Sunday, February 10, 2008

मण्डी सचिव और व्यापारी में हुआ विवाद चर्चा का विषय बना

आष्टा 8 फरवरी (फुरसत)। कृषि उपज मण्डी के सचिव एवं एक व्यापारी के बीच में कार्यालय में हुआ विवाद पूरी मण्डी प्रांगण में चर्चा का विषय बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मण्डी व्यापारी और सचिव के बीच में किसी बात को लेकर उनके कार्यालय में जमकर उठापटक और भोपाली में जो कुछ वार्तालाप हुआ जिसे देखने और सुनने के लिये कक्ष के बाहर कई लोग जमा हो गये थे अब वह विवाद दोनो के बीच जो हुआ उस विवाद के पीछे क्या कारण है ?
वो अस्पष्ट है लेकिन मामला कुछ विशेष ही लगता है। इस विवाद के बाद एक चर्चा और उभरकर आई है कि मण्डी प्रशासन ने कुछ ऐसा कार्य भी किया है जो नियम विरुध्द हुआ है।
वो क्यों और कैसे हुआ यह मण्डी बोर्ड के लिये जांच का विषय हो सकता है लेकिन आष्टा मण्डी प्रांगण में सचिव और व्यापारी के बीच हुआ विवाद जरुर कोई गहरी बात भविष्य में सामने लायेगा।sehore-fursat

अतत: जावर अस्पताल बना सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, नागरिकों में खुशियाँ छाई

जावर 8 फरवरी (फुरसत)। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा दिये जाने के शासन के आदेश की खबर मिलते ही नगर व क्षैत्र के नागरिकों में हर्ष की लहर दौड़ गई लोगो ने अस्पताल को अपग्रेड करने के लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चौहान, प्रभारी मंत्री रूस्तमसिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष ललित नागौरी, क्षत्रिय विधायक रघुनाथ मालवीय का आभार व्यक्त किया और कहा भाजपा सरकार की क्षैत्र के लिये सबसे बड़ी सौगात है ।
ज्ञात है कि नगर व क्षैत्र वासी स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा देने की मांग लम्बे समय से करते आ रहे थे । इसके लिये लोगो ने कई बार आंदोलन भी किया था, तब आश्वासन के सिवा कुछ नही मिला था । भाजपा जिला मंत्री बाबूलाल पटेल ने कहा कि क्षैत्र को यहां सबसे बड़ी उपलब्धि दिलवाने में क्षैत्रिय विधायक रघुनाथसिंह का अहम रोल रहा है । इसके लिये हम क्षैत्रिय विधायक एंव मुख्यमंत्री के आभारी है इसके पहले भी क्षैत्रिय विधायक के प्रयास से ही जावर कजलास मार्ग की भी स्वीकृति मिल चुकी है जिसका निर्माण कार्य चल रहा है । युवा नेता सुभाष भावसार का कहना है कि स्थानीय अस्प. जो कि वर्तमान में 12 पंलग का था, जिसे सरकार अपग्रेडकर तीस पंलग का कर दिया, अभी तक जो सुविधा आष्टा, सोनकच्छ, में मिलती थी वह अब जावर में ही मिलने लगेगी लोगो को अब इलाज के लिये बाहर नहीं होना पड़ेगा 70 से 80 गांवो के लोगो को इसका लाभ मिलेगा । स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा दिलवाने के लिये भाजपा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगो ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जिला प्रभारी मंत्री एक क्षैत्रिय विधायक का आभार व्यक्त किया । इनमें प्रमुख रूप से नन्नू लाल वर्मा, विक्रमसिंह, कल्याणसिंह, राकेश सिंह, आजादसिंह पहलवान, मानसिंह, किशोर पाटीदार, राधेश्याम पाटीदार, जयसिंह, रमेश पाटीदासर, संजय अजमेरा, कैलाश राठौर, हरिश शर्मा, संतोष लश्कार, कृपालसिंह, भूपेन्द्र सिंह, कैलाश सोलंकी, राजपाल ठाकूर, सुनील जैन, दयाराम, तेजसिंह, शैलेष वेद्य, नरेन्द्र सिंह, धीरजसिंह, शांतिलाल भावसार, प्रेमसिंह, राजेन्द्रसिंह सेंधव, कृपालसिंह, सतीश विश्वकर्मा, प्रहलाद मिस्त्री, असलम कुरैशी, कमलसिंह, रूपसिंह, जीवन सिंह आदि
यहां 18 पद बढेंग़े
प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सत्रह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो को अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा दिये जाने के आदेश जारी कर दिये गये है । इनमें जावर का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भी है । अस्पताल प्रभारी डा. गजराज गुर्जर ने बताया कि स्थानीय अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा मिलने के बाद लोगो को ओर अधिक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने लगेगी वर्तमान स्टाप के अलावा 18 पद भी नये स्वीकृत किये गये है है । जो इस प्रकार है सर्जिकल विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, निश्चेतना विशेषज्ञ, 6 स्टाफ नर्स, रेडियों ग्राफर, नेत्र सहायक, लेखापाल, लेब अटेन्डेर, ओ टी. अटेन्डेर, वार्ड वाय, स्पीकर, वाहन चालक आदि । sehore-fursat

