Sunday, June 15, 2008

पाला प्रभावित किसानों को 12 करोड़ मुआवजा वितरित

आष्टा 14 जून (नि,स,) तहसील आष्टा मे प्राकृतिक आपदा सहायता राशि अंतर्गत माह जनवरी 08 में शीत लहर तथा पाला से चना फसल प्रभावित होने के कारण समस्त ग्रामों का सर्वे कराया गया । तथा सर्वे उपरांत तहसील के 287 ग्रामों में कुल 26023 कृषकों को आर बी सी नियम 6-4 के अंतर्गत सहायता रूपयें 121309861 (शब्दों में रूपयें बारह करोड़ तैरह लाख नौ हजार आठ सौ इकसठ) स्वीकृति उपरांत संबधित कृषकों को एकाउण्ट पैय चैक के माध्यम से राशि का वितरण किया गया है एवं कुछ ग्राम के कृषकों द्वारा सहायता राशि प्राप्त न होने तथा सर्वे सूची में न होने के संबध में शिकायती आवेदन पत्र प्राप्त हुयें हैं। इस संबध में आवेदन पत्रों की जाचं हेतु दल गंठन कर कार्यवाही की जा रही है। जाचं प्रतिवेदन उपरांत यदि आवेदनकर्ता कृषकगण सहायता पाने की परिधि में आते है तो इनको भी सहायता राशि स्वीकृत कर राशि वितरण किया जावेगा । उक्त जानकारी तहसीलदार बिहारी सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति मे दी है।

मनकामेश्वर मंदिर पर विधायक श्री सक्सेना ने कराया नलकूप खनन

सीहार 14 जून (नि.सं.)। शहर के प्रसिध्द मनकामेश्वर महादेव मंदिर पर प्रतिवर्ष गर्मी होने वाली पानी की समस्या को देखते हुए श्रध्दालुओं के आग्रह पर विधायक श्री रमेश सक्सेना ने एक नलकूप खनन कराया है। नलकूप खनन में पर्याप्त मात्रा में पानी निकला है। अब मंदिर मे भगवान कि सेवा के लिए पानी आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि शहर के शिव मंदिरों मे मनकामेश्ववर मंदिर का विशिष्ट स्थान है और शहर के इस शिव मंदिर से सबसे ज्यादा भकों की आस्था जुड़ी हुई है। यहां एक बावड़ी भी है किन्तु फरवरी मार्च माह मे ही बावड़ी का पानी सूख जाता है। इससे यहां भगवान की सेवा के लिए भी जल उपलब्ध नहीं हो पाता है। इसके पहले भी विधायक श्री रमेश सक्सेना ने मंदिर के बाहर एक नलकूप कराकर हैन्डपंप लगवाया था किन्तु इस बार गर्मी मे वह सूख गया । मंदिर से जुडे भकों ने विधायक श्री रमेश सक्सेना से आग्रह कर एक नलकूप खनन की मांग की जिसपर श्री सक्सेना ने सहर्ष से स्वीकृत देकर यहां विधिवत पूजन कराकर खनन कराया। यहां कुल 410 फिट नलकूप खनन कार्य हुआ, जिसमे पर्याप्त पानी निकला है। जलस्तर काफी नीचे जाने के कारण बोर की गहराई बढ़ना पड़ी किन्तु प्रसन्नता इस बात की है कि बोर में पानी निकल आया है। नलकूप खनन के अवसर पर विधायक श्री रमेश सक्सेना पंडित श्री रमेश शुक्ला, भाजपा जिला महामंत्री पं, रमाकांत समाधिया, नपा उपाध्यक्ष अशोक सिसोदिया, नगर मंडल अध्यक्ष श्री धमेंद्र राठौर, बन्टी राय, भागीरथ जांगडा, रामचंद्र पटेल, खुशाल दादा, शेलेन्द्र भावसार, मनोज विश्वकर्मा, संजु सोलंकी, बबलू पहलवान, गब्बर पहलवान, मुकेश राय, सचिन मानवीय, रविन्द्र जैन, सुशील चौकसे, तरूण विश्वकर्मा, पप्पू पहलवान, राजु राजपूत, मुकेश रघुवंशी, राकेश जयसवाल, रवि राठौर, हेमराज शर्मा, पुरूषोतम त्यागी, लच्छू खत्री, कालीचरण, लीलाकिशन गूजर, सौरभ भावसार, राजेश पहलवान, आदि अनेक लोग उपस्थित रहे।

Saturday, June 14, 2008

जो कार्य नगर पालिका, वन विभाग, खादी ग्रामोद्योग नहीं कर पाये उसे मोहल्ले के कुत्ते ने कर दिखाया...

