Saturday, February 2, 2008

उन्नत उर्जा चूल्हे से अब मात्र 150 रु. महिने में बन सकता घर का भोजन

सीहोर 31 जनवरी (फुरसत)। इण्डियन इंस्टीटयूट आफ साइंस बैंगलोर भारत द्वारा बनाये गये उन्नत धुंआ रहित गैस चूल्हा जिसे बीपी एनर्जी इण्डिया लिमिटेड कम्पनी द्वारा बाजार में उतारा गया है ने सीहोर में आते ही धूम मचा दी है। तमिलनाडु व महाराष्ट्र में धूम मचाने के बाद यह स्टोव अब मध्य प्रदेश में आ गया है जहाँ बहुत तेजी से यह अपना स्थान बनाने में लगा है। नूतन के बत्ती वाले स्टोव की ही तर्ज पर यह आधुनिक धुंआ रहित चूल्हा कम्पनी द्वारा दी जाने वाली जलाऊ लकड़ी जो मात्र 4 रुपये किलो होती है से चलता है और नीचे लगे पंखे से इसकी आंच नीली पड़ने लगती है। मात्र 3 रुपये में एक घंटे तक यह सुविधा के अनुसार तेज-मद्दा करके चलाया जा सकता है। यहाँ अंतराष्ट्रीय कम्पनी आईटीसी के सोया चौपाल पर यह बिक रहा है।
एक तरफ जहाँ गैस की टंकी के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं और वह 329 रुपये में किसी तरह मिल पा रही है वहीं अचानक भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा बनाये गये धुंआ रहित चूल्हे ''उर्जा'' ने इसके खरीददारों को कुछ राहत दी है। उर्जा एक छोटा-सा चूल्हा है जिसमें बीच में लगी गोल जाली है इसमें कम्पनी द्वारा दी गई विशेष प्रकार की जलाऊ लकड़ी जो बिल्कुल गाय को खिलाई जाने वाली खली की तरह रहती है उसे डाल दिया जाता है। यह जलाऊ खली पूरा स्टोब भरने पर करीब 600 ग्राम भरा जाती है। फिर इस पर घासलेट की कुछ बूंदे डालकर माचिस से आग लगा दी जाती है। आग लगते ही यह मात्र 2-3 मिनिट में ही अच्छी तरह जलने लगता है।
इसी चूल्हे जाली के आने के लिये नीचे एक तरफ से पंखा भी लगाया गया है। यह छोटा-सा पंखा स्टोव में ही लगी एक ड्राय बैटरी से चलता है यह बेटरी मोबाइल सरीखे चार्जर से जितने घंटे चार्ज की जाती है उतने ही घंटे तक यह पंखा चला देती है। कुल मिलाकर चूल्हे में लगा पंखा चूल्हे में लगी बैटरी से चलता है और पंखा हवा तेजी से अंदर जाली के अंदर फेंकता है जिससे मात्र 5 मिनिट में ही आधुनिक चूल्हा बहुत अच्छी तरह जलने लगता है। पंखे को चलाने के लिये दो गति भी दी गई यदि पंखा तेज किया जाये तो आंच तेज रहती है और उस स्थिति में इस पर बड़ी तपेली या कुछ और भी रखकर पकाया जा सकता है। जबकि कम गति पर पंखा चलाने पर आंच भी धीमी उठती है और उस पर आराम से चाय, रोटी आदि बन सकती है।
इस प्रकार भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा बनाये गये इस चूल्हे में जो जलाऊ खली डाली जाती है बस वही एक खर्चा है। लेकिन यह खली का 20 रुपये में 5 किलो का एक बोरा आ जाता है। जिसे कम्पनी से ही खरीदा जाता है। यहाँ पर्याप्त मात्रा में यह जलाऊ खली है। जिसे उपयोगक्ता को जितनी चाहिऐ वह खरीद सकता है। एक बार पूरी खली भरने पर करीब 6 सौ ग्राम भराती है और यह चूल्हा करीब 1 घंटे तक चलता है धीरे-धीरे इसकी लौ कम होती जाती है इस दौरान यदि खली और डालने की इच्छा हो तो बहुत धीरे-धीरे डाली जा सकती है। किसी 5 सदस्यीय घर के लिये सुबह का भोजन एक घंटे में बन जाता है और शाम का भी इतने ही समय में बनता है। इस प्रकार प्रतिदिन अधिकतम सवा किलो 5 रुपये की खली जलती है जो पूरे महिने में 150 रुपये से अधिक का खर्चा सामान्यत: नहीं बैठता।
हालांकि गैस की टंकी का उपयोग करने वालों की सहूलियत कुछ अधिक है लेकिन यदि बचत करने के उद्देश्य से इस देखा जाये तो यह एक अच्छी बचत का स्त्रोत बन सकता है। बीपी कम्पनी उर्जा चूल्हा ग्रामीण बड़ी संख्या में खरीदकर ले जा रहे हैं जिन्हे गैस की टंकी सामान्यत: मिल नहीं पाती और मिलती भी है तो सवा गुना दाम में मिलती है। शहर के भी कई लोगों ने यह चूल्हा खरीदा है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह बहुत अच्छी लौ उठाता है तेज उठाता है और धुंआ नाम मात्र का भी नहीं रहता।
सबसे शानदार बात यह भी है कि जिन्हे चूल्हे की रोटी का स्वाद लगा होता है उन्हे इस चूल्हे की रोटी का स्वाद और भी अच्छा लगता है। एक स्थिति से न सिर्फ लकड़ी के चूल्हे की अपेक्षा बल्कि केरोसिन से भी यदि महिने भर रोज एक घंटा चूल्हा जलाया जाये तो 300 रुपये के आसपास खर्च बैठ ही जाता है इससे अच्छा तो यह बीपी का ''उर्जा'' चूल्हा ही माना जा सकता है। चूल्हे में लगी बैटरी को मात्र 5 घंटे एक साथ चार्ज कर देने पर सप्ताह भर तक यह अच्छी चलती है। रेग्यूलेटर से पंखे की गति तेज-धीमी भी हो जाती है। इसके अंदर कुछ ऐसी धातु का उपयोग भी किया गया है जिसके कारण खुद स्टोव कभी यादा गर्म नहीं होता। इसकी कीमत थोड़ी यादा ही 675 रुपये है। जिसके कारण इसे खरीदने में एक बारगी खूब सोच-विचार करना पड़ता है फिर इसमें जलने वाली उर्जा भी जहाँ से चूल्हा खरीदा जाता है वहीं से खरीदना पड़ती है। अभी यह चूल्हा चौपाल सागर आकर्षण का केन्द्र है।

