आष्टा 23 मई (नि.सं.)। ग्राम पंचायत हकीमाबाद की सरपंच श्रीमति रेखा परमार की पंचायत के पंचों ने एसडीएम जी.व्ही. रश्मि को शिकायत की है। पंच प्रहलाद सिंह, श्रीमति शैतान बाई व अन्यों ने शिकायत की है कि सरपंच द्वारा मजदूरों का शोषण कर उन्हे कम मजदूरी दी जा रही है एवं विकास के कार्यों में भी गड़बड़ी हो रही है।
एसडीएम आष्टा ने आई शिकायतों की जांच का कार्य श्रम निरीक्षक आष्टा एवं तहसीलदार आष्टा को सौंपा है। पंचों ने शिकायत की है कि पंचायत क्षेत्र में तालाब गहरीकरण का कार्य चल रहा है। यह किस योजना में चल रहा है। सरपंच ने पंचों को कोई जानकारी नहीं दी है। काम में लगे पुरुष मजदूरों को 50 रुपये एवं महिलाओं को 40 रुपये मजदूरी दी जा रही है जो कलेक्टर सीहोर द्वारा तय किये रेट से कम है। शिकायत में पंचायत क्षेत्र में हुए कांक्रीट मूलभूत की राशि एवं जवाहर योजना के तहत कार्य क्यों नहीं हुए यह भी जांच कराने की मांग की है। सरपंच के पति पर भी पंचों ने कई आरोप लगाये हैं। एसडीएम कार्यालय से बताया कि ग्राम पंचायत हकीमाबाद की सरपंच रेखा परमार की पंचों ने शिकायत की है इसकी पुष्टी एसडीएम कार्यालय से भी है और बताया कि जांच के लिये श्रम निरीक्षक एवं तहसीलदार को नियुक्त किया है।
Saturday, May 24, 2008
कर्जमाफी की घोषणा के बाद बैंकों से लिया ऋण जमा नहीं कर रहे किसान
जावर 23 मई (नि.सं.)। इस वर्ष के केन्द्रिय आम बजट में केन्द्रिय वित्त मंत्री द्वारा किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा के बाद से जिन किसानों ने बैंकों से कृषि ऋण ले रखा था वह अब जमा नहीं कर रहे हैं जिस कारण क्षेत्र के बैंकों व समितियों की दयनीय स्थिति बनती जा रही है।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष के केन्द्रिय आम बजट में केन्द्रिय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम द्वारा किसानों के लिये 60 हजार करोड़ का ऋण माफ करने की घोषणा के बाद से क्षेत्र का कोई भी किसान जिन्होने बैंकों व सहकारी समितियों से कृषि ऋण ले रखा है वह कोई भी जमा नहीं करवा रहे हैं जिससे क्षेत्र की सहकारी समितियों व अन्य बैंकों की स्थिति खराब होने लगी है।
बैंक वाले किसानों के पास वसूली के लिये जाते हैं लेकिन किसान यह कहकर मना कर देते हैं कि सरकार ने कर्जा माफ कर दिया है हम राशि जमा क्यों करवाये। बमूलिया के कृषक गजराज सिंह का कहना है कि जब सरकार ने किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा कर दी तो हम राशि क्यों भरें। श्री सिंह का कहना है कि हमेशा ईमानदार किसान को ही नुकसान होता है और कर्ज जमा नहीं करने वालों को फायदा होता है।
उधर जिला सहकारी केन्द्रिय बैंक शाखा जावर के प्रबंधक जगन्नाथ सिंह ने बताया कि हमारी शाखा से बीते वर्ष 635 लाख का कृषि ऋण किसानों को बांटा गया था लेकिन कर्ज माफी की घोषणा के बाद से कोई भी किसान बैंक से लिया कर्जा जमा करने नहीं आ रहा है। हम किसानों के पास भी वसूली के लिये जाते हैं लेकिन किसान सरकार द्वारा कर्ज माफ करने की घोषणा का हवाला देकर ऋण जमा करने से मना कर रहे हैं। श्री सिंह का कहना है कि जो ऋण बैंक से किसानों को दिया है उसे जून तक वसूल करना है लेकिन अभी तक कोई भी किसान ऋण जमा करने नहीं आ रहे हैं। कमोवेश यही स्थिति अन्य बैंकों की भी है।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष के केन्द्रिय आम बजट में केन्द्रिय वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम द्वारा किसानों के लिये 60 हजार करोड़ का ऋण माफ करने की घोषणा के बाद से क्षेत्र का कोई भी किसान जिन्होने बैंकों व सहकारी समितियों से कृषि ऋण ले रखा है वह कोई भी जमा नहीं करवा रहे हैं जिससे क्षेत्र की सहकारी समितियों व अन्य बैंकों की स्थिति खराब होने लगी है।
