Friday, March 28, 2008

केशियर से धोखा खाये बैंक के ग्राहकों द्वारा भूख हड़ताल प्रारंभ

जावर 27 मार्च (नि.सं.)। भारतीय स्टेट बैंक की जावर शाखा के उन ग्राहकों ने आज से बैंक के सामने भूख हड़ताल प्रारंभ कर दी जिनके रुपये बैंक के तत्कालीन केशियर एडी शिवनानी ने अपने कार्यकाल के दौरान ग्राहकों से उनके खातों के लिये जमा तो किये लेकिन खातों में जमा नहीं हुए थे। पिछले दिनों ऐसे प्रभावित ग्राहकों ने एक ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी थी कि अगर उनका भुगतान बैंक द्वारा नहीं किया गया तो वह भूख हड़ताल करेंगे तब बैंक के आर.एम. भोपाल से जावर पहुँचे और उन्होने सभी प्रभावित ग्राहकों को आश्वासन दिया था कि उन्हे उनकी राशि शीघ्र भुगतान की जायेगी लेकिन उनका आश्वासन जब पूरा नहीं हुआ तब आज से जावर स्टेट बैंक की शाखा के सामने मोहन भावसार एवं जयंत बिल्लोरे अपने 17-18 सहयोगियों के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गये। सहयोगियों के नाम रमेश पाटीदार, बृज सिंह, रमेश मालवीय, कृपाल सिंह, मांगीलाल जाट, शंकरलाल पाटीदार, श्रीमहाराज, कैलाश चंद, राम सिंह, कमल सिंह, बलवान सिंह, अजय सिंह, राम सिंह, हरनाथ सिंह, फूल सिंह, गंगाराम, मान सिंह आदि हैं।

निर्माण कार्य के लिये आया 10 क्विंटल सरिया पंचायत सचिव ने वाले-वाले बेचा

आष्टा 27 मार्च (नि.सं.)। ग्राम पंचायत अरनियागाजी के सरपंच सवाईगिर गोस्वामी ने कल अनु. अधिकारी आष्टा, थाना प्रभारी जावर एवं मु.कार्य. अधिकारी जनपद पंचायत आष्टा को लिखित में शिकायत की है कि वर्ष 07-08 में शिशु मंदिर कार्य के निर्माण हेतु लगभग 2-3 माह पूर्व पंचायत की और से 10 क्विंटल सरिया खरीदा था उक्त सरिया सचिव के घर पर सुरक्षा की दृष्टि से निर्माण कार्य शुरु होने के तक रख दिया गया था। सरपंच ने अपनी शिकायत में लिखा है कि जब अब उक्त निर्माण कार्य प्रारंभ करना है और सचिव से उक्त सरिया मंगाया तब सचिव ने बताया कि मैने उसे बेच दिया। बाद में ला दूंगा। लेकिन सचिव उस सरिये को नहीं लाया और सरपंच के पूछने पर उसके साथ गाली गलौच कर चेतावनी दी कि अगर मेरी नौकरी में हस्तक्षेप किया तो बंदूक की गोली से मार दूंगा। इतना होने के बाद सरपंच ने उक्त सचिव की शिकायत विभिन्न अधिकारियों के यहाँ की। आज इस संबंध में जब फुरसत ने तहसील कार्यालय व जावर थाने में बात की तब इन दोनो स्थानों से बताया गया कि सरपंच ने सचिव द्वारा 10 क्विंटल सरिया बेचे जाने की शिकायत की है। अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय से उक्त शिकायत को अतिरिक्त तहसीलदार जावर को भेजा गया है। सरपंच ने उक्त शिकायत में स्पष्ट लिखा है कि उक्त सचिव को अगर ग्राम पंचायत से 5 दिन के अंदर नहीं हटाया तो मैं भूख हड़ताल पर बैठूंगा।

सीहोर में नगर पालिका का बजट पारित

सीहोर 27 मार्च (नि.सं.)। नपा परिषद का आगामी वर्ष के लिये बजट पास हो गया जिसमें नगर विकास, पेयजल प्रदाय व्यवस्था आदि को सर्वोपरि रखते हुए परिषद द्वारा ध्वनिमत से बजट पास किया गया। आंक ड़ो के जादू के तहत 32 करोड़ 49 लाख 68 हजार की आय और 32 करोड़ 40 लाख 60 हजार का व्यय कर 9 लाख 8 हजार का लाभ बजट में दर्शाया गया है। पालिका अध्यक्ष राकेश राय की अध्यक्षता में बैठक आज दोपहर 3 बजे शुरु हुई जिसमें अशोक सिसोदिया, दिनेश भैरवे, जितेन्द्र पटेल, मनोज गुजराती, शमीम अहमद, अर्जुन राठौर उपस्थित थे।

