Wednesday, March 26, 2008

पानी बरसा गेहूं चने को नुकसान

आष्टा 25 मार्च (नि.प्र.)। कल आष्टा जावर महेतवाड़ा किलेरामा व अन्य क्षैत्रों मे बरसात होने से किसानों के चेहरों पर चिन्ता की लकीरे नजर आ रही है । सोयाबीन पर इल्ली, ठंड से चना खराब होने के दुख से दुखी किसान को अब मावठे से गेहूं की फसल को नुकसान की चिन्ता ने घेर लिया है। आष्टा में तो पानी हल्का गिरा लेकिन जावर, महेतवाड़ा, किलेरामा व अन्य क्षैत्रो में 20 से 30 मिनिट बरसात होने से खेतो में कटा पड़ा गेहूं चना और खलो में पड़ा गेहूं चने को नुकसान का अनुमान है। किसानों का कहना है कि उक्त बरसात से गेहूं की चमक खराब होने की आशंका है अगर ऐसा होता है तो भाव गिरे हुए मिलेगें। जिले के अमलाह क्षैंत्र मे तो लगभग 1 घंटे जमकर बरसात होने की खबर है ।

राकेश राय को पार्टी में शामिल करने पर कैलाश परमार ने सुरेश पचौरी के खिलाफ मोर्चा खोला


आष्टा 25 मार्च (हो.सं.)। सीहोर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार के लगता है अब पर निकल आये है एक समय था जब वे अपने आका केन्द्रिय मंत्री सुरेश पचौरी के सामने जाने से भी डरते थे आज उनकी बदौलत एक बार नही दो बार न.पा. अध्यक्ष का टिकिट फिर जिला कांग्रेस अध्यक्ष का पद पाने के बाद अब वह पचौरी के खिलाफ ही मोर्चा खोल रहे हैं। परमार पचौरी के निर्णय का खुलकर विरोध करने लगे है ।
किस्सा यूं है कि सुरेश पचौरी जिन्हें दस जनपथ से प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया उसके बाद पचौरी ने पूरे प्रदेश मे जब निगाह धुमाई तो चारों और उन्हें अंधकार ही अंधकार नजर आया क्योंकि जनता और कार्यकर्ताओं से कभी उनका जमीनी साथ रहा ही नहीं ऐसे में जब उन्हें प्रदेश की बागडोर सौंपी गई तो अब क्या करें प्रदेश में आये घूमे-फिरे तो उन्हें चारण-भाट की जरूरत तो पड़ती ही थी क्योंकि वे ही उनके गुणगान करेंगे । जब देखा की उनके नाम की घोषणा होते ही चारों और विरोध के स्वर उठने लगे है । तो ऐसे में उन्होंने अपने समर्थकों की जाग्रती (पुन: पार्टी में शामिल करने की मुहिम)चलाई । जब उनकी निगाह सीहोर पहुंची तो पाया उनका पंखे वाला समर्थक राकेश राय पार्टी से निष्कासित पड़ा है तत्काल कैलाश परमार को खबर की कि जिला कांग्रेस से प्रस्ताव भेजे की राकेश राय को पुन: पार्टी में शामिल किया जाये । खबर आते ही कैलाश परमार ने अपने राजनीति के अनुभवी खिलाड़ी विजय देशलहरा, सुरेश पालीवाल, द्वारका सोनी, प्रदीप प्रगति, आदि को किलेरामा बुलाया और मंत्रणा की परमार की इस चौकड़ी ने एक स्वर में अपने राजनीति के लम्बे अनुभव को आगे करते हुए कहा कि भाई साहब क्या कर रहे है प्रस्ताव मत भेज देना ये राकेश राय आष्टा के प्रेमराय मामा के भांजे है । मामा ने अपने को कितना परेशान किया है मामा का बदला अपन मामा से तो नहीं ले सकते क्योंकि अपन को भी यहीं रहना है और फिर मामा के पास ऐसा ठेका है जिसके आगे सब नतमस्तक हैं अपन को मामा के बदले बदला भांजे से लेना है । इसलिए प्रस्ताव मत भेजों उन्हें बाहर ही रहने दो कल से अगर आप सीहोर से चुनाव लड़े तो परेशानी आयेगी राकेश राय की न.पा. अध्यक्ष के रूप में जो मट्टी पलीत हो रही है उसका पूरा फायदा अपन को विधानसभा के चुनाव में मिलेगा ।
अनुभवों की चौकड़ी की राय परमार के गले उतर आई और प्रस्ताव नहीं भेजा लेकिन जब पचौरी सीहोर रैली में आये तो उन्होंने मंच से राकेश राय को पुन: पार्टी में शामिल करने की घोषणा कर उनका स्वागत कर दिया । बस फिर क्या था परमार ने इसी दिन से पचौरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और राष्ट्रीय अध्यक्ष को पचौरी की शिकायत कर डाली अब परमार ने पूरा मन बना लिया है कि वे राकेश राय को कांग्रेस मेें आने के बाद भी घांस नहीं डालेंगे उल्टा पूरा प्रयास करेंगे कि वे न.पा.अध्यक्ष के रूप में जनता के रोष का शिकार बने और इसके लिए सीहोर में उत्पन्न गंभीर जल संकट का समय परमार ने चुना है । खबर है कि सीहोर में उत्पन्न जल संकट को देखते हुए जल उपयोगिता समिति के निर्णय के बाद रामपुरा डेम से सीहोर के लिए पानी छोड़ा उस पानी को परमार जैसे भी हो बंद करवाने में जुटे हैं। इसके लिए उन्होंने गुप्त चर्चा भी कहीं की है। उन्होंने तर्क दिया है कि आष्टा के लिए जब उक्त पानी सुरक्षित है तो उसे सीहोर क्यों भेजा जा रहा है। सीहोर रामपुरा डेम के कमान्ड क्षैत्र में आता ही नही है । आष्टा के लिए भी डेम से जब पानी छोड़ा जाता है जब न.पा. सिंचाई विभाग को चैक देती है सीहोर न.पा. ने जब पैसे जमा ही नही कराये तो पानी क्यों छोड़ा गया है । वही परमार ने सीहोर न.पा. के कुछ पार्षदों के कंधों पर हाथ रख दिया है। जो राकेश राय के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं जब यह हीन हरकत प्रेमराय मामा को ज्ञात हुई तो उन्होंने कसम खा ली है कि परमार को आष्टा में इसके बदले वे जब भी मौका मिलेगा सबक सिखायेंगे । वहीं प्रस्ताव नही भेजने पर पचौरी -परमार में ठन गई है । देखना है यह उठा विवाद क्या रंग लाता है । मामा ने कह दिया है छोडूंगा नहीं ।
काला है कोट हमारा
राजमल धारवां : हम हैं राही प्यार के
ए.के.कुरैशी : बेटे ने चिंता कम कर दी
नगीन जैन : महिला मोर्चा भी देखता हूँ
भेरु सिंह ठाकुर : थोड़ी-थोड़ी पिया करो
सत्यनारायण शर्मा : अब आराम भी करो
विजेन्द्र सिंह ठाकुर : मैं ही अध्यक्ष हूँ
निर्मल रांका : मेरा पप्पु पास हो गया
मोर सिंह मेवाड़ा : धका रहे हैं
कांतिलाल जोशी : फंसते रहते हैं
सुरेन्द्र परमार : उभरता हीरो
महेन्द्र भूतिया : शेयर का भूत
ताज मोहम्मद : पना मंगा दूंगा
शमीम जहीरी : सलाम नमस्ते
श्रीराम प्रेमचंदानी : अलविदा