बैंक वाले किसानों के पास वसूली के लिये जाते हैं लेकिन किसान यह कहकर मना कर देते हैं कि सरकार ने कर्जा माफ कर दिया है हम राशि जमा क्यों करवाये। बमूलिया के कृषक गजराज सिंह का कहना है कि जब सरकार ने किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा कर दी तो हम राशि क्यों भरें। श्री सिंह का कहना है कि हमेशा ईमानदार किसान को ही नुकसान होता है और कर्ज जमा नहीं करने वालों को फायदा होता है।
उधर जिला सहकारी केन्द्रिय बैंक शाखा जावर के प्रबंधक जगन्नाथ सिंह ने बताया कि हमारी शाखा से बीते वर्ष 635 लाख का कृषि ऋण किसानों को बांटा गया था लेकिन कर्ज माफी की घोषणा के बाद से कोई भी किसान बैंक से लिया कर्जा जमा करने नहीं आ रहा है। हम किसानों के पास भी वसूली के लिये जाते हैं लेकिन किसान सरकार द्वारा कर्ज माफ करने की घोषणा का हवाला देकर ऋण जमा करने से मना कर रहे हैं। श्री सिंह का कहना है कि जो ऋण बैंक से किसानों को दिया है उसे जून तक वसूल करना है लेकिन अभी तक कोई भी किसान ऋण जमा करने नहीं आ रहे हैं। कमोवेश यही स्थिति अन्य बैंकों की भी है।
महिला सरपंच की पंचों ने की शिकायत
आष्टा 23 मई (नि.सं.)। ग्राम पंचायत हकीमाबाद की सरपंच श्रीमति रेखा परमार की पंचायत के पंचों ने एसडीएम जी.व्ही. रश्मि को शिकायत की है। पंच प्रहलाद सिंह, श्रीमति शैतान बाई व अन्यों ने शिकायत की है कि सरपंच द्वारा मजदूरों का शोषण कर उन्हे कम मजदूरी दी जा रही है एवं विकास के कार्यों में भी गड़बड़ी हो रही है।
एसडीएम आष्टा ने आई शिकायतों की जांच का कार्य श्रम निरीक्षक आष्टा एवं तहसीलदार आष्टा को सौंपा है। पंचों ने शिकायत की है कि पंचायत क्षेत्र में तालाब गहरीकरण का कार्य चल रहा है। यह किस योजना में चल रहा है। सरपंच ने पंचों को कोई जानकारी नहीं दी है। काम में लगे पुरुष मजदूरों को 50 रुपये एवं महिलाओं को 40 रुपये मजदूरी दी जा रही है जो कलेक्टर सीहोर द्वारा तय किये रेट से कम है। शिकायत में पंचायत क्षेत्र में हुए कांक्रीट मूलभूत की राशि एवं जवाहर योजना के तहत कार्य क्यों नहीं हुए यह भी जांच कराने की मांग की है। सरपंच के पति पर भी पंचों ने कई आरोप लगाये हैं। एसडीएम कार्यालय से बताया कि ग्राम पंचायत हकीमाबाद की सरपंच रेखा परमार की पंचों ने शिकायत की है इसकी पुष्टी एसडीएम कार्यालय से भी है और बताया कि जांच के लिये श्रम निरीक्षक एवं तहसीलदार को नियुक्त किया है।
एसडीएम आष्टा ने आई शिकायतों की जांच का कार्य श्रम निरीक्षक आष्टा एवं तहसीलदार आष्टा को सौंपा है। पंचों ने शिकायत की है कि पंचायत क्षेत्र में तालाब गहरीकरण का कार्य चल रहा है। यह किस योजना में चल रहा है। सरपंच ने पंचों को कोई जानकारी नहीं दी है। काम में लगे पुरुष मजदूरों को 50 रुपये एवं महिलाओं को 40 रुपये मजदूरी दी जा रही है जो कलेक्टर सीहोर द्वारा तय किये रेट से कम है। शिकायत में पंचायत क्षेत्र में हुए कांक्रीट मूलभूत की राशि एवं जवाहर योजना के तहत कार्य क्यों नहीं हुए यह भी जांच कराने की मांग की है। सरपंच के पति पर भी पंचों ने कई आरोप लगाये हैं। एसडीएम कार्यालय से बताया कि ग्राम पंचायत हकीमाबाद की सरपंच रेखा परमार की पंचों ने शिकायत की है इसकी पुष्टी एसडीएम कार्यालय से भी है और बताया कि जांच के लिये श्रम निरीक्षक एवं तहसीलदार को नियुक्त किया है।
