पूरे कस्बा क्षेत्र में भी पानी की किल्लत काफी दिनों से हो रही है, इसकी जानकारी कस्बा क्षेत्र के नागरिकों ने विधायक श्री सक्सेना को दी और दो बड़े 8 इंची बोर कराने की मांग की। जनहित में विधायक श्री सक्सेना ने तत्काल स्वीकृति देते हुए पीएचई विभाग से तिलक पार्क के पीछे बोर का पाईंट चैक कराया, जिसमें पर्याप्त पानी निकलने की सूचना पर यहाँ विधायक श्री सक्सेना ने भूमिपूजन कर बोर कराया, कुल चार सौ फिर बोर कराया गया जिसमें 3 इंच पानी निकला। निजामत के पास भी पाईंट चैक कराकर एक बडा बोर कराया गया इसमें भी चार सौ फिट खनन कराया गया, जिसमें 3 इंच के लगभग पानी निकला है। पी.एचई विभाग ने बताया है कि यह पानी और भी बढ़ सकता है। कस्बा तिलक पार्क के पास बनी पानी की टंकी में इस बोर से मोटर डालकर पानी लिफ्ट कराया जायेगा। जिससे कस्बे में पीने का शुध्द पानी सप्लाई किया जा सकेगा। निजामत के पास कराये गये बोर में मोटर डालकर पाईप लाईन के जरिये कस्बा क्षेत्र में पेयजल प्रदाय की व्यवस्था कराई जायेगी। बोर खनन में पर्याप्त पानी निकलने से कस्बा क्षेत्र के नागरिकों में हर्ष व्याप्त है। सभी ने विधायक श्री सक्सेना के प्रति हृदय से धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया है। बोर शुभारंभ के भूमिपूजन के अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री पं. रमाकांत समाधिया, भाजपा नेता प्रकाश व्यास काका, मोहम्मद मेहफूज खान, नगर पालिका उपाध्यक्ष अशोक सिसोदिया, भाजपा मंडल अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौर, कैलाश वशिष्ठ, पं. रामचन्द्र तिवारी, पं. शेषनारायण तिवारी, शैलेन्द्र भावसार, बंटी राय, सुशील चौकसे, रविन्द्र जैन, मुकेश राय, सोनू व्यास, मोहसिन बेग, पार्षद रामचंद्र पटेल, प्रदीप गौतम, राजू पहलवान, माखन परमार सहित ई.ई. पी.एच.ई. पीसी पंचरतन, एसडीएम चन्द्रमोहन मिश्रा, पीएचई विभाग के अधिकारी कर्मचारी सहित अनेक लोग प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।
Tuesday, April 1, 2008
कस्बा क्षेत्र में विधायक श्री सक्सेना ने कराए दो बड़े बोर, पानी निकला, कस्बा क्षेत्र में तिलक पार्क के पीछे और निजामत के पास निकला 3 इंच पानी
पूरे कस्बा क्षेत्र में भी पानी की किल्लत काफी दिनों से हो रही है, इसकी जानकारी कस्बा क्षेत्र के नागरिकों ने विधायक श्री सक्सेना को दी और दो बड़े 8 इंची बोर कराने की मांग की। जनहित में विधायक श्री सक्सेना ने तत्काल स्वीकृति देते हुए पीएचई विभाग से तिलक पार्क के पीछे बोर का पाईंट चैक कराया, जिसमें पर्याप्त पानी निकलने की सूचना पर यहाँ विधायक श्री सक्सेना ने भूमिपूजन कर बोर कराया, कुल चार सौ फिर बोर कराया गया जिसमें 3 इंच पानी निकला। निजामत के पास भी पाईंट चैक कराकर एक बडा बोर कराया गया इसमें भी चार सौ फिट खनन कराया गया, जिसमें 3 इंच के लगभग पानी निकला है। पी.एचई विभाग ने बताया है कि यह पानी और भी बढ़ सकता है। कस्बा तिलक पार्क के पास बनी पानी की टंकी में इस बोर से मोटर डालकर पानी लिफ्ट कराया जायेगा। जिससे कस्बे में पीने का शुध्द पानी सप्लाई किया जा सकेगा। निजामत के पास कराये गये बोर में मोटर डालकर पाईप लाईन के जरिये कस्बा क्षेत्र में पेयजल प्रदाय की व्यवस्था कराई जायेगी। बोर खनन में पर्याप्त पानी निकलने से कस्बा क्षेत्र के नागरिकों में हर्ष व्याप्त है। सभी ने विधायक श्री सक्सेना के प्रति हृदय से धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया है। बोर शुभारंभ के भूमिपूजन के अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री पं. रमाकांत समाधिया, भाजपा नेता प्रकाश व्यास काका, मोहम्मद मेहफूज खान, नगर पालिका उपाध्यक्ष अशोक सिसोदिया, भाजपा मंडल अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौर, कैलाश वशिष्ठ, पं. रामचन्द्र तिवारी, पं. शेषनारायण तिवारी, शैलेन्द्र भावसार, बंटी राय, सुशील चौकसे, रविन्द्र जैन, मुकेश राय, सोनू व्यास, मोहसिन बेग, पार्षद रामचंद्र पटेल, प्रदीप गौतम, राजू पहलवान, माखन परमार सहित ई.ई. पी.एच.ई. पीसी पंचरतन, एसडीएम चन्द्रमोहन मिश्रा, पीएचई विभाग के अधिकारी कर्मचारी सहित अनेक लोग प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।
सीहोर में सीवन नदी से जप्त की गई मोटर पंप
सीहोर 31 मार्च (नि.सं.)। जिला प्रशासन एवं नगर पालिका कर्मचारियों अधिकारियों के सहयोग से सीवन नदी से चद्दर पुल तथा इलाही माता पुल तक 4 अवैध मोटर चलते हुए पकड़ गई जिन्हे जप्त कर नगर पालिका के स्टोर में रख ली गई हैं। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि सीहोर में जल संकट व्याप्त है ऐसे में नदी नालों से कृषि कार्य एवं अन्य कार्य के लिये पानी नहीं खींचे।
दहेज प्रताड़ना के आरोपी को तीन साल की कारावास, 5 हजार अर्थदण्ड
सीहोर 31 मार्च (विधिसूत्र)। विशेष न्यायाधीश एम.के.महेन्द्रा ने सत्र परीक्षण 2006 में अभियुक्त संतोष सोनी को दहेज प्रताड़ना में अपनी पत्नि की मृत्यु का आरोपी मानकर धारा 498ए भादवि में 3 साल सश्रम कारावास एवं 5 हजार अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
अभियोजन की और से श्री अनिल शर्मा, अपर लोक अभियोजक के अनुसार दहेज को लेकर मृतिका ने अपनी ससुराल वालों के विरुध्द दहेज प्रताड़ना का मामला न्यायालय में प्रस्तुत हुआ जिसमें साक्ष्य के अवलोकन से पाँच आरोपीगण को दोषमुक्त किया गया जबकि अभियुक्त संतोष सोनी, निवासी इंग्लिशपुरा को विद्वान न्यायाधीश ने धारा 498 ए भादवि में संदेह से परे दोषी पाया और 3 वर्ष के सश्रम कारावास, 5 हजार अर्थदण्ड की सजा का फैसला सुनाया। मामले में अभियोजन की पैरवी अपर लोक अभियोजक अनिल शर्मा ने की।
अभियोजन की और से श्री अनिल शर्मा, अपर लोक अभियोजक के अनुसार दहेज को लेकर मृतिका ने अपनी ससुराल वालों के विरुध्द दहेज प्रताड़ना का मामला न्यायालय में प्रस्तुत हुआ जिसमें साक्ष्य के अवलोकन से पाँच आरोपीगण को दोषमुक्त किया गया जबकि अभियुक्त संतोष सोनी, निवासी इंग्लिशपुरा को विद्वान न्यायाधीश ने धारा 498 ए भादवि में संदेह से परे दोषी पाया और 3 वर्ष के सश्रम कारावास, 5 हजार अर्थदण्ड की सजा का फैसला सुनाया। मामले में अभियोजन की पैरवी अपर लोक अभियोजक अनिल शर्मा ने की।
जिस पानी पीने से स्वयं पार्षद बीमार हो रहे उस पानी के सेवन से नागरिकों के क्या हाल होंगे
