Tuesday, March 11, 2008

नगद 1 लाख के साथ कीमती हीरे-जेवर चोरी

आष्टा 10 मार्च (फुरसत)। नेमिनाथ श्वेताम्बर जैन मंदिर में आयोजित प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने आये मुम्बई निवासी श्रीमति यामिनी पत्नि अमित भाई झवेरी जिस फ्लैट में ठहरी थीं, आज प्रात: 8 से 11 बजे के बीच में उक्त फ्लैट के पिछले हिस्से की खिड़की में से अज्ञात चोर फ्लैट में घुसे और कमरे में रखी एक अटैची में से लगभग 1 लाख रुपये नगद, मोती का नेकलेस, हीरे का पैंडल, एक ब्रेसलेट, हीरे की बूटी सहित अन्य जेवरात चुरा कर ले गये। जिस वक्त अज्ञात चोर ने इस कार्य को अंजाम दिया।
उस वक्त फरियादी भगवान की प्रतिष्ठा जो प्रात: हो रही थी उसमें शामिल होने फ्लैट के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर गई हुई थीं तथा उनकी नौकरानी बाहर पास में ही बैठी थी। जब प्रतिष्ठा कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। फरियादी श्री यामिनी झवेरी फ्लैट में पहुँची तो उन्होने अटैची को खुला देखा तथा खिड़की खुली हुई पाई। तब उन्हे ज्ञात हुआ कि अज्ञात चोर अटैची में रखे नगदी रुपये व अन्य जेवरात चुरा कर ले गये हैं। बाद में उन्होने प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के प्रमुख कार्यकर्ताओं को उक्त घटना से अवगत कराया। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। तब एसडीओपी मनु व्यास, टीआई अतीक अहमद खान घटना स्थल पहुँचे। वहाँ निरीक्षण किया। बाद में सीहोर से एफएसएल पार्टी और फ्रिंगर प्रिंट विशेषज्ञ भी पहुँचे। इस संबंध में पुलिस ने पूछताछ के लिये कुछ लोगों को थाने बुलाया है। आश्चर्य इस बात का है कि हजारों की उपस्थिति प्रतिष्ठा महोत्सव में किले में होने के बाद भी दिन दहाड़े उक्त चोरी होना कई प्रकार की शंका-कुशंकाओं को जन्म दे रही है। वहीं आश्चर्य इस बात का भी है कि कल ही पुलिस जो प्रतिष्ठा महोत्सव में किले क्षेत्र में डयूटी पर लगी हुई है वहीं समिति ने सुरक्षा की दृष्टि से अनेकों निजी सुरक्षा कर्मियों को भी इस क्षेत्र में लगा रखा है। इसके बाद भी अज्ञात चोर यह घटना को अंजाम दे गया। स्मरण रहे कि कुछ दिनों पूर्व ही पास ही में स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर से अष्टधातु की मूर्ति चोरी के लगभग इसी समय चुराकर ले गया था। आज इस चोरी को पुलिस अभी स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही है कि कुल मशरुका कितना चोरी गया लेकिन नगर में चर्चा है कि करीब चोरी में 2 से 4 लाख रुपये चोरी होना माना जा रहा है। टीआई का कहना है कि फरियादी 454, 380 के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की खोज की जा रही है।