महिला सरपंच की पंचों ने की शिकायत
आष्टा 23 मई (नि.सं.)। ग्राम पंचायत हकीमाबाद की सरपंच श्रीमति रेखा परमार की पंचायत के पंचों ने एसडीएम जी.व्ही. रश्मि को शिकायत की है। पंच प्रहलाद सिंह, श्रीमति शैतान बाई व अन्यों ने शिकायत की है कि सरपंच द्वारा मजदूरों का शोषण कर उन्हे कम मजदूरी दी जा रही है एवं विकास के कार्यों में भी गड़बड़ी हो रही है।
एसडीएम आष्टा ने आई शिकायतों की जांच का कार्य श्रम निरीक्षक आष्टा एवं तहसीलदार आष्टा को सौंपा है। पंचों ने शिकायत की है कि पंचायत क्षेत्र में तालाब गहरीकरण का कार्य चल रहा है। यह किस योजना में चल रहा है। सरपंच ने पंचों को कोई जानकारी नहीं दी है। काम में लगे पुरुष मजदूरों को 50 रुपये एवं महिलाओं को 40 रुपये मजदूरी दी जा रही है जो कलेक्टर सीहोर द्वारा तय किये रेट से कम है। शिकायत में पंचायत क्षेत्र में हुए कांक्रीट मूलभूत की राशि एवं जवाहर योजना के तहत कार्य क्यों नहीं हुए यह भी जांच कराने की मांग की है। सरपंच के पति पर भी पंचों ने कई आरोप लगाये हैं। एसडीएम कार्यालय से बताया कि ग्राम पंचायत हकीमाबाद की सरपंच रेखा परमार की पंचों ने शिकायत की है इसकी पुष्टी एसडीएम कार्यालय से भी है और बताया कि जांच के लिये श्रम निरीक्षक एवं तहसीलदार को नियुक्त किया है।
एसडीएम आष्टा ने आई शिकायतों की जांच का कार्य श्रम निरीक्षक आष्टा एवं तहसीलदार आष्टा को सौंपा है। पंचों ने शिकायत की है कि पंचायत क्षेत्र में तालाब गहरीकरण का कार्य चल रहा है। यह किस योजना में चल रहा है। सरपंच ने पंचों को कोई जानकारी नहीं दी है। काम में लगे पुरुष मजदूरों को 50 रुपये एवं महिलाओं को 40 रुपये मजदूरी दी जा रही है जो कलेक्टर सीहोर द्वारा तय किये रेट से कम है। शिकायत में पंचायत क्षेत्र में हुए कांक्रीट मूलभूत की राशि एवं जवाहर योजना के तहत कार्य क्यों नहीं हुए यह भी जांच कराने की मांग की है। सरपंच के पति पर भी पंचों ने कई आरोप लगाये हैं। एसडीएम कार्यालय से बताया कि ग्राम पंचायत हकीमाबाद की सरपंच रेखा परमार की पंचों ने शिकायत की है इसकी पुष्टी एसडीएम कार्यालय से भी है और बताया कि जांच के लिये श्रम निरीक्षक एवं तहसीलदार को नियुक्त किया है।
मिश्रा लम्बे समय तक कोतवाली के कोतवाल रहे थे, श्रध्दांजली
सीहोर 23 मई (नि.प्र.)। वरिष्ठ अभिभाषक राजीव मिश्रा एवं नेहरु युवा केन्द्र के समन्वयक राजेश मिश्रा के पिताश्री एवं मार्कफेड के अध्यक्ष रमाकांत भार्गव के ससुर श्री कोमल प्रसाद मिश्रा सेवानिवृत्त थाना प्रभारी का आज छावनी विश्राम घांट पर अंतिम संस्कार किया गया। जिसमें कई गणमान्य लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर उन्हे श्रध्दासुमन अर्पित किये।
विश्राम घांट पर उन्हे श्रध्दांजली अर्पित कर सीहोर में थाना प्रभारी के रुप में पदस्थ रहते हुए उनकी सेवाओं का स्मरण किया गया। ज्ञातव्य है कि स्व.श्री मिश्रा जी लम्बे समय तक सीहोर कोतवाली में थाना प्रभारी के रुप में पदस्थ रहे थे जिले में अन्य थानों में भी उनका कार्यकाल रहा है। उनकी छवि विभाग में एक ईमानदार पुलिस अधिकारी की रही। श्मशान घांट पर विधायक रमेश सक्सेना की अध्यक्षता में शोकसभा में विद्या सागर समाधिया, कमलेश कटारे, प्रकाश व्यास काका, रमाकांत भार्गव, ओम दीप, महेन्द्र सिंह अरोरा, जैन सा. मंडी, प्रदीप समाधिया, के.यू.कुरैशी, महेश चौरसिया आदि अनेक गणमान्य लोगों ने उनका स्मरण कर श्रध्दासुमन अर्पित किये।