कुष्ठ अस्पताल बंद कर दिया और अब कुष्ठ रोग मिटाने की रैली निकाल रहे

इलाज को तरसते कुष्ठ रोगी घिसट-घिसट कर जीवन जी रहे
सीहोर 8 फरवरी (आनन्‍द गांधी) । प्रदेश में कुष्ठ रोग का पूरी तरह उन्मूलन हो चुका है। इसलिये अब प्रदेश में कुष्ठ चिकित्सालयों की कोई आवश्यकता ही नहीं है। यह कुतर्क देकर दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में सीहोर सहित प्रदेश में कार्यरत कुष्ठ चिकित्सालय बंद कर दिये गये थे और सीहोर कुष्ठ चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को उजैन की किसी स्वयंसेवी संस्था को सौंप दिया गया था। जहाँ से यह कुष्ठ रोगी घबराकर और बीमारी से परेशान होकर कुछ समय बाद ही सीहोर लौट आये थे और फिर दर-दर की ठोकरें खाते हुए भीख मांग कर अपना गुजारा करने को मजबूर हो गये। इसके बावजूद एक तरफ कुष्ठ चिकित्सालय अधिकारी का पद व पूरा कार्यालयीन कर्मचारी मण्डल का उपयोग नहीं हो रहा ? कुष्ठ चिकित्सालय भवन पर कब्जा हो रहा है ? लेकिन कथनी-करनी में अंतर करते हुए शिवराज सरकार ने गत दिवस प्रशिक्षु नर्स युवतियों से कुष्ठ अधिकारियों के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि को कुष्ठ निवारण दिवस के रुप में मनाते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकालकर कुष्ठ रोग को जड से समाप्त करने का संकल्प दोहराया बल्कि 31 जनवरी से लेकर 20 फरवरी तक कुष्ठ जन जाग्रति अभियान भी चलाया जा रहा है ? प्रश् उठता है कि जब कुष्ठ रोग का उन्मूलन ही हो चुका है ? कुष्ठ चिकित्सालय ही बंद कर दिया गया है ? तो यह कौन-से कुष्ठ रोग को जड़ से समाप्त करने के नारे लगाये जा रहे हैं ? तो फिर किस प्रकार कुष्ठ रोग को लेकर जनता को चेताया जा रहा है ? इस हिन्दुराष्ट्र में सबसे बुरा रोग कुष्ठ रोग माना जाता है और उसी को लेकर दो मुँही कार्यप्रणाली सरकार द्वारा चलाई जा रही है। आखिर सरकार क्या चाहती है......कुष्ठ रोग के संबंध में चल रही इस कार्यप्रणाली पर प्रस्तुत है फुरसत की विशेष खबर।
गोर फरमाईये कि प्रदेश में कुष्ठ रोग चिकित्सालय बकायदा स्थापित थे और अनेक कुष्ठ रोगी इन चिकित्सालयों में इलाज भी करवा रहे थे। हालांकि चिकित्सालय गिनती मात्र 4-5 ही थे लेकिन पूरे प्रदेश के लिये यह पर्याप्त थे। एक समय अचानक दिग्विजय सिंह सरकार के समय कहा गया कि पूरे प्रदेश से अब कुष्ठ रोग समाप्त हो चुका है और इसलिये कुष्ठ चिकित्सालय बंद किये जाना चाहिये और तत्काल चिकित्सालय बंद भी कर दिये गये। सीहोर में इसको लेकर विरोध भी हुआ और कहा गया कि इसकी आवश्यकता है लेकिन फिर भी किसी नहीं सुनी ।
जहाँ कुष्ठ रोगियों को प्रतिदिन सीहोर से समाजसेवी जन किसी भी आयोजन के समय याद कर ही लेते थे। लोग अपने जन्मदिन पर भी कुष्ठ रोगियों को भोजन खिलाने पहुँच जाते थे। कुष्ठ रोगियों को कपड़े एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना अपना धर्म समझते थे कि वे अभी भी समाज का अभिन्न अंग हैं। नागरिकों की सहानुभूति, सहायता और अपनापन कुष्ठ चिकित्सालय में भर्ती मरीजों में आत्मविश्वास का संचार करता रहता था। लेकिन शासन ने कहा कि जब रोग ही खत्म हो गया तो फिर अस्पताल किस बात का।
अब दूसरी बात पर गौर फरमाईये- प्रदेश सरकार ने 31 जनवरी शहीद दिवस को कुष्ठ उन्मूलन दिवस के रुप में मनाते हुए 20 फरवरी तक कुष्ठ जन जाग्रति अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत कुष्ठ रोग के प्रति जनजाग्रति की जायेगी। दोनो बातें सिरे से एक दूसरे की विरोधी हैं यदि कुष्ठ रोग समाप्त ही हो चुका है तो फिर इसे इतिहास की पुस्तकों में जगह दी जानी चाहिये लेकिन ऐसा नहीं किया जाकर कई लाख रुपये का बजट कुष्ठ रोग पखवाड़ों और जनजाग्रति अभियान के नाम से प्रचार-प्रसार के लिये बना दिया गया है। प्रश् उठता है कि क्या दिग्विजय सरकार कुष्ठ रोग से प्रदेश मुक्त कर चुकी थी और शिवराज सरकार के आने के बाद कुष्ठ रोग वापस आ गया है। असल में जब कुष्ठ रोग खत्म ही नहीं हुआ है तो कुष्ठ चिकित्सालयों को बंद करने की कौन-सी आवश्यकता आन पड़ी थी। जिस समय सीहोर कुष्ठ चिकित्सालय बंद किया गया था उस समय सीहोर चिकित्सालय में कुष्ठ रोग से गंभीर पीड़ित स्त्री-पुरुष उपचार के लिये भर्ती थे और वह पूरी तरह ठीक भी नहीं हुए थे। अब कुष्ठ रोग को लेकर जनजागरण की बात करना क्या बेमानी नहीं लगता ? क्या कुष्ठ निवारण के नाम पर शासकिय धन की बर्वादी नहीं होगी। लेकिन शासन के अफलातूनी आदेश पर बंद किये गये अस्पताल ने कुष्ठ रोगियों को कहीं का नहीं छोड़ा न वे घर के रहे और ना ही घांट के सरकार की नीतियों के परिणाम स्वरुप अपाहिज कुष्ठ रोगी आज अपना जीवन घिसट-घिसट कर गुजार रहे हैं। यदि अब नए कुष्ठ रोगी की पहचान होती है तो उसकी चिकित्सा कहाँ होगी ? यह विचारणीय प्रश् है।sehore-fursat