व्यापारियों के ठेकेदार

राजेश मित्तल : सबसे बात हो गई है
नवनीत संचेती : मुझे अतिथि क्यों नहीं बनाया
विनय आर्य : क्यों कहा मिली
संजय सोनी बंटु : रिपिट हुए
हंस कुमार वर्मा : बात हो गई है
कैलाश जैन : अलीपुर का हिन्दु
अशोक शीतल : धक्का क्यों दिया था
अरुण खंडेलवाल : घुमक्कड़
संतोष सुराणा : अब तो सुधर जा
मनोहर भोजवानी : पानी वाले बाबा
रमेश चौरसिया : बड़ी कलर टी.वी.
प्रवीण धाड़ीवाल : मैं चुप रहूंगा
सतीश नावेल्टी : ईसान कोण में
अशोक देशलहरा : मेरी आवाज सुनो
पारसमल सिंघवी : प्रतिष्ठा हो गई

वार्डों के दरोगा

श्रीमति लक्ष्मी मेवाड़ा : बेटे के भरोसे
कमलेश जैन : खाये जाओ खाये जाओ प्रभु के
सलीम भाई : जो दे उसका भी भला जो ना दे
शहजाद बी : कहाँ करना है हस्ताक्षर
रासीदा बेगम : मैं तो प्रेम दिवानी मेरा दर्द ना जाने कोई
हुसैन शाह : हुं (सेन) अर्थात....
आनन्द जैन : दोस्तों के चक्कर में
अंजीज अंसारी : विकास मंच की आड़ में
राजू जैन : हम्माल
सिस्टर मेहमूदा कुरैशी : अब ठीक हूँ
जगदीश खत्री : ...मैं बारुद मत फूंक
मंगला सोनी : यही है राईट च्वाईस बेबी
मदन लाल भूतिया : मेरा बेटा नोटरी बन जाये
सुनीता मालवीय : मेरा बाबु छैल छबिला मैं तो...
रवि सोनी : जिला बदर
मखमल डुमाने : थोड़ा स्टेण्डर्ड तो सुधारो
माखन कुशवाह : समाज का दरोगा
रसीद पठान : कंट्रोल की मेहरबानी

कलम के दुश्मन

कामरेड मंजूद खां : हमें तो नवाब ने मारा
सैयद नवाब अली : बुरे दिन शुरु हुए
रामचरण सोनी : खबर छापना मना है
सुधीर पाठक : विज्ञापन के चक्कर में
नरेन्द्र गंगवाल : दफीने के लिये खुदाई
अ.रऊपलाला : पंजाबी चैनल
बाबु पांचाल : अब किसके कंधे पर रखा है
अबरार अली : नकलची
दिनेश माथुर : छापने के बाद पढ़वाता भी हूं
सुरेन्द्र पोरवाल : नौ दिन चले अढ़ाई कोस
राकेश बैरागी : फोटो ग्राफी में डाक्टरी
रघुवर दयाल गोहिया : घाटे वाले बाबा
बहादुर सिंह ठाकुर जावर : यहाँ के हम हैं पत्रकार