सीहोर 13 जून (नि.सं.)। नेहरु कालोनी में आज एक व्यक्ति के घर के सामने बड़ा बंदर किसी कारण से सुबह मृत अवस्था में पड़ा हुआ दिखाई दिया। मरे हुए बंदर को देखकर कई लोग यहाँ एकत्र हो गये। भीड़ लग गई। बंदर का क्या करें और सड़क पर इसे कब तक पड़ा रहने दे सोचकर जिस व्यक्ति दिवाकर सिंह के घर के सामने यह पड़ा हुआ था उसने इसकी जानकारी संबंधित विभाग को देने का फैसला किया।
वह सीधे नगर पालिका में गया और वहाँ स्वास्थ्य अधिकारी को यह सूचना दी की हमारे घर के सामने एक मृत बंदर पड़ा हुआ है कृपया उसे उठवा दीजिये....? यहाँ नगर पालिका में इसको टाल दिया गया कि नहीं हम बंदर को हाथ भी नहीं लगायेंगे यह वन विभाग का मामला है।
इस पर दिवाकर सीधे वन विभाग कार्यालय मण्डी रेल्वे लाईन के पास पहुँचा तो वहाँ से उसे टाल दिया गया और कहा गया कि जो हमारा स्थानीय कार्यालय है वहाँ जाईये। इन्दौर नाका पर वह स्थित वहाँ किसी अधिकारी से बात करिये।
इस पर दिवाकर मण्डी से सीधे इन्दौर नाका बकरी पुल के पास पहुँचा। यहाँ कार्यालय में गया तो वन कर्मियों ने इस कार्य के लिये खुद को अयोग्य बता दिया। उन्होने कहा कि यह काम हमारा नहीं है यह काम तो नगर पालिका का है, और नगर पालिका ही इसे करती है। इस पर दिवाकर ने कहा भी की नगर पालिका कह रही है कि बंदर वन्य प्राणी है वह वन विभाग ही उठाता है लेकिन वन कर्मियों ने बात नहीं मानी उन्होने कहा कि यह हम नहीं करते नगर पालिका ही मृतक जीवों को उठाती है, उससे ही जाकर कहो।
अंतत: मजबूरन दिवाकर एक बार फिर नगर पालिका आया और उसने यहाँ सारे प्रयास किये की किसी तरह यहाँ अधिकारी मान जायें लेकिन अधिकारियों ने नई कहानी इसे सुना दी। उन्होने कहा कि एक बार पूर्व में हमने एक बंदर को ही हाथ लगा लिया था जिस पर वन विभाग के अधिकारियों ने हमें नोटिस भेज दिया था और हमें जबरन न्यायालय तक घसीटा गया था इसलिये वन विभाग के मामले में हम पड़ते ही नहीं है। वन विभाग में ही तुम्हे जाना पड़ेगा वहीं कुछ हो सकता है। हम तो नहीं करेंगे........।
अंतत: दिवाकर ठाकुर ने सोचा कि एक बारगी खादी ग्रामोद्योग से भी बात कर ली जाये मजबूरन वह खादी ग्रामोद्योग जिला पंचायत के सामने गया और निवेदन किया की साहब एक बड़ा बंदर आज सुबह से उसके घर के सामने मरा पड़ा है उसे कोई उठा नहीं रहा। आपका विभाग एक मृत पशुओं को उठाता है कृपया इस बंदर को भी उठवा दीजिये। इस पर खादी ग्रामोद्योग के अधिकारी कर्मचारी आश्चर्य में पड़ गये की यह कौन-सी नई बात आ गई। उन्होने समझाया कि भैया हमारा काम यह नहीं है हूम तो सिर्फ बड़े पशु ही उठाते हैं। गाय-ढोर उठाने का हमारा काम है उन्हे उठाकर हम फेंक आते हैं इसके लिये तो आप नगर पालिका या वन विभाग ही जाओ।
हैरान-परेशान दिवाकर ने सोचा की अब क्यों बंदर भ्रष्टाचारी राय में भ्रष्टाचारी ढंग से ही काम किया जाये। उसने नगर पालिका में जाकर चुपचाप एक सफाई कामगार से बातचीत की और उस बंदर को उठाने का निवेदन किया तो सफाई कामगार ने भी मौके का पूरा-पूरा लाभ उठाया। उसने कहा भैया अलबत तो हम ऐसा काम करते नहीं लेकिन कम से कम 50 रुपये दो तो करें। 50 रुपये लूंगा तो उठाऊंगा। मरता क्या ना करता एक बंदर की बात थी और वो भी मोहल्ले में घर के सामने ही था, उसका उठाया जाना भी जरुरी था और फिर सारे विभाग नगर पालिका, वन विभाग ने मुँह मोड़ लिया था मजबूर होकर दिवाकर ने सफाई कामगार को घर का पता बताया और वह घर को चल दिया। थक हारकर जब दिवाकर घर पहुँचा तो यहाँ पता चला एक कुत्ता इस बंदर से झूम रहा था और वही उसे घसीट-घसीट कर दूर ले गया। जब कुत्ता देखा तो कहीं नजर नहीं आया और बंदर की मृत देह भी कहीं नजर नहीं आई। मोहल्ले में इसकी दुर्गंध भी नहीं मिली । इस प्रकार जो कार्य नगर पालिका, वन विभाग, खादी ग्रामोद्योग और सफाई कामगार नहीं कर पाया उसे मोहल्ले के कुत्ते ने कर दिखाया।