हास्य व्यंग्य से भरपूर समारोह में प्रदान किये गए टेपा सम्मान

सीहोर 27 मार्च (नि.सं.)। शिवना द्वारा स्थानीय नगर पालिका भवन में आयोजित टेपा सम्मेलन में शहर में नौ विशिष्ट जनों को टेपा सम्मान प्रदान किये गए । दर्शकों से खचाखच भरे सभागार में हास्य तथा व्यंग्य के अनूठे सम्मिश्रण के चलते श्रोताओं के ठहाके बंद ही नहीं हो पाए ।
शिवना द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ नागरिक बैंक के पूर्व अध्यक्ष श्री प्रेमबंधु शर्मा द्वारा पूर्व पार्षद पायल जान के चित्र पर माल्यर्पण कर तथा चिमनी प्रगावलित करके किया गया । सूत्रधार पंकज सुबीर ने टेपाओं सर्वश्री शंकरलाल जी साबू, मदन लाल जी त्यागी, राकेश राय, राजकुमार गुप्ता, कैलाश अग्रवाल, डॉ. कैलाश गुरू स्वामी, डॉ. आर सी जैन, श्रीमती रीता दुबे, सुशांत समाधिया का परचिय प्रस्तुत किया एवं संयोजक महेंद्र सिंह ठाकुर तथा सह संयोजक अनिल राय ने टेपाओं को मंचासीन करवाया एवं गोबर से बने बैज लगाए । शहर के गणमान्य नागरिकों के हाथों सभी टेपाओं को उपाधियां प्रदान की गईं । सम्मान के तहत टेपाओं को पेटीकोट धारण करवा के आकर्षक टेपा मुकुट पहना के सम्मान पत्र प्रदान किये गए । सुरेंद्र सिंह ठाकुर, अब्दुल कादिर खान, धर्मेंद्र कौशल तथा सनी गोस्वामी ने टेपाओं का मेकअप कर उनको टेपा स्वरूप में प्रदान किये । टेपाओं का सम्मान पंडित शैलेष तिवारी तथा पंडित जूनियर शर्मा के मंत्रोच्‍चार के बीच किया गया । टेपा श्रंगार सामग्री श्रीमती कांता देवी तथा श्रीमती गंगा देवी के द्वारा तैयार की गई थी। इसके बाद टेपाओं की मंगल आरती सुंकवी रमेश हठीला , डी के मालवीय, हरीओम शर्मा दाऊ, जोरावर सिंह, ब्रजेश शर्मा, भारत अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत की गई । संगत ढोलक पर नारायण सिंह द्वारा दी गई इसके बाद टेपा जज ओम मोदी के अदालत में टेपों पर जनता के टेपा बकील वसंत दासवानी ने मुकदमें चलाए । चुटीले संवादों के माध्यम से अदालत की कार्यवाही संपन्न हुई जिसमें श्रोताओं ने भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया । सभी टेपों पर इल्जाम लगाए गए तथा जज द्वारा विभिन्न सजाएं सुनाई गईं। लगभग एक घंटे चली टेपा अदालत का श्रोताओं ने खूब आनंद लिया । टेपा जज ओम मोदी द्वारा जनता पर की जा रही चुटकियों ने लोगें को खूब गुदगुदाया । श्रोताओं से खचाखच भरे सभागार में देर रात तक ये आयोजन चलता रहा । कार्यक्रम के अंत में पंकज सुबीर ने सभी का आभार व्यक्त किया ।

विधायक श्री सक्सेना द्वारा कराये गऐ बोर में निकला पाँच इंच पानी

सीहोर 27 मार्च (नि.सं.)। विधायक रमेश सक्सेना ने शहर में तेजी से गहराते जा रहे जलसंकट से नागरिकों को निजात दिलाने के लिये विधायक निधि से स्वीकृत किये गये 7 बोरों में से पहला बोर पूरी तरह सफल रहा। विधायक निधि से छावनी क्षेत्र में नगर पालिका स्टोर रुप के पीछे कराये गये 8 इंची बड़े बोर में पाँच इंची पानी निकला। भरपूर मात्रा में पानी निकलने पर सभी लोगों में हर्ष व्याप्त है। आज रंगपंचमी के अवसर पर इस सौगात से सभी प्रसन्न हैं।
आज रंगपंचमी के अवसर पर विधायक श्री सक्सेना ने सुबह साढ़े आठ बजे छावनी क्षेत्र में नगर पालिका स्टोर रुप के पीछे विधायक निधि से स्वीकृत किये गये बोर का भूमिपूजन कर शुभारंभ किया। इस बोर में पी.एच.ई. विभाग द्वारा पानी चैक कराया गया था। आज बुधवार से विधायक निधि से शहर में पेयजल सप्लाई के लिये बडे बोर करने का सिलसिला शुरु हो गया है। विधायक निधि से दो बडे बोर काहिरी में, दो बड़े बोर जमोनिया तालाब में, तथा तीन बोर शहर में स्वीकृत किये गये हैं। विधायक श्री सक्सेना ने पी.एच.ई. अधिकारियों को निर्देशित किया था कि पहले पानी चैक कराए उसके बाद ही बोर कराएं ताकि जनहित में भरपूर पानी मिल सके। उन्होने यह भी कहा कि पूरी खुदाई के साथ-साथ केसिंग भी लगाया जाय ताकि बोर का पानी हमेशा मिल सके। आज पी.एच.ई. विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि नगर पालिका स्टोर रुप के पीछे चैक कराए गए बोर में अच्छा पानी मिल सकता है, इस पर विधायक श्री सक्सेना ने तत्काल स्वीकृति देते हुए बोर का भूमिपूजन किया। आज शाम तक तीन सौ फिट बोर खुदाई में पाँच इंच पानी निकला है। यह खबर सुनते ही समस्त क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। सभी ने विधायक श्री सक्सेना के प्रति हार्दिक धन्यवाद दिया है। शाम तक इस बोर की खुदाई का काम चल रहा था ताकि और अधिक पानी मिल सके। आज सुबह भूमिपूजन के अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष अशोक सिसोदिया, भाजपा मंडल अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौर, भोपाल दुग्ध संघ अध्यक्ष धरम सिंह वर्मा, समाजसेवी हरीश चन्द्र अग्रवाल, मनोहर सोनी, गोपाल सोनी, शील जैन, क्षेत्रीय पार्षद आशीष गेहलोत, गोपाल रैकवार, अनिल पारे, ओम शर्मा, पुरुषोत्तम कुईया सहित ईई पी.एच.ई. पीसी पंचरतन चन्द्रमोहन मिश्रा, तहसीलदार राजेश शाही सहित अनेक लोग प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।

