सीहोर 28 फरवरी (फुरसत)। मण्डी पुलिस ने दुर्गा कालोनी निवासी दिनेश आ. रामस्वरूप को अवैध रूप से सट्टा पर्ची लिखते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया पुलिस ने इसके कब्जे से नगदी व सट्टा पर्ची जप्त कर धुत अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है ।
Friday, February 29, 2008
Thursday, February 28, 2008
पुलिया में दरार, इन्दौर-भोपाल मार्ग अवरुध्द
आष्टा 27 फरवरी (फुरसत)। अचानक आष्टा से निकलने वाले इन्दौर भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर जावर जोड़ पर मेहतवाड़ा के बीच में स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर के सामने बरसो पुराना एक छोटा पुल है। जिसमें आज अचानक दरार पड़ गई उक्त पुल नदी से लगभग 15-20 फिट ऊपर है समय से उक्त दरार को देख लिया गया नहीं तो इसके कारण इस पुल से निकलने वाला कोई सा भी वाहन अगर पुल पर आई दरार के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो जाता तो बड़ी घटना घट जाती। आज शाम को इसके लिये अस्थाई मार्ग की खोज में स्थानीय प्रशासन जुट गया। तथा खबर लिखे जाने तक उक्त पुल से वाहनों का गुजरना रोक दिया गया था। इस संबंध में एसडीओपी मनु व्यास ने बताया कि सूचना मिली है। मैं उक्त स्थान पर ही जा रहा हूं तथा देखता हूँ क्या हो सकता है। वहीं एसआई श्री जाट इस क्षेत्र से परिचित लोगों को नये रास्ते की खोज में निकले हुए हैं। खबर लिखे जाने के समय पुल के दोनो तरफ सैकड़ो वाहन एकत्रित हैं।
प्रशासन कान में अंगुली डालकर सो गया
सीहोर 27 फरवरी (फुरसत)। मार्च के प्रथम सप्ताह से 10 वीं-12 वीं बोर्ड की परीक्षाएं प्रारंभ हो रही हैं इसके अतिरिक्त स्कूलों की अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं भी लगभग इसी समय प्रारंभ हो रही है। इन दिनों स्कूलों में वार्षिक परीक्षाओं की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। छात्र-छात्राओं के अध्ययन में कोई रुकावट न हो इसके लिये जिला प्रशासन ने पूर्व में ही शोर शराबे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। प्रशासन के प्रतिबंध का बैण्ड बाजे वालों और डी.जे.साउण्ड वालों पर इसका कोई असर दिखाई नहीं देता है। विवाह समारोह में ध्वनि विस्तारक यंत्रों की तेज आवाज के साथ बैण्ड बाजे और डी.जे.साउण्ड का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है। लाउडस्पीकर और ढोल-ढमाकों की कान फोड़ू आवाज से जहाँ आमजन परेशान है वहीं अध्ययनरत विद्यार्थियों के अध्ययन में भी बाधा पहुँचा रही है। एक ही स्थान पर घंटो बजने वाले ढोल बाजों की आवाज खुले आम जिला प्रशासन के निर्देशों की अवहेलना करने पर उतारु हैं लेकिन प्रतिबंध के बाद लगता है प्रशासन कान में उंगली डाल कर सो गया है।
तुमसे क्या उम्मीद की जाये, आप किसी काम के नहीं हो (खुसुर:फुसुर)
सीहोर (घुमक्कड़) । एक बार फिर नगर की एक सबसे महत्वपूर्ण संस्था की बैठक लीक से हटकर एक नये स्थान पर की गई, असल में हर-बार छुपकर करने के बाद भी बैठक की बातें फैल जाती हैं इसलिये इस बार स्थान ही बदल दिया गया था, जो बैठक पहले चार महिने में एक बार होती थी वो अब महिने में चार बार होने लगी है। इस बार की बैठक क्या थी, सीधे-सीधे मुद्दे की बात यह थी कि भईया पिछली बैठक में तो स्पष्ट नहीं हुआ था कि विकास कैसे होगा लेकिन अब तो 'मौसम' आ गया है अब तो 'विकास' हो ही जाना चाहिये।
इस संस्था के प्रमुख जो हैं वह अध्यक्ष के रुप में बैठते हैं और सामने बैठक में जो तरह-तरह की उनकी पसंद वाले प्रतिनिधि रहते है वह बैठते हैं। फिर खिचडी पकना शुरु होती है कि आगे कैसे 'विकास' जारी रखा जाये। विकास मतलब 'विकास', मतलब सबका विकास....अरे भाई विकााााााााास अब भी नहीं समझे ?
इस बार की बैठक पिछली बार की बैठक से यादा गंभीर थी। पिछली बार वाली बैठक में सिर्फ बातचीत की गई थी कि किस प्रकार 'विकास' किया जाना है लेकिन जब 'विकास' शुरु ही नहीं हुआ तो आज सारे लोग पूरी तैयारी से उपस्थित हुए। उन्होने बैठक के शुरु होते ही शिकायतों की झडी लगा दी और वह आपा खोने की स्थिति में आ गये। इस पर अध्यक्ष ने अपनी गरिमा का बखान किया कि भाई मैं अध्यक्ष हूँ....और उन्होने जाने क्या-क्या बोला तब जाकर सब शांत हुए।
एक ने कहा कि 'तुमसे हम क्या उम्मीद रखें....तुम किसी काम के नहीं हो....। दूसरे ने बोला 'मैने कहा भी था कि उस वाली को वहाँ से हटा दो, लेकिन वो आज तक नहीं हटाई गई जब जाता हूँ वो ही बैठी रहती है वहाँ, उसे दूसरी जगह क्यों नहीं किया जा रहा है'। तीसरे ने तो स्पष्ट ही कह दिया कि 'कि हम फुकलेट घूम रहे हैं तुम्हारे अपने वाले मजे उठा रहे हैं'। चौथा और भी नाराज था अचानक बोल पड़ा 'लगता है जैसे प्रशासन हमें चला रहा हो'। सब अपनी-अपनी बात रख रहे थे। अचानक सामने बैठा अध्यक्ष संभलते हुए बोला कि नाराज क्यों होते हो भाई.....मैने तुम्हारे लिये सब किया है...फिर वो भी अपनी-अपनी बोलने का प्रयास करने लगा। लेकिन आज तो कोई उसकी सुनने को तैयार ही नहीं था। सब अपना आपा खोये हुए थे। जाने क्या-क्या बोल रहे थे। भड़ास निकलने के बाद अंतत: सबने मांग की कि भैया अब तो 'मौसम' आ गया है। मौसम में ही तो चलती है, मौसम में ही तो बंटता है। पिछली बार भी मौसम आते ही खूब चलवाये थे आपने, सबको पूरा-पूरा लाभ मिला था, अच्छा-खासा मामला बन गया था। इस बार भी चलवाना ही है जल्दी चलवाओ ताकि 'मौसम' का पूरा-पूरा लाभ उठाया जा सके। बरना फिर मौसम बिगड़ जाये बादल आ जायें, बादल गरज जायें....बिजली कड़क जाये...तो फिर गया अपना तो साल। कितनी मेहनत के बाद मौसम के शुरुआत में ही ऐसी स्थिति बनती है कि 'मौसम' का लाभ उठाया जा सके। सबने अध्यक्ष से कहा कि देखो-देखो मौसम बदल गया है, अब आप भी संभलो, और हमारा ख्याल रखते हुए इस मौसम में कुछ करो। इससे हमारा ही नहीं आपका और सबका कल्याण हो जायेगा। बैठक में इस बार भी अंत में निष्कर्ष निकाला गया कि अब आगे क्या करना है....निष्कर्ष निकला कि एकदम सही-सही 'मौसम' आ गया है इसलिये तत्काल कार्यवाही शुरु करते हुए सबके गले तर कर दिये जायें....बैठक में लग रही गर्मी से और बातचीत से हुई गर्मागर्मी में फिर सबने पानी पिया और यह कहते चले गये कि देखो भैया 'मौसम' बदल गया है।
इस संस्था के प्रमुख जो हैं वह अध्यक्ष के रुप में बैठते हैं और सामने बैठक में जो तरह-तरह की उनकी पसंद वाले प्रतिनिधि रहते है वह बैठते हैं। फिर खिचडी पकना शुरु होती है कि आगे कैसे 'विकास' जारी रखा जाये। विकास मतलब 'विकास', मतलब सबका विकास....अरे भाई विकााााााााास अब भी नहीं समझे ?