लम्बे समय बाद हटा अतिक्रमण, जनता ने स्वागत किया

सीहोर 13 जून (नि.सं.)। लम्बे समय बाद यातायात पुलिस ने आज अतिक्रमणकारियों को समझाईश दी और पान चौराहा से लेकर अस्पताल चौराहा तक मुहिम चलाई। रोगी कल्याण समिति की दुकानें जो सडक़ पर आ गई है वह भी पीछे हटीं और गाँधी मार्ग भी कुछ खुला खुला सा हो गया।
गाँधी मार्ग से लेकर अस्पताल चौराहा तक फल बाजार व रोगी कल्याण समिति की दुकानों का अतिक्रमण इस हद तक बढ़ गया है कि अब पैदल चलना भी दुश्वार होता जा रहा है। लोगों ने सड़क पर ही दुकान लगा रखी है जिससे आमजन को परेशानी होती है।
आज लम्बे समय बाद नये कोतवाली थाना प्रभारी श्री अजय वर्मा के निर्देशन में यातायात पुलिस ने शहर को व्यवस्थित करने का कार्य किया। कोतवाली चौराहा से सीहोर टाकीज चौराहा तक एक बारगी अतिक्रमण मुहिम चलाई गई।
इस दौरान स्वत: ही गाँधी मार्ग का अतिक्रमण हटने लगा। फिर गाँधी पर जब मुहिम चली तो पूरा मार्ग खुला-खुला सा हो गया। विशेष रुप से आज रोगी कल्याण समिति के दुकानदारों का बेहद बेतरतीब अतिक्रमण जो इस मार्ग की मुसीबत बना हुआ है यहाँ भी अतिक्रमण हटाया गया। जिससे सब्जी मण्डी आने वालों को सहूलियत हुई वहीं अस्पताल जाने वाले भी चौड़े मार्ग को देखकर आश्चर्य करते नजर आये। यहाँ अस्पताल चौराहे से ही श्री सिध्द हनुमान मंदिर सब्जी मण्डी के दर्शन आज पहली बार हुए क्योंकि मार्ग का अतिक्रमण पूरा हट गया था। मंदिर समिति ने भी इस मुहिम के लिये प्रशासन को धन्यवाद दिया है लेकिन निवेदन किया है कि यदि यह कार्यवाही निरन्तर रखी जाये तो ही लाभ है।
उल्लेखनीय है कि सब्जी मण्डी में बाजार करने के लिये झागरिया, दोराहा, अमलाहा, श्यामपुर, थूना पचामा, बरखेड़ी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से ग्रामीण आते हैं जिन्हे वाहन खड़े करने तक की जगह सीहोर में नहीं मिलती जिसके कारण वह बाजार भी नहीं कर पाते सब्जी मण्डी भी आने में परेशान होते हैं। यहाँ बारम्बार चक्काजाम जैसी स्थिति बनती रहती है।
आज एक रोकस के दुकान का जब पुलिस ने अतिक्रमण हटाया तो वह इस बार से खिन्न हो गया कि उसकी तरफ पुलिस का ध्यान किसी दुकानदार ने दिलाया है अतिक्रमण तो उसने हटा लिया लेकिन पुलिस जाने के बाद वह संबंधित दुकानदार से लड़ने पहुँच गया। यह लड़ाई भी लोगों की रोचकता का विषय बन गई।

हिरणों की मौत का आखिर राज क्या है?