सरकार के एजेंट

जी.व्ही.रश्मि एसडीएम : मोहे पिया की याद सताए
तूफान सिंह अहिरवान एसडीएम : नाम के तूफान
मनु व्यास एसडीओपी : चिकना घड़ा
बिहारी सिंह तहसीलदार : बाबुजी जरा धीरे चलना
दीपक राय (सीएमओ) : हिस्से का झगड़ा
अतीक अहमद खान टीआई.: पहले सबकुछ समझ लेना
एच.एल.वर्मा सीईओ : रोजगार की ग्यारंटी
सी.एन.गुजराती वीईओ : चुपके-चुपके
छोटू खान मंडी सचिव : पैरोल पर आया हूँ
श्री मांझी (लो.निर्माण वि.): गरीब विभाग का मालिक
राहुल शर्मा सीएमओ जावर : मिल बांट कर खायेंगे
बी.के.उपाध्याय टीआई जावर : विधायक से दोस्ती महंगी पड़ी

आष्टा के अनाड़ी

रघुनाथ मालवीय : घड़ा भरा गया है
रंजीत सिंह गुणवान : इस बार उम्मीद है
अनोखीलाल खंडेलवाल : बज गये बाजे
कैलाश परमार : खर्चे बढ़े...कमीशन बढ़ाया
देवी सिंह परमार : मार्केटिंग का सपना
राकेश सुराना : बेचना हो तो बताना
प्रेम बाई ठाकुर : ओ मिट्ठु मियां आज मैं...
विजया बनवट : गैस की गाड़ी
शेषनारायण मुकाती : दोस्त चुनाव में चूना लगा गया
प्रेम राय मामा : तारे जमीं पर
ललित नागौरी : से मारुती जो आई है खूब.... खाई है
अशोक राठौर : राजनीति से लुप्त
राजा पारख : होली का हीरो
ललित अग्रवाल : पाला पड़ गया है
प्रमोद सुराना : घर वालों को तो छोड़ दो
विजय देशलहरा : बाम्बे टू गोवा
कैलाश टेलर दादू : अब नी बनु घीसू
कृपाल सिंह ठाकुर : कांटा साफ हुआ
मुकेश बड़जात्या : बोलने वाली मशीन
अशोक कासलीवाल : दुखी हूँ
संतोष झंवर : फुस्सी बम
बापूलाल मालवीय : उधारी की दुकान
राजमल सेठी : उतार पे
मिर्जा बशीर बेग : हो किसके साथ
मिर्जा हबीब बेग : बेटे ने बदनाम कर दिया
प्रदीप प्रगति : चलता फिरता टेलिफोन
अनुप जैन कचरु : देने लेने से ही काम चलता है
उमेश शर्मा (हिउस) : हिसाब में कमजोर
सुरेश पालीवाल : गुरुजी ने कहा है मकान मत बनाना
प्रेमनारायण शर्मा : स्कूल भी चलाना है
अतुल राय संघवाले : लगे रहो मुन्नाभाई
नोशे खान मुविमंच : किसके इसारे पे
रतन सिंह ठाकुर : एजेंट
विनित सिंगी : सबकी निगाह है
राय सिंह मेवाड़ा : संभल के
धरम सिंह आर्य : कागजी घोड़ा
बाबुलाल पटेल जावर : सपना जो हो ना सका पूरा
राकेश सिंह सेंधव : थोड़ी-थोड़ी.....करो
श्रीमति चंदा बोहरा : वकील साहब के भरोसे
श्रीमति प्रतिभा नागर : हिन्दी कमजोर है

मंडी के मजदूर

जमना प्रसाद राठौर : च्यवनप्राश खा रहे हैं
छीतरमल जैन : जहाँ मिल बैठे तीन यार मैं तू और
द्वारका प्रसाद खंडेलवाल: सबको दूंगा
मांगीलाल साहू : मैं मांगी+लाल=....नहीं हूँ
दिलीप सुराना : भैया चैक मत लगाना
हुकम वोहरा : हंसते रहो गम भुलाते रहो
रुपचंद रांका : 5-5 करके दूंगा
पुखराज वोहरा : गर्दीश में
दीपक सेठी : हवा हुए वो दिन....
राजू बनवट : मंडी का खवास
सुमत जैन : छड़ीदार
रविन्द्र रांका : नोट गिनने की मशीन
डॉ राजेन्द्र जैन : भाई के भरोसे
दीपक जायसवाल : मामा के भरोसे
सुशील रांका : घर के वकील साहब मंडी के कर्णधार
श्रीमति हंसुबाई ठाकुर : नाम का अध्यक्ष
बाबुलाल मालवीय : पीना पिलाना हराम है
सोहेल मिर्जा : घर का भेदी
बहादुर सिंह ठाकुर : बयाना ले लिया था
कुमेर सिंह ठाकुर : कमीशन बराबर बांटो
दशरथ सिंह राजपूत : खायेंगे नहीं तो ढोल देंगे

यमराम के यमदूत


डॉ रामचन्द्र गुप्ता : मुझे मेरी बीबी से बचाओ...
डॉ हीरा दलोद्रिया : रास्ता बंद करके ही दम लूंगा
डॉ के.के.चतुर्वेदी : ना काहु से दोस्ती ना काहू से बैर
डॉ एच.व्ही. बड़गैया : फर्जी डाक्टरों के सरगना
डॉ ए.के.जैन : बच्चों में बच्चे
डॉ जी.डी.सोनी : टूटे तो जोडूं
डॉ अर्चना सोनी : आपरेशन चालू हैं
डॉ प्रवीर गुप्ता : ग्राहकी बढ़ गई है
डॉ एम.एच.अंसारी : हज सफल रहा
डॉ मुकेश इन्दौरिया : चंदे वालों से परेशान
डॉ सीमा इन्दौरिया : चंदे वालों से परेशान
डॉ बलराम झरबड़े : नौकरानी से परेशान
डॉ मीनाक्षी झरबड़े : नौकरानी से परेशान
डॉ मिनल सिंगी : ये आग कब बुझेगी
डॉ अशोक विद्यार्थी : सब ठीक है
डॉ माधवी राय : पति का पेहरा
डॉ शोएब नागौरी : जुम्मापुरा से बाहर निकलो
डॉ असलम : बुलाऊं क्या ?