आष्टा 31 मार्च (नि.सं.)। आष्टा नगर पालिका इन दिनों फिल्टर प्लांट होते हुए थी जिस प्रकार नलों में जनता को बिना फिल्टर किया हुआ गंदा हल्का हरा, बदबूदार पानी सप्लाई कर रही है, उससे नगर में कभी भी कोई बीमारी फैल सकती है वैसे नागरिक बीमार होना शुरु हो गये हैं इसका शिकार हुए है और कोई नहीं स्वयं इस नगर पालिका की पार्षद श्रीमति रसीदा बेगम के पति पूर्व पार्षद अनवार हुसैन जिन्हे पिलायें की शिकायत हो गई और उन्हे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हे ग्लूकोज की बोतलें चढ़ी और डाक्टरों ने उन्हे सख्त हिदायत दी है कि वे शुध्द साफ पानी पिये अनवार हुसैन ने स्वयं फुरसत को बताया कि अब वे नल का पानी नहीं पी रहे हैं रोजाना बड़ा बाजार से हेण्डपंप का शुध्द पानी ले जा रहे हैं लेकिन आश्चर्य इसके बाद भी नगर पालिका के पार्षद नलों में गंदा, बदबूदार पानी को लेकर मुँह में दही जमाये बैठे हैं। नलों ने आ रहे उक्त गंदे पानी की शिकायतें नगर के अनेकों क्षेत्रों से आ रही है। नगर पालिका में कांग्रेस का बहुमत है कांग्रेसी पार्षद मौन रहे तो समझ में आता है लेकिन नगर पालिका में भाजपा जो प्रदेश में सत्ता में है लेकिन नगर पालिका में विपक्ष में होने के बाद भी वो मौन है भाजपा के पार्षद नगर पालिका में है तो लेकिन लगता ही नहीं है कि नगर पालिका में भाजपा पार्षद दल है। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष रवि सोनी से जब चर्चा की तो उन्होने बताया कि नगर पालिका फिल्टर किया पानी सप्लाई नहीं कर रही है। पिछली बैठक में यह मुद्दा हमने उठाया था अब शीघ्र इस मुद्दे पर सीएमओ से चर्चा करेंगे। आष्टा नगर पालिका में भाजपा विपक्ष में है लेकिन कभी भी उसने अपनी भूमिका इस तरह नहीं निभाई जिससे लगे कि नगर पालिका में भाजपा पार्षद भी हैं आज नगर का नागरिक नगर पालिका की मनमानी के कारण गंदा कीटाणु युक्त बदबूदार पानी को लेकर परेशान है।
प्लांटेशन के नाम पर किसानों से रुपये एंठने वाले 5 लोग गिरफ्तार, एक अभी भी फरार
आष्टा 31 मार्च (सुशील संचेती)। हैदराबाद की एवं कम्पनी द्वारा आष्टा तहसील के कई ग्रामों में किसानों को उनके खेतों में तरह-तरह के पेड़ पौधों का प्लांटेशन करने तथा उस पर 35 प्रतिशत की सब्सीडी पर लोन दिलाने के नाम पर कई किसानों को ठगा गया जब ठगे गये किसानों को लगा की उन्हे उक्त कम्पनी के लोगों ने बेवकूफ बना कर राशि ली है तब कुछ किसान थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने उक्त कम्पनी के 6 में से 5 लोगों को गिरफ्तार किया है तथा एक अभी भी फरार बताया जा रहा है। इस प्रकरण की जांच कर रहे आष्टा थाने के एस.आई.श्री चौधरी ने फुरसत को बताया कि आष्टा थाने के अन्तर्गत आने वाले ग्राम अरनियाराम के किसान ओंकार सिंह एवं मोती सिंह तथा ग्राम बागेर के किसान कमल सिंह एवं अयोध्या बाई ने कुछ दिनों पूर्व आष्टा थाने पहुँच कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि हैदराबाद की एक कम्पनी जिसका नाम शिवशक्ति है के लोगों ने सम्पर्क कर बताया कि कम्पनी द्वारा अपकी एक एकड़ जमीन में एक निश्चित राशि देने पर प्लांटेशन करके देंगे तथा उस पर आपको लोन भी दिलवा सकते हैं लोन पर 35 प्रतिशत तक की सब्सीडी प्राप्त होगी ।
उक्त एक एकड़ में प्लांटेशन के बदले इन लोगों ने उक्त किसानों से क्रमश: 17 हजार 500, 18 हजार एवं दो से 43 हजार 250 रुपये वसूले लेकिन कई दिनों तक इन लोगों ने जब खेतों पर कोई प्लांटेशन नहीं किया तो ये लोग इन्हे खोजने गये तब इन्हे लगा की वे ठगा गये हैं इस कम्पनी का कार्यालय भोपाल में एम.पी.नगर झोन 1 में बताया गया।
तब इन्होने आष्टा थाने में शिकायत दर्ज कराई और उक्त कम्पनी के इन लोगों को खोजा श्री चौधरी ने बताया कि इस संबंध में उक्त कम्पनी में कार्य करने वाले 5 लोगों को गिरफ्तार किया है जिनके नाम राजेश शुक्ला, राजेश स्वर्णकार, रविन्द्र पाण्डे, प्रमोद महादेवराव, विजय शुक्ला है तथा एक सदस्य जिसका नाम जितेन्द्र शुक्ला है अभी फरार है।
कल गिरफ्तार किये गये पाँचो लोगों को विद्वान न्यायाधीश श्री मीणा जी की अदालत में पेश किया गया था जहाँ से उन्हे जमानत मिल गई। बताया जाता है कि उक्त कम्पनी के लोगों ने आष्टा तहसील के ग्राम अरनियाराम, बागेर के अलावा जावर, सिध्दिकगंज क्षेत्र के कई ग्रामों तक इन लोगों ने किसानों पर डोरे डाले थे। ये लोग एक एकड़ जमीन से सागौन, आम व अन्य तरह के पेड़ पौधों का प्लांटेशन करने की बात कर उसके बदले राशि लेते थे और किसानों को 35 प्रतिशत सब्सीडी पर लोन दिलवाने का वादा भी ये करते हैं। पुलिस ने आई रिपोर्ट पर 420 धारा के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज किया था। एक फरार जितेन्द्र शुक्ला की खोज में पुलिस जुटी है।
पुलिस ने उक्त कम्पनी के 6 में से 5 लोगों को गिरफ्तार किया है तथा एक अभी भी फरार बताया जा रहा है। इस प्रकरण की जांच कर रहे आष्टा थाने के एस.आई.श्री चौधरी ने फुरसत को बताया कि आष्टा थाने के अन्तर्गत आने वाले ग्राम अरनियाराम के किसान ओंकार सिंह एवं मोती सिंह तथा ग्राम बागेर के किसान कमल सिंह एवं अयोध्या बाई ने कुछ दिनों पूर्व आष्टा थाने पहुँच कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि हैदराबाद की एक कम्पनी जिसका नाम शिवशक्ति है के लोगों ने सम्पर्क कर बताया कि कम्पनी द्वारा अपकी एक एकड़ जमीन में एक निश्चित राशि देने पर प्लांटेशन करके देंगे तथा उस पर आपको लोन भी दिलवा सकते हैं लोन पर 35 प्रतिशत तक की सब्सीडी प्राप्त होगी ।
उक्त एक एकड़ में प्लांटेशन के बदले इन लोगों ने उक्त किसानों से क्रमश: 17 हजार 500, 18 हजार एवं दो से 43 हजार 250 रुपये वसूले लेकिन कई दिनों तक इन लोगों ने जब खेतों पर कोई प्लांटेशन नहीं किया तो ये लोग इन्हे खोजने गये तब इन्हे लगा की वे ठगा गये हैं इस कम्पनी का कार्यालय भोपाल में एम.पी.नगर झोन 1 में बताया गया।
तब इन्होने आष्टा थाने में शिकायत दर्ज कराई और उक्त कम्पनी के इन लोगों को खोजा श्री चौधरी ने बताया कि इस संबंध में उक्त कम्पनी में कार्य करने वाले 5 लोगों को गिरफ्तार किया है जिनके नाम राजेश शुक्ला, राजेश स्वर्णकार, रविन्द्र पाण्डे, प्रमोद महादेवराव, विजय शुक्ला है तथा एक सदस्य जिसका नाम जितेन्द्र शुक्ला है अभी फरार है।
कल गिरफ्तार किये गये पाँचो लोगों को विद्वान न्यायाधीश श्री मीणा जी की अदालत में पेश किया गया था जहाँ से उन्हे जमानत मिल गई। बताया जाता है कि उक्त कम्पनी के लोगों ने आष्टा तहसील के ग्राम अरनियाराम, बागेर के अलावा जावर, सिध्दिकगंज क्षेत्र के कई ग्रामों तक इन लोगों ने किसानों पर डोरे डाले थे। ये लोग एक एकड़ जमीन से सागौन, आम व अन्य तरह के पेड़ पौधों का प्लांटेशन करने की बात कर उसके बदले राशि लेते थे और किसानों को 35 प्रतिशत सब्सीडी पर लोन दिलवाने का वादा भी ये करते हैं। पुलिस ने आई रिपोर्ट पर 420 धारा के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज किया था। एक फरार जितेन्द्र शुक्ला की खोज में पुलिस जुटी है।
नगर में बिजली कटोती का दौर जारी कटौती के कारण जल वितरण व्यवस्था गड़बड़ाई