इस बार की बैठक पिछली बार की बैठक से यादा गंभीर थी। पिछली बार वाली बैठक में सिर्फ बातचीत की गई थी कि किस प्रकार 'विकास' किया जाना है लेकिन जब 'विकास' शुरु ही नहीं हुआ तो आज सारे लोग पूरी तैयारी से उपस्थित हुए। उन्होने बैठक के शुरु होते ही शिकायतों की झडी लगा दी और वह आपा खोने की स्थिति में आ गये। इस पर अध्यक्ष ने अपनी गरिमा का बखान किया कि भाई मैं अध्यक्ष हूँ....और उन्होने जाने क्या-क्या बोला तब जाकर सब शांत हुए।
एक ने कहा कि 'तुमसे हम क्या उम्मीद रखें....तुम किसी काम के नहीं हो....। दूसरे ने बोला 'मैने कहा भी था कि उस वाली को वहाँ से हटा दो, लेकिन वो आज तक नहीं हटाई गई जब जाता हूँ वो ही बैठी रहती है वहाँ, उसे दूसरी जगह क्यों नहीं किया जा रहा है'। तीसरे ने तो स्पष्ट ही कह दिया कि 'कि हम फुकलेट घूम रहे हैं तुम्हारे अपने वाले मजे उठा रहे हैं'। चौथा और भी नाराज था अचानक बोल पड़ा 'लगता है जैसे प्रशासन हमें चला रहा हो'। सब अपनी-अपनी बात रख रहे थे। अचानक सामने बैठा अध्यक्ष संभलते हुए बोला कि नाराज क्यों होते हो भाई.....मैने तुम्हारे लिये सब किया है...फिर वो भी अपनी-अपनी बोलने का प्रयास करने लगा। लेकिन आज तो कोई उसकी सुनने को तैयार ही नहीं था। सब अपना आपा खोये हुए थे। जाने क्या-क्या बोल रहे थे। भड़ास निकलने के बाद अंतत: सबने मांग की कि भैया अब तो 'मौसम' आ गया है। मौसम में ही तो चलती है, मौसम में ही तो बंटता है। पिछली बार भी मौसम आते ही खूब चलवाये थे आपने, सबको पूरा-पूरा लाभ मिला था, अच्छा-खासा मामला बन गया था। इस बार भी चलवाना ही है जल्दी चलवाओ ताकि 'मौसम' का पूरा-पूरा लाभ उठाया जा सके। बरना फिर मौसम बिगड़ जाये बादल आ जायें, बादल गरज जायें....बिजली कड़क जाये...तो फिर गया अपना तो साल। कितनी मेहनत के बाद मौसम के शुरुआत में ही ऐसी स्थिति बनती है कि 'मौसम' का लाभ उठाया जा सके। सबने अध्यक्ष से कहा कि देखो-देखो मौसम बदल गया है, अब आप भी संभलो, और हमारा ख्याल रखते हुए इस मौसम में कुछ करो। इससे हमारा ही नहीं आपका और सबका कल्याण हो जायेगा। बैठक में इस बार भी अंत में निष्कर्ष निकाला गया कि अब आगे क्या करना है....निष्कर्ष निकला कि एकदम सही-सही 'मौसम' आ गया है इसलिये तत्काल कार्यवाही शुरु करते हुए सबके गले तर कर दिये जायें....बैठक में लग रही गर्मी से और बातचीत से हुई गर्मागर्मी में फिर सबने पानी पिया और यह कहते चले गये कि देखो भैया 'मौसम' बदल गया है।
सीहोर में कालबेलिया चड्डी बनियान धारी गिरोह को तिहरा आजीवन कारावास, 95 हजार अर्थदण्ड
आष्टा 27 फरवरी (फुरसत)। न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट टे्रक कोर्ट आष्टा राजेश श्रीवास्तव द्वारा धारा 395 सहपठित धारा 397 एवं धारा 395 एवं धारा 396 भादसं के अंतर्गत सत्र प्र. क्र. 4305 एवं 4405 शासन विरूद्व धर्मेन्द्र आदि में आरोपीगण धर्मेन्द्र आ. हीरा नाथ, गुड्डू नाथ आ. बैजनाथ, सुक्कू नाथ आ. हीरा नाथ नि. ग्राम खामला पाड़ा थाना पेटलावद जिला झाबूआ एंव फून्दानाथ आ. अमरनाथ, भंवर नाथ आ. पन्ना लाल नाथनि. ग्राम रामगढ़ जिला झाबूआ, पीरूनाथ आ. नाहर जी नि. छायन जिला धार, सूरजनाथ आ. रतनलाल नि. बड़नगर जिला उौन तथा निकटस्थ ग्राम अरनिया कला थाना अवंतीपुर बड़ोदिया, जि. शाजापुर में आरोपी, पदमनाथ पुत्र पन्नानाथ को प्रत्येक धाराओं में प्रथक-प्रथक आजीवन कारावास एवं क्रमश: 10,000-रुपये, 25000- रुपये, 10,000-रुपये, इस प्रकार प्रत्येक आरोपी को नब्बे हजार रुपये अर्थदण्ड से एवं सत्र प्र. क्र. 4605 में उक्त सभी आरोपीगण को 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रूपये के अर्थदंड से धारा 395 सहपठित धारा 397 भादसं. के अंतर्गत दण्डित किये जाने का निर्णय पारित किया ।
विदित हो कि वर्ष 2004 में चड्डी बनियान धारी गिरोह के नाम से कुख्यात डकैतो द्वारा आष्टा तहसील सहित म.प्र. एवं अन्य राज्यों में हत्या सहित डकैती की कई घटनाएें अंजाम दी थी । जिससे क्षैत्र में आंतक का माहौल बन गया था । उक्त आरोपीगण ने दिनों 11.05.04 को रात्रि लगभग 9 बजे अन्य दो आरोपीयों के साथ आष्टा के निकट ग्राम डाबरी में देवीप्रसाद के टप्पर पर लाठियों से लेस होकर फरियादी कैलाशसिंह नि. डाबरी जो वहां सो रहा था के साथ मारपीट कर डकैती की और और उसके 600 रुपये व हाथ की घड़ी छीनकर उसके कपड़े फाड़कर उन्हीं कपड़ों से बांध कर भाग गये । जिसे दूसरे दिन सुबह भांजे देवीप्रसाद ने खोला तब कैलाश की रिपोर्ट पर थाना आष्टा में अप. क्र. 28105 पंजीबद्ध हुआ तथा मान. न्यायालय द्वारा इस अपराध के सत्र प्र.क्र . 4805 में उपर्युक्त 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदण्ड से सभी आरोपीगण को दण्डित किया ।