खंडेलवाल ने कहा मुझे नहीं मालूम गोविंद जाने

आष्टा 25 मार्च (हो.प्र.)। राजनीति में लगातार अपने ही कर्मो से गिरते सेंसेक्स के कारण भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष अनोखीलाल खंडेलवाल इन दिनों जैसे ही कोई राजनीति चुनाव या टिकिट की बात करता है तो वे कपड़े फाड़ने लगते हैं और उन्हें केवल एक ही जवाब वे देते सुने गये है कि मुझे नहीं मालूम गोविन्द जाने आखिर वे ऐसे कैसे हो गये । बेटा जैसे-तैसे गोविंद जाने के माध्यम से अपना और खुद का सेंसेक्स बढाने के लिए हर वर्ष जुटा रहता है और पिता उसके इस ठोस प्रयास पर पानी फेर देते हैं। जब एक बार किसी ने उनसे केवल इतना पूछ लिया कि भाई साहब टिकिट किसे दिला रहे हो उन्हें मालूम है कि अब टिकिट बांटने का उनका समय खत्म हो गया है फिर भी जब उसने पूछ ही लिया तो अपनी स्थिति छुपाते हुए कह दिया गोविन्द जाने सामने वाला ज्यादा समझदार था जवाब दे गया जब सब गोविंद जाने के भरोसे है तो सब कुछ छोड़ो और श्रीनाथ जी की हवेली में गोविंद जपो तब खंडेलवाल ने कहा भैय्या वो ही तो कर रहे हैं। आजकल राजनीति से कोसों दूर चले गये, खंडेलवाल आष्टा में एक नया हिन्दू संगठन खड़ा करने में जुटे हैं। जिसका नाम किला मंदिर की प्रतिष्ठा में घोषित भी कर दिया है अब वे इस संगठन के लिए जीतमल, महेन्द्र जैसे सहयोगियों की तलाश में है ताकि उसकी कार्य समिति घोषित कर सके । खंडेलवाल पुत्र बन्टी (विजय) और बबली नाराज है उनका मानना है कि नई दुकान खोलना आसान है उसे चलाना मुश्किल है ....

रंजीत सिंह ने कहा मेरे दरवाजे सबके लिए खुले


आष्टा 25 मार्च (हो.सं.)। पिछले चुनाव में टिकिट कटने के बाद से दर-दर भटक रहे पूर्व विधायक रंजीतसिंह गुणवान ने एक विज्ञप्ति जारीकर कहा कि जैसे बिन पानी के मछली तड़ पती है वैसे ही मे चार साल से तड़प रहा हूं । अब पुन:चुनाव का सीजन आ गया है । मै पुन: चुनाव लड़ने को इच्छुक हूं । जो भी पार्टी मुझे चुनाव लड़ाना चाहती हो वो मुझसे संपर्क कर सकती है । अभी सभी के लिए मेरे दरवाजे खुले है वैसे मेरी प्राथमिकता में भाजपा, भाजश और बसपा है । 10 साल का पूरा अनुभव मेरे साथ है । खबर है कि कई पार्टियां रंजीतसिंह के सम्पर्क में है लेकिन कुछ पार्टियों ने स्पष्ट कहा है कि पहले तुम अभी तक जिनके साथ बैठते- उठते हो उनका साथ छोड़ो तब आगे बात बढ़ेगी । खबर है कि गुणवान इसके लिए तैयार भी हो गये है लेकिन उनका कहना है कि देवीसिंह परमार को मै साथ रखूंगा इसके लिए एक पार्टी तैयार हो गई दो तैयार नहीं है। वही रंजीतसिंह जिन्हें 4 साल पहले चुनाव में टिकिट मिल गया था तब उन्होनें कुछ प्रचार सामग्री छपवा ली थी लेकिन एक वक्त पर जब टिकिट कट गया था तब से उक्त सामग्री रखी है । उस सामग्री को ठीकठाक कराने में गुणवान जुट गये हैं। तथा पार्टी का नाम एवं चुनाव चिन्हकी जगह छोड़ दी है जब इसका तय हो जायेगा तो उस स्थान पर पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह लिख लिया जायेगा । देखना है गुणवान को किस पार्टी का टिकिट मिलता है। वैसे उन्हें भाजपा में आजकल सक्रिय देखा जा रहा है।

