Saturday, June 28, 2008

हजारों लोग परेशान, जमीन तो है पर मालिक नहीं बन पा रहे, मंत्री जी के फोटो के कारण बहियाँ नहीं बनाई जा रही किसानों की

खास खबर
सीहोर 27 जून (विशेष सं.)। एक माह से अधिक समय होने को आया, तहसील कार्यालय में जमीन की बहियाँ बनाना बंद कर दिया गया है। सैकड़ों किसान जमीन की बही बनवाने के लिये चक्कर लगा रहे हैं लेकिन यहाँ पटवारी उन्हे बिना कोई स्पष्ट कारण बताये बार-बार टाल देते हैं। बही बनाना बंद कर देने से किसानों को दिक्कत आ रही है। इतना ही नहीं सिर्फ बहियाँ बनने से रुक जाने के कारण ही नामांतरण दाखिल खारिज का काम भी बंद पड़ा हुआ है। कुल मिलाकर जमीन के मामले में हर कोई परेशान है।
पिछले दो साल से जमीनों के सौदों का काम उस गति से हुआ है जितना कभी कल्पना भी नहीं की गई थी। हजारों की जमीन लाखों में और लाखों की जमीन के सौदे करोड़ों रुपये में हो चुके हैं। हर गांव में जैसे कोई एक काम ही शुरु हो गया है कि जमीन बेचों और ऐश करो क्योंकि हजारों रुपये की जमीन के भाव जब लाखों रुपये मिलेंगे तो कौन जमीन नहीं बेचेगा।
नगर के जमीन मामले में बड़े-बडे ख़ाईवाल, सौदागर और प्रापर्टी ब्रोकरों का करोड़ो रुपया जमीनों के सौदों में उलझा हुआ है। ऐसे में अब अचानक विगत एक माह से तहसील कार्यालय से राजस्व विभाग द्वारा जमीन की बहियां बनाने का काम बंद कर दिये जाने से किसान उलझन महसूस कर रहे हैं।
पटवारी कर रहे टालमटोल
विगत मई माह के दूसरे पखवाड़े के बाद से जिले भर में बहियां बनाने का काम बंद कर दिया गया है। बही क्यों नहीं बनाई जा रही है यह बात आम व्यक्ति को नहीं बताई जाती लेकिन बही बनाने के नाम टालम टोल होता रहता है। और विशेषकर ग्रामीणजन पटवारियों के इर्द-गिर्द घूमते रहते हैं कि साहब बही बना दो।
दाखिल खारिज भी नहीं हो रहा
बही बनाने का काम रोकने के साथ ही यहाँ विशेषकर जिला मुख्यालय स्थित तहसील कार्यालय में नामांतरण का कार्य भी रुका पड़ा है । कहा जाता है कि जब बही बनेगी तो नामांतरण भी हो जायेगा। अब न बही बन रही है और ना ही नामांतरण हो रहा है। नामातंरण (दाखिल खारिज) नहीं होने से भी जमीन खरीदने-बेचने वालों की दिक्कत बड़ी हुई है।
किसान हैं भयभीत
बही नहीं बनने और दाखिल खारिज होने के कारण किसान वर्ग भयभीत रहता है, उसे भय सताता रहता है कि आखिर उसने जो जमीन का सौदा किया है उसकी पक्की लिखा पढ़ी नहीं हुई तो कहीं दिक्कत ना आ जाये इस कारण वह पटवारियों के चक्कर लगाता रहता है और पटवारी उसे वास्तविक स्थिति बताये बिना चक्कर लगवाते रहते हैं।
आया है ऊपर से आदेश
असल में विगत मई माह के दूसरे पखवाड़े से बही बनाने का काम इसलिये बंद कर दिया गया है क्योंकि जो बही पुस्तिका थी उसमें प्रदेश के सम्मानीय नेताओं के फोटो छाप दिये गये थे इसको लेकर एक वाद माननीय उच्च न्यायालय में लगा था और इसके बाद ही प्रदेश शासन का एक पत्र हर जिला मुख्यालय पर आया है कि आगामी आदेश तक बही बनाने का काम रोक दिया जाये।
हालांकि पत्र में यह नहीं लिखा है कि कब बही नहीं बनाई जाये अथवा वही बनाना क्यों रोका गया है। लेकिन इस पत्र के आने के बाद से ही बही नहीं बन रही है।
क्या कहते हैं तहसीलदार साहब- सीहोर मुख्यालय के तहसीलदार राजेश शाही ने इस संबंध में फुरसत को बताया कि विगत 24 मई को हमें एक पत्र प्राप्त हुआ था जिसमें उल्लेख था कि बही बनाने पर प्रतिबंध लगाया जाये, हमने आदेश के पालन स्वरुप बही बनाने का कार्य रोक दिया है।
जब उनसे पूछा गया कि अब चालू होगा बही बनाने का काम तो श्री शाही ने कहा कि आगामी आदेश की प्रतीक्षा है, हम कुछ नहीं कर सकते। उन्होने शासन द्वारा बही बनाना क्यों रोका गया इस प्रश् का कोई उत्तर नहीं दिया। श्री शाही ने माना की परेशानी तो रही होगी लेकिन क्या किया जा सकता है, उन्होने कहा जैसे ही बही बनाने के आदेश आ जायेंगे तत्काल बही बनाना प्रारंभ कर दी जायेगी। अब देखना है कब तक बहियां बनना शुरु होती हैं...।