Thursday, January 31, 2008

सुरेश साबू मित्र मंडल द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान

सीहोर 30 जनवरी (फुरसत)। स्वतंत्रता संग्राम सेनानीगण हमारे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है । आज हम सभी का यहर् कत्तव्य है कि हम उनके द्वारा दिलायी गई आजादी को संभालकर रखें और जैसा सपना हमारे देश के महान सेनानियों ने रामराज को देखा था उसे साकार करने का ईमानदारी से प्रयास करें । गांधीजी, भगतसिंह, सुभाषचंद बोस, रामप्रसाद बिस्मिल, अश्फाक उल्ला खां जैसे असंख्य ज्ञात और अज्ञात महापुरूषों ने आजादी की नींव का पत्थर बनकर हमें दासता से मुक्ति दिलायी । ऐसे महान देशभक्तों का सपना अवश्व साकार होगा । ऐसा हम सभी को विश्वास है । उक्त उद्गार सुरेश साबू मित्र मंडल द्वारा आयोजित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि म।प्र। कांग्रेस विधायक दल के प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री सानसिंह वर्मा ने व्यक्त किये ।
श्री वर्मा ने युवाओं से आव्हान किया कि आज समाज और राजनीति में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण हमारी संस्कृति से पाश्चात्य के भी उस पार जाने को है, इसे हमें दूर कर अपनी सांस्कृतिक सभ्यता की रक्षा करनी होगी । इस अवसर पर आल इंडिया हैंडीक्राफ्ट बोर्ड कपड़ा मंत्रालय नई दिल्ली के उपाध्यक्ष अक्षत कासट ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का देश के प्रति त्याग व समर्पण अतुलनीय है एवं वह सम्मान से भी परे है । यह हम सभी के लिए गौरव की बात है कि हमें आज भी भारत माता के सच्चे सपूतों का सम्मान करने का अवसर प्राप्त हुआ है । इसके लिये मैं सुरेश साबू मित्र मंडल को बधाई एंव धन्यवाद देता हूं । कार्यक्रम में उपस्थित सीहोर के पूर्व विधायक शंकरलाल साबू ने उपस्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में सीहोर नगर के शहीदों का भी उल्लेख किया । जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार ने अपने संबोधन में कहा कि हमें स्वतंत्रता के इन सेनानियों से सीख लेना चाहिये कि हमें जो बोलेंगे अच्छा बोलेंगे जो करेंगे अच्छा करेंगे तथा अपनी कथनी और करनी में अंतर नही करेंगें। श्री परमार ने सुरेश साबू मित्र मंडल को उक्त आयोजन आयोजित करने पर बधाई दी । कार्यक्रम में देवास विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष मनोज रजानी, उज्‍जैन के कांग्रेस नेता मनीष शर्मा व कांग्रेस नेता सुरेश साबू मंचासीन थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों ने राष्ट्रपति महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रावलित कर किया । अतिथियों को बेच युवक कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, शैलेष अग्रवाल, राम मित्तल, राजेन्द्र शर्मा, दीपक शर्मा, अजय अग्रवाल, विनोद जैन, नीरज राठौर, आशीष गेहलोत, पार्षद ने लगाये । स्वागत भाषण कांग्रेस नेता प्रेमबंधु शर्मा ने दिया। सेनानी सम्मान कार्यक्रम पर पार्षद आशीष गेहलोत ने प्रकाश डाला। प्रारंभ में अतिथियों का पुष्पमाला से स्वागत सुरेश साबू, नंद गोपाल बियाणी, सुश्री रूकमणी रोहिला, रामनारायण ताम्रकार, मदन मोहन शर्मा, महेन्द्र सिंह अरोरा, हफीज चौधरी, दामोदर राय, अशोक श्रीवास्तव, संजय पालीवाल, प्रमोद मेहता, पंकज गुप्ता, पवन राठौर, राहुल यादव, दिनेश भैरवे, शंकर गुप्ता, मनोहर शर्मा, इरफान बेल्डर, समाजसेवी हरीश अग्रवाल, सुदेश राय, साकेत कासट, हरी सोनी, विनय पालीवाल, राजाराज कसोटिया, अखिलेश राठौर, विनीत राठौर, मनोज राठौर, मृदुल तोमर, सुनीलधाड़ी, सोनी शर्मा, पवन गुप्ता, लल्लू राठी, द्वारका मित्तल, सौभालसिंह भाटी, सोहेल मिर्जा, प्रकाश पोरवाल, जगदीश चौहान, जावर नगर पंचायत अध्यक्ष फूलसिंह मालवीय आदि ने किया । इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को जाकेट, सम्मान पत्र, श्रीफल भेंट कर श्रीवर्मा ने उदय सिंह आर्य, पूरनसिंह आर्य, बेनी प्रसाद राठौर, गोपाल राठोर, केसरीमल गिरोठिया, विद्यासागर समाधिया, भगवान दास अग्रवाल, अभिमन्यु राठौर, मुंशीलाल राठौर, गेंदालाल सूर्यवंशी, शांतिलाल जैन, अमृतलाल शर्मा, चंद्रकिशोर व्यास, श्याम सुंदर सक्सेना, देवबगस वर्मा का सम्मान किया । कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप चौहान ने किया एवं आभार राजेन्द्र शर्मा पूर्व पार्षद एवं अध्यक्ष सुरेश साबू मित्र मंडल न व्यक्त किया ।