जावर 31 मार्च (नि.सं.)। नगर में अघोषित बिजली कटौती का दौर जारी लोग परेशान कटौती के कारण नगर की जल व्यवस्था गड़बड़ाई व्यापार व्यवसाय पर भी कटौती का बुरा असर पड़ रहा है। गर्मी का दौर शुरु हो गया है लेकिन बिजली नहीं रहने के कारण नगरवासी खासे परेशान हैं। इस समय नगर में 24 घंटे में से मात्र 8 से 10 घंटे बिजली मिल पा रही है वह भी टुकड़ो में ।
नगर में बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय भी नहीं है नगर पंचायत अध्यक्ष फुल सिंह मालवीय का कहना है कि नगर में बिजली की अघोषित कटौती के कारण नगर की जल वितरण व्यवस्था गड़बड़ा गई है कटौती के चलते हम नगर में समय पर जल सप्लाई नहीं कर पाते हैं जिससे लोगों का असुविधा का सामना करना पड़ता है। हमने पूर्व में भी बिजली व्यवस्था में सुधार के लिये ज्ञापन जिलाधीश के नाम दे चुके हैं इसके बावजूद नगर की बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। व्यापारी संतोष लक्ष्कार का कहना है कि गर्मी शुरु हो गई ऐसे में पंखे कूलर चलाने के लिये बिजली की आवश्यकता पड़ती है बिजली नहीं रहने के कारण दुकानों व घरों में बैठना मुश्किल हो रहा है गर्मी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ ग़या है आटा चक्की चलाने वाले बाबू बिल्लौरे का कहना है कि नगर में दिनभर बिजली नहीं रहने के कारण कोई काम काज नहीं कर पाते। आटा चक्की को इंजन से चलाना पड़ता है इसके अलावा प्रेस, बेल्डिंग, फोटो कापी मशीन एवं इलेक्ट्रीकल्स आदि का व्यापार करने वाले भी बिजली की अघोषित कटौती से परेशान है। उल्लेखनीय है कि नगर वासी बिजली की समस्या से कलम्बे समय से परेशान हैं यहाँ तक की यहाँ के लोगों ने बिजली के लिये गोली तक खा ली लेकिन आज तक बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व नेताओं ने आज तक बिजली समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। इसी का परिणाम है कि नगरवासी बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं।
नगर में बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय भी नहीं है नगर पंचायत अध्यक्ष फुल सिंह मालवीय का कहना है कि नगर में बिजली की अघोषित कटौती के कारण नगर की जल वितरण व्यवस्था गड़बड़ा गई है कटौती के चलते हम नगर में समय पर जल सप्लाई नहीं कर पाते हैं जिससे लोगों का असुविधा का सामना करना पड़ता है। हमने पूर्व में भी बिजली व्यवस्था में सुधार के लिये ज्ञापन जिलाधीश के नाम दे चुके हैं इसके बावजूद नगर की बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। व्यापारी संतोष लक्ष्कार का कहना है कि गर्मी शुरु हो गई ऐसे में पंखे कूलर चलाने के लिये बिजली की आवश्यकता पड़ती है बिजली नहीं रहने के कारण दुकानों व घरों में बैठना मुश्किल हो रहा है गर्मी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ ग़या है आटा चक्की चलाने वाले बाबू बिल्लौरे का कहना है कि नगर में दिनभर बिजली नहीं रहने के कारण कोई काम काज नहीं कर पाते। आटा चक्की को इंजन से चलाना पड़ता है इसके अलावा प्रेस, बेल्डिंग, फोटो कापी मशीन एवं इलेक्ट्रीकल्स आदि का व्यापार करने वाले भी बिजली की अघोषित कटौती से परेशान है। उल्लेखनीय है कि नगर वासी बिजली की समस्या से कलम्बे समय से परेशान हैं यहाँ तक की यहाँ के लोगों ने बिजली के लिये गोली तक खा ली लेकिन आज तक बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व नेताओं ने आज तक बिजली समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। इसी का परिणाम है कि नगरवासी बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा कम्युनिस्ट पार्टी के विरोध में धरना
सीहोर 31 मार्च (नि.सं.)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जिला सीहोर द्वारा केरल प्रांत में संघ के पांच स्वयं सेवकों की निर्मम हत्या के विरोध में जिलाधीश कार्यालय के द्वार पर धरना देकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की आलोचना की।
ज्ञातव्य है कि मार्च के प्रथम सप्ताह में केरल प्रांत में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा संघ के कार्यकर्ताओं के साथ जो अत्याचार एवं हत्याएं की है उससे पूरे देश में हिन्दु संगठनों के द्वारा विरोध प्रकट किया जा रहा है।
धरना स्थल पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संघ के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभिन्न संवैचारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने केरल के कन्नूर जिले में पाँच स्वयं सेवकों की निर्दयतापूर्वक हत्या की निंदा की । जिसमें प्रमुख रुप से संघ के प्रांतीय बौध्दिक प्रमुख व सीहोर राजगढ़ के विभाग प्रचारक सुहास जी भगत, जिला कार्यवाह बाबू सिंह ठाकुर, सहकार्यवाह अनिल पालीवाल, सम्पर्क प्रमुख जगदीश प्रसाद पुरोहित ने संबोधित किया। मुख्य वक्ता के रुप में केरल प्रांत से पधारे प्रवीण जी रामदास जो कि विज्ञान भारती के मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के संगठन मंत्री है ने संबोधित करते हुए बताया कि मैं उक्त घटना को नजदीक से देखा है, उन्होने पूरी घटना को विस्तार से बताया, जिसे सुनकर उपस्थित लोगों के रोंगटे खड़े हो गये।
धरना स्थल पर मुख्य रुप से सीहोर क्षेत्र के विधायक रमेश सक्सेना, आष्टा विधायक रघुनाथ मालवीय, भाजपा जिलाध्यक्ष ललित नागौरी, भाजपा संगठन मंत्री देवी सिंह रघुवंशी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संगठन मंत्री उपेन्द्र धाकड़ सीहोर राजगढ़, विहिप जिलाध्यक्ष अतुल राठौर, विहिप विभाग मंत्री अजीत शुक्ला, हिन्दु उत्सव समिति अध्यक्ष सतीश राठौर, सुरेश जायसवाल, नगर पालिका उपाध्यक्ष अशोक सिसोदिया, महिला मोर्चा से रीना मिश्रा, प्रभा राठौर, भाजपा से बाबूलाल पटेल, जगदीश पटेल, रामचन्द्र पटेल, आलोक शर्मा, मजदूर संघ से संतोष शर्मा, वीर सिंह, राम सिंह यादव, संस्कार भारती के मुकेश सक्सेना, अरुषेन्द्र शर्मा, रामदास विचार मंच के श्रीपाद भाटवड़ेकर मीसा बंदी बालकृष्ण नामदेव, प्रदीप बिजोरिया, अभाविप के हेमंत राजपूत, शैलेन्द्र तिवारी, हृदेश तेजराज, शेखर, नितिन, मुकुल, देशबंधु शर्मा, बजरंग दल के जगदीश कुशवाह, शंकर ठाकुर आदि प्रमुख थे। कार्यक्रम का संचालन नगर कार्यवाह कमल सिंह ठाकुर ने किया, आभार प्रदर्शन जिला कार्यवाह बाबू सिंह ठाकुर ने माना।
ज्ञातव्य है कि मार्च के प्रथम सप्ताह में केरल प्रांत में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा संघ के कार्यकर्ताओं के साथ जो अत्याचार एवं हत्याएं की है उससे पूरे देश में हिन्दु संगठनों के द्वारा विरोध प्रकट किया जा रहा है।