विश्राम घांट पर उन्हे श्रध्दांजली अर्पित कर सीहोर में थाना प्रभारी के रुप में पदस्थ रहते हुए उनकी सेवाओं का स्मरण किया गया। ज्ञातव्य है कि स्व.श्री मिश्रा जी लम्बे समय तक सीहोर कोतवाली में थाना प्रभारी के रुप में पदस्थ रहे थे जिले में अन्य थानों में भी उनका कार्यकाल रहा है। उनकी छवि विभाग में एक ईमानदार पुलिस अधिकारी की रही। श्मशान घांट पर विधायक रमेश सक्सेना की अध्यक्षता में शोकसभा में विद्या सागर समाधिया, कमलेश कटारे, प्रकाश व्यास काका, रमाकांत भार्गव, ओम दीप, महेन्द्र सिंह अरोरा, जैन सा. मंडी, प्रदीप समाधिया, के.यू.कुरैशी, महेश चौरसिया आदि अनेक गणमान्य लोगों ने उनका स्मरण कर श्रध्दासुमन अर्पित किये।
प्राण घातक हमला
जावर 23 मई (नि.सं.)। जिले के जावर थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम टिगरिया में आज सुबह घटित हुई घटना में एक युवक पर प्राण घातक हमला कर घायल कर दिया। पुलिस ने प्रकरण कायम कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब दो दिन पहले गुलाब सिंह की मेड काक सिंह ने बखर दी इसी बात को लेकर आज सुबह साढ़े सात बजे करीब गुलाब सिंह ने कोक सिंह से कहा कि मेरी मेड़ क्यों बखरी इस पर कोकसिंह, अर्जुन सिंह, लक्ष्मीनारायण व सुरेन्द्र कुल्हाड़ी धारिया लेकर आये व गुलाब सिंह के घर के सामने माँ बहन की अशील गालियाँ देने लगे गुलाब सिंह ने गाली देने से मना किया तो इन लोगों ने गुलाब सिंह पर हमला कर दिया व जान से मारने की नियत से गुलाब सिंह को कोक सिंह ने कुल्हाड़ी से कपाल पर बायीं तरफ मारा व अर्जुन सिंह, लक्ष्मीनारायण सुरेन्द्र न लाठी पत्थर से उसके साथ मारपीट कर गुलाब सिंह को जान से मारने की नियत से हमला करके प्राण घातक चोंट पहुँचाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब दो दिन पहले गुलाब सिंह की मेड काक सिंह ने बखर दी इसी बात को लेकर आज सुबह साढ़े सात बजे करीब गुलाब सिंह ने कोक सिंह से कहा कि मेरी मेड़ क्यों बखरी इस पर कोकसिंह, अर्जुन सिंह, लक्ष्मीनारायण व सुरेन्द्र कुल्हाड़ी धारिया लेकर आये व गुलाब सिंह के घर के सामने माँ बहन की अशील गालियाँ देने लगे गुलाब सिंह ने गाली देने से मना किया तो इन लोगों ने गुलाब सिंह पर हमला कर दिया व जान से मारने की नियत से गुलाब सिंह को कोक सिंह ने कुल्हाड़ी से कपाल पर बायीं तरफ मारा व अर्जुन सिंह, लक्ष्मीनारायण सुरेन्द्र न लाठी पत्थर से उसके साथ मारपीट कर गुलाब सिंह को जान से मारने की नियत से हमला करके प्राण घातक चोंट पहुँचाई है।
जागरुक नागरिकों के कारण सांई कालोनी से लकड़ी चोरों को उल्टे पांव भागना पड़ा
आष्टा 23 मई (नि.सं.)। क्षेत्र लकड़ी चोरों के लिये एक ऐसा सुरक्षित स्थान है जहाँ रात के अंधेरे में हजारों की लकड़ी इधर से उधर हो जाती है लेकिन कल नगर की सांई कालोनी में एक निर्माणाधीन मकान में रात के अंधेरे में सागौन की लकड़ियां रखने आये 10-12 लकड़ी चोरों को जागरुक नागरिकों की जागरुकता के कारण लकड़ी लेकर उल्टे पैर भागना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सांई कालोनी में आशुतोष शर्मा के मकान के पास एक भवन का निर्माण कार्य चल रहा है जिसमें छत डालने के लिये केंटीन ठोंकी गई थी कल रात लगभग 10 बजे 10-12 लकड़ी चोर सागौन की लकड़ियां लेकर आये और उक्त निर्माणाधीन मकान में लाई गई लकड़ियों को रख दिया अंदर अंधेरा होने के कारण ठोंकी गई सेंटिंग हिल गई जिससे लोहे के तरापे गिर गये । जिसकी आवाज से पड़ोसी आशुतोष शर्मा ने जब देखा तो उक्त मकान में कई लोग नजर आये उन्होने तत्काल आष्टा थाने में सूचना की। थाने से पुलिस समय पर नहीं पहुँची। तब शर्मा ने एसडीओपी को सूचना।