शुभ मूहुर्त संतों के सानिध्य में भगवान विराजे

आष्टा 10 मार्च (फुरसत)। आष्टा के नागरिको, भक्तो ने वर्षो पहले जो एक सपना देखा था। आज शुभ मुहूर्त में आष्टा तीर्थ नगरी में आज प्रतिष्ठा एवं अंजन शलाका कार्यम के नवम दिन पूज्य आचार्य देव श्रीमद् अजितसेन सू.म.सा., पूज्य आचार्य देवश्री विजय नयवर्धन सू.म.सा., पन्यास प्रवर हर्ष तिलक विजय जी म.सा. की शुभ निश्रा तथा हजारो श्रावक-श्राविकाओ की उपस्थिति में नव-निर्मित देरासर में मूलनायक भगवान श्री नेमिनाथजी की प्रतिष्ठा का लावा लेने वाले परिवार मुम्बई निवासी अरूणाबेन, कुमारपाल भाई, बालूभाई झवेरी परिवार के सदस्यो ने प्रतिष्ठा कार्यम सम्पन्न किया। अन्य भगवान की मूर्तियो की भी प्रतिष्ठा लावा लेने वाले परिवारजनो ने विधि विधान के साथ की। प्रतिष्ठा एवं अंजनशलाका कार्यम प्रतिष्ठाचार्य द्वारा सम्पन्न कराया गया। प्रात: शुभ मुहूर्त में मंदिर के शिखर पर ध्वज, कलश की भी स्थापना लावा लेने वाले परिवार के सदस्यो के हाथो सम्पन्न हुआ। प्रतिष्ठा कार्यम में आज म.प्र. के वित्त मंत्री श्री राघवजी भाई सपत्नीक पधारे। यहां पर मंत्री श्री राघवजी भाई ने पूज्य आचार्य श्री के दर्शन कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रतिष्ठा समिति ने उनका स्वागत सम्मान किया। इस अवसर पर प्रशासनिक व्यवस्था समिति के अध्यक्ष श्री राकेश सुराना ने उनकी अगवानी की। प्रतिष्ठा कार्यम के पश्चात् पूज्य आचार्य श्री विजय नयवर्धन सू.म.सा. ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि ज्ञानियो ने जिन भक्ति के बारे अनेको बाते बताई कि बिना जिन भक्ति के के मुक्ति प्राप्त नहीं हो सकती है। भारत वर्ष की धरा धर्म साधना के लिये, मोक्ष पाने के लिये योग्य भूमि है। मालवा में ही तीर्थ नगरी आष्टा में यह भव्य निर्माण तीर्थ के रूप में हुआ है। यहां मूल नायक भगवान श्री नेमिनाथ जी की, शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान की इतनी पुरानी प्रतिमायें हैं। निश्चित आष्टा को तीर्थ नगरी का गौरव प्राप्त हो सकता है। भगवान नेमिनाथ जी ने संसार के इस जीवन को राग का पथ बताकर पलभर में ठोकर मारकर वैराग्य का पथ स्वीकार किया। अब आप पर बहुत बडी जिम्मेदारी आ गई है कि भगवान की ऐसी भक्ति करें की भक्ति करते करते यह भाव दिल में आ जाये कि मेरा राग कब कम हो और वैराग्य के भाव कब आयें। कल आष्टा में भगवान की दीक्षाकल्याणक का जो विशाल और ऐतिहासिक वरघोड़ा निकला जिसका पूरे नगर के हर धर्म, वर्ग के लोगो ने अपनत्व भाव से जो सहयोग और सहभागिता प्रदान की आनन्द छा गया। आष्टा की प्रजा बहुत अच्‍छी है। आचार्य श्री ने कहा कि सभी कर्मो में मोहनीय कर्म, सभी व्रतो में चौथा व्रत और सभी इन्द्रियो में रसना इन्द्री बहुत ही कठिन है। अब आपको यह मानकर कि यह मंदिर मेरा है, यह भगवान मेरे हैं ऐसा समझकर ऐसी भक्ति करें कि आत्मा के कल्याण के द्वार खुल जायें। यह मेरी प्रेरणा आप सभी को है। इस अवसर पर आज पूज्य पन्यास प्रवर श्री हर्ष तिलक विजय जी म.सा. ने अपने भाव प्रगट करते हुये कहे कि बडे पुण्यों से यह मानव का जीवन मिला है। महापुण्य योग से प्रभु के शासन का यह योग प्राप्त हुआ है। जिसे परमात्मा का शासन मिल जाता है, उसकी मुक्ति सुनिश्चित है। वर्षो पहले जो सपना आचार्य श्री राजतिलक सू.म.सा. ने देखा था। आज लम्बे इंतजार के बाद प्रतिष्ठा के साथ यह सपना पूरा हुआ, दु:ख इस बात का है कि आचार्य श्री राजतिलक सूरिजी नहीं हैं लेकिन खुशी इस बात की है कि उनका सपना पूरा हुआ। उनके देवलोक के बाद जो बडी जिम्मेदारी मुझ पर थी आज उससे मुक्त हो गया। आज पूरे आष्टा में खुशी ही खुशी छाई है। मैं तो आज प्रतिष्ठा के बाद चिन्ता से मुक्त हो गया। लेकिन अब आपको इस तीर्थ कि चिन्ता करना है। आप पर बडी जिम्मेदारी है। सभी नें प्रतिष्ठा निर्माण में तन, मन, धन से पूरा सहयोग दिया, लाभ लिया है। अब आपकी जिम्मेदारी है कि इस तीर्थ की जिम्मेदारी यहां का श्री संघ करे।
आज की नवकारशी, स्वामी वात्सल्य, पूजा आदि का लाभ लेने वाले परिवार अरूणाबेन , कुमारपाल भाई झवेरी मुम्बई, राजमल छगनमल संचेती आष्टा का बहुमान मोतीचंद झवेरचंद झवेरी परिवार ने किया तथा दोपहर में पूजन के लाभार्थी परिवार इन्दरमल, महेन्द्रकुमार, बसंतकुमार सुराना परिवार का बहुमान अनोखीलाल बसंतकुमार खण्डेलवाल परिवार आष्टा ने किया। आज हिन्दू समाजसेवा संगठन की ओर से हिन्दू नेता अनोखीलाल खंडेलवाल ने दानदाताओ एवं समाज की सेवा करने वालो का बहुमान किया वहीं प्रतिष्ठा महोत्सव समिति की ओर से हिन्दू नेता अनोखीलाल खंडेलवाल का तथा अन्य दानदाताओ का बहुमान कर स्मृति चिन्ह भेंट किये गये। आज प्रतिष्ठा महोत्सव में दोपहर में वृहद् अष्टोत्तरी पूजन सम्पन्न हुई। समिति ने सुप्रसिध्द भजन गायक हितेश भाई का भी सम्मान किया गया। 15,16,17 मार्च में कायथा में आचार्य श्री की निश्रा में प्रतिष्ठा कार्यम होगा।
प्रात: शुभ मुहूर्त में प्रतिष्ठा का श्रेष्ठतम विधान, नूतन जिनबिंबो का प्रथम दर्शन, केवल ज्ञान कल्याणक की उजवणी, निर्वाणक कल्याणक के 108 अभिषेक के कार्यम सम्पन्न हुये।
11 मार्च को प्रात: शुभ मुहूर्त में चतुर्विध श्री संघ की उपस्थिति में मंगल वाजित्र के सुरीले स्वर के साथ बाजते भव्य जिनालय एवं गुरूमंदिर का द्वारोद्धाटन बोली लेने वाले श्रावक राजमल छगनमल संचेती के निवास से सभी मंदिरजी पहुचेगें और प्रतिष्ठा के बाद प्रभु के प्रथम दर्शन करायेगें। उसके बाद सत्तरभेदी पूजा सम्पन्न होगी एवं 22 छोड़ का भव्य उद्यापन भी सम्पन्न होगा। द्वारोद्धाटन के बाद पूज्य आचार्य श्री का आष्टा से सोनकच्‍छ की ओर मंगल विहार होगा।
आभार श्री नेमिनाथ श्वेताम्बर जैन मंदिर में भगवान श्री नेमिनाथ जी की भव्य प्रतिष्ठा एवं अंजन शलाका का कार्यम को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में समाज के साथ अन्य सभी समाजो का, म.प्र. शासन का, सभी संगठनो, समाजसेवी संस्थाओ, आष्टा नगर पालिका, विद्युत मण्डल, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग, अन्य सभी विभागो के वरिष्ठ अधिकारियो, अधीनस्थ अधिकारियो कर्मचारियो का प्रतिष्ठा महोत्सव समिति ने सभी का आभार व्यक्त करते हुये दिये गये प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोग के प्रति हदय से आभार व्यक्त किया। प्रतिष्ठा महोत्सव समिति ने समाज के सभी मण्डलो के प्रमुखो, बालक, बालिका, बहू मण्डल, युवा मण्डल एवं प्रतिष्ठा महोत्सव की अन्य उपसमितियो के सभी सदस्यो का भी सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।