जब भोपाल के अधिकारी के दिये रु. में ही कमीशन खा गये सीहोरी कर्मचारी खुसूर-फुसुर

सीहोर 27 जून (नि.सं.)। नगर पालिका में कमीशन खाने की ऐसी आदत कुछ कर्मचारियों को हो गई है कि वह कई बार तो घर के लिये दाल-सब्जी खरीदने जाते हैं तो उसमें भी दुकानदार से पूछते हैं कि तुम्हारे यहाँ से खरीदने में हमें क्या लाभ होगा ? ऐसे ही एक कर्मचारी ने तब हद कर दी जब नगरीय प्रशासन विभाग एक वरिष्ठ अधिकारी सीहोर आये हुए थे और वह उनकी जबरिया सेवा खुशामद में लगा हुआ था, अधिकारी ने इसे ठीक-ठाक व्यक्ति समझक र एक जरा-सा सामान लाने के लिये काम सौंपा और ईमानदारी का परिचय देते हुए सामान के लिये रुपये भी दे दिया। सामान लाने वाले कर्मचारी ने आदत अनुसार इसमें भी बड़ा घपला कर डाला जबकि इसकी भनक भोपाल के अधिकारी को लगी तो उन्होने करीब आधे घंटे तक उसकी इतनी खरी-खोटी सुनाई की बस...अब इस घटना की चर्चाएं नगर पालिका में हास्य का कारण बने हुए हैं।
पिछले दिनों एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी का असामायिक निधन हो गया था। इनके एक पुत्र भोपाल नगरीय प्रशासन विभाग के एक अधिकारी के रुप में कार्य करते हैं वह अपने इसी तारतम्य में सीहोर आये। यह जब सीहोर आये तो नगर पालिका के वरिष्ठ और कुछ खास कर्मचारी इनके यहाँ गमी में बैठने भी गये। इन्होने इतना दुख प्रकट किया कि लगा मानों इन लोगों को भारी दुख हुआ है, फिर तो जब तक अधिकारी जी सीहोर रहे यह अधिकारी लगातार यहीं इनके आसपास मंडराते रहे और सेवा का अवसर देने को कहते रहे। इन्होने अधिकारी के घर में कुछ नल फिटिंग गड़बड़ थी तो उसे भी ठीक करा दिया, कुछ और काम करने का भी प्रयास किया। अधिकारी जरा ईमानदार किस्म हैं इसलिये वह कोई विशेष सेवा तो लेते ही नहीं। हाँ उन्हे घर में एक सिंटेक्स की टंकी चाहिये तो इसके लिये उन्होने एक कर्मचारी को नगद रुपये और कहा कि टंकी ला दो।
अब अधिकारी जब टंकी लेने गया तो यह भूल ही गया कि काम अधिकारी जी का कर रहा है, अपने आदत अनुसार वह जितने का माल था उससे यादा का बिल ले आया, और बिल थमा दिया। अधिकारी ने जब दूसरे दिन बाजार में सिंटेक्स के भाव पता करे तो वह अचरज कर बैठे, क्योंकि उनके यहाँ डेढ़ गुने भाव में टंकी लाई गई थी, उन्होने तत्काल नगर पालिका के उस कर्मचारी को बुलाया और उसकी लू उतार दी, खूब खरी-खोटी सुनाई। नाराज अधिकारी अच्छी तरह उसे कान के कीडे झाड़ दिये और कमीशन खाने वाला सीहोर नगर पालिका का कर्मचारी नीचे मुँह करके सुनता रहा।
अब जबसे यह किस्सा नगर पालिका के कर्मचारियों को पता चला है वह चटखारे ले-लेकर मजे ले रहे हैं, और एक दूसरे को सुना भी रहे हैं कि देखो वो अधिकारी के रुपय में ही कमीशन ले बैठा।