धरना स्थल पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संघ के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभिन्न संवैचारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने केरल के कन्नूर जिले में पाँच स्वयं सेवकों की निर्दयतापूर्वक हत्या की निंदा की । जिसमें प्रमुख रुप से संघ के प्रांतीय बौध्दिक प्रमुख व सीहोर राजगढ़ के विभाग प्रचारक सुहास जी भगत, जिला कार्यवाह बाबू सिंह ठाकुर, सहकार्यवाह अनिल पालीवाल, सम्पर्क प्रमुख जगदीश प्रसाद पुरोहित ने संबोधित किया। मुख्य वक्ता के रुप में केरल प्रांत से पधारे प्रवीण जी रामदास जो कि विज्ञान भारती के मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के संगठन मंत्री है ने संबोधित करते हुए बताया कि मैं उक्त घटना को नजदीक से देखा है, उन्होने पूरी घटना को विस्तार से बताया, जिसे सुनकर उपस्थित लोगों के रोंगटे खड़े हो गये।
धरना स्थल पर मुख्य रुप से सीहोर क्षेत्र के विधायक रमेश सक्सेना, आष्टा विधायक रघुनाथ मालवीय, भाजपा जिलाध्यक्ष ललित नागौरी, भाजपा संगठन मंत्री देवी सिंह रघुवंशी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संगठन मंत्री उपेन्द्र धाकड़ सीहोर राजगढ़, विहिप जिलाध्यक्ष अतुल राठौर, विहिप विभाग मंत्री अजीत शुक्ला, हिन्दु उत्सव समिति अध्यक्ष सतीश राठौर, सुरेश जायसवाल, नगर पालिका उपाध्यक्ष अशोक सिसोदिया, महिला मोर्चा से रीना मिश्रा, प्रभा राठौर, भाजपा से बाबूलाल पटेल, जगदीश पटेल, रामचन्द्र पटेल, आलोक शर्मा, मजदूर संघ से संतोष शर्मा, वीर सिंह, राम सिंह यादव, संस्कार भारती के मुकेश सक्सेना, अरुषेन्द्र शर्मा, रामदास विचार मंच के श्रीपाद भाटवड़ेकर मीसा बंदी बालकृष्ण नामदेव, प्रदीप बिजोरिया, अभाविप के हेमंत राजपूत, शैलेन्द्र तिवारी, हृदेश तेजराज, शेखर, नितिन, मुकुल, देशबंधु शर्मा, बजरंग दल के जगदीश कुशवाह, शंकर ठाकुर आदि प्रमुख थे। कार्यक्रम का संचालन नगर कार्यवाह कमल सिंह ठाकुर ने किया, आभार प्रदर्शन जिला कार्यवाह बाबू सिंह ठाकुर ने माना।
Monday, March 31, 2008
नव संवत्सर का महात्म्य
ऋग्वेद में कहा गया है कि सृष्टि के प्रारम्भ में दिन और रात अहोरात्र का युग्म बना। ऐसे दिनों से तीस दिन का चंद्र मास और बारह मास में एक संवत्सर के अनुसार कालगणना प्रारंभ हुई। यजुर्वेद में दो मासों के एक युग्म को गतु कहा गया। इस प्रकार छ: ऋतुओं बारह मासों के नाम प्राचीन वैदिक साहित्य में उल्लेखित है। चैत्र मास को हमारे यहां मधुमास की संज्ञा दी गई। वर्ष चैत्र प्रतिपदा अथवा गुड़ी पड़वा मनाये जाने का विधान हमारे वैदिक ग्रंथों में निहित है। इस दिन प्रात: भुवन भास्कर की छटा, प्रकृति की पुलकन, समीर का प्रवाह हमें आल्हादित और उल्लासित करता है।
हिमाद्री के अनुसार चैत्र मासि जगद्ब्रह्मा सगृजे प्रथमे हनि अर्थात् चैत्र मास शुक्ल पक्ष के प्रथम दिन सूर्योदय के समय ब्रह्मा ने सृष्टि रचना आरम्भ की थी, इसलिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सृष्टि का प्रकटोत्सव दिवस है, भास्कराचार्य ने भी सिध्दांत शिरोमणि में लिखा है कि चैत्र मास शुक्ल पक्ष के आरम्भ में रविवार के दिन, सतयुग का आरम्भ हुआ। भगवान राम का राज्याभिषेक, वरुण देव झूलेलाल का जन्म दिन, महाराजा युधिष्ठिर द्वारा संवत् का प्रारंभ, राष्ट्रीय सर्जना व नवोत्थान के प्रेरणा पुंज डा. केशवराव बलिराम हेडगेवार का जन्म भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही हुआ था। उल्लेखनीय है कि सम्राट शकारि विमादित्य शकों को पराजित कर सार्वभौम सम्राट के रूप में इसी दिन सिंहासनारूढ़ हुए और विधिवत विम संवत् प्रारंभ किया। इस दृष्टि से विम संवत् भारतीय शौर्य, पराम और अस्मिता का प्रतीक भी है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को प्रात: सरोवरों में स्नान, सूर्य को अर्घ्य देकर प्रकृति के नव कलेवर धारण किए हुए मंगलमय वातावरण में मांगलिक कार्यों के प्रारंभ का विधान है।
वर्ष प्रतिपदा से शक्ति आराधना के रूप में वासन्तिक नवरात्रि का प्रारंभ भी इसी दिन से होता है। स्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ-साथ चंचलमन की स्थिरता के लिए साधना प्रारंभ की जाती है।
आरोग्य जीवन की कामना से नीम की पत्तियों काली मिर्च, मिश्री और अजवाईन तो कहीं-कहीं धनिया, चीनी के प्रसाद वितरण के पीछे भी आयुर्विज्ञान के रहस्य छिपे हुए हैं।
सृष्टि संवत् की कालगणना का आधार देखने पर वर्तमान में 1 अरब 97 करोड़, 64 लाख, 61 हजार, 6 सौ 68 वर्ष के रूप में भारतीय कालगणना का इतिहास किसी गौरव गाथा से कम नहीं है। दूसरी ओर 28 वें कलियुग के 5109 वर्ष या 52वीं शताब्दी अर्थात् विश्व की शेष गणनाओं से भी 31 शताब्दी आगे भारत की ऐतिहासिक परम्परा किसी गौरवगाथा से कम नहीं है।
इस बार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की विशेषता यह रहेगी कि भारत में दो अलग-अलग दिनों में वर्ष प्रतिपदा का प्रवेश होगा। तिथि का निर्धारण खगोलीय वैज्ञानिक प्रक्रिया है, यह सूर्य तथा चन्द्रमा की गति के आधार पर तय होती है। इस स्थिति भेद के चलते भौगोलिक आधार पर भारतीय नववर्ष विम सम्वत् 2065 शालिवाहन शाके 1930 दो अलग-अलग दिन मनाया जाएगा। पश्चिमी और पूर्वी भारत में मश: प्रतिपदा क्षय एवं प्रतिपदा के सूर्योदय समय पर रहने से सूर्य और चन्द्र दो अलग-अलग राजाओं के हाथों संचालित होगा। सम्वत् 2065, 6 अप्रैल (रविवार) को प्रतिपदा प्रात: 9.27 से आरंभ होकर रविवार की रात अर्थात् सोमवार सूर्योंदय से पहले 5.11 पर समाप्त होने की स्थिति में 76 अक्षांश पहले पश्चिमी छोर की ओर से श्रीलंका के छोर को छूते हुए प्रतिपदा के क्षय रहने से रविवार को नए विम सम्वत का अभिनंदन किया जाएगा। जबकि पूर्वी भारत में 7 अप्रैल (सोमवार) को नया वर्ष मनाया जाएगा।
इस्लामाबाद से लेकर लाहौर का पश्चिम भाग, अमृतसर, जालंधर, जयपुर, बूंदी, कोटा, उदयपुर, चित्तौड़, बांसवाड़ा, सम्पूर्ण गुजरात, मंदसौर, उज्जैन, इन्दौर, झाबुआ, खरगोन, धार, पश्चिम महाराष्ट्र अकोला, पुणे, मुम्बई, सोलापुर, सांगली, कोल्हापुर, सतारा, रत्नागिरी, गोवा, बीजापुर, गुलबर्गा, हुबली, कर्नाटक व रामेश्वरम् का पश्चिम क्षेत्र छूते हुए 76 अक्षांश रेखा के पश्चिम क्षेत्रों में नूतन वर्ष का आरंभ 6 अप्रैल (रविवार) को होगा जबकि 7 अप्रैल (सोमवार) को प्रात: 6 बजकर 9 मिनट के बाद जिन स्थानों पर सूर्योदय होगा वहां पर प्रतिपदा का क्षय नहीं होने से चंडीग़ढ, अंबाला, कुरुक्षेत्र, दिगी, अलीगढ़, प्रयाग, झांसी, ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर, छत्तीसगढ़, नागपुर, पूर्व महाराष्ट्र, कानपुर, लखनऊ, पूर्वी मद्रास, कोलकता, विशाखापट्टनम, पूर्वीबंगाल में वर्ष प्रतिपदा 7 अप्रैल (सोमवार) को होगी। युग महोत्सव व सृष्टि आरंभ का महत्वपूर्ण दिवस अलग-अलग दिन रहने से दो अलग-अलग शासकों के कारण ग्रहों के मंत्रिमंडल में भी अलग-अलग प्रभावों से देश के दोनो भागों को परिणाम झेलने पड़ेंगे। इस प्रकार की भौगोलिक स्थिति 10 व 11 अप्रैल, 2032 यानी विम सम्वत् 2089 में भी आएगी।