Saturday, February 9, 2008

राज ठाकरे के खिलाफ देश द्रोह का प्रकरण कायम हो

सीहोर 7 फरवरी (फुरसत)। अनेकता मे एकता इस देश की पहचान है परंतु पिछले कुछ वर्षो से वह लोग जो राजनीति में अपनी पहचान खोने लगते है वह कुछ ऐसे असंवैधानिक कदम उठाते है जिससे न सिर्फ लोगो की भावनाएं आहत होती है। बल्कि इस देश की एकता एवं अखण्डता को भी मुहं चिढ़ाने का कार्य साबित होते है ।
इसके पूर्व की कई उदाहरण खालिस्तान, कश्मीर, आसाम, नागालैण्डज्ञ को प्रदेश के कुछ व्यक्तियों ने आंतक का सहारा लेकर देश को तोड़ने की कोशिश की जो अभी तक जारी है । इसी तरह से अब कुछ प्रदेश के ऐसे व्यक्ति जो राजनीति लाभ उठाने के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार से ऐसा माहौल बनाते है ।
जिससे आशांति फैले एवं भय आंतक का माहौल पैदा हो इसी क ड़ी में आसाम, बिहार, मे हमने मानवता को खत्म होते देखा है । मानवता को नंगा नाच होते देखा है। कभी-कभी यह प्रश् प्रश् ही बन जाता है कि क्या हम वाकई में आजाद है।
कहां है सरकार, कहां है प्रशासन, कहां है मानवता, क्या ऐसे कार्य करने वालो को हमारे संविधान में विशेष छूट दी गई है। क्या दूसरे प्रदेश का व्यक्ति किसी अन्य प्रदेश में आकर नही रह सकता है क्या वह दूसरे प्रदेश में गुलाम हो जाता है। या आतंक फैलाने वाले यह भूल जाते है कि हमारे प्रदेश का नागरिक भी किसी अन्य प्रदेश में रहता है । उसके साथ भी कही ऐसा हो तो उसका क्या असर होगा । हम यह सवाल हमारे महाराष्ट्रयन भाई बहनों से करते है कि ऐसे कृत्य की आलोचना करने के लिये एवं राज ठाकरे जैसे व्यक्तियों के खिलाफ आवाज उठाकर एवं सच्चे भारतीय होने का परिचय दे ओर भारतीय एकता को बनाऐं रखे ।

आखिर बंद बैंक के अंदर हो क्या रहा है

सीहोर। कल एक राष्ट्रीय कृत अंतराष्ट्रीय बैंक की शटर लगी हुई थी, शाम का समय था और गुपचुप रुप से बैंक के अंदर पूरी बैंक को एक पार्टी का स्वरुप दे दिया गया था जहाँ एक कर्मचारी का जन्मदिन मनाया गया।
डॉ मुखर्जी मार्ग मेन रोड पर स्थित एक अंतराष्ट्रीय बैंक में जहाँ प्रतिदिन हजारों लाखों रुपये का आदान-प्रदान होता है संस्था के कुछ नियम-कायदे-कानून बैंक नियमावली में उल्लेखित रहते हैं। कल एक बैंक में शाम के समय बैंक बंद कर दी गई और बाहर शटर लगाकर चौकीदार प्रतिदिन की भांति बैठा रहा। बाहर से लग रहा था कि बैंक बंद हो चुकी है।
लेकिन अंदर हो रही थी पार्टी। अंदर एक कर्मचारी का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जा रहा था। वह सारे प्रयोग जन्मदिन पर हो रहे थे जो आजकल फैशन बन गये हैं। बधाईयां दी जा रही थी। काफी देर तक यहाँ जन्मदिन मनता रहा और अंदर से आवाजें आती रहीं।
अनजान लोग बाहर सोचते रहे कि आखिर बंद बैंक के अंदर हो क्या रहा है ? इस प्रकार अंतराष्ट्रीय बैंक के अंदर जहाँ लाखों रुपये रखे होते हैं जन्मदिन पार्टी मन रही थी....।