दूसरी घटना में दि. 12.05.04 की रात्रि लगभग 1 बजे उक्त आरोपीगण ने फरियादी मोहनसिंह मेवाड़ा नि. मालीपुरा के खेत स्थित चाचरसी जोड़ के पास बने मकान पर डकै ती हेतू धावा बोलकर उसके परिवार में उसकी मां लीलाबाई एवं पत्नी ममता बाई के सोने चांदी के जेवर छीने उसे भी बिजली के तार एवं साड़ी के टुकड़ें से बांध दिया व मकान के बाहर सोये उसके पिता अनारसिंह को बांध कर पलंग पर हत्या कारित की व मामा मेहरबान सिंह को भी बांध कर मारपीट की तथा भाई अजाबसिंह को भी बांधकर पैसे छीने जिसकी रिपोर्ट फरियादी मोहनसिंह द्वारा थाना आष्टा में किये जाने पर अप. क्र. 2805 थाना आष्टा में पंजीबद्ध हुआ इस अपराध के सत्र प्र.क्र. 4305 में सभी आरोपीगण को तिहरा आजीवन कारावास एवं 45 हजार रुपये अर्थदंड से मा. न्यायालय द्वारा दण्डित किया गया । तीसरी घटना दिनांक 28.05.04 को रात्रि लगभग 1 बजे ग्राम कुमड़ावदा जोड़ के पास धरमसिंह खाती के कुएं पर बने मकान पर जहां बाहर मेहरबानसिंह, उमाशंकर एवं धरमसिंह सोये थे तथा फरियादीया प्रेमलता बाई एवं सास मोतन बाई बच्चों के साथ मकान के अंदर सोई थी आरोपीगण लकड़ियों से लैस होकर डकैती हेतू आये तो फरियादी प्रेमलता बाई एवं सास मोतन बाई के चांदी के जेवर डरा धमका कर एवं मारपीट कर छीन लिया व बाहर सोये धरमसिंह एवं उमाशंकर के हाथ पैर बांध दिये व मारपीट की तथा नरबतसिंह की हत्या कर दी । जिसकी रिपोर्ट प्रेमलता बाई द्वारा देहाती नालासी के रूप में पुलिस आष्टा को दी जिस पर थाना आष्टा ने अप. क्र. 31905 पंजीबद्ध हुआ । इस अपराध क्र.सत्र प्र. क्र. 4405 में सभी आरोपीगण को तिहरा आजीवन कारावास एवं 45,000 रुपये अर्थदण्ड से मा. न्यायालय द्वारा दण्डित किया गया ।
विदित हो कि वर्ष 2004 में चड्डी बनियान धारी गिरोह के नाम से कुख्यात डकैतो द्वारा आष्टा तहसील सहित म.प्र. एवं अन्य राज्यों में हत्या सहित डकैती की कई घटनाएें अंजाम दी थी । जिससे क्षैत्र में आंतक का माहौल बन गया था । उक्त आरोपीगण ने दिनों 11.05.04 को रात्रि लगभग 9 बजे अन्य दो आरोपीयों के साथ आष्टा के निकट ग्राम डाबरी में देवीप्रसाद के टप्पर पर लाठियों से लेस होकर फरियादी कैलाशसिंह नि. डाबरी जो वहां सो रहा था के साथ मारपीट कर डकैती की और और उसके 600 रुपये व हाथ की घड़ी छीनकर उसके कपड़े फाड़कर उन्हीं कपड़ों से बांध कर भाग गये । जिसे दूसरे दिन सुबह भांजे देवीप्रसाद ने खोला तब कैलाश की रिपोर्ट पर थाना आष्टा में अप. क्र. 28105 पंजीबद्ध हुआ तथा मान. न्यायालय द्वारा इस अपराध के सत्र प्र.क्र . 4805 में उपर्युक्त 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपये के अर्थदण्ड से सभी आरोपीगण को दण्डित किया ।
दूसरी घटना में दि. 12.05.04 की रात्रि लगभग 1 बजे उक्त आरोपीगण ने फरियादी मोहनसिंह मेवाड़ा नि. मालीपुरा के खेत स्थित चाचरसी जोड़ के पास बने मकान पर डकै ती हेतू धावा बोलकर उसके परिवार में उसकी मां लीलाबाई एवं पत्नी ममता बाई के सोने चांदी के जेवर छीने उसे भी बिजली के तार एवं साड़ी के टुकड़ें से बांध दिया व मकान के बाहर सोये उसके पिता अनारसिंह को बांध कर पलंग पर हत्या कारित की व मामा मेहरबान सिंह को भी बांध कर मारपीट की तथा भाई अजाबसिंह को भी बांधकर पैसे छीने जिसकी रिपोर्ट फरियादी मोहनसिंह द्वारा थाना आष्टा में किये जाने पर अप. क्र. 2805 थाना आष्टा में पंजीबद्ध हुआ इस अपराध के सत्र प्र.क्र. 4305 में सभी आरोपीगण को तिहरा आजीवन कारावास एवं 45 हजार रुपये अर्थदंड से मा. न्यायालय द्वारा दण्डित किया गया । तीसरी घटना दिनांक 28.05.04 को रात्रि लगभग 1 बजे ग्राम कुमड़ावदा जोड़ के पास धरमसिंह खाती के कुएं पर बने मकान पर जहां बाहर मेहरबानसिंह, उमाशंकर एवं धरमसिंह सोये थे तथा फरियादीया प्रेमलता बाई एवं सास मोतन बाई बच्चों के साथ मकान के अंदर सोई थी आरोपीगण लकड़ियों से लैस होकर डकैती हेतू आये तो फरियादी प्रेमलता बाई एवं सास मोतन बाई के चांदी के जेवर डरा धमका कर एवं मारपीट कर छीन लिया व बाहर सोये धरमसिंह एवं उमाशंकर के हाथ पैर बांध दिये व मारपीट की तथा नरबतसिंह की हत्या कर दी । जिसकी रिपोर्ट प्रेमलता बाई द्वारा देहाती नालासी के रूप में पुलिस आष्टा को दी जिस पर थाना आष्टा ने अप. क्र. 31905 पंजीबद्ध हुआ । इस अपराध क्र.सत्र प्र. क्र. 4405 में सभी आरोपीगण को तिहरा आजीवन कारावास एवं 45,000 रुपये अर्थदण्ड से मा. न्यायालय द्वारा दण्डित किया गया ।
खेत में मवेशी घुसने की बात को लेकर जानलेवा हमले में पिता पुत्र घायल
सीहोर 27 फरवरी (फुरसत)। रविवार की शाम को ग्राम सेवनिया के रास्ते में खेत में मवेशी घुसने की बात को लेकर तीन लोगों ने मिलकर गांव को लौट रहे पिता पुत्र पर डंडो से प्रहार कर घायल कर दिया ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अहमदपुर थाना क्षैत्र के ग्राम इमलिया बुगली वाली रहने वाले मखमल बेलदार व उसका पुत्र आजाद, लतीफ रविवार की सुबह ग्राम सेवनिया गये थे जहां से तीनों शाम को अपने घर वापस आ रहे थे तभी गांव के समीप सेवनिया के रास्ते में असरफ खां, असीन खां, रईस खां ने मिलकर रास्ते में इन्हें रोक लिया व गामी गुफतार करते हुये मखमल व उसके पुत्र आजाद पर डंडो से प्रहार कर सिर व शरीर में जानलेवा चोटें पहुंचाई ।
