Saturday, June 28, 2008
सर्वे कार्य में लापरवाही बरतने पर दो पटवारी निलंबित
उनके सूची तक में नाम नहीं आये और जिन किसानों ने पटवारी से सेटिंग कर ली थी उन्हे भरपूर मुआवजा राशि मिल गई लेकिन जिन किसानों के खेतों का पटवारी द्वारा सर्वे नहीं किया गया था फिर पटवारी द्वारा लापरवाही बरती गई उनकी शिकवा-शिकायत का दौर चला। हल्का नं. 9 व 6 के किसानों ने एसडीएम को शिकायत की। एसडीएम ने किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार एमडी शर्मा से जांच करवाई जांच के बाद हल्का नं. 9 के भूपेन्द्र सिंह व 6 के गुलाब सिंह निलंबित हो गये हैं। इस तरह सर्वे कार्य में लापरवाही बरतने पर टप्पा क्षेत्र के दो पटवारियों को निलंबित किया जा चुका है।
कृषक विजेन्द्र सिंह का कहना है कि इस वर्ष ठंड व पाले से गेहूँ चने की फसल का सर्वाधिक नुकसान हुआ था लेकिन कुछ पटवारियों द्वारा सर्वे कार्य में इतनी लापरवाही बरती गई की कई किसानों के तो सर्वे सूची से नाम ही गायब कर दिये और कई किसानों जिनसे पटवारी की सेटिंग हो गई थी उन्हे पटवारी ने भरपूर मुआवजा राशि के चेक दिलवा दिये। जिन किसानों के सर्वे सूची में नाम नहीं हैं वह फिर से तहसील में आवेदन दे रहे हैं और छूटे खेतों का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिलवाने की मांग कर रहे हैं। तहसीलदार एमडी शर्मा ने बताया कि ठंड व पाले से हुए नुकसान के सर्वे कार्य में लापरवाही बरतने पर टप्पा क्षेत्र के दो पटवारी को अभी तक निलंबित किया जा चुका है।
ट्रक ने मारुती को टक्कर मारी, 4 घायल
मारुती में सवार कमल जैन, महेन्द्र जैन, शिखर जैन एवं चालक दीपक मराठा गंभीर रुप से घायल हो गये। जिन्हे आष्टा सिविल अस्पताल लाये यहाँ प्राथमिक उपचार के बाद इन सभी को इन्दौर रेफर कर दिया। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
चमत्कारी कलयुग के देवता बाबा राम देव मंदिर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए
दोपहर 2 बजे से महिला मण्डल भक्ति नृत्य संगीत का आयोजन किया गया। दीपदान का आयोजन गायत्री परिवार द्वारा किया गया।
रात्रि 8 बजे से महाआरती का आयोजन रखा गया। मॉ वैष्णवी म्युजिकल ग्रुप आष्टा द्वारा संगीतमय भजन की प्रस्तृति लव-कुश बंधुओं द्वारा आकर्षक प्रस्तृति की गई, यह कार्यक्रम रात 9 बजे तक चला।
इसमे सुहागमल जी राठौर, उमेश पांडे, राजा पारख, अवधनारायण सोनी, प्रेम गोस्वामी जी वशिष्ठ, दीपक राजपूत, पप्पू मेवाड़ा, पूर्व संसदीय सचिव अंजीतसिंह एवं एच.के.परमाल भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में समाजसेवी बैरागी जी द्वारा सांई कॉलोनी गरबा मण्डल को पुरूस्कार वितरित किये गए एवं प्रेम राय मामा, राजा पारख ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
चमत्कारी कलयुग के देवता बाबा राम देव मंदिर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए
दोपहर 2 बजे से महिला मण्डल भक्ति नृत्य संगीत का आयोजन किया गया। दीपदान का आयोजन गायत्री परिवार द्वारा किया गया।
रात्रि 8 बजे से महाआरती का आयोजन रखा गया। मॉ वैष्णवी म्युजिकल ग्रुप आष्टा द्वारा संगीतमय भजन की प्रस्तृति लव-कुश बंधुओं द्वारा आकर्षक प्रस्तृति की गई, यह कार्यक्रम रात 9 बजे तक चला।
