सीहोर 6 फरवरी (नि.सं.)। शहर के अंदर शीध्र ही एक बड़ा केरम टूर्नामेंट का आयोजन किया जावेगा, जिससे हमारे शहर के केरम खिलाड़ियों को देश में अपना नाम रोशन करने का अवसर प्राप्त हो। उक्त घोषणा सीहोर नगरपालिका अध्यक्ष राकेश राय द्वारा शहर स्तरीय केरम टूर्नामेंट के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए कही।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी चन्दू मियां ने की तथा विशेष अतिथि के रूप में शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पार्षद हाजी सलीम कुरैशी थे। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पार्षद शमीम अहमद ने किया । कार्यक्रम में सर्वप्रथम आयोजन समिति के सदस्य नेशनल केरम चैम्पियन हबीब खान, जनपद सदस्य शकील अहमद, मास्टर मस्रूर कौसर, नूर अंसारी, आसीफ पप्पू, मुनव्वर खान सहित अनेक लोगों द्वारा श्री राय का पुष्प हारों से स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में नेशनल चैम्पियन हबीब खान द्वारा टूर्नामेंट के आयोजन का विस्तृत व्यौरा पेश किया । इस अवसर पर राकेश राय द्वारा नूर अंसारी को विजेता का पुरस्कार दिया तथा उप विजेता का पुरस्कार शेख वसीर को दिया गया । साथ में अन्य खिलाड़ी इमरान अंसारी, मो. अनीस, अजीम उद्दीन, आसिफ पप्पू, भैया अंसारी, शकील अंसारी को भी श्री राय द्वारा उपहार दिये गये ।
श्री राय द्वारा नेशनल खिलाड़ी हबीब खान का सम्मान किया गया । इस अवसर पर रेफरी के रूप में जिन लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उनमें प्रमुख रूप से जनाब मास्टर पुरूषोत्तम भावसार, मास्टर मस्रूर साहब, मो. अनवर, आसिफ पप्पू, वसीम उद्दीन, अजीम मियां, मो. हनीफ, अब्दुल बारी, फहीम भाई, तनवरी भाई का भी सम्मान किया गया । कार्यक्रम के अंत में आभार युवा नेता मुनव्वर खान द्वारा किया गया ।
इस अवसर पर अमजद लाला, आजम बेग, दुलारे मियां सहित कस्बा क्षैत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे ।
Friday, February 8, 2008
हत्या व लूट के आरोपी को आजीवन कारावास अर्थदंड
सीहोर 6 फरवरी (फुरसत)। सत्र न्यायाधीश, एम.ए.सिद्दीकी द्वारा थाना अहमदपुर के अपराध क्रमांक -8007 में आरोपी गोपाल पुरी पुत्र रामपुरी निवासी ग्राम छतरपुरा को अपने मित्र लखनलाल गौर पुत्र किसनलाल गौर आयु 28 साल निवासी ग्राम छतरपुरा की लुट पश्चात हत्या का दोषी पाकर आजीवन कारावास एवं अर्थदंड पारित किया ।
लोक अभियोजक ओ.पी.मिश्रा के अनुसार 5 जून,07 को श्रीमति संतोष गौर पत्नि लखन की सूचना के आधार पर थाना अहमदपुर में मर्ग कायम कर जांच में लिया गया । आरोपी गण रामपुरी तथा उसके पुत्र गोपालपुरी के खिलाफ हत्या एवं लूट का मामला विवेचना पश्चात अधिनस्थ न्यायालय में पेश किया गया जो उपार्पित होकर सत्र न्यायाधीश को प्राप्त हुआ । विवेचना में मृतक को आरोपी गोपालपुरी द्वारा रात्रि में बुलाकर अपने साथ ले जाने और उस समय मृतक की जेब में जमीन बटाई देने के 17,000-रुपये नगद रखे होने का तथ्य साक्षीगण ने प्रगट किया था आरोपी गण से मेमोरण्डम अनुसार पुलिस द्वारा हत्या में प्रयोग की गई फर्सी, खून आलूदा कपड़े तथा नगदी 16,100-रुपये जप्त किये गये थे । अभियोजन की ओर से 16 साक्षीगण के तथा बचाव पक्ष की और से 2 साक्षीगण के कथन माननीय न्यायालय में करवाये गये ।
विद्वान सत्र न्यायाधीश ने अपने 48 पृष्ठीय निर्णय में आरोपी गोपालपुरी के विरूद्व परिस्थिति जन्य साक्ष्य प्रमाणित पाते हुए भादवि की धारा-397, एवं 302 का अपराध प्रमाणित पाकर धारा-397 में सात वर्ष का सश्रम कारावास तथा धारा -302 में आजीवन कारावास के साथ पांच सौ रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है । आरोपी रामपुरी को दोषमुक्त किया गया है । तथा जप्त राशि मृतक की पत्नि को अपील अवधि पश्चात दिये जाने का भी आदेश दिया है । शासन की और से पैरवी ओ.पी.मिश्रा लोक अभियोजक द्वारा की गई।
लोक अभियोजक ओ.पी.मिश्रा के अनुसार 5 जून,07 को श्रीमति संतोष गौर पत्नि लखन की सूचना के आधार पर थाना अहमदपुर में मर्ग कायम कर जांच में लिया गया । आरोपी गण रामपुरी तथा उसके पुत्र गोपालपुरी के खिलाफ हत्या एवं लूट का मामला विवेचना पश्चात अधिनस्थ न्यायालय में पेश किया गया जो उपार्पित होकर सत्र न्यायाधीश को प्राप्त हुआ । विवेचना में मृतक को आरोपी गोपालपुरी द्वारा रात्रि में बुलाकर अपने साथ ले जाने और उस समय मृतक की जेब में जमीन बटाई देने के 17,000-रुपये नगद रखे होने का तथ्य साक्षीगण ने प्रगट किया था आरोपी गण से मेमोरण्डम अनुसार पुलिस द्वारा हत्या में प्रयोग की गई फर्सी, खून आलूदा कपड़े तथा नगदी 16,100-रुपये जप्त किये गये थे । अभियोजन की ओर से 16 साक्षीगण के तथा बचाव पक्ष की और से 2 साक्षीगण के कथन माननीय न्यायालय में करवाये गये ।
विद्वान सत्र न्यायाधीश ने अपने 48 पृष्ठीय निर्णय में आरोपी गोपालपुरी के विरूद्व परिस्थिति जन्य साक्ष्य प्रमाणित पाते हुए भादवि की धारा-397, एवं 302 का अपराध प्रमाणित पाकर धारा-397 में सात वर्ष का सश्रम कारावास तथा धारा -302 में आजीवन कारावास के साथ पांच सौ रूपये के अर्थदंड से दंडित किया है । आरोपी रामपुरी को दोषमुक्त किया गया है । तथा जप्त राशि मृतक की पत्नि को अपील अवधि पश्चात दिये जाने का भी आदेश दिया है । शासन की और से पैरवी ओ.पी.मिश्रा लोक अभियोजक द्वारा की गई।
छावनी का नम्बर आता है तो नगर पालिका का पानी गायब हो जाता है
सीहोर 6 फरवरी (फुरसत)। नगर पालिका में चल रही गंभीर अनियमितताओं के चलते हर बार जब भी छावनी क्षेत्र में जल वितरण करने का समय आता है तो या तो टंकी में पानी नहीं रहता है या विद्युत का बहाना बनाया जाता है जिससे छावनी के लोग नगर पालिका के पानी नहीं आने से नाराज हैं।