सीहोर 13 जून (नि.सं.)। जिले में बीते माह कई स्थानों पर हिरणों की अचानक मौत की जानकारियाँ जिला मुख्यालय पहुँची और कई जगह हिरण मृत अवस्था में मिले भी लेकिन इन हिरणों की मौत के कारणों पर से पर्दा अब तक नहीं उठ सका है। जानकारी के अनुसार सीहोर श्यामपुर मार्ग पर एक हिरण मृत अवस्था में निपानिया जोड़ के नजदीक मिला था। इस मामले में भी अब तक खुलासा नहीं हो सका है। इसी प्रकार अन्य स्थानों पर भी हिरणों की संदिग्ध मौत फाईलों में कैद होकर रह गई है। वन विभाग ने अब तक यह जानना भी उचित नहीं समझा है कि आखिर हिरण क्यों मर रहे हैं और उनकी मौत का वास्तविक कारण क्या है।

बिजली करंट लगने से एक की मौत

सीहोर 13 जून (नि.सं.)। खेत पर बने मकान में सो रहे एक व्यक्ति की आज सुबह बिजली करंट लगने से मौत हो गई। सूचना पर रेहटी पुलिस ने मर्ग कायम मामले की जांच शुरु कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय रेहटी निवासी 55 वर्षीय बद्री प्रसाद पुत्र रामलाल खाती हमेशा की तरह अपने इटावा स्थित खेत पर बने मकान में सो रहे थे तभी उन्हे टेबिल फेन से अचानक करंट लग गया जिससे बद्री प्रसाद की मौत हो गई।

सीहोर महिला हॉकी संघ ने रायसेन को रोंद डाला

सीहोर 13 जून (नि.सं.)। राय स्तरीय महिला हॉकी प्रतियोगिता जो कि भोपाल के मंदाकिनी मैदान कोलार रोड पर विगत दिवस वहीद परवाज सोसायटी द्वारा इन्द्रा प्रियदर्शनी कालेज के सहयोग से आयोजित की गई थी। उस प्रतियोगिता में जिला महिला हॉकी टीम ने रायसेन को 8-0 से पराजित कर धमाकेदार जीत अर्जित की। जिला हॉकी संघ अध्यक्ष डॉ. अनीस खान ने बताया कि जिला हॉकी महिला की हमेशा से ही प्रदेश में घूम रही है। यहाँ की हाकी का पूरा प्रदेश लोहा मानता है। इस अवसर पर जिलाधीश जो एक अधिकारी ही नहीं बल्कि खेल प्रमी हैं ने पूरी टीम को बुलवाकर सम्मानित किया एवं दादा शिवलाल चौहान के निधन पर अपनी संवेदना व्यक्त की । विजेता हॉकी टीम को जिलाधीश महोदय ने पाँच हजार रुपये देने की घोषणा कर राशि तत्काल महिला हॉकी संघ की प्रदान की एवं खिलाड़ियों के आग्रह पर स्थानीय बाल विहार मैदान की तार फेसिंग को एक हफ्ते में कराने के आदेश दिये एवं जिलाधीश महोदय ने संघ अध्यक्ष डॉ. अनीस खान से भी दस हजार रुपये की राशि खेल सामग्री एवं अन्य कार्य हेतु उपलब्ध कराई। उक्त कार्यक्रम में खिलाड़ी एवं युवा पार्षद आशीष गेहलोत एवं महिला हॉकी कोच जलील एहमद चौधरी, जुबेदा बेग, बलजीत ठाकुर, प्रमिला जैकब, पूजा शर्मा, शबीना बेग, ललिता सैनी, विनिता सैनी, स्नेहलता तेजस्वनी, सुजाता गोहर, सुजाता वर्मा, भावना सक्सेना, रुपा सैनी आदि उपस्थित थीं।