इसमे सुहागमल जी राठौर, उमेश पांडे, राजा पारख, अवधनारायण सोनी, प्रेम गोस्वामी जी वशिष्ठ, दीपक राजपूत, पप्पू मेवाड़ा, पूर्व संसदीय सचिव अंजीतसिंह एवं एच.के.परमाल भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में समाजसेवी बैरागी जी द्वारा सांई कॉलोनी गरबा मण्डल को पुरूस्कार वितरित किये गए एवं प्रेम राय मामा, राजा पारख ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
चमत्कारी कलयुग के देवता बाबा राम देव मंदिर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए
दोपहर 2 बजे से महिला मण्डल भक्ति नृत्य संगीत का आयोजन किया गया। दीपदान का आयोजन गायत्री परिवार द्वारा किया गया।
रात्रि 8 बजे से महाआरती का आयोजन रखा गया। मॉ वैष्णवी म्युजिकल ग्रुप आष्टा द्वारा संगीतमय भजन की प्रस्तृति लव-कुश बंधुओं द्वारा आकर्षक प्रस्तृति की गई, यह कार्यक्रम रात 9 बजे तक चला।
इसमे सुहागमल जी राठौर, उमेश पांडे, राजा पारख, अवधनारायण सोनी, प्रेम गोस्वामी जी वशिष्ठ, दीपक राजपूत, पप्पू मेवाड़ा, पूर्व संसदीय सचिव अंजीतसिंह एवं एच.के.परमाल भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में समाजसेवी बैरागी जी द्वारा सांई कॉलोनी गरबा मण्डल को पुरूस्कार वितरित किये गए एवं प्रेम राय मामा, राजा पारख ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
चन्दन चोर रंगे हाथों गिरफ्तार
प्राप्त जानकारी के अनुसार अहमदपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की वाहन आर.जे. 14 सीबी 0266 में कुछ संदिग्ध व्यक्ति जा रहे हैं। मुखबिर की इस सूचना पर सउनि बीएन. द्विवेदी अपने स्टाफ के साथ ग्राम चरनाल पहुँचे तभी सामने मुताबिक सूचना के उक्त वाहन आता दिखा जिसे रोककर पुलिस ने चालक का नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम गोवर्धन पुत्र भेरु राम नायक निवासी जुगलपुरा जयपुर का होना बताया तथा वाहन के अन्दर पीछे बैठे व्यक्तियों ने अपना नाम कमामुद्दीन पुत्र कासिम खां निवासी सीढ़ो मुकुंतीगढ़ हाउस एससी रोड जयपुर राजस्थान व अमीन खां पुत्र खलील खां निवासी मुख्तयार नगर दोराहा का होना बतायें। पुलिस द्वारा वाहन की तलाशी ली गई तो वाहन के दो प्लास्टिक के बोरियों में 20 किलो चन्दन की लकड़ी तथा वाहन की डिग्गी में 20 किलो चन्दन की लकड़ी मिली जिनके संबंध में पूछताछ की जाने पर कोई संतोष प्रद उत्तर नहीं मिला ।
वाहन में सवार लोगों की तलाशी पर नगदी 6852 रुपये भी मिले हैं। जिन्हे विधिवत जप्त कर उक्त तीनों लोगों का कृत्य चन्दन की चोरी कर अवैध रुप से परिवहन करना पाया जाने पर इन्हे गिरफ्तार कर भादवि की धारा 379 एवं वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा न्यायिक अभिरक्षा में आज जेल भेज दिया गया है।
स्व-रोजगार ऋण प्रदान हेतु अरोरा के नेतृत्व में महिलाओं ने ज्ञापन सौंपा