ऐसा पैसा बर्बाद करने से क्या फायदा

आष्टा 7 फरवरी (फुरसत)। आष्टा नगर पालिका द्वारा विकास के अनेको कार्य कर आष्टा का विकास किया और किया जा रहा है । लेकिन देखने में आ रहा है कि नगर में कई ऐसे कार्य किये जा रहे है । जिसके होने से समस्या का हल होने के बदलो में समस्याओं की वृद्धि हो रही है । ऐसे कार्यो को करने और उस पर पैसा खर्च करने से क्या फायदा हो रहा है। नगर पालिका को इस और ध्यान देना चाहिये । नगर में कई जगह पार्षदों के कहने पर नालियों का निर्माण कर हजारों रुपये खर्च किये जा रहे है । लेकिन उन नालियों के बनने से समस्याएं हल होने के बदले बढ़ रही है। नगर में कही जगह क्रासिंग बनाये गये लेकिन वे ऐसे बनाये है बिना नक्शे नाप -तौल एवं ढाल के नालियों का निर्माण हो रहा है। जिसमें पानी बहने की जगह उल्टा वही जमा हो रहा है। पूरे नगर में एक व्यवस्थित प्लान बनाकर न.पा. को नालियों का निर्माण कराने की योजना बनाने की आवश्यकता है। हर कही हर किसी के कहने पर न.पा. निर्माण कराकर लाखो हजारो खर्च कर देती है जबकि उससे फायदा कु छ होता नही है तो ऐसा पैसा बर्बाद करने से क्या फायदा जरा इस और गौर करना चाहिये।

व्यवस्थाओं का जायजा लेने कलेक्टर आष्टा पहुँचे

आष्टा। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आष्टा विकासखण्ड में मुख्यमंत्री कन्या योजना का 232 जोड़ो के विवाह कार्यक्रम की तैयारियाँ एवं की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिये आज अवकाश से लौटे जिलाधीश राघवेन्द्र सिंह जिला पंचायत के सीईओ अरुण तोमर, एसडीएम श्रीमति भावना बालिम्बे आज आष्टा पहुँचे तथा जनपद पंचायत में अधिकारियों की बैठक ली। तथा उक्त विवाह समारोह के लिये अभी तक क्या-क्या व्यवस्था की हैं उसकी जानकारी ली। वर-वधु जिस प्रांगण में परिणय सूत्र में बंधेगे उस स्थल का भी कलेक्टर ने निरीक्षण तथा स्थानीय अधिकारियों को निर्देश भी दिये। स्मरण रहे सीहोर जिले में आष्टा विकास खण्ड में सबसे अधिक जोड़े मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अन्तर्गत बसंत पंचमी के दिन परिणय सूत्र में बधेंगे। इन 232 जोड़ों में लगभग 14 जोड़े मुस्लिम समाज के भी हैं जिनका एक ही पंडाल में निकाह भी सम्पन्न होगा।

नगर पालिका इंजीनियर उस सड़क का भुगतान होने देंगे या

सीहोर 7 फरवरी (फुरसत)। एक वार्ड पार्षद की लगातार मांग को लेकर अंतत: उसे एक सड़क बनाने का ठेका दे ही दिया गया। भूखे को और क्या चाहिऐ दो रोटी। कुछ यही बात इन पार्षद महोदय की भी रही। इधर वर्कआर्डर मिला और उधर काम का उतावला शुरु हो गया। असल में लम्बे समय से यह पार्षद महोदय सिर्फ दूसरे पार्षदों को काम करते हुए देखते रहते थे और मन मसोस कर अध्यक्ष जी के चक्कर लगाया करते थे। लेकिन इन्हे काम नहीं मिलता था। दूसरे पार्षदों के ठेकेदार इनकी निगाह में गले-गले हुए जा रहे थे और यह सूखते जा रहे थे। छोटी मोटी नाली की पुलिया भी इनके मोहल्ले में नहीं बन रही थी। बमुश्किल जब इन पार्षद महोदय को किसी तरह एक सड़क निर्माण का ठेका मिला तो वह रातमरात सड़क बनाकर इतिहास रचना चाहने लगे।
इधर ठेका मिलते ही दूसरे दिन उन्होने सड़क निर्माण शुरु कर दिया और तीसरे दिन तक पूरी सड़क बनकर तैयार भी हो गई अब उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। 50 हजार की सड़क के लाखों रुपये मिलने वाले थे। वह खुशी-खुशी भुगतान के लिये अपने मित्र पार्षदों से रणनीति समझने पहुँचे फिर नगर पालिका आये और संबंधित अधिकारियों से बातचीत की। लेकिन यह बात बिगड़ गई।
हुआ यूँ कि जो सड़क आनन-फानन में बन गई थी उसको बनते हुए नगर पालिका के किसी भी इंजीनियर ने जाकर भी नहीं देखा था तो फिर वह किस आधार पर साईन कर देते। माना की चहुँ और गड़बड़झाला है लेकिन कम से कम अधिकारी अपना काम कुछ तो करे...ऐसे ही नगर पालिका के अधिकारियों ने भी इनसे हाथ झटक लिया और स्पष्ट कहा कि हमारे सामने जब सड़क बनी ही नहीं तो फिर कैसे सड़क के निर्माण संबंधी टीप लिखे और अपनी स्वीकृति दें। आखिर नियम-कायदे-कानून भी कोई चीज है।
अब नियम-कायदे तो सभी को पता होते हैं लेकिन चलता कौन है....? लेकिन जब नगर पालिका की बात हो रही हो तो कहा जाता है कि यहाँ बहुत कुछ संभव है। अब सडक़ बनाऊ पार्षद इस चिंता में हैं कि आखिर उनका भुगतान कब होगा ?