सर्वे कार्य में लापरवाही बरतने पर दो पटवारी निलंबित

जावर 27 जून (नि.प्र.)। इस वर्ष फरवरी माह में पड़ी अधिक ठंड व पाला से क्षेत्र की हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई गेहूँ चने की फसल जल गई थी जिससे किसानों को लाखों करोड़ो रुपये का नुकसान हो गया था बाद में जली फसल का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग किसानों द्वारा उठाई गई थी। इसके बाद प्रशासन में क्षेत्र के हल्का पटवारियों को पाला ठंड से जली फसल का सर्वे कार्य करने के निर्देश दिये थे लेकिन जावर टप्पा क्षेत्र के कुछ पटवारियों ने तो सर्वे कार्य में इतना भेदभाव किया कि कई किसानों जिसकी सही में फसल जली थी उनके खेतों का सर्वे ही नहीं किया गया।
उनके सूची तक में नाम नहीं आये और जिन किसानों ने पटवारी से सेटिंग कर ली थी उन्हे भरपूर मुआवजा राशि मिल गई लेकिन जिन किसानों के खेतों का पटवारी द्वारा सर्वे नहीं किया गया था फिर पटवारी द्वारा लापरवाही बरती गई उनकी शिकवा-शिकायत का दौर चला। हल्का नं. 9 व 6 के किसानों ने एसडीएम को शिकायत की। एसडीएम ने किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार एमडी शर्मा से जांच करवाई जांच के बाद हल्का नं. 9 के भूपेन्द्र सिंह व 6 के गुलाब सिंह निलंबित हो गये हैं। इस तरह सर्वे कार्य में लापरवाही बरतने पर टप्पा क्षेत्र के दो पटवारियों को निलंबित किया जा चुका है।
कृषक विजेन्द्र सिंह का कहना है कि इस वर्ष ठंड व पाले से गेहूँ चने की फसल का सर्वाधिक नुकसान हुआ था लेकिन कुछ पटवारियों द्वारा सर्वे कार्य में इतनी लापरवाही बरती गई की कई किसानों के तो सर्वे सूची से नाम ही गायब कर दिये और कई किसानों जिनसे पटवारी की सेटिंग हो गई थी उन्हे पटवारी ने भरपूर मुआवजा राशि के चेक दिलवा दिये। जिन किसानों के सर्वे सूची में नाम नहीं हैं वह फिर से तहसील में आवेदन दे रहे हैं और छूटे खेतों का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिलवाने की मांग कर रहे हैं। तहसीलदार एमडी शर्मा ने बताया कि ठंड व पाले से हुए नुकसान के सर्वे कार्य में लापरवाही बरतने पर टप्पा क्षेत्र के दो पटवारी को अभी तक निलंबित किया जा चुका है।

ट्रक ने मारुती को टक्कर मारी, 4 घायल

आष्टा 27 जून (नि.सं.)। आज शाम को किलेरामा के पास इन्दौर से सागर जा रही मारुती क्रमांक एमपी 09 डीए 4577 को ट्रक क्रमांक 5582 के चालक ने ट्रक को लापरवाही पूर्वक चलाते हुए मारुती को टक्कर मार दी ।
मारुती में सवार कमल जैन, महेन्द्र जैन, शिखर जैन एवं चालक दीपक मराठा गंभीर रुप से घायल हो गये। जिन्हे आष्टा सिविल अस्पताल लाये यहाँ प्राथमिक उपचार के बाद इन सभी को इन्दौर रेफर कर दिया। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।

चमत्कारी कलयुग के देवता बाबा राम देव मंदिर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए

आष्टा 27 जून (नि.प्र.)। सुबह 7 बजे आरती, सुबह 9 बजे से अभिषेक, बाबा रामदेव जी पंचमुखी शिवलिंग एवं गणेश भगवान का अभिषेक का समाजसेवी श्री वल्लभ दास जी बैरागी परिवार एवं प्रेम राय मामा परिवार द्वारा महेश पटेल गुजराती परिवार एवं दशरथ सिंह जी गिरदावर दीपक राजपूत द्वारा किया गया 11.30 बजे प्रेम राय परिवार द्वारा ध्वजारोहण का आयोजन किया गया। दोपहर 12 बजे आरती का आयोजन किया गया।
दोपहर 2 बजे से महिला मण्डल भक्ति नृत्य संगीत का आयोजन किया गया। दीपदान का आयोजन गायत्री परिवार द्वारा किया गया।
रात्रि 8 बजे से महाआरती का आयोजन रखा गया। मॉ वैष्णवी म्युजिकल ग्रुप आष्टा द्वारा संगीतमय भजन की प्रस्तृति लव-कुश बंधुओं द्वारा आकर्षक प्रस्तृति की गई, यह कार्यक्रम रात 9 बजे तक चला।
इसमे सुहागमल जी राठौर, उमेश पांडे, राजा पारख, अवधनारायण सोनी, प्रेम गोस्वामी जी वशिष्ठ, दीपक राजपूत, पप्पू मेवाड़ा, पूर्व संसदीय सचिव अंजीतसिंह एवं एच.के.परमाल भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में समाजसेवी बैरागी जी द्वारा सांई कॉलोनी गरबा मण्डल को पुरूस्कार वितरित किये गए एवं प्रेम राय मामा, राजा पारख ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

चमत्कारी कलयुग के देवता बाबा राम देव मंदिर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए

आष्टा 27 जून (नि.प्र.)। सुबह 7 बजे आरती, सुबह 9 बजे से अभिषेक, बाबा रामदेव जी पंचमुखी शिवलिंग एवं गणेश भगवान का अभिषेक का समाजसेवी श्री वल्लभ दास जी बैरागी परिवार एवं प्रेम राय मामा परिवार द्वारा महेश पटेल गुजराती परिवार एवं दशरथ सिंह जी गिरदावर दीपक राजपूत द्वारा किया गया 11.30 बजे प्रेम राय परिवार द्वारा ध्वजारोहण का आयोजन किया गया। दोपहर 12 बजे आरती का आयोजन किया गया।
दोपहर 2 बजे से महिला मण्डल भक्ति नृत्य संगीत का आयोजन किया गया। दीपदान का आयोजन गायत्री परिवार द्वारा किया गया।
रात्रि 8 बजे से महाआरती का आयोजन रखा गया। मॉ वैष्णवी म्युजिकल ग्रुप आष्टा द्वारा संगीतमय भजन की प्रस्तृति लव-कुश बंधुओं द्वारा आकर्षक प्रस्तृति की गई, यह कार्यक्रम रात 9 बजे तक चला।
इसमे सुहागमल जी राठौर, उमेश पांडे, राजा पारख, अवधनारायण सोनी, प्रेम गोस्वामी जी वशिष्ठ, दीपक राजपूत, पप्पू मेवाड़ा, पूर्व संसदीय सचिव अंजीतसिंह एवं एच.के.परमाल भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में समाजसेवी बैरागी जी द्वारा सांई कॉलोनी गरबा मण्डल को पुरूस्कार वितरित किये गए एवं प्रेम राय मामा, राजा पारख ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

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आष्टा 27 जून (नि.प्र.)। सुबह 7 बजे आरती, सुबह 9 बजे से अभिषेक, बाबा रामदेव जी पंचमुखी शिवलिंग एवं गणेश भगवान का अभिषेक का समाजसेवी श्री वल्लभ दास जी बैरागी परिवार एवं प्रेम राय मामा परिवार द्वारा महेश पटेल गुजराती परिवार एवं दशरथ सिंह जी गिरदावर दीपक राजपूत द्वारा किया गया 11.30 बजे प्रेम राय परिवार द्वारा ध्वजारोहण का आयोजन किया गया। दोपहर 12 बजे आरती का आयोजन किया गया।
दोपहर 2 बजे से महिला मण्डल भक्ति नृत्य संगीत का आयोजन किया गया। दीपदान का आयोजन गायत्री परिवार द्वारा किया गया।
रात्रि 8 बजे से महाआरती का आयोजन रखा गया। मॉ वैष्णवी म्युजिकल ग्रुप आष्टा द्वारा संगीतमय भजन की प्रस्तृति लव-कुश बंधुओं द्वारा आकर्षक प्रस्तृति की गई, यह कार्यक्रम रात 9 बजे तक चला।
इसमे सुहागमल जी राठौर, उमेश पांडे, राजा पारख, अवधनारायण सोनी, प्रेम गोस्वामी जी वशिष्ठ, दीपक राजपूत, पप्पू मेवाड़ा, पूर्व संसदीय सचिव अंजीतसिंह एवं एच.के.परमाल भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में समाजसेवी बैरागी जी द्वारा सांई कॉलोनी गरबा मण्डल को पुरूस्कार वितरित किये गए एवं प्रेम राय मामा, राजा पारख ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