जॉवकार्ड नही बनाने पर जनपद अध्यक्ष ने सोनिया गांधी को शिकायत की

आष्टा 25 मार्च (हो.सं.) । जब से कांग्रेस नेता रतनसिंह ठाकूर जिला सहकारी केन्द्रिय बैंक सीहोर के अध्यक्ष पद से हटे है तभी से आज तक वे वेरोजगार घुम रहे है । ऐसे में केन्द्र सरकार द्वारा बेरोजगार के लिए 1 अप्रैल,08 से देश के सभी जिलो में ग्रामीण रोजगार गारन्टी योजना लागू की जाने की घोषणा की है तभी से श्री ठाकूर का पूरा चेहरा होली में लगी लाल रूप की तरह लालम-लाल है और वे इस योजना का पूरा लाभ अपने पूरे परिवार को मिले इस कार्य में जुट गये है । लेकिन भाजपा के नेताओं क ो यह रास नही आ रहा है कि बेरोजगार ठाकूर पुन: रोजगार से लगे इसके लिए उन्होंने रोड़ा अटकाना शुरू कर दिये है। इस योजना का लाभ ग्रामीण क्षैत्र के बेरोजगारों को मिलेगा उसके तहत सभी के जांब कार्ड फोटो सहित बनाये जा रहे है। भाजपा ने जांव कार्ड बनाने के ठेकेदार को बुलाकर बता दिया है कि अगर तूने ठाकूर का या उनके परिवार का जांब कार्ड बनाया तो ध्यान रखना तेरा बड़ा कार्ड बना दिया जायेगा । ठाकूर साहब को रोजगार गारन्टी योजना के रूप में एक आशा की किरण दिखी थी उस पर पानी फेरते देख उन्होंने अपनी शिकायत अपनी पत्नि जनपद अध्यक्ष श्रीमति प्रेमबाई ठाकूर को लिखित में की है प्रेमबाई ने इसकी शिकायत कलेक्टर को भेजी है और उसकी एक प्रति सोनिया गांधी को भी भेजी है । ज्ञात रहे कि कलेक्टर सीहोर को शिकायत मिली तो उन्होंने अपने यस मेन नेता कम पत्रकार राजकुमार गुप्ता से कहा कि यार गुप्ता यह अच्छी बात नही है एक बेरोजगार को अगर रोजगार मिल रहा है तो इससे तुम्हारी भाजपा को पेट दर्द क्यों हो रहा है । फिर गुप्ता ने भाजपा के स्थानीय नेता संतोष झंवर से इस संबंध में बात की है कि रतनसिंह ठाकूर का जांब कार्ड बनने में वे रोड़ा ना डाले कलेक्टर साहब नाराज है उनका कहना है कि आष्टा में कई भाजपा के नेता थाने , तहसील, बिजलीघर, वन विभाग, खाध्य विभाग आदि जगहों पर रोजगार से लगे क्या हमने कभी एक्शन लिया नही तो फिर ठाकूर को क्यों परेशान कर रहे हो । झंवर ने गुप्ता को बताया की उनके परिवार से एक सदस्य जनपद अध्यक्ष रोजगार से लगी है क्या हमने कभी उनकी शिकायत की भाजपा में एक व्यक्ति एक रोजगार का सिद्वांत है । इसके तहत ही हम चल रहे है । अब खबर है कि रतनसिंह ठाकूर ने वरिष्ठ इंका नेता अरविंद गुप्ता का सहारा लेकर अपना जांबकार्ड बनवाने के लिए राजा साहब के पास दिल्ली भेजा है देखना है बेरोजगार रतनसिंह ठाकूर को रोजगार के लिए जांब कार्ड कब तक बनता है । फिलहाल वे भी अपने छोटे भाई के यहां दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत है।

Tuesday, March 25, 2008

दहेज लोभियों के खिलाफ मामला दर्ज

इछावर 25 मार्च (नि.प्र.)। ससुराल वालो द्वारा दहेज की मांग को लेकर दी जाने वाली प्रताड़ना से तंग आकर एक विवाहिता ने थाना इछावर में रिर्पोट दर्ज कराई है । प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम आमला नवाबाद निवासी शीलाबाई पुत्री देवकरण नाई 22 साल का विवाह करीब 6-7 पूर्व श्यामपुरा टप्पा निवासी मानसिंह के साथ हुआ था । बताया जाता है कि 11 मार्च को शीलाबाई के पति मानसिंह ने दहेज और अन्य बातों को लेकर प्रताड़ित किया जिसमें उसकी सास सुगनबाई, देवर महेश ने सहयोग किया , और मारपीट कर उसके मायके छोड़ आये । इस प्रताड़ना से तंग आकर शीलाबाई इछावर थाने में रिर्पोट दर्ज कराई पुलिस ने पति मानसिंह, सास सुगनबाई और देवर महेश के विरूद्व प्रकरण दर्ज कर लिया है ।

धोखा धड़ी करने वाला बैंक लेखापाल पकड़ाया

जावर 24 मार्च (नि.सं.)। बैंक उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी करने वाले बैंक पूर्व केशियर ए.डी.शिवनानी गिरफ्तार, आज न्यायालय में पेश हुए जहाँ से पुलिस ने 3 दिन के रिमांड पर लिया।
थाने से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक शाखा में पूर्व में पदस्थ केशियर एडी शिवनानी द्वारा बैंक के उपभोक्ताओं के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी की थी। उक्त मामला 18 अगस्त 07 को उजागर हुआ था तब से ही शिवनानी फरार चल रहे थे। पुलिस भी लम्बे समय से उसकी तलाश कर रही थी। कल रात पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना दी गई कि शिवनानी आष्टा बस स्टेण्ड पर घूम रहा है इसके बाद पुलिस तत्काल आष्टा पहुँची और शिवनानी को गिरफ्तार कर लाई। शिवनानी को गिरफ्तार करने की खबर आग की तरह फैली और आज जावर थाने में बड़ी संख्या में लोग पहुँच गये थे। सोमवार को पुलिस द्वारा शिवनानी को न्यायालय में पेश किया गया जहाँ पुलिस ने न्यायालय से 6 दिन के रिमांड पर मांगा था इस पर न्यायालय ने 3 दिन के रिमांड पर पुलिस को सुपुर्द कर दिया। धोखाधड़ी के शिकार लोगों ने अभी तक उनके मामले का निराकरण नहीं होने की स्थिति में 27 मार्च से भूख हड़ताल करने की चेतावनी दे रखी है। जिलाधीश के नाम पीड़ित लोगों ने एक ज्ञापन भी सौंप दिया है। देखते हैं मामला क्या रंग लाता है।