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिका की वर्तमान परिषद में पेयजल समस्या से संबंधित एक भी कार्य आज तक नहीं किया गया है। जानबूझकर रुपया इधर-उधर खर्च किया जाता है और कब गर्मी आये और इष्ट-मित्र पार्षदों के टैंकर चले और सीहोर की जनता के लाखों रुपयों को बर्वाद किया जाये इसका इंतजार ही किया जाता है। लाखों रुपये फालतू के निर्माण कार्य में खर्च कर दिये गये हैं, बिना बात का, बिना उपयोगिता का सीमेंटीकरण भी नगर में कराया गया है, बढ़ियाखेड़ी और कस्बाई क्षेत्रों में बनी हुई सड़कों पर सीमेंट का लेप लगाकर लाखों रुपये इधर-उधर कर दिये गये हैं लेकिन आज तक नगर की मूलभूत पेयजल समस्या के प्रति नगर पालिका परिषद गंभीर नहीं हुई है। न तो काहिरी बंधान के वहाँ मोटरों की व्यवस्था, न पेयजल संरक्षण के उचित इंतजाम न साफ-स्वच्छ जल के लिये कोई ठोस निर्णय लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि इसी कारण नगर पालिका में पेयजल वितरण की व्यवस्था पूर्ववत ही लचर-ढचर बनी हुई है। यहाँ जब भी लाल टंकी से छावनी क्षेत्र में जल वितरण करने का दिन आता है उसी दिन या तो टंकी नहीं भराती या फिर पानी इधर-उधर कर दिया जाता है। और फिर अगले दिन क्रमानुसार जिस अन्य क्षेत्र में जल देना होता है वहाँ दे दिया जाता है। जबकि समय बदलकर शाम के समय छावनी की पूर्ति की जा सकती है। लेकिन परिषद अध्यक्ष और जल सभापति को इस सबसे कोई लेन-देन ही नहीं है। जिससे छावनी में पेयजल को लेकर आक्रोश बढ़ रहा है। कई बार लोगों ने जिलाधीश को भी शिकायत कर दी है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होती।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिका की वर्तमान परिषद में पेयजल समस्या से संबंधित एक भी कार्य आज तक नहीं किया गया है। जानबूझकर रुपया इधर-उधर खर्च किया जाता है और कब गर्मी आये और इष्ट-मित्र पार्षदों के टैंकर चले और सीहोर की जनता के लाखों रुपयों को बर्वाद किया जाये इसका इंतजार ही किया जाता है। लाखों रुपये फालतू के निर्माण कार्य में खर्च कर दिये गये हैं, बिना बात का, बिना उपयोगिता का सीमेंटीकरण भी नगर में कराया गया है, बढ़ियाखेड़ी और कस्बाई क्षेत्रों में बनी हुई सड़कों पर सीमेंट का लेप लगाकर लाखों रुपये इधर-उधर कर दिये गये हैं लेकिन आज तक नगर की मूलभूत पेयजल समस्या के प्रति नगर पालिका परिषद गंभीर नहीं हुई है। न तो काहिरी बंधान के वहाँ मोटरों की व्यवस्था, न पेयजल संरक्षण के उचित इंतजाम न साफ-स्वच्छ जल के लिये कोई ठोस निर्णय लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि इसी कारण नगर पालिका में पेयजल वितरण की व्यवस्था पूर्ववत ही लचर-ढचर बनी हुई है। यहाँ जब भी लाल टंकी से छावनी क्षेत्र में जल वितरण करने का दिन आता है उसी दिन या तो टंकी नहीं भराती या फिर पानी इधर-उधर कर दिया जाता है। और फिर अगले दिन क्रमानुसार जिस अन्य क्षेत्र में जल देना होता है वहाँ दे दिया जाता है। जबकि समय बदलकर शाम के समय छावनी की पूर्ति की जा सकती है। लेकिन परिषद अध्यक्ष और जल सभापति को इस सबसे कोई लेन-देन ही नहीं है। जिससे छावनी में पेयजल को लेकर आक्रोश बढ़ रहा है। कई बार लोगों ने जिलाधीश को भी शिकायत कर दी है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होती।
Thursday, February 7, 2008
225 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेगे
आष्टा 5 फरवरी (फुरसत)। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अन्तर्गत 11 फरवरी को जनपद पंचायत आष्टा के परिसर में लगभग 225 जोडे एक साथ परिणय सूत्र में बंधेगे । 225जोडे में से 15 जोडे मुस्लिम समाज के भी है उनका भी निकाह संपन्न होगा । जनपद पंचायत के सीईओ श्रीवर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अन्तर्गत होने वाले विवाह समारोह को लेकर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है । तैयारियाँ चल रही है।
पाला पड़ने से फसले बर्बाद हुई
मैना 5 फरवरी (फुरसत)। पाले से आष्टा तहसील के सैकड़ो ग्रामों में खड़ी चना, बटला, आलू, सब्जी आदि की फसलों को भारी नुकसान हुआ है । किसान परेशान है और सर्वे कर मुआवजे की मांग की जा रही है ।
आज एस.डी.एम. श्रीमति जी. व्ही. रश्मि कृषि विभाग के अधिकारी श्री वर्मा पटवाटी आदि को साथ लेकर मैना पहुंची श्रीमति रश्मि एवं अन्य दल के सदस्यों ने मैना के कृषक मोहनलाल, प्रेमसिंह, मिस्त्री लाल, धरमसिंह, घासी राम, नन्नू लाल, जगन्नाथसिंह, रमेश चंद्र आदि के खेतो पर पहुंचकर चने की नष्ट हुई फसलों को देखा किसानों ने बताया कि उनकी 70 से 80 प्रतिशत फसले पाले की भेंट चढ़ गई है । पहले सोयाबीन पर इल्ली की मार से हम चौपट हुए अब ठंड ने हमे चौपट कर दिया । सभी किसानों ने प्रर्याप्त मुआवजे की मांग की है । यही हाल अन्य क्षैत्रों का भी है यहा भी काफी फसले पाले के कारण प्रभावित हुई है।
आज एस.डी.एम. श्रीमति जी. व्ही. रश्मि कृषि विभाग के अधिकारी श्री वर्मा पटवाटी आदि को साथ लेकर मैना पहुंची श्रीमति रश्मि एवं अन्य दल के सदस्यों ने मैना के कृषक मोहनलाल, प्रेमसिंह, मिस्त्री लाल, धरमसिंह, घासी राम, नन्नू लाल, जगन्नाथसिंह, रमेश चंद्र आदि के खेतो पर पहुंचकर चने की नष्ट हुई फसलों को देखा किसानों ने बताया कि उनकी 70 से 80 प्रतिशत फसले पाले की भेंट चढ़ गई है । पहले सोयाबीन पर इल्ली की मार से हम चौपट हुए अब ठंड ने हमे चौपट कर दिया । सभी किसानों ने प्रर्याप्त मुआवजे की मांग की है । यही हाल अन्य क्षैत्रों का भी है यहा भी काफी फसले पाले के कारण प्रभावित हुई है।
वाहन चालकों की हड़ताल रही, विद्यालयीन बच्चे हुए परेशान
सीहोर 5 फरवरी (फुरसत)। वाहन चालकों की प्रदेश स्तरीय हड़ताल ने आज सीहोर में भी खासा असर दिखाया। आटो चालक से लेकर सीहोर-भोपाल चलने वाले वाहनों, टेक्सी से लेकर आष्टा-सीहोर चलने वाली मेटाडोर सब कुछ बंद थी। हड़ताल का व्यापक असर था। हालांकि आज मंगल का बाजार 12 बजे तक बहुत अच्छा भरा जाने से ऐसा लग ही नहीं रहा था कि वाहन नहीं चल रहे हैं।
दुर्घटना के बाद वाहन चालक पर भी अब धारा 304 के तहत प्रकरण पंजीबध्द होगा। इस धारा के लगाये जाने की बात को लेकर प्रदेश भर में आज वाहन चालकों में रोष व्याप्त था। पूर्व यह धारा 304ए लगाई जाती थी लेकिन 304 के तहत 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है। इसी के विरोध में नगर में वाहन चालकों के संगठनों ने व्यापक स्तर पर हड़ताल की जो सफल भी रही। विभिन्न विद्यालयीन बच्चों को आज आटो वाले लेने नहीं आये। उन्हे अपने-अपने परिजनों के साथ स्कूल जाना पड़ा। वहीं लोगों नगर में आने-जाने के लिये भी आटो नहीं मिले। इसी प्रकार नगर से बाहर जाने के लिये भी वाहन नहीं मिल सके। हालांकि आज मंगल का हाट बाजार था ऐसा लग रहा था कि वाहन चालकों की हड़ताल के कारण बाजार नहीं भरा सकेगा। लेकिन आश्चर्य की बात रही कि आज अपेक्षा से बहुत अधिक भीड़ बाजार में थी और मंगल का बाजार सामान्य से यादा अच्छा भराया था। सब्जी मण्डी में भी भरपूर आवक तो रही ही बल्कि ग्राहकी भी जमकर चली।