जल प्रदाय नहीं होने से पेयजल के लिए भटकने लगे नगरवासी

सीहोर 30 जनवरी (फुरसत)। विगत पांच दिनों से पार्वती पेयजल योजना से सीहोर छावनी सहित अन्य क्षैत्रों में पेयजल आपूर्ति करने में नपा परिषद असफल सिद्ध हो रही है । पेयजल प्रदाय के लिए जब भी नागरिक परिषद के पेयजल प्रदाय के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करते है तो पहले तो उनहें संतोष जनक उत्तर नही दिया जाता है और दिया भी जाता है तो यह कहकर पल्ला झाड़ लेते है कि इन्टैकवेल पर रात्रि में विद्युत कटौती होने से पेयजल टंकियां नही भरा पाती है । परिणाम स्वरूप नगर में पेयजल आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो रही है । पांच दिनों से नल नही चलने से छावनी, कस्बा, इंग्लिशपुरा, गंगा आश्रम, आदि क्षैत्रों में पेयजल संकट की स्थिति अभी से बनने लगी है । नागरिक पेयजल के लिए की खाक छानने लगे है।

स्वप्न में देवताओं ने दिये दर्शन और 20 दिन में तैयार हो गया काल भैरव मंदिर

मंदिर बनवाने वाले विद्युत मण्डल के कार्यपालन यंत्री सीहोर श्री सक्सेना के साथ घटे हैं अनेक दैवीय चमत्कार
सीहोर में बना चमत्‍कारिक भैरव तंत्र पर भैरव
मंदिर
सीहोर 30 जनवरी (विशेष संवाददाता फुरसत)। देव भूमि भारतवर्ष में देव चमत्कार तो आये दिन होते ही रहते हैं लेकिन वर्तमान विद्युत मण्डल कार्यपालन यंत्री रविन्द्र जीत सक्सेना के भाग्य इस मामले कुछ यादा ही प्रबल हैं। इन्हे अक्सर जिस क्षेत्र में यह यादा दिन रह लेते हैं वहाँ के आसपास के जाग्रत देव स्थानों के स्वप् आते हैं और फिर यदि वह देव स्थान खण्डहर की स्थिति में है या व्यवस्थित नहीं बना है अथवा वहाँ किसी को जानकारी ही नहीं है यहाँ भी कोई स्थान है तो फिर अपने स्वप् में दिखे स्थान को श्री रविन्द्र जीत ढूंढना शुरु कर देते हैं और जब स्वप्न में दिखा देव स्थान इन्हे ढूंढते-ढूंढते मिल जाता है तो फिर वह वहीं एक मंदिर बनवा देते हैं। यहाँ करोली वाली माता मंदिर गंज 7 जनवरी 2008 के पूर्व कभी रवीन्द्र जीत सक्सेना ने देखा भी नहीं था लेकिन स्वप् में आये इस मंदिर के दृश्य जब उन्होने एक कागज में उतारे तो विद्युत मण्डल में ही काम करने वाले पं। कमला प्रसाद ने चित्र देखकर बता दिया यह तो करोली वाली माता मंदिर है......।
आज मात्र 20 दिन के अंदर ही 30 जनवरी बुधवार माघ कृष्ण पक्ष अष्टमी को यहाँ काल भैरव का तंत्रोक्त विधि से भैरव यंत्र पर बना एक मंदिर पूर्ण हो चुका है जहाँ उनकी स्थापना हो गई। किसी यंत्र पर स्थापित अपनी तरह का यह एक ही मंदिर है जिसको लेकर नगर भर के धार्मिक लोगों में उत्सुकता भी जाग्रत हो गई है।
नगर के प्रसिध्द अन्नपूर्णा देवी करोली वाली माता मंदिर गंज के प्रांगण में आज काल भैरव मंदिर की विधिवत स्थापना की गई। यहाँ बड़ी संख्या में दर्शनार्थी उपस्थित थे। शहर के प्रसिध्द पंडित पृथ्वी बल्लभ जी दुबे ने काल भैरव की स्थापना के लिये यज्ञ-हवन आदि विधि विधान से कराये। यहाँ बने भैरव मंदिर को बकायदा भैरव यंत्र पर ही बनाया गया है। भैरव यंत्र के स्वरुप में ही मंदिर की सरंचना कराई जाकर फिर बीच में कालभैरव की स्थापना की गई है। काल भैरव जी महाराज के इस मंदिर की स्थापना विद्युत मण्डल के कार्यपालन यंत्री रविन्द्र जीत सक्सेना ने स्वयं कराई है। उन्हे यह प्रेरणा एक स्वप् के आधार पर हुई थी।