मानव अधिकार आयोग ने आई.जी.से रिपोर्ट मांगी

सीहोर 27 मार्च (नि.सं.)। अधिवक्ता, पत्रकार रामनारायण ताम्रकार के साथ जिला प्रशासन द्वारा की गई दमनात्मक कार्यवाही के मामले में अब मानव अधिकार आयोग ने जांच शुरु कर दी। आयोग ने दो मामले कायम कर पुलिस महानिरीक्षक भोपाल रेंज से तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिये हैं।
जिला अभिभाषक संघ संघर्ष समिति के प्रवक्ता के.यू.कुरैशी ने बताया कि संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधि मंडल अध्यक्ष मेहरबान सिंह बलभद्र के नेतृत्व में मानव अधिकार आयोग पहुँचा था।
जहाँ संघर्ष समिति ने तथा सुमन ताम्रकार ने 10 मार्च को बस स्टेंड स्थित संस्थान पर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के आदेश पर सी.एम.मिश्रा, राजेश शाही, धीरेन्द्र श्रीवास्तव, नरेन्द्र चौहान, राजीव सक्सेना के साथ नगर पालिका, पुलिस प्रशासन, लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने अमानवीय तरह से ताम्रकार परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट कर उनकी निजी स्वामित्व की भूमि पर बने संस्थानों, अभिभाषकीय कार्यालय को पूरी तरह ध्वस्त कर 25 लाख रुपया से अधिक की क्षति पहुँचाई। उससे सीधे-सीधे मानवीय अधिकारों का हनन हुआ है।
मानव अधिकार आयोग की एक सदस्यीय बेंच ने सम्पूर्ण मामले को सुना, अभिलेख तथा छायाचित्रों का अवलोकन कर प्रकरण प्रथम दृष्टी में गंभीर मानवीय प्रताड़ना का पाकर दर्ज करने के निर्देश दिये।
आयोग के सदस्य नारायण सिंह आजाद ने शिकायत की प्रति पुलिस महानिरीक्षक भोपाल रेंज को भेजकर निर्देशित किया कि वह दोनो मामलों में 28 मार्च तक अपनी रिपोर्ट दें। इस प्रतिनिधि मण्डल में श्री बलभद्र के अलावा वरिष्ठ सदस्य के.यू.कुरैशी, एन.पी.उपाध्याय, वी.के. श्रीवास्तव शामिल थे।

सीहोर में सीवन नदी के मोहर खोल नदी खाली कीं

सीहोर 27 मार्च । कल रंग पंचमी पर सुबह जब चद्दर पुल पर देखा गया तो वहाँ पता चला कि एक मोहरा खोल दिया गया है। जिसके कारण लबालब भरी नदी पूरी खाली हो गई। जिला प्रशासन ने भी निरीक्षण किया।

आष्टा में निकली विशाल रंगारंग गैर पूरे नगर में बरसा केशरिया रंग

आष्टा 27 मार्च (नि.सं.)। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दूर-दूर तक प्रसिध्द आष्टा नगर की रंगपंचमी का त्यौहार आष्टा में उत्साह उमंग एवं रंग गुलाल के साथ मनाया गया। आज सुबह से ही हुरियारे रंग खेलने के लिये बाजार में आ गये थे। दिन भर यार दोस्तों के साथ रंग खेला। दोपहर बाद हिन्दु उत्सव समिति के तत्वाधान में रंगारंग गैर निकली। और पूरे नगर में रंग खेलने का बुलावा दिया। 3 बजे बाद परदेशीपुरा से बड़ा रंग शुरु हुआ जो बुधवारा, गल चौराहा, गाँधी चौक, बड़ा बाजार, भवानी चौक आदि क्षेत्रों में हुरियारों की गैर पहुँची और यहाँ पर जमकर केशरिया रंग खेला गया। वहीं आज सुबह से ही नगर में हुरियारों की कपड़ा फाड़ होली भी शुरु हो गई थी जो शाम तक चरम पर पहुँच गई थी। अधिकांश हुरियारों के कपड़े फट चुके थे। सभी क्षेत्रों में हाेंली उत्सव समितियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पर्याप्त रंग, गुलाल की व्यवस्था की तथा टैंकरों में केशरिया रंग घोला गया और सभी ने मिलकर उक्त केशरिया रंग जमकर खेला।
आज नगर पालिका ने भी हमेशा की तरह हुलियारों को होली खेलने के लिये पानी की काफी अच्छी व्यवस्था की थी। बिजली विभाग की भी सराहनीय व्यवस्था रही। इस कारण सभी क्षेत्रों में पर्याप्त रुप से पानी पहुँचता रहा। रंग पंचमी पर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से चुस्त और मुस्तैद रहा। एसडीओपी मनु व्यास, तहसीलदार बिहारी जी, सीएमओ दीपक राय अपने-अपने अधिनस्थों के साथ नगर में व्यवस्थाओं को देखते रहे। अधिकारी गण मोबाइल वाहनों में सादल बल के दिनभर पूरे नगर में घूमते नजर आये। रंगारंग गैर जब नगर में रंग खेलने निकली तो सिकंदर बाजार में साम्प्रदायिक एकता का अनूठा नजारा देखने को मिला यहाँ पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के भाईयों ने हुरियारों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। आज नगर में कालोनी चौराहा, अदालत रोड, इन्द्रा कालोनी, सुभाष नगर, अलीपुर, सांई कालोनी सहित नगर के अन्य क्षेत्रों में भी रंगारंग रंगपंचमी मनाई गई।

