Monday, May 5, 2008

शस्त्र और शास्त्र के महारथी-परशुराम

हमहि तुम्हहि सरिबरि कस नाथा,
कहहु न कहां चरन कहं माथा।
राम मात्र लघु नाम हमारा,
परसु सहित बड़ नाम तोहारा॥
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जिनका सादर नमन करते हों, उन शस्त्रधारी और शास्त्रज्ञ भगवान परशुराम की महिमा का वर्णन शब्दों की सीमा में संभव नहीं। वे योग, वेद और नीति में निष्णात थे, तंत्रकर्म तथा ब्रह्मास्त्र समेत विभिन्न दिव्यास्त्रों के संचालन में भी पारंगत थे, यानी जीवन और अध्यात्म की हर विधा के महारथी।
विष्णु के छठे अवतार परशुराम पशुपति का तप कर परशु धारी बने और उन्होने शस्त्र का प्रयोग कुप्रवृत्तियों का दमन करने के लिए किया। कुछ लोग कहते हैं, परशुराम ने जाति विशेष का सदैव विरोध किया, लेकिन यह तार्किक सत्य नहीं। तथ्य तो यह है कि संहार और निर्माण, दोनों में कुशल परशुराम जाति नहीं, अपितु अवगुण विरोधी थे। गोस्वामी तुलसीदास के शब्दों में -
जो खल दंड करहुं नहिं तोरा, भ्रष्ट होय श्रुति मारग मोरा की परंपरा का ही उन्होने भलीभांति पालन किया। परशुराम ने ऋषियों के सम्मान की पुनस्थापना के लिए शस्त्र उठाए। उनका उद्देश्य जाति विशेष का विनाश करना नहीं था। यदि ऐसा होता, तो वे केवल हैहय वंश को समूल नष्ट न करते। जनक, दशरथ आदि राजाओं का उन्होंने समुचित सम्मान किया।
सीता स्वयंवर में श्रीराम की वास्तविकता जानने के बाद प्रभु का अभिनंदन किया, तो कौरव-सभा में कृष्ण का समर्थन करने में भी परशुराम ने संकोच नहीं किया। कर्ण को श्राप उन्होंने इसलिए नहीं दिया कि कुंतीपुत्र किसी विशिष्ट जाति से संबंध रखते हैं, वरन् असत्य वाचन करने के दंड स्वरूप कर्ण को सारी विद्या विस्मृत हो जाने का श्राप दिया था।
कौशल्या पुत्र राम और देवकीनंदन कृष्ण से अगाध स्नेह रखने वाले परशुराम ने गंगापुत्र देवव्रत (भीष्म पितामह) को न सिर्फ युध्दकला में प्रशिक्षित किया, बल्कि यह कहकर आशीष भी दी कि संसार में किसी गुरु को ऐसा शिष्य पुन: कभी प्राप्त न होगा! पौराणिक मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया को ही त्रेता युग का प्रारंभ हुआ था। इसी दिन, यानी वैशाख शुक्ल तृतीया को सरस्वती नदी के तट पर निवास करने वाले गषि जमदग्नि तथा माता रेणुका के घर प्रदोषकाल में जन्मे थे परशुराम। परशुराम के क्रोध की चर्चा बार-बार होती है, लेकिन आवेश के कारणों की खोज बहुत कम हुई है। परशुराम ने प्रतिकार स्वरूप हैहयवंश के कार्तवीर्य अर्जुन की वंश-बेल का 21 बार विनाश किया था, क्योंकि कामधेनु गाय का हरण करने के लिए अर्जुनपुत्रों ने ऋषि जमदग्नि की हत्या कर दी थी। भगवान दत्तात्रेय की कृपा से हजार भुजाएं प्राप्त करने वाला कार्तवीर्य अर्जुन दंभ से लबालब भरा था। उसके लिए विप्रवध जैसे खेल था, जिसका दंड परशुराम ने उसे दिया। ग्रंथों में यह भी वर्णित है कि सहस्त्रबाहु ने परशुराम के कुल का 21 बार अपमान किया था।
परशुराम के लिए पिता की हत्या का समाचार प्रलयातीत था। उनके लिए ऋषि जमदग्नि केवल पिता ही नहीं, ईश्वर भी थे। इतिहास प्रमाण है कि परशुराम ने गंधर्वो के राजा चित्ररथ पर आकर्षित हुई मां रेणुका का पिता का आदेश मिलने पर वध कर दिया था। जमदग्नि ने पितृ आज्ञा का विरोध कर रहे पुत्रों रुक्मवान, सुखेण, वसु तथा विश्वानस को ज़ड होने का श्राप दिया, लेकिन बाद में परशुराम के अनुरोध पर उन्हाेंने दयावश पत्नी और पुत्रों को पुनर्जीवित कर दिया। पशुपति भक्त परशुराम ने श्रीराम पर भी क्रोध इसलिए व्यक्त किया, क्योंकि अयोध्या नरेश ने शिव धनुष तोड़ दिया था। वाल्मीकि रामायण के बालकांड में संदर्भ है कि भगवान परशुराम ने वैष्णव धनुष पर शर-संधान करने के लिए श्रीराम को कहा। जब वे इसमें सफल हुए, तब परशुराम ने भी समझ लिया कि विष्णु ने श्रीरामस्वरूप धारण किया है।
परशुराम के क्रोध का सामना तो गणपति को भी करना पड़ा था। मंगलमूर्ति ने परशुराम को शिव दर्शन से रोक लिया था, रुष्ट परशुराम ने उन पर परशु प्रहार किया, जिससे गणेश का एक दांत नष्ट हो गया और वे एकदंत कहलाए। अश्वत्थामा, हनुमान और विभीषण की भांति प्रभुस्वरूप परशुराम के संबंध में भी यह बात मानी जाती है कि वे चिरजीवी हैं। श्रीमद्भागवत महापुराण में वर्णित है,
अश्वत्थामा बलिव्रयासो हनूमांश्च विभीषण:
कृप: परशुरामश्च सप्तैते चिरजीविन:।
ऐसे समय में, जब शास्त्र की महिमा को पुन: मान्यता दिलाने की आवश्यकता है और शस्त्र का निरर्थक प्रयोग बढ चला है, भगवान परशुराम से प्रेरणा लेकर संतुलन बनाने की आवश्यकता है, ताकि मानव मात्र का कल्याण हो सके और मानवता त्राहि-त्राहि न करे।