गुजरात से आए चिकित्सकों ने किया हृदय रोगियों का परीक्षण

सीहोर 10 मार्च (फुरसत)। सीहोर स्थित गीताभवन में रूरल वर्ल्ड हेल्थ एंड एजुकेशन आर्गनाइजेशन संस्था भोपाल द्वारा आज हृदय रोगियों की जांच और परीक्षण के लिए एक केम्प आयोजित किया गया जिसमें गुजरात से आए हृदय रोग विशेषज्ञों ने रोगियों की जांच की । केम्प में हृदय से संबंधित रोग के अलावा डायबिटीज के रोगियों का परीक्षण किया गया । शिविर में करीब दो सौ रोगियों की जांच की गई और नि:शुल्क दवाएं भी वितरीत कि गई । रूरल वर्ल्ड हैल्थ एंड एजुकेशन आर्गनाइजेशन संस्था भोपाल द्वारा सीहोर जिले में हृदय एवं डायबिटीज के रोगियों की सुविधा के मद्देनजर गुजरात के सुपर स्पेशलिस्ट कार्डियोलाजिस्ट को बुलाकर मरीजों की जांच कराई गई । बेन्कर्स हार्ट इंसटीटयूट बडोदरा गुजरात से आए चिकित्सकों डा. निरव भालानी, डा. मुकेश गोयल एवं सैय्यद फरहान ने हृदय रोग, बाँल्व एवं ब्लडप्रेशर तथा शुगर रोग से संबंधित रोगियों की जांच की। शिविर में कार्डियोग्राम, इको कार्डियोग्राफी कलर डाप्लर टेस्ट, शुगर टेस्ट सहित अन्य जांच की सुविधाएं मौजूद थी । जिनके जरीए मरीजों की जांच की गई। शिविर में जिला चिकित्सालय सीहोर के चिकित्सक डा. बी.के.चतुर्वेदी ओर डा. आर.के.वर्मा, ने भी सहयोग प्रदान किया । संस्था की अध्यक्ष श्रीमति ज्योत्स्ना और सचिव डा. प्रीति ने बताया कि स्थानीय स्तर पर लोगों की बीमारियों का बेहतर और सही समय पर उपचार कराने के उद्देश्य को लेकर यह केम्प आयोजित किया गया । जिसमें गुजरात के हृदय रोग विशेषज्ञों को खास तौर से बुलाया गया ताकि अधिक से अधिक लोगो को स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक चिकित्सीय सुविधाओं का लाभ मिल सकें ।

बिजली कटोती के विरोध में कांग्रेस जनों ने ज्ञापन दिया

जावर 10 मार्च (फुरसत)। नगर में पिछले कुछ दिनों से बिजली की अघोषित कटौती का दौर जारी है जिसका नगर की पेयजल व्यवस्था के साथ ही छात्रों की बोर्ड परीक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है । कटौती के कारण छात्र छात्राएं अपनी पढ़ाई ठीक से नही कर पा रहे है । इसके अलावा जितने समय भी बिजली मिलती है उसमें बोल्टैज इतने कम आते है कि मोटरे ही चल नही पाती है । इन सब परेशानियों को देखते हुए शनिवार को कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने न.प. अध्यक्ष फूलसिंह मालवीय के नेतृत्व में जिलाधीश के नाम तहसीलदार के रीडर को ज्ञापन सौंपा गया । ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि बिजली व्यवस्था में शीध्र सुधार नही किया गया तो हम कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता नागरिकों के साथ आंदोलन करने को बाध्य होगे । न.प. अध्यक्ष ने बताया कि हमारी मांग है अन्य नगरीय क्षैत्रों की भांति जावर नगर को भी उच्च बोल्टेज के साथ पर्याप्त समय तक बिजली दी जाये दोपहर दो बजें से शाम 6 बजे तक बिजली दी जाय। साथ ही जावर नगर की सेफरेट लाइन खींचने के लिये पोल गढ़ गये है इस पर शीध्र तार खिचावायें जाये । ज्ञापन देने वालों में न.प. अध्यक्ष फूलसिंह मालवीय, नूतन कुमार जैन, राजेन्द्र भरेवा, कृष्ण गोपाल अजमेरा, आशिक अली, मुकेश चौरसिया, तेजसिंह, कमलसिंह, रामलाल, दिलीप जैन, विजेन्द्र जैन, दयाराम आदि थे।

Monday, March 10, 2008

वार्ता के पत्रकार को सरेआम पुलिस ने डंडे से मारा, दुकान तोड़ दी

सीहोर। दो दिन पूर्व मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री का जन्‍मदिन मनाते समय सीहोर जिले के कलेक्‍टर और एक सांसद के बीच हुए विवाद को वार्ता (यूएनआई) के वरिष्‍ठ पत्रकार ने जारी किया था। जिसमें कलेक्‍टर और भाजपा सांसद के बीच हुए घटनाक्रम का विस्‍तार से उल्‍लेख था । कलेक्‍टर के साथ हुई झूमाझटकी की जानकारी भी समाचार में थी। इस समाचार से पूरा जिला प्रशासन सीहोर नाराज था। आनन-फानन में वार्ता के पत्रकार रामनारायण ताम्रकार को उनके मकान और एक दुकान के संबंधित नोटिस जारी किया गया था कि आपका निर्माण नगर पालिका के नियमों के तहत नहीं है। 6 मार्च शिवरात्री के तीसरे दिन छपे समाचारों के बाद शनिवार 8 मार्च को पत्रकार को नोटिस मिले और आज 10 मार्च को अचानक पत्रकार की प्रसिद्ध दुकान को जिला प्रशासन के एसडीएम और नगर पालिका अमले ने पहुंचकर पूरा तोड़ दिया। यह दुकान नगर के प्रसिद्ध दुकान थी। पत्रकार ने जब इसका विरोध किया तो उसको बीच सड़क पर पुलिस ने लाठियों ने मारा, उसके बेटे की पीठ मार मारकर लाल कर दी। कुल घर के 4 सदस्‍यों को घायल कर दिया, समाज के अन्‍य लोग जो बचाने पहुंचे उन्‍हे भी पुलिस ने मारा। वार्ता एजेंसी क्‍या करती है देखते हैं। आज सोमवार को सुबह से नगर पालिका अमला प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम के साथ पहुंचा और उसने नई जनरल स्‍टोर की दुकान पर जेसीबी चला दी। सामान तक नहीं हटाने दिया गया। कांच और महंगे फर्नीचर की दुकान को जेसीबी ने तहस नहस कर दिया इसका विरोध करने पर पत्रकार पर पुलिस ने सरेआम डंडे बरसाये जिन लोगों ने बचाव का प्रयास किया उनकी पीठ भी लाल कर दी गई। चार लोगों की पीठ लाल हो गई, पूरे सीहोर जिले व नगर के लोग घटना से स्‍तब्‍ध हैं। घायलों को भोपाल हमीदिया रिफर किया गया है।