रंग पंचमी का जुलूस निकला फिर जल वितरण नहीं हुआ, हुरियारे रहे नाराज

सीहोर 27 मार्च (नि.सं.)। एक बार फिर वही हालत रही, न जल वितरण किया गया ना बिजली की व्यवस्था की गई, विधायक जी नलकूप खनन करवाते रहे और हुरियारे विद्युत के नाम आक्रोशित रहे। कस्बे के एक नेताजी के पुत्र के साथ पुलिस व प्रशासन ने विद्युत मण्डल कार्यालय पर अभद्रता करके भाजपाईयों को ठीक कर देने का अपना क्रम बरकरार रखा। पानी की भारी कमी के दौर में ही हिन्दु उत्सव समिति का जुलूस ताम-झाम के साथ निकला जिसका जोरदार स्वागत नमक चौराहा व बड़ा बाजार में हुआ।
आज हिन्दु उत्सव समिति ने का जुलूस ग्वाल टोली से प्रारंभ हुआ जहाँ भगवान राधा कृष्ण मंदिर में आरती के साथ जुलूस शुरु हुआ। यहाँ से जुलूस उठा जो कुम्हार मोहल्ला, राजोरिया मोहल्ला, आराकस मोहल्ला, कोतवाली चौराहा, गाँधी रोड, नमक चौराहा, चरखा लाईन, बड़ा बाजार, खजांची लाईन, सीहोर टाकीज चौराहा होता हुआ कस्बा पहुँचा। जुलूस में आगे-आगे घुड़सवार और फिर ऊँट सवार भी चल रहे थे जो गुलाल फेंक रहे थे। इनके पीछे चार टैंकर शामिल थे। कोतवाली चौराहे पर विधायक रमेश सक्सेना व जसपाल अरोरा समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया, इसके बाद नमक चौराहे पर संतरों से जोरदार स्वागत किया गया, यहाँ हुरियारों को संतरे बांटे गये। बड़ा बाजार में पानी के पाउच बांटकर स्वागत किया गया। आज भी रंगपंचमी पर पेयजल की अव्यवस्था रही। जल वितरण किया ही नहीं गया, थोड़े बहुत ना के बराबर टैंकर चले, हर एक चौराहे पर जहाँ हुरियारों ने खर्च कर अपने टैंकर डलवाये बस वहीं होली मन सकी। इसी प्रकार सुबह से ही विद्युत काट दी गई थी जिससे हुरियारे होली के गीत नहीं बजा सके और ना ही नाच सके। इस पर भी प्रशासन की दादागिरी यह थी कि जब विद्युत मण्डल पर कस्बे के कुछ युवक एक भाजपा नेता के पुत्र के नेतृत्व में पहुँचे तो वहाँ सीधे आव देखा ना ताव पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया, एक युवक को सीधे चांटा भी मारा गया बल्कि इन्हे कोतवाली में भी बैठा लिया गया। भाजपा नेताओं की लगातार हो रही दुर्गति का यह और वलंत उदाहरण बन गया। खबर यह भी है कि जब जुलूस कस्बा पहुँचा तो वहाँ तिलक पार्क पर युवकों ने जुलूस तभी आगे बढ़ने की बात कही जब एसडीएम आकर माफी मांगे इस पर उन्हे समझा बुझाकर किसी तरह जुलूस आगे बढ़ाया गया। आज विधायक जी द्वारा मामले में कुछ हस्तक्षेप कर किसी तरह कोतवाली से बैठे हुरियारों को छुड़वाने की भी खबर है।

Wednesday, March 26, 2008

दो दिन में दो भाजपा नेताओं को एसडीएम ने सरेआम फटकार लगाई

भाजपा नेताओं के साथ हुई घटनाएं चौराहों पर हास्य का कारण बनीं....
सीहोर 25 मार्च (नि.सं.)। भारतीय जनता पार्टी की सत्ता होने का मतलब ही यह है कि बेचारे भाजपा कार्यकर्ताओं की कहीं कोई सुनने वाला नहीं रहता, बल्कि कथित पदाधिकारियों को भी कोई अधिकारी घांस नहीं डालता। उल्टे उन्हे झिड़क अलग देता है। फिर भले ही भाजपा संगठन के कोई भी पद पर वह आसीन होकर खुद को बड़ा नेता बताता फिरे अधिकारी तो इन दिनों ऐसे नेताओं की सरेआम धूल बिखेर दे रहे हैं। अब वो कहे तो किससे कहें। पानी को लेकर भाजपा के ऐसे दो बड़े नेताओं को प्रशासन के अधिकारी ने अच्छी तरह जबाव देकर रवाना कर दिया है जिसके किस्से नगर के हर एक चौराहे पर चटकारे ले-लेकर लोग एक दूसरे को सुना रहे हैं कि किसके साथ कैसा व्यवहार हुआ। अब ये सत्ता वाले नेता करें तो क्या करें।
जिला प्रशासन के अधिकारियों की दमखम के आगे भाजपा के अनेक नेताओं ने घुटने पहले ही टेक दिये थे अब कई छोटे-मोटे नेता गण भी जो उचक रहे थे उनकी कथित दमखम भी उजागर हो गई है। पिछले तीन-चार दिनों में भाजपा के दो-तीन नेताओं को प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने सार्वजनिक रुप से लताड़ पिलाई, अपने ढंग से समझाईश दी। एक नेताजी जी की हालत ही पतली कर दी, बेचारे अभी तक किसी से कुछ कह सुन नहीं पा रहे हैं तीन दिन से घर में ही हैं शायद कल रंगपंचमी पर किसी तरह बाहर निकलें।
हुआ यह कि कल भाजपा की जिला कार्यसमिति में पदस्थ भाजपा के युवा नेता और जनआंदोलनों में सदैव आगे रहने वाले, कांग्रेस शासनकाल में विद्युत के लिये आये दिन आंदोलन करने यहाँ तक की जनता के लिये डंडे तक खा लेने वाले युवा तुर्क नेता की भाजपा शासन में क्या स्थिति हो गई यह सुनकर-देखकर लोग हतप्रभ हो रहे हैं। गंज के यह नेताजी परसो जब होली के समय पेयजल वितरण नहीं हो रहा था, प्रशासन दूसरे दिन की होली के दिन जब पानी के टैंकर से पानी नहीं भेज रहा था तो गंज के नेताजी अपने हुरियारे साथियों व आक्रोशित जनता का नेतृत्व करते हुए बाल विहार मैदान स्थित टंकी पर पहुँच गये। यहाँ नारेबाजी हुई, पहले नगर पालिका अधिकारी के खिलाफ फिर सबके खिलाफ नारे लगे। लेकिन यह क्या इतने में ही जिला प्रशासन के अधिकारी आ गये....और....और क्या लिखा जाये, प्रशासन के अधिकारी ने उस ढंग से इन नेताजी को ठीक किया कि सुनने वाले को विश्वास ही नहीं होता। अच्छी तरह से इन्हे समझाईश दे डाली, अपने कार्यप्रणाली के उदाहरण भी अधिकारी ने देते हुए बता दिया कि बच गये हो तो बचे रहो यही खैर है। अधिकारी ने खुलकर भाजपाई निकाल देने की बात भी कह डाली, नेताजी अपने समर्थकों के साथ थे, लेकिन चुप रहे।
लेकिन यह खबर नगर में आग की तरह फैल गई, हर एक भाजपा कार्यकर्ता और छोटे-मोटे पदों के पदाधिकारी उबल-उबल जाने को उतावले हो गये लेकिन गंज वाले नेताजी ने ऐसी चुप्पी साधी की वो कहीं नजर ही नहीं आ रहे हैं।
आज भाजपा की एक महिला नेत्री भी जल अव्यवस्था को लेकर ज्ञापन देने पहुँची। कलेक्टर द्वार पर जब यह अपनी महिला कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी थीं, एक नेताजी के समझाने पर इन्होने दूरभाष पर एसडीएम को यह कहा कि हम ज्ञापन देने आये हैं हमारे कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद हैं आप कहाँ हैं ? एसडीएम यहाँ आये तो संख्या देखकर विफर गये। उन्होने आव देखा ना ताव सीधे-सीधे भाजपा नेत्री से बोले कहाँ आपकी जनता ? कितनी महिला हो आप ? मालूम है मैं कितने महत्वपूर्ण काम लगा हूँ, आप लोग जबरन परेशान कर रहे हो, और पूरे गुस्से में उन्होने ज्ञापन लिया और लेकर चले गये। महिला नेत्री नीचे मुँह करके चुपचाप आ गईं....।