राजस्व न्या. का बहिष्कार करेंगे वकील राजनैतिक नहीं अन्याय की लड़ाई है

सीहोर 24 मार्च (नि.सं.)। पत्रकार रामनारायण ताम्रकार के विरुध्द की गई दमनात्मक कार्यवाही के विरोध में जो लोग आये हैं उनकी राजनैतिक विचारधारा अलग है पर वह अन्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं इसे राजनीति रंग दिया जाना गलत है। संघर्ष समिति सम्पूर्ण घटना के साथ ही राजनैतिक रंग दिये जाने की निंदा करती है। साथ ही राजस्व न्यायालयों के वकीलों द्वारा बहिष्कार का निर्णय लेती है। जिला अभिभाषक संघ द्वारा गठित संघर्ष समिति ने सर्वदलीय बैठक में सोमवार को निर्णय लिया। बैठक की अध्यक्षता संघर्ष समिति के अध्यक्ष मेहरबान सिंह बलभद्र ने की।
जिला अभिभाषक संघ के सभागृह में आयोजित बैठक में राजनैतिक दलों, व्यापारिक संगठनों, पत्रकारों तथा अभिभाषक शामिल हुए। आरंभ में पीड़ित पक्ष रामनारायण ताम्रकार ने 10 मार्च को घटित घटना की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार, वरिष्ठ भाजपा नेता अधिवक्ता सुदर्शन महाजन, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जिलाध्यक्ष नौशाद खान, भाजपा नेता प्रतिष्ठित व्यवसायी दिनेश जायसवाल, मुल्ला हकीमुद्दीन, वरिष्ठ पत्रकार डॉ.एम.हैदर, बसंत दासवानी, राजेन्द्र कसौटिया, सुरेश साबू, राजेश आजाद, दर्शन वर्मा, वन कर्मचारी नेता श्री बैरागी, राजकुमार ताम्रकार, हिन्दु नेता अजीत शुक्ला, अधिवक्ता एन.पी.उपाध्याय, महेश दयाल चौरसिया ने विस्तारपूर्वक चर्चा कर दमनात्मक विधि विपरीत कार्य की न केवल घोर निंदा की बल्कि उत्तरदायी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। बैठक में शहर भर से दो सौ से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में वरिष्ठ भाजपा नेता सुदर्शन महाजन ने स्पष्ट रुप से कहा कि यह लड़ाई कांग्रेस भाजपा की नहीं बल्कि अन्याय, अत्याचार की लड़ाई है। यह संघर्ष समिति इसे लड़ेगी। जिला अभिभाषक संघ द्वारा गठित संघर्ष समिति के अध्यक्ष मेहरबान सिंह बलभद्र ने विचार उपरांत निर्णय लिया। जिसमें सम्पूर्ण घटनाक्रम की घोर भर्त्सना की गई। अभिभाषक अनि- श्चितकालीन के लिये राजस्व न्याया-लयों का बहिष्कार करेंगे। बैठक में आगामी रणनीति बनाने के लिये संघर्ष समिति को अधिकृत किया गया। बैठक का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता केयू.कुरैशी ने किया तथा जिला अभिभाषक संघ के सचिव अरुण टिंगोरिया ने आभार व्यक्त किया।

लोक निर्माण विद्युत मण्डल ने भी दिये नोटिस
संघर्ष समिति अध्यक्ष मेहरबान बलभद्र ने बताया कि प्रताड़ना का सिलसिला थमा नहीं है। लोक निर्माण कार्यपालन यंत्री ने सोमवार को एक नोटिस चस्पा कर पत्रकार कोटे से आबंटित भवन का बकाया किराया 40 हजार 489 रुपये 17 मार्च तक जमा कराने को कहा गया है। किराया कब का है, किस दर से कोई उल्लेख नहीं है। इसी तरह विद्युत मण्डल ने भी दो नोटिस देकर बकाया राशि जमा करने को कहा जबकि इसमें से एक दैयक की सम्पूर्ण राशि फरवरी माह में ही जमा हो गई है। दूसरे नोटिस में सात हजार रुपये बकाया बताया है जबकि 15 मार्च की तिथि तक मात्र तीन हजार भुगतान होना था।