विद्युत प्रवाह से विवाहिता सहित दो की मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार मण्डी थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम धनसौदा निवासी संतारेष की 30 वर्षीय पत्नि पवित्राबाई आज अपने खेत में सब्जी लगा रही थी तभी उसे करंट लग गया जिसे परिजन उपचार हेतु अस्पताल लाये जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर आष्टा थाना क्षेत्र के ग्राम भंवरा में गुरुवार को करण सिंह पंवार का 5 वर्षीय पुत्र बिजली करंट लगने से मर गया। बताया जाता है कि बालक गोविंद गांव में खेलते समय बिजली का खम्बा पकड़ लिया था तभी उसे अचानक करंट लग गया।
मवेशियों से भरा 407 कट्टा जप्त
सीहोर 27 जून (नि.सं.)। सिध्दिकगंज पुलिस ने गत दिवस कन्नौद रोड आष्टा से मवेशियों से भरा एक 407 कट्टा से जप्त किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिध्दिकगंज पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की एक 407 कट्टा एमपी 09 जी.ई. 0146 के क्रूरतापूर्वक मवेशियों को भरकर खातेगांव ले जा रहा है। इस सूचना पर पुलिस ग्राम खाचरोद आष्टा कन्नौद रोड पर पहुँचकर उक्त 407 कट्टा को चेक किया तो इसमें 5 नग बेल पाये गये पुलिस को देख 407 कट्टा चालक वाहन को छोड़कर भागने में सफल हो गया। पुलिस ने 407 क ट्टा को जप्त कर चालक के विरुध्द पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्रकरण कायम कर लिया है।
कालिदास संस्कृति के मकरंद को साहित्य के कलश में प्रस्तुत करते हैं-शुक्ल
सीहोर 27 जून (नि.प्र.)। संसार की सबसे बडी लाटरी हम मनुष्यों को मिली है, 84 लाख योनियाँ हैं उनमें से हमें मनुष्य होने की लाटरी खुली है। इसी प्रकार अरबों गृह नक्षत्र हैं जिनकी गिनती संभव नहीं है लेकिन मनुष्य रुपी चेतना का समूह सिर्फ इसी पृथ्वी पर है यह हमारा सौभाग्य है। यह सब पर्यावरण की देन है। इसी पृथ्वी पर ऐसा पयार्वरण है कि यहाँ जीवन संभव है। भारतीय वैदिक साहित्य को यदि पर्यावरण का साहित्य कहा जाये तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी।
उपरोक्त व्याख्यान अंश जबलपुर से पधारे संस्कृति के विद्वान रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर संस्कृति विभाग आचार्य प्रो. कमल नयन शुक्ल के हैं। श्री शुक्ल यहाँ कालिदास संस्कृत अकादमी उजैन म.प्र. संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित लोकप्रिय व्याख्यानमाला 'सारस्वतम्' में अपना व्याख्यान दे रहे थे। व्याख्यानमाला स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर सीहोर में रखी गई थी। श्री शुक्ल ने राष्ट्रकवि कालिदास की पर्यावरण चेतना विषय पर आगे कहा कि हरी हरी धरती को ही सरल शब्दो में हम पर्यावरण कह सकते हैं। हमारे ऋषि मुनि जो जंगलों में रहते थे वह इतने गये गुजरे नहीं थे कि जो जंगल में रहकर पर्यावरण की बात नहीं करते। भारतीय संस्कृति में पर्यावरण में उपस्थित हर वस्तु को देवता के स्थान पर रखा गया है। आज भी एक कृतज्ञ भारतीय व्यक्ति जब नींद से उठता है तो देवता को प्रणाम करता है और धरती माता के चरण स्पर्श करता है। ईश्वर को धन्यवाद देता है। पाप-पुण्य की अवधारणा भी पर्यावरण से जोड़ी गई है। हमारे यहाँ कहा गया है कि पेड़ लगाओगे तो पुण्य मिलेगा और काटोगे तो पाप।
जब देवगण पेड़ में छुपे
पेड़ देवमय हो गये