भगवान की दीक्षा का ऐतिहासिक वरघोड़ा निकला

आष्टा 9 मार्च (फुरसत)। आज श्री नेमिनाथ श्वेताम्बर जैन मंदिर में भगवान नेमिनाथ जी की प्रतिष्ठा एवं अंजनशलाका के आठवे दिन आज प्रात: मंदिरजी में देवीपूजन पूज्य आचार्य देवश्री अजितसेन सू.म.सा., आचार्य देवश्री विजय नयवर्धन सू.म.सा., पन्यास प्रवर श्री हर्षतिलक विजयजी म.सा. की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। इसके बाद प्रात: 9 बजे किला मंदिरजी से भगवान की दीक्षा का विशाल ऐतिहासिक वरघोड़ा प्रारम्भ हुआ। वरघोड़े में सबसे आगे सुसज्जित रथ में इन्द्र-इन्द्राणी इन्द्रध्वज के साथ आगे-आगे चल रहे थे। उसके पीछे हाथी, घोड़े, बग्गी, वर्धमान जैन नवयुवक मंडल का बैण्ड, दर्शनलोक कलामंडल उज्जैन के कलाकार आदिवासी नृत्य करते हुये, अहमदाबाद का मिलन बैण्ड, किला, गंज, स्थानक की महिला मण्डल, बहूमण्डल किला एवं गंज, बालिका मण्डल की सदस्यायें, युवा संघ के सदस्य अपनी-अपनी निर्धारित वेशभूषा धारण किये चल रहे थे। आज अहमदाबाद का मिलन बैण्ड, आष्टा का आजाद बैण्ड, भजन मण्डली भगवान के सुमधुर भजन गाते चल रहे थे। वहीं आज जब भगवान नेमप्रभु राजुल से विवाह के लिये पहुंचे तो उनके कानो में जैसे ही पशुओ का न्दन सुनाया, तब उन्होंनें कृष्ण से पूछा कि यह न्दन कैसा। तब उन्होनें बताया कि इन्हें किस लिये रोका गया है और उन्हें क्यों लाया गया है। जैसे ही नेम प्रभु ने सुना कि उनके कारण इन मूक पशुओ की मृत्यु होने वाली है। बस उसके तत्काल बाद उन्होनेंे शादी से इंकार कर दीक्षा का निर्णय ले लिया । उक्त झांकी आष्टा के कलाकार शेषनारायण मुकाती एवं श्री राम बजरंग मण्डल के युवा कलाकारो द्वारा बनाकर वरघोड़े में शामिल की गई थी। दीक्षा कल्याणक का विशाल वरघोड़ा किला मंदिरजी से प्रारंभ हुआ जो पुराना बस स्टेण्ड, अस्पताल रोड, परदेसीपुरा, बुधवारा, गल चौराहा, कन्नौद रोड, दादावाडी, अदालत रोड, सुभाष चौराहा, गांधी चौक, बडा बाजार, भवानी चौक होता हुआ। पुन: किला मंदिरजी पहुंचा। किला मंदिर जी पर भगवान की दीक्षा की उजवणी का बडा ही मार्मिक दृश्य कार्यम समपन्न हुआ। जिसमें भगवान नें किस प्रकार दीक्षा ग्रहण की उसका पूरा कार्यम समपन्न हुआ। भगवान की दीक्षा ग्रहण के प्रसंग देखकर उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं के नेत्रो से अश्रु बह निकले। किला मंदिरजी पर आज पूजन वरघोड़ा नवकारसी स्वामी वात्सल्य के लाभार्थी परिवार राजमल छगनमल संचेती आष्टा रतन चंद रूपा जी चौहान, मुम्बई, प्रेमकुमार सिंगी आष्टा, पारसमल सिंघवी आष्टा, पंकजभाई झवेरी मुम्बई का बहुमान अनोखीलाल, द्वारकाप्रसाद खण्डेलवाल परिवार, राजमल छगनमल संचेती परिवार ने बोली का लाभ लेकर लाभार्थी परिवार का बहुमान किया। आज प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के लिये मध्यप्रदेश शासन द्वारा नियुक्त किये प्रभारी मंत्री श्री पारसजी जैन (स्कूली शिक्षा राज्य मंत्री) पूरे समय वरघोड़े में शामिल रहे। वरघोड़े का समापन किला मंदिर पर मंत्री श्री पारसजी जैन, पूर्व मंत्री श्री सज्जन सिंह जी वर्मा, राज्य सभा सांसद श्री नारायण सिंह केसरी, क्षेत्र के विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री ललित नागौरी का प्रतिष्ठा महोत्सव समिति की ओर से पंकजभाई झवेरी, अहमदाबाद के समाज सेवी श्री सी.के. राव ने सम्मान कर सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये। इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक श्री रंजीतसिंह गुणवान समाजसेवी राजाराम बडेभाई सीहोर, इंजीनियर गोपालसिंह भोपाल, हिन्दू जागरण मंच के अनोखीलाल खण्डेलवाल, भाजपा नगर अध्यक्ष संतोष झंवर , बाबूलाल जैन नेताजी, विशेष रूप से उपस्थित थे। सम्मान समारोह का संचालन लोकेन्द्र बनवट ने किया। आज नगर में निकले भव्य ऐतिहासिक वरघोड़े में भगवान के माता-पिता बने श्री नीलेशभाई उर्वशी बेन मेहता, मुम्बई सुसज्जित रथ में भगवान को लेकर बैठे थे तथा पूरे वरघोड़े में हजारो रूपयो का वर्षीदान किया गया। जिसे लूटने के लिये पूरे वरघोड़े में भीड़ उमडी। आज नगर में निकले दीक्षा कल्याणक के वरघोड़े का मुस्लिम विकास मंच , मेवाडा समाज, पारख परिवार, पाटीदार समाज, स्वर्णकार समाज, खत्री परिवार, भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ, ओशोमित्र मंडल, खंडेलवाल परिवार, भाजयुमो जिला एवं नगर भाजपा, जांग़डा समाज , किराना,कपडा, सराफा व्यापारी संघ , मानस सम्मेलन समिति, हिन्दू उत्सव समिति, प्रभु प्रेमी संघ, मोहर्रम कमेटी काजीपुरा, पांचम परिवार, इंजी. गोपाल सिंह फैन्स क्लब, दाउदी बोहरा समाज, अनाज तिलहन व्यापारी संघ, केमिस्ट एसोसियेशन सहित अनेको नागरिको संगठनो ने वरघोड़े का स्थान - स्थान पर मंच बनाकर स्वागत सम्मान किया। सभी मंचो पर प्रतिष्ठान महोत्सव समिति के पदाधिकारियो का साफा बांधकर सम्मान किया गया। किला मंदिर पर प्रतिष्ठा परिशिष्ट आष्टा दर्पण का संपादक प्रकाश पोरवाल द्वारा अतिथियो से विमोचन कराया। वरघोड़ा किला मंदिर जी पहुंचा उसके बाद पूज्य आचार्य श्री नयनवर्धन सू.म.सा., पन्यास प्रवर हर्षतिलक विजय जी म.सा. की उपस्थिति में दीक्षा कल्याणक की भव्य उजवणी का कार्यम व अन्य धार्मिक कार्यम समपन्न हुये। आज प्रतिष्ठा महोत्सव में हजारो जैन-अजैन श्रावक-श्राविकायें शामिल थे। आज आष्टा में जो ऐतिहासिक वरघोड़ा निकला उसे आष्टा के इतिहास में अभी तक का सबसे विशाल वरघोड़ा माना जा रहा है। आज निकले विशाल वरघोड़े में पूरे नगर में स्थान-स्थान चौराहे-चौराहे पर पिण्डवाडा के युवा कलाकार अलकेशभाई वरघोड़े में आगे-आगे आकर्षक सुन्दर रंगोली बनाते हुये चल रहे थे। वरघोड़े में आचार्य श्री साधुजी, साध्वीजी, श्रावक-श्राविकायें शामिल थे। प्रतिष्ठा महोत्सव समिति ने आष्टा नगर के सभी नागरिको संगठनो का नगर में निकल वरघोड़े का स्वागत एवं सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। 10 मार्च को मंदिरजी में प्रात: नूतन जिनबिंबो का प्रथम दर्शन केवलज्ञान कल्याणक की उजवणी, निर्वाणक कल्याणक के 108 अभिषेक एवं शुभ मूहर्त में प्रतिष्ठा का श्रेष्ठतम विधान विजय मूहूर्त में प्रभावशाली श्री वृहद् अष्टोत्तरी शांति स्नात्र पूजन आदि के कार्यम समपन्न होगें।