इस संबंध में फुरसत से बातचीत करते हुए श्री रविन्द्र जीत सक्सेना पुत्र शंभुदयाल सक्सेना ने बताया कि मुझ पर दैवीय आशीर्वाद कुछ ऐसा है कि समय-समय पर मुझे स्वप् आते रहते हैं और कई देवी-देवताओं से स्वप् में बातचीत भी मेरी होती है। उन्होने बताया कि पूर्व में जब मैं बरेली में कार्यरत था तो वहाँ मुझे पेड़ के नीचे बनी छोटी-सी मढ़िया के दर्शन स्वप्न में होते थे जहाँ साक्षात देवी नजर आती थीं और वह मुझे आशीर्वाद देती थीं। कई बार मुझे दर्शन तो हुए लेकिन वह स्थान कहाँ पर स्थित यह मुझे नहीं पता चल पाया।
फुरसत को श्री रविन्द्र जीत ने बताया कि फिर एक बार एक ग्रामीण मेरे पास आया उसका काम तो कुछ नहीं था लेकिन जबरन ही उसके गांव जाने का सौभाग्य मिला और तब जाकर स्वप् में दिखने वाला वह दैवीय स्थान मुझे सामने ही नजर आ गया। मैने वहाँ अपने स्तर पर चार खंबे खड़ेकर छोटा-सा मंदिर बनाने की शुरुआत की लेकिन देखते ही देखते ही मंदिर अच्छा खासा बन गया। वहाँ देवी दुर्गा की स्थापना की गई है।
धार्मिक स्वभाव के श्री रविन्द्र जीत से जब फुरसत ने पूछा कि आपको करोली वाली माता के मंदिर पर यह मंदिर बनाने की प्रेरणा कैसे मिली ? तो उन्होने बताया कि विगत 7 जनवरी को मुझे रात स्वप् आया जिसमें आसपास लगे दो-तीन पेड़ और तीन भवन दिखाई दिये। मैं वहाँ खड़ा था तभी तीनों तरफ से बड़े-बड़े शरीर धारी संत मेरी तरफ बहुत प्रसन्न मुद्रा में आते दिखाई दिये। मैने उन्हे देखकर सोचा की यह तो संत हैं तभी एक चौथे ने हंसकर कहा कि यह संत नहीं साक्षात काल भैरव व शिव गण हैं। मैने सामने देखा तो स्वयं भोलेनाथ थे। हम सभी ने करोली माता मंदिर के प्रांगण में आकर यहाँ दर्शन किये। गहन अंधेरा होने पर वह सब मुझ पर हंस रहे थे मैने पूछा यहाँ रोशनी नहीं है तो किसी ने एक कहा कि नहीं है तू क्या कर रहा है....? उनके ऐसा कहने पर घबराकर मेरी नींद खुल गई।
फुरसत ने पूछा कि फिर क्या हुआ तो रविन्द्र सक्सेना ने बताया कि स्वप् में दिखे मंदिर के आधार पर उन्होने इस बार कागज पर एक नक्शा जैसा बनाया और अच्छी तरह नक्शा बन जाने पर जब उन्होने सबसे पहले विद्युत मण्डल में ही कार्यरत पंडित कमला प्रसाद को दिखाकर पूछा कि क्या ऐसा-ऐसा कोई मंदिर है तो उन्होने तत्काल करोली माता मंदिर का नाम बताया। मैने पूछा कि वहाँ विद्युत आपूर्ति है या नहीं ? तो पं. कमला प्रसाद ने बताया कि दो माह से काट दी गई हैं तब मैने तत्काल आदेश देकर विधिवत विद्युत चालू कराई और यदि उसका कोई भार लगता हो तो उसे स्वयं वहन किया। दूसरे दिन 8 जनवरी को जब मैं कमला प्रसाद जी के साथ मंदिर देखने आया तो दंग रह गया। स्वप् में दिखा वहीं स्थान मेरे सामने था। मैरे तीनों से आये देवों के पास जाकर उन्हे प्रणाम किया। काल भैरव जी जिस पेड से आये थे वहाँ जाकर देखा तो मुझे कुछ आभास और आदेश हुआ था उसी के आधार पर वहाँ मिट्टी देखी तो एक छोटा-सा टीला दिखा जो भैरव जी की उपस्थिति का संकेत मुझे कर गया। और उसके बाद मंदिर निर्माण कार्य मैने शुरु किया जो इस स्वरुप में बन गया है आज उसकी स्थापना भी हो गई। यहाँ काल भैरव मंदिर की स्थापना पूर्ण विधि-विधान के साथ कराई गई।