दुर्घटना के बाद वाहन चालक पर भी अब धारा 304 के तहत प्रकरण पंजीबध्द होगा। इस धारा के लगाये जाने की बात को लेकर प्रदेश भर में आज वाहन चालकों में रोष व्याप्त था। पूर्व यह धारा 304ए लगाई जाती थी लेकिन 304 के तहत 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है। इसी के विरोध में नगर में वाहन चालकों के संगठनों ने व्यापक स्तर पर हड़ताल की जो सफल भी रही। विभिन्न विद्यालयीन बच्चों को आज आटो वाले लेने नहीं आये। उन्हे अपने-अपने परिजनों के साथ स्कूल जाना पड़ा। वहीं लोगों नगर में आने-जाने के लिये भी आटो नहीं मिले। इसी प्रकार नगर से बाहर जाने के लिये भी वाहन नहीं मिल सके। हालांकि आज मंगल का हाट बाजार था ऐसा लग रहा था कि वाहन चालकों की हड़ताल के कारण बाजार नहीं भरा सकेगा। लेकिन आश्चर्य की बात रही कि आज अपेक्षा से बहुत अधिक भीड़ बाजार में थी और मंगल का बाजार सामान्य से यादा अच्छा भराया था। सब्जी मण्डी में भी भरपूर आवक तो रही ही बल्कि ग्राहकी भी जमकर चली।
आईएएस मतलब जनता का नौकर, शिवराज बड़े गणितवाज
सीहोर 5 जनवरी (फुरसत)। हम परिभाषा सिखाने कलेक्ट को कि आई.ए.एस. का मतलब आई एम सुपर नहीं बल्कि आईएएस का मतलब आईएम सर्वेंट होता है मतलब मैं जनता का नौकर हूँ। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इस कलेक्टर को 100 में से 101 नम्बर दिये है इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिवराज कितने बड़े गणितवाज होंगे। यदि जिला बदर ही करना है जो हरपाल भी सीहोर का ही है शिवराज भी सीहोर के ही हैं लोकायुक्त में शिकायत और मामला शिवराज पर चल रहा है हरपाल पर नहीं तो फिर शिवराज को जिला बदर क्यों नहीं करते।
उक्त ओजस्वी भाषण जिले के पूर्व प्रभारी मंत्री और लोकप्रिय कांग्रेस नेता सजन सिंह वर्मा ने यहाँ आज कलेक्टर के खिलाफ हुए जंगी प्रदर्शन में बाल विहार मैदान में दिया। कलेक्टर की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोशित कांग्रेसियों ने अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार सीहोर कलेक्टर कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। 100 से अधिक चुपहिया वाहनों का विशाल काफिला आष्टा से सजन सिंह वर्मा के नेतृत्व में दोपहर 2 बजे रवाना हुआ। अनेक वाहनों पर कांग्रेस के झण्डे लगे हुए थे। रैली करीब तीन-साढ़े तीन बजे भोपाल नाका से इंग्लिशपुरा मार्ग पर प्रवेश करते हुए कोतवाली चौराहा पहुँची जहाँ से पैदल रैली के रुप में जिला प्रशासन मुर्दाबाद, शिवराज तेरी तानाशाही नहीं चलेगी आदि नारे लगाते हुए कांग्रेसजन निकले। जो सीधे बाल विहाद कलेक्ट्रेट मैदान पहुँचे वहाँ एक जनसभा प्रारंभ हुई।
उल्लेखनीय है कि युवक कांग्रेस नेता हरपाल सिंह ठाकुर पर एक तरफा कार्यवाही करते हुए जिलाधीश उस पर जिला बदर की कार्यवाही कर रहे हैं...जबकि कांग्रेसियों का कहना है कि पूर्ववर्ती जिन आंदोलन में हरपाल ने सक्रियता दिखाई वह सारे जनआंदोलन थे और जहाँ-जहाँ भाजपाईयों या बजरंगदल के लोगों से आमना-सामना हुआ वहाँ जिला प्रशासन ने भाजपाईयों या बजरंगियों पर कार्यवाही न करते हुए कांग्रेसियों पर अत्याचार किया है।
इसी तारतम्य में जिला कलेक्टर के खिलाफ बढ़ते जनआक्रोश के प्रतिफल स्वरुप कांग्रेस कार्यकर्ताओं की इस रैली को संबोधित क रते हुए सजन भैया ने आगे कहा कि अधिकारियों और पुलिस वालों को मैं चेतावनी देता हूँ कि कांग्रेस कार्यकर्ता सीमा पार होने उठ खड़ा होता है और फिर व्यवस्था को बदलकर रख देता है। कौन अधिकारी यादा मक्खन पालिश कर रहा है और कौन चमचागिरी में व्यस्त है इसकी सूची बन रही है, मैं कार्यकर्ताओं को स्पष्ट कहता रहा हूँ कि ऐसे एक भी अधिकारी को मत छोड़ना, इन्हे याद रखना, बस 8 माह में कांग्रेस की सरकार बनने वाली है। श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश में सर्वाधिक स्वतंत्रता संग्राम सैनानी जिस सीहोर भूमि पर हुए हैं वहाँ से कांग्रेस फिर आंदोलन की शुरुआत कर रही है। जहाँ हजारों नौजवानों का झुरमुर लगा हो वहाँ अवश्य न्याय की जीत होगी। एक तरह से खुली चेतावनी देते हुए सजन भैया ने कहा कि यदि आज हरपाल के लिये कलेक्टर जिलाबदर की फाईल पर हस्ताक्षर करो तो 8 माह बाद हमारे हाथ में भी कलम आयेगी उस समय तुम प्रदेशबदर कर दिये जाओगे। उन्होने चेतावनी दी कि हम भाईयों की तरह नहीं है पीछे नहीं हटेंगे। स्वतंत्रता आंदोलन में जब अटल जी को अंग्रेजो ने जेल भेजा तो वो माफी नामा लिखकर भाग आये थे। कांग्रेसी आंदोलन में पीछे नहीं रहेंगे।
इसके पूर्व प्रदेश भाराछासं अध्यक्ष मृणाल पंत ने ओजस्वी भाषण देते हुए कहा कि इस युवा को जिला बदर क्यों किया गया मैं आपका बताता हूँ इसलिये क्योंकि यह ग्राम की उस सड़क के निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा था जहाँ के गड्डों के कारण कई बार डिलेवरी के समय आने वाली महिला रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे देती है यह इसकी पहली गलती थी। फिर छात्र संघ के चुनाव में बाहर से आये बजरंग दल के लड़कों ने उत्पात मचाया तो हरपाल ने विरोध करते हुए कहा कि छात्र संघ चुनाव में बाहरी लोग क्यों आ रहे हैं, यह कहना इसकी दूसरी गलती थी ? फिर इसने विद्युत मण्डल के खिलाफ आंदोलन किया जो 10 रुपये के बदले 500 का बिल थमा रहा है यह हरपाल की तीसरी गलती थी। इस प्रकार जनता के लिये निकम्मे प्रदेश शासन के खिलाफ आवाज उठाने की सजा हरपाल को दी जा रही है। भाजपा के शासन में एक बड़े व्यवसायी का अपहरण हुआ एक महिने तक कोई कार्यवाही नहीं हुई, भोपाल डीआईजी की बजरंग दल के लोगों ने कालर पकड़ ली क्या ऐसा कभी कांग्रेस शासन में होता है कभी नहीं। मृणाल पंत ने कहा कि आज बजरंग दल के गुण्डे टीआई की कुर्सी पर जाकर बैठ जाते हैं कोई कार्यवाही नहीं होती। इन्दौर अपराध के क्षेत्र में देश में नम्बर 1 और भोपाल 3 नम्बर पर है। प्रदेश देश में बलात्कार की बड़ी घटनाएं म।प्र. में हो रही हैं। इसके पूर्व आष्टा के लोकप्रिय नगर पालिका अध्यक्ष और जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार ने अपनी शैली में संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इसी जिले का है और यहीं अत्याचार हो रहा है कांग्रेस जनों के खिलाफ लगातार कार्यवाही हो रही है। हमारे सरपंचों के साथ पक्षपात किया जा रहा है। परमार ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने में जो आईसीएस की परीक्षा पास कर लेता था उसे कलेक्टर बनाया जाता था उसे सिखाया जाता था कि भारतीयों और आम जनता को परेशान करो...लगता है कि वर्तमान कलेक्टर स्वयं को आईएएस नहीं बल्कि आईसीएस की परीक्षा में पास हुआ मान रहे हैं। परमार ने कहा कि जब सरकार बदलेगी तो ये लोग फिर दुम हिलाते नजर आयेंगे। चोरी, डकैती, भ्रष्टाचार हो रहा है तब कुछ नहीं और कांग्रेसी जरा-सा आंदोलन करते हैं तो उन पर जिला बदर की कार्यवाही की जा रही है। पूर्व विधायक शंकर लाल साबू ने सिर्फ एक शेर में अपनी बात कह दी कि मत नाज़ करो इतना तुम अपनी बुलंदी पर, हमने तो सितारों को गिरते हुए देखा है। इस दौरान लगातार कलेक्टर कहना मान ले बोरिया बिस्तर बांध ले के नारे लगते रहे। अंत में सजन भैया द्वारा जिला प्रशासन की और से उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री मिश्रा को रायपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। सीहोर में कलेक्ट्रेट मैदान पर सुरेश साबू मित्र मण्डली द्वारा आष्टा से आये कांग्रेसियों के जल पान की व्यवस्था की गई थी। सभा का संचालक प्रकाश पोरवाल ने किया।