सूचना मिलते ही मनु व्यास 10 मिनिट तक सांई कालोनी पहुँच गये लेकिन तब तक जागरुक नागरिकों के घरों के बाहर आ जाने से उक्त सभी लकड़ी चोर लाई गई लकड़ियों को कंधों पर रखकर अंधेरे में भाग गये। बाद में थाने से पुलिस पहुँची और आसपास के लोगों कसे पूछताछ की। कई घरों को उन्होने देखा लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला। यदि समय से पुलिस पहुँच जाती तो सभी लकड़ी चोर पकड़े जाते।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सांई कालोनी में आशुतोष शर्मा के मकान के पास एक भवन का निर्माण कार्य चल रहा है जिसमें छत डालने के लिये केंटीन ठोंकी गई थी कल रात लगभग 10 बजे 10-12 लकड़ी चोर सागौन की लकड़ियां लेकर आये और उक्त निर्माणाधीन मकान में लाई गई लकड़ियों को रख दिया अंदर अंधेरा होने के कारण ठोंकी गई सेंटिंग हिल गई जिससे लोहे के तरापे गिर गये । जिसकी आवाज से पड़ोसी आशुतोष शर्मा ने जब देखा तो उक्त मकान में कई लोग नजर आये उन्होने तत्काल आष्टा थाने में सूचना की। थाने से पुलिस समय पर नहीं पहुँची। तब शर्मा ने एसडीओपी को सूचना।
सूचना मिलते ही मनु व्यास 10 मिनिट तक सांई कालोनी पहुँच गये लेकिन तब तक जागरुक नागरिकों के घरों के बाहर आ जाने से उक्त सभी लकड़ी चोर लाई गई लकड़ियों को कंधों पर रखकर अंधेरे में भाग गये। बाद में थाने से पुलिस पहुँची और आसपास के लोगों कसे पूछताछ की। कई घरों को उन्होने देखा लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला। यदि समय से पुलिस पहुँच जाती तो सभी लकड़ी चोर पकड़े जाते।
दो गुटो में संघर्ष, एक की मौत, तीन घायल
सीहोर 23 मई (नि.सं.)। ग्राम पिपलानी में गत गुरुवार की शाम एक ही समुदाये के दो पक्षों के बीच हुई झड़प में एक युवक की मौत हो गई वहीं तीन लोग घायल हो गये। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पिपलानी निवासी कैलाश कोरकू ने लगभग 17 वर्ष पूर्व दयाराम कोरकू से एक मकान साढ़े तीन हजार रुपये में खरीदा था जिसे दयाराम का पुत्र गजराज व उसके घर वाले यह कहकर की अपने बेचा नहीं है, वापस मांग रहे थे इसी बात को लेकर दो दिन पूर्व गजराज व शैतान ने गाली गलौच भी की थी। बताया जाता है कि गुरुवार की शाम कैलाश कोरकू व उसकी पत्नि व पुत्र संतोष घर पर थे तभी 3 बजे गजराज सिंह, शैतान सिंह, उमेन्द्र, अशोक, सुरेश व शैतान का छोटा लडका, संजूबाई गजराज की पत्नि, शैतान की पत्नि, शैतान की बहन व बहनोई तथा जगन्नाथ का दामाद कुल्हाड़ी लकड़ी लेकर कैलाश के घर पर आये व गाली गलौच करने लगे जब कैलाश का लड़का संतोष घर के बाहर आकर इन्हे गाली देने से मना किया तभी गजराज ने उसकी कालर पकड़ कर बाहर सड़क पर खींच कर ले गया और सभी ने मिलकर कुल्हाड़ी लकड़ी से उसे मारना शुरु कर दिया संतोष को सिर में कुल्हाड़ी लगने से घटना स्थल पर ही मौत हो गई तथा बीच बचाव में कैलाश भी घायल हो गया। कैलाश की शिकायत पर नसरुल्लागंज पुलिस ने भादवि की