बीच-बचाव करने आये अजीज व लतीफ के साथ भी इन्होंने मारपीट कर चोटें पहुंचाई इस घटना में गंभीर रूप से घायल मखमल को उपचार हेतू भोपाल अस्प. में दाखिल कराया गया है । शेष घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी कर दी गई है । पुलिस ने घटना में शामिल आरोपी असरफ को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जाता है कि मखमल की भैंस रविवार की संछा को असरफ के खेत में भरा गई थी जिसको लेकर दोनो पक्षों के मध्य गाली गलौच व कहा-सुनी हुई थी । और इसी बात को लेकर असरफ बगैरह ने शाम को इनके साथ यह उक्त घटना घटित की ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अहमदपुर थाना क्षैत्र के ग्राम इमलिया बुगली वाली रहने वाले मखमल बेलदार व उसका पुत्र आजाद, लतीफ रविवार की सुबह ग्राम सेवनिया गये थे जहां से तीनों शाम को अपने घर वापस आ रहे थे तभी गांव के समीप सेवनिया के रास्ते में असरफ खां, असीन खां, रईस खां ने मिलकर रास्ते में इन्हें रोक लिया व गामी गुफतार करते हुये मखमल व उसके पुत्र आजाद पर डंडो से प्रहार कर सिर व शरीर में जानलेवा चोटें पहुंचाई ।
बीच-बचाव करने आये अजीज व लतीफ के साथ भी इन्होंने मारपीट कर चोटें पहुंचाई इस घटना में गंभीर रूप से घायल मखमल को उपचार हेतू भोपाल अस्प. में दाखिल कराया गया है । शेष घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी कर दी गई है । पुलिस ने घटना में शामिल आरोपी असरफ को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जाता है कि मखमल की भैंस रविवार की संछा को असरफ के खेत में भरा गई थी जिसको लेकर दोनो पक्षों के मध्य गाली गलौच व कहा-सुनी हुई थी । और इसी बात को लेकर असरफ बगैरह ने शाम को इनके साथ यह उक्त घटना घटित की ।
सीहोर में प्रो.डॉ. भागचंद जैन को शिवना सारस्वत सम्मान प्रदान किया गया
सीहोर 27 फरवरी (फुरसत)। शहर की अग्रणी साहित्यिक प्रकाशन संस्था शिवना प्रकाशन ने सुकवि मोहन राय की प्रथम पुण्य तिथि पर गीतांजली समारोह का आयोजन कर उनको अपनी श्रध्दांजलि अर्पित की । इस अवसर पर शिक्षाविद् प्रो. डॉ. भागचन्द जी जैन को शिवना सारस्वत सम्मान से समादृत किया गया ।
सुकवि मोहन राय की प्रथम पुण्यतिथि पर शहर के साहित्यकारों तथा बुध्दिजीवियों ने शिवना प्रकाशन के आयोजन में उनको अपनी श्रध्दांजलि अर्पित की । कार्यक्रम का अध्यक्षता पूर्व विधायक श्री शंकरलाल जी साबू ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मुम्बई से पधारे श्री केशव राय उपस्थित थे । विशेष अतिथि के रूप में सारणी से पधारे गीतकार श्री सजल मालवीय और सहकारी बैंक के प्रबंधक श्री अजय चंगी उपस्थित थे तथा कार्यक्रम के सूत्रधार शिवना प्रकाशन के प्रकाशक पंकज सुबीर थे । कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने तथा मां सरस्वती तथा सुकवि श्री राय के चित्र पर माल्यर्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । युवा कवि जोरावर सिंह ने मां सरस्वती की वंदना का सस्वर पाठ किया । शिवना की ओर से डॉ. कैलाश गुरू स्वामी, बृजेश शर्मा, अनिल राय ने पुष्प हारों से तथा ओम राय ने बैज लगाकर अतिथियों का स्वागत किया । वरिष्ठ कवि श्री रमेश हठीला तथा हरीओम शर्मा दाऊ ने स्व. श्री राय के गीतों का सस्वर पाठ करे उनको गीतांजलि अर्पित की। तत्पश्चात शिवना प्रकाशन की ओर से दिया जाने वाला सुकवि मोहन राय स्मृति शिवना सारस्वत सम्मान कन्या महा विद्यालय के प्राचार्य तथा शहर के वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. डॉ. भागचन्द जी जैन को दिया गया । अतिथियों ने शाल श्रीफल तथा सम्मान पत्र भेंट कर श्री जैन को ये सम्मान प्रदान किया । इस अवसर पर बोलते हुए श्री केशव राय ने कहा कि धन्यवाद के पात्र होते हैं वे लोग जो किसी साहित्यकार को उसके जाने के बाद भी इतनी शिद्दत के साथ याद करते हैं । प्रो. डॉ. भागचन्द जैन ने सीहोर के साथ अपने अट्ठाईस साल पुराने रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि इतने वर्षों में इस शहर ने मुझे इतना कुछ दिया है कि मुझे कभी भी अपने गृह नगर सागर लौट कर वापस जाने का विचार भी नहीं आया । उन्होंने सीहोर की साहित्यिक चेतना की भी प्रशंसा की । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक श्री शंकरलाल साबू ने कहा कि मोहन राय के साथ पूरे शहर के लोगों को नेह का नाता था सभी के साथ उनके आत्मीय संबंध थे । सुकवि मोहन राय अपनी कविताओं अपने साहित्य के कारण हमेशा हमारे दिलों में रहेंगें वे कभी हमसे जुदा नहीं हो पाएंगें । सजल राय ने मोहन राय को गीतों का राजकुमार निरूपित करते हुए उनको गीतों के माध्यम से अपनी श्रध्दांजलि अर्पित की । अंत में आभार व्यक्त करते हुए डॉ. मोहम्मद आजम ने सभी को आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के पत्रकार, साहित्यकार, सुधि श्रोता उपस्थित थे ।