चन्दन चोर रंगे हाथों गिरफ्तार

सीहोर 27 जून (नि.सं.)। अहमदपुर थाना पुलिस ने गत दिवस ग्राम चरनाल आम रोड पंचायत भवन के समीप से तीन सदस्यीय चन्दन चोरों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर 40 किलो चन्दन की लकड़ी एवं नगदी 6852 रुपये बरामद किये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अहमदपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की वाहन आर.जे. 14 सीबी 0266 में कुछ संदिग्ध व्यक्ति जा रहे हैं। मुखबिर की इस सूचना पर सउनि बीएन. द्विवेदी अपने स्टाफ के साथ ग्राम चरनाल पहुँचे तभी सामने मुताबिक सूचना के उक्त वाहन आता दिखा जिसे रोककर पुलिस ने चालक का नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम गोवर्धन पुत्र भेरु राम नायक निवासी जुगलपुरा जयपुर का होना बताया तथा वाहन के अन्दर पीछे बैठे व्यक्तियों ने अपना नाम कमामुद्दीन पुत्र कासिम खां निवासी सीढ़ो मुकुंतीगढ़ हाउस एससी रोड जयपुर राजस्थान व अमीन खां पुत्र खलील खां निवासी मुख्तयार नगर दोराहा का होना बतायें। पुलिस द्वारा वाहन की तलाशी ली गई तो वाहन के दो प्लास्टिक के बोरियों में 20 किलो चन्दन की लकड़ी तथा वाहन की डिग्गी में 20 किलो चन्दन की लकड़ी मिली जिनके संबंध में पूछताछ की जाने पर कोई संतोष प्रद उत्तर नहीं मिला ।
वाहन में सवार लोगों की तलाशी पर नगदी 6852 रुपये भी मिले हैं। जिन्हे विधिवत जप्त कर उक्त तीनों लोगों का कृत्य चन्दन की चोरी कर अवैध रुप से परिवहन करना पाया जाने पर इन्हे गिरफ्तार कर भादवि की धारा 379 एवं वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा न्यायिक अभिरक्षा में आज जेल भेज दिया गया है।

स्व-रोजगार ऋण प्रदान हेतु अरोरा के नेतृत्व में महिलाओं ने ज्ञापन सौंपा

सीहोर 27 जून (नि.सं.)। ग्राम खाई खेड़ा की अनेकों महिलाओं ने स्वरोजगार ऋण तथा गरीबी रेखा में नाम जोडने जाने के संबध में म.प्र. पंचायत राज संगठन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जसपाल अरोरा ब्लाक कांग्रेस कमेटी सीहोर की अध्यक्ष श्रीमति उतराधीमान एवं मध्य कांग्रेस कमेटी अनुसुचित जाति विभाग के प्रबंधक कार्य कारणी सदस्य भोपाल होशगाबाद संभाग के प्रभारी नरेन्द्र खांगराले के नेतृत्व में अति कलेक्टर भावना बालिमी को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सम्पतबाई ठाकुर, श्यामावती दांगी, लीलाबाई विश्वकर्मा, मोरबाई दांगी, शेरबती दांगी, गायत्री दांगी, हल्की बाई दांगी, कमला दांगी, पार्वती बाई दांगी, गुलाब दांगी, कौमल दांगी, दिलीप जांगड़ा, इत्यादि लोग प्रमुख थे।