7 बड़े बोर करने के लिए विधायक श्री सक्सेना ने दिए साढ़े चार लाख रु. कलेक्टर से चर्चा के बाद सभी काम रोक कर दी पेयजल के लिए स्वीकृति

सीहोर 25 मार्च (नि.सं.)। विधायक रमेश सक्सेना ने शहर में तेजी से गहराते जा रहे जलसंकट से नागरिकों को निजात दिलाने के लिए विधायक निधि से पूर्व से स्वीकृत कई काम रोक कर 7 बड़े 8 इंची हाइड्रोलिक बोर कर पेयजल सप्लाई करने हेतू साढ़े चार लाख रुपये की राशि प्रदान की है । विधायक श्री सक्सेना ने यह बोर एक-दो दिन के भीतर ही कराने का निश्चय किया है ताकि शीध्रतिशीध्र आम नागरिकों को पेयजल उपलब्ध हो सके ।
उल्लेखनीय है कि शहर में पेयजल संकट से निपटने के लिए विधायक श्री सक्सेना ने प्रदेश सरकार से साठ लाख रुपये की मंजूरी करा दी है । जिसमें से दस लाख रुपए जिला प्रशासन को मिल गए हैं और प्रशासन ने पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू कर दिया है । विधायक श्री सक्सेना ने आगामी अप्रैल माह में विधायक निधि आते ही टैंकर खरीदने और बड़े बोर करने के लिए राशि देने की बात कही थी, लेकिन शहर में पेयजल संकट तेजी से गहरा रहा है और आम नागरिक पीने के पानी के लिए अत्यधिक परेशान हो रहे हैं । नागरिकों ने विधायक श्री सक्सेना से तत्काल व्यवस्था करने की मांग की जिस पर विधायक श्री सक्सेना ने कलेक्टर से चर्चा कर जनहित में विधायक निधि से स्वीकृत कामों को रोक कर उस राशि से बड़े बोर कराए जाने की बात की, जिस पर कलेक्टर ने सहमति जताई ।
विधायक श्री सक्सेना ने जो 7 बड़े बोर विधायक निधि से स्वीकृत किए हैं, उनमें से दो बड़े 8 इंची हाईड्रोलिक बोर काहिरीजदीद पर किए जाएंगे जिससे शहर में पेयजल सप्लाई हो सकेगी, दो बड़े बोर जमोनिया तालाब पर स्वीकृत किए गए हैं जिससे जमोनिया से पाईप लाईन के जरिए शुद्व पेयजल सप्लाई हो सकेगा । अभी जमोनिया से जो पानी आ रहा है वह अशुद्व है और केवल निस्तार के काम के लिए हैं । व एक बड़ा बोर गंज क्षैत्र में पानी की टंकी के पास किया जाएगा जिससे गंज क्षैत्र में पानी की सप्लाई हो सकेगी । एक बड़ा बोर मंडी पानी की टंकी के पास किया जाएगा जिससे मंडी क्षैत्र के नागरिकों को लाभ होगा और एक बड़ा बोर कस्बा क्षैत्र मे स्वीकृत किया गया है, जो कस्बा निजामत से बाजार तक पानी चैक कर लगाया जाएगा । इन सभी बोर को करने के लिए राशि पीएचई विभाग को उपलब्ध कराई गई है । विधायक श्री सक्सेना ने पीएचई अधिकारियों को ताकीद की है कि पेयजल का भरपूर स्त्रोत जांच कराने के बाद बोर करांए जाए और यह काम अतिशीध्र पूरा किया जाए जिससे नागरिकों को पीने का पानी मिल सके । विधायक श्री रमेश सक्सेना ने पुन: कहा है कि आम जनता को पेयजल उपलब्ध कराना हमारी जवाबदारी है, नागरिकों ने जो आर्शीवाद देकर जो विश्वास हम पर किया है, उस पर जनता का सेवक होने के नाते खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे । पेयजल उपलब्ध कराने को पूरा प्रशासन का अमला जुटा हुआ है , आम नागरिक परेशान न हो और घबराएं नही, धैर्य और संयम बनाए रखें । उन्होंने कहा कि पेयजल उपलब्ध कराना पहली प्राथमिकता है इसलिए सबसे पहले आम नागरिकों को पूरे संसाधनों का उपयोग कर पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा ।