विद्युत व्यवस्था नहीं सुधरी तो अधिकारियों के घर पर ढोल और बर्तन बजायेंगे कांग्रेसी

युवक कांग्रेस ने बिजली घर घेरा
सीहोर 7 फरवरी (फुरसत)। जिले में बिजली की घोषित और अघोषित कटोती बंद करने की मांग को लेकर गुरुवार को युवा कांग्रेस और भाराछांस ने बिजलीघर का घेराव कर ज्ञापन सौंपा इससे पहले म.प्र. म.क्षे.वि.वि.कं. और भाजपा सरकार की मनमानी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी के साथ सीहोर टाकीज चौराहे से बिजली घर तक रैली निकाली गई।
बिजली की घोषित और अघोषित कटोती बंद करने की मांग को लेकर आज युवा कांग्रेस और भाराछासं ने अपने पूर्व घोषित जन हितैषी आंदोलन के तहत सीहोर टाकीज चौराहे से बिजली घर तक रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन विद्युत मण्डल के कार्यपालन यंत्री श्री श्रीवास्तव को सौंपा। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार सहित युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, भाराछासं जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य जफरलाला, कांग्रेस नेता महेन्द्र सिंह अरोरा मिंदी, राधावल्लभ गुप्ता, पार्षद राहुलज यादव, हफीज चौधरी, आशीष गेहलोत, दिनेश भैरवे, अनिल मिश्रा, इरफान बेल्डर, अशफाक खान, जिला कांग्रेस प्रतिनिधि प्रदीप प्रगति, धर्मेन्द्र यादव, महेन्द्र ठाकुर, रामदयाल परमार, अजहर सईद, बाबूलाल परमार, जनपद सदस्य महेन्द्र सिंह कलीम पठान, घनश्याम यादव, भाराछासं प्रदेश सचिव राजीव गुजराती, मृदुल राज तोमर, मो. आरीफ, जलज छोकर, ममता त्रिपाठी, राहुल उपाध्याय, संजय राय, अरुण राय, नरेश राय, सुशील कचनेरिया, संदीप सिंह, विजय राय, दीपू राजपूत, प्रताप पंवार, आनंद निगोदिया, राहुल ठाकुर, अभिषेक त्यागी, नकुल, रशीद मंसूरी, मो. शाकीर, सतीश बनवैया, मो. अैया, महेश दुबे राजेश मेवज्ञड़ा आदि उपस्थित रहे।
सौपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि सीहोर जिले में बिजली की घोषित और अघोषित कटौती की जा रही है जिससे आम नागरिक किसान व्यापारी अत्यंत परेशान है वर्तमान में विभिन्न कक्षाओं और कालेज की परीक्षाएं नजदीक हैं ऐसे में बिजली की कटौती के कारण विद्यार्थियों के अध्ययन में बाधा उत्पन्न हो रही है। अब जनहित में यह आवश्यक है कि बिजली की घोषित और अघोषित कटौती को तत्काल रोके। युवक कांग्रेस एवं भाराछासं ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि सीहोर जिले में बिजली की कटौत रोकी जाये। उन्होने आरोप भी लगाया है कि मुख्यमंत्री सिर्फ धन कमाने में लगे हुए हैं और जनता बिजली कटौती से परेशान है। कांग्रेस नेता महेन्द्र सिंह अरोरा मिंदी ने कहा कि बिजली अधिकारी अपनी मनमानी से बाज नहीं आये तो अधिकारियों को भी सोने नहीं दिया जायेगा।
युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने कहा कि जनहित में यह आंदोलन था आगे बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी तो बिजली अधिकारियों के घर के सामने बर्तन और ढोल बजाये जायेंगे। अंत में अधीक्षण यंत्री रविन्द्र जीत सिंह श्रीवास्तव ने युवा कांग्रेस को आश्वस्त किया है कि बिजली कटौती सुबह 7 से 9 और दोपहर में 2 से 4 की जा रही है अब विद्यार्थियों के हित में सुबह का समय 8 से 10 किया जायेगा तथा बिजली कटौती शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में कम से कम करने या बंद करने के संबंधी वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।