लसूड़िया में बलि दी जायेगी

इछावर 13 जून। लसूड़िया गोयल में भैसा कल्ली माताजी के यहाँ पर कार्यक्रम रखा गया है जिसमें गां के सभी लोग गांव से बाहर रोटी बनायेंगे। जहाँ माता जी के यहाँ पर पाड़ा छोड़ा जायेगा जो हमेशा के लिये रहेगा। यहीं बकरा और मुर्गे की भी बलि चढ़ाई जायेगी। यह कार्यक्रम 12 वर्ष बाद किया जाता है। गांव के लोगों का कहना है कि चूंकि यह वर्षों पुरानी परम्परा है इसलिये इसका निर्वहन हम नई पीढ़ी को भी करना पड़ता है।

तीन सटोरिये गिरफ्तार, अवैध शराब जप्त

सीहोर 13 जून (नि.सं.)। दोराहा थाना पुलिस ने श्यामपुर निवासी कल्लू उर्फ राज पुत्र देवीलाल तथा आष्टा पुलिस ने आष्टा निवासी गौरी शंकर पुत्र कैलाश व जावर ने जावर निवासी अनोखीलाल पुत्र भीमा जी को अवैध रुप से सट्टा पर्ची लिखते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 7 सौ रुपये नगदी व सट्टा पर्ची जप्त कर धुत अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
उधर दोराहा पुलिस ने ग्राम जमोनिया निवासी अशोक कुमार पुत्र अनोखीलाल तथा जावर पुलिस ने राजाराम पुत्र बाबूलाल को अवैध रुप से देशी मदिरा ले जाते हुए गिरफ्तार कर आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

120000000 रुपया पाला प्रभावित किसानों को बंटा

आष्टा 13 जून (नि.स.)। तहसील आष्टा मे प्राकृतिक आपदा सहायता राशि अंतर्गत माह जनवरी 08 में शीत लहर तथा पाला से चना फसल प्रभावित होने के कारण समस्त ग्रामों का सर्वे कराया गया । तथा सर्वे उपरांत तहसील के 287 ग्रामों में कुल 26023 कृषकों को आर बी सी नियम 6-4 के अंतर्गत सहायता रुपये 12,13,09861 (शब्दों में रूपये बारह करोड़ तैरह लाख नौ हजार आठ सौ इकसठ) स्वीकृति उपरांत संबधित कृषकों को एकाउण्ट पैय चैक के माध्यम से राशि का वितरण किया गया है एवं कुछ ग्राम के कृषकों द्वारा सहायता राशि प्राप्त न होने तथा सर्वे सूची में न होने के संबध में शिकायती आवेदन पत्र प्राप्त हुयें हैं। इस संबध में आवेदन पत्रों की जाचं हेतु दल गंठन कर कार्यवाही की जा रही है। जाचं प्रतिवेदन उपरांत यदि आवेदनकर्ता कृषकगण सहायता पाने की परिधि में आते है तो इनको भी सहायता राशि स्वीकृत कर राशि वितरण किया जावेगा । उक्त जानकारी तहसीलदार बिहारी सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति मे दी है।

पाला पीड़ित किसानों ने पटवारी की शिकायत का ज्ञापन सौंपा

आष्टा 13 जून (नि.सं.)। तहसील में पाले से नष्ट हुई फसल में पटवारियों ने किस प्रकार भेदभाव मनमानी की इसकी पोल अब जब राहत राशि का वितरण शुरु हुआ तब खुलकर सामने आ रही है और बड़ी संख्या में पीड़ित किसान शिकायतों को लेकर तहसील कार्यालय पहुँच रहे हैं। आज आष्टा तहसील के ग्राम छापर के 50 से अधिक किसानों ने आष्टा पहुँच कर एसडीएम के नाम से ज्ञापन सौंपा है जिसमें खुलकर खुले रुप से छापर हल्के के पटवारी पर सर्वे कार्य में मनमानी भेदभाव के आरोप लगाये हैं किसानों ने शिकायत में कहा है कि पटवारी पाला पड़ने के बाद ग्राम में सर्वे करने पहुँचे। सवर्ें भी किया लेकिन लगता है कि आष्टा आने सर्वे का प्रतिशत बदल दिया। यही नहीं कई किसानों की फसलें नष्ट हुई उनका अब कोई मुआवजा नहीं मिला है। ज्ञापन देने वालों में छापर के मनोहर सिंह, अनार सिंह, भंवर सिंह, गुलाब सिंह, शिवचरण, राजाराम, राम सिंह, विजेन्द्र सिंह, सजन सिंह, कृपाल सिंह, रामप्रसाद, मान सिंह, गुलाब सिंह, भादर सिंह, विजय सिंह, जगदीश तेजसिंह, रतन सिंह, मोती सिंह, नरेन्द्र, दिलीप सिंह, देव सिंह, चैन सिंह, मानसिंह सहित लगभग 50 किसान उपस्थित थे। एसडीएम कार्यालय से बताया कि छापर के किसानों ने आज ज्ञापन दिया है। तथा की गई शिकायतों की जांच करवाई जा रही है। ग्रामीणों का खुला आरोप है कि छापर में मुआवजे के मामले में बहुत बड़ी गड़बड़ी हुई है।