भगवान परशुराम केवल ब्राह्मणों के नहीं हैं। वह पूरे समाज के हैं। भगवान परशुराम जी ने समाज को काफी कुछ दिया केवल उनको याद करने की आवश्यकता है। संत और समाज का अटूट रिश्ता होता है। संत ही समाज को सही राह दिखाते हैं और राजनीति को भी प्रेरित करते हैं। उसकी संस्कृति कल्याण की होती है। कल्याण का भाव ही उसको समाज से जोड़ता है और कल्याण के आचरण से ही कोई शिव और उसका उपासक होता है। भगवान परशुराम भी ऐसे ही सिध्द पुरुष थे जिन्होंने जगत की भलाई के लिए संस्कार दिए। संस्कारों की भट्टी पर तपके ही कोई महान बनता है। लेकिन क्रोध कभी भी अच्छा नहीं होता। भगवान परशुराम तक को इसकी अग्नि में जलना पड़ा। जो पश्चाताप कर लेता है, वह महान हो जाता है। जो पश्चाताप नहीं करता, उसका पतन हो जाता है। इसलिए संत को शांत, धीर और प्रबल इच्छा शक्ति वाला होना चाहिए। बहुत से ऐसे लोग होते हैं जिनको अपनी श1ति का अहसास नहीं होता।

Sunday, May 4, 2008

क्या आपके वार्ड में 5 टेंकर पानी आ रहा है ....? नहीं आ रहे टैंकर तो आपके हिस्से का पानी कहाँ जा रहा है?

