सीहोर 7 मई (नि.सं.)। देश के बड़े नगरों और महानगरों की तर्ज पर नये-नये तरीके के अपराध शहर में भी घटित होने लगे हैं। आज नगर घरेलू हिंसा का एक अनोखा मामला उजागर हुआ है जिसमें एक महिला अपने पति के द्वारा आये दिन प्रताड़ित किये जाने से परेशान है और जब वह पुलिस सहायता के लिये पहुँची तो पुलिस ने उसे घरेलू हिंसा प्रताड़ना की धाराओं के तहत मामला दर्ज कराकर मदद की है। महिला बाल विकास विभाग ने मामला दर्ज कर लिया है और अब शीघ्र ही मामला न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जायेगा। देखते हैं मामला क्या रंग लाता है।
उल्लेखनीय है कि घरेलू हिंसा भारत में बडी मात्रा होती रहती है। महिलाओं पर घर में अत्याचार के किस्से आये दिन होते हैं। पति या सास-ससुर-देवर द्वारा आये दिन महिलाओं पर अत्याचार के किस्से सामने आते हैं। यह जरुरी नहीं की ऐसे अत्याचार सिर्फ दहेज के लिये हों। सकल घरेलू हिंसा में दहेज के कारण होने वाले अत्याचार के मामले बहुत कम पाये जाते हैं जबकि जबरन परेशान करना, डराना, मारना-पीटना, काम कराना, खाने-पीने नहीं देना जैसे जाने कैसी-कैसी घटनाएं आये दिन महिलाओं के साथ होती रहती है। कुछ ऐसी ही घटना यहाँ सीहोर में भी एक महिला के साथ घट रही थी। वह अपने पति से परेशान हो गई थी जो उसे आये दिन परेशान करता था। वह कई बार पुलिस में शिकायत करने पहुँच गई थी लेकिन पुलिस भी क्या करती ? पति को समझा देती, दहेज का मामला बन नहीं रहा था। सो पत्नि भी पीड़ित थी और उसकी कोई मदद भी नहीं हो पा रही थी।
इस मामले में महिला बाल विकास अधिकारी मोहन रैकवार ने फुरसत को बताया कि उनके पास पुलिस के माध्यम से एक मामला आया है जिसके तहत नेहरु कालोनी निवासी 35 वर्षीय विवाहिता राजकुमारी बाई पति बलराम ने शिकायत लिखाई है कि उसके साथ घर पर पति द्वारा मारपीट की जाती है, कई बार तो उसे घर से बाहर निकाल दिया जाता है, बमुश्किल वह घर में वापस आती है तो फिर घर में खर्च के लिये रुपये तक नहीं दिये जाते हैं। महिला का कहना है कि मेरे ही द्वारा बर्तन मांझकर किसी तरह घर खर्च चलाया जाता है लेकिन इसके बावजूद मेरे साथ मारपीट की जाती है। इस मामले में जब महिला बाल विकास अधिकारी ने पीड़िता के पति से बातचीत की तो उसका कहना है कि मैं कबाड़ी का काम करता हूँ और सुबह से निकल जाता हूँ शाम को आता है। देर हो जाने के कारण पत्नि नाराज होती है और मुझ पर शक करती है। शक करने के कारण मेरी शिकायत कर रही है लेकिन मैं क्या करुँ। महिला बाल विकास अधिकारी के अनुसार मामला दर्ज कर लिया गया है और शीघ्र ही माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जायेगा। जहाँ से दोनो पक्षों की सुनवाई होगी।
Thursday, May 8, 2008
पंचायत सचिव की नियुक्ति के विवाद में पूरे गांव में चले लट्ठ पत्थर, 3 घायल
आष्टा 7 मई (नि।प्र।)। लगभग 10 माह पूर्व आष्टा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत लोरास खुर्द में पंचायत सचिव की नियुक्ति को लेकर जो स्थिति बनी भी और उससे उपजा रंजिश का सिलसिला अंतत: आज झगड़े में बदल गया और आज सुबह ग्राम में जमकर लट्ट-पत्थर चले जिसमें तीन लोग घायल हो गये एक गंभीर को भोपाल रेफर किया गया है ।
आज ग्राम में जो कुछ भी हुआ इसमें अगर जनपद पंचायत एवं स्थानीय प्रशासन को भी जिम्मेदार माना जाये तो कोई अतिशियोक्ति नही होगी क्योंकि इस पंचायत में 10 माह पूर्व जो पंचायत सचिव की नियुक्ति का मामला था जिसमें कलेक्टर सीहोर ने जनपद से सीईओ तक को फटकार लगाई थी लेकिन उसके बाद भी न ही प्रशासन जागा और न ही जनपद के सीईओ ने कभी इस पंचायत के विवाद को गंभीरता से लिया परिणाम यह रहा कि आज ग्राम में लट्ट -पत्थर चले खून बहा और पुलिस को वहां पहुंचना पड़ा ।
आज हुए झगड़े में ग्राम के जगदीश आ. खुमानसिंह उम्र 30वर्ष, चरणसिंह आ. उदयसिंह उम्र 30 वर्ष, किशोरसिंह आ. उदयसिंह गंभीर रूप से घायल हो गये जिन्हें आज सुबह अस्पताल लाये यहां से चरणसिंह को भोपालल रेफर किया गया है । घटना के बारे में घायल जगदीश ने फुरसत को अस्पताल में बताया कि आज सुबह 6-7 बजे चरणसिंह हमारे घर के सामने खड़ा था तभी कमल, शिवनारायण, विजेन्द्र सिंह, योगेन्द्र सिंह आदि आये और चरणसिंह पर लठ से हमला कर दिया तब मै चरणसिंह को बचाने गया तो मुझे भी मारा मुझे बचाने किशोर सिंह आये तो इन लोगों ने हम तीनों को लठ से मारा तब परिवार की महिला राजजकुवंर बाई मुझे बचाकर घर में ले