पूरे जावर में दिनभर मिठाई बंटी तहसील बनने पर उत्सवी माहोल रहा

जावर 13 जून (नि.सं.)। जावर की पचास वर्ष पुरानी तहसील बनाने की मांग को गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा घोषणा की। मुख्यमंत्री द्वारा जावर को तहसील बनाने की घोषणा से नगर सहित पूरे क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने वर्षों पुरानी मांग पूरी होने पर एक दूसरे को बधाई दी व मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। जावर को तहसील बनाने पर पूरे नगर में शुक्रवार को मिठाई वितरित की गई। क्षेत्रीय विधायक रघुनाथ मालवीय, जिला भाजपा अध्यक्ष ललित नागौरी, जिला भाजपा मंत्री बाबूलाल पटेल का अथक प्रयास रहा। जावर को तहसील बनाने के लिये पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। आभार व्यक्त करने वालों में नन्नूलाल वर्मा, विक्रम सिंह कल्याण सिंह, राकेश सिंह, आजाद सिंह, किशोर पाटीदार, रमेश पाटीदार, देवी प्रसाद परमार, जय सिंह मान सिंह, सुभाष भावसार, संतोष लक्ष्कार, सुनील जैन, कैलाश सोलंकी, राजपाल ठाकुर, दयाराम परिहार, कृपाल सिंह, नरेन्द्र सिंह, खुमान सिंह, राजेन्द्र सिंह कालापीपल, धीरज सिंह, राजेन्द्र सिंह, प्रेम सिंह, सूरज सेन, बालाराम, इन्दर सिंह, जीवन सिंह, डॉ.सवाई सिंह, हरीश शर्मा, हिम्मत सिंह, संतोष जैन, सतीश विश्वकर्मा, कमल सिंह, राजेश बागवान, कैलाश राठौर, असलम कुरैशी, वीरेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह, संजय अजमेरा, शिवम सोनी, मनोहर गोयल, फूल सिंह, मान सिंह मूंडला, राधेश्याम पाटीदार सरपंच, भोलाराम विश्वकर्मा, तेज सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, अंकित अजमेरा, मयंक चौरसिया, शांतिलाल भावसार आदि।

खाद बीज के लिये दर-दर भटक रहा है किसान

आष्टा 13 जून (नि.प्र.)। समय से पूर्व मानसून ने जारेदार दस्तक देकर किसानों को मानसून ने खेतों की और रुख करने को मजबूर कर दिया आष्टा क्षेत्र में कई जगह इतना पानी बरस गया की वहाँ बोवनी हो सकती है। वहीं कई स्थान ऐसे हैं जहाँ और पानी गिर गया तो शीघ्र बोवनी कार्य शुरु हो जायेगा। लेकिन किसानों को सुपर खाद और प्रमाणिक स्तर का बीज नहीं मिल रहा है किसान खाद बीज के लिये दर- दर भटक रहा है दावे किये जा रहे थे कि इस बार किसानों को सेवा सहकारी समितियों से भरपूर खाद एवं अनुदान पर सोयाबीन का बीज मिलेगा लेकिन बीज अभी तक समितियों तक पहुँचा ही नहीं है खाद सुपर थोड़ा बहुत आया था पलक झपकते ही खत्म हो गया। वहीं खाद की दुकानों पर नामी कम्पनियों की खाद की आपूर्ति खाद कम्पनियाँ नहीं कर रही है इससे जो नामी कम्पनियों से मिलते जुलते नाम की नकली हल्के स्तर की खाद लाये हैं वे मजे लूट रहे हैं वहीं बीज समितियों में नहीं आने से किसान मजबूरी में जहाँ से जैसा बीज जिस भाव में मिल रहा है ले जा रहा है। किसान दर-दर भटक रहा है लेकिन स्थानीय प्रशासन को किसानों की इस गंभीर समस्या की और कोई चिंता नजर नहीं आ रही है।
मांग बढी - समितियों में बीज नहीं आने से बाजार में तथा मंडी में बीजू सोयाबीन की मांग बढ़ गई है भाव भी जो बोल दिया सो बोल दिया किसान फिर भी ले जा रहा है।
कृषि विभाग उधर भी देखे - सोयाबीन की बुआई जारी होने वाली है ऐसे में गांव-गांव में कई वाहन कीटनाशक दवा के पहुँच रहे हैं कहीं ये नकली दवा तो नहीं बेच रहे हैं कृषि विभाग को इस और ध्यान देना चाहिये। मोहन बाबू शर्मा ने ये कहा- सेवा सहकारी समितियों में ना ही बीज मिल रहा है और ना ही सुपर खाद जब इस संबंध में जिला सहकारी बैंक आष्टा शाखा प्रबंधक मोहन बाबू शर्मा से चर्चा की तो उन्होने कहा कि बीज की डिमांड भेज दी है। रोज चर्चा भी कर रहे हैं कहा जा रहा है 1-2 दिन में आ जायेगा। सुपर खाद लगभग 175 टन आई थी जो बिक गई है उक्त खाद की और डिमांड भेजी है। समितियों में अन्य खाद उपलब्ध है।