Wednesday, January 30, 2008

युवाओं में श्रीराम जैसी मर्यादा, लक्ष्मण जैसा त्याग जरुरी है -अवधेशदास जी

जावर 29 जनवरी (फुरसत) । श्रीराम कथा के संगीत मय आयोजन के समापन अवसर पर महाराज ने कहा कि युवा देश में सामाजिक परिवर्तन तथा नवीन क्रांति के संचार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करे तथा तभी हमारे सामाजिक मूल्यों की स्थापना हो सकती है। उन्होंने कहा कि युवाओं में मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के आदर्श चरित्र तथा लक्ष्मण जी जैसे त्याग की आवश्यकता है यदि हम रामचरित मानस ग्रन्थ को अपने जीवन में उतारकर कार्य करे तो जीवन में आमूल-चूल परिवर्तन महसूस करेंगे । उन्होंने कहा कि हमारे देश की संस्कृति तथा राष्ट्रीय एकता को बचाना है तो युवाओं को आगे आकर समाज, धर्म, एवं राजनीति में व्याप्त कुरूतियों को मिटाना होगा । तभी हम भारत वर्ष को विश्व में अनूठी पहचान दे सकते है। महाराज जी ने रामचरित मानस ग्रंथ के अनूठे प्रसंगो पर प्रकरण डालकर उपस्थित जन मानस का मन मोह लिया । वही गुरूजी के भजनो की संगीत मयी प्रस्तुति पर महिला, पुरूष, नवयुवक ,जमकर नाचे तथा संगीतमय भजनो ने दिल को छू लिया । संत श्री ने आयोजन समिति के सदस्यों को आर्शीवाद प्रदान कर अनूठे आयोजन हेतू बधाई दी । श्रीराम कथा के अंतिम दिन समापन अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में पूर्व संसदीय सचिव अजीत सिंह, क्षैत्रीय विधायक रघुनाथसिंह मालवीय, गगनसिंह पटेल, फूलसिंह मालवीय, सहित आष्टा के अनेक नागरिक मौजूद थे । समिति की ओर से विशेष अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान किया । अतिथियों ने गुरू महाराज की वंदना कर आर्शीवाद प्राप्त किया। कार्यक्र म का संचालन जयनारायण राठौर तथा आभार सुभाष भावसार ने माना।