गई। जगदीश ने बताया कि जिन लोगो ने हम लोगों पर हमला किया उसके पीछे 10 अगस्त07 को ग्राम पंचायत में हुआ पंचायत सचिव का चुनाव कारण है । ये लोग 3-44 दिन से ग्राम में लठ लिये घुमते भी देखे गये थे । जगदीश ने बताया कि 10 अगस्त को लोरास खुर्द में पंचायत सचिव को लेकर मतदान हुआ था सचिव के लिए मैने (जगदीश ) कमलसिंह की बहु राधाबाई, घनश्याम एवं शंकरलाल साहू ने फार्म भरे थे 10 अगस्त को पंचो ने मतदान किया । जगदीश ने बताया कि उस दिन मेरे पक्ष में पंच कम थे इसलिए हमने शंकरलाल को समर्थन दे दिया था मतदान में शंकरलाल का 7 एवं राधाबाई को मत बराबर-बराबर मत प्राप्त होने से निर्णय नही हुआ था ।
मतदान के बाद ग्राम पंचायत के सरपंच ने बताया कि मुझसे जबरन राधाबाई के पक्ष में मतदान कराया गया है याने की शंकरलाल की जीत निश्चित थी । बराबर मत पड़ने के कारण निर्णय नही हुआ उसके बाद इन लोगों ने बोखलाकर सरपंच की शिकायत करना शुरू कर दी थी। बाद में ना जाने कैसे आष्टा यह खबर आई कि कलेक्टर सीहोर ने राधाबाई के नाम का सचिव के लिए अनुमोदन कर दिया तब पुन: कलेक्टर सीहोर को पूरे प्रकरण की शिकायते की शिकायतों के बाद कलेक्टर सीहोर ने आष्टा जनपद के सीईओ को कड़ा पत्र लिखकर फटकार लगाई लेकिन उसके बाद भी जनपद नही जागा शिकायतों के बाद कलेक्टर सीहोर ने राधाबाई के नाम का जो अनुमोदन किया था उसे निरस्त कर दिया तब आष्टा जनपद पंचायत ने इस पंचायत में प्रभारी सचिव के रूप में गोविन्द शर्मा को नियुक्त किया पंचायत निरीक्षक श्री जौहरी ने इसकी पुष्टि भी कि है । इतने में राधाबाई हाईकोर्ट पहुंच आई और आपुष्ट खबर यह है कि वो वहां से स्थगन आदेश भी ले आई जिसकी प्रति उन्होंने आष्टा जनपद को भी दी लेकिन सीहोर से इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश आष्टा जनपद को प्राप्त नही होने पर कोई कार्यवाही नही कि गई । और इस पंचायत में सचिव को लेकर जो उलझन मची हुई थी जिसे जनपद ने कभी गंभीरता से नही लिया आज यह परिणाम निकला कि वहां लठ चले, पथराव हुआ खून बहा और ग्राम में पुलिस को पहुंचना पड़ा ।
पुलिस ने यह कहा
इस घटना के बारे में फुरसत क ो आष्टा पुलिस ने बताया कि आज सुबह ग्राम में झगड़ा हो गया । फरियादी जगदीश आ. खुमानसिंह मेवाड़ा ने ग्राम के ही विजेन्द्र सिंह आ. कमल मेवाड़ा, योगेन्द्र आ. कमल मेवाड़ा, कमल आ. रतनसिंह, एवं शिवनारायण आ. रतनसिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है । जगदीश की रिपोर्ट पर इन लोगों के खिलाफ धारा 307,294, 341, 34 के अर्न्तगत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है । झगड़े में जगदीश, चरण सिंह, किशोर सिंह घायल हो गये है । जिसमें चरणसिंह को रेफर किया है। पुलिस बल ग्राम में पहुंच गया है । अभी किसी की गिरफ्तारी नही हुई है ।
कलेक्टर साहब से गलत अनुमोदन किसने कैसे करा लिया
लोरास खुर्द पंचायत सचिव के मामले में इस बात की भी जांच होना चाहिये कि आखिर वास्तविकता को दबाकर जिलाधीश सीहोर से लोरासखुर्द पंचायत में सचिव पद के लिए राधाबाई जिन्हें 7 मत प्राप्त हुए थे तथा दुसरे उम्मीदवार शंकरलाल साहू को भी सात मत प्राप्त हुए थे तब तभी सरपंच ने डरा धमकाकर जबरन मत डलवाने की शिकायत भी कि थी सब कुछ जनपद पंचायत आष्टा को ज्ञात था फिर भी जिलाधीश सीहोर को किसने भूलावे में रखा और कैसे उनसे राधाबाई के नाम का अनुमोदन करवा लिया स्मरण रहे सब कुछ मालुम होने के बाद जिलाधीश ने ही उक्त अनुमोदन को बाद में निरस्त भी किया था इस पूरे प्रकरण में गहराई में जाने की भी आवश्कता है ।
घटना के तीन आरोपी कर्मचारी है
आज लोरास खुर्द में जो घटना घटी और जिन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है पुलिस ने बताया कि इसमें से तीन आरोपी शासकीय कर्मचारी है शिवनारायण मेवाड़ा जो कि पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग में यू.डी.सी. के पद पर पदस्थ है । कमल मेवाड़ा जो कि सेवदा ग्राम पंचायत में सचिव के पद पर पदस्थ है एवं योगेन्द्र मेवाड़ा शिक्षाकर्मी है ।
शंकरलाल अपनी मां को भी खो चुका है
लोरास खुर्द ग्राम पंचायत में सचिव के चुनाव के वक्त काफी मेहनत करने के बाद शंकरलाल साहू की मां को उम्मीद जागी थी कि अब मेरा बेटा जैसे भी हो नौकरी पर लग जायेगा लेकिन जब मतदान के दिन उसे बराबर तम मिलने की सूचना मिली और शंकरलाल की मां को ऐसा झटका लगा कि वो देवलोक हो गई उस वक्त यह मुद्दा भी समाचार पत्रों में छाया हुआ था ।