पानी बरसा गेहूं चने को नुकसान

आष्टा 25 मार्च (नि.प्र.)। कल आष्टा जावर महेतवाड़ा किलेरामा व अन्य क्षैत्रों मे बरसात होने से किसानों के चेहरों पर चिन्ता की लकीरे नजर आ रही है । सोयाबीन पर इल्ली, ठंड से चना खराब होने के दुख से दुखी किसान को अब मावठे से गेहूं की फसल को नुकसान की चिन्ता ने घेर लिया है। आष्टा में तो पानी हल्का गिरा लेकिन जावर, महेतवाड़ा, किलेरामा व अन्य क्षैत्रो में 20 से 30 मिनिट बरसात होने से खेतो में कटा पड़ा गेहूं चना और खलो में पड़ा गेहूं चने को नुकसान का अनुमान है। किसानों का कहना है कि उक्त बरसात से गेहूं की चमक खराब होने की आशंका है अगर ऐसा होता है तो भाव गिरे हुए मिलेगें। जिले के अमलाह क्षैंत्र मे तो लगभग 1 घंटे जमकर बरसात होने की खबर है ।

राकेश राय को पार्टी में शामिल करने पर कैलाश परमार ने सुरेश पचौरी के खिलाफ मोर्चा खोला


आष्टा 25 मार्च (हो.सं.)। सीहोर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार के लगता है अब पर निकल आये है एक समय था जब वे अपने आका केन्द्रिय मंत्री सुरेश पचौरी के सामने जाने से भी डरते थे आज उनकी बदौलत एक बार नही दो बार न.पा. अध्यक्ष का टिकिट फिर जिला कांग्रेस अध्यक्ष का पद पाने के बाद अब वह पचौरी के खिलाफ ही मोर्चा खोल रहे हैं। परमार पचौरी के निर्णय का खुलकर विरोध करने लगे है ।
किस्सा यूं है कि सुरेश पचौरी जिन्हें दस जनपथ से प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया उसके बाद पचौरी ने पूरे प्रदेश मे जब निगाह धुमाई तो चारों और उन्हें अंधकार ही अंधकार नजर आया क्योंकि जनता और कार्यकर्ताओं से कभी उनका जमीनी साथ रहा ही नहीं ऐसे में जब उन्हें प्रदेश की बागडोर सौंपी गई तो अब क्या करें प्रदेश में आये घूमे-फिरे तो उन्हें चारण-भाट की जरूरत तो पड़ती ही थी क्योंकि वे ही उनके गुणगान करेंगे । जब देखा की उनके नाम की घोषणा होते ही चारों और विरोध के स्वर उठने लगे है । तो ऐसे में उन्होंने अपने समर्थकों की जाग्रती (पुन: पार्टी में शामिल करने की मुहिम)चलाई । जब उनकी निगाह सीहोर पहुंची तो पाया उनका पंखे वाला समर्थक राकेश राय पार्टी से निष्कासित पड़ा है तत्काल कैलाश परमार को खबर की कि जिला कांग्रेस से प्रस्ताव भेजे की राकेश राय को पुन: पार्टी में शामिल किया जाये । खबर आते ही कैलाश परमार ने अपने राजनीति के अनुभवी खिलाड़ी विजय देशलहरा, सुरेश पालीवाल, द्वारका सोनी, प्रदीप प्रगति, आदि को किलेरामा बुलाया और मंत्रणा की परमार की इस चौकड़ी ने एक स्वर में अपने राजनीति के लम्बे अनुभव को आगे करते हुए कहा कि भाई साहब क्या कर रहे है प्रस्ताव मत भेज देना ये राकेश राय आष्टा के प्रेमराय मामा के भांजे है । मामा ने अपने को कितना परेशान किया है मामा का बदला अपन मामा से तो नहीं ले सकते क्योंकि अपन को भी यहीं रहना है और फिर मामा के पास ऐसा ठेका है जिसके आगे सब नतमस्तक हैं अपन को मामा के बदले बदला भांजे से लेना है । इसलिए प्रस्ताव मत भेजों उन्हें बाहर ही रहने दो कल से अगर आप सीहोर से चुनाव लड़े तो परेशानी आयेगी राकेश राय की न.पा. अध्यक्ष के रूप में जो मट्टी पलीत हो रही है उसका पूरा फायदा अपन को विधानसभा के चुनाव में मिलेगा ।
अनुभवों की चौकड़ी की राय परमार के गले उतर आई और प्रस्ताव नहीं भेजा लेकिन जब पचौरी सीहोर रैली में आये तो उन्होंने मंच से राकेश राय को पुन: पार्टी में शामिल करने की घोषणा कर उनका स्वागत कर दिया । बस फिर क्या था परमार ने इसी दिन से पचौरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और राष्ट्रीय अध्यक्ष को पचौरी की शिकायत कर डाली अब परमार ने पूरा मन बना लिया है कि वे राकेश राय को कांग्रेस मेें आने के बाद भी घांस नहीं डालेंगे उल्टा पूरा प्रयास करेंगे कि वे न.पा.अध्यक्ष के रूप में जनता के रोष का शिकार बने और इसके लिए सीहोर में उत्पन्न गंभीर जल संकट का समय परमार ने चुना है । खबर है कि सीहोर में उत्पन्न जल संकट को देखते हुए जल उपयोगिता समिति के निर्णय के बाद रामपुरा डेम से सीहोर के लिए पानी छोड़ा उस पानी को परमार जैसे भी हो बंद करवाने में जुटे हैं। इसके लिए उन्होंने गुप्त चर्चा भी कहीं की है। उन्होंने तर्क दिया है कि आष्टा के लिए जब उक्त पानी सुरक्षित है तो उसे सीहोर क्यों भेजा जा रहा है। सीहोर रामपुरा डेम के कमान्ड क्षैत्र में आता ही नही है । आष्टा के लिए भी डेम से जब पानी छोड़ा जाता है जब न.पा. सिंचाई विभाग को चैक देती है सीहोर न.पा. ने जब पैसे जमा ही नही कराये तो पानी क्यों छोड़ा गया है । वही परमार ने सीहोर न.पा. के कुछ पार्षदों के कंधों पर हाथ रख दिया है। जो राकेश राय के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं जब यह हीन हरकत प्रेमराय मामा को ज्ञात हुई तो उन्होंने कसम खा ली है कि परमार को आष्टा में इसके बदले वे जब भी मौका मिलेगा सबक सिखायेंगे । वहीं प्रस्ताव नही भेजने पर पचौरी -परमार में ठन गई है । देखना है यह उठा विवाद क्या रंग लाता है । मामा ने कह दिया है छोडूंगा नहीं ।
काला है कोट हमारा
राजमल धारवां : हम हैं राही प्यार के
ए.के.कुरैशी : बेटे ने चिंता कम कर दी
नगीन जैन : महिला मोर्चा भी देखता हूँ
भेरु सिंह ठाकुर : थोड़ी-थोड़ी पिया करो
सत्यनारायण शर्मा : अब आराम भी करो
विजेन्द्र सिंह ठाकुर : मैं ही अध्यक्ष हूँ
निर्मल रांका : मेरा पप्पु पास हो गया
मोर सिंह मेवाड़ा : धका रहे हैं
कांतिलाल जोशी : फंसते रहते हैं
सुरेन्द्र परमार : उभरता हीरो
महेन्द्र भूतिया : शेयर का भूत
ताज मोहम्मद : पना मंगा दूंगा
शमीम जहीरी : सलाम नमस्ते
श्रीराम प्रेमचंदानी : अलविदा