एक मरा दो घायल

जावर 29 जनवरी (फुरसत)। आज शाम लगभग साढ़े चार बजे एक मोटर साईकिल पर दौलतपुर से मेहतवाड़ा की और आ रहे तीन युवक जो मोटर साईकिल पर बैठे थे। सीमा के पास गलत तरफ खड़े होकर बातचीत कर रहे थे।
तभी एक अज्ञात चुपहिया वाहन जो संभवत: मैक्स वाहन था ने इन्हे टक्कर मार दी जिसमें राकेश पिता दरियाव मालवीय उम्र 22 वर्ष की मृत्यु हो गई तथा मोटर साईकिल पर सवार दो अन्य बलवान व दयाराम घायल हो गये। जिन्हे बाद में इलाज के लिये आष्टा अस्पताल भेजा गया।

सड़क हादसों में तीन घायल

सीहोर 29 जनवरी (फुरसत)। जिले के मण्डी थाना क्षेत्र में अलग-अलग हुए सड़क हादसों में एक मासूम बच्ची सहित तीन लोग घायल हो गये। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रेल्वे प्लेटफार्म पर काम करने आये मजदूर बापूमाल की चार वर्षीय पुत्री सुकली गत रविवार की शाम पाँच बजे बकतल की और जाने वाले कच्चे रास्ते पर खेल रही थी तभी मोटर साईकिल एम.पी.37 एमबी 1109 के चालक ने तेजगति एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर सुकली को टक्कर मार कर गंभीर रुप से घायल कर दिया जिसे उपचार हेतु कमला नेहरु अस्पताल भोपाल में भर्ती कराया गया है। इसी प्रकार आज बिजौरी श्यामपुर मार्ग पर बिजौरी के समीप मोटर साईकिल एम.पी.37 एम.ए. 5468 के चालक ने सीहोर से साईकिल से सेमलीखुर्द जा रहे मोहन सिंह की साईकिल में लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए पीछे से टक्कर मारकर घायल कर दिया और स्वयं ही घायल हो गया जिन्हे प्राथमिक उपचार हेतु सीहोर अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

कायम हुई अनूठी साम्प्रदायिक सद्भाव की मिसाल, मुस्लिम युवक भी जमकर नाचे

जावर 29 जनवरी (फुरसत)। जावर नगर में संत श्रीरामदास बाबा सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजित पांच दिवसीय श्री रामकथा के अवसर पर संत अवदेश दास महाराज की अमृतवाणी प्रवचन ने न सिर्फ लोगो के दिलो को जीत लिया अपितु जावर नगर में एक अनूठी मिसाल कायम करते हुए इतिहास लिख दिया । जावर नगर की इस पवित्र माटी में राष्ट्रीय संत अवधेश दास महाराज की विशाल शोभायात्रा स्थानीय श्री राममंदिर प्रांगण से प्रारंभ हुई जो नगर के प्रमुख मार्गो से गुजरी शोभायात्रा में बेंड बाजो, ढोल-ढमाको की धुनों पर नवयुवक जयकार लगाते तथा आयोजन में बड़ी संख्या में उपस्थित जनमानस ने पूरे नगर को राममय कर दिया ।
शोभायात्रा में संत को मालवा की परम्परानुसार बैलगाड़ी को रथ का आकार देकर मालवा संस्कृति की अनूठी झलक प्रस्तुत की । शोभायात्रा का स्थान-स्थान पर पुष्पवर्षा तथा महाराज का तिलक शाल एवं श्री फल से सम्मान किया गया। मुख्य रूप से नवयुवक दुर्गा उत्सव समिति भवानी नगर जावर, ब्लाक कांग्रेस कमेटी, नगर पंचायत, लुवाणा परिवार, जयहिन्द युवा ब्लब, पटेल परिवार, मुस्लिम त्यौहार कमेटी, सेन समाज , दिगम्बर जैन समाज, माहेश्वरी समाज, सेंधव समाज, हिन्दू उत्सव समिति, युवा मुस्लिम फेंस क्लब, सहित विभिन्न धार्मिक तथा राजनैतिक एवं सामाजिक संगठनों ने स्थान-स्थान पर जमकर पुष्पवर्षा कर नगर में एक अनूठा इतिहास रच दिया।
वही शोभायात्रा में भारी संख्या में उपस्थित नारी शक्ति ने मंगल गीत गाकर तथा नृत्य कर अपनी उपस्थिति दर्ज की ।
मुस्लिम समाज ने किया अनूठा सम्मान
आज निकली इस शोभायात्रा ने साम्प्रदायिक सोहार्द की अनूठी मिसाल कायम क र दी । संत जी की वाणी का प्रवाह इतना रंग लाया की मुस्लिम समाज के लोगो ने उनका अभूतपूर्व स्वागत किया तथा शोभायात्रा में भाग लेकर अनेक मुस्लिम युवक भी जमकर नाचे तथा साम्प्रदायिक सोहृार्द तथा सद्भाव की एक अनूठी मिसाल कायम कर दी । मुस्लिम त्यौहार कमेटी, एवं मुस्लिम युवा फेंस क्लब ने उनका साफा बांधकर सम्मान किया ।