ताम्रकार मामले में कांग्रेसी राज्यपाल से मिलकर करेंगे न्याय की गुहार

सीहोर 10 मार्च (फुरसत)। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार सहअधिवक्ता रामनारायण ताम्रकार के साथ जिला प्रशासन ने सुनियोजित ढंग से एक तरफा कार्यवाही कर उनके बस स्टेंड स्थित प्रतिष्ठान चौपाटी ससुराल को अतिक्रमण हटाए जाने का बहाना लेकर द्ववेषता पूर्ण कार्रवाई कर चौपट कर दिया तथा रामनारायण ताम्रकार एवं उनके पुत्र सुमित ताम्रकार तथा उनके भाई अशोक ताम्रकार तथा सहयोगी घनश्याम यादव पर जान लेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया । इस कृत्य की जिला कांग्रेस कमेटी कड़े शब्दों में निंदा करती है । म.प्र. विधानसभा में विधायक दल के प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री सानसिंह वर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार, पूर्व विधायक शंकरलाल साबू, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुश्री रूकमणी रोहिला, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा, महेश दयाल चौरसिया, कलीमउद्दीन कु रैशी, राजेश आजाद, पवन राठौर, दिनेश भैरवे, राहुल यादव, सुरेंद्र राठौर, मधुसूदन अग्रवाल आदि अन्य कांग्रेसजनों ने भोपाल स्थित हमीदिया अस्पताल में श्री ताम्रकार से मुलाकात की तथा समुचित घटनाक्रम से अवगत हुए । सानसिह वर्मा एवं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कैलाश परमार ने कहा कि 11 मार्च को जिला कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें समुचित घटना से अवगत कराएगा एवं न्याय की गुहार करेगा ।

ताम्रकार मामले में कांग्रेसी राज्यपाल से मिलकर करेंगे न्याय की गुहार

सीहोर 10 मार्च (नि.सं.)। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार सहअधिवक्ता रामनारायण ताम्रकार के साथ जिला प्रशासन ने सुनियोजित ढंग से एक तरफा कार्यवाही कर उनके बस स्टेंड स्थित प्रतिष्ठान चौपाटी ससुराल को अतिक्रमण हटाए जाने का बहाना लेकर द्ववेषता पूर्ण कार्रवाई कर चौपट कर दिया तथा रामनारायण ताम्रकार एवं उनके पुत्र सुमित ताम्रकार तथा उनके भाई अशोक ताम्रकार तथा सहयोगी घनश्याम यादव पर जान लेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया । इस कृत्य की जिला कांग्रेस कमेटी कड़े शब्दों में निंदा करती है ।
म.प्र. विधानसभा में विधायक दल के प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री सानसिंह वर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार, पूर्व विधायक शंकरलाल साबू, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सुश्री रूकमणी रोहिला, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा, महेश दयाल चौरसिया, कलीमउद्दीन कु रैशी, राजेश आजाद, पवन राठौर, दिनेश भैरवे, राहुल यादव, सुरेंद्र राठौर, मधुसूदन अग्रवाल आदि अन्य कांग्रेसजनों ने भोपाल स्थित हमीदिया अस्पताल में श्री ताम्रकार से मुलाकात की तथा समुचित घटनाक्रम से अवगत हुए । सानसिह वर्मा एवं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कैलाश परमार ने कहा कि 11 मार्च को जिला कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें समुचित घटना से अवगत कराएगा एवं न्याय की गुहार करेगा ।

Sunday, March 9, 2008

...और मारे भय के कलेक्टरी का शुध्दीकरण करवा डाला ( फागुन हास्‍य समाचार )