प्रभारी सचिव तो नियुक्त किया चार्ज क्यों नहीं दिलवाया
इस पूरे मामले में जनपद पंचायत के अधिकारी किस प्रकार दोषी है उसका एक और उदाहरण यहां सुनने को मिला ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत सचिव के विवाद में पंचायत का कार्य प्रभावित ना हो इसके लिए जनपद पंचायत ने एक आदेश जारी कर सचिव गोविन्द शर्मा को प्रभारी सचिव तो बना दिया उनके आदेश भी आ गये लेकिन उन्हें राधाबाई से चार्ज नही दिलवाया गया इस कारण से महिनों हो गये यहां कोई ना ही कार्य हुआ और न ही चल रही योजनाओं का कार्य रूका पड़ा खबर है कि राधाबाई के नाम का अनुमोदन निरस्त हो जाने के बाद भी उन्होनें प्रभारी सचिव को चार्ज नही सौंपा था ।
कलेक्टर साहब पूरे मामले की जांच होना
पंचायत सचिव के चुनाव की प्रक्रिया से लेकर आज तक इस पंचायत में जो कुछ इस मामले में गतिविधियां घटी मतदान में सरपंच के मत को लेकर हुई शिकायत, राधाबाई के नाम का अनुमोदन फिर अनुमोदन निरस्त होना, शंकरलाल को किसने आश्वासन दिया कि तेरा ही चयन होगा । स्थगन के बाद राधाबाई द्वारा चार्ज नही देना । प्रभारी सचिव को जनपद ने क्यों नही आज तक चार्ज दिलवाया, राधाबाई ही सचिव बने को लेकर किस-किस की रूचि थी इस कार्य में कौन-कौन लगे है वे कहां किस पद पर पदस्थ है यह सब जांच के विषय हो सकते है अगर गहराई में जाकर जांच हो तो कई चेहरे उजागर हो सक ते है।
आज ग्राम में जो कुछ भी हुआ इसमें अगर जनपद पंचायत एवं स्थानीय प्रशासन को भी जिम्मेदार माना जाये तो कोई अतिशियोक्ति नही होगी क्योंकि इस पंचायत में 10 माह पूर्व जो पंचायत सचिव की नियुक्ति का मामला था जिसमें कलेक्टर सीहोर ने जनपद से सीईओ तक को फटकार लगाई थी लेकिन उसके बाद भी न ही प्रशासन जागा और न ही जनपद के सीईओ ने कभी इस पंचायत के विवाद को गंभीरता से लिया परिणाम यह रहा कि आज ग्राम में लट्ट -पत्थर चले खून बहा और पुलिस को वहां पहुंचना पड़ा ।
आज हुए झगड़े में ग्राम के जगदीश आ. खुमानसिंह उम्र 30वर्ष, चरणसिंह आ. उदयसिंह उम्र 30 वर्ष, किशोरसिंह आ. उदयसिंह गंभीर रूप से घायल हो गये जिन्हें आज सुबह अस्पताल लाये यहां से चरणसिंह को भोपालल रेफर किया गया है । घटना के बारे में घायल जगदीश ने फुरसत को अस्पताल में बताया कि आज सुबह 6-7 बजे चरणसिंह हमारे घर के सामने खड़ा था तभी कमल, शिवनारायण, विजेन्द्र सिंह, योगेन्द्र सिंह आदि आये और चरणसिंह पर लठ से हमला कर दिया तब मै चरणसिंह को बचाने गया तो मुझे भी मारा मुझे बचाने किशोर सिंह आये तो इन लोगों ने हम तीनों को लठ से मारा तब परिवार की महिला राजजकुवंर बाई मुझे बचाकर घर में ले गई। जगदीश ने बताया कि जिन लोगो ने हम लोगों पर हमला किया उसके पीछे 10 अगस्त07 को ग्राम पंचायत में हुआ पंचायत सचिव का चुनाव कारण है । ये लोग 3-44 दिन से ग्राम में लठ लिये घुमते भी देखे गये थे । जगदीश ने बताया कि 10 अगस्त को लोरास खुर्द में पंचायत सचिव को लेकर मतदान हुआ था सचिव के लिए मैने (जगदीश ) कमलसिंह की बहु राधाबाई, घनश्याम एवं शंकरलाल साहू ने फार्म भरे थे 10 अगस्त को पंचो ने मतदान किया । जगदीश ने बताया कि उस दिन मेरे पक्ष में पंच कम थे इसलिए हमने शंकरलाल को समर्थन दे दिया था मतदान में शंकरलाल का 7 एवं राधाबाई को मत बराबर-बराबर मत प्राप्त होने से निर्णय नही हुआ था ।
मतदान के बाद ग्राम पंचायत के सरपंच ने बताया कि मुझसे जबरन राधाबाई के पक्ष में मतदान कराया गया है याने की शंकरलाल की जीत निश्चित थी । बराबर मत पड़ने के कारण निर्णय नही हुआ उसके बाद इन लोगों ने बोखलाकर सरपंच की शिकायत करना शुरू कर दी थी। बाद में ना जाने कैसे आष्टा यह खबर आई कि कलेक्टर सीहोर ने राधाबाई के नाम का सचिव के लिए अनुमोदन कर दिया तब पुन: कलेक्टर सीहोर को पूरे प्रकरण की शिकायते की शिकायतों के बाद कलेक्टर सीहोर ने आष्टा जनपद के सीईओ को कड़ा पत्र लिखकर फटकार लगाई लेकिन उसके बाद भी जनपद नही जागा शिकायतों के बाद कलेक्टर सीहोर ने राधाबाई के नाम का जो अनुमोदन किया था उसे निरस्त कर दिया तब आष्टा जनपद पंचायत ने इस पंचायत में प्रभारी सचिव के रूप में गोविन्द शर्मा को नियुक्त किया पंचायत निरीक्षक श्री जौहरी ने इसकी पुष्टि भी कि है । इतने में राधाबाई हाईकोर्ट पहुंच आई और आपुष्ट खबर यह है कि वो वहां से स्थगन आदेश भी ले आई जिसकी प्रति उन्होंने आष्टा जनपद को भी दी लेकिन सीहोर से इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश आष्टा जनपद को प्राप्त नही होने पर कोई कार्यवाही नही कि गई । और इस पंचायत में सचिव को लेकर जो उलझन मची हुई थी जिसे जनपद ने कभी गंभीरता से नही लिया आज यह परिणाम निकला कि वहां लठ चले, पथराव हुआ खून बहा और ग्राम में पुलिस को पहुंचना पड़ा ।