सुकवि मोहन राय की प्रथम पुण्यतिथि पर शहर के साहित्यकारों तथा बुध्दिजीवियों ने शिवना प्रकाशन के आयोजन में उनको अपनी श्रध्दांजलि अर्पित की । कार्यक्रम का अध्यक्षता पूर्व विधायक श्री शंकरलाल जी साबू ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मुम्बई से पधारे श्री केशव राय उपस्थित थे । विशेष अतिथि के रूप में सारणी से पधारे गीतकार श्री सजल मालवीय और सहकारी बैंक के प्रबंधक श्री अजय चंगी उपस्थित थे तथा कार्यक्रम के सूत्रधार शिवना प्रकाशन के प्रकाशक पंकज सुबीर थे । कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने तथा मां सरस्वती तथा सुकवि श्री राय के चित्र पर माल्यर्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । युवा कवि जोरावर सिंह ने मां सरस्वती की वंदना का सस्वर पाठ किया । शिवना की ओर से डॉ. कैलाश गुरू स्वामी, बृजेश शर्मा, अनिल राय ने पुष्प हारों से तथा ओम राय ने बैज लगाकर अतिथियों का स्वागत किया । वरिष्ठ कवि श्री रमेश हठीला तथा हरीओम शर्मा दाऊ ने स्व. श्री राय के गीतों का सस्वर पाठ करे उनको गीतांजलि अर्पित की। तत्पश्चात शिवना प्रकाशन की ओर से दिया जाने वाला सुकवि मोहन राय स्मृति शिवना सारस्वत सम्मान कन्या महा विद्यालय के प्राचार्य तथा शहर के वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. डॉ. भागचन्द जी जैन को दिया गया । अतिथियों ने शाल श्रीफल तथा सम्मान पत्र भेंट कर श्री जैन को ये सम्मान प्रदान किया । इस अवसर पर बोलते हुए श्री केशव राय ने कहा कि धन्यवाद के पात्र होते हैं वे लोग जो किसी साहित्यकार को उसके जाने के बाद भी इतनी शिद्दत के साथ याद करते हैं । प्रो. डॉ. भागचन्द जैन ने सीहोर के साथ अपने अट्ठाईस साल पुराने रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि इतने वर्षों में इस शहर ने मुझे इतना कुछ दिया है कि मुझे कभी भी अपने गृह नगर सागर लौट कर वापस जाने का विचार भी नहीं आया । उन्होंने सीहोर की साहित्यिक चेतना की भी प्रशंसा की । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक श्री शंकरलाल साबू ने कहा कि मोहन राय के साथ पूरे शहर के लोगों को नेह का नाता था सभी के साथ उनके आत्मीय संबंध थे । सुकवि मोहन राय अपनी कविताओं अपने साहित्य के कारण हमेशा हमारे दिलों में रहेंगें वे कभी हमसे जुदा नहीं हो पाएंगें । सजल राय ने मोहन राय को गीतों का राजकुमार निरूपित करते हुए उनको गीतों के माध्यम से अपनी श्रध्दांजलि अर्पित की । अंत में आभार व्यक्त करते हुए डॉ. मोहम्मद आजम ने सभी को आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के पत्रकार, साहित्यकार, सुधि श्रोता उपस्थित थे ।
दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज
आष्टा 27 फरवरी (फुरसत)। अपने घर में विवाहिता को दहेज की मांग को लेकर सताने वाले ससुरालियों के खिलाफ सिद्धिकगंज पुलिस ने दहेज एक्ट के तहत तीन लोगो के विरूद्ध मामला दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम अभयपुर देवास निवासी अजाबसिंह की 22 वर्षीय पुत्री माया का विवाह 4-5 वर्ष पूर्व ग्राम पगारिया हाट निवासी जितेन्द्र सिंह के साथ हुआ था बताया जाता है कि माया का पति जितेन्द्र सिंह दहेज में एक लाख रुपया नगद मोटर सायकल व रंगीन टी.वी. की मांग कर माया को प्रताड़ित करता था तथा उसके इस कार्य में लखन एवं पपीता द्वारा भी सहयोग दिया जाता था । जिनकी प्रताड़ना से तंग आकर मायाबाई ने थाना सिद्धिकगंज पहुंचकर अपनी व्यथा पुलिस को सुनाई जिस पर पुलिस ने इनके विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्यवाही प्रारंभ कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम अभयपुर देवास निवासी अजाबसिंह की 22 वर्षीय पुत्री माया का विवाह 4-5 वर्ष पूर्व ग्राम पगारिया हाट निवासी जितेन्द्र सिंह के साथ हुआ था बताया जाता है कि माया का पति जितेन्द्र सिंह दहेज में एक लाख रुपया नगद मोटर सायकल व रंगीन टी.वी. की मांग कर माया को प्रताड़ित करता था तथा उसके इस कार्य में लखन एवं पपीता द्वारा भी सहयोग दिया जाता था । जिनकी प्रताड़ना से तंग आकर मायाबाई ने थाना सिद्धिकगंज पहुंचकर अपनी व्यथा पुलिस को सुनाई जिस पर पुलिस ने इनके विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्यवाही प्रारंभ कर दी है।
अब पचौरी 3 को आयेंगे सीहोर
सीहोर 27 फरवरी (फुरसत)। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यहाँ सीहोर में पहली बार आ रहे हैं जो पहले 2 मार्च को आने वाले थे अचानक इनका कार्यक्रम बदलकर 3 मार्च हो गया है जिससे कांग्रेसी यादा उत्साहित हैं अब पचौरी जी सुबह 1 बजे कोतवाली चौराहा पर पहुँचेंगे जो शाम तक सीहोर में रहेंगे। शाम 5 बजे पत्रकार वार्ता भी सभा स्थल पर ही होगी। आज वरिष्ठ कांग्रेस नेता जसपाल सिंह अरोरा, अध्यक्ष कैलाश परमार सहित अन्य कांग्रेसी नेता भोपाल जाकर सुरेश पचौरी से इस संबंध में मिलकर बातचीत करके आये।
Wednesday, February 27, 2008
सीहोर में अब बीच नाले पर हो रहा है पक्का निर्माण कार्य नगर पालिका को सम्पत्ति का ख्याल नहीं