Friday, June 13, 2008

जावर बनेगी तहसील, मुख्यमंत्री ने की घोषणा, जावर में मुख्यमंत्री का हुआ भव्य व ऐतिहासिक स्वागत

जावर 12 जून (नि.सं.)। मैं तो जनता का सेवक हूँ मैं कोई राजा महाराजा नहीं किसान का बेटा हूँ मेरी सरकार गरीबों के लिये कार्य करने वाली सरकार है, मुझे रात भर नींद नहीं आती, मेरे प्रदेश की साढ़े 6 करोड़ जनता के विकास के लिये सोचता रहता हूँ और अच्छा करुं और अच्छा करुं बस यही मैं सोचता रहता हूँ। जबकि मेरे विरोधी मुझे हटाने की चिंता में लगे हैं। लेकिन जब तक मेरे साथ प्रदेश की जनता है कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मध्य प्रदेश मेरा मंदिर है मैं इसका पुजारी हूँ।
यह बात आज जनकल्याण एवं किसान सम्मेलन के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही। श्री चौहान ने विकास की चर्चा करते हुए कहा कि बेटी किसी पर बोझ नहीं बनेगी। मैं उसका मामा हूँ, किसानों के लिये खेती अब घाटे का सौदा नहीं रहेगी उसे और लाभकारी बनायेंगे। जननी सुरक्षा, गांव की बेटी, लाड़ली लक्ष्मी, प्रसूती के लिये 45 दिन की मजदूरी, गरीबों के लिये सस्ता अनाज, चावल, छात्राओं के लिये साईकिल, ड्रेस तक सरकार देगी। गरीब के बच्चे पढ़ने से वंचित नहीं रहेंगे। कर्मचारी से लेकर हर वर्ग के विकास के लिये मैं कार्य कर रहा हूँ।
ओला, पाला, सूखा, इल्ली से हुए नुकसान के लिये किसानों को भरपूर राशि मिलेगी। अब तो हिरणे खेत चर जाती हैं तो उसका भी मुआवजा मिलेगा। आकाशीय बिजली गिरने से 1 लाख की सहायता मिलेगी। गाय और भैंस के मरने पर 10 हजार की सहायता मिलेगी। किसानों को 5 प्रतिशत वार्षिक दर पर ऋण मिलेगा। किसानों के बिजली बिल का सरचार्ज 2 प्रतिशत माफ कर दिया गया है और मूल बिल भी आधा कर दिया है।
बिजली की दर पहले 1रुपये 20 पैसे थी, जो अब घटाकर 75 पैसे कर दी गई है। 50 साल से किसान लुटता आ रहा है अब उस पर सरकार को लुटाने का मौका आया है। श्री सिंह ने देश में मंहगाई के लिये केन्द्र की कांग्रेस सरकार को दोषी ठहराया। उन्होने कहा कि गरीब दो समय भोजन करता है वह भी केन्द्र सरकार को अखरता है। लेकिन मैं गरीबों की थाली खाली नहीं रहने दूंगा इसलिये 3 रुपये किलो गेहूँ और 4.50 रुपये किलो चावल मिले और दोनो समय वह भरपेट भोजन करे यही मेरी चिंता है।
उपरोक्त विकास योजना के साथ ही मुख्यमंत्री ने जावर की वर्षों पुरानी तहसील बनाने की मांग भी उपस्थित जनसमुदाय के बीच जावर को तहसील बनाने की घोषणा की। जिसका उपस्थित जनसमुदाय ने ताली की गड़गड़ाहट एवं आतिशबाजी के साथ स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मंच पर 5 बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना के कार्ड भी दिये। साथ ही उन्होने मजदूर सुरक्षा योजना के भी 3 मजदूरों को प्रमाण पत्र दिये। आज सम्पन्न कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री रुस्तम सिंह, विधायक रघुनाथ मालवीय, ललित नागौरी ने भी संबोधित किया। स्वागत भाषण मंडल अध्यक्ष राकेश सेंधव ने दिया। कार्यक्रम का संचालन बाबूलाल पटेल जिला मंत्री ने किया। आभार राकेश शर्मा ने व्यक्त किया। आज स्वागत करने वालों में नन्नु लाल वर्मा, विक्रम सिंह कप्तान, कल्याण सिंह, देवी प्रसाद परमार, आजाद सिंह पहलवान, किशोर पाटीदार, डॉ. सवाई सिंह, विजेन्द्र सिंह, शैलेष वैद्य, सुभाष भावसार, कृपाल सिंह, राजेन्द्र सिंह कालापीपल, रमेश पाटीदार, हरीश शर्मा, सुनील जैन, धीरज सिंह, जय सिंह, संजय अजमेरा, हिम्मत सिंह, राजेन्द्र सिंह, संतोष लक्ष्कार, गयाराम परिहार, बहादुर सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, शिवम सोनी आदि रहे।

