पहुँचे और उन्होने पत्नि से कहा कि चलो मंदिर से आते हैं। पति-पत्नि ससुराल के दुपहिया वाहन पर सवार होकर मंदिर गये और पति ने मंदिर दर्शन के बाद उक्त वाहन को सुसराल के बदले देवास रोड पर मोड़ दिया तब पत्नि को समझ में आया कि ये देवास ले जा रहे हैं। अमलाह के पास पीछे से आ रही बस को रोका और दुपहिया वाहन को रोड पर खड़ाकर दोनो बस में सवार हो गये। जब ग्रामीणों ने यह सब देखा तो उन्हे लगा उक्त व्यक्ति उक्त महिला को भगाकर ले जा रहा है तो आष्टा पुलिस को सूचना कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस सतर्क हुई आष्टा बस आई दोनो को उतारा पुलिस चौकी ले गये वहाँ पर पत्नि ने बताया हम दोनो पति-पत्नि है और ऐसा-ऐसा हुआ में मोटर साईकिल पर इनके साथ गिरते पानी से तथा इनकी जो स्थिति है उसे देखते हुए नहीं जाना चाहती हूँ बाद में सबकुछ स्थिति स्पष्ट हुई और दोनो पति-पत्नि को सीहोर भेजा गया। खबर है कि पति महाशय नशे में थे और गाड़ी पर पत्नि को ले जाने के कारण पत्नि घबरा रही थी और इस तरह एक अजीबों गरीब किस्से का आष्टा में पटाक्षेप हो गया।
राजस्थान से आ रहा अवैध मार्बल अधिकारियों की अनदेखी से आष्टा में धड़ल्ले से बिक रहा
हत्यारे पति को आजीवन कारावास
मामले में पैरवी करते हुए अपर लोक अभियोजक मनोज सक्सेना के अनुसार इन्दौर नाका निवासनी मृतिका डाली कुशवाह को उसके पति आरोपी राकेश कुशवाह ने दहेज को लेकर क्रूरतापूर्ण हत्या की। मामले का अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत होने पर सीजेएम न्यायालय से प्रकरण विधिवत उपार्पित हुआ। अभियोजन ने अपने 13 साक्षी पेश किये। दोनो पक्षों की अंतिम बहस सुनी।
विद्वान सत्र न्यायाधीश एम. के.भदकारिया साहब ने सूक्ष्मता से साक्ष्य विशेषण किया व 302 भारतीय दण्ड संहिता का अपराध सिध्द पाकर दोषी अभियुक्त राकेश पुत्र गंगा प्रसाद कुशवाह को अपनी पत्नि की हत्या करने के लिये आजीवन कारावास की सजा व 2000 रुपये दो हजार मात्र का अर्थदण्ड का 36 पृष्ठीय ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
राय की और से पैरवी मनोज सक्सेना एडवोकेट द्वारा की गई।
भाऊखेड़ा में आग लगने से लाखों का नुकसान
प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को ग्राम भाऊखेड़ा के रामप्रसाद बाबूलाल, भागीरथ व सान के 21 मियाल के मकान में अज्ञात कारणों से आग लग गई थी आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड आष्टा व नगर पंचायत जावर को की गई थी। दोनो जगह से आग बुझाने के लिये फायर ब्रिगेड व टेंकर पहुँच गये थे। नगर पंचायत अध्यक्ष फूल सिंह मालवीय में बताया कि हमने आग लगने की सूचना मिलते ही नगर पंचायत का टेंकर पानी लेकर भेज दिया गया था। मैं खुद भी घटना स्थल पर पहुँच गया था और आग बुझाने में लोगों की मदद की। फायर ब्रिगेड रास्ता खराब होने के कारण नहीं पहुँच पाई। टीआई बी.के.उपाध्याय ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस के जवान भाऊखेड़ा भेज दिये थे। उपाध्याय ने बताया कि आग से जन-धन की हानि नहीं हुई। उधर भाऊखेड़ा के राम प्रसाद जिनके मकान में आग लगी थी ने बताया कि शुक्रवार को जब मकान में आग लगी उस समय घर पर कोई नहीं था घर के सदस्य जंगल में गये थे। आग से 21 मियाल का मकान उसमें रखा खाद बीज गेहूँ चना डीजल सौ लीटर ट्रेक्टर के टायर कृषि उपकरण घांस भूसा लकड़ी कण्डे सब जलकर राख हो गया आग से करीब दो-तीन लाख का नुकसान होना बताया जा रहा है।