हिमाद्री के अनुसार चैत्र मासि जगद्ब्रह्मा सगृजे प्रथमे हनि अर्थात् चैत्र मास शुक्ल पक्ष के प्रथम दिन सूर्योदय के समय ब्रह्मा ने सृष्टि रचना आरम्भ की थी, इसलिए चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सृष्टि का प्रकटोत्सव दिवस है, भास्कराचार्य ने भी सिध्दांत शिरोमणि में लिखा है कि चैत्र मास शुक्ल पक्ष के आरम्भ में रविवार के दिन, सतयुग का आरम्भ हुआ। भगवान राम का राज्याभिषेक, वरुण देव झूलेलाल का जन्म दिन, महाराजा युधिष्ठिर द्वारा संवत् का प्रारंभ, राष्ट्रीय सर्जना व नवोत्थान के प्रेरणा पुंज डा. केशवराव बलिराम हेडगेवार का जन्म भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही हुआ था। उल्लेखनीय है कि सम्राट शकारि विमादित्य शकों को पराजित कर सार्वभौम सम्राट के रूप में इसी दिन सिंहासनारूढ़ हुए और विधिवत विम संवत् प्रारंभ किया। इस दृष्टि से विम संवत् भारतीय शौर्य, पराम और अस्मिता का प्रतीक भी है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को प्रात: सरोवरों में स्नान, सूर्य को अर्घ्य देकर प्रकृति के नव कलेवर धारण किए हुए मंगलमय वातावरण में मांगलिक कार्यों के प्रारंभ का विधान है।
वर्ष प्रतिपदा से शक्ति आराधना के रूप में वासन्तिक नवरात्रि का प्रारंभ भी इसी दिन से होता है। स्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ-साथ चंचलमन की स्थिरता के लिए साधना प्रारंभ की जाती है।
आरोग्य जीवन की कामना से नीम की पत्तियों काली मिर्च, मिश्री और अजवाईन तो कहीं-कहीं धनिया, चीनी के प्रसाद वितरण के पीछे भी आयुर्विज्ञान के रहस्य छिपे हुए हैं।
सृष्टि संवत् की कालगणना का आधार देखने पर वर्तमान में 1 अरब 97 करोड़, 64 लाख, 61 हजार, 6 सौ 68 वर्ष के रूप में भारतीय कालगणना का इतिहास किसी गौरव गाथा से कम नहीं है। दूसरी ओर 28 वें कलियुग के 5109 वर्ष या 52वीं शताब्दी अर्थात् विश्व की शेष गणनाओं से भी 31 शताब्दी आगे भारत की ऐतिहासिक परम्परा किसी गौरवगाथा से कम नहीं है।
इस बार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की विशेषता यह रहेगी कि भारत में दो अलग-अलग दिनों में वर्ष प्रतिपदा का प्रवेश होगा। तिथि का निर्धारण खगोलीय वैज्ञानिक प्रक्रिया है, यह सूर्य तथा चन्द्रमा की गति के आधार पर तय होती है। इस स्थिति भेद के चलते भौगोलिक आधार पर भारतीय नववर्ष विम सम्वत् 2065 शालिवाहन शाके 1930 दो अलग-अलग दिन मनाया जाएगा। पश्चिमी और पूर्वी भारत में मश: प्रतिपदा क्षय एवं प्रतिपदा के सूर्योदय समय पर रहने से सूर्य और चन्द्र दो अलग-अलग राजाओं के हाथों संचालित होगा। सम्वत् 2065, 6 अप्रैल (रविवार) को प्रतिपदा प्रात: 9.27 से आरंभ होकर रविवार की रात अर्थात् सोमवार सूर्योंदय से पहले 5.11 पर समाप्त होने की स्थिति में 76 अक्षांश पहले पश्चिमी छोर की ओर से श्रीलंका के छोर को छूते हुए प्रतिपदा के क्षय रहने से रविवार को नए विम सम्वत का अभिनंदन किया जाएगा। जबकि पूर्वी भारत में 7 अप्रैल (सोमवार) को नया वर्ष मनाया जाएगा।
इस्लामाबाद से लेकर लाहौर का पश्चिम भाग, अमृतसर, जालंधर, जयपुर, बूंदी, कोटा, उदयपुर, चित्तौड़, बांसवाड़ा, सम्पूर्ण गुजरात, मंदसौर, उज्जैन, इन्दौर, झाबुआ, खरगोन, धार, पश्चिम महाराष्ट्र अकोला, पुणे, मुम्बई, सोलापुर, सांगली, कोल्हापुर, सतारा, रत्नागिरी, गोवा, बीजापुर, गुलबर्गा, हुबली, कर्नाटक व रामेश्वरम् का पश्चिम क्षेत्र छूते हुए 76 अक्षांश रेखा के पश्चिम क्षेत्रों में नूतन वर्ष का आरंभ 6 अप्रैल (रविवार) को होगा जबकि 7 अप्रैल (सोमवार) को प्रात: 6 बजकर 9 मिनट के बाद जिन स्थानों पर सूर्योदय होगा वहां पर प्रतिपदा का क्षय नहीं होने से चंडीग़ढ, अंबाला, कुरुक्षेत्र, दिगी, अलीगढ़, प्रयाग, झांसी, ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर, छत्तीसगढ़, नागपुर, पूर्व महाराष्ट्र, कानपुर, लखनऊ, पूर्वी मद्रास, कोलकता, विशाखापट्टनम, पूर्वीबंगाल में वर्ष प्रतिपदा 7 अप्रैल (सोमवार) को होगी। युग महोत्सव व सृष्टि आरंभ का महत्वपूर्ण दिवस अलग-अलग दिन रहने से दो अलग-अलग शासकों के कारण ग्रहों के मंत्रिमंडल में भी अलग-अलग प्रभावों से देश के दोनो भागों को परिणाम झेलने पड़ेंगे। इस प्रकार की भौगोलिक स्थिति 10 व 11 अप्रैल, 2032 यानी विम सम्वत् 2089 में भी आएगी।
हत्यारे मार्क्सवादी
कन्नूर एक बार फिर दहल उठा। केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्टों की हिंसा का पर्याय बन चुका यह जिला संघ स्वयंसेवकों के विरुध्द कामरेडों के हिंसक षडयंत्रो का गवाह है। मार्च, 2008 के पहले सप्ताह में मार्क्सवादियों ने वहां अपनी पाशविकता का बर्बर चेहरा एक बार फिर से उजागर कर दिया। कन्नूर ही क्यों, राज्य के दूसरे क्षेत्रों में भी, जहां मार्क्सवादियों की थोड़ी बहुत ताकत बढ़ी है, इन हिंसक कामरेडो ने रा.स्व.संघ, भारतीय मजदूर संघ, भाजपा तथा अन्य हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनो के उन युवा कार्र्यकत्ताओं पर चुन-चुनकर योजनाबध्द हमले किए जो कभी मार्क्सवादी दल से जुड़े रहे थे और बाद में उस खोखली विचारधारा को त्यागकर हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों से जुड़े हैं। सदानंद मास्टर, के.टी.जयकृष्णन, रवीश, रविन्द्रन और इनके जैसे कितने ही युवा इन हिंसक मार्क्सवादियों के निशाने पर रहे हैं, अनेक की तो बर्बर हत्या की गई है। मार्क्सवादियों के इस हिंसक व्यवहार का एक और वीभत्स रूप पिछले दिनों कन्नूर और थलासेरी में सामने आया है। रा.स्व.संघ-भाजपा के 5 कार्र्यकत्ताओं-निखिल, संतोष, महेश, सुरेश बाबू और सुरेन्द्रन की हत्या पाशविकता की सारी सीमा लांघ गई। वैचारिक विरोधियों के विरुध्द मार्क्सवादियों का यह घिनौना व्यवहार किसी से छुपा नहीं है। ये भले ही देश के सेकुलर मीडिया और टेलीविजन चैनलों के जरिए कुछ भी तस्वीर पेश करते हो मगर असलियत यही है कि हिंसा, हत्या, उपद्रव, अशांति, अराजकता, निर्लज्जता जैसे शब्द मार्क्सवादियों के शब्दकोष में भरे पडे हैं।
कन्नूर में मार्क्सवादी अपराधी तत्वों ने 5 मार्च से 7 मार्च के बीच लगातार तीन दिनों तक खूनी खेल खेला। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच युवा कार्र्यकत्ताओ निखिल (22), संतोष (35), महेश (31), सुरेश बाबू (34) और सुरेन्द्रन (64) पर हमला ही नहीं किया गया बल्कि उनकी बर्बर हत्या कर दी गई। अपनी बर्बरता का परिचय देते हुए लाल हत्यारो ने युवा कार्र्यकत्ताओं के शवो के टुकडे-टुकडे कर दिए। मृत देहों से कैसी पाशविकता बरती गई थी वह चित्रों में साफ देखा जा सकता है। महेश का तो सर काटकर धड से अलग कर दिया गया था। विडम्बना देखिए, इसके बाद भी मार्क्सवादी उल्टे भाजपा व संघ पर हिंसा का आरोप सेकुलर मीडिया के जरिए उछाल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्र्यकत्ताओ पर इधर जानलेवा हमले होते रहे और उधर राज्य के गृहमंत्री कोडियरी बालाकृष्णन के अधीन पुलिस विभाग स्वाभाविक रूप से मूकदर्शक बना रहा।