उक्त ओजस्वी भाषण जिले के पूर्व प्रभारी मंत्री और लोकप्रिय कांग्रेस नेता सजन सिंह वर्मा ने यहाँ आज कलेक्टर के खिलाफ हुए जंगी प्रदर्शन में बाल विहार मैदान में दिया। कलेक्टर की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोशित कांग्रेसियों ने अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार सीहोर कलेक्टर कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। 100 से अधिक चुपहिया वाहनों का विशाल काफिला आष्टा से सजन सिंह वर्मा के नेतृत्व में दोपहर 2 बजे रवाना हुआ। अनेक वाहनों पर कांग्रेस के झण्डे लगे हुए थे। रैली करीब तीन-साढ़े तीन बजे भोपाल नाका से इंग्लिशपुरा मार्ग पर प्रवेश करते हुए कोतवाली चौराहा पहुँची जहाँ से पैदल रैली के रुप में जिला प्रशासन मुर्दाबाद, शिवराज तेरी तानाशाही नहीं चलेगी आदि नारे लगाते हुए कांग्रेसजन निकले। जो सीधे बाल विहाद कलेक्ट्रेट मैदान पहुँचे वहाँ एक जनसभा प्रारंभ हुई।
उल्लेखनीय है कि युवक कांग्रेस नेता हरपाल सिंह ठाकुर पर एक तरफा कार्यवाही करते हुए जिलाधीश उस पर जिला बदर की कार्यवाही कर रहे हैं...जबकि कांग्रेसियों का कहना है कि पूर्ववर्ती जिन आंदोलन में हरपाल ने सक्रियता दिखाई वह सारे जनआंदोलन थे और जहाँ-जहाँ भाजपाईयों या बजरंगदल के लोगों से आमना-सामना हुआ वहाँ जिला प्रशासन ने भाजपाईयों या बजरंगियों पर कार्यवाही न करते हुए कांग्रेसियों पर अत्याचार किया है।
इसी तारतम्य में जिला कलेक्टर के खिलाफ बढ़ते जनआक्रोश के प्रतिफल स्वरुप कांग्रेस कार्यकर्ताओं की इस रैली को संबोधित क रते हुए सजन भैया ने आगे कहा कि अधिकारियों और पुलिस वालों को मैं चेतावनी देता हूँ कि कांग्रेस कार्यकर्ता सीमा पार होने उठ खड़ा होता है और फिर व्यवस्था को बदलकर रख देता है। कौन अधिकारी यादा मक्खन पालिश कर रहा है और कौन चमचागिरी में व्यस्त है इसकी सूची बन रही है, मैं कार्यकर्ताओं को स्पष्ट कहता रहा हूँ कि ऐसे एक भी अधिकारी को मत छोड़ना, इन्हे याद रखना, बस 8 माह में कांग्रेस की सरकार बनने वाली है। श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश में सर्वाधिक स्वतंत्रता संग्राम सैनानी जिस सीहोर भूमि पर हुए हैं वहाँ से कांग्रेस फिर आंदोलन की शुरुआत कर रही है। जहाँ हजारों नौजवानों का झुरमुर लगा हो वहाँ अवश्य न्याय की जीत होगी। एक तरह से खुली चेतावनी देते हुए सजन भैया ने कहा कि यदि आज हरपाल के लिये कलेक्टर जिलाबदर की फाईल पर हस्ताक्षर करो तो 8 माह बाद हमारे हाथ में भी कलम आयेगी उस समय तुम प्रदेशबदर कर दिये जाओगे। उन्होने चेतावनी दी कि हम भाईयों की तरह नहीं है पीछे नहीं हटेंगे। स्वतंत्रता आंदोलन में जब अटल जी को अंग्रेजो ने जेल भेजा तो वो माफी नामा लिखकर भाग आये थे। कांग्रेसी आंदोलन में पीछे नहीं रहेंगे।
इसके पूर्व प्रदेश भाराछासं अध्यक्ष मृणाल पंत ने ओजस्वी भाषण देते हुए कहा कि इस युवा को जिला बदर क्यों किया गया मैं आपका बताता हूँ इसलिये क्योंकि यह ग्राम की उस सड़क के निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा था जहाँ के गड्डों के कारण कई बार डिलेवरी के समय आने वाली महिला रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे देती है यह इसकी पहली गलती थी। फिर छात्र संघ के चुनाव में बाहर से आये बजरंग दल के लड़कों ने उत्पात मचाया तो हरपाल ने विरोध करते हुए कहा कि छात्र संघ चुनाव में बाहरी लोग क्यों आ रहे हैं, यह कहना इसकी दूसरी गलती थी ? फिर इसने विद्युत मण्डल के खिलाफ आंदोलन किया जो 10 रुपये के बदले 500 का बिल थमा रहा है यह हरपाल की तीसरी गलती थी। इस प्रकार जनता के लिये निकम्मे प्रदेश शासन के खिलाफ आवाज उठाने की सजा हरपाल को दी जा रही है। भाजपा के शासन में एक बड़े व्यवसायी का अपहरण हुआ एक महिने तक कोई कार्यवाही नहीं हुई, भोपाल डीआईजी की बजरंग दल के लोगों ने कालर पकड़ ली क्या ऐसा कभी कांग्रेस शासन में होता है कभी नहीं। मृणाल पंत ने कहा कि आज बजरंग दल के गुण्डे टीआई की कुर्सी पर जाकर बैठ जाते हैं कोई कार्यवाही नहीं होती। इन्दौर अपराध के क्षेत्र में देश में नम्बर 1 और भोपाल 3 नम्बर पर है। प्रदेश देश में बलात्कार की बड़ी घटनाएं म।प्र. में हो रही हैं। इसके पूर्व आष्टा के लोकप्रिय नगर पालिका अध्यक्ष और जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार ने अपनी शैली में संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इसी जिले का है और यहीं अत्याचार हो रहा है कांग्रेस जनों के खिलाफ लगातार कार्यवाही हो रही है। हमारे सरपंचों के साथ पक्षपात किया जा रहा है। परमार ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने में जो आईसीएस की परीक्षा पास कर लेता था उसे कलेक्टर बनाया जाता था उसे सिखाया जाता था कि भारतीयों और आम जनता को परेशान करो...लगता है कि वर्तमान कलेक्टर स्वयं को आईएएस नहीं बल्कि आईसीएस की परीक्षा में पास हुआ मान रहे हैं। परमार ने कहा कि जब सरकार बदलेगी तो ये लोग फिर दुम हिलाते नजर आयेंगे। चोरी, डकैती, भ्रष्टाचार हो रहा है तब कुछ नहीं और कांग्रेसी जरा-सा आंदोलन करते हैं तो उन पर जिला बदर की कार्यवाही की जा रही है। पूर्व विधायक शंकर लाल साबू ने सिर्फ एक शेर में अपनी बात कह दी कि मत नाज़ करो इतना तुम अपनी बुलंदी पर, हमने तो सितारों को गिरते हुए देखा है। इस दौरान लगातार कलेक्टर कहना मान ले बोरिया बिस्तर बांध ले के नारे लगते रहे। अंत में सजन भैया द्वारा जिला प्रशासन की और से उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री मिश्रा को रायपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। सीहोर में कलेक्ट्रेट मैदान पर सुरेश साबू मित्र मण्डली द्वारा आष्टा से आये कांग्रेसियों के जल पान की व्यवस्था की गई थी। सभा का संचालक प्रकाश पोरवाल ने किया।