अमरनाथ यात्रा रूकी तो मुस्लिम आतंकवादियों का बजरंग दल करेगा सफाया
उक्त प्रेस विज्ञप्ति विश्व हिन्दु परिषद बजरंग दल विभाग मंत्री अजीत शुक्ला द्वारा जारी करते हुए कहा गया कि एक बार 1994 में भी वहां के मुस्लिम आतंकवादियों ने अमरनाथ यात्रा के अवरोध उत्पन्न करने प्रयास किया था लेकिन भारत के लाखों बजरंगीयों ने जम्मु कश्मीर सरकार और आतंकवादियों को चुनौती देकर यात्रा निर्भिग रूप से सम्पन्न कराई थी। केन्द्र सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर जम्मु कश्मीर तथा आतंकवादियों के दबाव में ना आकर अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था कर यात्रा जारी रखने की मांग की गई है तथा यात्रा पर बाधा उत्पन्न करने कटु शब्दों में निंदा की है निंदा करने वालों में प्रमुख विश्व हिन्दु परिषद विभाग मंत्री अजीत शुक्ला, संत समिति के प्रांतीय सदस्य महावीर दास,जिला संत प्रमुख संत प्रमुख नारायण दास गौ संवर्धन प्रांत उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह यादव, विभाग संयोजक सत्येन्द्र वेश्य, अध्यक्ष अतुल राठौर, जिला मंत्री रामेश्वर जाट, कोषाअध्यक्ष मनोज आर्य, जिला संयोजक जगदीश कुशवाह, सम्रस्ता प्रमुख राजेन्द्र सिंह ठाकुर, मात्र शक्ति प्रमुख मधु यादव, यशोवर्धन शुक्ला, हरिप्रसाद शर्मा, विक्रम सोनानिया, डा. नरेन्द्र चन्द्रवंशी, मांगीलाल ठाकुर, जमना प्रसाद मीणा, मनोहर यादव, ज्ञानसिंह मेवाड़ा, हुकमसिंह जाट, रामगोपाल गौर, शंकर ठाकुर, मुकेश परमार, द्वारका प्रसाद कुशवाह, पुरूषोतम मीणा, प्रेमसिंह, ज्ञानसिंह ठाकुर, कन्हैया पाटीदार, नीतिन गुप्ता, राहुल बंसल, सुरज,राजकुमार जैन, लक्की मालवीय, जे.पी. संतोष पाटीदार, बबलू पाल, देवेश कन्ना, बिन्ना, मनोज विश्वकर्मा, विकास राठौर, अनिल सत्येन्द्र वारिया, नरेन्द्र मेवाड़ा, देवेन्द्र सेंगर, देवेन्द्र कुशवाह, महेश, सुरेश, दिनेश आदि जिले के समस्त हिन्दु संगठनों के कार्यकर्ताओ ने निंदा करते हुए चेतावनी दी है।
उद्धाटन की बाट जो रहा ग्वाला का उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन
वर्तमान में उपस्वास्थ्य केन्द्र किराये के भवन में लग रहा है। इस उपस्वास्थ्य केन्द्र के अनतग्रत ग्वाली, पांचापुरा, बरहापुरा, चिंतामनपुरा, बादा गुराड़िया, खेजड़ाखेड़ा, पीपलिया, सलारसी, सतबड़ा आदि गांव आते हैं। हमने स्वास्थ्य विभाग को भवन बनकर तैयार होने की सूचना पूर्व में ही दे चुके हैं। खान का कहना है कि उक्त स्वास्थ्य भवन का जल्दी उद्धाटन हो जाता है तो लोगों को इसका लाभ मिलने लगेगा।
चन्दन डोले को लेकर नपा.कर्म.मे आक्रोश फूटा
आष्टा 28 जून (नि.प्र.)। नगर पालिका में कार्यरत चंदन डोले शोध सहायक ने अपनी मनमरजी का राज स्थागित कर रखा है, सीएम ओ दीपक राय भी उन्हें कट्रोल करने में अपने आपको असहाय पा रहे है, कारण कि डोले जी भोपाल में मंत्री जी के बंगले से किसी अधिकारी कर्मचारी से फोन करवा देते हैं और डोले सा0 का वेतन पेमेंट हो जाता है काम के नाम सिपर है।