सीहोर 26 फरवरी (फुरसत)। नगर को सुन्दर स्वच्छ बनाने के हसीन सपने दिखाने वाले नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय ने तो नगर के लिये कुछ नहीं किया लेकिन यहाँ नगर पालिका की उदासीनता के कारण अतिक्रमकारियों के हौंसले बुलंद वा बुलंद होते चले गये हैं। पूरा नगर अतिक्रमण की चपेट में है। हर तरफ अतिक्रमण.... अतिक्रमण..... अतिक्रमण। यहाँ तक लोग नल्ले की गंदगी में भी अपना सुन्दर मकान और दुकान बनाने से नहीं चूक रहे हैं। गंज क्षेत्र में नाले पर प्रतिदिन अतिक्रमण हो रहा है। नालियों पर मकान तानना तो दूर अब नालियां पूर कर अतिक्रमण की नई शुरुआत भी हो चुकी है। सडक़ों पर घरों का पानी बहाया जा रहा है। दुकानदारों ने सड़कों पर दुकान का निर्माण कर लिया है।
अतिक्रमणकारियों के बुलंद हौंसले नगर पालिका के अकर्मण्य रवैये और नजुल विभाग की कुंभकर्णी नींद का खामियाजा अब संपूर्ण नगर और नगर वासियों को भोगना पड़ रहा है। अतिक्रमण करने वालों से नदी नाले भी महफूज नहीं दिखाई देते।
अतिक्रमण कर्ताओं की सरेआम सरकारी गैरसरकारी से जहाँ एक और शहर भर अव्यवस्थित होने लगा है वहीं इन अतिक्रमणकारियों की कार गुजारियों को शहर के संभ्रांत लोग भुगतने को मजबूर से होकर रह गये हैं।
शहर की सड़कें, खाली पड़ी भूमि, इन अतिक्रमणकारियों की निगाहों में खटकने लगी है। प्रशासन की उदासीनता ने इन जमीन खोरों के हौंसले बुलंद कर रखे हैं। नगर के प्रत्येक वार्ड में अतिक्रमण-कारियों की कारगुजारियां आये दिनदेखी सुनी जा सकती है। राजनैतिक दल और क्षेत्र के पार्षद भी इन जमीन खोरों की हरकतों से वाकिफ है लेकिन अतिक्रमणकारियों को रोकना तो दूर चाहे अनचाहे इन कथित जनप्रतिनिधियों का उन्हे सहयो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से उन्हे प्राप्त होता रहता है। जब सैयां भए कोतवाल तो डर काहे का वाली कहावत अनुसार जमीन खोर अब नागरिकों का जीना दुश्वार तक करने लगे हैं।
शहर में दो तरह का अतिक्रमण जोरों पर चल रहा है। व्यवसायिक अतिक्रमण और आवासीय अतिक्रमण व्यवसायिक अतिक्रमणकारियों ने जहाँ बाजार का स्वरुप ही बिगाड़कर रख दिया है वहीं आवासीय अतिक्रमण कारियों ने शहर की सम्पूर्ण व्यवस्था पर ही प्रश् चिन्ह अंकित कर दिया है।
आवासीय अतिक्रमण कारियों की निगाहें हमेशा सरकारी और गैर सरकारी खाली पड़ी भूमि पर लगी रहती है और वह हमेशा ऐसे स्थान की तलाश में रहते हैं तथा मौका मिलते ही उस पर अपना कब्जा ठोंक कर उस पर अपना जबरिया हक जता देते हैं। मछली पुल के पास बीच नाले में हो रहा पक्का अतिक्रमण इसका वलंत उदाहरण है।
ऐसे में कोई यदि इन अतिक्रमण कारियों का विरोध करने का साहस जुटाता भी है तो यह जमीन खोर उसे सबक सिखाने से नहीं चूकते हैं।
शहर के गंज, कस्बा, मंडी, फ्री गंज, बेलदार पुरा, सिपाही पुरा, कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ आवासीय अतिक्रमण कारियों ने अपने-अपने घरों की सीमा रेखा बढ़ा ली है जहाँ जैसा मौका मिला उन्होने अतिक्रमण कर उसे अपनी सीमा में घेर लिया है।
गंज, कस्बा, सुदामा नगर, फ्री गंज मंडी ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ अतिक्रमण कारियों का सर्वाधिक जोर है । गंज क्षेत्र में तो अतिक्रमणकर्ता रहवासियों ने अपने घरों की नालियाँ समाप्त कर सड़कों की पटरियाँ तक अपने कब्जे में कर कच्चे-पक्के निर्माण कार्य तक करा डाले हैं। नालियाँ बंद होने से जहाँ घरों के निस्तार का गंदा पानी सड़कों पर फैलकर गंदगी पैदा करता है वहीं वाहन और पैदल से आवाजाही करने वालों को परेशानियों के साथ हमेशा दुर्घटनाओं का भय बना रहता है। प्रशासन यदि गंभीरता के साथ शहर में हो रहे इस प्रकार के अतिक्रमण का सर्वे कराए तो और भी अधिक चौंकाने वाले तथ्य उभरकर आयेंगे।
इसी प्रकार व्यवसायिक अतिक्रमणकारी मेरा टेसू यहीं अड़ा की तर्ज पर चाहे जहाँ अपनी गुमठी ठेला अड़ाकर बाजार की आवाजाही को ठप्प कर डालते हैं। गाँधी मार्ग, मेन रोड, न्यू बस स्टेण्ड, कोतवाली चौराहा, नदी चौराहा, गल्ला मंडी चौराहा इन व्यवसायिक अतिक्रमण-कारियों से भरा पड़ा है। बस स्टेण्ड पर आने जाने वाले यात्रियों को तो इन लोगों के पान डब्बों और हाथ ठेलों की वजह से बैठने तक को स्थान नहीं मिल पाता है। कुल मिलाकर नगर पालिका एवं जिला प्रशासन की लापरवाही और उपेक्षा के चलते शहर के विकास का सपना चूर-चूर होने लगा है। पूरा नगर अतिक्रमण की चपेट में आ चुका है। सड़के सकरी हो गई हैं। गलियाँ इतनी सी रह गई हैं कि जिनमें से निकलना दूभर हो गया है। सड़कों पर लोगों के सेफ्टीटेंक बने हुए हैं। न सिर्फ सड़क, नालियाँ बल्कि नगर पालिका की कई सार्वजनिक सम्पत्तियों पर और नजूल विभाग की जमीनों पर भी खुले आम अतिक्रमण पूरे रौब के साथ जारी है। खुद नगर पालिका की सम्पत्तियों की नपा देखभाल नहीं कर रही है। जिससे सम्पत्ति भी नष्ट हो रही है।
अतिक्रमणकारियों के बुलंद हौंसले नगर पालिका के अकर्मण्य रवैये और नजुल विभाग की कुंभकर्णी नींद का खामियाजा अब संपूर्ण नगर और नगर वासियों को भोगना पड़ रहा है। अतिक्रमण करने वालों से नदी नाले भी महफूज नहीं दिखाई देते।
अतिक्रमण कर्ताओं की सरेआम सरकारी गैरसरकारी से जहाँ एक और शहर भर अव्यवस्थित होने लगा है वहीं इन अतिक्रमणकारियों की कार गुजारियों को शहर के संभ्रांत लोग भुगतने को मजबूर से होकर रह गये हैं।