श्री शुक्ल ने कालिदास का उल्लेख करते हुए कहा कि अभिज्ञान शकुंतलम की मंगलाचरण से ही शुरुआत हुई है और मंगलाचरण में अष्टमूर्ति के रुप में प्रकृति के तत्वों का वर्णन है, उसमें हिमालय को देवतात्मा कहा गया है। एक कहानी मिलती है कि जब दानव हावी हो गये तो समस्त देवगण छुपने के लिये पेड़ों में चले गये। उस समय सूर्य देवता नीम में, पीपल में विष्णु और ऐसे ही अलग-अलग देवता अलग-अलग वृक्षों में छुपे और लम्बे समय तक वृक्षों में रहने के कारण पेड़ भी देवतामय हो गये। हमारे यहाँ तो कहा जाता है कि देवी को प्रसन्न करने के लिये नीम की पूजा करो या ब्रह्मा जी का वास वटवृक्ष में माना जाता है।
श्री शुक्ल ने किसी प्रकार भारतीय संस्कृति प्रकृति से जुड़ी हुई है इसके उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे सामने हाथी आते ही गणेश जी, मोर को देखते ही कार्तिकेय, बंदर में हनुमान जी, उल्लू में लक्ष्मी जी, हंस को देखते माँ सरस्वती, घोड़ा दिखते ही सूर्य का वाहन के रुप में स्मरण हो आता है। हमने तो गिध्द से भी गिध्द दृष्टि और कुत्ते से भी वफादारी सीखी हैं।
कबूतर का रोचक प्रसंग
लेकिन आज न सिर्फ प्राकृतिक प्रदूषण एक समस्या है बल्कि इससे बढ़कर मानसिक प्रदूषण बढ़ गया है। आज लोग कहते कुछ हैं, करते कुछ हैं और दिखाते कुछ और । एक रोचक प्रसंग सुनाते हुए श्री शुक्ल ने बताया कि एक वकील अपनी पत्नि के साथ टहल रहा था तो सामने ही एक कबूतर गुटर-गूं गुटर गूं करता मिला, वकील ने विद्वता झाड़ते हुए कह दिया कि यह देखो कबूतर है। पत्नि ने तपाक से कहा कि यह कबूतरी है। पति फिर बोला नहीं यह कबूतर है लेकिन पत्नि नहीं मानी, दोनो में विवाद हो गया तभी सामने से एक पंडित जी आते नजर आये, पति ने अपनी समस्या इन्हे सुनाई कहा कि सुबह-सुबह जबरन विवाद हो गया है आप हल कर दें। पंडित ने कहा यह कौन-सी बड़ी समस्या है, उसने झोले में रखे कुछ अनाज के दाने निकाले और कहा जाओ उसके सामने पटक दो, यदि वो चुगता है तो समझो कबूतर है, यदि वो चुगती है तो समझना की कबूतरी है, यह कहकर पंडित जी चले गये। श्री शुक्ल ने कहा कि यही स्थिति आज प्रसंगवश सरकार की भी है जो किसी समस्या को ठोस हल निकालने को तैयार नहीं है।
जब अकबर पर पिताजी नाराज हो गये
श्री शुक्ल ने कहा कि माँ के दूध के बाद चूंकि गौमाता का दूध ही सबसे पहले आहार के रुप में हमे दिया जाता है और फिर जीवन पर्यंत धरती पर उगा अन्न हम गृहण करते है इसलिये गौ को भी माता और धरती को भी माता कहा गया है। उन्होने एक और किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक बारगी अकबर-बीरबल जंगल में घूमने गये तो अकबर ने रास्ते में दिखे तुलसी के पौधे को लेकर चिढाने के लिये बीरबल से कहा कि यह तुम्हारी तुलसी माता हैं, और यह कहकर उसने तुलसी को पूरा हाथ से कुचल दिया और दोनो हाथों पर पत्तियाँ रगड़ ली। बीरबल कुछ नहीं बोले, अकबर मुस्कुराते रहे, आगे बढ़ने पर जब एक किरमिच का पौधा मिला तो बीरबल ने कहा कि यह हमारे पिता जी है, अकबर ने उसे भी तोड़कर शरीर पर रगड़कर बीरबल का मजाक उड़ाया, लेकिन कुछ ही देर में अकबर के शरीर पर खुजली मचने लगी। तब पूछा कि यह क्या हुआ तो बीरबल ने जबाव दिया हो सकता है माता जी नाराज नहीं हुई हों लेकिन पिताजी नाराज हो गये