राजस्व न्या. का बहिष्कार करेंगे वकील राजनैतिक नहीं अन्याय की लड़ाई है

सीहोर 24 मार्च (नि.सं.)। पत्रकार रामनारायण ताम्रकार के विरुध्द की गई दमनात्मक कार्यवाही के विरोध में जो लोग आये हैं उनकी राजनैतिक विचारधारा अलग है पर वह अन्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं इसे राजनीति रंग दिया जाना गलत है। संघर्ष समिति सम्पूर्ण घटना के साथ ही राजनैतिक रंग दिये जाने की निंदा करती है। साथ ही राजस्व न्यायालयों के वकीलों द्वारा बहिष्कार का निर्णय लेती है। जिला अभिभाषक संघ द्वारा गठित संघर्ष समिति ने सर्वदलीय बैठक में सोमवार को निर्णय लिया। बैठक की अध्यक्षता संघर्ष समिति के अध्यक्ष मेहरबान सिंह बलभद्र ने की।
जिला अभिभाषक संघ के सभागृह में आयोजित बैठक में राजनैतिक दलों, व्यापारिक संगठनों, पत्रकारों तथा अभिभाषक शामिल हुए। आरंभ में पीड़ित पक्ष रामनारायण ताम्रकार ने 10 मार्च को घटित घटना की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार, वरिष्ठ भाजपा नेता अधिवक्ता सुदर्शन महाजन, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जिलाध्यक्ष नौशाद खान, भाजपा नेता प्रतिष्ठित व्यवसायी दिनेश जायसवाल, मुल्ला हकीमुद्दीन, वरिष्ठ पत्रकार डॉ.एम.हैदर, बसंत दासवानी, राजेन्द्र कसौटिया, सुरेश साबू, राजेश आजाद, दर्शन वर्मा, वन कर्मचारी नेता श्री बैरागी, राजकुमार ताम्रकार, हिन्दु नेता अजीत शुक्ला, अधिवक्ता एन.पी.उपाध्याय, महेश दयाल चौरसिया ने विस्तारपूर्वक चर्चा कर दमनात्मक विधि विपरीत कार्य की न केवल घोर निंदा की बल्कि उत्तरदायी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। बैठक में शहर भर से दो सौ से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में वरिष्ठ भाजपा नेता सुदर्शन महाजन ने स्पष्ट रुप से कहा कि यह लड़ाई कांग्रेस भाजपा की नहीं बल्कि अन्याय, अत्याचार की लड़ाई है। यह संघर्ष समिति इसे लड़ेगी। जिला अभिभाषक संघ द्वारा गठित संघर्ष समिति के अध्यक्ष मेहरबान सिंह बलभद्र ने विचार उपरांत निर्णय लिया। जिसमें सम्पूर्ण घटनाक्रम की घोर भर्त्सना की गई। अभिभाषक अनि- श्चितकालीन के लिये राजस्व न्याया-लयों का बहिष्कार करेंगे। बैठक में आगामी रणनीति बनाने के लिये संघर्ष समिति को अधिकृत किया गया। बैठक का संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता केयू.कुरैशी ने किया तथा जिला अभिभाषक संघ के सचिव अरुण टिंगोरिया ने आभार व्यक्त किया।

जेल में हुई असामायिक मृत्यु से आक्रोशित जनता को खदेड़ा

सीहोर 24 मार्च (नि.सं.)। बढ़ियाखेड़ी निवासी दूध के व्यापारी गेंदा राय को विगत चार दिन पूर्व सीहोर जेल में बंद किया गया था। करीब 20 साल पुराने एक नकली दूध के मामले में पेशियों पर नहीं जा पाने के कारण इन्हे सजा हुई थी। तीन दिन पूर्व सजा होने के बाद इन्हे स्थानीय जेलर ने भोपाल भेज दिया था जहाँ उनकी कल शाम मृत्यु हो गई। यह खबर सीहोर आते ही यहाँ खासा आक्रोश छा गया। बढ़ियाखेड़ी के लोगों में आक्रोश फूटा तो उन्होने एकत्र होकर यहाँ नदी चौराहा पर आकर जेल के सामने चक्काजाम किया। लेकिन वर्तमान जिला प्रशासन की स्थिति को कौन नहीं समझता। एसडीएम और एसडीओपी सहित अनेक पुलिस के वाहन यहाँ बड़ी संख्या में आये और एक त्र आक्रोशित भीड़ को सीधे खदेड़ दिया गया। ना सुनी गई ना स्थिति बताई गई।

सूखा राहत में रोजगार के लिए 8.13 लाख स्वीकृति

सीहोर 24 मार्च (नि.सं.)। जिलाधीश द्वारा सूखाग्रस्त बुधनी तहसील की ग्राम पंचायत नयागांव के ग्राम ककरदा में जरूरतमंद लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 8 लाख 13 हजार रुपयों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई । राहत कार्यो का संचालन शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के मुताबिक कराने के निर्देश दिए गए है । इस सिलसिले में कलेक्टर द्वारा आदेश जारी कर दिए हैं ।
जारी आदेश के मुताबिक ग्राम ककरदा में मुख्य सड़क से नहर तक पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 4.06 लाख और ककरदा से नदी तक नाला गहरीकरण निर्माण हेतू 4.07 लाख की राशि स्वीकृत की गई है । ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सीहोर द्वारा दी गई तकनीकि स्वीकृत के अनुसार उक्त कार्यो की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है । निर्माण कार्य के लिए ग्राम पंचायत नयागांव की क्रियान्वयन एजेन्सी बनाया गया है । जारी प्रशासकीय स्वीकृति की शर्तो में कहा गया है कि कार्य स्थल पर बाकायदा मानचित्र तैयार कराया जाकर कार्य प्राक्कलन और प्रशासकीय स्वीकृति के मुताबिक कराए जाएंगे । राहत कार्यो में व्यय पर लगातार नजर रखी जाये तथा यह सुनिश्चित किया जाये कि आबंटित राशि से अधिक का व्यय न हो । राहत कार्य में मशीनों का उपयोग कतई नही किया जायेगा । मंजूर की गई राशि का 75 फीसदी भाग मजदूरी पर व्यय किया जायेगा । सामग्री पर अधिकतम 25 फीसदी व्यय किया जा सकता है । मजदूरी का भुगतान श्रम आयुक्त द्वारा कृषि नियोजन में लगने वाले अकुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित दर पर किया जायेगा । राहत कार्य में मजदूरी का भुगतान टास्क बेसेस पर करने की ताकीद की गई । मजदूरी के रूप में तीन किलो खाद्यान्न प्रति मानव दिवस तथा शेष मजदूरी का भुगतान नकद किया जायेगा । यह सुनिश्चित करने की ताकीद की गई है कि मजदूरी का भुगतान नियमित रूप से निर्धारित समयावधि में हो । भुगतान के दस दिन से अधिक लम्बित रहने की दिशा में संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी । मजदूरों की सूची और भुगतान का विवरण पंचायत के दृश्य पटल पर चस्पा किया जायेगा । कार्य स्थानीय मजदूरो से कराने और कम उम्र के बाल श्रमिकों को रोजगार में नही लगाने की ताकीद की गई है ।