पुलिस ने यह कहा
इस घटना के बारे में फुरसत क ो आष्टा पुलिस ने बताया कि आज सुबह ग्राम में झगड़ा हो गया । फरियादी जगदीश आ. खुमानसिंह मेवाड़ा ने ग्राम के ही विजेन्द्र सिंह आ. कमल मेवाड़ा, योगेन्द्र आ. कमल मेवाड़ा, कमल आ. रतनसिंह, एवं शिवनारायण आ. रतनसिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है । जगदीश की रिपोर्ट पर इन लोगों के खिलाफ धारा 307,294, 341, 34 के अर्न्तगत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है । झगड़े में जगदीश, चरण सिंह, किशोर सिंह घायल हो गये है । जिसमें चरणसिंह को रेफर किया है। पुलिस बल ग्राम में पहुंच गया है । अभी किसी की गिरफ्तारी नही हुई है ।
कलेक्टर साहब से गलत अनुमोदन किसने कैसे करा लिया
लोरास खुर्द पंचायत सचिव के मामले में इस बात की भी जांच होना चाहिये कि आखिर वास्तविकता को दबाकर जिलाधीश सीहोर से लोरासखुर्द पंचायत में सचिव पद के लिए राधाबाई जिन्हें 7 मत प्राप्त हुए थे तथा दुसरे उम्मीदवार शंकरलाल साहू को भी सात मत प्राप्त हुए थे तब तभी सरपंच ने डरा धमकाकर जबरन मत डलवाने की शिकायत भी कि थी सब कुछ जनपद पंचायत आष्टा को ज्ञात था फिर भी जिलाधीश सीहोर को किसने भूलावे में रखा और कैसे उनसे राधाबाई के नाम का अनुमोदन करवा लिया स्मरण रहे सब कुछ मालुम होने के बाद जिलाधीश ने ही उक्त अनुमोदन को बाद में निरस्त भी किया था इस पूरे प्रकरण में गहराई में जाने की भी आवश्कता है ।
घटना के तीन आरोपी कर्मचारी है
आज लोरास खुर्द में जो घटना घटी और जिन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है पुलिस ने बताया कि इसमें से तीन आरोपी शासकीय कर्मचारी है शिवनारायण मेवाड़ा जो कि पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग में यू.डी.सी. के पद पर पदस्थ है । कमल मेवाड़ा जो कि सेवदा ग्राम पंचायत में सचिव के पद पर पदस्थ है एवं योगेन्द्र मेवाड़ा शिक्षाकर्मी है ।
शंकरलाल अपनी मां को भी खो चुका है
लोरास खुर्द ग्राम पंचायत में सचिव के चुनाव के वक्त काफी मेहनत करने के बाद शंकरलाल साहू की मां को उम्मीद जागी थी कि अब मेरा बेटा जैसे भी हो नौकरी पर लग जायेगा लेकिन जब मतदान के दिन उसे बराबर तम मिलने की सूचना मिली और शंकरलाल की मां को ऐसा झटका लगा कि वो देवलोक हो गई उस वक्त यह मुद्दा भी समाचार पत्रों में छाया हुआ था ।
प्रभारी सचिव तो नियुक्त किया चार्ज क्यों नहीं दिलवाया
इस पूरे मामले में जनपद पंचायत के अधिकारी किस प्रकार दोषी है उसका एक और उदाहरण यहां सुनने को मिला ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत सचिव के विवाद में पंचायत का कार्य प्रभावित ना हो इसके लिए जनपद पंचायत ने एक आदेश जारी कर सचिव गोविन्द शर्मा को प्रभारी सचिव तो बना दिया उनके आदेश भी आ गये लेकिन उन्हें राधाबाई से चार्ज नही दिलवाया गया इस कारण से महिनों हो गये यहां कोई ना ही कार्य हुआ और न ही चल रही योजनाओं का कार्य रूका पड़ा खबर है कि राधाबाई के नाम का अनुमोदन निरस्त हो जाने के बाद भी उन्होनें प्रभारी सचिव को चार्ज नही सौंपा था ।
कलेक्टर साहब पूरे मामले की जांच होना
पंचायत सचिव के चुनाव की प्रक्रिया से लेकर आज तक इस पंचायत में जो कुछ इस मामले में गतिविधियां घटी मतदान में सरपंच के मत को लेकर हुई शिकायत, राधाबाई के नाम का अनुमोदन फिर अनुमोदन निरस्त होना, शंकरलाल को किसने आश्वासन दिया कि तेरा ही चयन होगा । स्थगन के बाद राधाबाई द्वारा चार्ज नही देना । प्रभारी सचिव को जनपद ने क्यों नही आज तक चार्ज दिलवाया, राधाबाई ही सचिव बने को लेकर किस-किस की रूचि थी इस कार्य में कौन-कौन लगे है वे कहां किस पद पर पदस्थ है यह सब जांच के विषय हो सकते है अगर गहराई में जाकर जांच हो तो कई चेहरे उजागर हो सक ते है।
पन्नानाथ ने पकड़ा एक और खूबसूरत नाग