बताया जाता है कि चंदन डोले शोध सहायक न0पा0 में कोई भी काम कभी कार्यालय आ जाते है और पिछलें सभी कार्य दिवस के हस्ताक्षर कर तफरी कर, दो चार शिकायतें सीएमओ की सीएम तक भेजकर चले जातें है और फिर भोपाल से मंत्री जी के बंगले से किसी अफसर से फोन लगवा देते है, जिससे सीएमओ को कार्यवाही नही क रने के लिए मजबूर कर देते है इनका वेतन लगभग 600 रू प्रतिदिन है। पिछले दिनों स्वच्छता सर्वेक्षण में जब श्री डोले की डयटी लगाई गई तो आदस से मजबूर डोले चार दिन गोल मार गये जब काम पिछे हो गया तो अपनी डि्वटी हटवाने के लिए भोपाल से फोन लगवा दिया और फिर गैर हाजिर हो गए, जिसका फायदा यह हुआ कि इनकी डयूटी हटा ली गई काम पीछे कर दूसरे कर्मचारी को काम दे दिया गया, वेतन निकालना जरूर नही भूलते हैं डोले जी, काम का कह दो तो दुनिया भर पंचायत लगा लेते है।
चंदन डोले के रवैया से क्षुब्ध होकर न0पा0 नगर पालिका के कर्मचारियों ने अध्यक्ष कैलाश परमार तथा सीएमओ दीपक राय को ज्ञापन दिया है कि डोले पर काम नही तो वेतन नही का सिंद्धान्त लगाकर वेतन भुगतान पर रोक लगाई जाए तथा विभागीय कार्यवाही की जाए, क्योकि न0पा0स्वायत्त शासी निकाय है, सभी कर्मचारी मेहनत कर वेतन जीपीएफ वसूली आदि कार्य कर इंतजाम करते है तो श्री डोले जी सभी को चकमा देकर बिना काम किए वेतन लेकर भोपाल भाग जाते है। मदन किलोदिया, फारूख हसन, रशीद जेडी गुप्ता एचओ. नागर अनिरूद्ध लेखापाल, हबीब असलम, अरूणा सोनी, कप्तान सिंह, कैलाश श्रीवास्तव, शांतिलाल फूलसिंह, कमल किशोर, अजय द्विवेदी आदि ने ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की है।
श्रीमति भगवान कौर सेठी को श्रद्धांजली
सीहोर 28 जून (नि.सं.)। आज स्थानीय गुरूद्वारा के सभाहाल में सिख समाज के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह अरोरा मिन्दी की अध्यक्षता में एक शोकसभा आयोजित कर समाज के सदस्य कुलदीप सेठी की माताजी श्रीमति भगवान कौर के आकस्मिक निधन पर गुरूग्रंथ साहिब के चरणों में अरदास कर भगवान कौर की आत्मा की शांति हेतु दो मिनिट का मौन धारण कर श्रद्धांजली अर्पित की गई।
Saturday, June 28, 2008
हजारों लोग परेशान, जमीन तो है पर मालिक नहीं बन पा रहे, मंत्री जी के फोटो के कारण बहियाँ नहीं बनाई जा रही किसानों की
पिछले दो साल से जमीनों के सौदों का काम उस गति से हुआ है जितना कभी कल्पना भी नहीं की गई थी। हजारों की जमीन लाखों में और लाखों की जमीन के सौदे करोड़ों रुपये में हो चुके हैं। हर गांव में जैसे कोई एक काम ही शुरु हो गया है कि जमीन बेचों और ऐश करो क्योंकि हजारों रुपये की जमीन के भाव जब लाखों रुपये मिलेंगे तो कौन जमीन नहीं बेचेगा।
नगर के जमीन मामले में बड़े-बडे ख़ाईवाल, सौदागर और प्रापर्टी ब्रोकरों का करोड़ो रुपया जमीनों के सौदों में उलझा हुआ है। ऐसे में अब अचानक विगत एक माह से तहसील कार्यालय से राजस्व विभाग द्वारा जमीन की बहियां बनाने का काम बंद कर दिये जाने से किसान उलझन महसूस कर रहे हैं।
पटवारी कर रहे टालमटोल
विगत मई माह के दूसरे पखवाड़े के बाद से जिले भर में बहियां बनाने का काम बंद कर दिया गया है। बही क्यों नहीं बनाई जा रही है यह बात आम व्यक्ति को नहीं बताई जाती लेकिन बही बनाने के नाम टालम टोल होता रहता है। और विशेषकर ग्रामीणजन पटवारियों के इर्द-गिर्द घूमते रहते हैं कि साहब बही बना दो।
दाखिल खारिज भी नहीं हो रहा
बही बनाने का काम रोकने के साथ ही यहाँ विशेषकर जिला मुख्यालय स्थित तहसील कार्यालय में नामांतरण का कार्य भी रुका पड़ा है । कहा जाता है कि जब बही बनेगी तो नामांतरण भी हो जायेगा। अब न बही बन रही है और ना ही नामांतरण हो रहा है। नामातंरण (दाखिल खारिज) नहीं होने से भी जमीन खरीदने-बेचने वालों की दिक्कत बड़ी हुई है।
किसान हैं भयभीत