गरीबों का निवाला छीन हो रही लालगेहूँ की कालाबाजारी

सीहोर 7 फरवरी (फुरसत)। मुख्यमंत्री के गृह जिले में अव्वल तो सरे आम लाल गेहूँ बिक रहा है और उस पर कोई रोक या व्यवस्था नहीं की गई है। बल्कि साल भर से हजारों क्विंटल लाल गेहूँ की कालाबाजारी करते हुए उसे सामान्य गेहूँ बनाकर बेचा जा रहा है। गरीबों का हक छीना जा रहा है। जिला खाद्य अधिकारी की मिली भगत का परिणाम है कि उपभोक्ता सेवा केन्द्र के दुकानदार गेहूँ उठाकर सीधे भरी भराई गाड़िया या बेलगाड़ी गल्ला व्यापारी को बेच देते हैं। निश्चित ही इस पूरे मामले की जांच ऊपर के अधिकारियों से कराकर यहाँ खाद्य विभाग की मिली भगत से हो रहे गोरखधंधो की गहन जांच-पड़ताल की जाना चाहिऐ। हालांकि जिलाधीश के कथित फोन से समस्या निवारण के नाटकीय घटनाक्रम में अनेकानेक शिकायतें उपभोक्ता विभाग और उपभोक्ता भंडारों के खिलाफ हो चुकी हैं लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ऐसा प्रतीत होता है कि अब स्थानीय प्रशासन तो खाद्य विभाग के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करेगा निश्चित ही ऊपर के अधिकारी ही आकर पोलपट्टी पकड़ सकते हैं। लेकिन क्या भाजपा के शासन ऐसी कार्यवाहियों की अपेक्षा की जा सकती है?
उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह गल्ला मण्डी के एक व्यापारी के यहाँ से नायब तहसीलदार नरेन्द्र सिंह ठाकुर ने छापा मारकर करीब 434 क्विंटल गेहूँ उपभोक्ता भण्डार का पकड़ा था । इतनी बड़ी मात्रा में जब एक दुकानदार से लाल गेहूँ पकड़ाया है तो निश्चित ही यह बात स्पष्ट हो गई कि विगत वर्ष भर से ये खेल चल रहा होगा और निश्चित ही सिर्फ इस एक ही दुकानदार के यहाँ नहीं बल्कि अनेक स्थानों चक्कियों पर भी खुले आम गेहूँ बिक रहा होगा।
जिले में उपभोक्ता अधिकारी की मिली भगत से लम्बे समय से उपभोक्ता भण्डार केन्द्रों पर गड़बड़ झाला चल रहा है। अनेक दुकानों पर घांसलेट आता तो पूरा है लेकिन समय से पूर्व ही खत्म हो जाता है। इन्ही दुकानों पर जितना गेहूँ आता है उतने उपभोक्ता यहाँ गेहूँ लेने ही नहीं आते और क्या सौ प्रतिशत अनाज बिक जाता है नहीं बिकता तो फिर कहाँ जाता है ? क्योंकि बहुत बडी संख्या में लाल गेहूँ उपभोक्ता लेते ही नहीं है तो फिर उसका यह दुकानदार क्या करते है ? इसी प्रकार चावल से लेकर शक्कर भी कुछ किराना व्यापारियों द्वारा खुले आम खुले रुप से बेची जाती है। यह क्रम अनवरत जारी है।
विगत साल भर से सीहोर में लाल गेहूँ हजारों क्विंटल आया लेकिन कितना सही हाथों तक गया यह जांच का ही विषय है ? साल भर से यह गेहूँ की कट्टियाँ नगर भर की विभिन्न चक्कियों पर सीधे पिसने पहुँच जाती हैं और वहाँ फिर गेहूँ का आटा बनकर बिकता है।
नगर भर में जितना भी गेहूँ बिक रहा है उसमें या तो सीधे सीधे लाल आटा रहता हैं या फिर लाल गेहूँ और सादे गेहूँ का मिला हुआ आटा रहता है। निश्चित रुप से गल्ला मण्डी से जिस एक व्यापारी के यहाँ से बड़ी मात्रा में लाल गेहूँ मिला है तो क्या इतना ही गेहूँ यहाँ बिका होगा ।
फुरसत सूत्रों का कहना है कि दो ऐसे व्यापारी है जिनके घरों के गोदामों पर आये दिन लाल गेहूँ की बैलगाड़ियाँ उतरती देखी जाती हैं जहाँ दो सौ-ढाई सौ बोरियां आये दिन रखी रहती हैं।
उचित मूल्य दुकान संचालकों का इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है हालांकि जिला खाद्य अधिकारी का वरद हस्त और उस पर जिला प्रशासन की मौन स्वीकृति इस पूरे घटनाक्रम को अमली जामा पहनाती है और आराम से उपभोक्ताओं को सरकार द्वारा दी जाने वाली खाद्य सामग्री सरे आम अन्य दुकानों पर महंगे दामों पर मिलती हैं।
न सिर्फ खाद्य सामग्री पर बल्कि गैस की टंकियों पर भी खाद्य विभाग का हाथ ढिल्ला ही रहता है जिसके चलते आये दिन गैस उपभोक्ताओं को तो टंकी मिलती नहीं उन्हे लम्बी-लम्बी लाईनों में लगना पड़ता है लेकिन जो ऊंचे दाम देकर टंकी लेना जानता है उसे आराम से टंकी मिल जाती है इतना ही नहीं बल्कि नगर में सरे आम गैस से कई वाहन इसी मेहरबानी से चल रहे हैं।