व्यापारियों के ठेकेदार

राजेश मित्तल : सबसे बात हो गई है
नवनीत संचेती : मुझे अतिथि क्यों नहीं बनाया
विनय आर्य : क्यों कहा मिली
संजय सोनी बंटु : रिपिट हुए
हंस कुमार वर्मा : बात हो गई है
कैलाश जैन : अलीपुर का हिन्दु
अशोक शीतल : धक्का क्यों दिया था
अरुण खंडेलवाल : घुमक्कड़
संतोष सुराणा : अब तो सुधर जा
मनोहर भोजवानी : पानी वाले बाबा
रमेश चौरसिया : बड़ी कलर टी.वी.
प्रवीण धाड़ीवाल : मैं चुप रहूंगा
सतीश नावेल्टी : ईसान कोण में
अशोक देशलहरा : मेरी आवाज सुनो
पारसमल सिंघवी : प्रतिष्ठा हो गई

वार्डों के दरोगा

श्रीमति लक्ष्मी मेवाड़ा : बेटे के भरोसे
कमलेश जैन : खाये जाओ खाये जाओ प्रभु के
सलीम भाई : जो दे उसका भी भला जो ना दे
शहजाद बी : कहाँ करना है हस्ताक्षर
रासीदा बेगम : मैं तो प्रेम दिवानी मेरा दर्द ना जाने कोई
हुसैन शाह : हुं (सेन) अर्थात....
आनन्द जैन : दोस्तों के चक्कर में
अंजीज अंसारी : विकास मंच की आड़ में
राजू जैन : हम्माल
सिस्टर मेहमूदा कुरैशी : अब ठीक हूँ
जगदीश खत्री : ...मैं बारुद मत फूंक
मंगला सोनी : यही है राईट च्वाईस बेबी
मदन लाल भूतिया : मेरा बेटा नोटरी बन जाये
सुनीता मालवीय : मेरा बाबु छैल छबिला मैं तो...
रवि सोनी : जिला बदर
मखमल डुमाने : थोड़ा स्टेण्डर्ड तो सुधारो
माखन कुशवाह : समाज का दरोगा
रसीद पठान : कंट्रोल की मेहरबानी

कलम के दुश्मन

कामरेड मंजूद खां : हमें तो नवाब ने मारा
सैयद नवाब अली : बुरे दिन शुरु हुए
रामचरण सोनी : खबर छापना मना है
सुधीर पाठक : विज्ञापन के चक्कर में
नरेन्द्र गंगवाल : दफीने के लिये खुदाई
अ.रऊपलाला : पंजाबी चैनल
बाबु पांचाल : अब किसके कंधे पर रखा है
अबरार अली : नकलची
दिनेश माथुर : छापने के बाद पढ़वाता भी हूं
सुरेन्द्र पोरवाल : नौ दिन चले अढ़ाई कोस
राकेश बैरागी : फोटो ग्राफी में डाक्टरी
रघुवर दयाल गोहिया : घाटे वाले बाबा
बहादुर सिंह ठाकुर जावर : यहाँ के हम हैं पत्रकार