शहर की सड़कें, खाली पड़ी भूमि, इन अतिक्रमणकारियों की निगाहों में खटकने लगी है। प्रशासन की उदासीनता ने इन जमीन खोरों के हौंसले बुलंद कर रखे हैं। नगर के प्रत्येक वार्ड में अतिक्रमण-कारियों की कारगुजारियां आये दिनदेखी सुनी जा सकती है। राजनैतिक दल और क्षेत्र के पार्षद भी इन जमीन खोरों की हरकतों से वाकिफ है लेकिन अतिक्रमणकारियों को रोकना तो दूर चाहे अनचाहे इन कथित जनप्रतिनिधियों का उन्हे सहयो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से उन्हे प्राप्त होता रहता है। जब सैयां भए कोतवाल तो डर काहे का वाली कहावत अनुसार जमीन खोर अब नागरिकों का जीना दुश्वार तक करने लगे हैं।
शहर में दो तरह का अतिक्रमण जोरों पर चल रहा है। व्यवसायिक अतिक्रमण और आवासीय अतिक्रमण व्यवसायिक अतिक्रमणकारियों ने जहाँ बाजार का स्वरुप ही बिगाड़कर रख दिया है वहीं आवासीय अतिक्रमण कारियों ने शहर की सम्पूर्ण व्यवस्था पर ही प्रश् चिन्ह अंकित कर दिया है।
आवासीय अतिक्रमण कारियों की निगाहें हमेशा सरकारी और गैर सरकारी खाली पड़ी भूमि पर लगी रहती है और वह हमेशा ऐसे स्थान की तलाश में रहते हैं तथा मौका मिलते ही उस पर अपना कब्जा ठोंक कर उस पर अपना जबरिया हक जता देते हैं। मछली पुल के पास बीच नाले में हो रहा पक्का अतिक्रमण इसका वलंत उदाहरण है।
ऐसे में कोई यदि इन अतिक्रमण कारियों का विरोध करने का साहस जुटाता भी है तो यह जमीन खोर उसे सबक सिखाने से नहीं चूकते हैं।
शहर के गंज, कस्बा, मंडी, फ्री गंज, बेलदार पुरा, सिपाही पुरा, कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ आवासीय अतिक्रमण कारियों ने अपने-अपने घरों की सीमा रेखा बढ़ा ली है जहाँ जैसा मौका मिला उन्होने अतिक्रमण कर उसे अपनी सीमा में घेर लिया है।
गंज, कस्बा, सुदामा नगर, फ्री गंज मंडी ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ अतिक्रमण कारियों का सर्वाधिक जोर है । गंज क्षेत्र में तो अतिक्रमणकर्ता रहवासियों ने अपने घरों की नालियाँ समाप्त कर सड़कों की पटरियाँ तक अपने कब्जे में कर कच्चे-पक्के निर्माण कार्य तक करा डाले हैं। नालियाँ बंद होने से जहाँ घरों के निस्तार का गंदा पानी सड़कों पर फैलकर गंदगी पैदा करता है वहीं वाहन और पैदल से आवाजाही करने वालों को परेशानियों के साथ हमेशा दुर्घटनाओं का भय बना रहता है। प्रशासन यदि गंभीरता के साथ शहर में हो रहे इस प्रकार के अतिक्रमण का सर्वे कराए तो और भी अधिक चौंकाने वाले तथ्य उभरकर आयेंगे।
इसी प्रकार व्यवसायिक अतिक्रमणकारी मेरा टेसू यहीं अड़ा की तर्ज पर चाहे जहाँ अपनी गुमठी ठेला अड़ाकर बाजार की आवाजाही को ठप्प कर डालते हैं। गाँधी मार्ग, मेन रोड, न्यू बस स्टेण्ड, कोतवाली चौराहा, नदी चौराहा, गल्ला मंडी चौराहा इन व्यवसायिक अतिक्रमण-कारियों से भरा पड़ा है। बस स्टेण्ड पर आने जाने वाले यात्रियों को तो इन लोगों के पान डब्बों और हाथ ठेलों की वजह से बैठने तक को स्थान नहीं मिल पाता है। कुल मिलाकर नगर पालिका एवं जिला प्रशासन की लापरवाही और उपेक्षा के चलते शहर के विकास का सपना चूर-चूर होने लगा है। पूरा नगर अतिक्रमण की चपेट में आ चुका है। सड़के सकरी हो गई हैं। गलियाँ इतनी सी रह गई हैं कि जिनमें से निकलना दूभर हो गया है। सड़कों पर लोगों के सेफ्टीटेंक बने हुए हैं। न सिर्फ सड़क, नालियाँ बल्कि नगर पालिका की कई सार्वजनिक सम्पत्तियों पर और नजूल विभाग की जमीनों पर भी खुले आम अतिक्रमण पूरे रौब के साथ जारी है। खुद नगर पालिका की सम्पत्तियों की नपा देखभाल नहीं कर रही है। जिससे सम्पत्ति भी नष्ट हो रही है।
सिक्कों की समस्या के लिये भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ सक्रिय
जावर 26 फरवरी (फुरसत)। सोमवार को भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ द्वारा नगर में खुल्ले सिक्के एक,दो की समस्या को लेकर भारतीय रिर्जव बैंक के गवर्नर के नाम तहसील के रीडर को ज्ञापन दिया । गोरतलब है कि नगर में लम्बे समय से खुल्ले पैसे एक दो के सिक्कों को समस्या बनी हुई है । खुल्ले पैसे नही होने के कारण दुकानदार ग्राहको को ट्राफी पाउच या फिर माचिस देते है कई बार खुल्ले पैसे को लेकर व्यापारी व ग्राहक में तकरार भी हो जाती है । बाजार में एक दो के सिक्के नही होने के कारण व्यापारियों को व्यापार करने में असुविधा होती है । इन सिक्कों को कमी के कारण व्यापारी को प्रतिदिन नुकसान भी उठाना पड़ता है । वही ग्राहकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है । ज्ञापन में मांग की गई है कि पहले प्रचुर मात्रा में एक, दो के सिक्के चलन में थे लेकिन न जाने क्यों उक्त सिक्के बाजार से गायब हो गये इसके कारणों की खोज होना चाहिये । पत्र में मांग की गई एक व दो के सिक्के बैकों के माध्यम से व्यापारीयों को उपलब्ध करवाये जाये । कई बार बैंको की शाखा में भी सिक्कों के लिये सम्पर्क किया गया , लेकिन बैंक वाले आज तक सिक्के उपलब्ध नही करा पाये । एक व दो के सिक्कों की नगर में लम्बे समय से कमी है जिस कारण व्यापारी व ग्राहक दोनो परेशान है । व्यापारी भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ ने स्थानीय बैंक शाखाओं में एक व दो के सिक्के उपलब्ध करवाने की मांग ज्ञापन के माध्यम से भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर से की है । ज्ञापन सौंपने वालो में मण्डल अध्यक्ष राकेश सिंह, प्रेमसिंह, बहादुरसिंह, राजेन्द्रसिंह, संतोष जैन, रामसिंह, हरिश शर्मा, सुरेन्द्र सिंह, संतोष लश्कार, सुनील लोधी, आदि । fursat sehore