केरल पुलिस मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पदाधिकारियो की प्रहरी बनकर रह गई है। ऐसे में भाजपा ने प्रत्येक जिला मुख्यालय पर 11 मार्च को धरना प्रदर्शन आयोजित किया और फैसला किया कि जब तक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी हत्या की घृणित राजनीति बंद नहीं करेगी तब तक यह विरोध प्रदर्शन नहीं थमेगा।
राज्य में मई 2006 में माकपा और एलडीएफ (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) की सरकार बनने के बाद से अब तक भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नौ कार्र्यकत्ताओ की हत्या की जा चुकी है। मार्क्सवादी गुंडो ने 35 हिन्दू कार्र्यकत्ताओ के घर तहस-नहस कर डाले। कई युवा और साहसी कार्यकत्ताओ को जीवनभर के लिए अपाहिज बना दिया गया।
केरल में हिंसा की इन घटनाओ को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वैंकेया नायरू ने थलासेरी और राज्य के उपद्रवग्रस्त अन्य हिस्सों में त्वरित रुप से केन्द्रीय बलो को तैनात करने की मांग की। नायडू ने पूरे घटनाम को राज्य प्रायोजित हिंसा की संज्ञा दी है। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का मानना है कि कन्नूर हत्याकांड राज्य के गृहमंत्री बालाकृष्णन की कथित शह पर रचा गया। उन्होने ही जेल में सजा काट रहे मार्क्सवादी अपराधियो को पैरोल पर छोड़ने की अनुमति दी थी जिन्होंने संभवत: यह घृणित कांड किया है। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रमेश चेन्नीतला ने आरोप लगाया है कि गृहमंत्री बालाकृष्णन ने हिंसा को रोकने के लिए कोई कदम ही नहीं उठाया, जबकि वे भलीभांति जानते हैं कि उनका अपना विधानसभा क्षेत्र थलासेरी सबसे ज्यादा संवेदनशील है। राज्य के पुलिस महानिदेशक ने स्वयं स्वीकार किया है कि थलासेरी में हुआ यह हत्याकांड पूर्व नियोजित था और इसके लिए बाकायदा योजना तैयार की गई थी। आश्चर्य इस बात का है कि इस जानकारी के बावजूद देशी बम बनाने वालो पर छापे की कोई कार्रवाई नहीं की गई। किसी भी आतंकी समूह को हिरासत में नहीं लिया गया। यहां तक कि पुलिस ने इलाके से अवैध हथियार भी जब्त नहीं किए।
स्वतंत्र प्रेक्षक कन्नूर में हुई हत्याओं के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिक इतिहास और इसकी हिंसक विचारधारा को दोषी मानते हैं। उनका कहना है कि माकपा के हाथ में जब-जब सत्ता आई, उसने भारतीय जनता पार्टी और रा.स्व.संघ के कार्र्यकत्ताओं पर बेरहमी से हमले किए हैं।
प्रसिध्द समाजशास्त्री डा.के.पी. श्रीधर कहते हैं कि इस मुद्दे में साम्प्रदायिकता या वर्ग संघर्ष जैसी कोई बात नहीं है। हिंसा की मूल वजह केवल और केवल यही है कि मार्क्सवादी इलाके को अपने कब्जे में रखना चाहते हैं। कन्नूर में माकपा राज्य सचिव पिनरई विजयन, जिला सचिव कोट्टुपरम्बु से विधायक पी.जयरायन, केन्द्रीय समिति के सदस्य ई.पी.जयराजन जैसे लोग का नियंत्रण है। ये सभी अपने हिंसक आचरण के लिए जाने जाते हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी तो चाहती है कि गांव-गांव में बम बनाए जाएं और वहां से भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्र्यकत्ताओ, समर्थको को समाप्त कर दिया जाए।
जब-जब माकपा सत्ता में आती है, कन्नूर में तैनात पुलिस बल में व्यापक फेरबदल कर दिया जाता है। इसके पीछे सरकार की मंशा यही होती है कि अपने कठपुतली अफसरो को कन्नूर में बैठा दिया जाए। कामरेड किसी भी तरह इस जिले पर अपना नियंत्रण स्थापित करना चाहते हैं। बहरहाल, आज कन्नूर में भयावह सन्नाटा पसरा है। इस तरह की खबरें हैं कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता पार्टी के राज्य सम्मेलन के समाप्त होने की राह देख रहे हैं। इसके बाद वे चाहेंगे कि हिंसा में बढोत्तरी हो ताकि कन्नूर में उनके लिए 'राह' आसान हो सके। पार्टी ने इलाके के हिन्दुत्वनिष्ठ कार्र्यकत्ताओं को सताने के लिए कथित तौर पर बाकायदा एक कार्य योजना तैयार कर रखी है जिस पर, संदेह है कि, पूरी तरह से अमल किया जाना अभी बाकी है। साभार पाञ्जन्य
कन्नूर में मार्क्सवादी अपराधी तत्वों ने 5 मार्च से 7 मार्च के बीच लगातार तीन दिनों तक खूनी खेल खेला। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच युवा कार्र्यकत्ताओ निखिल (22), संतोष (35), महेश (31), सुरेश बाबू (34) और सुरेन्द्रन (64) पर हमला ही नहीं किया गया बल्कि उनकी बर्बर हत्या कर दी गई। अपनी बर्बरता का परिचय देते हुए लाल हत्यारो ने युवा कार्र्यकत्ताओं के शवो के टुकडे-टुकडे कर दिए। मृत देहों से कैसी पाशविकता बरती गई थी वह चित्रों में साफ देखा जा सकता है। महेश का तो सर काटकर धड से अलग कर दिया गया था। विडम्बना देखिए, इसके बाद भी मार्क्सवादी उल्टे भाजपा व संघ पर हिंसा का आरोप सेकुलर मीडिया के जरिए उछाल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्र्यकत्ताओ पर इधर जानलेवा हमले होते रहे और उधर राज्य के गृहमंत्री कोडियरी बालाकृष्णन के अधीन पुलिस विभाग स्वाभाविक रूप से मूकदर्शक बना रहा।
केरल पुलिस मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पदाधिकारियो की प्रहरी बनकर रह गई है। ऐसे में भाजपा ने प्रत्येक जिला मुख्यालय पर 11 मार्च को धरना प्रदर्शन आयोजित किया और फैसला किया कि जब तक मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी हत्या की घृणित राजनीति बंद नहीं करेगी तब तक यह विरोध प्रदर्शन नहीं थमेगा।
राज्य में मई 2006 में माकपा और एलडीएफ (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) की सरकार बनने के बाद से अब तक भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नौ कार्र्यकत्ताओ की हत्या की जा चुकी है। मार्क्सवादी गुंडो ने 35 हिन्दू कार्र्यकत्ताओ के घर तहस-नहस कर डाले। कई युवा और साहसी कार्यकत्ताओ को जीवनभर के लिए अपाहिज बना दिया गया।