सीहोर 7 मई (नि.सं.)। क्षेत्र के प्रसिध्द सपेरे पन्नानाथ ने हाल ही में एक बड़ा ही खूबसूरत नाग देवता को पकड़ा है। इन दिनों में तेज गर्मी के कारण धरती की ठंडक में भी घबराहट के कारण कई नाग प्रतिदिन बाहर निकल रहे हैं जिन्हे पकड़ने के लिये लोग पन्नानाथ को सम्पर्क कर उसे बुलाते हैं और पन्नानाथ निशुल्क सेवा कर अपना जाति धर्म निभाता है। पन्नानाथ ने हाल ही में एक बहुत खूबसूरत नाग देवता को पकड़ा है। नागिन फिल्म की तरह इस नाग देवता के फन पर बहुत सुन्दर कलाकृति बनी हुई है। पन्नानाथ के पास एक से बढ़कर एक खूबसूरत और श्रेष्ठ सांप मौजूद हैं। पन्नानाथ ने हाल में ही एक और नाग कन्या महाविद्यालय के पास एक घर से पकड़ा है। गर्मी के दिनों में धरती के अंदर ठंडी जगहों पर बिल में रहने वाले नाग वंश को इन दिनों पड़ रही गर्मी के कारण खासी परेशानी अनुभव होती है और वह बाहर निकल आते हैं। इन दिनों ऐसे सांप बाहर निकल रहे हैं जिन्हे क्षेत्र के प्रसिध्द सर्प विशेषज्ञ पन्नानाथ द्वारा पकड़ा जा रहा है। पन्नानाथ को उनके मोबाइल नम्बर 9993659831 पर सम्पर्क कर बुलाया जा सकता है।
सीहोर में ट्रेन से कट कर युवक की मौत
सीहोर 7 मई (नि.सं.)। बुदनी थाना क्षैत्र में बीती रात ट्रेन से कट कर एक युवक की मौत हो गई । पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रेहटी निवासी 25 वर्षीय राजेश आ. स्व. धरमसिंह खाती गत मंगलवार को रेहटी से बुधनी आया हुआ था जो रात्रि सवा नौ बजे के लगभग रेल्वे डाउन क्रमांक 7692 पर अपने चप्पल उतार कर दोनों पटरियों के बीच लेट गया तभी अचानक ट्रेन आने से उसके सिर में चोट लगी जिससे उसकी मौत हो गई ।
बताया जाता है कि राजेश का विवाह 3 वर्ष पूर्व हुआ था जिसके बाद से उसका दिमागी संतुलन ठीक नही रहता था और वह अपने घर से परिजनों को बताये बिना कहीं भी चला जाता था व दो तीन दिन बाद वापस घर लौट आता था ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रेहटी निवासी 25 वर्षीय राजेश आ. स्व. धरमसिंह खाती गत मंगलवार को रेहटी से बुधनी आया हुआ था जो रात्रि सवा नौ बजे के लगभग रेल्वे डाउन क्रमांक 7692 पर अपने चप्पल उतार कर दोनों पटरियों के बीच लेट गया तभी अचानक ट्रेन आने से उसके सिर में चोट लगी जिससे उसकी मौत हो गई ।
बताया जाता है कि राजेश का विवाह 3 वर्ष पूर्व हुआ था जिसके बाद से उसका दिमागी संतुलन ठीक नही रहता था और वह अपने घर से परिजनों को बताये बिना कहीं भी चला जाता था व दो तीन दिन बाद वापस घर लौट आता था ।
अज्ञात युवक के शव की पहचान नही हुई
सीहोर 6 मई (नि.सं.)। गत दिवस वीरपुर स्थित लावाखेड़ी जंगल में बरामद अज्ञात युवक के शव की पहचान अथक प्रयासों के बावजूद अभी तक नही हो सकी है । बिलकिसगंज पुलिस ने आज युवक का पोस्ट मार्टम हमीदिया अस्पताल भोपाल में कराकर पहचान हेतू बुधवार तक के लिए सुरक्षित रखवाया है । अज्ञात युवक की लंबाई 5 फिट 5 इंच बताया जा रहा है । जिसके जेब से पुलिस को मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ डा. टंडन का एक पर्चा भी मिला है । मृतक का शर्ट सफेद धारीदार नीला हल्का काटन की फटी हुई है । पुलिस द्वारा पहचान हेतू हर संभव प्रयास जारी है ।
बिना नम्बर के वाहनों पर हो रही है कार्यवाही
आष्टा 7 मई (नि.प्र.)। थाना परिसर में नगर सुरक्षा समिति की बैठक में एसडीओपी मनुव्यास, टीआई अतिक खान, ने घोषणा कि थी कि अब शीध्र पुलिस ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान छेडने जा रही है जिन वाहनों पर नम्बर नही लिखे है । घोषणा के अनुरूप पहले चेतावनी देकर पुलिस ने ऐसे वाहन मालिकों को समय दिया ओर फिर अभियान चलाया । मनुव्यास ने बताया कि पुलिस दल ने विभिन्न चौराहो पर पहुंच कर ऐसे वाहनों को पकड़ा चालान बनाये और न्यायालय मे पेश किये अभी तक 18 वाहनों के चालान बनोय गये है । वही बुधवारा के रहवासी मनोज ताम्रकार ने बताया कि गत दिवस राममंदिर के सामने पुलिस दल पहुंचा लेकिन उनके सामने कई बिना नम्बर के वाहन निकल गये वे बैठे रहे इस और भी पुलिस अधिकारियों को ध्यान देना होगा की दल में लगाये पुलिस कर्मी इस अभियान को रस्म अदायगी की तरह ना ले क्योंकि इस अभियान की सभी ने प्रशंसा की है । नागरिकों ने श्री व्यास से यह भी मांग की है कि वाहनों पर 3-4-5 सवारी बैठाने वाले, तेज चलाने वालो पर भी कार्यवाही करें । नगर में कुछ जाने पहचाने ऐसे चेहेरे है जिन्होनें कभी धीमी गति से आज तक वाहन को चलाया ही नही है । ये लोग कई बार पीट भी चुके है । लेकिन सुधरे नही है ।
फिर तीन जल स्त्रोतों पर कब्जा