Friday, February 8, 2008

ग्राम न्यायालयों के गठन की प्रक्रिया गुप चुप-गुप चुप

आष्टा 6 फरवरी (फुरसत)। पूर्व में आष्टा विकास खंड में जो ग्राम न्यायालयों का गठन किया गया था । अधिकांश का कार्यकाल पूर्ण होने पर पुन: ग्राम न्यायालयों के गठन की प्रक्रिया प्रारंभ तो हो गई है । लेकिन खबर है कि सब कुछ गुप-चुप, किया जा रहा है ।
इसके पीछे क्या कारण है यह तो गहराई में जाने से ही पता लग पायेगा। ग्राम कोठरी के जागरूक नागरिक अशोक जैन पूर्व जनपद सदस्य ने ग्राम न्यायालयों के गठन की प्रक्रिया पर पंचायतों को आडे हाथ लिया है । श्री जैन का आरोप है कि गठन की प्रक्रिया में पारदर्शीता नही रखी जा रही है । जैन ने बताया कि 10 पंचायतों पर एक ग्राम न्यायालय गठित है इसमें एक अभिभाषक और 6 सदस्यों में अनुसूचित जाति, एवं जन जाति तथा महिला सदस्य का होना अनिवार्य है उसके बाद सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग क ो लिया जायेगा ।
इन सदस्यों की उम्र 45 होना चाहिये तथा ये सदस्य हायर सेकेण्ड्री पास हो और किसी भी राजनीतिक दल के सदस्य न हो इन सदस्यों के नाम पंचायतों के सचिवों द्वारा जनपद को और जनपद कलेक्टर को भेजेगें। लेकिन सचिव इस महत्वपूर्ण कार्य में इशारों पर कार्य कर पारदर्शीता नही रख रहे है। जैन ने कलेक्टर सीहोर से मांग की है कि ग्राम न्यायालयों के गठन में पारदर्शिता, ईमानदारी, योग्यता चयन में रहे ऐसी अपेक्षा है ।

फिर पटवारी कर रहे हैं किसानों के साथ अन्याय

आष्टा 6 फरवरी (फुरसत)। जिस प्रकार क्षैत्र में किसानों के साथ सोयाबीन में इल्ली के प्रकोप के वक्त सर्वे में पटवारियों ने पीड़ित किसानों के साथ अन्याय किया था। जिसको लेकर क्षैत्र के किसानों ने आष्टा से लेकर भोपाल मंत्री जी तक शिकायते की थी अब पुन: पटवारी पाले से नष्ट हुई चने, बटला, आलू, व अन्य फसलों की तवाही का सर्वे के दौरान मनमानी करने की शिकायतें आ रही है ।
परेशान किसान अब इन पटवारियों की शिकायते एस.डी.एम. और तहसीलदार से नही कर सीहोर कलेक्टर और मंडी मुख्यमंत्री को करने का मन बना रहे है। इसके पीछे इन पीड़ित किसानों का कहना है कि सोयाबीन के वक्त इल्ली प्रभावित फसलो के सर्वे के दौरान पटवारीयों ने जिस प्रकार पीड़ित किसानों का शोषण किया था तथा जिन्होंने पटवारियों की सर्वे के दौरान सेवा की उनका ज्यादा नुकसान मुआवजा बनाया था और जिन्होंने ऐसा नही किया वे आज तक भुगत रहे है।
उस वक्त किसानों ने जब तहसीलदार मालती मिश्रा को शिकायते पटवारी की की तो ना जाने किस कारण से वे पटवारियों का ही पक्ष लेकर किसानों को झूठा साबित कर रही थी । इस कारण अब वे सीधे शिकायत कलेक्टर और मंत्री को करने का मन बना रहे है । लगातार भारी नुकसान की आ रही शिकायतों के बाद राजस्व विभाग ने ठंड से नष्ट हुई फसलो का सर्वे कराने का निर्णय लिया पटवारी और कृषि विभाग के लोग ग्राम-ग्राम पहुंच तो रहे है लेकिन इस बार भी पटवारी मनमानी कर सर्वे में नुकसान जान बुझ कर कम लिख रहे है । अभी तक फुरसत को जो समाचार मिले है उसके अनुसार क्षैत्र में सबसे अधिक नुकसान चने को हुआ है । और अनुमान के अनुसार ठंड से खेतो में खड़ी चने की फसल 40 से 50 प्रतिशत तथा कहीं -कहीं जगह तो 70 से 80 प्रतिशत तक नष्ट हुई है । लेकिन उसके बाद भी पटवारी इतना नुकसान होना मानने को तैयार नही है ।
शायद इसके पीछे कारण सोयाबीन के वक्त जैसा वे चाहते थे वैसा नही हो रहा है । कल स्वयं एसडीएम जी.व्ही. रश्मि जब मैना क्षैत्र में नष्ट चने की फसलो को देखने पहुंची तो वे भी खेत के खेत चने के नष्ट हुए देखकर दंग रह गई है। इस क्षैत्र में चने की फसल लगभग 70 से 80 प्रतिशत नष्ट होने की खबर है । पटवारियों के खिलाफ किसानों का आक्रोश बढे इसके पहले ही सही सर्वे के निर्देश राजस्व विभाग को देने चाहिये नही तो किसान सड़क पर आने से नही चुकेगें ।