अब हट रहा है काकड़ का अतिक्रमण

आष्टा 29 जनवरी (फुरसत)। कन्नौद मार्ग पर पोस्ट आफिस के पीछे कई वर्षों से एक सार्वजनिक रास्ते काकड़ पर अतिक्रमण होने से इस क्षेत्र के रहवासी काफी परेशान थे। यह रास्ता कन्नौद मार्ग से खेड़ापति हनुमान तक जाता था लेकिन अतिक्रमण होने के कारण जाने वालों को परेशानी होती थी।
पिछले दिनों राजस्व मंत्री कमल पटेल के आष्टा आगमन पर स्थानीय नागरिकों ने जब उक्त अतिक्रमण की शिकायत की तो तत्काल उन्होने इस मामले में एक और जहाँ राजस्‍व अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई वहीं तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये लेकिन तत्काल उस पर ऐसी कार्यवाही नहीं हुई जैसी एक मंत्री के आदेश पर होनी चाहिऐ थी। आज जब इस संबंध में तहसीलदार मालती मिश्रा से उक्त अतिक्रमण के मामले में जानना चाहा तो उन्होने बताया कि अतिक्रमण हट रहा है अतिक्रमणकर्ता को पटवारी द्वारा मौके पर जाकर मिनार से मिनार की नापकर चूने की लाईन डालकर अतिक्रमणकर्ता को बता दिया गया कि उक्त स्थान से अतिक्रमण शीघ्र हटा दें। उक्त काकड़ को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिये तहसीलदार ने जुर्माना कर बेदखली के आदेश भी दिये हैं।
तहसीलदार ने बताया कि शीघ्र ही उक्त काकड़ को अतिक्रमण से मुक्त करा दिया जायेगा। वहीं अतिक्रमण हटाने की गति धीमी होने से क्षेत्र के रहवासियों में प्रशासन की उक्त कार्यवाही को लेकर नाराजी बरकरार है।

झंडा फहराया तो सही.... लेकिन रात भर उतारा नहीं

जावर 29 जनवरी (फुरसत)। 26 जनवरी को जावर नगर में एक शिक्षण संस्था अमर मोति मेमोरियर स्कूल में प्रात: शान से राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया । लेकिन संस्था प्रमुख की लापरवाही के कारण उक्त राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को सूर्यअस्त के पूर्व सम्मान के साथ उतारा नही गया और वो रात भर फहराता रहा सुबह तेज हवा के कारण गिर गया तो उसे पड़ोसी दशरथसिंह नामक व्यक्ति ने सम्मान से उठाकर घर में रख लिया । जबकि जागरूक नागरिकों ने राष्ट्रीय ध्वज के इस अपमान को पंचनामा भी बनाया एवं तहसीलदार को इसकी सूचना भी की गई वही जावर में ऐसा हुआ पुलिस को इसकी सुचना नही है । जावर के जागरूक नागरिकों ने उक्त स्कूल संचालकों पर इस घोर लापरवाही बरतने पर राष्ट्रीय ध्वज को रात्रि में फहराता हुआ छोड़ने पर कार्यवाही की मांग प्रशासन से की है । जावर के उपेन्द्र एवं अतहर ने भी सुबह उक्त झण्डे को गिरा देखा।

उपभोक्ता फोरम ने दिलाया मेडिक्लेम बीमा मय हर्जाना

सीहोर 29 जनवरी (फुरसत)। जिला उपभोक्ता फोरम ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में आवेदक राजमल सेठी निवासी आष्टा को मेडिक्लेम पालिसी के अंतर्गत विपक्षी यूनाईटड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से 43,490- रुपये मेडिक्लेम दिलवाया एवं 5000-रु. मानसिक त्रास एवं 1000-रुपये परिवाद व्यय भी अदा किये जाने के आदेश पारित किये ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदक राजमल सेठी निवासी आष्टा ने मेडिक्लेम पालिसी के रूप में 1,00,000-रुपये का बीमा कराया था । आवेदक किडनी एवं हृदय रोग से पीड़ित था आवेदक प्रतिवर्ष पालिसी रिन्यु कराता था। अनावेदक विपक्षी कंपनी ने आवेदक का मेडिक्लेम इस आधार पर निरस्त कर दिया था कि एक बार पालिसी के अंतर्गत पैसे लेने पर दोबारा क्लेम राशि का भुगतान नही किया जाता है । आवेदक ने अपने अधिवक्ता जी.डी.वैरागी से सलाह लेकर उपभोक्ता फोरम में आवेदन प्रस्तुत किया । अनावेदक ने उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत किया एवं आवेदक का आवेदन निरस्त करने की मांग की । जिला उपभोक्ता फोरम के विद्वान अध्यक्ष ए.के.तिवारी सदस्य अम्बादत्त भारती एवं सदस्या श्रीमति शकुंन विजयवर्गीय ने दोनो अधिवक्ताओं के तर्क श्रवण कर एवं रिकार्ड का अवलोकन कर आदेश पारित किया कि विपक्षी बीमा कंपनी आवेदक को मेडिक्लेम के रूप में 43,490- रुपये भुगतान करे एवं मानसिक त्रास स्वरूप 5000-रुपये वाद स्वरूप 1000-रुपये अदा करे । प्रकरण में आवेदक की और से पैरवी अधिवक्ता जी.डी.बैरागी ने की ।