सीहोर 3 मई (नि.सं.)। जी हाँ नगर पालिका द्वारा हर एक वार्ड में पर्याप्त पानी उपलब्ध हो, इसकी व्यवस्था लिखित में कर रखी है, यही जानकारी प्रशासनिक अमले को भी है, लेकिन नगर का एक भी ऐसा वार्ड नहीं है जहाँ आज तक 5 टेंकर पानी एक ही वार्ड में भेजा गया हो ? पार्षदों को लिखित में जानकारी दी गई है कि उनके वार्ड में 5-5 टेंकर पानी आयेगा, और बकायदा इसकी जानकारी पार्षदों को टेंकर आने की दी जायेगी। लेकिन वार्डों में आज तक टैंकर नहीं पहुँचे हैं। तो क्या इतने टैंकर कहीं और चले गये हैं ? किसी व्यक्ति विशेष के यहाँ डाल दिये गये हैं ? या फिर कागजों पर ही डाल दिये गये हैं? पानी के टैंकरों की लीला हर बार की तरह इस बार नगर पालिका की व्यवस्थाओं पर कीच उछालने में लगी है ?
नगर पालिका द्वारा गर्मी अर्थात कमाई के इस मौसम में एक बार फिर नये-नये कारनामों को अंजाम दिया जा रहा है। कमाई का मौसम सिर्फ ठेकेदारों के लिये, असल में अच्छे ठेके जो इस समय निकलते हैं पानी से संबंधित। अब ठेके कौन लेता है ? कौन पानी पिलाता है ? कितना पानी खुद पी जाता है ? कितना पानी कागजों को पिला देता है ? नलकूप खनन के पर कितना गड़बड़ी की जाती है कस्बाई क्षेत्रों में छुप-छुपाकर ठेकेदार बोर कर देता है केसिंग में कितना गड़बड़ झाला करता है कितनी डालता है ? कितनी दिखाता है ? कितने फर्जी फाईले बनाता है? या फिर पाईप फिटिंग के नाम से कुछ जनसेवा में जुट जाता है ? आदि बातें छोड़ भी दी जायें तो भी नगर पालिका नगर के नागरिकों के लिये पेयजल उपलब्ध नहीं करा पाती है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा विगत मार्च माह में सभी पार्षदों को एक लिखित आदेश पत्र दिया गया था जिसमें उल्लेखित था कि ग्रीष्म ऋतु में नगर सीहोर में जल संकट को दृष्टिगत रखते हुए नागरिकों को सुचारु पेयजल व्यवस्था हेतु नगर पालिका सीहोर के समस्त 35 वार्डों में एक ट्रेक्टर मय टेंकर द्वारा प्रति वार्ड प्रति ट्रेक्टर प्रतिदिन 5 ट्रिप के मान से वार्डवासियों को पेयजल उपलब्ध हेतु व्यवस्था की जायेगी ।
इस प्रकार नगर पालिका के मुख्य अधिकारी द्वारा यह आदेश दिया गया था जिसमें स्पष्ट लिखा है कि प्रत्येक वार्ड में 5 टेंकर पानी प्रतिदिन जायेगा ? लेकिन आज तक किसी भी वार्ड में एक ही दिन में 5 टेंकर पानी नहीं आया है। सुविज्ञ सूत्रों का स्पष्ट कहना है कि जो टैंकर नगर पालिका ने ठेके पर चलाये हैं उनमें से प्रत्येक टेंकर को कम से कम 4-5 वार्ड में पानी डालने के आदेश दिये गये हैं। जबकि यह टेंकर दिनभर में आधे दिन काम करते हैं और मात्र 5 से 7 ट्रिप पानी डालते हैं इस प्रकार प्रत्येक वार्ड में 1 ही टैंकर पानी डाला जाता है। समझा जा सकता है कि सीहोर के नगर के बड़े-बड़े वार्डों में किसी भी एक मोहल्ले में आया टैंकर वहीं पानी डालकर रह जाता होगा और शेष पूरा वार्ड पानी से विहीन रहता है।
इस प्रकार एक तरह से पूरे नगर में ही पानी के टैंकरों का अभाव बना हुआ है जनता पानी के लिये त्राही-त्राही कर रही है। नगर पालिका अध्यक्ष और परिषद को कोस रही है। अनेक मोहल्ले नगर में ऐसे हैं जहाँ आज तक नगर पालिका के टैंकर ने आकर पानी नहीं वितरित किया।
अब मजे की बात यह है कि प्रत्येक वार्ड में नगर पालिका क्या कागजों पर ही 5 टैंकर पानी भेज रही है ? क्योंकि निश्चित ही लाखों रुपये के बिल अब तक पानी के टैंकरों के खातों में बन चुके हैं। वैसे ही प्रत्येक वार्ड में कोई 1 टैंकर पानी पहुँचाने के लिये तो टैंकर नगर पालिका ने लगाये नहीं हैं वह पहुँचायेगी तो 5 ही लेकिन यह सब काम हो रहा है सिर्फ कागजों पर । मतलब कागजों पर ही पानी के टैंकर चल रहे हैं।
अब सीधे-सीधे बात आती है कि आखिर यह गड़बड़ी कौन कर रहा है और कौन-कौन जिम्मेदार है। पहली बार ऐसा हो रहा है कि अभी तक कोई वार्ड पार्षद पानी को लेकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। भाजपा पार्षद को ऐसे मौन हो गये हैं जैसे उन्हे किसी ने मोल ले लिया हो। सूत्रों का कहना है कि भाजपा पार्षदों ने कांग्रेसी पार्षदाें से गुप्त समझौते किये हैं और कुछ ठेकों में प्रतिशत के आधार पर उनका लाभ बोटी भी बांध दी गई है ताकि वह चुप रहे और चुपचाप सिर्फ रुपये से बास्ता रखें। इसलिये ही नगर के भाजपाई पार्षद एकदम चुप हो गये हैं और क्या-क्या गड़बड़ी चल रही है और कितने टैंकराें के फर्जी बिल बन रहे हैं उसको नजर अंदाज किये हुए हैं। कागजों पर चल रही टैंकरों से किसको लाभ होगा यह बात तो स्वत: ही पता चल सकती है। ठेकेदार नगर पालिका के एक बड़े नेताजी और उनके रिश्तेदार की पसंद के अनुसार तय किया गया था। तो फिर इससे कमाई किसकी जेब में जायेगी। टैंकरों से कितना पानी इधर-उधर हो रहा है कितनों के घर जा रहा है और कितनों की जेब गर्म कर रहा है यह तो राम ही जाने।