सीहोर। कलेक्टर कार्यालय में विगत कुछ दिनों से यह भ्रम फैला हुआ है कि यहाँ की दशा बिगड़ गई है, अब तरह-तरह के भ्रम और बातें तो यहाँ आम बात हैं ही क्योंकि पिछले कुछ दिनों से यहाँ आये दिन कुछ न कुछ गड़बड़ झाला हो ही रहा है। कभी कोई आंदोलन कारी आ जाते हैं, कभी घेराव हो जाता है। तरह-तरह के अपशकुन भी यहाँ होने लगे थे। पिछले कुछ दिनों से कुछ लोगों की छांव भी यहाँ गलत पड रही थी और कुछ लोग यहाँ से दूर भी हो गये थे। पूर्व के अनुभवी बाबु लोगों का मानना था कि गलत लोगों की संगत और छांव पूरी कलेक्टरी पर पड़ रही है, उसी के परिणामस्वरुप निरन्तर कोई ना कोई हानि हो रही है। बुरी छांव पड़ने का उतारा कैसे हो यह किसी को मालूम नहीं था....क्योंकि आजकल यहाँ अच्छी सलाह देने वाले कम ही आते हैं...और जो आते हैं वो ऐसा निपटवाते हैं बेचारा कोई समझ ही नहीं पाता कि उसके साथ कब ? कैसे ? किस प्रकार ? क्या हुआ है ? सीहोर में भी ऐसे महारथियों की कमी नहीं है जिनके पांव पढ़ते ही अच्छे-अच्छों की तबियत नासाज हो जाती है...तो चर्चा थी कि हो सकता है इसी का कुछ बुरा असर हो गया है। इधर लगातार बुरी छांव पढ़ने के फल भी देखने को मिलने लगे थे, कभी कहीं किसी का विवाद हो जाता था, कभी कहीं कोई बदमिजाज हो जाता था, कभी कहीं कोई अच्छे माहौल को बिगाड़ जाता था, कभी कोई तनाव की स्थिति पैदा हो जाती थी, कभी-कभी तो स्थिति इतनी विकट हो जाती थी कि लेने के देने पड ज़ाते थे और फिर पिछले दिनों महाशिवरात्री पर तो हद ही हो गई जब जबरन की कालदशा ने आकर घेर लिया। इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है इतनी बुध्दी तो यहाँ किसी की नहीं चल पाई लेकिन भारतीय व्यक्तियों में जन्मजात कुछ संस्कार तो होते ही हैं उसी के परिणामस्वरुप न जानते हुए भी शुध्दीकरण का एक टोटका तो यहाँ कलेक्टरी में करवा ही दिया गया है।
गणपति जी का नाम लेकर यहाँ कलेक्टरी की कल धुलवाई करवाई गई। धुलवाई क्या थी शुध्दीकरण समारोह था जिसमें कलेक्टरी प्रांगण से लेकर दरवाजे के बाहर तक बकायदा सड़क की धुलाई अग्निशामक वाहन से हुई, कारखाने के श्रमिकों के टेंट तक की अच्छी धुलाई हुई ताकि कहीं कोई बुरी बला आदि हो तो शुध्दीकरण से दूर हट जाये और इस प्रकार कुछ निश्चिंतता आई है। वैसे ही पतझड़ के मौसम में आये दिन कई पत्तियाँ पेड़ों का साथ छोड़कर हवाओं में गोते लगा रही हैं...धुल भरी हवाएं भी चल ही रहीं हैं....जो आये दिन सबकुछ धूलमधूल कर देती हैं...फिर होली आने ही वाली हैं जहाँ सारे चेहरे एक रंगे में रंग जायेंगे तो फिर ऐसे मौसम में शुध्दीकरण क्यों कराया गया इसको लेकर चर्चाएं हैं और कलेक्टरी में इसी पर हास्य उत्पन्न हो रहा है।

सीहोर में कोटवारों को मिली महिला दिवस पर साईकिल

हवा थी इतनी कम कि सारे पैदल ले गये, हल्की
किस्म की साईकिल देखते रह गये कोटवार.....
सीहोर 8 मार्च (फुरसत)। आज मध्य प्रदेश शासन की और से जिले भर के कोटवारों को बड़े स्तर पर नई साईकिलों का वितरण किया गया। नई साईकिल देखकर पहले तो कोटवार खासे खुश हुए लेकिन जब बाहर निकले तो पता चला कि उनमें तो हवा तक नहीं भरी है। साईकिल इतनी लुंज-पुंज थीं कि कोटवारों की खुली एक ही टिप्पणी थी कि भैया ये गांव के गड्डे में कैसे चल पायेगी।
करना धरना कुछ नहीं नाम दरोगा धर दो, वाली कहावत में यहाँ प्रशासन ने कोटवारों को आज साईकिल वितरित की, लेकिन साईकिल ऐसी दी गई कि बस नाम को ही साईकिल है, लेकिन मजबूती उसमें अपेक्षा से बहुत कम है।
सामान्य साईकिलों के वजन से लगभग आधे वजन की साईकिल को आज कोटवारों को बांटा गया। साईकिल में पहले पहल तो देखने पर पाया गया कि अधिकांश में हवा ही नहीं भरी थी। जब खोज हुई तो यह युक्ति समझ आई कि हवा इसलिये कम कि कोटवार यहाँ से जब जायें तो खुशी-खुशी जायें अगर हवा होगी तो बैठकर जायेंगे और बैठ गये तो कमजोर साईकिलें कहीं इधर-उधर न हो जाये इसलिये हवा कम थी। पूरे प्रदेश में करोड़ रुपये के लगभग की साईकिलें कोटवारों को बांटी गई हैं। हर साईकिल पर कम्पनी द्वारा लिखवा दिया गया है मध्य प्रदेश शासन को सप्लाई। इस प्रकार की साईकिले लेकर तहसील कार्यालय से बाहर निकले कोटवारों से जब फुरसत के प्रतिनिधि ने बात की तो उनका एक ही कहना था कि ऐसी साईकिल पर गांव में क्या काम होगा। गड्डो में कूदेगी तो चैस-कमानी कहां जायेगी पता ही नहीं चलेगा। साईकिल के कम वजन होने पर भी वह नाराज थे और एक हाथ से उठा-उठाकर बता रहे थे कि देखो इतने कम वजन की साईकिल में क्या खाक मजबूती होगी। लेकिन जब फ्री में मिल रही है तो ले तो जायें।

आष्टा का गिरनार (जैन तीर्थ)