केरल में हिंसा की इन घटनाओ को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वैंकेया नायरू ने थलासेरी और राज्य के उपद्रवग्रस्त अन्य हिस्सों में त्वरित रुप से केन्द्रीय बलो को तैनात करने की मांग की। नायडू ने पूरे घटनाम को राज्य प्रायोजित हिंसा की संज्ञा दी है। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का मानना है कि कन्नूर हत्याकांड राज्य के गृहमंत्री बालाकृष्णन की कथित शह पर रचा गया। उन्होने ही जेल में सजा काट रहे मार्क्सवादी अपराधियो को पैरोल पर छोड़ने की अनुमति दी थी जिन्होंने संभवत: यह घृणित कांड किया है। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रमेश चेन्नीतला ने आरोप लगाया है कि गृहमंत्री बालाकृष्णन ने हिंसा को रोकने के लिए कोई कदम ही नहीं उठाया, जबकि वे भलीभांति जानते हैं कि उनका अपना विधानसभा क्षेत्र थलासेरी सबसे ज्यादा संवेदनशील है। राज्य के पुलिस महानिदेशक ने स्वयं स्वीकार किया है कि थलासेरी में हुआ यह हत्याकांड पूर्व नियोजित था और इसके लिए बाकायदा योजना तैयार की गई थी। आश्चर्य इस बात का है कि इस जानकारी के बावजूद देशी बम बनाने वालो पर छापे की कोई कार्रवाई नहीं की गई। किसी भी आतंकी समूह को हिरासत में नहीं लिया गया। यहां तक कि पुलिस ने इलाके से अवैध हथियार भी जब्त नहीं किए।
स्वतंत्र प्रेक्षक कन्नूर में हुई हत्याओं के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिक इतिहास और इसकी हिंसक विचारधारा को दोषी मानते हैं। उनका कहना है कि माकपा के हाथ में जब-जब सत्ता आई, उसने भारतीय जनता पार्टी और रा.स्व.संघ के कार्र्यकत्ताओं पर बेरहमी से हमले किए हैं।
प्रसिध्द समाजशास्त्री डा.के.पी. श्रीधर कहते हैं कि इस मुद्दे में साम्प्रदायिकता या वर्ग संघर्ष जैसी कोई बात नहीं है। हिंसा की मूल वजह केवल और केवल यही है कि मार्क्सवादी इलाके को अपने कब्जे में रखना चाहते हैं। कन्नूर में माकपा राज्य सचिव पिनरई विजयन, जिला सचिव कोट्टुपरम्बु से विधायक पी.जयरायन, केन्द्रीय समिति के सदस्य ई.पी.जयराजन जैसे लोग का नियंत्रण है। ये सभी अपने हिंसक आचरण के लिए जाने जाते हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी तो चाहती है कि गांव-गांव में बम बनाए जाएं और वहां से भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्र्यकत्ताओ, समर्थको को समाप्त कर दिया जाए।
जब-जब माकपा सत्ता में आती है, कन्नूर में तैनात पुलिस बल में व्यापक फेरबदल कर दिया जाता है। इसके पीछे सरकार की मंशा यही होती है कि अपने कठपुतली अफसरो को कन्नूर में बैठा दिया जाए। कामरेड किसी भी तरह इस जिले पर अपना नियंत्रण स्थापित करना चाहते हैं। बहरहाल, आज कन्नूर में भयावह सन्नाटा पसरा है। इस तरह की खबरें हैं कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता पार्टी के राज्य सम्मेलन के समाप्त होने की राह देख रहे हैं। इसके बाद वे चाहेंगे कि हिंसा में बढोत्तरी हो ताकि कन्नूर में उनके लिए 'राह' आसान हो सके। पार्टी ने इलाके के हिन्दुत्वनिष्ठ कार्र्यकत्ताओं को सताने के लिए कथित तौर पर बाकायदा एक कार्य योजना तैयार कर रखी है जिस पर, संदेह है कि, पूरी तरह से अमल किया जाना अभी बाकी है। साभार पाञ्जन्य
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का आज विशाल धरना प्रदर्शन
सीहोर 30 मार्च (नि.सं.)। केरल प्रांत में संघ के पाँच स्वयं सेवकों की निर्मम हत्या के विरोध में देश भर में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की आलोचना हो रही है। माकपा द्वारा आये दिन संघ के स्वयं सेवकों पर प्राण घातक हमले किये जाना तथा हाल ही में पाँच स्वयं सेवकों की हत्या किये जाने को लेकर जिला मुख्यालय पर आज कलेक्ट्रेट मैदान पर दोपहर 1 बजे धरना दिया जायेगा। संघ कार्यालय से जारी की गई विज्ञपित में संघ के पदाधिकारियों ने समाज के सभी वर्गों से धरना स्थल पर पहुँचने का आग्रह किया है आज दोपहर एक बजे कलेक्ट्रेट मैदान पर धरने का आयोजन संघ के नेतृत्व में किया गया है। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं द्वारा विचार व्यक्त किये जावंगे, तत्पश्चात जिलाधीश को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया जायेगा।
जिला संघचालक शिवरतन पुरोहित जिला कार्यवाह बाबु सिंह ठाकुर, जिला सहकार्यवाह अनिल पालीवाल, नगर कार्यवाह कमल सिंह ठाकुर आदि ने समाज के सभी वर्ग के लोगों से इस धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में उपस्थित रहने का अनुरोध किया है।
जिला संघचालक शिवरतन पुरोहित जिला कार्यवाह बाबु सिंह ठाकुर, जिला सहकार्यवाह अनिल पालीवाल, नगर कार्यवाह कमल सिंह ठाकुर आदि ने समाज के सभी वर्ग के लोगों से इस धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में उपस्थित रहने का अनुरोध किया है।
गुप्तदान कर पीड़ितो की सेवा में जुटे है आष्टा के कई हाथ
आष्टा 30 मार्च (नि.प्र.)। आष्टा के श्वैताम्बर जैन मंदिर किला पर विराजित पूज्य पन्यास प्रवर श्री हर्ष तिलक विजय जी म.सा. ने पीछले दिनों स्थानीय पत्रकारों से रूबरू होते हुए दान कैसे होना चाहिये और उसका कैसा फल प्राप्त होता है के बारे में कहा था कि दान जितना गुप्त होगा उसका फल उतना ही अधिक मिलता है ।
जब कोई दान करे और उसके पीछे उसकी मंशा नाम की हो तो वो दान दान नही होता है । इस युग में दान तो बहुत करते है । लेकिन कईयों की इसके पीछे मंशा नाम होना चाहिये छुपा रहता है । लेकिन आज भी आष्टा में ऐसे ऐसे दान दाता है जो पीड़ितों की सेवा के लिए खुल मन से दान के लिए हाथों को जेब में डालते है । और अपना नाम गुप्त रखते है । इसका उदाहरण है आष्टा के गंज क्षैत्र के वे पीड़ित परिवार जिनके परिवारों में बसंत पंचमी पर एक दुर्घटना के बाद परेशानियों ने अपना डेरा डाल दिया था । बसंत पंचमी पर आष्टा के गंज क्षैत्र में रहने वाले चन्द्र प्रकाश गौतम की पुत्री की शादी में परिवार व रिश्तेदार इंदौर जा रहे थे तभी उनकी गाड़ी दुर्घटना ग्रस्त हो गई थी जिसमें लगभग 22 लोग घायल हो गये थे इनमें से दो की मृत्यु हो गई थी ये सभी घायल परिवार इतने गरीब थे कि उनका इलाज कराना उनके बस की बात नही था लेकिन आष्टा के दानदाताओं, व्यापारियों ने खुलकर सामने आकर इलाज के लिए राशि भेजी ।
अब इन परिवार के सदस्यों के लिए भोजन सामग्री व अन्य वस्तुओं की व्यवस्था के लिए आज भी कई दान दाता बिना नाम घोषणा किये इन परिवारों की सेवा में जुटे है । गंज के समाज सेवी विनोद पटेल को गुप्त रूप से दान राशि देकर उन परिवारों की सेवा कर रहे है । पीड़ित परिवारों के घरो पर आई दान राशि से घर में खाद्य सामग्री आदि पहुंचाई जा रही है । दानदाता ऐसे कार्य में पीछे भी नही है । अगर नगर का कोई भी दानदाता इन पीड़ित परिवारों की सेवा के लिए दान राशि देना चाहे तो वे विनोद पटेल, सवाईमल बोहरा से संपर्क कर दान राशि दे सकते है । आष्टा हमेशा पीड़ितो की सेवा के मामले में अपना एक अलग ही स्थान रखता है । इसके पहले भी आष्टा से कोटिया नाला क्षैत्र में, कारगिल के शहीदों के लिए हजारों रुपये दान में यहां के दानदाताओं संगठनों ने भेजी है ।