कलेक्टर ने की और मुख्यमंत्री को सुनना पड़ी
सीहोर। यहाँ आज कलेक्टर के खिलाफ कांग्रेस के हुए जंगी प्रदर्शन के चलते जहाँ कलेक्टर के खिलाफ नारेबाजी हुई वहीं प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी के खिलाफ भी नारेबाजी हुई। पूरी भाजपा ही नहीं बल्कि बजरंग दल को गुण्डा तत्व कहा गया। कलेक्टर के कारण पूरी भाजपा, बजरंग दल तो क्या स्वयं प्रदेश के मुखिया ने कई बातें सुनी....। उन्हे भ्रष्टाचारी कहा गया, उन कई आरोप लगाये गये, उनके शासन को निकम्मा शासन कहा गया इतने सब उपहार जिला कलेक्टर बैठे-ठाले ही मुख्यमंत्री को दिलवा दिये।
Wednesday, February 6, 2008
गांजा सहित एक गिरफ्तार
आष्टा 4 फरवरी (फुरसत)। आष्टा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा सहित एक ग्रामीण को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है ।
जानकारी के अनुसार गत रविवार को आष्टा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम पगारिया चोर निवासी बद्रीप्रसाद आ. शालिकराम कलौता अवेध रूप से गांजा लेकर जा रहा है । जिसे पुलिस ने पार्वती पुल अलीपुर आष्टा के समीप पहुंचकर गिरफ्तार कर लिया । पुलिस ने इसके कब्जे से 40 ग्राम गांजा जप्त किया है।
जानकारी के अनुसार गत रविवार को आष्टा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम पगारिया चोर निवासी बद्रीप्रसाद आ. शालिकराम कलौता अवेध रूप से गांजा लेकर जा रहा है । जिसे पुलिस ने पार्वती पुल अलीपुर आष्टा के समीप पहुंचकर गिरफ्तार कर लिया । पुलिस ने इसके कब्जे से 40 ग्राम गांजा जप्त किया है।
मध्यान्ह भोजन में लापरवाही बरतने पर कार्यवाही
सीहोर 4 फरवरी (फुरसत)। शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रम मध्यान्ह भोजन में सोलह कर्मचारियों को लापरवाही बरतना महंगा साबित हुआ । इसके तहत दस शासकीय कर्मियों की दो-दो वेतनवृद्धि रोकी गई है और 6 कर्मियों का एक दिवस का वेतन काटा गया ।
शालाओं के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान निरीक्षण दल को शाला बंद पाए जाने, भोजन खुले में बनता पाए जाने, मध्यान्ह भोजन के स्थान पर सेब, बिस्किट दिए जाने तथा मीनू के मुताबिक बच्चों को मध्यान्ह भोजन का वितरण नही किए जाने की रिर्पोट मिलने पर इसे गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत के सीईओ अरूण कुमार तोमर द्वारा उक्त कार्यवाही की गई है । इस सिलसिले में आदेश जारी कर दिए गए है । श्री तोमर ने कहा कि जिले में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में लापरवाही को बर्दाश्त नही किया जायेगा ।
जिन कर्मचारियों की दो-दो वेतन वृद्धियों असंचयी प्रभाव से रोकी गई है उनमें सीहोर तहसील के संकुल केन्द्र अहमदपुर की प्राथमिक शाला टूरगांव के सहायक अध्यापक अर्जुनसिंह तंवर, प्राथमिक शाला चांदबडजागीर के सहायक अध्यापक गंगासिंह सोलंकी, संकुल केन्द्र श्याम की प्राथमिक शाला पंपापुर में पदस्थ सहायक अध्यापक श्रीमति सुलेखा चौहान, माध्यमिक शाला बमूलिया के सहायक शिक्षक मांगीलाल ठाकूर, निर्मल सिंह कुशवाह और संतोषसिंह कनवरिया शामिल हैं ।
इसी तरह बुधनी तहसील के संकूल केन्द्र बकतरा की माध्यमिक शाला खिड़ियाकुर्मी के शिक्षक वर्ग तीन जगदीश प्रसाद मीना, प्राथमिक शाला बासगहन के सहायक शिक्षक अनिल कुमार चौहान, माध्यमिक शाला खितवई के सहायक शिक्षक विजयसिंह मेहर और प्राथमिक शाला रिछोड़ा के सहायक शिक्षक आजादसिंह की दो दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई ।
मध्यान्ह भोजन में लापरवाही बरतने पर तहसील सीहोर की प्राथमिक शाला पम्पापुर में पदस्थ संविदा शाला शिक्षक श्रेणी तीन श्रीमति हेमलता सावनेर, माध्यमिक शाला बमूलिया में पदस्थ संविदा शाला शिक्षक वर्ग दो श्रीमति भारती पाटीदार, श्रीमति मीनाक्षी शर्मा ओर संविदा शाला शिक्षक वर्ग तीन श्रीमति नीलम मीना, प्राथमिक शाला बनखेड़ा की संविदा शाला शिक्षक श्रेणी तीन श्रीमति सुलभा जोशी, बुधनी तहसील की प्राथमिक शाला बासगहन में पदस्थ संविदा शाला शिक्षक श्रेणी तीन श्रीमति तरूणा सुजाने के खिलाफ एक दिन का वेतन काटने की कार्यवाही की गई। गौरतलब है कि जिले में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन के मद्देनजर जिला पंचायत में एमडीएम सेल बनाया गया है । जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी को एमडीएम सेल का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है । टाँस्क मैनेजर श्रीमति मधुलिका जोशी, क्वालिटी माँनीटर लक्ष्मी कुशवाह और सुनीता संधीर और सहायक परियोजना अधिकारी गणेश सिंह चौहान को एमडीएम सेल में पदस्थ किया गया है। मध्यान्ह भोजन प्रभारी एवं टाँस्क मैनेजर तथा क्वालिटी माँनीटर द्वारा जिले की विभिन्न शालाओं का विगत दिवस आकस्मिक निरीक्षण किया।
शालाओं के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान निरीक्षण दल को शाला बंद पाए जाने, भोजन खुले में बनता पाए जाने, मध्यान्ह भोजन के स्थान पर सेब, बिस्किट दिए जाने तथा मीनू के मुताबिक बच्चों को मध्यान्ह भोजन का वितरण नही किए जाने की रिर्पोट मिलने पर इसे गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत के सीईओ अरूण कुमार तोमर द्वारा उक्त कार्यवाही की गई है । इस सिलसिले में आदेश जारी कर दिए गए है । श्री तोमर ने कहा कि जिले में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में लापरवाही को बर्दाश्त नही किया जायेगा ।
जिन कर्मचारियों की दो-दो वेतन वृद्धियों असंचयी प्रभाव से रोकी गई है उनमें सीहोर तहसील के संकुल केन्द्र अहमदपुर की प्राथमिक शाला टूरगांव के सहायक अध्यापक अर्जुनसिंह तंवर, प्राथमिक शाला चांदबडजागीर के सहायक अध्यापक गंगासिंह सोलंकी, संकुल केन्द्र श्याम की प्राथमिक शाला पंपापुर में पदस्थ सहायक अध्यापक श्रीमति सुलेखा चौहान, माध्यमिक शाला बमूलिया के सहायक शिक्षक मांगीलाल ठाकूर, निर्मल सिंह कुशवाह और संतोषसिंह कनवरिया शामिल हैं ।
इसी तरह बुधनी तहसील के संकूल केन्द्र बकतरा की माध्यमिक शाला खिड़ियाकुर्मी के शिक्षक वर्ग तीन जगदीश प्रसाद मीना, प्राथमिक शाला बासगहन के सहायक शिक्षक अनिल कुमार चौहान, माध्यमिक शाला खितवई के सहायक शिक्षक विजयसिंह मेहर और प्राथमिक शाला रिछोड़ा के सहायक शिक्षक आजादसिंह की दो दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई ।