सीहोर 7 मई (नि.सं.)। सीहोर नगर की पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने के लिए ग्राम काहिरी कदीम के तीन जल स्त्रोत मोटर पम्प एवं विद्युत कनेक्शन सहित तत्काल प्रभाव से अधिगृहीत किए गए हैं । इस सिलसिले में अनुविभागीय दण्डाधिकारी सीहोर चन्द्रमोहन मिश्रा द्वारा आदेश जारी कर दिए गए है । एसडीएम सीहोर चन्द्रमोहन मिश्रा द्वारा जारी आदेश के मुताबिक ग्राम काहिरी कदीम के जमना प्रसाद आ. पीरू, रामसिंह आ. बख्शीलाल तथा नसीम खां आ. ताज मोहम्मद का एक-एक नलकूप मय मोटर पम्प एवं विद्युत कनेक्शन के अधिगृहित कर मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीहोर के नियंत्रण में सौंपा गया है । गौरतलब है कि जिलाधीश द्वारा दिए गए निर्देशों के चलते सीहोर नगर की पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और जन सामान्य को जल प्रदाय करने के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में नगर के बारह नलकूप अधिगृहित किए गए है । इन्हें मिलाकर अभी तक कुल 15 जल स्त्रोंतो को जनहित में अधिगृहित किया जा चुका है।
आंगनबाड़ी केन्द्र 54 में गोद भराई, अन्न प्राशन एवं जन्मदिन मनाया गया
सीहोर 7 मई (नि.सं.)। नगर के वार्ड क्रं. 29के केन्द्र क्रमांक 54 के आंगनबाड़ी केन्द्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमति ललिता यादव द्वारा गोद भराई, अन्न प्राशन व जन्मदिन का कार्यक्रम रखा गया, जिसमें श्रीमति बबीता भावसार की गोद भराई की गईइस कार्यक्रम में अध्यक्ष श्रीमति पार्वती मेहते पर्यवेक्षक श्रीमति शांति राठौर, टोप्पो मेडम एवं मंजू शाह मेडम उपस्थित हुई व अन्य कार्यकर्ता मेहनाज खान, शाहिस्ता, ललिता शर्मा, रूचिता सोनी सभी उपस्थित हुई । इस कार्यक्रम में महिलाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना के बारे में व कई उनके हित में चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी गई ।
अचानक आये बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा
Wednesday, May 7, 2008
शासकीय पेंशन भोगियों को नहीं मिल रही दवाई, बुजुर्ग हो रहे परेशान
सीहोर 6 मई (नि.सं.)। नगर भर के शासकिय पेंशन भोगी जिला चिकित्सालय से दवाएं नहीं मिलने के कारण परेशान हैं। वह लगातार जिला चिकित्सालय में दवाएं लेने जा रहे हैं लेकिन वहाँ टालमटोल किया जा रहा है। पेंशन भोगियों ने आज इसकी शिकायत सीधे जिलाधीश से भी की है। जबकि इधर जिला चिकित्सालय में अभी तक दवाईयों का नया ठेका नहीं दिया गया है जिसके कारण दवाईयाँ उपलब्ध नहीं हो पा रही है। लेकिन कुल मिलाकर महिने भर से दवा नहीं मिलने के कारण रोगियाें की हालत पतली होती जा रही है वह खासे हैरान परेशान हैं।
जिला चिकित्सालय में शासकिय पेंशन भोगियों को निशुल्क दवाईयां उपलब्ध कराई जाती हैं इसके लिये बकायदा एक बजट भी ऊपर से शासन द्वारा भेजा जाता है। हर वर्ष जिले अनुसार पेंशनरों की संख्या के अनुमान से जिला चिकित्सालयों को कुछ बजट उपलब्ध कराया जाता है। इस वर्ष भी जिला चिकित्सालय में यह बजट आ चुका है। मध्य प्रदेश शासन ने एक माह पूर्व ही यह बजट की राशि भेज दी है। जो 2 लाख रुपये के आसपास है। इतनी राशि आ जाने के बाद भी नगर के पेंशनर अपनी बीमारियों के इलाज के लिये दवाईयों से मोहताज हैं।
इसके लिये जब वह जिला चिकित्सालय जाते हैं तो वहाँ उन्हे दवाईयाँ नहीं मिल पाती। उन्हे कहा जाता है कि अभी नया टेण्डर नहीं हुआ है इसलिये कृपया थोड़ा रुक जाईये। जबकि पेंशनरों का कहना है कि बीमार व्यक्ति से यह कहा जाये कि वह दवाईयाँ नहीं ले और बाद में ले तो यह कोई हलुवा-पुडी थोड़े ही जो बाद में भी खाई जा सकती है। यह औषधि है जो शरीर के अति आवश्यक रहती है। पेंशनरों का कहना है कि इस उम्र में उन्हे दवाईयों की अतिआवश्यकता होती है और ऐसे में यदि उन्हे दवाईयाँ मिलने में बिलंब हो जाता है तो निश्चित ही उन्हे परेशानी आती है।
उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय में गत वर्ष जिस मेडिकल वाले ने इस खाते में दवाईयों प्रदान की थी उसने 23 प्रतिशत दवाईयों के प्रकाशित मूल्य से कम दाम में दवाईयाँ जिला चिकित्सालय को दी थी। जिसके चलते बड़ी मात्रा में पेंशनरों को दवाईयाँ उपलब्ध हो सकीं और उनका बजट भी चलता रहा। लेकिन इस वर्ष जब तय तिथि को निविदा बुलाई गई तो इस बार नगर के दवा विक्रेताओं ने सांठ-गांठ कर निविदा में मात्र 10 प्रतिशत ही कम मूल्य किया है। 23 प्रतिशत सीधे 10 प्रतिशत पर राशि आ जाने से यह ठेका नहीं दिया जा सका क्योंकि शासकिय नियम है कि गत वर्ष गये ठेके की राशि के आसपास ही आगामी ठेका भी जा सकता है। ऐसी स्थिति में 1 अप्रैल को हुए टेण्डर निरस्त कर पुन: निविदा बुलाई गई और 17 अप्रैल के आसपास जब पुन: निविदाएं आमंत्रित की जाकर खोली तब तो हद ही हो गई। दवा दुकानदारों ने मिल जुलकर नया खेल खेला और 10 प्रतिशत से भी कम मात्र 7-8 प्रतिशत तक का मुनाफा देने की बात कही।