धारा 147, 148, 149, 302, 294, 323 के तहत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। उधर दूसरे पक्ष के गजराज सिंह कोरकू की शिकायत पर पुलिस ने कैलाश, संतोष, गोलू व दो अन्य के विरुध्द भादवि की धारा 307, 294, 506, 323, 34 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जिसमें गजराज एवं सुरेश घायल हुए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार हेतु नसरुल्लागंज अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
दो गुटो में संघर्ष, एक की मौत, तीन घायल
सीहोर 23 मई (नि.सं.)। ग्राम पिपलानी में गत गुरुवार की शाम एक ही समुदाये के दो पक्षों के बीच हुई झड़प में एक युवक की मौत हो गई वहीं तीन लोग घायल हो गये। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पिपलानी निवासी कैलाश कोरकू ने लगभग 17 वर्ष पूर्व दयाराम कोरकू से एक मकान साढ़े तीन हजार रुपये में खरीदा था जिसे दयाराम का पुत्र गजराज व उसके घर वाले यह कहकर की अपने बेचा नहीं है, वापस मांग रहे थे इसी बात को लेकर दो दिन पूर्व गजराज व शैतान ने गाली गलौच भी की थी। बताया जाता है कि गुरुवार की शाम कैलाश कोरकू व उसकी पत्नि व पुत्र संतोष घर पर थे तभी 3 बजे गजराज सिंह, शैतान सिंह, उमेन्द्र, अशोक, सुरेश व शैतान का छोटा लडका, संजूबाई गजराज की पत्नि, शैतान की पत्नि, शैतान की बहन व बहनोई तथा जगन्नाथ का दामाद कुल्हाड़ी लकड़ी लेकर कैलाश के घर पर आये व गाली गलौच करने लगे जब कैलाश का लड़का संतोष घर के बाहर आकर इन्हे गाली देने से मना किया तभी गजराज ने उसकी कालर पकड़ कर बाहर सड़क पर खींच कर ले गया और सभी ने मिलकर कुल्हाड़ी लकड़ी से उसे मारना शुरु कर दिया संतोष को सिर में कुल्हाड़ी लगने से घटना स्थल पर ही मौत हो गई तथा बीच बचाव में कैलाश भी घायल हो गया। कैलाश की शिकायत पर नसरुल्लागंज पुलिस ने भादवि की धारा 147, 148, 149, 302, 294, 323 के तहत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। उधर दूसरे पक्ष के गजराज सिंह कोरकू की शिकायत पर पुलिस ने कैलाश, संतोष, गोलू व दो अन्य के विरुध्द भादवि की धारा 307, 294, 506, 323, 34 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जिसमें गजराज एवं सुरेश घायल हुए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार हेतु नसरुल्लागंज अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
खेत की मेढ़ फाड़ने को लेकर टिगरिया में झगड़ा एक का सिर फाड़ा
जावर 23 मई (नि.प्र.)। आज जावर थाने के अन्तर्गत आने वाले ग्राम टिगरिया में एक किसान की दूसरे लोगों द्वारा जबरन मेढ़ फाड़ने पर जमकर झगड़ा हुआ जिसमें गुलाब सिंह का सिर फाड़ दिया जिसे बाद में गंभीर रुप से भोपाल स्थानान्तरित किया गया।
जावर पुलिस ने बताया कि टिगरिया निवासी गुलाब सिंह की मेढ़ को इसी ग्राम के कोक सिंह, अर्जुन सिंह, लक्ष्मीनारायण, सुरेन्द्र सिंह ने फाड़ ली जब गुलाब सिंह उनसे ऐसा क्यों किया कहने गया तो उसका सिर फाड़ कर गंभीर रुप से घायल कर दिया जिसे आष्टा लाये यहाँ से रेफर कर दिया। जावर पुलिस ने बहादुर सिंह पुत्र मोती सिंह सेंधव, 307, 294, 506, 34 के अन्तर्गत प्ररकण दर्ज कर लिया है। अभी सभी आरोपी फरार हैं।