जिले भर के अधिकारियों की मिली भगत से बड़े स्तर पर भरा रही गैस, खाद्य गैस का उपयोग हो रहा निजी वाहनों में

सीहोर २९ जनवरी (फुरसत)। जिस प्रकार नगर में हर तीसरा चार पहिया वाहन खुले आम घरेलू उपयोग में आने वाली गैस से चल रहा है और चार पहिया वाहनों में यही गैस भरकर कई लोग कमाई करने में लगे हुए हैं। स्कूलों में वाहन किराये पर चल रहे हैं उससे लगता है कि नगर में खाद्य विभाग नाम का कोई अमला अब शेष ही नहीं बचा है। आखिर खाद्य विभाग लोगों के जीवन से सौदा करके इतनी छूट क्यों दे रहा है ?
गत वर्ष बस स्टेण्ड पर अवैध रुप से एक व्यक्ति द्वारा मारुती वेन में जब घरेलू गैस टंकी से गैस भरी जा रही थी तभी अचानक वहाँ आग लग गई थी और एक बड़ा हादसा घट गया था। यह तो सौभाग्य ही रहा कि इसमें कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ था सिर्फ एक व्यक्ति के हाथ जल गये थे जिसे पुलिस ने गुपचुप रुप से मामले से ही हटा दिया था लेकिन नगर में भी इस प्रकार के हादसे होते रहते हैं यह निश्चित ही है।
इन दिनों घरेलू गैस टंकी की कमी का सबसे बड़ा कारण यह है कि नगर भर के अधिकारियों के निजी चार पहिया वाहनों में गैस टंकियों का उपयोग हो रहा है इसके अलावा अन्य वजनदार और जुगाड़ू लोग भी इसी प्रकार घरेलू ईधन का उपयोग कर रहे हैं। बल्कि स्कूलों से बच्चों को लाने-ले जाने वाले कई वाहन मालिकों ने तो इसलिये ही यह धंधा करना शुरु किया है कि वह गैस की टंकी से सस्ता ईधन प्राप्त कर रहे हैं।
हालांकि सूत्र बताते हैं कि खाद्य अधिकारी ने विभिन्न विद्यालयों से इस संबंध में बातचीत भी की थी लेकिन पता चला कि विद्यालयों ने घरेलू गैस से उनके यहाँ वाहन चलने से स्पष्ट इंकार कर दिया है।
अब आवश्यकता है कि जिला खाद्य अधिकारी मामले को गंभीरता से लेकर एक बारगी अच्छी तरह से जांच अभियान प्रारंभ कर दें और वाहनों की धरपकड़ करें।

Tuesday, January 29, 2008

कड़ाके की सर्दी : सैकड़ो एकड़ में फसल जली

आक्रोशित कोली समाज ने निकाला मौन जुलुस पुलिस हिरासत में युवक की मौत का मामला गर्माया

सीहोर 28 जनवरी (फुरसत)। पुलिस हिरासत में मौत से आक्रोशित कोली समाज के महिला पुरूषों ने मौन जुलुस के साथ जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर थाने में विरूद्व युवक हुकुमचंद शाक्य की संदेहास्पद मौत की उचित जांच कर कार्यवाही की मांग करते हुए एक नौ सूत्रिय ज्ञापन मृतक की पत्नि श्रीमति मीना शाक्य ने अपने समाज के लोगो के साथ पहुंचकर जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन की प्रतिलिपियां मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, मानव अधिकार आयोग, पुलिस महानिरीक्षक, नेता प्रतिपक्ष, म.प्र. विधानसभा, पुलिस अधीक्षक सीहोर एवं प्रदेश भाजपा कार्यालय को भी भेजकर हुकुमचंद शाक्य की कोतवाली में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग करने एवं आरोपियों को पकड़ने की मांग की है।