सरकार के एजेंट

जी.व्ही.रश्मि एसडीएम : मोहे पिया की याद सताए
तूफान सिंह अहिरवान एसडीएम : नाम के तूफान
मनु व्यास एसडीओपी : चिकना घड़ा
बिहारी सिंह तहसीलदार : बाबुजी जरा धीरे चलना
दीपक राय (सीएमओ) : हिस्से का झगड़ा
अतीक अहमद खान टीआई.: पहले सबकुछ समझ लेना
एच.एल.वर्मा सीईओ : रोजगार की ग्यारंटी
सी.एन.गुजराती वीईओ : चुपके-चुपके
छोटू खान मंडी सचिव : पैरोल पर आया हूँ
श्री मांझी (लो.निर्माण वि.): गरीब विभाग का मालिक
राहुल शर्मा सीएमओ जावर : मिल बांट कर खायेंगे
बी.के.उपाध्याय टीआई जावर : विधायक से दोस्ती महंगी पड़ी

आष्टा के अनाड़ी

रघुनाथ मालवीय : घड़ा भरा गया है
रंजीत सिंह गुणवान : इस बार उम्मीद है
अनोखीलाल खंडेलवाल : बज गये बाजे
कैलाश परमार : खर्चे बढ़े...कमीशन बढ़ाया
देवी सिंह परमार : मार्केटिंग का सपना
राकेश सुराना : बेचना हो तो बताना
प्रेम बाई ठाकुर : ओ मिट्ठु मियां आज मैं...
विजया बनवट : गैस की गाड़ी
शेषनारायण मुकाती : दोस्त चुनाव में चूना लगा गया
प्रेम राय मामा : तारे जमीं पर
ललित नागौरी : से मारुती जो आई है खूब.... खाई है
अशोक राठौर : राजनीति से लुप्त
राजा पारख : होली का हीरो
ललित अग्रवाल : पाला पड़ गया है
प्रमोद सुराना : घर वालों को तो छोड़ दो
विजय देशलहरा : बाम्बे टू गोवा
कैलाश टेलर दादू : अब नी बनु घीसू
कृपाल सिंह ठाकुर : कांटा साफ हुआ
मुकेश बड़जात्या : बोलने वाली मशीन
अशोक कासलीवाल : दुखी हूँ
संतोष झंवर : फुस्सी बम
बापूलाल मालवीय : उधारी की दुकान
राजमल सेठी : उतार पे
मिर्जा बशीर बेग : हो किसके साथ
मिर्जा हबीब बेग : बेटे ने बदनाम कर दिया
प्रदीप प्रगति : चलता फिरता टेलिफोन
अनुप जैन कचरु : देने लेने से ही काम चलता है
उमेश शर्मा (हिउस) : हिसाब में कमजोर
सुरेश पालीवाल : गुरुजी ने कहा है मकान मत बनाना
प्रेमनारायण शर्मा : स्कूल भी चलाना है
अतुल राय संघवाले : लगे रहो मुन्नाभाई
नोशे खान मुविमंच : किसके इसारे पे
रतन सिंह ठाकुर : एजेंट
विनित सिंगी : सबकी निगाह है
राय सिंह मेवाड़ा : संभल के
धरम सिंह आर्य : कागजी घोड़ा
बाबुलाल पटेल जावर : सपना जो हो ना सका पूरा
राकेश सिंह सेंधव : थोड़ी-थोड़ी.....करो
श्रीमति चंदा बोहरा : वकील साहब के भरोसे
श्रीमति प्रतिभा नागर : हिन्दी कमजोर है

मंडी के मजदूर

जमना प्रसाद राठौर : च्यवनप्राश खा रहे हैं
छीतरमल जैन : जहाँ मिल बैठे तीन यार मैं तू और
द्वारका प्रसाद खंडेलवाल: सबको दूंगा
मांगीलाल साहू : मैं मांगी+लाल=....नहीं हूँ
दिलीप सुराना : भैया चैक मत लगाना
हुकम वोहरा : हंसते रहो गम भुलाते रहो
रुपचंद रांका : 5-5 करके दूंगा
पुखराज वोहरा : गर्दीश में
दीपक सेठी : हवा हुए वो दिन....
राजू बनवट : मंडी का खवास
सुमत जैन : छड़ीदार
रविन्द्र रांका : नोट गिनने की मशीन
डॉ राजेन्द्र जैन : भाई के भरोसे
दीपक जायसवाल : मामा के भरोसे
सुशील रांका : घर के वकील साहब मंडी के कर्णधार
श्रीमति हंसुबाई ठाकुर : नाम का अध्यक्ष
बाबुलाल मालवीय : पीना पिलाना हराम है
सोहेल मिर्जा : घर का भेदी
बहादुर सिंह ठाकुर : बयाना ले लिया था
कुमेर सिंह ठाकुर : कमीशन बराबर बांटो
दशरथ सिंह राजपूत : खायेंगे नहीं तो ढोल देंगे

यमराम के यमदूत


डॉ रामचन्द्र गुप्ता : मुझे मेरी बीबी से बचाओ...
डॉ हीरा दलोद्रिया : रास्ता बंद करके ही दम लूंगा
डॉ के.के.चतुर्वेदी : ना काहु से दोस्ती ना काहू से बैर
डॉ एच.व्ही. बड़गैया : फर्जी डाक्टरों के सरगना
डॉ ए.के.जैन : बच्चों में बच्चे
डॉ जी.डी.सोनी : टूटे तो जोडूं
डॉ अर्चना सोनी : आपरेशन चालू हैं
डॉ प्रवीर गुप्ता : ग्राहकी बढ़ गई है
डॉ एम.एच.अंसारी : हज सफल रहा
डॉ मुकेश इन्दौरिया : चंदे वालों से परेशान
डॉ सीमा इन्दौरिया : चंदे वालों से परेशान
डॉ बलराम झरबड़े : नौकरानी से परेशान
डॉ मीनाक्षी झरबड़े : नौकरानी से परेशान
डॉ मिनल सिंगी : ये आग कब बुझेगी
डॉ अशोक विद्यार्थी : सब ठीक है
डॉ माधवी राय : पति का पेहरा
डॉ शोएब नागौरी : जुम्मापुरा से बाहर निकलो
डॉ असलम : बुलाऊं क्या ?