मुख्यमंत्री ने लगाई घोषणाओं की झड़ी
जावर। जावर को तहसील बनाने के साथ ही जावर उपमंडी को स्वतंत्र मंडी का दर्जा देने, तालाब का जीर्णोध्दार करने, जावर नगर विकास के लिये 25 लाख रुपये नगर पंचायत को देने, अनुसूचित जाति छात्रावास को 20 सीट से बढ़ाकर 50 सीट का करने, नेवज नदी पर घांट निर्माण करने, कजलास में हाई स्कूल खोलने, कजलास से मूण्डला एवं अरोलिया से कुरावर तक सड़क मार्ग बनाने की घोषणा भी की । इसके साथ आज मुख्यमंत्री जी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के दर्जा मिलने के बाद उसका नये सिरे से शुभारंभ किया। आज एक और खास बात यह रही की हकीमाबाद के पास बिजली के ग्रेड जो 3 अरब, 2 करोड़, 60 लाख की लागत से बनेगा उसका भी भूमि पूजन किया। ज्ञातव्य है कि यह विशाल ग्रेड करीब 90 एकड़ क्षेत्र में बनेगा।
अनेक जगह हुआ स्वागत, दुल्हन की तरह सजा नगर
मुख्यमंत्री को सुनने के लिये नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग आये थे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर नगर में उत्साह का माहौल था। हेलीपेड से लेकर सभा स्थल तक के मार्ग को कार्यकर्ताओं ने होर्डिंग बेनर पोस्टर से पाट दिया था। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मंच बनाकर जगह जगह स्वागत किया। युवा मोर्चा द्वारा 51 किलो की माला से मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। आज मुख्यमंत्री को सुनने के लिये करीब 15 हजार लोग उपस्थित थे। मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारी में राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं नगर पंचायत के अधिकारी कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा। साथ ही स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी दिन रात मेहनत कर नगर को दुल्हन की तरह सजाया था।

इतनी की तारीफ की वो रो पड़े......
जावर। आज मुख्यमंत्री ने मंच से जिलाधीश की तारीफ शुरु की तो वह रुके ही नहीं...इतनी तारीफ करते चले गये कि लोग भी स्तब्ध रह गये...उन्हे कई नई जानकारियाँ जिलाधीश के संबंध में मिली... तारीफ पर तारीफ जब वह कर रहे थे तो जिलाधीश ने अपना सिर नीचे कर लिया और वो लोग तो रो ही पड़े जो इनके आसपास मंडराते नजर आते थे.....।