मध्यान्ह भोजन में लापरवाही बरतने पर तहसील सीहोर की प्राथमिक शाला पम्पापुर में पदस्थ संविदा शाला शिक्षक श्रेणी तीन श्रीमति हेमलता सावनेर, माध्यमिक शाला बमूलिया में पदस्थ संविदा शाला शिक्षक वर्ग दो श्रीमति भारती पाटीदार, श्रीमति मीनाक्षी शर्मा ओर संविदा शाला शिक्षक वर्ग तीन श्रीमति नीलम मीना, प्राथमिक शाला बनखेड़ा की संविदा शाला शिक्षक श्रेणी तीन श्रीमति सुलभा जोशी, बुधनी तहसील की प्राथमिक शाला बासगहन में पदस्थ संविदा शाला शिक्षक श्रेणी तीन श्रीमति तरूणा सुजाने के खिलाफ एक दिन का वेतन काटने की कार्यवाही की गई। गौरतलब है कि जिले में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन के मद्देनजर जिला पंचायत में एमडीएम सेल बनाया गया है । जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी को एमडीएम सेल का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है । टाँस्क मैनेजर श्रीमति मधुलिका जोशी, क्वालिटी माँनीटर लक्ष्मी कुशवाह और सुनीता संधीर और सहायक परियोजना अधिकारी गणेश सिंह चौहान को एमडीएम सेल में पदस्थ किया गया है। मध्यान्ह भोजन प्रभारी एवं टाँस्क मैनेजर तथा क्वालिटी माँनीटर द्वारा जिले की विभिन्न शालाओं का विगत दिवस आकस्मिक निरीक्षण किया।
मुँह बोले भाई ने बहन के साथ किया धोखा
आष्टा 4 फरवरी (नि.सं.)। जावर जोड़ पर स्थित एचपी आटो सेंटर पेट्रोल पंप जो कि श्रीमति प्रीति शुक्ला पत्नि श्री राजेश शुक्ला निवासी इन्दौर संचालित करती हैं।
यहीं पर इन्दौर निवासी हीरालला मंडावरा सन आफ नारायण मंडावरा निवासी इन्दौर जो श्रीमति प्रीति शुक्ला को अपनी बहन समान मानता था एवं अपने इस मुँह बोले भाई पर श्रीमति शुक्ला ने विश्वास कर कुछ माह पूर्व पेट्रोल पंप के कार्य में आने वाले कुछ चैक हस्ताक्षर करके दिये थे लेकिन इस मुँह बोले भाई के मन में पाप आ गया और उसने एक कहानी गढ़ते हुए यह बताया कि उक्त चैक गुम गये। तब श्रीमति प्रीति शुक्ला ने भाई द्वारा बताये गई बात पर संबंधित बैंक को सूचना कर पेमेंट स्टाप करा दिया था। लेकिन मन में पाप आ जाने के कारण उक्त मुँह बोले भाई ने अचानक जो पहले कहता था कि उक्त चैक गुम गये हैं में से एक चैक भारतीय स्टेट बैंक जावर का था, उसमें 10 लाख रुपये भरक र लगा दिया लेकिन स्टाप पेमेंट के कारण उक्त चैक भुनाया नहीं जा सका और यह पोल खुल गई जब श्रीमति शुक्ला ने जावर थाना में मंडावरा के खिलाफ एक लिखित में शिकायत दी। शिकायत की जांच पर जावर पुलिस ने हीरालाल मंडावरा के खिलाफ धारा 420, 406 और 471 के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर लिया है। जावर थाना प्रभारी श्री जाट ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि उक्त व्यक्ति एक तरह से उक्त पेट्रोल पंप का संचालन किया करता था तथा श्रीमति प्रीति शुक्ला को वह अपनी बहन मानता था। बहन भाई के उक्त विश्वास के बीच में वह अमानत में खयानत एवं धोखाधड़ी का मामला जांच में आने के बाद उक्त धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
यहीं पर इन्दौर निवासी हीरालला मंडावरा सन आफ नारायण मंडावरा निवासी इन्दौर जो श्रीमति प्रीति शुक्ला को अपनी बहन समान मानता था एवं अपने इस मुँह बोले भाई पर श्रीमति शुक्ला ने विश्वास कर कुछ माह पूर्व पेट्रोल पंप के कार्य में आने वाले कुछ चैक हस्ताक्षर करके दिये थे लेकिन इस मुँह बोले भाई के मन में पाप आ गया और उसने एक कहानी गढ़ते हुए यह बताया कि उक्त चैक गुम गये। तब श्रीमति प्रीति शुक्ला ने भाई द्वारा बताये गई बात पर संबंधित बैंक को सूचना कर पेमेंट स्टाप करा दिया था। लेकिन मन में पाप आ जाने के कारण उक्त मुँह बोले भाई ने अचानक जो पहले कहता था कि उक्त चैक गुम गये हैं में से एक चैक भारतीय स्टेट बैंक जावर का था, उसमें 10 लाख रुपये भरक र लगा दिया लेकिन स्टाप पेमेंट के कारण उक्त चैक भुनाया नहीं जा सका और यह पोल खुल गई जब श्रीमति शुक्ला ने जावर थाना में मंडावरा के खिलाफ एक लिखित में शिकायत दी। शिकायत की जांच पर जावर पुलिस ने हीरालाल मंडावरा के खिलाफ धारा 420, 406 और 471 के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर लिया है। जावर थाना प्रभारी श्री जाट ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि उक्त व्यक्ति एक तरह से उक्त पेट्रोल पंप का संचालन किया करता था तथा श्रीमति प्रीति शुक्ला को वह अपनी बहन मानता था। बहन भाई के उक्त विश्वास के बीच में वह अमानत में खयानत एवं धोखाधड़ी का मामला जांच में आने के बाद उक्त धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
जब तुम मेरा सम्मान नहीं करते....मैं क्यों ध्यान रखूं
सीहोर 4 फरवरी (घुम्मकड़)। कल एक नगर की सबसे महत्वपूर्ण संस्था की बैठक में प्रतिनिधि और उनके अध्यक्ष आमने-सामने बैठे थे। बैठक क्या थी खिचड़ी पक रही थी कि आगे कैसे कमाई जारी रखी जाये....एक ने कहा ''अरे अध्यक्ष जी आप हम लोगों का बिल्कुल ध्यान नहीं रखते हैं पूर्व में जो वो अध्यक्ष थे बड़े दमदार थे, उनके कार्यकाल में बड़े मजे रहते थे वो सबका ध्यान रखते थे आपके राज में तो दो-तीन ही खुश हैं...'' इस पर अध्यक्ष बोला ''नहीं भाई ऐसा नहीं है हम सबको साथ लेकर चलेंगे''
कब......! यह बात फिर सारे जनप्रतिनिधियों ने एक साथ कही। फिर एक के बाद एक यह सारे बोलना शुरु हो गये ''आपका शासनकाल बड़ा दुखदाई है....बस आपके दो-तीन अपने वाले ही मजे कर रहे हैं.... हमारी तरफ ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है....हमारी भी आपको व्यवस्था करानी चाहिऐ....कम से कम महिने में 5 हजार रुपये तो स्थायी रुप से आप दिया कीजिये....बल्कि खास त्यौहारों पर तो 10 हजार रुपये की व्यवस्था करानी चाहिऐ....इनमें एक सबसे मोटा आदमी भी बैठा था वह अचानक बोल पड़ा अरे मैने जीप-कार ले ली है तो इसका मतलब यह थोड़े ही कि मेरे पास रुपया है, मैने सब कमाया है तो क्या आपके कारण....मेरी स्थिति बहुत विषम चल रही है...मेरा तो कोई ध्यान ही नहीं रखता....मेरी पत्नि भी आपका साथ देती है फिर मेरी जेब का साथ देना आपका कर्तव्य है....। कर्तव्य की बात होते ही सबने फिर कहना शुरु कर दिया हाँ...हाँ यह सही कहता है आपका कर्तव्य है कि अपने-अपने वालों को ही नहीं बल्कि हमें भी कुछ दो, और ना दो तो कम से कम 5-5 हजार रुपया महिना ही दो....। फिर सबने पुराने अध्यक्ष को याद करना शुरु कर दिया कि वो कितने अच्छे थे....सबका ख्याल रखते थे....उनके जैसा कोई नहीं.....''