जावर पुलिस ने बताया कि टिगरिया निवासी गुलाब सिंह की मेढ़ को इसी ग्राम के कोक सिंह, अर्जुन सिंह, लक्ष्मीनारायण, सुरेन्द्र सिंह ने फाड़ ली जब गुलाब सिंह उनसे ऐसा क्यों किया कहने गया तो उसका सिर फाड़ कर गंभीर रुप से घायल कर दिया जिसे आष्टा लाये यहाँ से रेफर कर दिया। जावर पुलिस ने बहादुर सिंह पुत्र मोती सिंह सेंधव, 307, 294, 506, 34 के अन्तर्गत प्ररकण दर्ज कर लिया है। अभी सभी आरोपी फरार हैं।
ठेकेदार के ट्रेक्टर में जुते हैं नगर पालिका के टेंकर, बन रहा हजारों का बिल
सीहोर 23 मई (नि.सं.)। नगर पालिका के पास सम्पत्ति की कोई कमी नहीं.....लेकिन देख रेख करने वाले भी यहाँ कोई नहीं है....सम्पत्तियों का चाहे जो चाहे जैसा उपयोग करता है....स्टोर रुप में भरा लोहा धीरे-धीरे गायब हो जाता है और किसी को कानों कान खबर तक नहीं होती....बस यही मजा है नगर पालिका से जुड़े उन तत्वों का जो यहाँ आये दिन गड़बड़ी फैलाते रहते हैं। अब मजे की बात यह है कि नगर पालिका के पास चार-चार पानी के टैंकर हैं, मतलब कोई कमी नहीं है लेकिन यह टेंकर निजी टे्रक्टर में चल रहे हैं और निजी ट्रेक्टर वाले रुपया भी पूरा वसूल रहे हैं मतलब घीसे तो नगर पालिका का टायर और जेब में खीसा जाये इनकी। नगर के चार टेंकर निजी ट्रेक्टर मालिकों द्वारा उपयोग किये जा रहे हैं, पूरे नगर में वह उन्हे घुमाते हैं और कुछ गड़बड़ हो जाती हैं तो उसे नगर पालिका सुधरवाती है, और ट्रेक्टरों को पेयजल वितरण के लिये जो राशि तय की गई है वह भी पूरी दे दी जाती है मतलब ट्रेक्टर वाले पूरे मजे ले रहे हैं और यहाँ कोई देखने-सुनने वाला नहीं है।
सड़क हादसे में दो घायल
सीहोर 23 मई (नि.सं.)। जिले के थाना कोतवाली अन्तर्गत हुए एक सड़क हादसे में दो लोग घायल हो गये। पुलिस ने मामला कायम कर लिया है। कोतवाली थाना अन्तर्गत हीरापुर सीहोर रोड पर गत बुधवार को बिलकीसगंज निवासी खूबीलाल पुत्र चुन्नीलाल 45 साल अपने साथी बंशीलाल की मोटर साईकिल स्टार सिटी से सीहोर आ रहे थे कि सामने से आ रहे टम्फर एमपी 04 के.7518 के चालक ने वाहन को लापरवाही पूर्वक चलाकर इनकी बाइक में टक्कर मारकर घायल कर दिया। उपचार हेतु अस्पताल भर्ती किया है।
कुख्यात अपराधियों पर पुलिस ने कसा शिकंजा
सीहोर 23 मई (नि.सं.)। जिला पुलिस अधीक्षक सीहोर के निर्देशन में तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सीहोर उमेश शर्मा के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी राजीव सक्सेना एवं उनके सहयोग स्टाप न नगर के कुख्यात अपराधियों के विरुध्द कार्यवाही करते हुए शिकंजा कसना प्रारंभ कर दिया है। जानकारी के अनुसार कोतवाली पुलिस ने आज नगर के कस्बा निवासी तबरेज पुत्र बन्ने खां, रामू पुत्र चैन सिंह यादव, लुनिया मोहल्ला निवासी पप्पु उर्फ मनोहर पुत्र लक्ष्मण, गंज निवासी मनोज सूजा पुत्र गणेश प्रसाद राठौर, कल्लू उर्फ राजवीर सिलावट पुत्र राजेन्द्र पुराना बस स्टेण्ड निवासी खेमराज पुत्र लक्ष्मीनारायण रैकवार के विरुध्द धारा 110 जाफो के तहत कार्यवाही की है। बताया जाता है कि ये सभी आदतन अपराधी हैं। इसलिये इनके विरुध्द यह कार्यवाही की है। बताया जाता है कि ये सभी आदतन अपराधी हैं। इसलिये इनके विरुध्द यह कार्यवाही की गई है। इसी प्रकार पुलिस ने एक अन्य आदतन अपराधी जिसके विरुध्द पूर्व में अड़ीबाजी, आर्म्स एक्ट जुंआ सट्टा एक्ट आदि के तहत प्रकरण दर्ज है को अवैध मदिरा सहित गिरफ्तार कर कार्यवाही की है। यह अपराधी गंज निवासी अन्नी उर्फ अनिल पुत्र रामसिंह खटीक है जिसे पुलिस ने 64 बाटल अवैध शराब सहित पकड़ा है।
Friday, May 23, 2008
साहब का पान था कि रुपयों का बंडल.....