विद्युत प्रवाह से विवाहिता सहित दो की मौत

सीहोर 27 जून (नि.सं.)। जिले के मण्डी एवं आष्टा थाना क्षेत्र में विद्युत प्रवाह से एक विवाहिता सहित एक बालक की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मण्डी थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम धनसौदा निवासी संतारेष की 30 वर्षीय पत्नि पवित्राबाई आज अपने खेत में सब्जी लगा रही थी तभी उसे करंट लग गया जिसे परिजन उपचार हेतु अस्पताल लाये जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर आष्टा थाना क्षेत्र के ग्राम भंवरा में गुरुवार को करण सिंह पंवार का 5 वर्षीय पुत्र बिजली करंट लगने से मर गया। बताया जाता है कि बालक गोविंद गांव में खेलते समय बिजली का खम्बा पकड़ लिया था तभी उसे अचानक करंट लग गया।

मवेशियों से भरा 407 कट्टा जप्त

सीहोर 27 जून (नि.सं.)। सिध्दिकगंज पुलिस ने गत दिवस कन्नौद रोड आष्टा से मवेशियों से भरा एक 407 कट्टा से जप्त किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सिध्दिकगंज पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की एक 407 कट्टा एमपी 09 जी.ई. 0146 के क्रूरतापूर्वक मवेशियों को भरकर खातेगांव ले जा रहा है। इस सूचना पर पुलिस ग्राम खाचरोद आष्टा कन्नौद रोड पर पहुँचकर उक्त 407 कट्टा को चेक किया तो इसमें 5 नग बेल पाये गये पुलिस को देख 407 कट्टा चालक वाहन को छोड़कर भागने में सफल हो गया। पुलिस ने 407 क ट्टा को जप्त कर चालक के विरुध्द पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्रकरण कायम कर लिया है।

कालिदास संस्कृति के मकरंद को साहित्य के कलश में प्रस्तुत करते हैं-शुक्ल

सीहोर 27 जून (नि.प्र.)। संसार की सबसे बडी लाटरी हम मनुष्यों को मिली है, 84 लाख योनियाँ हैं उनमें से हमें मनुष्य होने की लाटरी खुली है। इसी प्रकार अरबों गृह नक्षत्र हैं जिनकी गिनती संभव नहीं है लेकिन मनुष्य रुपी चेतना का समूह सिर्फ इसी पृथ्वी पर है यह हमारा सौभाग्य है। यह सब पर्यावरण की देन है। इसी पृथ्वी पर ऐसा पयार्वरण है कि यहाँ जीवन संभव है। भारतीय वैदिक साहित्य को यदि पर्यावरण का साहित्य कहा जाये तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी।

उपरोक्त व्याख्यान अंश जबलपुर से पधारे संस्कृति के विद्वान रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर संस्कृति विभाग आचार्य प्रो. कमल नयन शुक्ल के हैं। श्री शुक्ल यहाँ कालिदास संस्कृत अकादमी उजैन म.प्र. संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित लोकप्रिय व्याख्यानमाला 'सारस्वतम्' में अपना व्याख्यान दे रहे थे। व्याख्यानमाला स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर सीहोर में रखी गई थी। श्री शुक्ल ने राष्ट्रकवि कालिदास की पर्यावरण चेतना विषय पर आगे कहा कि हरी हरी धरती को ही सरल शब्दो में हम पर्यावरण कह सकते हैं। हमारे ऋषि मुनि जो जंगलों में रहते थे वह इतने गये गुजरे नहीं थे कि जो जंगल में रहकर पर्यावरण की बात नहीं करते। भारतीय संस्कृति में पर्यावरण में उपस्थित हर वस्तु को देवता के स्थान पर रखा गया है। आज भी एक कृतज्ञ भारतीय व्यक्ति जब नींद से उठता है तो देवता को प्रणाम करता है और धरती माता के चरण स्पर्श करता है। ईश्वर को धन्यवाद देता है। पाप-पुण्य की अवधारणा भी पर्यावरण से जोड़ी गई है। हमारे यहाँ कहा गया है कि पेड़ लगाओगे तो पुण्य मिलेगा और काटोगे तो पाप।