अचानक सामने बैठे अध्यक्ष की सहनशक्ति जबाव दे गई वो बोला ''....भैया तुम्हारा क्या गया....मेरे तो बैठे ठाले इस अध्यक्ष बनने के चक्कर में 5 करोड़ का नुकसान हो गया....मेरा तो पारम्परिक धंधा चौपट हो गया....उसकी भरपाई भी करनी है....वो कैसे होगी....मैं तुम्हारा ध्यान क्यों रखूँ....मेने तुम्हे इतना माल काम दिया तुमने कभी मुझे बुलाकर मेरा सम्मान भी किया...? फिर मैं तुम्हारा ध्यान क्यों रखूं....।'' अध्यक्ष के 5 करोड़ की बात सुनकर सारे बेचारे जनप्रतिनिधि चुप हो गये....वो मन ही मन सोच रहेथे....हाँ भई हाँ इसका नुकसान बड़ा है पहले इसकी पूर्ति हो जाये....बैठक में गहन चिंतन का माहौल छा गया....सब चुप होकर सोचने लगे। 2 घंटे चली इस चिंतन बैठक का निष्कर्ष क्या ? निकला यह किसी ने खुलकर नहीं कहा लेकिन निष्कर्ष सबको मन ही मन मालूम था....।
कब......! यह बात फिर सारे जनप्रतिनिधियों ने एक साथ कही। फिर एक के बाद एक यह सारे बोलना शुरु हो गये ''आपका शासनकाल बड़ा दुखदाई है....बस आपके दो-तीन अपने वाले ही मजे कर रहे हैं.... हमारी तरफ ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है....हमारी भी आपको व्यवस्था करानी चाहिऐ....कम से कम महिने में 5 हजार रुपये तो स्थायी रुप से आप दिया कीजिये....बल्कि खास त्यौहारों पर तो 10 हजार रुपये की व्यवस्था करानी चाहिऐ....इनमें एक सबसे मोटा आदमी भी बैठा था वह अचानक बोल पड़ा अरे मैने जीप-कार ले ली है तो इसका मतलब यह थोड़े ही कि मेरे पास रुपया है, मैने सब कमाया है तो क्या आपके कारण....मेरी स्थिति बहुत विषम चल रही है...मेरा तो कोई ध्यान ही नहीं रखता....मेरी पत्नि भी आपका साथ देती है फिर मेरी जेब का साथ देना आपका कर्तव्य है....। कर्तव्य की बात होते ही सबने फिर कहना शुरु कर दिया हाँ...हाँ यह सही कहता है आपका कर्तव्य है कि अपने-अपने वालों को ही नहीं बल्कि हमें भी कुछ दो, और ना दो तो कम से कम 5-5 हजार रुपया महिना ही दो....। फिर सबने पुराने अध्यक्ष को याद करना शुरु कर दिया कि वो कितने अच्छे थे....सबका ख्याल रखते थे....उनके जैसा कोई नहीं.....''
अचानक सामने बैठे अध्यक्ष की सहनशक्ति जबाव दे गई वो बोला ''....भैया तुम्हारा क्या गया....मेरे तो बैठे ठाले इस अध्यक्ष बनने के चक्कर में 5 करोड़ का नुकसान हो गया....मेरा तो पारम्परिक धंधा चौपट हो गया....उसकी भरपाई भी करनी है....वो कैसे होगी....मैं तुम्हारा ध्यान क्यों रखूँ....मेने तुम्हे इतना माल काम दिया तुमने कभी मुझे बुलाकर मेरा सम्मान भी किया...? फिर मैं तुम्हारा ध्यान क्यों रखूं....।'' अध्यक्ष के 5 करोड़ की बात सुनकर सारे बेचारे जनप्रतिनिधि चुप हो गये....वो मन ही मन सोच रहेथे....हाँ भई हाँ इसका नुकसान बड़ा है पहले इसकी पूर्ति हो जाये....बैठक में गहन चिंतन का माहौल छा गया....सब चुप होकर सोचने लगे। 2 घंटे चली इस चिंतन बैठक का निष्कर्ष क्या ? निकला यह किसी ने खुलकर नहीं कहा लेकिन निष्कर्ष सबको मन ही मन मालूम था....।
470 लाख की लागत से बन रहे भवन की मजबूती सबसे जुदा!
सीहोर 4 फरवरी (नि.सं.)। नगर में बन रहे संयुक्त कलेक्टर भवन के बनने से सीहोर का भविष्य क्या होगा यह बात यदि छोड़ दी जाये और सिर्फ निर्माण कार्य देखा जाये तो वाकई यहाँ पहली बार इतना मजबूत कार्य नगर के मध्य होते हुए देखा जा सकता है। खुद जिलाधीश ने इसके लिये अपने परिचित ठेकेदार से निवेदन कर इस कार्य को व्यवस्थित कराने के प्रयास किये थे जिसके चलते ही यहाँ संयुक्त कलेक्टर भवन की नींव ही इतनी मजबूत बन रही है कि इमारत निश्चित ही काबिले तारीफ रहेगी। हालांकि 4 करोड़ 70 लाख रुपये की विशाल राशि से इस भवन का निर्माण हो रहा है लेकिन निर्माण कार्य देखने योग्य है।
बस डिपो के पास महाविद्यालय प्रांगण से लगी हुई भूमि पर संयुक्त कलेक्टर भवन का निर्माण कार्य चल रहा है जो युध्द स्तर पर जारी है। इसके लिये ठेकेदार बाहर से बुलाये गये हैं वर्तमान में इन्दौर के ठेकेदार द्वारा इसका निर्माण कराया जा रहा है लेकिन लोक निर्माण विभाग के कार्य पालन यंत्री एल.के.दुबे निर्माण कार्य में विशेष रुचि रख रहे हैं जिसके चलते लोक निर्माण विभाग के अधिकारी यहाँ निर्माण कार्य के दौरान प्रतिदिन उपस्थित रहते हैं और कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान देते हैं।
इतना ही घोर आश्चर्य यह भी है कि इस निर्माण के ठेकेदार ने स्वयं ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों व निगाह रखने वाले उपयंत्रियों को छूट दे रखी है कि वह स्वयं ही आगे रहकर अच्छे से अच्छा निर्माण कार्य करायें गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाये।
निर्माण कार्य की इसी विशेषता के कारण यह भवन अपनी मजबूती के चलते चर्चा का विषय बनने लगा है। नींव भराने का कार्य ही अभी चल रहा है लेकिन जो कुछ कार्य दिखने लगा है वह आभाष करा रहा है कि काम मजबूत हो रहा है। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन यंत्री एल.के.दुबे ने फुरसत को बताया कि लागत 470 लाख के अलावा यह निर्माण कार्य इस वर्ष नवम्बर तक पूर्ण होने की संभावना है।
कार्य की गुणवत्ता लगातार जांची जा रही है। क्या कोई उपकरण भी निर्माण के लाये गये हैं ? इस प्रश्न के उत्तर में उन्होने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है सिर्फ पूरी ईमानदारी से निर्माण कार्य करने भर से ही यह स्थिति बन गई है। हमने निश्चित कर रखा है कि मटेरियल किस हिसाब से बनना है। मटेरियल की जांच लेबोरेटरी में पहले की जाती है फिर निर्माण कराया जाता है। उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय प्रांगण के आसपास की जमीन भीषण ग्रीष्म ऋतु में तिड़क जाती है ऐसा माना जाता है उस क्षेत्र के भवनों में दीवारों में दरारे पड़ जाया करती हैं। यह क्षेत्र कैसे पसंद किया गया यह तो राम जाने लेकिन मजबूती वाकई जरुरी थी जो देखने को भी मिल रही है निश्चित ही भवन की उम्र अच्छी रहेगी।
बस डिपो के पास महाविद्यालय प्रांगण से लगी हुई भूमि पर संयुक्त कलेक्टर भवन का निर्माण कार्य चल रहा है जो युध्द स्तर पर जारी है। इसके लिये ठेकेदार बाहर से बुलाये गये हैं वर्तमान में इन्दौर के ठेकेदार द्वारा इसका निर्माण कराया जा रहा है लेकिन लोक निर्माण विभाग के कार्य पालन यंत्री एल.के.दुबे निर्माण कार्य में विशेष रुचि रख रहे हैं जिसके चलते लोक निर्माण विभाग के अधिकारी यहाँ निर्माण कार्य के दौरान प्रतिदिन उपस्थित रहते हैं और कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान देते हैं।