हैं। श्री शुक्ल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हमारे यहाँ वेदों में 10 कुएं के बराबर एक तालाब, 10 तालाब के बराबर 1 झील, 10 झील के बराबर 1 पुत्र, और 10 पुत्रों के बराबर 1 फलदार वृक्ष को लगाने का पुण्य माना गया है। वेदों में कहा है कि जो व्यक्ति पुत्रहीन हो वो पेड़ लगाये। जिसने 5 आम के पेड़ लगा दिये उसे कभी नरक नहीं जाना पड़ता। अपनी अध्यक्षीय उद्बोधन में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के प्रो. राजेन्द्र त्रिवेदी ने कहा कि शास्त्र ने हमेशा अंकुश का काम किया है, प्रकृति मनुष्य की आदम सहचरी है। इसलिये पर्यावरण की चेतना मनुष्य में जाग्रत होना आवश्यक है।
हुई रिमझिम बारिश से मुरझाती फसल को मिला जीवन दान
जावर 27 जून (नि.सं.)। लम्बे समय से गर्मी व उमस से परेशान लोगों को गुरुवार केहुई रिमझिम बारिश से कुछ राहत मिली, हालांकि अभी भी लोगों को झमाझम बारिश होने का इंतजार है। क्षेत्र के कई गांवों के किसानों ने जून माह के प्रथम सप्ताह में हुई मानसून पूर्व की वर्षा के बाद सोयाबीन की बुवाई कर दी थी। लेकिन उसके बाद से बारिश नहीं होने से किसान चिंतित होने लगा था। खेतों में बोया बीज उग तो आया था लेकिन बरसात नहीं होने के कारण मुरझा रहा था तो कई गांव में अभी भी पर्यापत बरसात नहीं होने के कारण बोवनी नहीं कर पायें। किसान बरसात नहीं होने के कारण किसानों के साथ ही आम जन भी चिंतित होने लगा था। कृषक कमल सिंह ने बताया कि आसमान में तो रोज काले बादल आते थे लेकिन बरसते नहीं थे। लोग गर्मी व उमस से परेशान रहते थे लेकिन गुरुवार को लम्बे इंतजार के बाद झमाझम तो नहीं हल्की रिमझिम बारिश होने से मौसम में ठंडक घुल आई। जिससे लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली व मुरझाती फसल को जीवन दान मिला। गुरुवार को हुई बारिश ने फसल के लिये घी का काम किया और चिंतित किसानों ने राहत ली। हालांकि अभी भी लोगों को झमाझम बारिश होने का इंतजार है। अभी तक झमाझम बारिश नहीं होने के कारण नेवज सहित क्षेत्र के अन्य नदी नाले व तालाब तलाई सूखे पड़े हैं।
अमानक उर्वरक का विक्रय प्रतिबंधित
सीहोर 27 जून (नि.सं.)। जांच में उर्वरक के नमूने अमानक पाए जाने पर उसका य-विय, भण्डारण और स्थानान्तरण प्रतिबंधित किया गया है। इस सिलसिले में उप संचालक कृषि द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।
उप संचालक कृषि श्री एन.एस. रघु ने बताया कि खरीफ वर्ष 2008-09 में गुण नियंत्रण के तहत परीक्षण एवं जांच उपरांत प्राप्त परिणाम के आधार पर न्यू महावीर स्टोन सप्लायर आष्टा के लिबर्टी उर्वरक लिमि. कंपनी का लाटबैच मांक 2362 उर्वरक एस.एस.पी 0-16 प्रतिशत मात्रा 20 टन जिसमें पी. 15.48 प्रतिशत एवं गुजरात नर्मदा वेली फर्टी.एण्ड केमि. लिमि. कंपनी का लाट बैच मांक डी.के.080206 उर्वरक नर्मदा फास 20:20:0 मात्रा 5 टन जिसमें एन.16.38 प्रतिशत, पी. 19.81 प्रतिशत पाया गया जो अमानक स्तर का है। इसके य-विय, भण्डारण और स्थानान्तरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
इसी तरह नायब ट्रेडर्स आष्टा के गोदावरी फास्फेट लि. का लाटबैच माक ए-115 उर्वरक एन.पी.के.