इस पर जिला चिकित्सालय प्रबंधन ने उक्त मामला अटका दिया है। लेकिन इस दौरान नया बजट आ जाने के बावजूद अभी तक दवाईयाँ नहीं मिलने से कुपित पेंशनरों ने आज जिलाधीश को ही इस मामले से अवगत करा दिया है।
सूत्रों का कहना है कि पूर्व के टेण्डर जिलाधीश की स्वीकृति से ही निरस्त किये गये हैं। अब जानकारों का कहना है कि यदि जिला चिकित्सालय प्रशासन नये टेण्डर आमंत्रित किये बिना ही गत वर्ष के टेण्डर को कुछ समय के लिये आगे बढ़ा देता है तो निश्चित ही पुन: 23 प्रतिशत कम राशि में दवाईयाँ पिछले साल का ठेकेदार देना शुरु सकता है। इस प्रकार जो 2 लाख रुपये का बजट आया है वह शीघ्र समाप्त नहीं होगा।
जो भी हो, बुजुर्ग पेंशनर खासे परेशान है, कईयों की बीमारियाँ कुछ गंभीर हैं जिन्हे दवाईयाँ नहीं मिलने के कारण परेशानी उठाना पड़ रही है। अच्छा हो कि जिला चिकित्सालय प्रशासन इस मामले में शीघ्र अतिशीघ्र कोई कारगर कदम उठाये।
जिला चिकित्सालय में शासकिय पेंशन भोगियों को निशुल्क दवाईयां उपलब्ध कराई जाती हैं इसके लिये बकायदा एक बजट भी ऊपर से शासन द्वारा भेजा जाता है। हर वर्ष जिले अनुसार पेंशनरों की संख्या के अनुमान से जिला चिकित्सालयों को कुछ बजट उपलब्ध कराया जाता है। इस वर्ष भी जिला चिकित्सालय में यह बजट आ चुका है। मध्य प्रदेश शासन ने एक माह पूर्व ही यह बजट की राशि भेज दी है। जो 2 लाख रुपये के आसपास है। इतनी राशि आ जाने के बाद भी नगर के पेंशनर अपनी बीमारियों के इलाज के लिये दवाईयों से मोहताज हैं।
इसके लिये जब वह जिला चिकित्सालय जाते हैं तो वहाँ उन्हे दवाईयाँ नहीं मिल पाती। उन्हे कहा जाता है कि अभी नया टेण्डर नहीं हुआ है इसलिये कृपया थोड़ा रुक जाईये। जबकि पेंशनरों का कहना है कि बीमार व्यक्ति से यह कहा जाये कि वह दवाईयाँ नहीं ले और बाद में ले तो यह कोई हलुवा-पुडी थोड़े ही जो बाद में भी खाई जा सकती है। यह औषधि है जो शरीर के अति आवश्यक रहती है। पेंशनरों का कहना है कि इस उम्र में उन्हे दवाईयों की अतिआवश्यकता होती है और ऐसे में यदि उन्हे दवाईयाँ मिलने में बिलंब हो जाता है तो निश्चित ही उन्हे परेशानी आती है।
उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय में गत वर्ष जिस मेडिकल वाले ने इस खाते में दवाईयों प्रदान की थी उसने 23 प्रतिशत दवाईयों के प्रकाशित मूल्य से कम दाम में दवाईयाँ जिला चिकित्सालय को दी थी। जिसके चलते बड़ी मात्रा में पेंशनरों को दवाईयाँ उपलब्ध हो सकीं और उनका बजट भी चलता रहा। लेकिन इस वर्ष जब तय तिथि को निविदा बुलाई गई तो इस बार नगर के दवा विक्रेताओं ने सांठ-गांठ कर निविदा में मात्र 10 प्रतिशत ही कम मूल्य किया है। 23 प्रतिशत सीधे 10 प्रतिशत पर राशि आ जाने से यह ठेका नहीं दिया जा सका क्योंकि शासकिय नियम है कि गत वर्ष गये ठेके की राशि के आसपास ही आगामी ठेका भी जा सकता है। ऐसी स्थिति में 1 अप्रैल को हुए टेण्डर निरस्त कर पुन: निविदा बुलाई गई और 17 अप्रैल के आसपास जब पुन: निविदाएं आमंत्रित की जाकर खोली तब तो हद ही हो गई। दवा दुकानदारों ने मिल जुलकर नया खेल खेला और 10 प्रतिशत से भी कम मात्र 7-8 प्रतिशत तक का मुनाफा देने की बात कही।
इस पर जिला चिकित्सालय प्रबंधन ने उक्त मामला अटका दिया है। लेकिन इस दौरान नया बजट आ जाने के बावजूद अभी तक दवाईयाँ नहीं मिलने से कुपित पेंशनरों ने आज जिलाधीश को ही इस मामले से अवगत करा दिया है।
सूत्रों का कहना है कि पूर्व के टेण्डर जिलाधीश की स्वीकृति से ही निरस्त किये गये हैं। अब जानकारों का कहना है कि यदि जिला चिकित्सालय प्रशासन नये टेण्डर आमंत्रित किये बिना ही गत वर्ष के टेण्डर को कुछ समय के लिये आगे बढ़ा देता है तो निश्चित ही पुन: 23 प्रतिशत कम राशि में दवाईयाँ पिछले साल का ठेकेदार देना शुरु सकता है। इस प्रकार जो 2 लाख रुपये का बजट आया है वह शीघ्र समाप्त नहीं होगा।
जो भी हो, बुजुर्ग पेंशनर खासे परेशान है, कईयों की बीमारियाँ कुछ गंभीर हैं जिन्हे दवाईयाँ नहीं मिलने के कारण परेशानी उठाना पड़ रही है। अच्छा हो कि जिला चिकित्सालय प्रशासन इस मामले में शीघ्र अतिशीघ्र कोई कारगर कदम उठाये।