जो काम अंग्रेज नहीं कर सके वो काम कांग्रेस कर रही है

सीहोर 6 फरवरी (फुरसत)। भारतीय जनता पार्टी की जिला बैठक इछावर में संपन्न हुई जिसमें भाजपा जिलाध्यक्ष सहित सभी अतिथियों ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर बैठक प्रारंभ की सभी अतिथियों का स्वागत मंडल अध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी द्वारा किया गया ।
जिला महामंत्री रघुनाथ भाटी ने बैठक के ऐजेंड का वाचन किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष ललित नागौरी ने सभी मंडलों में हुये कार्यक्रमों की समीक्षा क ी एवं आगामी कार्यक्रम 11 फरवरी पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मंडल स्तर पर मनाने का एवं 28 फरवरी को संकल्प रैली का आयोजन तय किया गया साथ ही आपने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्रीचौहान के विकास कार्यो को एंव गरीबो से जुड़ी नीतियों को मतदान केन्द्र तक पहुचा कर मिशन 2008 को सफल बनाना है । भाजपा विधायक रमेश सक्सेना ने कहा कि कांग्रेस नीत केन्द्र सरकार धर्म के नाम पर देश को बांटने पर लगी है। बजट में 15 प्रतिशत की राशि आरक्षित कर देश की बहुसंख्यक जनता के साथ तुष्टीकरण की नीति अपनाने में लगी है । जो काम देश में अंग्रेज नही कर सके वो काम कांग्रेस सरकार कर रही है । केन्द्र की जन विरोधी नीतियों का जम कर विरोध किया जावेगा ।
बैठक मे उपस्थित करणसिंह वर्मा मंत्री मध्यप्रदेश शासन विधायक रघुनाथ मालवीय, वन विकास निगम के अध्यक्ष गुरूप्रसाद शर्मा,पूर्व विधायक मदनलाल त्यागी, ने भी संबोधित किया । बैठक में जिला संगठन मंत्री देवीसिंह रघुवंशी, दुग्ध संघ के अध्यक्ष धरमसिंह वर्मा, राजकुमार गुप्ता, सीताराम यादव, जगदीश पटेल, सुरेश महेश्वरी, शोभा शर्मा, लीलाधर जोशी, रघुनाथ भाटी, मुकेश बड़जात्या, राजकुमार राठौर राष्ट्रीय सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष अनिता भडेरिया, देवी सिंह परमार, महेन्द्र प्रगट, बाबूलाल पटेल, सुनील लौवानिया, मंडल अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौर, जगदीश मेवाड़ा, संतोष झवंर, राकेश सेधव, धर्मसिंह आर्य, रवि मालवीय, महामंत्री रामचंद्र पटेल, सुहागमल मेवाड़ा, मिश्रीलाल विश्वकर्मा, राधेश्याम कबाड़ी, मायाराम गौर, जितेन्द्र गोड़, शंकरलाल शर्मा, पप्पू भाई पदमसी, कृपाल सिंह पटाड़ा, अमरसिंह मीणा, मोहन चौरसिया, कैलाश सुराना, सुरेन्द्र राठौर, रामगोपाल टेलर, गजराजसिंह पटेल, पहलाद त्यागी, प्रेमलता राठौर, प्रकाश राठौर, भाजयुमोनगर अध्यक्ष, लक्ष्मीनारायण माता वाले सुरेश कुमार चेयर मेन बलराम ठाकूर, दीपशिखा जोशी, कामनी परिहार, रामसिंह मेवाड़ा, बैठक का संचालन जिला महामंत्री पं. रमाकांत समाधिया द्वारा एवं आभार राधेश्याम कबाड़ी मंडल महामंत्री द्वारा किया गया।

अज्ञात कारणों से युवक की मौत

सीहोर 6 फरवरी (फुरसत)। जिला चिकित्सालय में इलाज के लिये लाये गये एक वर्ष 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है।
मछली बाजार सीहोर निवासी 24 वर्षीय नरेश पुत्र लक्ष्मीचन्द्र रैकवार को गत मंगलवार की शाम जिला अस्पताल इलाज के लिये आया गया था जहाँ पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।