वो आधी रात को चुपचाप आती है....अपना सबकुछ लुटा देती है

सीहोर। जी हाँ वो रात को ही आती हैं और इतना पिलाती है...इतना पिलाती है....कि बस सारे दिन की थकान भुला देती है....यह व्यवस्था सिर्फ बीआईपी लोगों के लिये हैं। बीआईपी लोगों के लिये तो वो अपना पूरा दिल खोलकर रख देती हैं, जितना चाहो उससे झूम जाओ, वह कुछ नहीं कहती, लाल ओढ़नी में रंगी-पुती नई दुल्हन से कम नहीं लगती वो... और रात को तो उसकी चमक और भी बढ़ जाती है...देर रात चुपचाप कुछ बीआईपी लोगों के घर में जब जिसकी बारी आती है उसके घर में वह भेज दी जाती है। यह धीरे से दरवाजा खटखटाती है, फिर चारों तरफ देखती हैं कहीं कोई उसे देख तो नहीं रहा....यदि उसे शक हो जाता है कि उसे कोई देख रहा है तो वह नाटक करने लगती है जैसे भूल से वो वहाँ आ गई है लेकिन जब कोई नहीं देखता तो आज उसे जिसे संतुष्ट करने और रात सुहानी करने के लिये भेजा गया है उस व्यक्ति के घर में घुस जाती है और उसे तब तक संतुष्ट करती है जब तक वह खुद यह नहीं कह दे कि बस अब बस करो.....अब बहुत हो गया....तुम जल्दी चल जाओ....कहीं कोई जाग न जाये....कहीं कोई देख न ले....तुम्हे मेरे घर किसी ने देख लिया तो पूरे मोहल्ले में हल्ला हो जायेगा.....मेरा तो कुछ नहीं बिगड़ेगा लेकिन फिर तुम मेरे यहाँ नहीं आ पाओगी....फिर हम बिछड़ जायेंगे....इसलिये तुम जल्दी चल जाओ....। और यह किसी काल्पनिक जलपरी से भी खूबसूरत लाल-लाल चुनरिया ओढ़ने वाली चुपचाप उसके घर से निकलकर अपने गंतव्य को चली जाती है। कुछ वीआईपी लोगों को खुश करने के साथ ही अपने-अपने वालों को चुप रखने और साथ देने के लिये आजकल कुछ लोगों ने इसका सहारा लेना शुरू कर दिया है...जो कोई भी यादा उचकता है उसके यहाँ देर रात को इसकी सप्लाई करवा दी जाती है....फिर वह कभी कुछ नहीं बोलता.....इस प्रकार नगर में एक गोरखधंधा बड़े जोरों चल रहा है....। जी हाँ कुछ ऐसे ही लोग जो यादा उचकते है....या ब्लैकमेल करते हैं....या कुछ और दबाव आदि बनाते हैं....उन्हे संतुष्ट करने के लिये इसका लाल चुनरिया वाली का उपयोग किया जाने लगा है। लाल रंग का अग्निशामक वाहन आजकल देर रात को अनेक बीआईपी लोगों को संतुष्ट कर, उनकी प्यास बुझाने के लिये भेजा जाने लगा है। यह हर रात कितनों को ही निहाल कर देता है.....।

सीहोर में आवासहीन गरीबों का सर्वे 7 से, पट्टे मिलेंगे!