जब देवगण पेड़ में छुपे

पेड़ देवमय हो गये

श्री शुक्ल ने कालिदास का उल्लेख करते हुए कहा कि अभिज्ञान शकुंतलम की मंगलाचरण से ही शुरुआत हुई है और मंगलाचरण में अष्टमूर्ति के रुप में प्रकृति के तत्वों का वर्णन है, उसमें हिमालय को देवतात्मा कहा गया है। एक कहानी मिलती है कि जब दानव हावी हो गये तो समस्त देवगण छुपने के लिये पेड़ों में चले गये। उस समय सूर्य देवता नीम में, पीपल में विष्णु और ऐसे ही अलग-अलग देवता अलग-अलग वृक्षों में छुपे और लम्बे समय तक वृक्षों में रहने के कारण पेड़ भी देवतामय हो गये। हमारे यहाँ तो कहा जाता है कि देवी को प्रसन्न करने के लिये नीम की पूजा करो या ब्रह्मा जी का वास वटवृक्ष में माना जाता है।

श्री शुक्ल ने किसी प्रकार भारतीय संस्कृति प्रकृति से जुड़ी हुई है इसके उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे सामने हाथी आते ही गणेश जी, मोर को देखते ही कार्तिकेय, बंदर में हनुमान जी, उल्लू में लक्ष्मी जी, हंस को देखते माँ सरस्वती, घोड़ा दिखते ही सूर्य का वाहन के रुप में स्मरण हो आता है। हमने तो गिध्द से भी गिध्द दृष्टि और कुत्ते से भी वफादारी सीखी हैं।

कबूतर का रोचक प्रसंग

लेकिन आज न सिर्फ प्राकृतिक प्रदूषण एक समस्या है बल्कि इससे बढ़कर मानसिक प्रदूषण बढ़ गया है। आज लोग कहते कुछ हैं, करते कुछ हैं और दिखाते कुछ और । एक रोचक प्रसंग सुनाते हुए श्री शुक्ल ने बताया कि एक वकील अपनी पत्नि के साथ टहल रहा था तो सामने ही एक कबूतर गुटर-गूं गुटर गूं करता मिला, वकील ने विद्वता झाड़ते हुए कह दिया कि यह देखो कबूतर है। पत्नि ने तपाक से कहा कि यह कबूतरी है। पति फिर बोला नहीं यह कबूतर है लेकिन पत्नि नहीं मानी, दोनो में विवाद हो गया तभी सामने से एक पंडित जी आते नजर आये, पति ने अपनी समस्या इन्हे सुनाई कहा कि सुबह-सुबह जबरन विवाद हो गया है आप हल कर दें। पंडित ने कहा यह कौन-सी बड़ी समस्या है, उसने झोले में रखे कुछ अनाज के दाने निकाले और कहा जाओ उसके सामने पटक दो, यदि वो चुगता है तो समझो कबूतर है, यदि वो चुगती है तो समझना की कबूतरी है, यह कहकर पंडित जी चले गये। श्री शुक्ल ने कहा कि यही स्थिति आज प्रसंगवश सरकार की भी है जो किसी समस्या को ठोस हल निकालने को तैयार नहीं है।

जब अकबर पर पिताजी नाराज हो गये

श्री शुक्ल ने कहा कि माँ के दूध के बाद चूंकि गौमाता का दूध ही सबसे पहले आहार के रुप में हमे दिया जाता है और फिर जीवन पर्यंत धरती पर उगा अन्न हम गृहण करते है इसलिये गौ को भी माता और धरती को भी माता कहा गया है। उन्होने एक और किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक बारगी अकबर-बीरबल जंगल में घूमने गये तो अकबर ने रास्ते में दिखे तुलसी के पौधे को लेकर चिढाने के लिये बीरबल से कहा कि यह तुम्हारी तुलसी माता हैं, और यह कहकर उसने तुलसी को पूरा हाथ से कुचल दिया और दोनो हाथों पर पत्तियाँ रगड़ ली। बीरबल कुछ नहीं बोले, अकबर मुस्कुराते रहे, आगे बढ़ने पर जब एक किरमिच का पौधा मिला तो बीरबल ने कहा कि यह हमारे पिता जी है, अकबर ने उसे भी तोड़कर शरीर पर रगड़कर बीरबल का मजाक उड़ाया, लेकिन कुछ ही देर में अकबर के शरीर पर खुजली मचने लगी। तब पूछा कि यह क्या हुआ तो बीरबल ने जबाव दिया हो सकता है माता जी नाराज नहीं हुई हों लेकिन पिताजी नाराज हो गये हैं। श्री शुक्ल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हमारे यहाँ वेदों में 10 कुएं के बराबर एक तालाब, 10 तालाब के बराबर 1 झील, 10 झील के बराबर 1 पुत्र, और 10 पुत्रों के बराबर 1 फलदार वृक्ष को लगाने का पुण्य माना गया है। वेदों में कहा है कि जो व्यक्ति पुत्रहीन हो वो पेड़ लगाये। जिसने 5 आम के पेड़ लगा दिये उसे कभी नरक नहीं जाना पड़ता। अपनी अध्यक्षीय उद्बोधन में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के प्रो. राजेन्द्र त्रिवेदी ने कहा कि शास्त्र ने हमेशा अंकुश का काम किया है, प्रकृति मनुष्य की आदम सहचरी है। इसलिये पर्यावरण की चेतना मनुष्य में जाग्रत होना आवश्यक है।