आस्थावान नगरी आष्टा में श्री नेमिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर का इतिहास अत्यंत ही रोचक तथ्यों से भरा हुआ है। सम्प्रति महाराजा के काल में आज से लगभग बाईस सौ वर्ष पूर्व इस मंदिर का जीर्णोध्दार हुआ था न कि निर्माण। देश के कई शासकों के समय भी यह अपनी भव्यता एवं अलौकिकता का परिचय देता रहा। समय गुजरता गया, शासकों ने इसे नुकसान पहुँचाने की कुचेष्ठा भी की। जिसके परिणाम स्वरुप समाज के बुध्दी प्रमुखों ने कुछ मूर्तियाँ सुरक्षा की दृष्टि से प्राचीन मंदिर के तलघर में स्थापित की। लेकिन कोई भी ऐसा पुख्ता सबूत देकर नहीं गये कि मंदिर के नीचे भी मूर्तियां हें। इसे हम संयोग कहें या अद्भुत घटना की हजारो साधु संतों के आवागमन के पश्चात भी किसी साधु साध्वी या श्रावक को यह आभास नहीं हो सका। लेकिन पूय पन्यास प्रवर श्री हर्षतिलक विजय जी म.सा. को ईश्वरीय तौर पर ऐसे संकेत या आभास हुआ कि इस प्राचीन मंदिर के नीचे भी मूर्तियाँ हैं। साधु भगवंत के अथक प्रयास और साहस से यह स्वप् साकार हुआ जिसे लोग मूर्तियां होने का स्वप् मान रहे थे। खुदाई आरंभ होने पर पता लगा कि वहाँ कई मूर्तियाँ विराजित हैं जिसे पूयश्री ने विशेष क्रिया मांगलिक विधि के माध्यम से श्रावकों द्वारा बाहर निकलाया। सबसे यादा भव्य और प्रभावी मूर्ति श्री शंखेश्वरपार्श्वनाथ प्रभु की है जिनके प्रभाव का वर्णन शब्दों में करना असंभव है। मूलनायक श्रीनेमिनाथ भगवान तो प्रकट प्रभावी हैं, आशा पूरण हैं। इतनी प्राचीन मूर्ति आज के युग में देखने और पूजने के लिये बहुत मुश्किल से उपलब्ध होती है। इसकी प्राचीनता की देश के जाने माने पुरातत्व वेत्ता श्री वाकणकर ने भी आष्टा प्रवास के समय पुष्टि की थी। मूलनायक श्रीनेमिनाथ प्रभु के दर्शन जब करते हैं तो ऐसा लगता है साक्षात प्रभु विराजमान हैं। प्रभु पूजा से सच्चे सुख की अनुभूति होती हैं। पापों का क्षय होता है। मोक्ष मार्ग प्रशस्त होता है। कईयों के मनोरथ सफल होते हैं। प्रथम बार दर्शन से ही जो आकर्षण और अलौकिकता की किरणें बिखरती हैं वे दर्शक का मनमोह लेती हैं और वह श्रीनेमिनाथ प्रभु का भक्त हो जाता है। साध्वी उमा भारती और कनकेश्वरी देवी तो बेहद प्रभावित हुईं।
इस मंदिर का जीर्णोध्दार पिछले लगभग 25 वर्षों से निरन्तर चल रहा है। कई बार कई तरह के चमत्कार हुए। जैसे श्वेत नाग देवता का प्रकट होना, आकाश से केशर की बरसात होना, प्रभु की मूर्ति से अमि झरना, इसके अतिरिक्त एक सबसे बड़ा प्रभाव जो देखने को मिला वह यह कि जबसे जीर्णोध्दार कार्य प्रारंभ हुआ नगर के हर समाज के हर घर की निरन्तर प्रगति हुई लोगों में धर्म की भावना प्रबल हुई साथ ही अधिक से अधिक धन को धर्म में समर्पित करने की भावना जाग्रत हुई।
इस मंदिर के निर्माण को सर्वोच्च मुकाम पर पहुँचाने का श्रेय परम पूय आचार्य श्री राज तिलक सू.म.सा. को हैं जिन्होने गुजरात विचरण के समय केवल मूर्ति के फोटो के दर्शन किये और उन्होने इसके निर्माण की पूरी जिम्मेदारी ली लोगों को अधिक से अधिक प्रेरित कर दान कराया और उन्ही की प्रेरणा से यहाँ विशाल आराधना भवन, यांत्रिक भवन, भोजन शाला, ज्ञान भंडार, पेढ़ी, नेमिनाथ नगर, विशाल द्वार, भावी चौबीसी के गोखले, जीवदया मंडप, समोहशरण, उपाश्रय का नव निर्माण कराया, लेकिन विधाता को यह स्वीकार नहीं था कि जिस महाप्रासाद का निर्माण करा रहे हैं वहाँ उनके चरण पड़ सकें और प्रतिष्ठा करा सकें।
इसके पूर्व ही वे दिव्य लोक में विहार कर गये लेकिन उनकी दिव्य कृपा आज भी बरस रही है, जिनके घट-घट में श्रीनेमिनाथ प्रभु बसे थे उनके अस्वस्थ होने से उनका भार इस तीर्थोध्दारक श्री हर्षतिलक विजय जी पर आया। जिन्होने कर्मठ परिश्रम, अद्वितीय साहस, योग्यता, प्रभु निष्ठा, प्रेरक प्रवचन और मधुरवाणी का परिचय देते हुए अनेक संकटों, समस्याओं बाधाओं का जिंदादिली से सामना करते हुए आज इसे भारत प्रसिध्द बनाने में सफल हुए समाज सदा ऋणी रहेगा।
उन्ही की कृपा से यह विशाल जिनालय प्रतिष्ठा की प्रतीक्षा में हिमालय की तरह शान से आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। इसकी मनमोहनी चित्ताकर्षक नक्काशी की जितनी प्रशंसा की जाये कम है। पत्थरों को जिस तरह तराशा गया है वह शायद आबू देलवाड़ा के मंदिरों से कम नहीं है। मालवा के गिरनार के रुप में यह सम्पूर्ण भारत में प्रसिध्द हो चुका है। विदेशों में भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है।
अपने अमृत वचनों से लाभान्वित करने वाले प्रशांतमना प.पू.आचार्य भगवंत श्री अजित सेन सू.म.सा. तथा मुम्बई से उग्र विहार करके आष्टा पधारकर अपनी चरण रज से इस भूमि को पावन करने वाले आचार्य भगवंत श्री नयवर्धन सू.म.सा. तथा पन्यास प्रवर श्री हर्ष तिलक विजयजी म.सा. आदि साधु-साध्वी भगवंतों की शुभ निश्रा में 2 से 11 मार्च 2008 तक भव्य अंजन शलाका एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव सम्पन्न होगा। जिस ऐतिहासिक घड़ी का बेसब्री से इंतजार थ वह अब आ चुकी है। वे सब भाई बहन भाग्यशाली हैं जो अपने जीवनकाल की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण प्रभु प्रतिष्ठा को देखकर लाभान्वित होंगे क्योंकि यह सौभाग्य इस प्रतिष्ठा के पश्चात इसी मंदिर की पुन: प्रतिष्ठा के रुप में शायद न जाने कितनी पीढ़ियों के बाद प्राप्त हो। सबको शुभकामनाएं एवं हार्दिक बधाई।