सीहोर 3 मई (नि.सं.)। कलेक्टर राघवेन्द्र कुमार सिंह ने अनुविभागीय अधिकारी श्री चन्द्र मोहन मिश्रा को सीहोर नगरीय क्षेत्र के आवासहीन गरीबों का सर्वेक्षण किए जाने हेतु प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। इसी सिलसिले में अनुविभागीय अधिकारी श्री चन्द्र मोहन मिश्रा ने सीहोर नगरीय क्षेत्र के आवासहीन गरीबों का सर्वे करने के लिए दलों का गठन कर आदेश जारी कर दिए है। संपूर्ण सीहोर नगर के लिए अपर तहसीलदार श्रीमती इंदिरा चौहान एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री धीरेन्द्र श्रीवास्तव को सर्वे प्रभारी मनोनीत किया है।
जारी आदेशानुसार दल मांक एक - दक्षिण छावनी क्षेत्र के दल प्रभारी नायब तहसीलदार श्री नरेन्द्र सिंह ठाकुर होगे। राजस्व निरीक्षक नजूल प्रहलाद सिंह, सहायक राजस्व निरीक्षक नगरपालिका श्री रमेश यादव और सहायक राजस्व निरीक्षक नगरपालिका श्री बाबूलाल वर्मा उनके होगे। दल मांक दो - छावनी उत्तरी क्षेत्र के दल प्रभारी नायब तहसीलदार श्री नरेन्द्र बाबू यादव होगे। राजस्व निरीक्षक नजूल हरिनारायण उपाध्याय, सहायक राजस्व निरीक्षक नगरपालिका आनंद कुशवाह और सहायक राजस्व निरीक्षक नगरपालिका श्री संतोष चन्द्रवंशी को उनकेसहायक के रूप में नियुक्त किए गए है। दल मांक तीन- गंज क्षेत्र के दल प्रभारी अधीक्षक भू-अभिलेख श्री जे.पी. बाकरिया होगे। राजस्व निरीक्षक नजूल मनोहरसिंह राजपूत, सहायक राजस्व निरीक्षक नगरपालिका श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव एवं सहायक राजस्व निरीक्षक नगरपालिका टीकम अग्रवाल को उनके सहायक के रूप में नियुक्त किया है।
इसी तरह दल मांक चार - मंडी क्षेत्र के दल प्रभारी नायब तहसीलदार श्री सुधांशु सक्सेना होगे। राजस्व निरीक्षक नजूल श्री विष्णु प्रसाद, सहायक राजस्व निरीक्षक नगरपालिका श्री अनिल चौहान और सहायक राजस्व निरीक्षक नगरपालिका श्री गोविन्द सिसोदिया सहायक के रूप में नियुक्त किए गए हैं। दल मांक पांच - कस्बा क्षेत्र के दल प्रभारी सहायक अधीक्षक भू अभिलेख श्री जी.डी. दोहरे होगे। राजस्व निरीक्षक परिवर्तित शाखा श्री गोविन्द यादव, सहायक राजस्व निरीक्षक नगरपालिका श्री दिनेश व्यास एवं सहायक राजस्व निरीक्षक नगरपालिका श्री नईम उद्दीन सहायक के रूप में कार्य करेंगे॥ दल मांक छ: - बडियाखेड़ी क्षेत्र के दल प्रभारी सहायक अधीक्षक भू अभिलेख श्री जी.डी.दोहरे होगे। राजस्व निरीक्षक परिवर्तित शाखा श्री अंजुमन खान, सहायक राजस्व निरीक्षक नगरपालिका श्री भगवत सिंह बैस और सहायक राजस्व निरीक्षक नगरपालिका श्री शादाब जमाली सहायक के रूप में नियुक्त किए गए है।
गठित दलों का प्रशिक्षण 6 मई को प्रात: 11.00 बजे तहसील कार्यालय सीहोर में होगा। दल द्वारा सर्वेक्षण का कार्य 7 मई से 16 मई,08 तक किया जाएगा। प्रारंभिक सूची का प्रकाशन 21 मई,08 को तथा अंतिम सूची का प्रकाशन 30 मई,08 को होगा। अनुविभागीय अधिकारी श्री चन्द्र मोहन मिश्रा ने गठित दलों को ताकीद की है कि वे सर्वेक्षण का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करें। अभी यह बताया नहीं जा रहा है कि आखिर यह सर्वे किस कारण से कराया जा रहा है लेकिन ऐसी भी चर्चा है कि इस प्रकार विशेष सीहोर जिले में पट्टों का वितरण भी शासन द्वारा किया जायेगा।

जनहित में सीहोर शहर के तीन जल स्त्रोतों का अधिग्रहण

सीहोर 3 मई (नि.सं.)। अनुविभागीय दण्डाधिकारी चन्द्रमोहन मिश्रा ने सीहोर नगर की पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और जन सामान्य को जल प्रदाय करने के मद्देनजर नगर के 3 जल स्त्रोंतो को अधिग्रहीत किया है। अधिग्रहीत जल स्त्रोत मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सौंप कर इन पेयजल स्त्रोतों से नगर में पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस सिलसिले में आदेश जारी कर दिए गए हैं। जारी आदेश के मुताबिक श्री धनराज प्रजापति बेगनघाट का एक नलकूप, श्री मूलचंद कुशवाह बेगनघाट का एक कुआं एवं श्री संतोष पाठक बेगनघाट का एक नलकूप मय मोटर पम्प और विद्युत कनेक्शन सहित तत्काल प्रभाव से अधिग्रहित किया गया है। जल स्त्रोतों को उन्हें मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीहोर के नियंत्रण में सौंपकर सीहोर नगर में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अनुविभागीय दण्डाधिकारी श्री चन्द्र मोहन मिश्रा द्वारा नगर में पेयजल संकट को दृष्टिगत रखते हुए म.प्र.पेयजल परीरक्षण अधिनियम 1986 में निहित प्रावधानों के मुताबिक यह कार्यवाही की गई है।

व्यापारी को आष्टा में बदमाशों ने लूटा

आष्टा 3 मई (नि.सं.)। सिध्दिकगंज बाजार से रेडिमेड का कपड़ा बेच कर एम80 से घर जा रहे व्यापारी से बाइक पर सवार होकर आये तीन बदमाशों ने डरा धमका कर नगदी वगैरह छीन लिये और भाग खड़े हुए।
पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ कर दी है। जानकारी के अनुसार नौगांव निवासी मदनलाल टेलर शुक्रवार की शाम अपनी एम80 वाहन से सिध्दिकगंज बाजार कर अपने गांव जा रहा था तभी रात्रि 7.30 बजे जसमत घाटी के समीप एक बाइक में सवार होकर आये तीन बदमाशों ने उसका बाइक रोका तथा डरा धमका कर घसीटकर आधा किलो मीटर दूर जंगल में ले गये व उसकी शर्ट फाड़कर हाथ पैर बांध दिये तथा उसके पास रखे नगदी 3 हजार रुपये व एक नोकिया कंपनी का मोबाइल तथा एम 80 वाहन और उस पर रखे रेडिमेड के कपड़े कुल कीमत 12 हजार रुपये लेकर फरार हो गये हैं। पुलिस जांच कर रही है।