सीहोर सरस्वती विद्या मंदिर में दीक्षांत समारोह संपन्न
सीहोर 26 फरवरी (फुरसत)। स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर उ.मा.वि. डिपो सीहोर में कक्षा द्वादशी के भैया-बहिनों का विदाई समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जे.पी. पुरोहित, अध्यक्ष डा. सुनीता जैन, के द्वारा दीप प्रावलित कर किया गया। मातृ वन्दना के पश्चात विद्यालय के भैया रितेश शर्मा व मनोहर मीणा द्वारा तिलक व श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया संस्था प्रधान दिनेश सिंह राठौड़ द्वारा परिचय दिया गया भैया-बहिनों को मार्गदर्शित करते हुए श्री पुरोहित ने कहा कि कक्षा बारहबी भविष्य निर्धारण का आधार होती है । हम इस प्रकार की शिक्षा प्राप्त करे जिसके साथ-साथ हम जीविकोपार्जन भी कर सकें । इस अवसर पर डा. सुनीता जैन ने भैया बहिनों को आर्शीवाद प्रदान किये । तत्पश्चात विद्यालय के प्राचार्य द्वारा भैया बहिनों को मार्गदर्शित किया । इस अवसर पर कक्षा द्वादशी के भैया बहिनों ने अपने अनुभवों को व्यक्त किये । एकादशी के भैया -बहिनों द्वारा दी गई यह विदाई ढेरों शुभकामनाओं व स्वल्पाहार के साथ संपन्न हुई। fursat sehore
उपभोक्ता फोरम द्वारा बिजली का बिल निरस्त
सीहोर 26 फरवरी (फुरसत)। जिला उपभोक्ता फोरम ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में अनावेदक म.प्र. म.क्षै.वि.वि.कं. लि. बुधनी के विरूद्व एवं आवेदक विवेक सेन के पक्ष में निर्णय पारित किया है कि अनावेदक द्वारा किया गया बिल 1.03.07 रुपया 5,476- का अपत्ति किया जाता है साथ में परिवाद व्यय स्वरूप 500- रु. दिलाये जाने के आदेश पारित किये है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदक ने अपना एसटीडी पीसीओ चलाने के लिये विपक्षी से एक विद्युत कनेक्षन प्राप्त किया था । आवेदक का प्रत्येक माह 25-30 यूनिट की खपत होती थी परंतु दिनांक 01.08.07 को अनावेदक ने 834 यूनिट की खपत बताते हुये 5,476-रु. का बिल आवेदक को दिया । आवेदक ने इसकी शिकायत कई बाद विपक्षी से की और विपक्षी ने मीटर बदलने का कहा । आवेदक ने दुखी होकर अपने अधिवक्ता जी.डी. बैरागी से सलाह लेकर जिला उपभोक्ता फोरम में आवेदन प्रस्तुत किया । जिला उपभोक्ता फोरम में विद्वान अध्यक्ष ए.के. तिवारी, सदस्य अम्बादत्त भारती, सदस्या शकुन विजयवर्गीय ने दोनो अधिवक्ताओं के तर्क श्रवण कर रिकार्ड का अवलोकन कर आदेश पारित किया कि अनावेदक द्वारा दिया गया बिल निरस्त किया जावे एवं अनावेदक आवेदक को परिवाद स्वरूप 500रुपये अदा करे । आवेदक की और से पैरवी अधिवक्ता जी.डी. बैरागी ने की । fursat sehore
प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदक ने अपना एसटीडी पीसीओ चलाने के लिये विपक्षी से एक विद्युत कनेक्षन प्राप्त किया था । आवेदक का प्रत्येक माह 25-30 यूनिट की खपत होती थी परंतु दिनांक 01.08.07 को अनावेदक ने 834 यूनिट की खपत बताते हुये 5,476-रु. का बिल आवेदक को दिया । आवेदक ने इसकी शिकायत कई बाद विपक्षी से की और विपक्षी ने मीटर बदलने का कहा । आवेदक ने दुखी होकर अपने अधिवक्ता जी.डी. बैरागी से सलाह लेकर जिला उपभोक्ता फोरम में आवेदन प्रस्तुत किया । जिला उपभोक्ता फोरम में विद्वान अध्यक्ष ए.के. तिवारी, सदस्य अम्बादत्त भारती, सदस्या शकुन विजयवर्गीय ने दोनो अधिवक्ताओं के तर्क श्रवण कर रिकार्ड का अवलोकन कर आदेश पारित किया कि अनावेदक द्वारा दिया गया बिल निरस्त किया जावे एवं अनावेदक आवेदक को परिवाद स्वरूप 500रुपये अदा करे । आवेदक की और से पैरवी अधिवक्ता जी.डी. बैरागी ने की । fursat sehore
आष्टा में डा. सत्यनारायण जटिया विचार मंच की कार्यकारिणी घोषित
आष्टा 26 फरवरी (फुरसत)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता उज्जैन सांसद डा. सत्यनारायण जटिया विचार मंच का गठन विगत दिनों किया गया था । जिसमें अध्यक्ष युवा मोर्चा जिलामंत्री संजीव सोनी पांचम को बनाया गया था । युवा नेता संजीव सोनी पांचम ने डा. सत्यनारायण जटिया विचार मंच की कार्यकारिणी की घोषणा की जिसमें उपाध्यक्ष राकेश गुप्ता, सुरेश पांचाल, प्रशांत जैन, संदीप धनगर, महामंत्री- रूपेश सोनी, कोषाध्यक्ष - प्रदीप मालवीया, उपकोषाध्यक्ष- विनोद गुंजाल, मंत्री- गोपाल मेवाड़ा, धीरज सोनी, विकास नागौरी, सांस्कृतिक मंत्री- अरूण खत्री, प्रवीण राठौर, निखिल नामदेव, निक्की सोनी, प्रचार मंत्री- नरेन्द्र डोंगरे, ललित सोनी, प्रकाश नायक, भय्यू नामदेव, संजय गोस्वामी, प्रवक्ता- चंचल मोटवानी, कार्यालय मंत्री- रवि श्रौत्रिय, ग्रामीण प्रभारी व कार्यकारी अध्यक्ष- नितीन सोनी महाकाल को बनाया गया है । fursat sehore
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