ट्रेक्टर ट्राली के नीचे आने से बालक की मौत

सीहोर 24 मार्च (नि.सं.)। रविवार की शाम नसरूल्लागंज थाना क्षैत्र के ग्राम मगरिया में ट्रेक्टर ट्राली के पहिये के नीचे आ जाने से एक बालक की दर्दनाक मौत हो गई । इधर रेहटी थाना अर्न्तगत एक गुमशुदा बालक की जंगली जानवर के खाने से मृत्यु हो गई है । पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है । प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम मगरिया में रहने वाले इत्तू खां का 8 वर्षीय पुत्र अरबाज ररिवार की शाम पांच बजे खेलते हुए घर के सामने ढालान पर खड़ी ट्रेक्टर ट्राली पर पहुंच गया तभी ट्रेक्टर ट्राली सहित ढालान से आगे बढ़ गई और अर- बाज उस पर से नीचे गिर पड़ा जिसके सिर पर ट्राली का पहिया चढ़ने से उसकी दुर्घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई । बताया जाता है कि चालक रामनारायण ने ढालान पर ट्रेक्टर ट्राली खड़ा करते समय ठेक नही लगाया था। रेहटी थाना अर्न्तगत आंवली- घाट निवासी श्रीकिशन अजा. का 7 वर्षीय देवकुमार गत शुक्रवार की शाम से घर से गायब था जिसके गुमने की रिर्पोट उसके परिजनों द्वारा थाना रेहटी में दर्ज कराई गई थी । गुमशुदा बालक को ढूंढने पर उसका शव आज कोसी नाला के समीप पड़ा पाया गया जिसे किसी जंगली जानवर ने खा लिया।

धूमधाम से मनी होली, न.पा. के खिलाफ आक्रोश फूटा

सीहोर 24 मार्च (नि.सं.)। इस बार भी धूमधाम से होली मनी, दो दिन जमकर होली हुई, नगर भी बंद रहा लेकिन नगर पालिका ने इस बार निकम्मेपन का इतिहास बना दिया और पूरे नगर में होली पर जो जल वितरण टैंकर से किया जाता है वह नहीं किया गया बल्कि होली पर नल तक नहीं दिये गये। जनता खासी आक्रोशित रही। लाल टंकी पर जाकर दो-तीन अलग-अलग चौराहों के युवकों हुरियारों ने मुर्दाबाद के नारे लगाये थे लेकिन इसके बावजूद कुछ नहीं हुआ।
होली का दो दिवसीय त्यौहार बड़ी धूमधाम से मना। नगर भर में होली खेली गई, हर एक चौराहें पर उत्साह छाया हुआ था। पहले दिन गमी की होली पर इस बार गैर निकालने की परम्परा और भी व्यवस्थित नजर आई। कुछ नये समाजों ने इस तरह की परम्परा को शुरु किया है जिसके तहत सभी मिलजुलकर ऐसे गमी वाले परिवारों में बड़ी संख्या में पहुँचे तथा वहाँ गमी वाले परिवारों को गम भुलाकर अब बाहर निकलने की समझाईश, उन्हे होली का रंग लगाकर कहा कि आओ अब गम छोड़ो और होली में बाहर निकलो हम सब तुम्हारे साथ हैं। पहली दिन गमी की होली धूमधाम से हुई। दूसरे दिन कल भाईदूज पर नगर में होली का उत्साह देखते ही बन रहा था। हर एक चौराहे पर होली का उत्साह था। लेकिन नगर पालिका ने इस उत्सव में सारे विघ् उत्पन्न किये। सुबह जहाँ 8-9 बजे से पानी के टैंकर चलने चाहिये थे वह दोपहर 12 बजे तक चलना शुरु हुए और जो चले तो एक-एक बार पानी भरकर फिर ऐसे गायब हुए कि कहीं नजर ही नहीं आये। हुरियारे खासे नाराज हुए, अनेक चौराहों पर पानी नहीं आने के कारण वहाँ होली ठीक से नहीं मन पाई, राकेश राय मुर्दाबाद के नारे अनेक चौराहों पर लगे, इसके अलावा अनेक नारे भी लगाये गये, जिला प्रशासन हाय-हाय के नारे तो खुद जिला प्रशासन के सामने लाल टंकी पर हुरियारों ने जाकर लगाये लेकिन इसके बाद भी पानी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई। नमक चौराहा और गंज क्षेत्र सहित कुछ अन्य स्थानों की टोलियाँ भी लालटंकी बाल विहार मैदान पहुँची जहाँ पानी के टैंकर नहीं भेजने को लेकर हाट-टाक हुई, नारेबाजी हुई उसके बाद बमुश्किल पानी भेजा गया। कुल मिलाकर नगर पालिका ने होली जैसे त्यौहार पर कोई पुराना बदला ले लिया। इतना ही नहीं जब होली हो गई तो नगर में नल आने की परम्परा की खंडित कर दी गई, हालांकि जिला प्रशासन ने यह व्यवस्था कथित रुप से अपने कब्जे में ले रखी है लेकिन इस मामले में सिर्फ दादागिरी ही नजर आई व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं किया गया, पानी आया ही नहीं, लोग होली के बाद नल के लिये तरसते रहे और आक्रोशित रहे।