हुई रिमझिम बारिश से मुरझाती फसल को मिला जीवन दान

जावर 27 जून (नि.सं.)। लम्बे समय से गर्मी व उमस से परेशान लोगों को गुरुवार केहुई रिमझिम बारिश से कुछ राहत मिली, हालांकि अभी भी लोगों को झमाझम बारिश होने का इंतजार है। क्षेत्र के कई गांवों के किसानों ने जून माह के प्रथम सप्ताह में हुई मानसून पूर्व की वर्षा के बाद सोयाबीन की बुवाई कर दी थी। लेकिन उसके बाद से बारिश नहीं होने से किसान चिंतित होने लगा था। खेतों में बोया बीज उग तो आया था लेकिन बरसात नहीं होने के कारण मुरझा रहा था तो कई गांव में अभी भी पर्यापत बरसात नहीं होने के कारण बोवनी नहीं कर पायें। किसान बरसात नहीं होने के कारण किसानों के साथ ही आम जन भी चिंतित होने लगा था। कृषक कमल सिंह ने बताया कि आसमान में तो रोज काले बादल आते थे लेकिन बरसते नहीं थे। लोग गर्मी व उमस से परेशान रहते थे लेकिन गुरुवार को लम्बे इंतजार के बाद झमाझम तो नहीं हल्की रिमझिम बारिश होने से मौसम में ठंडक घुल आई। जिससे लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली व मुरझाती फसल को जीवन दान मिला। गुरुवार को हुई बारिश ने फसल के लिये घी का काम किया और चिंतित किसानों ने राहत ली। हालांकि अभी भी लोगों को झमाझम बारिश होने का इंतजार है। अभी तक झमाझम बारिश नहीं होने के कारण नेवज सहित क्षेत्र के अन्य नदी नाले व तालाब तलाई सूखे पड़े हैं।

अमानक उर्वरक का विक्रय प्रतिबंधित

सीहोर 27 जून (नि.सं.)। जांच में उर्वरक के नमूने अमानक पाए जाने पर उसका य-विय, भण्डारण और स्थानान्तरण प्रतिबंधित किया गया है। इस सिलसिले में उप संचालक कृषि द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।

उप संचालक कृषि श्री एन.एस. रघु ने बताया कि खरीफ वर्ष 2008-09 में गुण नियंत्रण के तहत परीक्षण एवं जांच उपरांत प्राप्त परिणाम के आधार पर न्यू महावीर स्टोन सप्लायर आष्टा के लिबर्टी उर्वरक लिमि. कंपनी का लाटबैच मांक 2362 उर्वरक एस.एस.पी 0-16 प्रतिशत मात्रा 20 टन जिसमें पी. 15.48 प्रतिशत एवं गुजरात नर्मदा वेली फर्टी.एण्ड केमि. लिमि. कंपनी का लाट बैच मांक डी.के.080206 उर्वरक नर्मदा फास 20:20:0 मात्रा 5 टन जिसमें एन.16.38 प्रतिशत, पी. 19.81 प्रतिशत पाया गया जो अमानक स्तर का है। इसके य-विय, भण्डारण और स्थानान्तरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

इसी तरह नायब ट्रेडर्स आष्टा के गोदावरी फास्फेट लि. का लाटबैच माक ए-115 उर्वरक एन.पी.के. 12:32:16 मात्रा 15 टन जिसमें एन.12.32 प्रतिशत, पी. 30.12 प्रतिशत एवं के. 18.92 प्रतिशत पाया गया जो अमानक स्तर का है। इसके य-विय, भण्डारण और स्थानान्तरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।