आष्टा 22 मई (नि.सं.)। यूँ तो इन दिनों मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा उनकी धर्मपत्नि क नाम ले-लेकर सीहोर जिले में भ्रष्टाचार चरमोत्कर्ष पर पहुँच गया है। मुख्यमंत्री व उनकी धर्मपत्नि के नाम से हर एक कार्यालय में अधिकारियों और ठेके दारों के बीच लेन-देन की प्रक्रिया जितनी तेजी से पिछले 2-3 सालों में बढ़ी है उससे नगर में मुख्यमंत्री की छवि और उनके प्रति एक अलग ही वातावरण पूरे नगर में फैलता जा रहा है। हर तरफ अधिकारियों द्वारा फैलाई हुई एक ही चर्चा रहती है कि भोपाल में नोट गिनने वाली मशीनों के लिये चारा एकत्र करने में सीहोर सबसे आगे हैं और इसके लिये सीहोर के अधिकारियों को खुली छूट दे दी गई है।
हालांकि कुछ भाजपा नेता भी इस काम में बहुत तल्लीनता के साथ लगे हुए हैं और वह भी खुले आम अधिकारियों का साथ देकर यह जताने में लगे रहते हैं कि अधिकारी जो कर रहे हैं वही शाश्वत धर्म है...।
इसी तारतम्य में एक किस्सा बड़ा चर्चित हो रहा है... हुआ यह कि तहसील कार्यालय में नगर पालिका के एक अधिकारी गत 19 मई को पहुँचे। इनके हाथ में एक पान का बंडल था.....पान मतलब पान.....अरे भाई आप भी बस समझते नहीं है....स्वयं नगर पालिका के वह संबंधित अधिकारी कह रहे थे कि यह पान का बंडल है....तो फिर हमें क्या मतलब जब कह रहे हैं तो पान ही होगा....उन्होने तहसील कार्यालय में उस अधिकारी जिनके पास यह गये थे उनका पूछा, पता चला कि वह बैठे हुए हैं....फिर उन्होने बाहर से ही किसी से कहा कि जाओ साहब से कहना कि मैं आया हूँ और उनके लिये पान लाया हूँ....अब चूंकि साहब को पान खाते कम ही लोगों ने देखा था इसलिये साहब के लिये कोई पान लाये और वह भी इतना बड़े बंडल में तो स्वभाविक है चर्चा तो होगी ही....बस चर्चा चल निकली।
पान के पैकेट का आकार उतना ही बड़ा था कि समझ लो जैसे 500 के नोटों की 4 गड्डियाँ रखी हों और उस पर कागज लिपटा हो और उस पर पन्नी लगी हो यह पैकेट जैसा हो जायेगा उतना ही बड़ा पान का वह पैकेट था जो नगर पालिका वाले वो अधिकारी जी लाये थे। अब सीहोर का वह कौन-सा पान बनाने वाला है जो इस प्रकार चौकोर बंडल बनाकर देता है और क्या सप्ताह भर के पान इसमें भर देता है यह राम ही जाने....लेकिन यह सच है कि जब पान का बंडल साहब के हाथों में गया तब तक पूरी तहसील में हल्ला मच गया था कि साहब के लिये पान आया है...।
अब बताईये आप.....यूं खुले आम दिन दहाड़े....कोई शासकिय अधिकारी दूसरे विभाग के अधिकारी कर्मचारी से बेचारा पान भी नहीं खा सकता, पान भी खाता है तो लोग तरह-तरह की बातें, काना-फूसी करते हैं...यह भी कोई बात है भला...क्या अब कोई पान भी न खाये...।
हालांकि कुछ भाजपा नेता भी इस काम में बहुत तल्लीनता के साथ लगे हुए हैं और वह भी खुले आम अधिकारियों का साथ देकर यह जताने में लगे रहते हैं कि अधिकारी जो कर रहे हैं वही शाश्वत धर्म है...।
इसी तारतम्य में एक किस्सा बड़ा चर्चित हो रहा है... हुआ यह कि तहसील कार्यालय में नगर पालिका के एक अधिकारी गत 19 मई को पहुँचे। इनके हाथ में एक पान का बंडल था.....पान मतलब पान.....अरे भाई आप भी बस समझते नहीं है....स्वयं नगर पालिका के वह संबंधित अधिकारी कह रहे थे कि यह पान का बंडल है....तो फिर हमें क्या मतलब जब कह रहे हैं तो पान ही होगा....उन्होने तहसील कार्यालय में उस अधिकारी जिनके पास यह गये थे उनका पूछा, पता चला कि वह बैठे हुए हैं....फिर उन्होने बाहर से ही किसी से कहा कि जाओ साहब से कहना कि मैं आया हूँ और उनके लिये पान लाया हूँ....अब चूंकि साहब को पान खाते कम ही लोगों ने देखा था इसलिये साहब के लिये कोई पान लाये और वह भी इतना बड़े बंडल में तो स्वभाविक है चर्चा तो होगी ही....बस चर्चा चल निकली।
पान के पैकेट का आकार उतना ही बड़ा था कि समझ लो जैसे 500 के नोटों की 4 गड्डियाँ रखी हों और उस पर कागज लिपटा हो और उस पर पन्नी लगी हो यह पैकेट जैसा हो जायेगा उतना ही बड़ा पान का वह पैकेट था जो नगर पालिका वाले वो अधिकारी जी लाये थे। अब सीहोर का वह कौन-सा पान बनाने वाला है जो इस प्रकार चौकोर बंडल बनाकर देता है और क्या सप्ताह भर के पान इसमें भर देता है यह राम ही जाने....लेकिन यह सच है कि जब पान का बंडल साहब के हाथों में गया तब तक पूरी तहसील में हल्ला मच गया था कि साहब के लिये पान आया है...।
अब बताईये आप.....यूं खुले आम दिन दहाड़े....कोई शासकिय अधिकारी दूसरे विभाग के अधिकारी कर्मचारी से बेचारा पान भी नहीं खा सकता, पान भी खाता है तो लोग तरह-तरह की बातें, काना-फूसी करते हैं...यह भी कोई बात है भला...क्या अब कोई पान भी न खाये...।
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