सड़क हादसे: बस पलटने से युवक और ट्राली पलटने से बालिका की दर्दनाक मौत

सीहोर 3 मई (नि.सं.)। रेहटी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को दोपहर डीमावर रोड स्थित बावड़ी के समीप एक मिनी बस के अनियंत्रित होकर पलट जाने से एक युवक की मौत हो गई तथा पाँच लोग घायल हो गये। इसी प्रकार दोराहा थाना क्षेत्र में एक ट्रेक्टर ट्राली के अनियंत्रित होकर पलट जाने से एक बालिका की मौत हो गई तथा दो तीन महिलाएं घायल हो गईं। अन्य सड़क हादसों में चार लोग और भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मामले दर्ज कर लिये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजेन्द्र बस सर्विस की मिनी बस एमपी 04 एचबी 9225 में शुक्रवार को ग्राम लोधड़ी निवासी 24 वर्षीय प्रमोद पुत्र रामलाल सूर्यवंशी एवं अन्य लोग सवार होकर छिदगांव काछी तरफ जा रहे थे तभी दो बजे के करीब डिमावर रोड स्थित बावड़ी के समीप वाहन चालक की लापरवाही के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। परिणाम स्वरुप इसमें सवार प्रमोद की दुर्घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई तथा नर्मदा प्रसाद लक्ष्मीनारायण, सोनूबाई, भगवत सिंह एवं बद्री घायल हो गये। घायलों में बद्री को गंभीर चोंट होने से इलाज हेतु नस.गंज अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
इधर आष्टा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात रिछाड़िया जोड़ के समीप घर जा रही गुलाब बाई को चुपाड़िया निवासी बाइक चालक जगन्नाथ मालवीय लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर टक्कर मारकर घायल कर दिया।
इसी प्रकार नजरगंज आष्टा के समीप एम.80 क्रमांक एमपी 37बी 1818 से आ रहे सुभाष नगर निवासी राजेन्द्र को मिनी ट्रक क्रमांक एमपी 09केसी 5034 के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर टक्कर मार कर घायल कर दिया।
इधर मंडी थाना क्षेत्र में शुक्रवार की शाम सोया चौपाल के पास बाइक क्रमांक एमपी 37 बीसी 3934 से मंडी बैंक से सोंडा जा रहे बद्री प्रसाद व रुगनाथ पारदी की बाइक में इन्दौर तरफ से आ रहे आयशर वाहन एमपी 09 जीई 4049 के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर टक्कर मार कर दोनो को घायल कर दिया। उधर दोराहा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात कादराबाद के समीप मुख्यतार नगर निवासी ट्रेक्टर चालक जलील खां ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर पलट दिया परिणाम स्वरुप ट्राली में सवार 12 वर्षीय अफसाना बी पुत्री रसीद खां की दबने से मृत्यु हो गई तथा आमना बी वगैरह घायल हो गईं।

मंहगाई के विरोध में भाजपा का बंद विफल

आष्टा 3 मई (नि.सं.)। दिनों दिन बढ़ती मंहगाई पर काबू पाने में असफल रही केन्द्र सरकार के विरोध में भाजपा ने भारत बंद का आज आव्हान किया था जिसमें आवश्यक सेवाएं छोड़कर शेष सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहना थे लेकिन नगर में भाजपा के पदाधिकारियों के ही प्रतिष्ठान खुले रहे तथा बंद एक तरह से विफल ही रहा। मंहगाई के विरोध में 2 मई को भाजपा का भारत बंद का आव्हान था लेकिन आष्टा में पहली बार भाजपा का कोई आव्हान असफल रहा है।

घांसलेट से भरा एक टेंकर पकड़ा

आष्टा 3 मई (नि.सं.)। आज आष्टा पुलिस ने आष्टा सीहोर मार्ग पर दिलीप के ढाबे पर एक घांसलेट से भरा टैंकर पकड़ा है इस टैंकर में 12 हजार लीटर घांसलेट भरा था। टी आई अतीक अहमद खान ने बताया कि उक्त टैंकर सोनकच्छ निवासी अशोक कुमार जैन का है तथा इसका चालक रफीक खान ने जब उक्त घांसलेट के बिल व बाउचर मांगे तो उसके पास से कुछ भी नहीं निकला। ज्ञात हुआ कि उक्त टैंकर में घांसलेट सज्‍जाद हुसैन पेट्रोल पंप से भरा गया था तथा चालक रफीक खान को ट्रक के मालिक ने यह निर्देश दिये थे कि जो टैंकर घांसलेट से भरा है उसे आष्टा से आगे दिलीप के ढाबे पर खड़ा करके आगे कहाँ ले जाना है उसकी जानकारी दे देंगे। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है।