मुख्यमंत्री ने किया अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण
सीहोर 27 जून (नि.सं.)। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिले की नसरुल्लागंज तहसील के ग्राम पिपलानी में आज 2 करोड़ 91 लाख 71 हजार की लागत से निर्मित पांच बैराज का लोकार्पण और साढे उन्नतीस लाख की लागत से बनने जा रही दो नल जल योजनाओं का भूमि पूजन किया। उन्होंने यहां लाड़ली लक्ष्मी और मुख्य मंत्री मजदूर सुरक्षा योजना के हितग्राहियों को सहायता राशि के चैक वितरित किए।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधनी तहसील के ग्राम मछवाई में पूर्व सरपंच शंकर सिंह पटेल के निवास पर पहुंचे और उनके परिवार को सांत्वना प्रदान की। पूर्व सरपंच श्री पटेल का गत दिवस निधन हो गया था। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की मांग पर मछवाई में हाई स्कूल खोलने तथा पांच सौ मीटर सी.सी.रोड बनाने की मंजूरी दी। उन्होंने इस मार्ग का नामकरण स्व. शंकर सिंह पटेल मार्ग किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज जिले की नसरूल्लागंज तहसील के ग्राम पिपलानी में 35 लाख की हमीदगंज, 29.40 लाख की डोगलापानी, 28.70 लाख फड़कीपानी बैराज, 40.10 लाख इटावाखुर्द और 58.50 लाख की लागत से बनी घुटवानी बैराज का लोकार्पण किया। इन बैराज के बनने से 261 हैक्टेयर रकबा में सिंचाई की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने यहां ग्राम मोहाई में 14 लाख 15 हजार और ग्राम सिंहपुर में 15 लाख 35 हजार की लागत से बनने जा रही उगा स्तरीय टंकी आधारित नलजल योजनाओं का भूमि पूजन किया। मुहाई नलजल योजना से डेढ़ हजार की आबादी और सिंहपुर नलजल योजना से एक हजार 200 की आबादी को पेयजल की सुविधा मुहैया होगी।
इस अवसर पर प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा सीहोर जिला प्रभारी मंत्री रूस्तम सिंह, सांसद रामपाल सिंह, बेयर हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राजपूत, वन विकास निगम के अध्यक्ष गुरूप्रसाद शर्मा, खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक बृजमोहन धूत, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि रवि मालवीय, श्री जितेन्द्र गोर, रघुनाथ सिंह भाटी, कलेक्टर डी.पी.आहूजा, पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
किसानाें पर बनाये बिजली के मामले वापिस होग- मुख्य मंत्री
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज ग्राम पिपलानी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को किसानों के हित की चिन्ता है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि म.प्र. सरकार ने किसानों के हित में अनेक फैसले लिये है और अब यह भी फैसला लिया गया है कि किसानों के खिलाफ बिजली चोरी से संबंधित सभी मामलों को वापिस ले लिया जाये। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए एक अन्य फैसले का जि करते हुए कहा कि वन विभाग द्वारा जप्त की गई गरीब परिवारों की बैलगाड़ियां भी वापिस की जाएगी। इसी तरह दिसम्बर 2005 तक भूमि पर काबिज आदिवासियों को कब्जा दिलाये जाने की दिशा में भी सरकार ने गंभीरता से प्रयास शुरू किए है। उन्होंने अधिकारियों को ताकीद की कि वे आदिवासियों को कब्जा दिलाने की इस योजना को तेज गति से पूरा करें।