सांई कालोनी में चोरों का आतंक पूरे घर के नलकाट कर ले गये
आष्टा 6 मई (नि.प्र.)। जैसे-जैसे पुलिस सक्रिय और मुस्तैद होने का दावा करती है वैसे-वैसे क्षेत्र में चोरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। अभी तक तो चोर रात्री में वारदात करते थे लेकिन अब तो वे सूने घरों में दिन-दहाड़े घुसकर चोरियाँ कर रहे हैं आखिर पुलिस का चीता मोबाइल जो दिनभर नगर में घूमते हैं का जो दावा करता है वो दावा झूठा साबित हो रहा है। इन दिनों चोरों ने आष्टा नगर की सांई कालोनी जिसे चाचा की बगिया कहते हैं को दिन में व रात में निशाना बना रखा है इस कालोनी में कुछ दिनों से जिस प्रकार जुंआरी सटोरिये सक्रिय हुए हैं एवं उनकी गतिविधियाँ कालोनी की गलियों में बढी हैं वो भी इस क्षेत्र के संभ्रांत परिवारों के लिये परेशानी का कारण बनी है एक सप्ताह में अज्ञात चोरों ने इस कालोनी में अभी तक 5-6 घरों को अपना निशाना बनाया है। कल तो चोरों ने हद कर दी की दिन में 3 से 5 बजे के बीच कालोनी में रहने वाले अजय कटारिया के मकान में चोर घुसे पहले तो उन्होने पूरे घर को छाना, सामान बिखेर दिया, उसके बाद घर में जितने जगह पर नलों में टोटियाँ जो की कीमति थीं को काटा और ले गये जब नलों की टोटियाँ काटी तो टंकी में भरा पानी बहने लगा बहते पानी से आवाज ना हो इसलिये चोरों ने घर में रखी एक बड़ी गादी को बहते पानी के लिये रख दी जिससे आवाज बंद हो गई। पूरी गादी ने बहता पानी सोख लिया । इसके पूर्व अज्ञात चोर इसी कालोनी में रहने वाले दशरथ सिंह राजपूत, सुशील संचेती, विजय देशलहरा के मकान में से टोटियाँ, दरवाजों के स्टापर व अन्य पीतल के सामान चुरा ले गये। इसी कालोनी में से इसके पहले एक मोटर साईकिल व सायकिल भी चोर चुरा कर ले जा चुके हैं। उक्त कालोनी जो की नगर के मध्य स्थित है लेकिन रात्री गश्त दल इस कालोनी में कम ही आता जाता है। चोरों ने जिस प्रकार एक सप्ताह में इस कालोनी में 4-5 स्थानों को अपना निशाना बनाया है उसे पुलिस को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
तो क्या घांसलेट का टेंकर किसी पेट्रोल पंप पर खाली होता..
आष्टा 6 मई (नि.सं.)। गत दिवस दिलीप के ढाबे पर से आष्टा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रसायन मिला एक टेंकर घासलेट का जिसमें 12 सौ लीटर घांसलेट भरा था पकड़ा खबर है कि उक्त रसायन मिला घांसलेट जो पकड़ा वो आसपास ही किसी पेट्रोल पंप पर खाली होने के लिये आया था लेकिन चालक को समय पर निर्देश नहीं मिले और मुखबिर ने पुलिस को खबर कर दी तो पकड़ा गया। अब चर्चा यह है कि आखिर उक्त रसायन मिला घांसलेट अगर आसपास किसी पेट्रोल पम्प पर ही खाली होना था तो वो कौन-सा पेट्रोल पम्प है जहाँ इस तरह की मिलावट होती है। पहले आष्टा मिलावटी पेट्रोल और डीजल के लिये कई बार चर्चाओं में रह चुका है। अगर यह चर्चा सही है कि उक्त टेंकर कहीं भी किसी भी पेट्रोल पम्प पर खाली होता तो निश्चित है वो किसी पेट्रोल पम्प पर पहँचता और वहाँ खाली होकर मिलावट होती और बिकता क्या ? खाद्य अधिकारी को इन चर्चाओं की और ध्यान देने की आवश्यकता है।
सीहोर जिले में नाले से बालक का शव मिला
सीहोर 6 मई (नि.सं.)। बुदनी थाना क्षैत्र के देहगांव स्थित नाले से आज सुबह पुलिस को एक बालक का शव मिला है । पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है । जानकारी के अनुसार ग्राम टेकरी इन्दौर निवासी बल सिंह भील का 5 वर्षीय पुत्र गड्डू का शव आज सुबह देहगांव स्थित नाले में पड़ा मिला । बताया जाता है कि बालक की गर्दन में चोट के निशान है । यह बालक अपने परिजन के साथ चार-पांच दिन पूर्व ग्राम देहगांव में रमेश भील के यहां पर शादी में आया हुआ था ।
वो शादी में गई तो लौटी ही नहीं....
आष्टा 6 मई (नि.प्र.)। रजत जयंती ग्राम सिध्दिकगंज निवासी मान सिंह धनगर की पुत्री जो की कक्षा 10 वीं की छात्रा है 1 मई को ग्राम में ही एक शादी में गई थी लेकिन उसके बाद वो घर नहीं लौटी मानसिंह ने उसके घर अपनी सभी सगे संबंधियों के यहाँ खोजबीन की लेकिन वो कहीं नहीं मिली। जब नहीं मिली तो मानसिंह ने सिध्दिकगंज थाने में शिकायत की। सिध्दिकगंज पुलिस ने बताया कि मान सिंह की शिकायत पर गुम इंसान कायम कर लिया गया है। इसकी जांच श्री सेंगर कर रहे हैं। मान सिंह ने शिकायत में किसी के ऊपर शंका जाहिर नहीं की है।
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