इतना ही घोर आश्चर्य यह भी है कि इस निर्माण के ठेकेदार ने स्वयं ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों व निगाह रखने वाले उपयंत्रियों को छूट दे रखी है कि वह स्वयं ही आगे रहकर अच्छे से अच्छा निर्माण कार्य करायें गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाये।
निर्माण कार्य की इसी विशेषता के कारण यह भवन अपनी मजबूती के चलते चर्चा का विषय बनने लगा है। नींव भराने का कार्य ही अभी चल रहा है लेकिन जो कुछ कार्य दिखने लगा है वह आभाष करा रहा है कि काम मजबूत हो रहा है। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन यंत्री एल.के.दुबे ने फुरसत को बताया कि लागत 470 लाख के अलावा यह निर्माण कार्य इस वर्ष नवम्बर तक पूर्ण होने की संभावना है।
कार्य की गुणवत्ता लगातार जांची जा रही है। क्या कोई उपकरण भी निर्माण के लाये गये हैं ? इस प्रश्न के उत्तर में उन्होने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है सिर्फ पूरी ईमानदारी से निर्माण कार्य करने भर से ही यह स्थिति बन गई है। हमने निश्चित कर रखा है कि मटेरियल किस हिसाब से बनना है। मटेरियल की जांच लेबोरेटरी में पहले की जाती है फिर निर्माण कराया जाता है। उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय प्रांगण के आसपास की जमीन भीषण ग्रीष्म ऋतु में तिड़क जाती है ऐसा माना जाता है उस क्षेत्र के भवनों में दीवारों में दरारे पड़ जाया करती हैं। यह क्षेत्र कैसे पसंद किया गया यह तो राम जाने लेकिन मजबूती वाकई जरुरी थी जो देखने को भी मिल रही है निश्चित ही भवन की उम्र अच्छी रहेगी।
434 क्विंटल लाल गेहूँ मण्डी व्यापारी के यहाँ पकड़ाया
सीहोर 4 फरवरी (फुरसत)। गल्ला मण्डी के एक व्यापारी प्रतिष्ठान से आज मार्केटिंग सोसायटी लाल गेहूँ 2-4 बोरे नहीं वरन पूरे 434 क्विंटल जप्त किया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में चल रही धांधलाई लाल गेहूँ की अपनी अलग पहचान के कारण और भी खुलकर सामने आ गई।
साथ ही यह पोल भी खुल गई कि आखिर मार्केटिंग में कितनी गड़बड़ियां चल रही हैं। नायब तहसीलदार नरेन्द्र सिंह ठाकुर ने मौके पर पहुँचकर पूरी कार्यवाही की है।
सीहोर में मार्केटिंग सोसायटी और उचित मूल्य उपभोक्ता भण्डार वालों द्वारा कितनी धांधलाई की जा रही है इसका खुला उदाहरण आज उस वक्त देखने को मिला जब अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री मिश्रा के निर्देश में नायब तहसीलदार नरेन्द्र सिंह ठाकुर के नेतृत्व में गल्ला मण्डी की एक दुकान राजकुमार एण्ड कम्पनी पर छापा मारा गया।
दुकान संचालक शैलेन्द्र राठौर को नदारत रहे लेकिन उनके भाई रामबाबू मिल गये। छापा दल के साथ खाद्य विभाग सहायक अधिकारी श्री कपूर, एफसीआई के श्री सोभानी तथा मण्डी के सचिव भी थे। यहाँ दुकान के बाहर ही भारतीय खाद्य निगम का नाम छपी हुई 50-50 किलो की कट्टियाँ जमी हुई थी। जो 55-60 से अधिक थीं।
जांच शुरु हुई तो पता चला कि पूरी दुकान में जगह-जगह लाल गेहूं भरा हुआ है। इतना ही नहीं बल्कि दुकानदार लाल गेहूँ को सादे गेहूँ में मिलाकर उसे बेचने की नई पध्दति इजाद कर रखी थी। यह सारी जांच की गई और माल मापा गया तो पता चला कि करीब 434 क्विंटल लाल गेहूँ दुकान अवैध रुप से भरा हुआ था। जिसे नायब तहसीलदारी ने कार्यवाही करते हुए मण्डी सचिव के सुपुर्द कर दिया है।
हालांकि दुकानदार के भाई ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि हम यह गेहूँ नीलामी में खरीदकर लाये हैं लेकिन इसके संबंध में उसने कोई कागजात आदि पेश नहीं किये। हालांकि ऐसा संभव भी नहीं है। कार्यवाही जिलाधीश के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी। इधर मण्डी विभाग भी कार्यवाही करना शुरु कर चुका है।
उल्लेखनीय है कि सीहोर में कई उचित मूल्य की दुकानों से दुकान माह के संचालक की मिली भगत से माह के अंतिम दिनों में ब्लेक में गेहूँ चावल आटा चक्की व्यवसायी एवं फड़ लगाकर गल्ला बेचने वाले उठा लेते हैं।
साथ ही यह पोल भी खुल गई कि आखिर मार्केटिंग में कितनी गड़बड़ियां चल रही हैं। नायब तहसीलदार नरेन्द्र सिंह ठाकुर ने मौके पर पहुँचकर पूरी कार्यवाही की है।
सीहोर में मार्केटिंग सोसायटी और उचित मूल्य उपभोक्ता भण्डार वालों द्वारा कितनी धांधलाई की जा रही है इसका खुला उदाहरण आज उस वक्त देखने को मिला जब अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री मिश्रा के निर्देश में नायब तहसीलदार नरेन्द्र सिंह ठाकुर के नेतृत्व में गल्ला मण्डी की एक दुकान राजकुमार एण्ड कम्पनी पर छापा मारा गया।
दुकान संचालक शैलेन्द्र राठौर को नदारत रहे लेकिन उनके भाई रामबाबू मिल गये। छापा दल के साथ खाद्य विभाग सहायक अधिकारी श्री कपूर, एफसीआई के श्री सोभानी तथा मण्डी के सचिव भी थे। यहाँ दुकान के बाहर ही भारतीय खाद्य निगम का नाम छपी हुई 50-50 किलो की कट्टियाँ जमी हुई थी। जो 55-60 से अधिक थीं।
जांच शुरु हुई तो पता चला कि पूरी दुकान में जगह-जगह लाल गेहूं भरा हुआ है। इतना ही नहीं बल्कि दुकानदार लाल गेहूँ को सादे गेहूँ में मिलाकर उसे बेचने की नई पध्दति इजाद कर रखी थी। यह सारी जांच की गई और माल मापा गया तो पता चला कि करीब 434 क्विंटल लाल गेहूँ दुकान अवैध रुप से भरा हुआ था। जिसे नायब तहसीलदारी ने कार्यवाही करते हुए मण्डी सचिव के सुपुर्द कर दिया है।
हालांकि दुकानदार के भाई ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि हम यह गेहूँ नीलामी में खरीदकर लाये हैं लेकिन इसके संबंध में उसने कोई कागजात आदि पेश नहीं किये। हालांकि ऐसा संभव भी नहीं है। कार्यवाही जिलाधीश के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी। इधर मण्डी विभाग भी कार्यवाही करना शुरु कर चुका है।
उल्लेखनीय है कि सीहोर में कई उचित मूल्य की दुकानों से दुकान माह के संचालक की मिली भगत से माह के अंतिम दिनों में ब्लेक में गेहूँ चावल आटा चक्की व्यवसायी एवं फड़ लगाकर गल्ला बेचने वाले उठा लेते हैं।
Tuesday, February 5, 2008
ट्रक ने टक्कर मारी एक मरा
सीहोर। ग्राम लोरास हीरापुर निवासी देवकरण मेवाड़ा उम्र 50 वर्ष अपने वाहन से जा रहा था कि लसूड़िया जोड़ पर एक ट्रक ने टक्कर मार दी जिससे देवकरण मेवाड़ा की मृत्यु हो गई।
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