बाहरवीं तक मुफ्त कितावे
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि अब छात्रों को बाहरवीं कक्षा तक नि:शुल्क किताबें मुहैया कराई जायगी। छात्राओं को अब एक के स्थान पर दो गणवेश प्रदान किए जायेगे और सभी छात्राओं को साइकिल के लिए दो हजार की राशि नकद प्रदान की जाएगी। जिससे वे अपनी मर्जी के मुताबिक बेहतर किस्म की साईकिलें खरीद सके। वैसे तो आजकल मैं भी साईकिल पर चलता हूं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे भी आजकल साईकिल पर वगभ भवन जाते है और यह प्रयिा उन्होंने मंहगाई के विरोध स्वरूप अख्तियार की है।
अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिये स्कालरशिप, दसवीं तक विद्यार्थियों के लिये प्री-मेट्रिक स्कालरशिप की योजना शुरु
मध्यप्रदेश राज्य अल्प संख्यक आयोग के सीहोर स्थित गंगा आश्रम क्षेत्र में स्थापित पत्र सूचना एवं परामर्श केन्द्र के समन्वयक श्री ए.आर.शेख मुंशी ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि अल्पसंख्यक समुदायों के आर्थिक कमजोर छात्र-छात्राओं में शिक्षा को बढावा देने के लिए यह अभिनव स्कॉलरशिप योजना नए शैक्षणिक सत्र से शुरू की गई है।
योजना का स्वरूप एवं कार्य क्षेत्र
भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने प्री-मेट्रिक स्कॉलरशिप योजना का कार्य क्षेत्र संपूर्ण भारतवर्ष में अल्पसंख्यक समुदायो (मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौध्द, पारसी) के लिए लागू की है। योजना कक्षा 1 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए है जिन्होंने 50 प्रतिशत अंक ग्रेड प्राप्त किया है। साथ ही इनके परिवार की कुल वार्षिक आय एक लाख रूपयों के कम होनी चाहिए। यह स्कॉलरशिप अल्पसंख्यक वर्ग की छात्राओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षित रहेगी।
मध्यप्रदेश में मिलेगा कितनो को लाभ
प्री-मेट्रिक स्कॉलरशिप वर्ष 2008-09 के तहत मध्यप्रदेश राज्य से कुल 9240 छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। इनमें से मुस्लिम वर्ग से 8170, ईसाई 360, सिख 320 और बौध्द वर्ग से 440 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप योजना का लाभ मिलेगा।
क्या है स्कॉलरशिप योजना
प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप के तहत कक्षा 6 से 10 के पात्र विद्यार्थियों को एडमिशन फीस के लिए डेस्कॉलर एवं हॉस्टलर को 500 रूपये प्रति वर्ष, टयूशन फीस के लिए डेस्कॉलर एवं हॉस्टलर को 350 रूपये प्रति माह छात्रवृत्ति मिलेगी।
इसके अलावा मेन्टेनेस एलाउन्स 10 माह के लिए कक्षा 1 से 5 के लिए केवल डेस्कॉलर को 100 रूपये प्रति माह तथा कक्षा 6 से 10 के लिए हॉस्टलर को 600 रूपये प्रति माह तथा डेस्कॉलर को 100 रूपये प्रति माह छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।