बही नहीं बनने और दाखिल खारिज होने के कारण किसान वर्ग भयभीत रहता है, उसे भय सताता रहता है कि आखिर उसने जो जमीन का सौदा किया है उसकी पक्की लिखा पढ़ी नहीं हुई तो कहीं दिक्कत ना आ जाये इस कारण वह पटवारियों के चक्कर लगाता रहता है और पटवारी उसे वास्तविक स्थिति बताये बिना चक्कर लगवाते रहते हैं।
आया है ऊपर से आदेश
असल में विगत मई माह के दूसरे पखवाड़े से बही बनाने का काम इसलिये बंद कर दिया गया है क्योंकि जो बही पुस्तिका थी उसमें प्रदेश के सम्मानीय नेताओं के फोटो छाप दिये गये थे इसको लेकर एक वाद माननीय उच्च न्यायालय में लगा था और इसके बाद ही प्रदेश शासन का एक पत्र हर जिला मुख्यालय पर आया है कि आगामी आदेश तक बही बनाने का काम रोक दिया जाये।
हालांकि पत्र में यह नहीं लिखा है कि कब बही नहीं बनाई जाये अथवा वही बनाना क्यों रोका गया है। लेकिन इस पत्र के आने के बाद से ही बही नहीं बन रही है।
क्या कहते हैं तहसीलदार साहब- सीहोर मुख्यालय के तहसीलदार राजेश शाही ने इस संबंध में फुरसत को बताया कि विगत 24 मई को हमें एक पत्र प्राप्त हुआ था जिसमें उल्लेख था कि बही बनाने पर प्रतिबंध लगाया जाये, हमने आदेश के पालन स्वरुप बही बनाने का कार्य रोक दिया है।
जब उनसे पूछा गया कि अब चालू होगा बही बनाने का काम तो श्री शाही ने कहा कि आगामी आदेश की प्रतीक्षा है, हम कुछ नहीं कर सकते। उन्होने शासन द्वारा बही बनाना क्यों रोका गया इस प्रश् का कोई उत्तर नहीं दिया। श्री शाही ने माना की परेशानी तो रही होगी लेकिन क्या किया जा सकता है, उन्होने कहा जैसे ही बही बनाने के आदेश आ जायेंगे तत्काल बही बनाना प्रारंभ कर दी जायेगी। अब देखना है कब तक बहियां बनना शुरु होती हैं...।
जब भोपाल के अधिकारी के दिये रु. में ही कमीशन खा गये सीहोरी कर्मचारी खुसूर-फुसुर
पिछले दिनों एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी का असामायिक निधन हो गया था। इनके एक पुत्र भोपाल नगरीय प्रशासन विभाग के एक अधिकारी के रुप में कार्य करते हैं वह अपने इसी तारतम्य में सीहोर आये। यह जब सीहोर आये तो नगर पालिका के वरिष्ठ और कुछ खास कर्मचारी इनके यहाँ गमी में बैठने भी गये। इन्होने इतना दुख प्रकट किया कि लगा मानों इन लोगों को भारी दुख हुआ है, फिर तो जब तक अधिकारी जी सीहोर रहे यह अधिकारी लगातार यहीं इनके आसपास मंडराते रहे और सेवा का अवसर देने को कहते रहे। इन्होने अधिकारी के घर में कुछ नल फिटिंग गड़बड़ थी तो उसे भी ठीक करा दिया, कुछ और काम करने का भी प्रयास किया। अधिकारी जरा ईमानदार किस्म हैं इसलिये वह कोई विशेष सेवा तो लेते ही नहीं। हाँ उन्हे घर में एक सिंटेक्स की टंकी चाहिये तो इसके लिये उन्होने एक कर्मचारी को नगद रुपये और कहा कि टंकी ला दो।
अब अधिकारी जब टंकी लेने गया तो यह भूल ही गया कि काम अधिकारी जी का कर रहा है, अपने आदत अनुसार वह जितने का माल था उससे यादा का बिल ले आया, और बिल थमा दिया। अधिकारी ने जब दूसरे दिन बाजार में सिंटेक्स के भाव पता करे तो वह अचरज कर बैठे, क्योंकि उनके यहाँ डेढ़ गुने भाव में टंकी लाई गई थी, उन्होने तत्काल नगर पालिका के उस कर्मचारी को बुलाया और उसकी लू उतार दी, खूब खरी-खोटी सुनाई। नाराज अधिकारी अच्छी तरह उसे कान के कीडे झाड़ दिये और कमीशन खाने वाला सीहोर नगर पालिका का कर्मचारी नीचे मुँह करके सुनता रहा।
अब जबसे यह किस्सा नगर पालिका के कर्मचारियों को पता चला है वह चटखारे ले-लेकर मजे ले रहे हैं, और एक दूसरे को सुना भी रहे हैं कि देखो वो अधिकारी के रुपय में ही कमीशन ले बैठा।