जब कोई दान करे और उसके पीछे उसकी मंशा नाम की हो तो वो दान दान नही होता है । इस युग में दान तो बहुत करते है । लेकिन कईयों की इसके पीछे मंशा नाम होना चाहिये छुपा रहता है । लेकिन आज भी आष्टा में ऐसे ऐसे दान दाता है जो पीड़ितों की सेवा के लिए खुल मन से दान के लिए हाथों को जेब में डालते है । और अपना नाम गुप्त रखते है । इसका उदाहरण है आष्टा के गंज क्षैत्र के वे पीड़ित परिवार जिनके परिवारों में बसंत पंचमी पर एक दुर्घटना के बाद परेशानियों ने अपना डेरा डाल दिया था । बसंत पंचमी पर आष्टा के गंज क्षैत्र में रहने वाले चन्द्र प्रकाश गौतम की पुत्री की शादी में परिवार व रिश्तेदार इंदौर जा रहे थे तभी उनकी गाड़ी दुर्घटना ग्रस्त हो गई थी जिसमें लगभग 22 लोग घायल हो गये थे इनमें से दो की मृत्यु हो गई थी ये सभी घायल परिवार इतने गरीब थे कि उनका इलाज कराना उनके बस की बात नही था लेकिन आष्टा के दानदाताओं, व्यापारियों ने खुलकर सामने आकर इलाज के लिए राशि भेजी ।
अब इन परिवार के सदस्यों के लिए भोजन सामग्री व अन्य वस्तुओं की व्यवस्था के लिए आज भी कई दान दाता बिना नाम घोषणा किये इन परिवारों की सेवा में जुटे है । गंज के समाज सेवी विनोद पटेल को गुप्त रूप से दान राशि देकर उन परिवारों की सेवा कर रहे है । पीड़ित परिवारों के घरो पर आई दान राशि से घर में खाद्य सामग्री आदि पहुंचाई जा रही है । दानदाता ऐसे कार्य में पीछे भी नही है । अगर नगर का कोई भी दानदाता इन पीड़ित परिवारों की सेवा के लिए दान राशि देना चाहे तो वे विनोद पटेल, सवाईमल बोहरा से संपर्क कर दान राशि दे सकते है । आष्टा हमेशा पीड़ितो की सेवा के मामले में अपना एक अलग ही स्थान रखता है । इसके पहले भी आष्टा से कोटिया नाला क्षैत्र में, कारगिल के शहीदों के लिए हजारों रुपये दान में यहां के दानदाताओं संगठनों ने भेजी है ।
Sunday, March 30, 2008
अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए पत्रकारों ने दिया ज्ञापन
आष्टा 29 मार्च (नि.प्र.)। आष्टा के वरिष्ठ पत्रकार हाजी मंजूर खां के निवास के सामने किया गया अवैध अतिक्रमण हटाने के विरोध में आष्टा के सभी पत्रकार एक जुट होकर म.प्र. श्रम जीवी पत्रकार संघ के ब्लाक इकाई अध्यक्ष अब्दुल रऊफ खान लाला एवं ब्लाक पत्रकार संघ के अध्यक्ष सैयद नवाब अली के तत्वाधान में जिला कलेक्टर सीहोर के नाम आष्टा की एसडीएम के नाम का ज्ञापन तहसीलदार को दिया।
ज्ञापन में वार्ड क्र. 8 निवासी वरिष्ठ पत्रकार हाजी मंजूर खां के निवास के सामने रईसखां आ. बारी खां ने अनाधिकृत रूप से अतिक्रमण कर रास्ता रोक लिया है । इस कारण वार्ड के लोगों को काफी परेशानी हो रही है । इस संबंध में कई बार प्रशासन एवं नगर पालिका को लिखित एवं मौखिक रूप से सूचित किया गया । लेकिन अतिक्रमण नही हटाया गया । इस कारण सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर प्रशासन को अवगत कराया अगर 2 अप्रैल तक उक्त अवैध अतिक्रमण नही हटाया गया तो 3 अप्रैल से तहसील कार्यालय के सामने सभी पत्रकार बंधु धरना आंदोलन करेंगे । ज्ञापन देने वालों में हाजी मंजूर खां, सुधीर पाठक, नरेंद्र गंगवाल, सुशील संचेती, बंशीलाल कुशवाह, दिनेश माथूर, प्रकाश पोरवाल, बाबू पांचाल, राकेश बैरागी, श्रीमल मेवाड़ा, जहूर मंसूरी, अनंदीलाल सोनी, बृजराज सोनी, रामचरण सोनी, दिलीप मेवाड़ा, मश्कूर खां, सै. अबरार अली, सादिक खां आदि अनेक पत्रकार गण शामिल थे। ज्ञापन में चेतावनी दी है कि अगर 2 अप्रैल तक उक्त अतिक्रमण नही हटाया गया तो 3 अप्रैल को नगर के सभी पत्रकार तहसील कार्यालय में धरने पर बैठेगें ।
ज्ञापन में वार्ड क्र. 8 निवासी वरिष्ठ पत्रकार हाजी मंजूर खां के निवास के सामने रईसखां आ. बारी खां ने अनाधिकृत रूप से अतिक्रमण कर रास्ता रोक लिया है । इस कारण वार्ड के लोगों को काफी परेशानी हो रही है । इस संबंध में कई बार प्रशासन एवं नगर पालिका को लिखित एवं मौखिक रूप से सूचित किया गया । लेकिन अतिक्रमण नही हटाया गया । इस कारण सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर प्रशासन को अवगत कराया अगर 2 अप्रैल तक उक्त अवैध अतिक्रमण नही हटाया गया तो 3 अप्रैल से तहसील कार्यालय के सामने सभी पत्रकार बंधु धरना आंदोलन करेंगे । ज्ञापन देने वालों में हाजी मंजूर खां, सुधीर पाठक, नरेंद्र गंगवाल, सुशील संचेती, बंशीलाल कुशवाह, दिनेश माथूर, प्रकाश पोरवाल, बाबू पांचाल, राकेश बैरागी, श्रीमल मेवाड़ा, जहूर मंसूरी, अनंदीलाल सोनी, बृजराज सोनी, रामचरण सोनी, दिलीप मेवाड़ा, मश्कूर खां, सै. अबरार अली, सादिक खां आदि अनेक पत्रकार गण शामिल थे। ज्ञापन में चेतावनी दी है कि अगर 2 अप्रैल तक उक्त अतिक्रमण नही हटाया गया तो 3 अप्रैल को नगर के सभी पत्रकार तहसील कार्यालय में धरने पर बैठेगें ।
आसमान में लगातार बादल छाये रहने से किसान हो रहा है चिंतित
जावर 29 मार्च (नि.प्र.)। पिछले दिनों क्षैत्र में वे मौसम बारिश होने से खेत खलिहानों में कटी पड़ी गेहूं चने की फसल गिली हो गई किसानों के अनुसार बारिष होने से गेहूं की चमक फीकी पड ग़ई है। जिसका मंडी में वाजिक दाम नही मिलेगा। कजलास के कृषक किशोर पाटीदार ने बताया कि पहले तो पाला पड़ने से फसल को काफी नुकसान हुआ था और अब बरसात होने से पिछले दिनों हुई बरसात से खेत खलिहानों में कटी पड़ी फसल गिली हो गई बरसात होने से गेहू की चमक फीकी पड़ गई जिसका मंडी में सही दाम नही मिलेगा इसके अलावा लहसुन व आलू की फसल खेतों में कटी पड़ी थी । वह भी खराब हो गई। बमूलिया के कृषक गजराज सिंह का कहना है कि जब जरूरत थी तब बरसात नही हुई अब जरूरत नही है तब बरसात हो रही है। सोमवार को बरसात होने के बाद से ही मौसम बदला -बदला हुआ है। आसमान में रोज बादल छा रहे है जिससे किसान चिंतित हो रहा है। मंगलवार बुधवार को भी आसमान में बादल छाये रहे । कृषक कमल सिंह ने बताया कि इस समय क्षैत्र में गेंहू चने की फसल की कटाई का दौर चल रहा है । हालांकि कई किसान गेहूं चने की फसल से निपट भी गये है । चिंतित वह किसान हो रहा जिनके खेतों में फसल खड़ी है या फिर खेत खलिहानों में कटी पड़ी है ।
आष्टा में टेपा एवं हास्य कवि सम्मेलन सम्पन्न
आष्टा 29 मार्च (नि.प्र.)। हिन्दू उत्सव समिति आष्टा के तत्वाधान में नगर के मुख्य बड़ा बाजार में कल रात्रि में रंगारंग टेपा एवं हास्य कवि सम्मेलन संपन्न हुआ । इस अवसर पर मंच पर आसीन मुख्य टेपा की रोचक जीवनी का वाचन किया । तथा मंच में नगर के गणमान्य नागरिकों, पत्रकारों, अधिकारियों, को उपाधियों का वितरण किया गया । रंग पर्व पर अच्छी व्यवस्था करने पर पुलिस, न.पा., विद्युत मंडल आदि विभागों के प्रमुखों को सम्मानित किया वही अच्छी होली सजाने वाली समितियों को एवं अच्छा स्वांग रचाने वाले शंकरलाल टेलर ओशो मित्र मंडल को सम्मानित किया गया। बाद में हास्य कवि सम्मेलन शुरू हुआ जो रात 2 बजे तक चला । कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में नागरिक गण उपस्थित थे ।
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