वाराणसी के महाराज की दासी को मिली स्वर्णचैन

आष्टा 8 मार्च (फुरसत)। तीर्थ नगरी आष्टा में चल रहे प्रतिष्ठा एवं अंजन शलाका महोत्सव में आज छटे दिन प्रात: 6.15 बजे 18 अभिषेक एवं ध्वजदंड, कलश पूजन आदि का कार्यक्रम मंदिर जी में विधि-विधान के साथ पूय आचार्य श्रीमद् विजय अजितसेन सू.म.सा., आचार्य देव श्रीमद् विजय नयवर्धन सू.म.सा.पन्यास प्रवर श्री हर्ष तिलक विजयजी म.सा. की निश्रा में सम्पन्न हुई। पूजा आदि के कार्यक्रम के पश्चात प्रियंवदादासी के द्वारा पुत्र जन्म की वाराणसी के महाराज को खुश-खबरी सुनाकर उन्हे बधाई देने का कार्यक्रम, भुआ एवं उनके परिजनों द्वारा नाम स्थापना पालनाजी झुलाना, फोईयारा तथा भगवान का पाठशाला गमन का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ सभी पात्रों ने बहुत ही आकर्षक एवं सुंदर ढंग से अपना-अपना किरदार निभाया। आज प्रियंवदादासी द्वारा महारानी के पुत्र जन्म की खबर महाराजा को सुनाने का जो कि रदार कु.मेघा रांका ने निभाया उसकी सभी ने जमकर अनुमोदना की। खुशखबरी सुनने के बाद वाराणसी के महाराज ने दासी को स्वर्णचैन व अन्य भेंट दी। पूरे पंडाल में कलदार रुपयों की वर्षा की गई उसके बाद भतीजे का नामकरण कार्यक्रम हुआ जिसमें भुआ (पारसमल जी सिंघवी) का पूरा परिवार वाराणसी पहुँचा और पुत्र रत्न जन्म पर भैया और भाभी को बधाई दी। पुत्र जन्म की खुशी पर वाराणसी के महाराज ने अपने दरबार के मंत्री, कोषाध्यक्ष आदि को आमंत्रित कर घोषणा की कि कैदियों को रिहा कर दिया जाये, राजकोष खोल दिया जाये सभी के ऋण माफ कर दिये जायें। पूरे नगर में महोत्सव मनाया जाये अभयदान दिया जाये। उसके बाद नामकरण पाठशालागमन आदि का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। नामकरण की विधि नवीन भाई जामनगर वालों ने सम्पन्न कराई, जैसे ही भगवान के जन्म की खुशखबरी आई पूरे पांडाल में हर्ष उत्साह का माहौल छा गया, सभी ने नृत्य कर भगवान के जन्म की खुशियाँ मनाई। आज प्रतिष्ठा महोत्सव में पूर्व मुख्यमंत्री क्षेत्र के सांसद कैलाश जोशी भी उपस्थित हुए। उन्होने भगवान के दर्शन किये एवं मंदिर जी के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की बाद में श्री जोशी का स्वागत-अभिनंदन किया एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। आज कार्यक्रम में जिला कांग्रेस के अध्यक्ष कैलाश परमार जिला भाजपा के अध्यक्ष ललित नागौरी, भाजपा नगर के अध्यक्ष संतोष झंवर भी विशेष रुप से उपस्थित थे। आज पूजन के लाभार्थी परिवार गुलाबचंद जेशजी परिवार एवं नौकारसी-स्वामीवात्सल्य का लाभ लेने वाले रविन्द्र कुमार चन्द्रप्रकाश रांका परिवार का बहुमान राजकुमार स्वरुपचंद सुराना परिवार आष्टा एवं विमल कुमार परासकुमार सारंगपुर वालों ने किया।

सीहोर में भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुये

सीहोर 8 मार्च (फुरसत)। जिला पंचायत के पूर्व सदस्य व कांग्रेस नेता कमलेश कटारे के नेतृत्व में गत दिवस म.प्र. कांग्रेस क मेटी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी व प्रदेश के सहप्रभारी जतीन प्रसाद के स्वागत में आयोजित जन आक्रोश रैली के दौरान ग्राम खापरा, खण्डवा, चांदबड़, सोंठी, श्यामपुर, आदि क्षैत्रों के ग्रामीण कार्यक र्ताओं ने भाजपा छोड़ कांग्रेस की सदस्यता श्री कटारे के नेतृत्व में ली । इस अवसर पर कटारे ने सभी नये साथियों का पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया । सदस्यता लेने वालो में जमना प्रसाद गौर, रामलाल सिंह गौर, बद्रीप्रसाद, भवानी प्रसाद गौर, खुशीलाल गौर, शिवनारायण गौर, गोविन्द प्रसाद गौर, गोरधन गौर, लखन गौर, पन्ना लाल गौर, माधवसिंह गौर, रमेश गौर, कैलाश गौर, अवधनारायण गौर, प्रेमनारायण गौर, भगत सिंह पटेल गौर, तुलसीराम गौर, जीवन दास, तुलसीराम सेन, कृपाल सिंह गौर, हरिनारायण गौर, कमलश गौर, विनोद गौर, खण्डवा से - कुंवर जी मेम्बर साहब, विनोद पटैल सरपंच खण्डवा, मांगीलाल जाट, रामगोपाल मुकाती , मंगल पुरी, अशोक टेलर, रमेश प्रजापति, इब्राहिम अली, देवनारायण वर्मा, बद्रीप्रसाद वर्मा, बद्रीप्रसाद धनगर, जयराम जाट, बंशीलाल जाट, कमल सिंह विश्वकर्मा, राम पुरविया, मांगीलाल विश्वकर्मा, कुंवर जी नाथ, अरूण वर्मा, अनिल वर्मा, चांदबढ़ से राम पटेल, राम चन्दर शर्मा, ज्ञान सिंह मेवाड़ा, चन्दर सिंह, संतोष कुमार, शिवचरण गौर, अरविन्द कुमार शर्मा, सोंठी से - पटेल सोदान सिंह दांगी, रामनारायण शर्मा, सुमेर सिंह दांगी रायपुरा, विक्रम सिंह जाट, हृदेश दांगी आदि लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की ।

इछावर में आलू चोर महिला ने लगाई उठक-बैठक

इछावर 8 मार्च (फुरसत)। प्रति सप्ताह हाट बाजार के दिन सब्जी दुकानों पर पहुँचकर और सब्जी व्यापारी को अपनी बातों में उलझा कर एक महिला आलुओं पर हाथ साफ कर रही थी। गत दिवस हाट बाजार के दिन इस आलू चोर महिला ने जब एक सब्जी दुकान से आलू चोरी करने की कोशिश की तो दुकानदार की नजर उस पर पड़ गई और उसने उसे रंगे हाथ पकड़ कर उससे उठक-बैठक लगवाकर आगे चोरी न करने का कह कर भगा दिया उठक बैठक के दौरान सब्जी दुकान पर काफी भीड़ एकत्र हो गई थी।