उपचार के दौरान युवक की मौत

आष्टा 3 मई (नि.सं.)। चिरायु अस्पताल भोपाल में उपचारार्थ भर्ती ग्रामीण युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरु कर दी है। जानकारी के अनुसार आष्टा थाना अन्तर्गत आने वाले ग्राम तजपुरा निवासी देवनारायण के 20 वर्षीय पुत्र रुपेश को गत दिनों उपचार हेतु चिरायु अस्पताल भोपाल में दाखिल कराया गया था जहाँ पर उसकी मौत हो गई।

बिजली कटौती से आष्टा वालों को अब मिलेगी राहत

आष्टा 3 मई (नि.सं.)। आखिरकार बिजली कटौती का दुख भोग रहे आष्टा नगर के नागरिकों को आज से जो नया विद्युत कटौती का प्लान आया है उससे आष्टा वालों को राहत मिलने की उम्मीद है कई दिनों से विद्युत कटौती को लेकर हर आमजन परेशान था तथा इसको लेकर सभी लोग परेशान थे आज नागरिकों की भावनाओं को देखते हुए युवा मोर्चा के कार्यकर्ता जिला उपाध्यक्ष कालू भट्ट के नेतृत्व में भोपाल पहुँचे एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर आष्टा की नागरिकों की उक्त समस्या से अवगत कराते हुए मांग की कि विद्युत कटौती से आष्टा को राहत दिलाई जाये। मुख्यमंत्री ने उठाई गई समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल विद्युत मण्डल के अधिकारियों को आष्टा की बिजली समस्या को लेकर सार्थक हल निकालने के आदेश दिये। वहीं आज बीई श्यामलाल नरेड़ा ने बताया कि आज से विद्युत कटौती का नया प्लान आ गया है अब रोजाना शाम को 6 से 8 बजे तक और रोजाना सुबह 5 से 10 बजे तक बिजली कटौती होगी। सोमवार का दिन अंडर फ्रिक्वेंसी का रहेगा। देखना है उक्त नया प्लान आष्टा के नागरिकों को कितनी राहत प्रदान करता है। आज कालू भट्ट के नेतृत्व में आष्टा से विशाल चौरसिया, सुरेश परमार, हरेन्द्र ठाकुर, आदेश शर्मा, सोनू शर्मा, गौरव सोनी, प्रदीप प्रजापति, मनीष खत्री, विकास चौरसिया आदि गये थे।

बिजली कटौती से आष्टा वालों को अब मिलेगी राहत

आष्टा 3 मई (नि.सं.)। आखिरकार बिजली कटौती का दुख भोग रहे आष्टा नगर के नागरिकों को आज से जो नया विद्युत कटौती का प्लान आया है उससे आष्टा वालों को राहत मिलने की उम्मीद है कई दिनों से विद्युत कटौती को लेकर हर आमजन परेशान था तथा इसको लेकर सभी लोग परेशान थे आज नागरिकों की भावनाओं को देखते हुए युवा मोर्चा के कार्यकर्ता जिला उपाध्यक्ष कालू भट्ट के नेतृत्व में भोपाल पहुँचे एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर आष्टा की नागरिकों की उक्त समस्या से अवगत कराते हुए मांग की कि विद्युत कटौती से आष्टा को राहत दिलाई जाये। मुख्यमंत्री ने उठाई गई समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल विद्युत मण्डल के अधिकारियों को आष्टा की बिजली समस्या को लेकर सार्थक हल निकालने के आदेश दिये। वहीं आज बीई श्यामलाल नरेड़ा ने बताया कि आज से विद्युत कटौती का नया प्लान आ गया है अब रोजाना शाम को 6 से 8 बजे तक और रोजाना सुबह 5 से 10 बजे तक बिजली कटौती होगी। सोमवार का दिन अंडर फ्रिक्वेंसी का रहेगा। देखना है उक्त नया प्लान आष्टा के नागरिकों को कितनी राहत प्रदान करता है। आज कालू भट्ट के नेतृत्व में आष्टा से विशाल चौरसिया, सुरेश परमार, हरेन्द्र ठाकुर, आदेश शर्मा, सोनू शर्मा, गौरव सोनी, प्रदीप प्रजापति, मनीष खत्री, विकास चौरसिया आदि गये थे।

विद्युत कटौती के खिलाफ नींद हराम आंदोलन शुरु

आष्टा 3 मई (नि.सं.)। विद्युत कटौती के खिलाफ चलाये जा रहे धरना आंदोलन के अन्तर्गत तीसरे दिन की मध्यरात्रि को भाराछासं युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा नींद हराम आंदोलन किया गया। म.प्र. युवा कांग्रेस सचिव हरपाल ठाकुर ने बताया कि धरने के तीसरे दिन मध्यरात्रि से नींद हराम आंदोलन की शुरुआत की गई। जिसके अन्तर्गत भाराछासं एवं युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अनुविभागीय अधिकारी जी.व्ही. रश्मि, तहसीलदार बिहारी सिंह व अन्य अधिकारियों के निवास स्थल के सामने विरोध स्वरुप एक दर्जन ढोलों को बजाकर विरोध प्रकट कर जमकर नारेबाजी करते हुए शिवराज सिंह चौहान मुर्दाबाद व मदहोश प्रशासन होंश मे आओ के नारे लगाकर अधिकारियों की नींद हराम की। हरपाल ठाकुर ने बताया कि हमारा धरना आंदोलन विद्युत कटौती की समस्या समाप्त नहीं होने तक जारी रहेगा। यदि विद्युत कटौती की समस्या शीघ्र हल नहीं की गई तो धरना आंदोलन तीव्रता के साथ आंदोलन की अगली कड़ी में नगरबंद, चक्काजाम और आमरन अनशन किया जायेगा। आज धरने पर बैठाने वालों में हरपाल ठाकुर, घनश्याम जांगड़ा, भाराछासं जिलाध्यक्ष जितेन्द्र भाऊखेड़ी, पुनीत तिवारी, महेश मेवाड़ा व नींद हराम आंदोलन में विशेष रुप से हरपाल ठाकुर, घनश्याम जांगड़ा, जितेन्द्र शोभाखेड़ी, पुनीत तिवारी, जगदीश चौहान, सोहेल मिर्जा, इदरीस मंसूरी, महेन्द्र टीपाखेड़ी, खालीद पठान, योगेन्द्र अमरपुरा, रईस भाई, अमजद पठान, अभय ताम्रकार, भूपेश जामलिया, विकास महेश्वरी, अशोक सिसोदिया, देवकरण पहलवान, पवन पहलवान, दिनेश ठाकुर, राजेन्द्र पाड़लिया, भूपेन्द्र सेंशव, भुरु मुकाती, कुशलपाल लाला, दीपक राजपूत, धीरव मेवाड़ा, गोलू शर्मा, जितेन्द्र यादव, अर्जुन ठाकुर, सौभाल परमार, चंदरराम सिंह, कृष्णपाल, पंकज ठाकुर, नरेश, हरेन्द्र खेनियापुरा, एलकार राजपूत, चेतन ठाकुर, अविनाश सोनी, राजू राजेश पंवार आदि भाराछासं युवा कांग्रेस एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

वल्लभ जयंती पर निकली प्रभात फेरी वैष्णवों ने आनंद से उत्सव मनाया

सीहोर 3 मई (नि.सं.)। परम्परानुसार पुष्टिमार्गीय वैष्णव सम्प्रदाय के प्रवर्तक जगदगुरु श्रीमद महाप्रभु श्री वल्लभाचार्यजी की जयंती पूर्ण उल्लास के साथ मनाई। इस अवसर पर भव्य प्रभात फेरी प्रात: नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली। तिलक आरती समारोह हुआ। आज नंद उत्सव का आयोजन रखा गया है। समिति ने वैष्णव श्रध्दालुओं का आभार प्रकट किया है।
वैष्णव मण्डल के श्री शांतिलाल साबू ने जारी प्रेस नोट में बताया कि श्री जगद्गुरु श्री महाप्रभु जी की जयंती के अवसर पर श्रीनाथ जी की हवेली से प्रात: प्रभात फेरी प्रारंभ हुई जो प्रमुख मार्गों से होती हुई कीर्तन भजन मंडली वैष्णवों के सुमधुर कीर्तन के साथ महाप्रभु जी की जगह-जगह पर भावपूर्वक आरती उतारी गई। दोपहर में तिलक आरती का दिव्य आयोजन पुष्ठिमार्ग परम्परानुसार निर्वहन किया गया। उल्लेखनीय है कि आज प्रभात फेरी में उपस्थित नगर के भाई जसपाल सिंह अरोरा ने उपस्थित होकर हो रही हवेली के निर्माण में भगवान श्रीमद गोवर्धन नाथ जी के प्रति अपनी अगाध श्रध्दा प्रकट करते हुए एक लाख 11 हजार रुपये एक लाख ग्यारह हजार रुपये की धनराशि दान देने की घोषणा की। इसके पूर्व मनोहर राय द्वारा मंदिर के निर्माण हेतु 551 बोरियाँ सीमेंट की धर्म कार्य हेतु प्रदान की है। समिति ने आभार प्रकट करते हुए सभी को श्रीमद वल्लभ जयंती की शुभकामनाएं दी हैं। आज 3 मई को नंद उत्सव का आयोजन श्रीनाथ जी की हवेली स्थित खजांची लाईन सीहोर पर आयोजित किया है।